Generated by All in One SEO v4.9.10, this is an llms.txt file, used by LLMs to index the site. # Vaigyanik Chetna People Science for Social Change ## Sitemaps - [XML Sitemap](https://vaigyanikchetna.com/sitemap.xml): Contains all public & indexable URLs for this website. ## Posts - [खगोलीय अचर : अल्बर्ट आइंस्टीन ने जिसे अपनी सबसे बड़ी गलती कहा था, बाद में वह सही साबित हुआ](https://vaigyanikchetna.com/अल्बर्ट-आइंस्टीन/the-biggest-blunder-as-per-albert-einstein-was-not-an-error-know-the-full-story/) - विकास शर्मा एक इंसान की तरह अल्बर्ट आइंस्टीन ने कई गलतियां की तो उनकी वैज्ञानिक अवधारणाओं में भी ऐसी गलतियां देखने को मिलती है. लेकिन कॉस्मोलॉजिलक कॉन्स्टेंट की कहानी बहुत ही अनोखी है. इसे आइंस्टीन ने खुद एक गलती के तौर पर खारिज किया, लेकिन दशकों बाद इसका उपयोग होने लगा है. अल्बर्ट आइंस्टीन को - [शोध : एक सप्ताह में क्रेडिट कार्ड के बराबर माइक्रोप्लास्टिक्स निगल लेता है इंसान, स्वास्थ्य के लिए है घातक](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/humans-can-swallow-16-particles-of-microplastics-every-hour-through-breath/) - ललित मौर्य हम इंसान अपनी सांस के जरिए हर घंटे माइक्रोप्लास्टिक्स के करीब 16.2 कण निगल सकते हैं। निगले गए इस माइक्रोप्लास्टिक्स की यह मात्रा कितनी ज्यादा है इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि यदि हफ्ते भर निगले गए इन प्लास्टिक के महीन कणों को जमा किया जाए तो इनसे एक क्रेडिट - [अध्ययन : 40 वर्ष की उम्र में इंसानी दिमाग में होते हैं बड़े बदलाव, अनुभव से बदलने लगती है मस्तिष्क की संरचना](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/human-body-facts-what-changes-happen-in-the-brain-at-the-age-of-40-does-experience-change-the-structure-of-the-brain/) - अमृत चंद्र वैज्ञानिक इंसानी दिमाग से जुड़ी गुत्थियों को सुलझाने के लिए लगातार शोध कर रहे हैं. अब एक नए अध्‍ययन में पता चला है कि 40 की उम्र में मानव मस्तिष्‍क में बड़े बदलाव होते हैं. भारत में ज्‍यादातर शहरों, कस्‍बों और गांवों में 60 की उम्र पार कर चुके लोगों के लिए हंसी-मजाक - [17 जून, विश्व मरूस्थलीकरण व सूखा रोकथाम दिवस : सूखे के दौर का समय 29% बढ़ा, जल संकट झेल रही विश्व की 2.3 अरब आबादी](https://vaigyanikchetna.com/सूखा-रोकथाम-दिवस/world-day-to-combat-desertification-and-drought-2023-meaning-of-their-land-their-rights/) - विकास शर्मा विश्व मरुस्थलीकरण और सूखा रोकथाम दिवस को इस साल लैंगिक समानता और विशेष तौर पर महिलांओं के भूमि अधिकारों से जोड़ा गया है. संयुक्त राष्ट्र और उसकी सहयोगी संस्थाएं इस साल इस दिवस पर महिलाओं को लेकर “उनकी जमीन, उनका हक” थीम पर जोर देते हुए लोगों में मरुस्थलीकरण और सूखे के खतरों - [प्रचंड चक्रवाती तूफान बिपरजॉय : सौराष्ट्र-कच्छ में रेड अलर्ट जारी, तबाही रोकने की हर संभव तैयारी](https://vaigyanikchetna.com/चक्रवात/cyclone-biparjoy-update-red-alert-issued-for-heavy-rain-with-gale-force-winds-in-saurashtra-kutch/) - दयानिधि शेन्जेन इंस्टीट्यूट ऑफ मेट्रोलॉजिकल इनोवेशन और चाइनीज यूनिवर्सिटी ऑफ हांगकांग के शोधकर्ताओं द्वारा एक अध्ययन किया गया था और इसे फ्रंटियर्स इन अर्थ साइंस में प्रकाशित किया गया था। इस अध्ययन में पाया गया कि एशिया में उष्णकटिबंधीय चक्रवात सदी के अंत तक अपनी विनाशकारी शक्ति को दोगुना कर सकते हैं। वैज्ञानिकों ने कहा - [14 जून, विश्व रक्तदाता दिवस : रक्तदान का कोई विकल्प नहीं है, बढ़ती आबादी के साथ जरूरी है उसकी मात्रा बढ़ाना](https://vaigyanikchetna.com/विश्व-रक्तदाता-दिवस/world-blood-donor-day-2023-why-blood-donation-is-important-give-blood-plasma-share-life/) - विकास सिंह चौहान विश्व रक्तदाता दिवस ऐसा अवसर है जिससे लोगों में रक्तदान के महत्व और उसकी विकल्पहीनता को समझाने के लिए जागरूकता फैलाई जाती है. हर स्वस्थ्य व्यक्ति रक्तदान करे और बिना डर कर करे. यही जानने समझने से ही दुनिया में बहुत सारे मरीजों की खून की जरूरत को पूरा करना संभव हो - [ISRO : चंद्रमा की सतह पर भारत के चंद्रयान-3 को उतारने की तैयारी पूरी, 12 से 19 जुलाई के बीच होगा प्रक्षेपण](https://vaigyanikchetna.com/isro/isro-chandrayaan-3-launch-on-moon-surface-from-july-12-to-19-space-science/) - संतोष कुमार पाठक इसरो के अध्यक्ष एस सोमनाथ ने सोमवार को कहा कि अगर सभी परीक्षण सफल रहे तो चंद्रमा की सतह पर उतरने के भारत के महत्वाकांक्षी मिशन ‘चंद्रयान-3’ का 12 से 19 जुलाई के बीच प्रक्षेपण किया जाएगा. इस समय को इसलिए चुना गया है क्योंकि यही वह समय है, जिस दौरान ईंधन - [12 जून, विश्व बालश्रम निषेध दिवस : दुनिया में अब भी करीब 160 मिलियन बच्चे हैं बालश्रम में शामिल](https://vaigyanikchetna.com/विश्व-बालश्रम-निषेध-दिवस-2023/world-day-against-child-labor/) - बाल श्रम के खिलाफ विश्व दिवस जागरूकता बढ़ाने और बाल श्रम के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए हर साल 12 जून को मनाया जाता है. यह अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) की एक पहल है और दुनिया भर के विभिन्न संगठनों, सरकारों और व्यक्तियों द्वारा समर्थित है. बाल श्रम निषेध दिवस का इतिहास अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन - [10 जून, विश्व नेत्रदान दिवस : विश्व में दृष्टिहीनता बड़ी चुनौती, नेत्रदान के जरिए लाखों नेत्रहीनों को मिस सकता है नया जीवन](https://vaigyanikchetna.com/विश्व-नेत्रदान-दिवस-2023/specialday-international-eye-donation-day/) - प्रत्येक वर्ष विश्व के विभिन्न देशों में नेत्रदान की महत्ता को समझते हुए 10 जून को "अंतरराष्ट्रीय दृष्टिदान दिवस" के रुप में मनाया जाता है। इसके जरिए लोगों में नेत्रदान करने की जागरुकता फैलाई जाती है। विश्व दृष्टिदान (नेत्रदान) दिवस का उद्देश्य विश्व दृष्टिदान दिवस का उद्देश्य नेत्रदान के महत्व के बारे में व्यापक पैमाने - [9 जून, बिरसा मुंडा शहादत दिवस : आइए, लूट, अंधविश्वास मुक्त बिरसा के सपनों का नया झारखंड बनाएं](https://vaigyanikchetna.com/बिरसा-मुंडा-शहादत-दिवस-2023/birsa-munda-shahid-diwas-birsa-munda-biography-hindi/) - आज 9 जून है। झारखंड के जन नायक, स्वतंत्रता सेनानी, अमर शहीद बिरसा मुंडा का शहादत दिवस। आजादी के 75 वर्ष पूरे हो गए, पर अब तक आदिवासी समूह एवं झारखंड के निवासियों की पीड़ा खत्म नहीं हुई। सन् 2000 में अलग झारखंड राज्य तो बना, पर लूट - मुनाफा केंद्रित व्यवस्था के कारण यहां - [विश्व स्वास्थ्य संगठन ने 2040 तक स्तन कैंसर से 25 लाख महिलाओं की जान बचाने का लक्ष्य किया निर्धारित](https://vaigyanikchetna.com/health/who-aims-to-save-the-lives-of-25-million-women-from-breast-cancer-by-2040/) - दयानिधि डब्ल्यूएचओ की पहली वैश्विक रिपोर्ट में सामने आई स्तन कैंसर से जीवित रहने की तस्वीर, अमीर और गरीब देशों के बीच इलाज व जीवन रक्षा में बड़ा अंतर। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने पहली बार दुनिया के सभी 194 सदस्य देशों के लिए स्तन कैंसर से पांच साल तक जीवित रहने के अनुमान जारी - [जलवायु परिवर्तन : वैज्ञानिकों ने खोजा सुपर अल नीनो से निपटने के लिए मौसम बदलने की नई तकनीक](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/scientists-find-a-way-new-hope-in-weather-modification-technology-to-tackle-super-el-nino/) - दयानिधि अल नीनो के खतरे को कम करने के लिए वैज्ञानिकों ने बादलों को चमकीला बनाने वाली तकनीक पर किया अध्ययन, लेकिन बड़े स्तर पर इस्तेमाल से पहले सावधानी जरूरी। दुनिया में बढ़ते तापमान और बदलते मौसम के बीच वैज्ञानिकों ने एक ऐसी तकनीक पर अध्ययन किया है, जो भविष्य में बड़े मौसम संबंधी संकटों - [भारतीय वैज्ञानिकों को कैंसर के इलाज में मिली बड़ी सफलता, अल्ट्रासाउंड से नष्ट हो सकती हैं कैंसर कोशिकाएं](https://vaigyanikchetna.com/science/indian-scientists-achieve-success-in-cancer-treatment-ultrasound-can-destroy-cancer-cells/) - ललित मौर्या भारतीय वैज्ञानिकों द्वारा किए इस अध्ययन में सामने आया कि अल्ट्रासाउंड न सिर्फ कैंसर कोशिकाओं को मार सकता है, बल्कि उनके फैलाव को रोकने और ट्यूमर के सुरक्षा कवच को कमजोर करने में भी मददगार हो सकता है। मुंह के कैंसर का नाम सुनते ही मरीज और उसका परिवार सिर्फ बीमारी ही नहीं, - [आसियान क्षेत्र में 8 करोड़ नौकरियों पर एआई का असर, लेकिन बड़े पैमाने पर छंटनी की आशंका नहीं : आईएलओ](https://vaigyanikchetna.com/विकास/ai-will-impact-80-million-jobs-in-asean-but-no-mass-layoffs-expected-ilo/) - ललित मौर्या रिपोर्ट के मुताबिक एआई अभी नौकरियां निगलने से ज्यादा काम की प्रकृति बदल रहा है, लेकिन अगर सरकारों ने समय रहते कौशल, सामाजिक सुरक्षा और समान अवसरों पर निवेश नहीं किया, तो यही बदलाव गहरी असमानता में बदल सकता है।जब मशीनें सिर्फ आदेश मानने के बजाय लिखने, सोचने और फैसले लेने में मदद - [सावधान ! प्रदूषित हवा से पुरुषों की प्रजनन क्षमता पर खतरा, शुक्राणुओं में बदलाव के संकेत](https://vaigyanikchetna.com/वायु/polluted-air-poses-a-threat-to-male-fertility-signs-of-changes-in-sperm/) - दयानिधि नई रिसर्च में खुलासा, प्रदूषित हवा से शुक्राणुओं के डीएनए में बदलाव का खतरा, पुरुषों की प्रजनन क्षमता और आने वाली पीढ़ियों के स्वास्थ्य पर चिंता बढ़ी।वायु प्रदूषण का असर अब केवल फेफड़ों और दिल तक सीमित नहीं माना जा रहा है। एक नई वैज्ञानिक रिपोर्ट में संकेत मिले हैं कि प्रदूषित हवा पुरुषों - [यूनिसेफ ने दी चेतावनी, भारत में 97 प्रतिशत बच्चे कर रहे हैं कम से कम दो जलवायु के खतरों का सामना](https://vaigyanikchetna.com/health/climate-risk-looms-over-nearly-every-child-in-india-says-unicef-report/) - किरण पांडे यूनिसेफ की ताजा रिपोर्ट में खुलासा, रिपोर्ट के अनुसार 23.4 करोड़ से अधिक बच्चे यानी भारत की बाल जनसंख्या के लगभग 55 प्रतिशत बच्चे कम से कम तीन जलवायु खतरों का सामना कर रहे। संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (यूनिसेफ) ने चेतावनी दी है कि भारत में लगभग हर बच्चा एक साथ कई तरह - [सावधान ! भोजन को सुरक्षित रखने वाले रसायनों से दिल को खतरा, अध्ययन से हुआ यह खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/health/heart-health-food-preservatives-can-raise-your-blood-pressure-by-up-to-29-percent-study/) - दयानिधि नए अध्ययन में कहा गया है कि अधिक प्रोसेस्ड खाद्य में मौजूद प्रिजरवेटिव्स का सेवन उच्च रक्तचाप और हृदय रोग के बढ़ते खतरों से जुड़ा हो सकता है। हाल ही में दिल की सेहत को लेकर एक बड़ा वैज्ञानिक अध्ययन सामने आया है, जिसमें यह सुझाव दिया गया है कि कुछ आम खाद्य प्रिजरवेटिव्स - [दुनिया के सबसे ज्यादा उपभोग करने वाले 10% लोग ही पर्यावरण को पहुंचा रहे हैं सबसे बड़ा नुकसान : अध्ययन](https://vaigyanikchetna.com/पर्यावरण/the-top-10-percent-of-the-worlds-population-in-terms-of-consumption-are-causing-the-greatest-damage-to-the-environment/) - दयानिधि अध्ययन में है गया कि दुनिया के सबसे अधिक उपभोग करने वाले 10 फीसदी लोग हर साल पर्यावरण को खरबों डॉलर का नुकसान पहुंचा रहे हैं। दुनिया के सबसे अधिक उपभोग करने वाले 10 प्रतिशत लोग हर साल पर्यावरण को बहुत बड़ा नुकसान पहुंचा रहे हैं। एक नए अंतरराष्ट्रीय अध्ययन के अनुसार, इस नुकसान - [दुनिया में हर साल 80 लाख जन्म दोष वाले बच्चों की समय पर पहचान से बच सकती है जान : डब्ल्यूएचओ](https://vaigyanikchetna.com/health/who-timely-identification-of-babies-born-with-birth-defects-could-save-8-million-lives-annually-worldwide/) - दयानिधि भारत में पिछले तीन सालों में 2.8 करोड़ से ज्यादा बच्चों की जांच की गई। इनमें नौ लाख बच्चों में जन्म दोष या संबंधित समस्या पाई गई, उन्हें इलाज, देखभाल व पुनर्वास सेवाओं से जोड़ा गया। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने सभी देशों से अपील की है कि वे नवजात शिशुओं की जन्म के - [कर्ज के जाल में उलझते देशों में महिलाओं की बढ़ी दुश्वारी, खतरें में हैं 5.5 करोड़ नौकरियां](https://vaigyanikchetna.com/विकास/rising-debt-burdens-countries-55-million-jobs-at-risk-undp/) - ललित मौर्या यूएनडीपी की नई रिपोर्ट के मुताबिक, बढ़ते सरकारी कर्ज का सबसे भारी बोझ महिलाओं पर पड़ रहा है, जिससे 5.5 करोड़ नौकरियां खतरे में हैं और स्वास्थ्य, आय व सामाजिक सुरक्षा पर गहरा असर पड़ रहा है। जब कोई देश कर्ज के दलदल में फंसता है, तो फाइलों में दर्ज आंकड़े सिर्फ अर्थव्यवस्था - [सावधान ! दवाओं को मात दे रहा है फंगस, हर साल 30 करोड़ लोग हो रहे संक्रमण का शिकार : WHO](https://vaigyanikchetna.com/health/सावधान-दवाओं-को-मात-दे-रहा/) - ललित मौर्या इंसानों, मवेशियों और खेती में एंटीफंगल दवाओं के अंधाधुंध इस्तेमाल ने फंगस को और खतरनाक बना दिया है, जिससे वैश्विक स्वास्थ्य पर नया संकट गहरा रहा है। एक महामारी का घाव अभी पूरी तरह भरा भी नहीं है और दुनिया एक नए स्वास्थ्य संकट की दहलीज पर पहुंच गई है। कोविड-19 और एंटीबायोटिक - [अब कैंसर की चपेट में तेजी से आने लगे हैं युवा, 50 साल के पहले ही बूढ़ा होने लगा है शरीर : रिसर्च](https://vaigyanikchetna.com/health/cancer-on-the-rise-among-young-people-is-the-body-aging-before-50/) - ललित मौर्या रिसर्च में खुलासा हुआ है कि युवाओं की कोशिकाएं कैलेंडर की उम्र से कहीं ज्यादा तेजी से बूढ़ी हो रही हैं, यही वजह है कि आज की पीढ़ी समय से पहले कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी की चपेट में आ रही है। कैंसर को हमेशा से उम्रदराज लोगों की बीमारी माना जाता रहा। एक - [वैज्ञानिकों ने की दिल की जांच के क्षेत्र में एक नई और बेहद उन्नत 4डी तकनीक विकसित, रोग का पहले ही लगेगा पता](https://vaigyanikchetna.com/science/new-4d-heart-technology-will-enable-accurate-and-early-detection-of-disease/) - दयानिधि 4डी विश्लेषण से दिल की बीमारियों की पहले पहचान, एआई ने छह नए जोखिम समूह खोजे, गंभीर बीमारियों का सटीक पूर्वानुमान लगाना हुआ संभव।इंपीरियल कॉलेज लंदन के वैज्ञानिकों ने दिल की जांच के क्षेत्र में एक नई और बेहद उन्नत तकनीक विकसित की है। इस शोध में बताया गया है कि दिल के बाएं - [आईआईटी गुवाहाटी के वैज्ञानिकों की नई इको फ्रेंडली जैविक तकनीक से होगी जहरीले लेड की सफाई](https://vaigyanikchetna.com/science/iit-guwahati-has-developed-a-biological-technique-to-help-natural-bacteria-clean-toxic-lead/) - ललित मौर्या इस तकनीक में बैक्टीरिया पानी में मौजूद सल्फेट को सल्फाइड में बदल देते हैं। इसके बाद यह सल्फाइड पानी में घुले लेड से रिएक्शन करके 'लेड सल्फाइड' बना देता है, जिसे आसानी से छानकर अलग किया जा सकता है। एक ऐसा अदृश्य जहर, जो बच्चों की बुद्धि, याददाश्त और भविष्य तक को प्रभावित - [रसोई की सीटी से रेल के इंजन तक : प्रेशर कुकर के आविष्कार की अनोखी कहानी](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/रसोई-की-सीटी-से-रेल-के-इंजन/) - सुशी सक्सेना जैसा की हम सभी जानते हैं कि जेम्स वाट (James Watt) ने प्रेशर कुकर की सीटी से प्रभावित हो कर एक ऐसा आधुनिक इंजन बनाया जिसने पूरी दुनिया में औद्योगिक क्रांति (Industrial Revolution) ला दी। लेकिन क्या आप प्रेशर कुकर के अविष्कार की कहानी जानना चाहेंगें, तो आइए जानते हैं प्रेशर कुकर के - [प्री-डायबिटीज के उपचार से 58 प्रतिशत तक कम हो सकता है दिल की बीमारियों का खतरा : स्टडी से हुआ खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/health/treating-pre-diabetes-reduces-the-risk-of-heart-disease-by-up-to-58-percent/) - दयानिधि एक अरब से अधिक लोगों को प्रभावित करने वाली प्री-डायबिटीज में शुगर सामान्य होने पर गंभीर हृदय रोगों का खतरा आधे से ज्यादा घटा। प्री-डायबिटीज से जूझ रहे लोगों के लिए एक नई उम्मीद भरी खबर सामने आई है। हाल ही में हुए एक अंतरराष्ट्रीय अध्ययन में पाया गया है कि यदि प्री-डायबिटीज वाले - [गर्भावस्था में कीटनाशक का बच्चों के दिमाग और शरीर के विकास पर पड़ सकता है गंभीर असर : रिसर्च से हुआ खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/health/alarming-pesticide-exposure-during-pregnancy-may-have-a-severe-impact-on-childrens-brains/) - दयानिधि गर्भावस्था में कीटनाशक का खतरा: शोध में खुलासा, बच्चों के दिमाग और शरीर के विकास पर पड़ सकता है लंबे समय तक गंभीर असर। एक नए शोध में यह बात सामने आई है कि गर्भावस्था के दौरान एक खास कीटनाशक के संपर्क में आने से बच्चों के दिमाग के विकास पर लंबे समय तक - [दुनिया का हर 10 में से एक बच्चा बाल श्रम का शिकार, 5 करोड़ से भी अधिक बच्चे लगे हैं अधिक खतरनाक कामों में](https://vaigyanikchetna.com/राजकाज/one-in-every-ten-children-is-a-victim-of-child-labor-over-50-million-are-engaged-in-hazardous-work/) - दयानिधि बाल श्रम उन्मूलन की दिशा में दुनिया पीछे: वर्तमान गति से 2030 तक लगभग 12.5 करोड़ बच्चे बाल श्रम में रह सकते हैं, जिससे सतत विकास लक्ष्य समय पर पूरा करना कठिन होगा। दुनिया भर में लगभग हर 10 में से एक बच्चा बाल श्रम का शिकार है। यह एक गंभीर और चिंताजनक स्थिति - [ब्रेन रिसर्च में भारत के बढ़ते कदम, आईआईटी मद्रास ने जारी किया दुनिया का सबसे विस्तृत 3डी ब्रेनस्टेम एटलस](https://vaigyanikchetna.com/health/indias-big-step-in-brain-research-iit-madras-releases-worlds-most-detailed-3d-brainstem-atlas/) - ललित मौर्या आईआईटी मद्रास द्वारा विकसित 'एंकर' दुनिया का सबसे विस्तृत 3डी ब्रेनस्टेम एटलस है, जो मस्तिष्क की संरचना को कोशिका स्तर तक दिखाता है और न्यूरोलॉजिकल बीमारियों के इलाज की नई संभावनाएं खोल सकता है। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मद्रास (आईआईटी), मद्रास के वैज्ञानिकों ने चिकित्सा विज्ञान और न्यूरोबायोलॉजी की दुनिया में एक अभूतपूर्व सफलता - [कुपोषण की दोहरी मार झेल रहे हैं भारतीय बच्चे, एक तरफ कमजोरी तो दूसरी तरफ मोटापा का हो रहे हैं शिकार](https://vaigyanikchetna.com/health/malnutrition-hits-children-in-india-twice-weakness-on-one-hand-and-increasing-obesity-on-the-other/) - ललित मौर्या स्टडी से पता चला है कि बदलती खाद्य आदतों और पोषण की कमी ने भारतीय बच्चों को दोहरे स्वास्थ्य संकट के मुहाने पर ला खड़ा किया है। भारत में कुपोषण की तस्वीर अब पहले से कहीं अधिक जटिल होती जा रही है। एक ओर लाखों बच्चे पर्याप्त पोषण न मिलने के कारण कमजोर - [भारत में बढ़ रही है बुजुर्ग आबादी की चुनौती, पोषण की कमी से उनमें बढ़ रहा है डिमेंशिया का खतरा](https://vaigyanikchetna.com/health/the-challenge-of-indias-growing-elderly-population-risk-of-dementia-rising-due-to-nutritional-deficiency/) - दयानिधि सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी और डिमेंशिया का संबंध उजागर, आईसीएमआर-एनआईएन अध्ययन में विटामिन डी, बी2, बी6 और बी12 की कमी को बढ़े हुए जोखिम से जोड़ा गया। भारत में लोगों की औसत आयु बढ़ रही है। इसके साथ ही बुजुर्ग आबादी की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है। उम्र बढ़ने के साथ - [सावधान ! तम्बाकू जितनी ही जानलेवा है 'हर्बल सिगरेट', आई आई टी गांधीनगर की स्टडी में हुआ बड़ा खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/health/beware-herbal-cigarettes-are-just-as-deadly-as-tobacco-a-study-by-iit-gandhinagar-reveals/) - ललित मौर्या '100 फीसदी नेचुरल' और 'तंबाकू-मुक्त' जैसे दावों से युवाओं को आकर्षित करने वाली हर्बल सिगरेट आईआईटी, गांधीनगर के अध्ययन में कई मामलों में सामान्य सिगरेट से भी अधिक खतरनाक साबित हुई है। अगर आप सोचते हैं कि तंबाकू मुक्त या 'हर्बल' सिगरेट पीना सेहत के लिए सुरक्षित है, तो सावधान हो जाइए। एक - [भारतीय वैज्ञानिकों ने बनाया नया 'ग्रीन' नैनो कैटलिस्ट जिससे पर्यावरण अनुकूल दवा निर्माण की खुलेगी राह](https://vaigyanikchetna.com/science/indian-scientists-have-created-a-new-green-nano-catalyst-opening-the-way-for-environmentally-friendly-drug-manufacturing/) - ललित मौर्या यह नैनो-कैटालिस्ट प्रकाश की ऊर्जा का इस्तेमाल करके रासायनिक प्रतिक्रियाओं को तेजी से पूरा करता है। कल्पना कीजिए, दवाइयों और औद्योगिक रसायनों को बनाने के लिए अब जहरीले रसायनों, भारी गर्मी और ऊर्जा की बर्बादी की जरूरत न पड़े। भारतीय वैज्ञानिकों ने ऐसी ही एक नई तकनीक विकसित की है, जो सिर्फ रोशनी - [खराब भोजन से हर साल होते हैं 86 करोड़ लोग बीमार,15 लाख मौत का शिकार : विश्व स्वास्थ्य संगठन](https://vaigyanikchetna.com/health/unsafe-food-causes-860-million-illnesses-and-15-million-deaths-annually-children-at-highest-risk-whoutm_sourcewebsiteutm_mediumrelated-stories/) - दयानिधि डब्ल्यूएचओ की नई रिपोर्ट में खराब भोजन से हर साल लाखों मौतें, बच्चों पर सबसे ज्यादा खतरा, गरीब देशों में भारी असर, सुरक्षित भोजन व्यवस्था की तत्काल जरूरत पर जोर दिया गया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की एक नई रिपोर्ट ने दुनिया भर में खराब भोजन से होने वाली बीमारियों पर गंभीर चिंता - [भारतीय वैज्ञानिकों ने नई तकनीक विकसित की, जो ब्रेस्ट कैंसर के इलाज को बनाएगी अधिक सुरक्षित और प्रभावी](https://vaigyanikchetna.com/science/major-breakthrough-by-pune-scientists-new-hope-for-breast-cancer-treatment-through-gene-silencing-nanotechnology/) - दयानिधि वैज्ञानिकों ने नैनो-आधारित जीन-साइलेंसिंग तकनीक विकसित की, जो एमयूसी1-टार्गेटेड एसआई आरएनए डिलीवरी से ब्रेस्ट कैंसर कोशिकाओं को निशाना बनाकर ट्यूमर वृद्धि को प्रभावी रूप से रोकती है। कैंसर के इलाज में लगातार नए-नए शोध हो रहे हैं, लेकिन अब पुणे के वैज्ञानिकों ने एक ऐसी तकनीक विकसित की है जो भविष्य में ब्रेस्ट कैंसर - [स्वास्थ्य में 'आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस' की बढ़ती भूमिका को लेकर डब्ल्यूएचओ ने जारी किया नया 'डिस्कशन पेपर'](https://vaigyanikchetna.com/health/the-who-has-released-a-new-discussion-paper-regarding-the-growing-role-of-artificial-intelligence-in-healthcare/) - दयानिधि विश्व स्वास्थ्य संगठन के नए चर्चा पत्र में स्वास्थ्य नीति निर्माण में कृत्रिम बुद्धिमत्ता की बढ़ती भूमिका, उससे जुड़े अवसरों, खतरों और प्रभावी शासन व्यवस्था की आवश्यकता पर जोर दिया गया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने हाल ही में एक नया चर्चा पत्र (डिस्कशन पेपर) जारी किया है, जिसमें बताया गया है कि - [अधिक समय तक जीवित रहने में मदद कर सकती हैं "जॉम्बी कोशिकाएं" : बुढ़ापे पर नई रिसर्च से हुआ खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/health/new-research-on-aging-zombie-cells-may-help-people-live-longer/) - दयानिधि वैज्ञानिकों की नई खोज: उम्र बढ़ाने वाली “जॉम्बी कोशिकाएं” हमेशा हानिकारक नहीं, कभी-कभी शरीर की मरम्मत और सुरक्षा में भी निभाती हैं अहम भूमिका। हाल ही में वैज्ञानिकों ने उम्र बढ़ने की प्रक्रिया से जुड़ी कोशिकाओं के बारे में एक नई समझ विकसित की है। ये कोशिकाएं जिन्हें आमतौर पर “सेनेसेंट कोशिकाएं” या सरल - [ब्रेन कैंसर के इलाज में नई उम्मीद जगी, नैनोफाइबर तकनीक से 'ग्लियोब्लास्टोमा' पर सफलता हुई हासिल](https://vaigyanikchetna.com/science/new-hope-in-brain-cancer-treatment-success-achieved-against-glioblastoma-using-nanofiber-technology/) - दयानिधि नैनोफाइबर तकनीक से दवाएं सीधे ट्यूमर तक पहुंचकर ग्लियोब्लास्टोमा के इलाज में बेहतर असर दिखा रही हैं और जीवनकाल बढ़ा सकती हैं। ग्लियोब्लास्टोमा क्या है? ग्लियोब्लास्टोमा मस्तिष्क का एक अत्यंत आक्रामक और तेजी से बढ़ने वाला कैंसर है। यह वयस्कों में पाया जाने वाला सबसे आम ब्रेन कैंसर माना जाता है। यह रोग मस्तिष्क - [मानसिक बीमारियों का गहराता संकट, दुनिया के 120 करोड़ लोग प्रभावित, 34 वर्षों में दोगुने हुए मरीज](https://vaigyanikchetna.com/health/mental-illness-crisis-120-crore-affected-patients-doubled-in-34-years/) - ललित मौर्या यह सिर्फ बीमारी या विकार नहीं, बल्कि ऐसा मौन संकट है जो परिवारों, रिश्तों और इंसानी जीवन की खुशियों को धीरे-धीरे निगल रहा है। कभी अकेलेपन का डर, कभी भविष्य की चिंता और कभी भीतर ही भीतर टूटते रिश्तों का दर्द—दुनिया भर में करोड़ों लोग हर दिन ऐसे मानसिक द्वंद्व से गुजर रहे - [सावधान ! दुनिया में हर 10 में से एक व्यक्ति एवं भारत में चार करोड़ से अधिक लोग हैं थायरॉइड से पीड़ित](https://vaigyanikchetna.com/health/one-in-every-10-people-worldwide-and-over-40-million-people-in-india-suffer-from-thyroid-disorders/) - दयानिधि भारत में 2025 में किए गए एक अध्ययन के अनुसार, 51.4% किशोरियों और 44.5% महिलाओं में थायरॉयड संबंधी असंतुलन पाया गया। थायरॉयड एक ऐसी स्वास्थ्य समस्या है जो धीरे-धीरे शरीर को प्रभावित करती है और अक्सर इसके लक्षण सामान्य थकान या तनाव जैसे लगते हैं। इसलिए कई लोग समय पर इसका इलाज नहीं करा - [इंसानी रिश्तों एवं स्वास्थ्य को खतरे में डाल रही है व्यक्ति की एआई से बढ़ती नजदीकी : शोध से हुआ खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/health/a-cure-for-loneliness-or-a-new-trap-is-growing-closeness-to-ai-endangering-human-relationships-and-health/) - ललित मौर्या आईआईएम लखनऊ के अध्ययन में चेतावनी दी गई है कि तन्हाई दूर करने वाले एआई साथी धीरे-धीरे लोगों को भावनात्मक निर्भरता, मानसिक जोखिम और वास्तविक रिश्तों से दूरी की ओर धकेल रहे हैं। क्या कोई मशीन आपकी तन्हाई का सहारा बन सकती है? क्या एक मोबाइल ऐप रोते दिल को संभाल सकता है? - [सावधान ! दिमाग को सुस्त बना रहा है रोजाना प्रदूषण का संपर्क, कमजोर पड़ रही है व्यक्ति की सोचने की क्षमता](https://vaigyanikchetna.com/वायु/beware-daily-exposure-to-pollution-is-dulling-the-brain-and-weakening-thinking-abilities/) - ललित मौर्या सोचिए जब कनाडा की 'साफ हवा' भी लोगों के दिमाग को सुस्त बना रही है, तो दिल्ली-एनसीआर से लेकर लखनऊ और कानपुर जैसे शहरों में बचपन से ही जहरीली हवा में रह रहे भारतीयों के दिमाग पर कितना गहरा असर पड़ रहा होगा? क्या आप जानते हैं कि हम हर दिन जिस हवा - [जलवायु परिवर्तन सिर्फ मौसम नहीं बदल रहा बल्कि रिश्ते, समुदाय और मानसिक स्वास्थ्य को भी कर रहा है प्रभावित](https://vaigyanikchetna.com/जलवायु/climate-change-is-not-just-changing-the-weather-it-is-also-weakening-our-relationships-and-society/) - दयानिधि जलवायु परिवर्तन केवल मौसम नहीं बदल रहा, यह सामाजिक संबंध तोड़कर समुदायों को कमजोर कर रहा है और लोगों में अकेलापन बढ़ा रहा है। आज जब हम जलवायु परिवर्तन की बात करते हैं, तो आमतौर पर हम तापमान बढ़ने, बाढ़, तूफान या सूखे की चर्चा करते हैं। लेकिन एक नई अंतरराष्ट्रीय रिसर्च यह दिखाती - [आईआईटी मद्रास ने कपड़ा उद्योग के लिए खोजा किफायती समाधान, अब नदियों में नहीं बहेगा जहरीला रंगीन पानी](https://vaigyanikchetna.com/science/iit-madras-develops-and-deploys-new-technology-to-treat-wastewater-from-textile-industry/) - ललित मौर्या वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि यह स्वदेशी तकनीक जहरीले रंगों और रसायनों से भरे दूषित जल को साफ कर कपड़ा उद्योग को अधिक पर्यावरण-अनुकूल बनाने में मदद करेगी। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मद्रास के वैज्ञानिकों ने एक ऐसी क्रांतिकारी तकनीक विकसित की है, जो टेक्सटाइल फैक्ट्रियों से निकलने वाले जहरीले केमिकल युक्त रंगीन - [भारत के दवा उद्योग पर ईरान युद्ध की मार, वैश्विक दवा सप्लाई चेन बाधित, पूरी दुनिया चुकायेगी इसकी कीमत](https://vaigyanikchetna.com/health/indias-pharmaceutical-industry-hit-by-iran-war/) - लाथा जिष्णु दवा उद्योग के लिए जरूरी कच्चे माल की कमी हो रही है। उत्पादन की लागत भी बढ़ रही है। इन सबका असर पूरी दुनिया पर पड़ेगा। 1996 की बात है, जब अमेरिका के नेतृत्व में पश्चिमी देशों ने इराक पर भीषण बमबारी की थी। उस दौरान संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी राजदूत (और बाद - [दुनिया में हर तीन में से एक बच्चा है सीसे की चपेट में, डब्ल्यूएचओ ने की नए वैश्विक प्लान की घोषणा](https://vaigyanikchetna.com/health/one-in-three-children-worldwide-exposed-to-lead-who-announces-new-global-plan/) - दयानिधि डब्ल्यूएचओ के अनुसार, दुनिया में 81.5 करोड़ बच्चे सीसे की विषाक्तता से प्रभावित हैं, जबकि हर साल इससे जुड़ी बीमारियों से 35 लाख मौतें होती हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने सीसा यानी लेड से होने वाले खतरे को लेकर गंभीर चिंता जताई है। 79वीं विश्व स्वास्थ्य सभा के दौरान डब्ल्यूएचओ ने “प्रिवेंट टेक्निकल - [सावधान ! सुरक्षित नहीं है रीसायकल प्लास्टिक पैकेजिंग में रखा हमारा खाना, नई रिपोर्ट में एफएओ ने चेताया](https://vaigyanikchetna.com/health/is-our-food-safe-in-recycled-plastic-packaging-fao-warns-about-harmful-chemicals/) - ललित मौर्या एफएओ ने नई रिपोर्ट में चेताया है कि बिना कड़े नियमों के फूड पैकेजिंग में रीसायकल प्लास्टिक का बढ़ता उपयोग खाने में हानिकारक केमिकल्स और माइक्रोप्लास्टिक घोल सकता है। सुनने में यह अच्छा लग सकता है कि प्लास्टिक को एक बार इस्तेमाल कर फेंकने के बजाय उसे रिसाइकल कर बार-बार उपयोग में लाया - [कोविड-19 महामारी के दौरान वैश्विक स्तर पर करीब 2.21 करोड़ अतिरिक्त मौतें हुईं : WHO की नई रिपोर्ट](https://vaigyanikchetna.com/health/covid-19-pandemic-for-every-death-recorded-from-covid-19-there-were-approximately-two-additional-deaths-associated-with-the-pandemic/) - विश्व स्वास्थ्य संगठन के ताजा आंकड़ों के अनुसार कोविड-19 और उससे जुड़ी परिस्थितियों के कारण 2.2 करोड़ से अधिक लोगों की मौत हुई। पांच साल पहले इसी समय कोविड-19 महामारी अपने सबसे घातक दौर में थी। डेल्टा वैरिएंट ने मौत का ऐसा जाल बिछाया था, जिसने दुनिया भर में लाखों लोगों की जान ले ली। - [अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड के अधिक सेवन से बच्चों में चार गुना बढ़ रहा है अस्थमा का खतरा, नए शोध से हुआ खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/health/risk-of-asthma-rising-fourfold-in-children-ultra-processed-foods-held-responsible/) - दयानिधि बचपन में ज्यादा प्रोसेस्ड फूड खाने वाले बच्चों में अस्थमा का खतरा कई गुना बढ़ा, रिसर्च में खानपान और सांस की बीमारी का गहरा संबंध सामने आया। नई रिसर्च में सामने आया है कि ज्यादा मात्रा में अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड खाने वाले बच्चों में अस्थमा का खतरा कई गुना बढ़ सकता है। वैज्ञानिकों का कहना - [जंगलों से हर साल होती है अरबों डॉलर की कमाई फिर भी गरीब लोगों तक नहीं पहुंच पा रहा है उनका हिस्सा](https://vaigyanikchetna.com/जंगल/forests-generate-billions-of-dollars-in-revenue-yet-the-poor-are-not-receiving-their-share/) - रिचर्ड महापात्रा संयुक्त राष्ट्र की ‘ग्लोबल फॉरेस्ट गोल्स रिपोर्ट 2026’ ने खुलासा किया है कि बाजार तक पहुंच न होने से जंगलों पर निर्भर लाखों लोग अत्यंत गरीबी में जी रहे हैं। यह खरबों डॉलर का सवाल है कि आखिर दुनिया के सबसे गरीब लोग एक फलती-फूलती अर्थव्यवस्था से घिरे होने के बावजूद गरीबी में - [सावधान ! बढ़ती गर्मी व उमस पक्षियों के लिए बन रही है काल, कई प्रजातियों पर संकट गहराया](https://vaigyanikchetna.com/आपदा/rising-heat-and-humidity-are-proving-fatal-for-birds-posing-a-grave-threat-to-numerous-species/) - दयानिधि बढ़ती गर्मी और उमस से पक्षियों पर मंडरा रहा खतरा, नई रिसर्च में चेतावनी; हीटवेव से मौतें बढ़ीं, वैज्ञानिकों ने संरक्षण के लिए नए उपाय सुझाए। दुनिया भर में बढ़ती गर्मी और बदलता मौसम अब सिर्फ इंसानों के लिए ही नहीं, बल्कि पक्षियों के लिए भी बड़ा खतरा बनता जा रहा है। हाल ही - [भारत में टीबी के खिलाफ गेम चेंजर साबित हो सकती है 'फूड बास्केट', बच सकती है लाखों जिंदगियां](https://vaigyanikchetna.com/health/food-basket-could-be-a-game-changer-against-tb-in-india-saving-120000-lives/) - ललित मौर्या विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक प्रभावी टीका नहीं मिलता, तब तक पौष्टिक आहार ही टीबी के खिलाफ सबसे मजबूत सुरक्षा कवच है। भारत में तपेदिक यानी टीबी महज एक बीमारी नहीं, बल्कि गरीबी, भूख और कमजोर शरीर की वह त्रासदी है, जो हर साल लाखों परिवारों को तोड़ देती है। दवाइयों - [नई खोज से हुआ यह खुलासा कि कैसे खुद को बचाते हुए संतुलन बनाए रखते हैं पौधे, इससे खेती में होगा फायदा](https://vaigyanikchetna.com/science/the-new-science-of-plant-immunity-how-plants-maintain-balance-while-protecting-themselves/) - दयानिधि नई खोज में खुलासा: पौधे सैलिसिलिक एसिड के स्तर को नियंत्रित कर इम्यूनिटी और वृद्धि के बीच संतुलन बनाए रखते हैं, खेती में होगा बड़ा फायदा। वैज्ञानिकों ने पौधों की प्रतिरक्षा प्रणाली (इम्यूनिटी) को लेकर एक महत्वपूर्ण खोज की है। यह अध्ययन बताता है कि पौधे अपने भीतर एक खास हार्मोन, सैलिसिलिक एसिड, के - [वैज्ञानिकों ने ऊन से प्राकृतिक प्रोटीन 'केराटिन' विकसित किया, जिससे हड्डियों को मिलेगा नया जीवन](https://vaigyanikchetna.com/science/wool-will-give-new-life-to-broken-bones-a-new-ray-of-hope-hidden-in-scientific-discovery/) - ललित मौर्या वैज्ञानिकों ने ऊन से ऐसा प्राकृतिक प्रोटीन 'केराटिन' विकसित किया है, जो टूटी हड्डियों की मरम्मत कर उन्हें फिर से मजबूत और प्राकृतिक संरचना देने में सक्षम है। टूटी हड्डी केवल एक शारीरिक चोट नहीं होती, बल्कि यह दर्द, असहायता और लंबे, थकाऊ इलाज की एक कठिन यात्रा होती है। लेकिन अब विज्ञान - [सावधान ! गर्भावस्था में प्रदूषण के संपर्क से बच्चों को बोलने में हो सकती है कठिनाई : स्टडी रिपोर्ट](https://vaigyanikchetna.com/वायु/exposure-to-pollution-during-pregnancy-may-cause-speech-difficulties-in-children-study-report/) - ललित मौर्या यह संकेत है कि हवा में मौजूद जहर न सिर्फ सांसों को, बल्कि आने वाली पीढ़ी की सोच और आवाज को भी प्रभावित कर सकता है। मां के गर्भ में पल रहा बच्चा अभी दुनिया में आया भी नहीं होता, लेकिन उसकी सेहत का भविष्य पहले ही हवा में मौजूद जहर तय करने - [देश में हर आठ में से एक व्यक्ति बीमार, 30 साल में दोगुनी हुई बीमारी की दर : एनएसओ रिपोर्ट से हुआ खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/health/nso-report-one-in-eight-people-in-the-country-is-ill-illness-rate-has-doubled-in-30-years/) - राजू सजवान एनएसओ की ‘पारिवारिक सामाजिक उपभोग: स्वास्थ्य’ रिपोर्ट में कहा गया है कि 13.1% आबादी ने पिछले 15 दिनों में बीमारी की सूचना दी। देश का हर आठ में एक व्यक्ति बीमार है। इसे ऐसे भी कह सकते हैं कि 100 में से 13 व्यक्ति किसी न किसी रोग से ग्रस्त है। इसमें बच्चों - [नमक का अधिक सेवन पुरुषों के दिमागी सेहत को प्रभावित कर यादों को कमजोर बना सकता है : रिसर्च](https://vaigyanikchetna.com/health/the-trap-of-taste-is-becoming-a-death-knell-for-memories-an-overdose-of-salt-is-robbing-men-of-their-memories/) - ललित मौर्या रिसर्च बताती है कि नमक का जरुरत से ज्यादा सेवन पुरुषों में दिमागी सेहत को प्रभावित कर यादों को कमजोर बना सकता है। हम सभी हर दिन नमक खाते हैं, कभी स्वाद, कभी आदत में, बिना यह सोचे कि इसका असर कितना गहरा हो सकता है। आज पैकेट बंद स्नैक्स से लेकर बाहर - [बिहार में किए गए ताजा वैज्ञानिक अध्ययन ने पहली बार दर्ज की मां के दूध में रेडियोधर्मी यूरेनियम-238 की मौजूदगी](https://vaigyanikchetna.com/health/ground-report-uranium-in-mothers-milka-crack-in-infants-shield-of-protection-cancer-and-pollution-rise-in-bihar/) - विवेक मिश्रा मां का दूध यानी ब्रेस्टमिल्क शिशुओं के लिए सबसे सुरक्षित और संपूर्ण पोषण है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) समेत वैज्ञानिकों और सार्वजनिक स्वास्थ्य अधिकारियों ने इसे लंबे समय से नवजात शिशु की पहली वैक्सीन और रोगों के खिलाफ प्राथमिक सुरक्षा कवच बताया है। लेकिन सवाल यह उठता है कि अगर यही पहला भोजन - [अनुभव बताते हैं कि महिलाओं का शासन लाता है जवाबदेही, आर्थिक उन्नति, पारदर्शिता और संवेदनशीलता](https://vaigyanikchetna.com/राजकाज/how-women-rules/) - भगीरथ पंचायतों के अनुभव बताते हैं कि महिलाओं का शासन जवाबदेही, आर्थिक उन्नति पारदर्शिता और संवेदनशीलता लाता है। लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने वाला “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” 16 अप्रैल 2026 से देशभर में लागू हो गया। हालांकि यह कानून 2023 में पास हो गया था जिसे करीब दो साल - [हवा में प्रदूषण का बढ़ता स्तर व्यक्ति में माइग्रेन के खतरे को बढ़ा सकता है : नए अध्ययन से मिले संकेत](https://vaigyanikchetna.com/वायु/poison-in-the-air-is-pollution-increasing-the-risk-of-migraine/) - ललित मौर्या नए अध्ययन से संकेत मिला है कि बढ़ता वायु प्रदूषण और बदलती जलवायु माइग्रेन के हमलों को तेज कर सकती है। हवा में घुलता जहर अब सिर्फ फेफड़ों की समस्या नहीं रहा, यह हमारे दिमाग पर भी आघात कर रहा है। इस बारे में किए एक नए अध्ययन में सामने आया है कि - [भारत में खतरनाक तरीके से बढ़ रही है गर्म हवाओं की तीव्रता, हॉटस्पॉट का दायरा और दिनों की संख्या](https://vaigyanikchetna.com/जलवायु/in-india-the-intensity-hotspots-and-duration-of-heatwaves-are-rising-at-an-alarming-rate/) - दयानिधि पहले जहां देश का लगभग 11.9 लाख वर्ग किमी क्षेत्र लू से प्रभावित था, अब यह बढ़कर लगभग 18.1 लाख वर्ग किमी हो गया है। भारत में पिछले कुछ सालों में गर्मी बहुत ज्यादा बढ़ गई है। अब गर्मी पहले जैसी नहीं रही। जर्नल 'साइंटिफिक रिपोर्ट्स' में प्रकाशित एक नई रिसर्च के अनुसार, हीटवेव - [सावधान ! कम उम्र के धूम्रपान नहीं करने वालों में भी बढ़ रहा है फेफड़ों का कैंसर : रिसर्च से हुआ खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/health/lung-cancer-on-the-rise-among-young-non-smokers-what-are-the-causes/) - दयानिधि युवा धूम्रपान न करने वालों में बढ़ता फेफड़ों का कैंसर और स्वस्थ आहार व कीटनाशक संपर्क को लेकर किए गए नए वैज्ञानिक अध्ययन के क्या कहते हैं निष्कर्ष। हाल ही में अमेरिका के शोधकर्ताओं ने फेफड़ों के कैंसर से जुड़ा एक ऐसा पैटर्न देखा है, जिसने वैज्ञानिकों को भी हैरान कर दिया है। यह - [जंगल : आइए हम जानें कि आदिवासियों की अर्थव्यवस्था, आस्था और रोजगार का जीवनदायी पेड़ है महुआ](https://vaigyanikchetna.com/जंगल/the-fragrant-mahua-the-life-giving-tree-of-tribal-economy-faith-and-livelihood/) - भगीरथ महुआ के मौसम में कामेपुर से अमाड़ तक गांवों की दिनचर्या बदल जाती है; सूरज उगने से पहले शुरू होने वाली फूल बीनाई आदिवासी परिवारों की सालाना आमदनी, राशन, कपड़े और खरीफ की खेती की तैयारी का सबसे बड़ा सहारा बनती है। ब्रिटिश मानवविज्ञानी वेरियर एल्विन ने 1936 में एक गोंड आदिवासी से स्वर्ग - [अब स्तन कैंसर की पहचान में एआई को भी किया गया शामिल, खतरे का पांच साल पहले लग जाएगा पता](https://vaigyanikchetna.com/health/ai-integrated-into-breast-cancer-detection-risk-to-be-detected-five-years-in-advance/) - दयानिधि एआई आधारित मैमोग्राम तकनीक से अब स्तन कैंसर के पांच साल के खतरे का अनुमान लगाकर शुरुआती पहचान और उपचार संभव। नेशनल कॉम्प्रिहेंसिव कैंसर नेटवर्क (एनसीसीएन) ने 2026 के लिए स्तन कैंसर की जांच और उपचार से जुड़े अपने दिशा-निर्देशों में एक बड़ा बदलाव किया है। अब इन नए दिशा-निर्देशों में इमेज-आधारित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस - [पश्चिम एशिया में तनाव से 25 लाख से अधिक भारतीयों पर बढ़ती महंगाई, घटती आय के साथ मंडराता गरीबी का साया](https://vaigyanikchetna.com/अर्थव्यवस्था/from-oil-to-plate-tensions-in-west-asia-leave-25-million-indians-vulnerable-to-poverty/) - ललित मौर्या पश्चिम एशिया का संकट अब भारत के आम लोगों की जिंदगी में महंगाई, घटती आय और बढ़ती गरीबी के रूप में साफ नजर आने लगा है। पश्चिम एशिया में जारी तनाव भले ही भारत से हजारों किलोमीटर दूर हो, लेकिन इसका असर अब देश में आम लोगों की जिंदगी पर भी साफ तौर - [मौसम के सटीक पूर्वानुमान से गर्मी से होने वाली मौतों पर 25 फीसदी तक लग सकती है लगाम : शोध से हुआ खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/जलवायु/accurate-weather-forecasting-could-reduce-heat-related-deaths-by-up-to-25-per-cent/) - दयानिधि मौसम के बेहतर पूर्वानुमान से केवल जान ही नहीं बचती, बल्कि इसका आर्थिक लाभ भी होता है, जब कम लोग बीमार पड़ते हैं और कम मौतें होती हैं, तो स्वास्थ्य सेवाओं पर दबाव कम पड़ता है। दुनिया भर में तापमान लगातार बढ़ रहा है। इसे हम जलवायु परिवर्तन कहते हैं। इसकी वजह से गर्मी - [सावधान ! पिछले तीन दशकों में लिवर की बीमारी 143 फीसदी बढ़ी, 2050 तक 1.8 अरब लोगों तक पहुंचने की आशंका](https://vaigyanikchetna.com/health/liver-disease-has-increased-by-143-percent-over-three-decades-with-the-potential-to-affect-18-billion-people-by-2050/) - दयानिधि साल 2023 तक करीब 1.3 अरब लोग इस बीमारी से प्रभावित थे, इसका मतलब है कि दुनिया का करीब 16 प्रतिशत हिस्सा इस बीमारी के साथ जी रहा है। मेटाबोलिक लिवर बीमारी, जिसे पहले नॉन-अल्कोहोलिक फैटी लिवर डिजीज (एनएएफएलडी) कहा जाता था, अब मेटाबोलिक डिसफंक्शन-एसोसिएटेड स्टीटोटिक लिवर डिजीज (एमएएसएलडी) के नाम से जानी जाती - [सावधान ! धरती पर बिगड़ रहा है मौसम का संतुलन तथा तेजी से बदल रहा है मौसम का पारंपरिक कैलेंडर : वैज्ञानिक](https://vaigyanikchetna.com/मौसम/climate-crisis-rapidly-changing-weather-cycles-early-summers-and-increasing-heat/) - ललित मौर्या वैज्ञानिकों ने चेताया है कि धरती पर मौसम का संतुलन बिगड़ रहा है, गर्मियां जल्दी आ रही हैं, ज्यादा दिन टिक रही हैं और तपिश लगातार बढ़ रही है। कभी जून में दस्तक देने वाली गर्मी अब अप्रैल-मई में ही शहरों को झुलसाने लगी है। मौसम का पारंपरिक कैलेंडर तेजी से बदल रहा - [वैज्ञानिकों ने आदिवासियों के पारंपरिक हर्बल नुस्खे में कैंसर रोधी गुणों की पहचान की, शोध से सच्चाई आई सामने](https://vaigyanikchetna.com/science/the-secret-to-fighting-cancer-hidden-in-tribal-herbs-clues-emerge-in-new-research/) - नागालैंड की कोन्याक जनजाति के पांच-पौधों वाले हर्बल नुस्खे में मिले ऐसे प्राकृतिक यौगिक, जो ट्यूमर की नई रक्त वाहिकाएं बनाने की प्रक्रिया रोककर कैंसर की बढ़त थामने की क्षमता दिखाते हैं। नागालैंड विश्वविद्यालय, बेरहामपुर विश्वविद्यालय और सविता मेडिकल कॉलेज के वैज्ञानिकों ने एक महत्वपूर्ण प्रारंभिक शोध में नागालैंड की कोन्याक जनजाति के पारंपरिक हर्बल - [2026 में दर्ज हुआ जलवायु इतिहास का चौथा सबसे गर्म मार्च, सामान्य से 1.48 डिग्री अधिक रहा तापमान](https://vaigyanikchetna.com/जलवायु/2026-marks-the-fourth-warmest-march-in-recorded-climate-history-with-temperatures-148-degrees-above-normal/) - ललित मौर्या कहीं लू तो कहीं बाढ़ जैसे चरम मौसम के बीच मार्च 2026 के आंकड़े बताते हैं कि जलवायु परिवर्तन अब दुनिया के हर क्षेत्र को प्रभावित कर रहा है। धरती का पारा लगातार चढ़ रहा है, और मार्च 2026 इसका ताजा सबूत है। आंकड़ों पर नजर डालें तो इस साल मानवता ने जलवायु - [सावधान ! सीफूड से आया वायरस बन रहा इंसान की आंखों के लिए खतरा, नई स्टडी से हुआ खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/health/seafood-borne-virus-is-a-new-threat-emerging-for-human-eyes/) - ललित मौर्या सीफूड से फैल रहा अनदेखा खतरा अब आंखों की नई बीमारी के रूप में सामने आ रहा है, जिसने चिंता बढ़ा दी है। क्या आपकी थाली में परोसा 'सीफूड' आपकी आंखों के लिए खतरा बन सकता है? नई स्टडी ने इसको लेकर एक चौंकाने वाला खुलासा किया है कि एक ऐसा वायरस, जो - [बुजुर्गो की देखभाल व उनके रोजमर्रा के कामों में मदद के लिए तैयार किए जा रहे हैं खास रोबोट, मिलेगी राहत](https://vaigyanikchetna.com/science/robots-are-being-prepared-to-care-for-the-elderly-population/) - भगीरथ स्टेनफोर्ड यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिक ऐसे रोबोट्स पर काम कर रहे हैं जो बुजुर्गों को चलने-फिरने, शौच, नहाने, कपड़े पहनने, सामाजिक संपर्क बनाने या घरेलू काम करने में मदद कर सके। दुनिया में रोबोट्स के प्रति नजरिया बदल रहा है। कभी सुरक्षा के लिए खतरनाक माने गए रोबोट्स अब मददगार के रूप में देखे जा - [सावधान ! बच्चों के चमकीले कपड़ों में पाया गया उच्च स्तर का जहरीला शीशा, खतरे में है उनका स्वास्थ्य](https://vaigyanikchetna.com/health/alarming-revelation-your-childs-clothes-may-contain-toxic-lead/) - दयानिधि बच्चों के चमकीले कपड़ों में छिपा सीसा: फास्ट फैशन के कारण स्वास्थ्य को खतरे, रंगों में भारी धातु और बच्चों को होने वाले खतरों की जांच। आजकल बच्चों के लिए चमकीले और रंग-बिरंगे कपड़े बहुत लोकप्रिय हैं। फैशन की दुनिया इतनी तेज हो गई है कि बच्चे जल्दी बड़े हो जाते हैं और नए - [मेनिन्जाइटिस का कहर जारी, विश्व में हर वर्ष सामने आते हैं 25 लाख से अधिक मामले, हर घंटे 30 मौतें](https://vaigyanikchetna.com/health/meningitis-wreaks-havoc-30-deaths-every-hour-worldwide-with-more-than-25-lakh-cases-annually/) - ललित मौर्या साल में 2.59 लाख मौतों और 25 लाख से ज्यादा मामलों के बीच मेनिन्जाइटिस पर काबू पाने की कोशिशें कमजोर पड़ती नजर आ रही हैं। अस्पतालों के आईसीयू में जूझती जिंदगियां, बाहर रोते परिजन और मौत से लड़ते मासूम—मेनिन्जाइटिस की यह तस्वीर हर साल और भयावह होती जा रही है। मामूली सिरदर्द और - [सावधान ! दुनिया में हर साल 10 लाख से अधिक लोगों की जान ले रहा है एंटीबायोटिक प्रतिरोधी संक्रमण](https://vaigyanikchetna.com/health/scientists-reveal-how-household-soaps-and-wipes-are-spreading-antibiotic-resistance/) - ललित मौर्या वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि घरों में इस्तेमाल होने वाले एंटीबैक्टीरियल साबुन और वाइप्स एंटीबायोटिक रेसिस्टेन्स का खतरा बढ़ा सकते हैं, जबकि रोजमर्रा की सफाई के लिए साधारण साबुन ही पर्याप्त होता है। हम अपने घरों को सुरक्षित रखने के लिए जिन एंटीबैक्टीरियल साबुन, वाइप्स और स्प्रे का इस्तेमाल कर रहे हैं, - [जलवायु परिवर्तन : बढ़ती गर्मी एवं उमस के कारण लोगो के जीवन यापन व सुरक्षा पर पड़ रहा है गंभीर असर](https://vaigyanikchetna.com/जलवायु/due-to-rising-heat-and-humidity-caused-by-climate-change-working-hours-have-dropped-to-less-than-half/) - दयानिधि दुनिया भर में बढ़ती गर्मी व उमस के कारण बुजुर्गों और युवाओं की रोजमर्रा की गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं, जिससे जीवन यापन और सुरक्षा पर गंभीर असर पड़ रहा है। हाल ही में वैज्ञानिकों ने एनवायर्नमेंटल रिसर्च नामक पत्रिका में एक अध्ययन प्रकाशित किया है, जिसमें यह स्पष्ट किया गया है कि जलवायु - [बढ़ती महंगाई : दुनिया के एक हिस्से में जारी युद्ध का असर अब धीरे-धीरे पूरी दुनिया की थाली पर दीखने लगा है।](https://vaigyanikchetna.com/कृषि/inflation-looms-war-rising-oil-and-energy-prices-pose-a-new-crisis/) - ललित मौर्या युद्ध के बीच भले ही फिलहाल अनाज की पर्याप्त आपूर्ति है, लेकिन महंगी ऊर्जा और उर्वरक संकट ने वैश्विक बाजार में अनिश्चितता को और गहरा दिया है। दुनिया के एक हिस्से में चल रहे युद्ध का असर अब धीरे-धीरे पूरी दुनिया की थाली तक पर दिखाने लगा है। महंगा कच्चा तेल, उर्वरक की - [बढ़ती गरीबी का सच : दुनिया की आधी आबादी से भी अधिक दौलत छिपाकर बैठे हैं 'सुपर रिच' लोग](https://vaigyanikchetna.com/विकास/how-to-eradicate-poverty-the-super-rich-are-hiding-wealth-greater-than-half-the-worlds-population/) - ललित मौर्या दुनिया के सबसे अमीर 0.1 फीसदी लोगों ने इतनी संपत्ति छिपा रखी है, जो दुनिया की आधी आबादी यानी 410 करोड़ लोगों की कुल संपत्ति से भी ज्यादा है। कल्पना कीजिए एक ऐसी दुनिया की, जहां कुछ हजार सबसे अमीर लोगों के पास इतनी छिपी हुई दौलत है, जो दुनिया की आधी आबादी - [भारत में टाइप टू डायबिटीज से पीड़ित हर चार में से एक व्यक्ति लिवर फाइब्रोसिस से पीड़ित : स्टडी](https://vaigyanikchetna.com/health/in-india-one-in-every-four-individuals-suffering-from-type-2-diabetes-also-suffers-from-liver-fibrosis/) - दयानिधि भारत में डायबिटीज के मरीजों में लिवर की बीमारी तेजी से बढ़ रही है, जो बिना लक्षण के नुकसान पहुंचाती है, इसलिए समय पर जांच और जागरूकता बेहद जरूरी है। हाल ही में द लैंसेट में प्रकाशित एक अध्ययन ने मधुमेह या डायबिटीज से जुड़ी एक ऐसी समस्या पर गौर करने को कहा है - [सावधान ! अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड से घट सकती है मां-बाप बनने की संभावना, भ्रूण का विकास भी होता है प्रभावित](https://vaigyanikchetna.com/health/ultra-processed-foods-may-reduce-the-chances-of-becoming-a-parent-and-also-affect-fetal-development/) - ललित मौर्या अध्ययन में पहली बार सामने आया है कि मां और पिता दोनों का खानपान सिर्फ गर्भधारण ही नहीं, बल्कि गर्भ में पल रहे भ्रूण के शुरुआती विकास को भी प्रभावित कर सकता है। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में जंक और पैकेटबंद रेडी-टू-ईट फूड हमारी थाली का हिस्सा बन चुका है, लेकिन एक - [सावधान ! हर घर से निकल रहा है माइक्रोप्लास्टिक, किचन स्पंज को लेकर वैज्ञानिकों ने किया बड़ा खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/पर्यावरण/microplastics-are-being-released-from-every-home-scientists-make-a-big-revelation-about-kitchen-sponges/) - ललित मौर्या वैज्ञानिकों के अनुसार, किचन स्पंज से निकलने वाले माइक्रोप्लास्टिक और बर्तन धोते समय पानी की ज्यादा खपत मिलकर पर्यावरण पर बड़ा दबाव बना रहे हैं। कभी आपने सोचा है कि बर्तन धोते समय बहता पानी और हाथ में पकड़ा स्पंज सिर्फ गंदगी ही नहीं हटा रहे, बल्कि चुपचाप एक नया खतरा भी हमारे - [नवजातों की जान बचा सकता है सस्ता एंटीसेप्टिक, वैज्ञानिक अध्ययन से यह सच्चाई आई सामने](https://vaigyanikchetna.com/health/scientific-study-raises-hope-that-inexpensive-antiseptic-could-save-newborns-lives/) - ललित मौर्या विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक, 2023 में दुनिया भर में करीब 23 लाख नवजात शिशुओं की मृत्यु हुई थी, जिनमें सबसे अधिक मौतें निम्न और मध्यम आय वाले देशों में दर्ज की गई। जन्म के बाद के पहले कुछ दिन ही किसी नवजात के जीवन के सबसे नाजुक पल होते हैं। लेकिन सही - [भारत में दिल की बीमारी से आमलोगों पर बढ़ रहा है आर्थिक बोझ, 70 फीसदी मरीजों के पास बीमा की सुविधा नहीं : स्टडी](https://vaigyanikchetna.com/health/the-rising-economic-burden-of-heart-disease-in-india-seven-out-of-ten-patients-lack-insurance/) - दयानिधि अध्ययन के मुताबिक, दिल के एक मरीज का सालाना औसत खर्च लगभग 1,06,566 रुपये है, यह रकम भारत के कई परिवारों के लिए बहुत ज्यादा है, खासकर तब जब आय सीमित हो। भारत में हार्ट फेलियर यानी हृदय की विफलता पर किए गए एक नए अध्ययन ने देश की एक बड़ी सच्चाई सामने रखी - [अब तक का सबसे गर्म दशक रहा है 2015 से 2025, विश्व मौसम विज्ञान संगठन की रिपोर्ट से हुआ खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/जलवायु/state-of-the-global-climate-2025-hottest-decade-in-11-years-2025-also-close-to-a-record/) - 2025, 1850-1900 के औसत से लगभग 1.43 डिग्री सेल्सियस अधिक तापमान के साथ दूसरा या तीसरा सबसे गर्म वर्ष रहा। विश्व मौसम विज्ञान संगठन (डब्ल्यूएमओ) की “स्टेट ऑफ द ग्लोबल क्लाइमेट 2025” रिपोर्ट ने साफ संकेत दिया है कि वैश्विक जलवायु तेजी से संकट की ओर बढ़ रही है। रिपोर्ट के अनुसार, 2015 से 2025 - [भारतीय वैज्ञानिकों ने बनाया 'ग्रीन बायोडिग्रेडेबल प्लास्टिक', देश में प्लास्टिक संकट का देसी समाधान आया सामने](https://vaigyanikchetna.com/science/indian-scientists-led-by-nagaland-university-develop-green-biodegradable-plastic/) - ललित मौर्या वैज्ञानिकों ने यह बायोपॉलिमर ‘पॉलीहाइड्रॉक्सीब्यूटिरेट (पीएचबी)’ एक बैक्टीरिया ‘बैसिलस सबटिलिस एफडब्ल्यू1’ से तैयार किया है, जिसे नागालैंड के मोकोकचुंग जिले में मछली के कचरे वाली जगहों से खोजा गया था। दुनिया भर में माइक्रोप्लास्टिक के बढ़ते प्रदूषण के बीच एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है। नागालैंड यूनिवर्सिटी के नेतृत्व में देश - [जलवायु परिवर्तन नहीं रोका गया तो 2050 तक भुखमरी का खतरा 5.6 करोड़ लोगों तक पहुंचने की आशंका : स्टडी ‌](https://vaigyanikchetna.com/जलवायु/if-climate-change-is-not-halted-the-risk-of-hunger-could-increase-by-17-percent-by-2050/) - दयानिधि अध्ययन के अनुसार, 1.5 डिग्री सेल्सियस लक्ष्य से 2050 तक भूख का खतरा 5.6 करोड़ लोगों तक बढ़ सकता है, जबकि ओजोन कमी 84 लाख को इससे बचा सकती है। दुनिया के शोधकर्ताओं की हाल की रिपोर्ट में बताया गया है कि यदि हम जलवायु को 1.5 डिग्री सेल्सियस तक सीमित करने के लिए - [देश में रसोई गैस संकट : आखिर कितना किफायती है इलेक्ट्रिक कुकिंग ? इस पर क्या कहती है रिपोर्ट ?](https://vaigyanikchetna.com/ऊर्जा/cooking-gas-crisis-in-the-country-is-electric-cooking-affordable-what-does-the-report-say/) - दयानिधि भारत में एलपीजी की बढ़ती कीमतों और आपूर्ति संकट के बीच इलेक्ट्रिक कुकिंग की बढ़ती लोकप्रियता, घरेलू ऊर्जा लागत कम करने और स्थिरता बढ़ाने में क्या मददगार है? पश्चिम एशिया में बढ़ती तनावपूर्ण स्थिति के कारण क्रूड तेल की कीमत हाल ही में 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर चली गई है। यह भारत - [बच्चों की मृत्यु दर कम करने की गति पड़ी सुस्त, 49 लाख बच्चों की पांच साल से पहले मौत : विश्व स्वास्थ्य संगठन](https://vaigyanikchetna.com/uncategorized/pace-of-reducing-child-mortality-slows-down-49-million-children-die-before-age-five-report/) - दयानिधि रिपोर्ट में साल 2024 में पांच साल से कम उम्र के बच्चों की मृत्यु, गंभीर कुपोषण, मलेरिया और क्षेत्रीय असमानताओं को जिम्मेवार माना गया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन और अन्य एजेंसियों की नई रिपोर्ट “लेवल्स एंड ट्रेंड्स इन चाइल्ड मोर्टेलिटी” के अनुसार, 2024 में लगभग 49 लाख बच्चे पांच साल की उम्र से पहले - [विश्व स्वास्थ्य संगठन ने जरूरी नए एंटीबायोटिक के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश किए जारी](https://vaigyanikchetna.com/health/who-issues-guidelines-for-the-development-of-essential-new-antibiotics/) - दयानिधि दुनिया भर में बढ़ते एंटीबायोटिक प्रतिरोध के कारण नई और प्रभावी दवाओं की जरूरत है, जबकि वर्तमान में विकास में बहुत कम दवाएं प्राथमिकता वाले बैक्टीरिया पर आधारित हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने हाल ही में तीन नए टारगेट प्रोडक्ट प्रोफाइल्स (टीपीपी) प्रकाशित किए हैं। ये दिशानिर्देश उन एंटीबायोटिक दवाओं के विकास में - [महत्वपूर्ण उपलब्धि : वैज्ञानिकों ने मानव अंगों को स्वस्थ रखने वाले जेनेटिक स्विच की खोज की](https://vaigyanikchetna.com/health/scientists-have-discovered-a-genetic-switch-to-keep-human-organs-healthy/) - दयानिधि एमएएफबी: मैक्रोफेज की पहचान और कार्यक्षमता बनाए रखने वाला मुख्य जीन, जो अंगों की सुरक्षा, संतुलन और शरीर की सामान्य कार्यप्रणाली में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। हमारे शरीर में कई प्रकार की कोशिकाएं होती हैं, और उनमें से मैक्रोफेज एक बहुत ही महत्वपूर्ण प्रकार की प्रतिरक्षा कोशिका है। इन्हें कभी-कभी शरीर की “सफाई और - [वैज्ञानिकों ने पास के लाल बौने तारे जीजे 887 के आसपास की चार नए ग्रहों की खोज, उनमें से एक जीवन के अनुकूल](https://vaigyanikchetna.com/science/four-new-planets-discovered-in-the-red-dwarf-star-gj-887-star-system/) - दयानिधि वैज्ञानिकों ने पास के लाल बौने तारे जीजे 887 के आसपास चार ग्रहों की पुष्टि की, जिनमें से एक ग्रह जीवन के अनुकूल क्षेत्र में स्थित है। वैज्ञानिकों ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण खोज की है। एक नए अध्ययन में बताया गया है कि जीजे 887 नाम के एक पास के लाल बौने - [सावधान ! आपकी हड्डियों को कमजोर कर सकता है अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड : अध्ययन से हुआ यह खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/health/beware-excessive-consumption-of-ultra-processed-foods-can-weaken-your-bones/) - ललित मौर्या 1.6 लाख से अधिक लोगों पर किए गए अध्ययन में खुलासा हुआ है कि अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड का ज्यादा सेवन हड्डियों में मिनरल डेंसिटी को घटा सकता है और इससे कूल्हे की हड्डी टूटने का खतरा करीब 10.5 फीसदी तक बढ़ सकता है। फ्लेवर दही, फ्रोजन पिज्जा, ब्रेकफास्ट सीरियल और इंस्टेंट ओट्स जैसे अल्ट्रा-प्रोसेस्ड - [सावधान ! धरती की सहने की क्षमता से दोगुना हुआ कार्बन उत्सर्जन, नए वैज्ञानिक अध्ययन से हुआ खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/जलवायु/earths-safe-limit-exceeded-carbon-emissions-double-earths-tolerance/) - ललित मौर्या वैज्ञानिकों के मुताबिक यदि बढ़ते तापमान को डेढ़ डिग्री पर सीमित रखना है तो उत्सर्जन को सालाना 4 से 17 गीगाटन तक सीमित रखना होगा, जबकि मौजूदा उत्सर्जन करीब 37 गीगाटन तक पहुंच चुका है धरती की सहन क्षमता की एक सीमा है और चिंता की बात है कि इंसान उस सीमा को - [क्या कैंसर के खतरे को प्रभावित कर सकता है हमारी थाली में परोसा गया भोजन ? क्या कहता हैं वैज्ञानिक स्टडी ?](https://vaigyanikchetna.com/health/can-the-food-on-our-plates-affect-our-risk-of-cancer-what-do-scientific-studies-say/) - ललित मौर्या 18 लाख लोगों पर हुए वैश्विक अध्ययन में स्तन, प्रोस्टेट और किडनी जैसे कैंसर के जोखिम में कमी के संकेत मिले हैं। हर दिन हमारी थाली में परोसा जाने वाला भोजन सिर्फ पेट नहीं भरता, बल्कि हमारी सेहत और बीमारियों के जोखिम को भी तय कर सकता है। बता दें कि शाकाहारी भोजन - [तापमान वृद्धि के कारण समुद्र का स्तर बढ़ने से 13 करोड़ से अधिक लोग होंगे प्रभावित : वैज्ञानिकों ने किया खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/जलवायु/over-130-million-people-at-risk-from-sea-level-rise-indo-pacific-worst-affected-study/) - दयानिधि वैज्ञानिक अध्ययन ने समुद्र के बढ़ते स्तर से खतरे में रहने वाले लोगों की संख्या पहले से कहीं अधिक होने का खुलासा किया, विशेषकर इंडो-पैसिफिक और दक्षिण-पूर्व एशिया में। धरती का तापमान बढ़ने के कारण समुद्र का पानी लगातार बढ़ रहा है। वैज्ञानिकों की रिपोर्टों के अनुसार, पहले से ही लाखों लोग उन क्षेत्रों - [सावधान ! पहले से लगभग दो गुना तेजी से बढ़ रहा है धरती का तापमान, वैज्ञानिकों ने इसको लेकर दी चेतावनी](https://vaigyanikchetna.com/जलवायु/worrying-earths-temperature-is-now-rising-twice-as-fast-as-before/) - दयानिधि पृथ्वी का तापमान तेजी से बढ़ रहा है: पिछले दशक में रिकॉर्ड गर्म साल सामने आए, वैश्विक जलवायु परिवर्तन अब पहले से कहीं अधिक गंभीर हो गया है। वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि पृथ्वी का तापमान अब पहले से लगभग दो गुना तेजी से बढ़ रहा है। अगर यह रफ्तार बनी रही, तो - [लोगों को मस्तिष्क विज्ञान की अद्भुत दुनिया से परिचित कराता है मार्च में आयोजित मस्तिष्क जागरूकता सप्ताह](https://vaigyanikchetna.com/health/a-campaign-dedicated-to-the-mysteries-of-the-brain-mental-health-awareness-and-research/) - दयानिधि यह वैश्विक अभियान लोगों को मस्तिष्क विज्ञान की अद्भुत दुनिया से परिचित कराता है और स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर मस्तिष्क को मजबूत रखने के लिए प्रेरित करता है। मस्तिष्क जागरूकता सप्ताह (ब्रेन अवेयरनेस वीक) हर साल मार्च महीने में मनाया जाने वाला एक वैश्विक अभियान है, जिसका उद्देश्य लोगों को मस्तिष्क (ब्रेन) के बारे में - [सावधान : बच्चों के व्यवहार को आक्रामक बना रहा है 'अल्ट्रा- प्रोसेस्ड फूड' : अध्ययन से हुआ यह खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/health/is-ultra-processed-food-making-childrens-behavior-aggressive-what-does-the-study-say/) - दयानिधि अध्ययन के मुताबिक, छोटे बच्चों के आहार में अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड का अधिक सेवन उनके व्यवहार और भावनात्मक विकास को प्रभावित कर सकता है। हाल ही में एक शोध में यह पाया गया है कि छोटे बच्चों के खाने की आदतें उनके व्यवहार और भावनात्मक विकास को प्रभावित कर सकती हैं। यह अध्ययन जामा नेटवर्क - [आईआईटी मद्रास का स्तन कैंसर पर सबसे बड़ा जीनोमिक अध्ययन : हर चौथे मरीज को वंशानुगत जोखिम](https://vaigyanikchetna.com/health/large-genomic-study-of-breast-cancer-in-india-finds-inherited-risk-in-one-in-four-patients/) - भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मद्रास और कार्किनोस हेल्थकेयर के शोधकर्ताओं ने यह अध्ययन किया। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मद्रास और कार्किनोस हेल्थकेयर के शोधकर्ताओं ने भारत में स्तन कैंसर पर अब तक के सबसे बड़े जीनोमिक अध्ययनों में से एक को पूरा किया है। अध्ययन में चेन्नई के कुमरन अस्पताल और चेन्नई ब्रेस्ट सेंटर ने - [बच्चों में तेजी से बढ़ रहा है मोटापा, 5 से 14 साल के बच्चों में मोटापे को लेकर भारत दूसरे पायदान पर : रिपोर्ट](https://vaigyanikchetna.com/health/india-ranks-second-in-obesity-among-children-aged-5-to-14-years/) - दयानिधि अध्ययन के अनुसार, 1975 में दुनिया के बच्चों में मोटापे का प्रतिशत केवल चार फीसदी था, जो अब 2022 में लगभग 20 फीसदी यानी पांच गुना तक बढ़ गया है। आज के समय में बच्चों में मोटापा एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या बनता जा रहा है। भारत के बच्चों में मोटापा और वजन बढ़ता जा - [भारतीय वैज्ञानिकों की बड़ी खोज : अब खून में छिपे संकेत ही बता देंगे गॉलब्लैडर कैंसर का सच](https://vaigyanikchetna.com/health/indian-scientists-major-discovery-signs-hidden-in-blood-will-reveal-the-truth-about-gallbladder-cancer/) - ललित मौर्या भारत और अमेरिकी वैज्ञानिकों ने खून में ऐसे खास मेटाबॉलिक संकेत खोजे हैं, जिनसे पित्ताशय कैंसर की समय रहते पहचान संभव हो सकती है। असम के कई परिवारों में गॉलब्लैडर यानी पित्ताशय से जुड़ा कैंसर एक खामोश डर की तरह मौजूद है। यह एक ऐसी घातक बीमारी है जिसके शुरुआती लक्षण न के - [दुनिया के करीब 15 करोड़ बच्चे हैं कुपोषण का शिकार, जो उनकी तकदीर नहीं बल्कि गलत नीतियों का है परिणाम](https://vaigyanikchetna.com/health/malnutrition-is-not-fate-can-the-lessons-of-history-change-the-fate-of-15-crore-children/) - ललित मौर्या दो सदियों के आंकड़े गवाही देते हैं कि कुपोषण बच्चों की किस्मत नहीं, सही नीतियां, संवेदनशील नेतृत्व और समग्र विकास मिलकर उनकी पूरी जिंदगी की दिशा बदल सकते हैं। आज दुनिया में करीब 15 करोड़ बच्चे नाटेपन यानी स्टंटिंग से जूझ रहे हैं। लेकिन एक सदी पहले यही हाल उन देशों का था, - [सावधान ! 90 फीसदी प्रोस्टेट कैंसर ट्यूमर में माइक्रोप्लास्टिक पाया गया, अध्ययन से यह सच्चाई आई सामने](https://vaigyanikchetna.com/प्रदूषण/microplastics-found-in-90-per-cent-of-prostate-cancer-tumors-study/) - दयानिधि यह अध्ययन प्रोस्टेट कैंसर में माइक्रोप्लास्टिक की उपस्थिति और इससे स्वास्थ्य को होने वाले खतरों का पता लगता है। हाल ही में एक नए अध्ययन में पता चला है कि अत्यंत छोटे प्लास्टिक के कण, जिन्हें माइक्रोप्लास्टिक कहा जाता है, अधिकांश प्रोस्टेट कैंसर के ट्यूमर में पाए गए हैं। यह अध्ययन न्यूयॉर्क विश्वविद्यालय (एनयाईयू) - [सावधान ! दिमाग को बीमार बना रहा है हवा में घुला हुआ जहर, प्रदूषण से बढ़ रहा है अल्जाइमर का खतरा](https://vaigyanikchetna.com/health/airborne-toxins-are-causing-brain-damage-and-pollution-increases-the-risk-of-alzheimers/) - ललित मौर्या विश्लेषण में सामने आया है कि हवा में हर 10 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर पीएम2.5 की बढ़ोतरी से डिमेंशिया का खतरा करीब 40 फीसदी बढ़ जाता है। वहीं इसके चलते अल्जाइमर का खतरा करीब 47 फीसदी तक बढ़ सकता है। क्या आपने कभी सोचा है कि जिस हवा में हम सांस ले रहे - [अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड महज नुकसानदेह खानपान है या स्वाद के नाम पर मुनाफे के लिए बेची जा रही आदत ?](https://vaigyanikchetna.com/health/from-chips-to-cold-drinks-is-habit-being-sold-in-the-name-of-taste/) - ललित मौर्या सवाल यह है कि क्या जंक फूड महज खराब खानपान है, या कंपनियों की सोची-समझी डिजाइन की गई आदत? वह चिप्स का पैकेट, जिसे आप सिर्फ “थोड़ा सा” खाने की सोचते हैं…वह एनर्जी ड्रिंक, जो जाने कब एक से शुरू होकर तीन पर पहुंच जाती है…या देर रात पिज्जा-बर्गर का वह ऑर्डर, जिसे - [वजन घटाने के नाम पर चल रहा है खौफनाक ट्रेंड, अब मुंह पर प्लास्टिक लपेट कर खाना चबा रहे हैं लोग](https://vaigyanikchetna.com/health/off-beat-viral-weight-loss-trend-has-people-using-cling-film-as-mouth-condoms-for-food-prevents-calorie-intake-but-risks-health/) - निरंजन दुबे वजन घटाने के नाम पर लोग क्या कुछ नहीं करते हैं. पड़ोसी मुल्क चीन तो इस मामले में चार कदम आगे है. वहां पर एक खौफनाक ट्रेंड चल रहा है, जिसमें लोग अपने मुंह पर प्लास्टिक लपेट खाना चबा रहे हैं. इस ट्रेंड को 'माउथ कंडोम' नाम दिया गया है. डॉक्टर इसे जानलेवा - [सावधान ! टॉयलेट पर बैठकर स्मार्टफोन का उपयोग करने वालों को बवासीर होने का खतरा 46 प्रतिशत : अध्ययन](https://vaigyanikchetna.com/health/people-who-use-their-smartphones-while-sitting-on-the-toilet-have-a-46-percent-higher-risk-of-developing-hemorrhoids/) - दयानिधि अध्ययन में 66 प्रतिशत लोगों ने टॉयलेट में फोन का उपयोग करने की आदत को स्वीकारा, अधिक समय बैठने से खतरा बढ़ने के आसार। स्मार्टफोन आज हमारे जीवन का अहम हिस्सा बन चुका है। हम उठते-बैठते, खाते-पीते और यहां तक कि बाथरूम में भी फोन का इस्तेमाल करते हैं। बहुत से लोग टॉयलेट पर - [मोटापा बना साइलेंट किलर : संक्रमण से जुड़ी हर 10 वीं मौत के लिए जिम्मेदार है मोटापा, नई स्टडी से हुआ खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/health/obesity-becomes-a-silent-killer-responsible-for-every-tenth-infection-related-death/) - ललित मौर्या लैंसेट में प्रकाशित एक नए अध्ययन में सामने आया है कि 2023 में दुनिया भर में संक्रमण से हुई 54 लाख मौतों में से छह लाख (करीब 11 फीसदी) मौतें मोटापे से जुड़ी थीं। बढ़ता मोटापा अब एक नए वैश्विक संकट को जन्म दे रहा है। एक नए अंतराष्ट्रीय अध्ययन में सामने आया - [प्लास्टिक बोतलों के ढक्कनों से फैलते प्रदूषण पर सख्त हुआ नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल, विभिन्न कंपनियों को नोटिस जारी](https://vaigyanikchetna.com/प्रदूषण/ngt-takes-strict-action-against-pollution-caused-by-plastic-bottle-caps-issues-notice-to-companies/) - सुसान चाको, ललित मौर्या एनजीटी की सुनवाई ने प्लास्टिक ढक्कनों के प्रबंधन में बड़ी चूक को उजागर किया है। प्लास्टिक कचरे की समस्या का एक अनदेखा पहलू अब अदालत की दहलीज तक पहुंच गया है। पैकेज्ड ड्रिंकिंग वॉटर, कोल्ड ड्रिंक और अन्य पेय पदार्थों की बोतलों में बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होने वाले प्लास्टिक के - [पेट की परेशानी के लिए इस्तेमाल होने वाली 'पीपीआई' दवाएं स्वास्थ्य के लिए हो सकती हैं नुकसानदेह : नई स्टडी से हुआ खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/health/popular-stomach-medications-may-cause-anemia-and-bone-loss-new-study-warns/) - दयानिधि लंबे समय तक एसिड कम करने वाली दवाओं के उपयोग से शरीर में खनिज असंतुलन और स्वास्थ्य खतरे बढ़ सकते हैं। पेट की जलन, गैस, एसिडिटी और अल्सर जैसी समस्याओं के लिए आजकल बहुत लोग प्रोटॉन पंप इन्हिबिटर (पीपीआई) दवाएं लेते हैं। इनमें ओमेप्राजोल, पैंटोप्राजोल और एसोमेप्राजोल जैसी दवाएं शामिल हैं। ये दवाएं पेट - [ऑस्टियोआर्थराइटिस में व्यायाम से मिलता है सिर्फ तात्कालिक फायदा, नए शोध में हुआ खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/health/short-term-benefits-of-exercise-for-osteoarthritis-but-other-benefits-remain/) - दयानिधि क्या ऑस्टियोआर्थराइटिस या जोड़ों के दर्द में व्यायाम सचमुच लाभकारी है, नए शोध ने उठाए गंभीर सवाल। ऑस्टियोआर्थराइटिस एक आम जोड़ों की बीमारी है। इसमें घुटने, कूल्हे, हाथ या टखने के जोड़ घिसने लगते हैं। इससे दर्द, सूजन और चलने-फिरने में दिक्कत होती है। डॉक्टर अक्सर इस बीमारी में सबसे पहले व्यायाम करने की - [दुनिया में मातृ मृत्यु दर का दो तिहाई से अधिक हिस्सा अस्थिर व संकटग्रस्त देशों में : नई रिपोर्ट से हुआ खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/health/two-thirds-of-global-maternal-deaths-occur-in-crisis-hit-and-unstable-countries-report/) - दयानिधि संकटग्रस्त देशों में रहने वाली महिलाओं को हर गर्भधारण पर अपने स्थिर देश की महिलाओं की तुलना में लगभग पांच गुना अधिक खतरा रहता है। दुनिया में हर साल लाखों महिलाएं गर्भावस्था और प्रसव के दौरान अपनी जान गंवा देती हैं। इनमें से करीब दो-तिहाई महिलाएं ऐसे देशों में मरती हैं, जो संकट या - [हालात नहीं बदले तो सन 2100 तक 1.16 अरब लोग होंगे भुखमरी का शिकार जिसमें 60 करोड़ बच्चे भी होंगे शामिल](https://vaigyanikchetna.com/जलवायु/by-2100-more-than-one-billion-people-are-at-risk-of-starvation-including-more-than-600-million-children/) - दयानिधि अध्ययन बताता है 2099 में अकेले अफ्रीका में 17 करोड़ लोग खाद्य संकट का सामना कर सकते हैं। साल 2025 में दुनिया भर में 29.5 करोड़ से अधिक लोगों ने भूख और भुखमरी का सामना किया। इसके पीछे युद्ध, विस्थापन, आर्थिक संकट और जलवायु परिवर्तन जैसे कारण रहे। लेकिन आने वाले समय की तस्वीर - [ज्यादा मीठे पेय पदार्थ पीने वाले किशोरों में एंजायटी का खतरा अधिक, नए अध्ययन से हुआ यह खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/health/are-sugary-drinks-responsible-for-increasing-anxiety-in-teenagers/) - दयानिधि नए शोध में खुलासा: मीठे पेयों का अधिक सेवन करने से किशोरों में चिंता या एंग्जाइटी के लक्षणों में बढ़ोतरी हो सकती है। बोर्नमाउथ विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं द्वारा किए गए एक नए अध्ययन में पाया गया है कि ज्यादा मीठे पेय पीने वाले किशोरों में चिंता ( एंजायटी) के लक्षण अधिक देखे जा रहे - [सावधान ! जलवायु परिवर्तन के कारण युवाओं में तेजी से बढ़ रही है एक नई 'बीमारी' 'ईको एंजायटी'](https://vaigyanikchetna.com/जलवायु/the-name-of-the-new-disease-is-eco-anxiety-serious-effects-seen-among-the-youth/) - 21वीं शताब्दी की पहली पीढ़ी के बीच हुए जनमत सर्वेक्षण में जलवायु परिवर्तन के दौर में दुख, निराशा और गुस्सा जाहिर किया गया और युवाओं में भविष्य को लेकर गंभीर चिंताएं सामने आईं। संयुक्त राष्ट्र जलवायु कार्यक्रम (यूएनईपी) ने 2024 में जब “नेविगेटिंग न्यू होराइजंस: ए ग्लोबल फोरसाइट रिपोर्ट ऑन प्लेनेटरी हेल्थ एंड ह्यूमन वेलबींग” - [सावधान ! सोरायसिस से बढ़ जाता है जोड़ों की बीमारी का खतरा, नई शोध से मिली इसकी रोकथाम की उम्मीद](https://vaigyanikchetna.com/health/from-psoriasis-to-joint-disease-new-research-makes-major-discoveries/) - दयानिधि त्वचा की बीमारी सोरायसिस से जोड़ों की सूजन तक वैज्ञानिकों की नई खोज ने बताया असली कारण और रोकथाम के संभावित तरीके। सोरायसिस एक लंबे समय तक रहने वाली त्वचा की बीमारी है। इसमें त्वचा पर लाल, मोटे और सफेद परत वाले धब्बे बन जाते हैं। यह बीमारी शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली (इम्यून सिस्टम) - [भारत में हर साल असमय मौत का शिकार होते हैं करीब 30 लाख लोग जिसे रोकने में पैसा से अधिक शिक्षा की होगी भूमिका](https://vaigyanikchetna.com/health/big-revelation-on-untimely-deaths-in-india-education-not-money-is-more-effective/) - ललित मौर्या भारत में हर साल करीब 30 लाख लोग साठ की उम्र से पहले जान गंवा देते हैं। नया अध्ययन बताता है कि इन असमय मौतों को रोकने में पैसा नहीं, शिक्षा सबसे अहम भूमिका निभा सकती है। भारत में लाखों लोग 60 के पड़ाव तक पहुंचने से पहले ही दम तोड़ देते हैं। - [आई आई टी पटना के वैज्ञानिकों की नई खोज, अब दूषित पानी और समुद्री जल में मौजूद यूरेनियम भी होगा अलग](https://vaigyanikchetna.com/science/iit-patnas-new-discovery-raises-hopes-of-uranium-hidden-in-contaminated-water/) - ललित मौर्या आईआईटी पटना के वैज्ञानिकों ने एक ऐसा नया पॉलिमर विकसित किया है, जो दूषित पानी और समुद्री जल से भी यूरेनियम को तेजी से अलग कर सकता है। पानी में मौजूद यूरेनियम को हटाना वैज्ञानिकों के लिए लंबे समय से एक बड़ी चुनौती रहा है। यह न केवल दूषित जल स्रोतों की सफाई - [दुनिया भर के 5 करोड़ से अधिक लोग हैं मिर्गी से पीड़ित, इलाज एवं सही देखभाल से 70 फीसदी रोगी हो सकते हैं दौरे से मुक्त](https://vaigyanikchetna.com/health/more-than-50-million-people-worldwide-with-epilepsy-need-treatment/) - दयानिधि अंतरराष्ट्रीय मिर्गी दिवस मिर्गी के बारे में जागरूकता बढ़ाने, इलाज को प्रोत्साहित करने और पीड़ित लोगों को सम्मान व सहयोग देने का संदेश देता है। अंतरराष्ट्रीय मिर्गी दिवस हर साल फरवरी महीने के दूसरे सोमवार को मनाया जाता है। इस दिन का उद्देश्य मिर्गी के बारे में सही जानकारी फैलाना और लोगों में जागरूकता - [बुजुर्गों की बढ़ती संख्या और बदलती जीवनशैली से वैश्विक जल मांग में 31% तक की कमी संभव : स्टडी से हुआ खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/जल/the-elderly-population-could-reduce-global-water-usage-by-up-to-31-percen/) - दयानिधि बढ़ती उम्र और बदलती जीवनशैली भविष्य में वैश्विक जल मांग को कैसे प्रभावित कर सकती है, इस पर एक नई वैज्ञानिक समझ। पानी जीवन के लिए सबसे जरूरी संसाधन है। लेकिन आज पूरी दुनिया में पानी की कमी एक गंभीर समस्या बनती जा रही है। जलवायु परिवर्तन के कारण कहीं सूखा बढ़ रहा है - [सावधान ! कोविड संक्रमण के सालों बाद भी शरीर और दिमाग पर बना रह सकता है असर : स्टडी से हुआ खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/uncategorized/effects-on-body-and-mind-may-persist-even-years-after-covid-infection-study/) - ललित मौर्या स्टडी से पता चला है कि कोविड के दौरान अस्पताल में भर्ती न होने वाले मरीजों की रिकवरी भी संक्रमण के वर्षों बाद तक धीमी और अधूरी रह सकती है। भले ही लोगों को लगता है कि कोविड-19 का प्रकोप अब खत्म हो चुका है, लेकिन सच यह है कि इसके बाद होने - [सावधान ! बच्चों में जन्म से ही हाई ब्लड प्रेशर करता है भविष्य के हृदय रोग का इशारा, इससे बचाव संभव](https://vaigyanikchetna.com/health/high-blood-pressure-from-birth-a-sign-of-future-heart-disease-in-children/) - दयानिधि जन्म से ही बच्चों में उच्च रक्तचाप का खतरा, समय पर निगरानी और सही देखभाल से भविष्य के हृदय रोग रोकें। आजकल हृदय रोग केवल वयस्कों की समस्या नहीं रही। हाल ही में हुए एक अध्ययन ने यह दर्शाया है कि बच्चे का रक्तचाप या ब्लड प्रेशर (बीपी) जन्म के समय भी उनके भविष्य - [स्तन कैंसर को लेकर भारतीय वैज्ञानिकों को मिली बड़ी सफलता, प्रतिरक्षा तंत्र की 'दोहरी भूमिका' हुई उजागर](https://vaigyanikchetna.com/health/indian-scientists-achieve-major-breakthrough-in-fight-against-breast-cancer-immune-systems-dual-role-revealed/) - ललित मौर्या नागालैंड विश्वविद्यालय से जुड़े वैज्ञानिकों के नेतृत्व में किए अध्ययन से पता चला कि शरीर की रक्षा करने वाली मैक्रोफेज कोशिकाएं कैसे हालात बदलने पर कैंसर के फैलाव में मददगार बन जाती हैं। स्तन कैंसर, जो हर साल दुनियाभर में लाखों महिलाओं की जान ले रहा है, शरीर में उसके फैलाव के पीछे - [सावधान : ग्लोबल वार्मिंग से संकट गहराया, हर साल 38 अरब टन से अधिक सीओ2 उत्सर्जित कर रही है दुनिया](https://vaigyanikchetna.com/जलवायु/the-world-is-emitting-more-than-38-billion-tons-of-co2-every-yea/) - दयानिधि अंतरराष्ट्रीय सीओ2 उत्सर्जन कम करने का दिवस हमें पर्यावरण बचाने, जलवायु परिवर्तन रोकने और भविष्य सुरक्षित बनाने की प्रेरणा देता है। पूरी दुनिया आज एक बड़ी समस्या का सामना कर रही है, जिसे हम जलवायु परिवर्तन और ग्लोबल वार्मिंग कहते हैं। यह समस्या किसी एक देश या एक व्यक्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि - [सावधान ! सन 2050 तक दुनिया के लगभग 3.8 अरब लोग करेंगे चरम गर्मी का सामना : वैज्ञानिकों ने चेताया](https://vaigyanikchetna.com/जलवायु/by-2050-approximately-38-billion-people-worldwide-will-face-extreme-heat/) - दयानिधि गर्म मौसम में दुनिया के लगभग 3.8 अरब लोग प्रभावित होंगे, गरीब देशों में स्वास्थ्य खतरे और ठंडे देशों में चुनौतियां बढ़ेंगी। वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि 2050 तक लगभग 3.8 अरब लोग अत्यधिक गर्मी का सामना कर सकते हैं। यह स्थिति तब होगी जब दुनिया का औसत तापमान औद्योगिक युग से दो - [स्कूलों में जंक फूड पर लगाम और पौष्टिक आहार को लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन ने जारी की नई गाइडलाइन](https://vaigyanikchetna.com/health/who-urges-schools-worldwide-to-promote-healthy-eating-for-children/) - ललित मौर्या विश्व स्वास्थ्य संगठन ने स्कूलों में जंक फूड पर लगाम और पौष्टिक आहार को लेकर नए दिशानिर्देश जारी किए हैं। क्लासरूम की पढ़ाई के साथ-साथ स्कूल की कैंटीन और मिड-डे मील की थाली भी बच्चों का भविष्य गढ़ रही है। बच्चे दिन का बड़ा हिस्सा स्कूल में बिताते हैं और इसी दौरान वे - [शहरों में बच्चों के लिए सुरक्षित स्थानों की भारी कमी, डब्ल्यू एच ओ एवं यूनिसेफ की रिपोर्ट से हुआ खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/health/will-our-cities-be-livable-for-children-in-the-future/) - ललित मौर्या दुनिया की महज 44 फीसदी शहरी आबादी ही खुले सार्वजनिक स्थान के पास रह रही है। गरीब देशों में तो यह आंकड़ा महज 30 फीसदी ही है, जहां लाखों बच्चों के पास खेलने और सांस लेने की सुरक्षित जगह नहीं है। समय के साथ दुनिया में तेजी से फैलते शहर बच्चों के लिए - [सावधान ! खाने में इस्तेमाल होने वाले प्रिजर्वेटिव्स से बढ़ सकता है डायबिटीज का खतरा : अध्ययन से हुआ खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/health/preservatives-used-in-food-may-increase-the-risk-of-diabetes-study-report/) - ललित मौर्या अध्ययन में पाया गया कि अधिक मात्रा में प्रिजरवेटिव्स लेने वालों में डायबिटीज का खतरा 47 से 49 फीसदी तक अधिक था। डिब्बाबंद, पैकेटबंद और लंबे समय तक टिकने वाले खाद्य पदार्थों में इस्तेमाल होने वाले प्रिजरवेटिव्स अब सिर्फ स्वाद और सुरक्षा का मामला नहीं रहे। एक नए अंतरराष्ट्रीय अध्ययन ने चेतावनी दी - [सावधान ! बोतलबंद पानी में मिले जहरीले रसायन स्वास्थ्य के लिए है बेहद हानिकारक, अध्ययन से हुआ खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/जल/toxic-chemicals-found-in-bottled-water-harmful-to-health/) - दयानिधि वाटर रिसर्च नामक पत्रिका में प्रकाशित अध्ययन में बोतलबंद पानी के 10 बड़े ब्रांडों की पड़ताल की गई है। आज के समय में बोतलबंद पानी की खपत बहुत तेजी से बढ़ रही है। लोग इसे मुख्य रूप से सुविधा, स्वास्थ्य और साफ-सुथरे पानी का विकल्प मानकर खरीदते हैं। 2024 में दुनिया भर में बोतलबंद - [गर्भावस्था में सही मात्रा में पेरासिटामोल लेना सुरक्षित, यूरोपीय वैज्ञानिक अध्ययन से हुआ यह खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/health/taking-paracetamol-during-pregnancy-is-safe-european-study-provides-reassurance/) - दयानिधि वैज्ञानिक अध्ययन से स्पष्ट हुआ कि गर्भावस्था में डॉक्टर की सलाह से लिया गया पेरासिटामोल सुरक्षित है और घबराने की आवश्यकता नहीं। पेरासिटामोल, जिसे अमेरिका में टायलेनॉल कहा जाता है, गर्भावस्था में दर्द और बुखार के लिए सबसे अधिक इस्तेमाल की जाने वाली दवा है। हाल ही में यूरोप के शोधकर्ताओं ने कहा है - [हर साल करीब एक अरब से अधिक लोग होते हैं फ्लू से बीमार, अच्छा वेंटिलेशन व मास्क की मदद से उसे रोकना संभव](https://vaigyanikchetna.com/health/flu-can-be-prevented-with-good-ventilation-and-the-use-of-masks-study/) - दयानिधि अध्ययन के मुताबिक, हर साल दुनिया भर में लगभग एक अरब लोग फ्लू से बीमार होते हैं, अच्छी हवा व सावधानी बरतने से फ्लू के फैलाव और उससे बचाव किया जा सकता है। इस साल फ्लू का मौसम बहुत गंभीर रहा है। दुनिया के कई हिस्सों में लोग तेजी से फैलने वाले नए फ्लू - [सावधान ! तेजी से डूब रहे हैं विभिन्न नदियों के डेल्टा, 23 करोड़ लोग आ सकते हैं खतरे की चपेट में](https://vaigyanikchetna.com/नदी/river-deltas-around-the-world-are-sinking-rapidly-affecting-more-than-230-million-people/) - दयानिधि यह अध्ययन बताता है कि मानवजनित गतिविधियों के कारण दुनिया के कई नदी डेल्टा तेजी से धंस रहे हैं और बाढ़ का खतरा बढ़ रहा है। हाल ही में नेचर नाम की एक प्रसिद्ध वैज्ञानिक पत्रिका में एक अहम शोध प्रकाशित हुआ है। इस शोध में बताया गया है कि दुनिया के कई बड़े - [घर के अंदर मौजूद ओजोन गैस के कारण व्यक्ति के खून के गाढ़ा होने के आसार, अध्ययन से हुआ यह खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/indoor-ozone-exposure-may-lead-to-blood-thickening-learn-how/) - दयानिधि इंडोर ओजोन और त्वचा व घर की चीजों से बनने वाले रसायन हमारे दिल और रक्त को प्रभावित करते हैं। हमारे आस-पास की हवा में ओजोन नाम की गैस पाई जाती है। यह गैस दो तरह से हमारी जिंदगी में मौजूद होती है। ऊपर की हवा में ओजोन हमारे लिए बहुत फायदेमंद है, क्योंकि - [वैज्ञानिकों ने खोजा एक ऐसा प्राकृतिक प्रोटीन जो हानिकारक बैक्टीरिया को कर देता है खत्म : शोध से हुआ खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/health/scientists-have-discovered-a-natural-protein-that-kills-harmful-bacteria/) - दयानिधि इंटेलेक्टिन-2 प्रोटीन पाचन तंत्र की म्यूकस परत को मजबूत बनाकर हानिकारक बैक्टीरिया से हमारे शरीर की प्राकृतिक सुरक्षा करता है। हमारा पाचन तंत्र हर दिन भोजन के साथ कई प्रकार के बैक्टीरिया और कीटाणुओं के संपर्क में आता है। इनमें से कुछ अच्छे होते हैं, जो पाचन में मदद करते हैं, जबकि कुछ हानिकारक - [सावधान ! दुनिया के करीब 83 करोड़ वयस्क हैं मधुमेह से पीड़ित, जिनमें से एक चौथाई से अधिक भारतीय](https://vaigyanikchetna.com/health/india-faces-second-highest-economic-burden-due-to-diabetes-research/) - ललित मौर्या दुनिया में करीब 83 करोड़ वयस्क मधुमेह से पीड़ित हैं, जिनमें से एक चौथाई से अधिक भारतीय हैं। मतलब की 21.2 करोड़ भारतीय इस बीमारी से जूझ रहे हैं। भारत में मधुमेह अब सिर्फ स्वास्थ्य से जुड़ा मामला नहीं रहा। यह देश की अर्थव्यवस्था पर भी भारी बोझ डाल रहा है। इस बारे - [उचित आहार से हो सकती है हैजा जैसी अन्य गंभीर बीमारियों से सुरक्षा, नए शोध से हुआ यह खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/health/a-proper-diet-can-provide-protection-against-diseases-like-cholera-research/) - दयानिधि उच्च-प्रोटीन आहार, जैसे केसीन और गेहूं का ग्लूटेन, कॉलरा और अन्य बैक्टीरियल संक्रमणों से शरीर की सुरक्षा बढ़ा सकते हैं। हमारी खाने की आदतें सिर्फ वजन या ऊर्जा स्तर को ही प्रभावित नहीं करतीं, बल्कि ये हमारे शरीर को खतरनाक बैक्टीरियल संक्रमणों से भी बचा सकती हैं। कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय, रिवरसाइड के हालिया अध्ययन में - [सावधान : प्रदूषण के महीन कण कर रहे हैं भ्रूण के विकास को प्रभावित, कमजोर बच्चों को जन्म दे रही हैं माताएं](https://vaigyanikchetna.com/health/fine-particles-of-pollution-are-affecting-the-development-of-the-fetus-mothers-are-giving-birth-to-weak-children/) - ललित मौर्या अमेरिका, भारत सहित दुनिया के कई हिस्सों में किए शोधों से पता चला है कि पीएम2.5 और ओजोन जैसे प्रदूषक गर्भावस्था के शुरुआती हफ्तों में भ्रूण के विकास और स्वास्थ्य को गंभीर रूप से प्रभावित कर रहे हैं। हर मां अपने बच्चे के लिए सुरक्षित दुनिया चाहती है। लेकिन हवा में छिपे प्रदूषण - [एचआईवी के प्रबंधन को लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन ने जारी की नई गाइडलाइन, उपचार एवं रोकथाम में किए नए बदलाव](https://vaigyanikchetna.com/health/whos-new-guidelines-for-hiv-management-new-changes-in-treatment-and-prevention/) - दयानिधि डब्ल्यूएचओ की नई एचआईवी गाइडलाइन: उपचार में सुधार, मातृ-शिशु संक्रमण की रोकथाम और टीबी की रोकथाम में आधुनिक, सुरक्षित और प्रभावी बदलाव शामिल। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने हाल ही में ह्यूमन इम्यूनोडिफिशिएंसी वायरस (एचआईवी) के क्लिनिकल प्रबंधन पर नई सिफारिशें जारी की हैं। ये गाइडलाइन एंटीरेट्रोवायरल थेरेपी (एआरटी), मातृ से शिशु में एचआईवी - [जनवरी, जागरूकता माह : सर्वाइकल कैंसर से 2022 में हुई 3.5 लाख लोगों की मौत, इसको लेकर जन जागरुकता जरूरी](https://vaigyanikchetna.com/health/cervical-cancer-660000-cases-350000-deaths-a-global-health-challenge/) - दयानिधि सर्वाइकल कैंसर जागरूकता माह: कम व मध्यम आय वाले देशों में सर्वाइकल कैंसर का बोझ अधिक, मृत्यु का खतरा अधिक आय वाले देशों से कई गुना ज्यादा। हर साल जनवरी महीने को ग्रीवा या सर्वाइकल कैंसर जागरूकता माह के रूप में मनाया जाता है। इस अवसर पर अंतरराष्ट्रीय कैंसर अनुसंधान एजेंसी (आईएआरसी) दुनिया भर - [सावधान ! मानसिक तनाव से बढ़ जाता है कई बीमारियों का खतरा : वैज्ञानिक अध्ययन से हुआ यह खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/health/why-does-mental-stress-increase-the-risk-of-disease-scientific-research-has-revealed-the-secret/) - ललित मौर्या नई वैज्ञानिक पड़ताल से पता चला है कि मानसिक तनाव शरीर की रक्षा करने वाले ‘नेचुरल किलर सेल्स’ को कमजोर कर देता है, जिससे कैंसर और अन्य बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। नींद न आना और लगातार चिंता में डूबे रहना आज आम बात बन गई है। ऐसे में इन्हें अक्सर जीवनशैली - [अल्जाइमर : सही जीन व सही कोशिकाओं का चुनाव करके दिमाग की स्थिति को बेहतर बनाना संभव, शोध से हुआ खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/health/a-change-in-one-gene-may-protect-against-the-risk-of-alzheimers-research/) - दयानिधि अल्जाइमर का उपचार: सही जीन और सही कोशिकाओं का चुनाव करके दिमाग की स्थिति को बेहतर बनाया जा सकता है। अल्जाइमर रोग आज दुनिया भर में बुज़ुर्गों के लिए एक बड़ी स्वास्थ्य समस्या बन चुका है। यह बीमारी धीरे-धीरे याददाश्त, सोचने की क्षमता और रोजमर्रा के काम करने की शक्ति को प्रभावित करती है। - [भारतीय वैज्ञानिकों ने बनाए बेहद छोटे विशेष मॉलिक्यूलर उपकरण जो बदल सकते हैं हालात के अनुसार व्यवहार](https://vaigyanikchetna.com/science/indian-scientists-discovery-a-revolution-in-smart-technology-that-enables-thinking-and-learning-in-human-life/) - दयानिधि यह शोध भविष्य में कम ऊर्जा वाले, सीखने वाले कंप्यूटर बनाकर चिकित्सा, शिक्षा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और रोजमर्रा की तकनीक को बेहतर बना सकता है। पिछले कई दशकों से वैज्ञानिक यह सपना देखते रहे हैं कि सिलिकॉन से आगे बढ़कर ऐसे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बनाए जाएं जो बिल्कुल नए तरीके से काम करें। इसी सोच से - [अमेरिकी कंपनी न्यूरालिंक की पहल, अब बिना आंख के भी देख सकेंगे लोग, 2026 में ही नेत्रहीनों पर होगा टेस्ट](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/health-elon-musk-going-to-create-a-new-era-people-will-be-able-to-see-world-even-without-eye/) - शारदा सिंह एलन मस्क की अमेरिकी न्यूरोटेक्नोलॉजी कंपनी न्यूरालिंक एक ऐसे ब्रेन इम्प्लांट पर काम कर रही है, जो नेत्रहीन लोगों को देखने की क्षमता दे सकता है. इस तकनीक का नाम है ब्लाइडसाइट. कंपनी 2026 में इंसान पर इसका पहला टेस्ट कर सकती है. क्या बिना आंखों के भी देखा जा सकता है? यह - [कितनी कारगर होगी जीवनशैली आधारित जलवायु नीतियां ? क्या लोगों को स्वीकार होगा जीवनशैली में बदलाव का दबाव ?](https://vaigyanikchetna.com/जलवायु/the-pressure-to-change-lifestyles-could-reduce-support-for-climate-action/) - दयानिधि जीवनशैली आधारित जलवायु नीतियां जरूरी हैं, लेकिन जब लोग मजबूर महसूस करते हैं, तब वे इनका विरोध कर सकते हैं। आज के समय में जलवायु परिवर्तन दुनिया के लिए सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक बन गया है। हर देश और सरकार कोशिश कर रही है कि लोगों की जीवनशैली में बदलाव लाया जाए - [आखिर पौधे कैसे बनाते हैं कैंसर से लड़ने वाला दुर्लभ यौगिक ? शोध के बाद वैज्ञानिकों ने किया खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/health/cientists-make-a-major-discovery-how-plants-produce-a-rare-compound-that-fights-cancer/) - दयानिधि वैज्ञानिकों ने पौधों में पाए जाने वाले दुर्लभ माइट्राफिलीन यौगिक की उत्पत्ति और उसके औषधीय महत्व की नई क्रांतिकारी खोज की। कनाडा की यूनिवर्सिटी ऑफ ब्रिटिश कोलंबिया (यूबीसी) ओकानागन के वैज्ञानिकों ने यह पता लगा लिया है कि पौधे एक दुर्लभ प्राकृतिक पदार्थ माइट्राफिलीन कैसे बनाते हैं। यह खोज विज्ञान और चिकित्सा के क्षेत्र - ['शुगर फ्री' : सावधान ! दिमागी कोशिकाओं को नुकसान पहुंचा सकता है चीनी का लोकप्रिय विकल्प 'एरिथ्रिटोल'](https://vaigyanikchetna.com/health/common-sugar-substitute-shown-to-impair-brain-cells-boost-stroke-risk-study/) - ललित मौर्या नई रिसर्च में सामने आया है कि चीनी का लोकप्रिय विकल्प 'एरिथ्रिटोल' दिमाग की नसों को नुकसान पहुंचाने के साथ-साथ स्ट्रोक के जोखिम को बढ़ा सकता है। क्या ‘शुगर-फ्री’ खाना सचमुच सेहत के लिए सुरक्षित है? डाइट ड्रिंक हो या शुगर-फ्री आइसक्रीम, एरिथ्रिटोल को सालों से चीनी के सुरक्षित विकल्प के रूप में - [सावधान! इंसान समेत अन्य कई जीवों पर मंडरा रहा है ''फॉरएवर केमिकल्स' का खतरा : नई रिसर्च से हुआ यह खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/health/invisible-poison-spreading-through-the-food-chain-forever-chemicals-doubling-at-every-level-study/) - ललित मौर्या वैश्विक स्तर पर 119 खाद्य श्रृंखलाओं के अध्ययन में खुलासा हुआ है कि इंसान समेत शीर्ष शिकारी जीवों पर भी इन ‘फॉरएवर केमिकल्स’ का खतरा मंडरा रहा है। नई अंतरराष्ट्रीय रिसर्च ने दुनिया भर के उपभोक्ताओं के लिए गंभीर चेतावनी जारी की है। अध्ययन के अनुसार, ‘फॉरएवर केमिकल’ कहे जाने वाले पीएफएएस जैसे - [आंत और डिप्रेशन के इलाज की नई उम्मीद है रीलिन प्रोटीन, नए शोध से हुआ यह खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/health/reelin-protein-a-new-hope-for-treating-gut-disorders-and-depression/) - दयानिधि रीलिन प्रोटीन आंत और दिमाग के बीच संबंध को मजबूत कर डिप्रेशन और छिद्रयुक्त आंत के इलाज की नई दिशा दिखाता है। हाल के वैज्ञानिक शोध से पता चला है कि रीलिन नामक एक प्रोटीन भविष्य में 'छिद्रयुक्त आंत' (लीकी गट) और गंभीर डिप्रेशन दोनों के इलाज में मदद कर सकता है। यह शोध - [आइए जानें कि आखिर क्यों महिलाओं और पुरुषों में अलग तरह से बढ़ता है दुर्लभ ब्लड कैंसर ?](https://vaigyanikchetna.com/health/new-research-reveals-why-a-rare-blood-cancer-progresses-differently-in-women-and-men/) - ललित मौर्या नए अध्ययन से पता चला है कि मल्टीपल मायलोमा पुरुषों और महिलाओं में अलग बढ़ता है, और यह लिंग-विशेष इलाज और जल्दी पहचान के नए रास्ते खोल सकता है। अमेरिका की इंडियाना यूनिवर्सिटी के मेल्विन और ब्रेन साइमन कैंसर सेंटर के वैज्ञानिकों ने एक अहम खोज की है। उन्होंने पाया है कि दुर्लभ - [महत्वपूर्ण खोज : आईआईटी, दिल्ली और एम्स के वैज्ञानिकों ने बनाया निगलने वाला स्मार्ट माइक्रो डिवाइस](https://vaigyanikchetna.com/health/indian-scientists-have-created-a-unique-micro-device-that-will-collect-bacteria-from-the-intestine/) - ललित मौर्या आईआईटी, दिल्ली और एम्स के वैज्ञानिकों ने ऐसा स्मार्ट माइक्रो डिवाइस बनाया है, जो सीधे छोटी आंत तक पहुंचकर वहां मौजूद माइक्रोबायोम के नमूने जुटा सकता है। क्या आपने कभी सोचा है कि एक छोटी सी गोली निगलते ही आपके पेट की गहराइयों में जाकर सेहत का राज खोल सकती है? इंडियन इंस्टिट्यूट - [सावधान ! भारत में मुंह के कैंसर के 62 फीसदी मामलों के लिए जिम्मेदार है खैनी, जर्दा, तम्बाकू और शराब](https://vaigyanikchetna.com/health/khaini-zarda-tobacco-and-alcohol-are-responsible-for-62-of-oral-cancer-cases-in-india/) - ललित मौर्या भारतीय शोधकर्ताओं द्वारा किए नए अध्ययन से पता चला है कि देसी शराब और तंबाकू मिलकर भारत में मुंह के कैंसर का खतरा कई गुणा बढ़ा रहे हैं। क्या आप जानते हैं कि शराब की थोड़ी-सी मात्रा भी सेहत के लिए हानिकारक साबित हो सकती है। महाराष्ट्र स्थित सेंटर फॉर कैंसर एपिडेमियोलॉजी और - [इन संपन्न राज्यों के विपन्न लोगों को 25 साल बाद भी नहीं मिला प्राकृतिक संसाधनों पर हक : एक रिपोर्ट](https://vaigyanikchetna.com/पर्यावरण/chhattisgarh-jharkhand-and-uttarakhand-after-25-years-part-one/) - अनिल अश्वनी शर्मा, राजू सजवान, विवेक मिश्रा आज से 25 साल पहले अकूत प्राकृतिक संपदा से संपन्न छत्तीसगढ़, उत्तराखंड व झारखंड अस्तित्व में आए। विगत वर्षों में इन राज्यों में रह रहे लोगों की हालत क्या है? क्या उन्हें भी इस संपदा में हिस्सेदारी मिल पाई? छत्तीसगढ़ से अनिल अश्विनी शर्मा, उत्तराखंड से राजू सजवान - [इसरो का ब्लूबर्ड ब्लॉक-2 मिशन : अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कदम, मोबाइल कनेक्टिविटी की नई क्रांति](https://vaigyanikchetna.com/science/isros-bluebird-block-2-mission-a-new-revolution-in-mobile-connectivity-from-space/) - दयानिधि अंतरिक्ष से सीधे स्मार्टफोन तक 4जी–5जी सेवा पहुंचाने वाला ब्लूबर्ड ब्लॉक-2 मिशन वैश्विक संचार में ऐतिहासिक बदलाव लाएगा भारत के अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने एक बार फिर अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इसरो के शक्तिशाली प्रक्षेपण यान एलवीएम3 के माध्यम से अमेरिका की कंपनी एएसटी स्पेस मोबाइल के ब्लूबर्ड - [वैज्ञानिकों ने कैंसर के इलाज के लिए विकसित की प्रतिरक्षा प्रणाली को सक्रिय करने वाली एक नई और प्रभावी तकनीक](https://vaigyanikchetna.com/health/new-hope-in-cancer-treatment-a-new-technology-that-activates-the-immune-system/) - दयानिधि नई एबीलेक तकनीक: कैंसर कोशिकाओं पर प्रतिरक्षा रुकावट को हटाकर प्रतिरक्षा प्रणाली को सक्रिय करने और उपचार को प्रभावी बनाने का तरीका। वैज्ञानिकों ने कैंसर के इलाज के लिए एक नई और प्रभावी इम्यूनोथेरेपी तकनीक विकसित की है। यह शोध अमेरिका के एमआईटी और स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों द्वारा किया गया है। इस नई - [विभिन्न देशों में बार-बार विरोध प्रदर्शन क्यों करते हैं युवा ? 12 महीनों में 70 देशों की युवा पीढ़ी हुई आंदोलित](https://vaigyanikchetna.com/राजकाज/why-do-young-people-repeatedly-hold-protests/) - रिचर्ड महापात्र 1 नवंबर 2025 को दुनिया भर में 35 सरकार-विरोधी प्रदर्शन दर्ज किए गए। इससे पहले के 12 महीनों में 70 देशों में कुल 128 सरकार-विरोधी आंदोलन हुए। एशिया से लेकर अफ्रीका, यूरोप और अमेरिका तक, पूरी दुनिया में विरोध-प्रदर्शनों की लहरें उठ रही हैं। इन आंदोलनों में भाग लेने वाले ज्यादातर लोग युवा - [सावधान ! भारत में बिजली गिरने के पैटर्न को भी बदल रहा है वायु प्रदूषण, शोध से हुआ यह खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/वायु/is-air-pollution-changing-lightning-patterns-in-india-what-does-the-research-say/) - दयानिधि वायु प्रदूषण न केवल स्वास्थ्य प्रभावित करता है, बल्कि भारत में बिजली और तूफानी गतिविधियों के पैटर्न को भी बदल रहा है। भारत में वायु प्रदूषण न केवल स्वास्थ्य और पर्यावरण के लिए खतरा बन रहा है, बल्कि यह मौसम और प्राकृतिक घटनाओं पर भी प्रभाव डाल रहा है। हाल ही में प्रकाशित एक - [सावधान ! जलवायु परिवर्तन की चपेट में आई जैवविविधता, 8 हजार प्रजातियों पर मंडरा रहा है विलुप्ति का साया](https://vaigyanikchetna.com/जलवायु/biodiversity-is-under-threat-from-climate-change-with-8000-species-facing-the-risk-of-extinction/) - ललित मौर्या एक नए वैश्विक अध्ययन ने चेताया है कि सदी के अंत तक जलवायु परिवर्तन और प्राकृतिक आवासों पर बढ़ता इंसानी दबाव मिलकर करीब 8,000 प्रजातियों को विलुप्ति की ओर धकेल सकते हैं। जिन जंगलों, घास के मैदानों और दलदलों में हजारों वर्षों से जीवन फलता-फूलता आया है, वही अब जानलेवा बनते जा रहे - [बच्चों की सीखने की क्षमता और दिमागी विकास को कमजोर कर रही है बढ़ती गर्मी, नए शोध से हुआ खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/जलवायु/childhood-is-paying-the-price-of-rising-temperatures-increasing-heat-is-slowing-down-brain-development/) - ललित मौर्या नई रिसर्च ने चेताया है कि जलवायु परिवर्तन से बढ़ती गर्मी तीन से चार साल के बच्चों की सीखने की क्षमता और दिमागी विकास को कमजोर कर रही है। क्या बढ़ती गर्मी बच्चों का बचपन छीन रही है? नई रिसर्च से पता चला है कि जलवायु परिवर्तन अब सिर्फ पर्यावरण या सेहत की - [कैंसर से जूझता बचपन : सावधान ! हर साल चिन्हित दो लाख मामलों में से 75 हजार बच्चे गंवा देते हैं अपनी जान](https://vaigyanikchetna.com/health/childhood-cancer-200000-cases-annually-lack-of-treatment-in-vulnerable-countries-taking-lives/) - ललित मौर्या अध्ययन से पता चला है कि समृद्ध देशों में जहां 10 में से आठ या उससे अधिक बच्चे कैंसर से बच जाते हैं, वहीं कैंसर से बचने के मामले में बच्चों का वैश्विक औसत महज 37 फीसदी ही है। हर साल दुनिया में 15 साल से कम उम्र के दो लाख से अधिक - [अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड का अधिक सेवन हमारी दिमागी संरचना को करता है प्रभावित : वैज्ञानिक शोध से हुआ खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/health/ultra-processed-foods-and-their-significant-impact-on-the-brain-researchgoogle_vignette/) - दयानिधि 30,000 लोगों के ब्रेन स्कैन से पता चला कि अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड दिमाग की संरचना बदलकर ज्यादा खाने की आदत को बढ़ावा दे सकते हैं। हाल ही में की गई एक अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक शोध में यह सामने आया है कि अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड का अधिक सेवन हमारे दिमाग की संरचना को प्रभावित कर सकता है। इस - [सेहत पर मंडराता संकट : सावधान ! ओमेगा-3 की कमी से जूझ रही है दुनिया की करीब 76 प्रतिशत आबादी](https://vaigyanikchetna.com/health/health-threat-looms-76-percent-of-the-worlds-population-suffers-from-omega-3-deficiency/) - ललित मौर्या अध्ययन में सामने आया कि दुनिया की 76 फीसदी आबादी को स्वस्थ रहने के लिए जरूरी ओमेगा-3 फैटी एसिड, खासकर ईपीए और डीएचए, की पर्याप्त मात्रा नहीं मिल रही। गर्भ में पलते शिशु से लेकर बुजुर्गों की याददाश्त तक, सेहत की हर कड़ी एक महत्वपूर्ण पोषक तत्व 'ओमेगा-3' से जुड़ी है। लेकिन क्या - [वर्चुअल गेम्स : सावधान ! हिंसक एवं प्रतिस्पर्धात्मक खेल से बच्चों के व्यवहार में तेजी से हो रहा है बदलाव](https://vaigyanikchetna.com/health/second-life-and-virtual-games-violent-and-competitive-games-can-change-childrens-behavior/) - अरुण कुमार गोंड सोशल नेटवर्क, गेम्स और रोबोटिक इंटरफेस हमें संग-साथ का एहसास देते हैं, बिना उस भावनात्मक मेहनत के जो असली दोस्ती और रिश्तों में चाहिए। सोचिए, एक ऐसी दुनिया जहां आप अपने आपको उस रूप में दिखा सकते हैं, जो आप असल जिंदगी में नहीं हैं, जैसे की अधिक सुंदर, अधिक स्मार्ट, और - [क्या आप जानते हैं खाने की भी होती है लत ? निकोटिन की तरह बनती जा रही है अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड की आदत](https://vaigyanikchetna.com/खान-पान/are-ultra-processed-foods-becoming-as-habit-forming-as-nicotine/) - अमेरिका के ओरेगन रिसर्च इंस्टीट्यूट की शोध वैज्ञानिक एरिका एम लाफाटा कहती हैं कि इस बात पर आम सहमति बन रही है कि खाने की लत बिलकुल असली है। भोजन की “लत लगने” का मतलब क्या है? लत लगाने वाले खाद्य पदार्थ एक ऐसा पैटर्न पैदा कर सकते हैं जो किसी पदार्थ के सेवन संबंधी - [मौसम का मिजाज : पहाड़ों पर बर्फबारी से हालात बिगड़े, उत्तर-मध्य से लेकर दक्षिण तक शीतलहर के आसार](https://vaigyanikchetna.com/मौसम/weather-report-snowfall-expected-in-the-mountains-and-cold-wave-conditions-likely-from-north-central-to-southern-region/) - दयानिधि 13 दिसंबर, 2025 को जारी पूर्वानुमान के मुताबिक, पश्चिमी विक्षोभ व जेट स्ट्रीम के चलते पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी, मैदानी इलाकों में कोहरा और बढ़ते तापमान के बीच शीतलहर के सितम का अंदेशा। दिसंबर का महीना अपने पूरे शबाब पर है और उत्तर भारत से लेकर मध्य तथा दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में - [गायरोमॉफ्स : भविष्य की लाइट आधारित कम्प्यूटिंग के लिए नई सामग्री की हुई खोज, इस दिशा में प्रयास तेज](https://vaigyanikchetna.com/science/gyromorphs-new-materials-discovered-for-the-future-of-light-based-computing/) - दयानिधि गायरोमॉर्फ्स एक नई सामग्री है जो सभी दिशाओं से आने वाली रोशनी को रोककर भविष्य की तेज और ऊर्जा-कुशल कंप्यूटिंग संभव बनाती है। आज की दुनिया में कंप्यूटर और डिजिटल तकनीक हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का अभिन्न हिस्सा बन चुकी है। लेकिन पारंपरिक कंप्यूटर जो इलेक्ट्रॉनिक सर्किट और विद्युत धारा पर आधारित हैं, एक - [हाथियों के अनजाने व्यवहार को समझने में मददगार हो सकते हैं ड्रोन, जिन्हें हाथी भी अपनाने लगे हैं‌ : नए शोध से हुआ खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/drones-can-be-helpful-in-conserving-elephants-new-research-reveals/) - ललित मौर्या रिसर्च से पता चला है कि शोर से डरने वाले हाथी अब ड्रोन को अपनाने लगे हैं, और वैज्ञानिकों को उनके रात के व्यवहार, नींद की आदतों और सामाजिक संबंधों पर नए सुराग मिल रहे हैं। दशकों से वैज्ञानिक हाथियों के रहस्यमयी व्यवहार को समझने की कोशिश करते रहे हैं। अब ‘ड्रोन’ जैसी - [विश्व में मोटापा का गहराता संकट : एक अरब से अधिक लोग हैं इसके शिकार, डब्ल्यूएचओ ने जारी की पहली मार्गदर्शिका](https://vaigyanikchetna.com/health/obesity-a-global-challenge-who-releases-first-guide-on-treatment/) - दयानिधि ग्लूकागन-लाइक पेप्टाइड-1(जीएलपी-1) दवाओं पर डब्ल्यूएचओ की नई मार्गदर्शिका मोटापे को लंबे समय की बीमारी मानते हुए उपचार, समान पहुंच व स्वस्थ जीवनशैली पर जोर देती है। दुनिया भर में तेजी से बढ़ रही मोटापे की समस्या अब एक गंभीर स्वास्थ्य संकट बन चुकी है। एक अनुमान के अनुसार दुनिया में एक अरब से अधिक - [कुपोषण का कहर : सावधान ! अवरुद्ध विकास हर साल निगल रही 10 लाख मासूम जिंदगियां, रिपोर्ट से हुआ खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/health/the-scourge-of-malnutrition-stunted-growth-is-claiming-the-lives-of-1-million-innocent-children-every-year/) - ललित मौर्या ग्लोबल बर्डन ऑफ डिजीज रिपोर्ट ने खुलासा किया है कि कुपोषण, ठिगनापन और कमजोरी मिलकर बच्चों की जान ले रहे हैं। यह समस्या उप-सहारा अफ्रीका और दक्षिण एशिया सबसे ज्यादा गंभीर है। इससे ज्यादा विडम्बना क्या होगी कि विकास के घोड़े पर सवार दुनिया में हर साल करीब 10 लाख बच्चे अपना पांचवा - [प्रदूषण, धूल-धुएं से हमारे फेफड़ों को सुरक्षित रख सकता है विटामिन सी : वैज्ञानिकों का दावा](https://vaigyanikchetna.com/health/scientists-claim-vitamin-c-can-protect-lungs-from-pollution-dust-and-smoke/) - ललित मौर्या स्टडी में सामने आया है कि विटामिन सी, प्रदूषण के महीन कणों पीएम 2.5 से होने वाली सूजन और कोशिकीय नुकसान को कम कर सकता है। हालांकि विशेषज्ञों ने इसे डॉक्टर की सलाह से लेने की सिफारिश की है। हर दिन हम जिस हवा में सांस ले रहे हैं, उसमें मौजूद प्रदूषण के - [सावधान ! रोजाना इस्तेमाल होने वाले प्लास्टिक के कारण मोटापा, बांझपन एवं अस्थमा का भारी खतरा](https://vaigyanikchetna.com/health/daily-use-of-plastic-increases-the-risk-of-obesity-infertility-and-asthma/) - दयानिधि प्लास्टिक के रसायन बच्चों की वृद्धि, मस्तिष्क विकास और प्रतिरक्षा प्रणाली पर बुरा असर डाल कर लंबे समय तक स्वास्थ्य समस्याएं पैदा कर सकते हैं। आज के आधुनिक जीवन में प्लास्टिक हमारे चारों तरफ है। यह हमारे भोजन के पैकेजिंग से लेकर खिलौनों, कॉस्मेटिक्स, पेपर रसीदों और घरेलू सामान तक हर जगह मौजूद है। - [पैकेज्ड खाद्य पदार्थों पर चेतावनी लेबल है बेहद जरूरी, भारत में पैक के सामने लेबलिंग का मुद्दा महत्वपूर्ण चरण में पहुंचा](https://vaigyanikchetna.com/खान-पान/warning-labels-needed-on-packaged-food-star-ratings-add-to-confusion/) - अमित खुराना एकल पोषक तत्व और प्रतीक-आधारित “चेतावनी” लेबल शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में आहार परिवर्तन की गति को धीमा करने में काफी मददगार साबित हो सकते हैं। पैकेज्ड खाद्य पदार्थों पर पैक के सामने लेबलिंग का मुद्दा भारत में एक महत्वपूर्ण चरण में पहुंच गया है। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई ) - [स्वास्थ्य ! आम एंटीसेप्टिक से बेहतर है लहसुन से बना हुआ माउथवॉश, अध्ययन से हुआ यह खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/health/garlic-mouthwash-better-than-regular-antiseptic-scientists/) - दयानिधि लहसुन का अर्क: प्राकृतिक एंटीसेप्टिक, क्लोरहेक्सिडिन का सुरक्षित विकल्प, मुंह के बैक्टीरिया और संक्रमण से लड़ने में प्रभावी। मुंह की सफाई और स्वास्थ्य बनाए रखना केवल दांतों को ब्रश करना ही काफी नहीं है। मुंह में बैक्टीरिया, वायरस और फंगस की गतिविधि को नियंत्रित करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। इसके लिए दांतों की - [बिहार के छह जिलों की महिलाओं के स्तन दूध में पाया गया यूरेनियम का उच्च स्तर, खतरे में है शिशुओं की सेहत](https://vaigyanikchetna.com/health/bihar-uranium-found-in-breast-milk-in-six-districts-serious-threat-to-infant-health/) - मोहम्मद इमरान खान वैज्ञानिकों ने भोजपुर, समस्तीपुर, बेगूसराय, खगड़िया, कटिहार और नालंदा जिलों में स्तनपान कराने वाली माताओं के नमूने लिए और उनका विश्लेषण किया। बिहार के छह जिलों की महिलाओं के स्तनदूध में यूरेनियम के उच्च स्तर पाए गए हैं, जो शिशुओं के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरे का संकेत है। यह जानकारी एक - [सावधान ! शराब - तम्बाकू से भी बदतर है जंक फूड, अध्ययन से हुआ यह अहम खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/खान-पान/junk-food-is-worse-than-alcohol-and-tobacco/) - शगुन इंजीनियर किए गए अत्यधिक स्वादिष्ट खाद्य पदार्थों की वैश्विक वृद्धि मोटापे की दरों में आई तेज बढ़ोतरी के समानांतर रही है। यह संबंध अब भारत जैसी विकासशील अर्थव्यवस्थाओं में भी स्पष्ट होता जा रहा है। लेज चिप्स का मशहूर नारा, “बेचा कैन्ट ईट जस्ट वन!” अर्थात “मैं शर्त लगाता हूं कि तुम सिर्फ एक - [आखिर क्या है नोवा विधि ? आइए जानें खाद्य पदार्थों के विभिन्न समूह और उनके प्रसंस्करण के स्तर](https://vaigyanikchetna.com/खान-पान/the-nova-method-learn-the-four-food-groups-and-their-processing-levels/) - शगुन नोवा वर्गीकरण प्रणाली खाद्य पदार्थों को प्रसंस्करण की प्रकृति, सीमा और उद्देश्य के आधार पर वर्गीकृत करती है। समूह 1: अप्रसंस्कृत या न्यूनतम प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ फल, सब्जियां, दालें और मांस जैसे संपूर्ण खाद्य पदार्थ, जो कच्चे रूप में उपलब्ध होते हैं। इनके अखाद्य या अवांछित भागों को हटाकर, सुखाकर, पाउडर बनाकर, जमाकर या - [स्वास्थ्य के लिए बेहद नुकसानदेह है अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड्स, बढ़ाता है मधुमेह और मोटापा जैसी बीमारियों का जोखिम](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/cover-story-ultra-processed-foods-the-health-hazards-hidden-behind-the-taste/) - शगुन यूएफपी यानी अल्ट्रा प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थ जानबूझकर इस तरह बनाए जाते हैं कि वे हमारे दिमाग को प्रभावित करके हमें बार-बार और जरूरत से ज्यादा खाने के लिए मजबूर करें। समोसे के बारे में सोचिए, जो एक लोकप्रिय तला हुआ स्नैक है और मैदा से बना होता है। इसमें आलू, मटर, नमक और मसाले - [सावधान! अब नशे का नया चेहरा बना चिप्स-कुकीज जिसने मूक महामारी का लिया रूप, घातक है इसकी लत](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/cover-story-chips-and-cookies-have-become-the-new-face-of-addiction/) - शगुन पिछले कुछ दशकों में बड़ी-बड़ी खाद्य कंपनियों ने स्वाद, भूख और आनंद जैसी हमारी स्वाभाविक प्रवृत्तियों का फायदा उठाकर ऐसे अत्यधिक प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद बनाए हैं, जिनके लिए हम बेकाबू हो जाते हैं। ये उत्पाद हमारे दिमाग पर इतना गहरा असर डालते हैं कि हमें बार-बार इन्हें खाने की इच्छा होती है। वैज्ञानिक भाषा - [सावधान ! बच्चों के खिलौने में पाए गए हानिकारक रासायनिक तत्व, जिससे बच्चों के स्वास्थ्य पर पड़ सकता है गंभीर असर](https://vaigyanikchetna.com/health/hazardous-chemicals-identified-in-childrens-toys/) - दयानिधि ब्राजील में बच्चों के खिलौनों में खतरनाक रसायन और भारी धातुओं की भारी मौजूदगी, स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा। हाल ही में ब्राजील में बच्चों के खिलौनों के सुरक्षा मुद्दों को लेकर एक चिंताजनक अध्ययन सामने आया है। साओ पाउलो विश्वविद्यालय (यूएसपी) और अल्फेनेस फेडरल यूनिवर्सिटी (यूएनआईएफएएल) के शोधकर्ताओं ने 70 प्लास्टिक से बने - [सावधान ! हर साल समय से पहले जन्म लेते हैं करीब डेढ़ करोड़ बच्चे, जिन्हें होती है मजबूत शुरुआत की जरूरत](https://vaigyanikchetna.com/health/15-million-premature-babies-are-born-annually-these-babies-need-a-strong-start/) - दयानिधि विश्व नवजात शिशु समयपूर्व जन्म दिवस: समय से पहले जन्मे बच्चों के लिए जीवन बचाने और मजबूत शुरुआत सुनिश्चित करना। हर साल दुनियाभर में लगभग 1.5 करोड़ बच्चे समय से पहले यानी गर्भावस्था के 37 हफ्ते पूरे होने से पहले जन्म लेते हैं। ऐसे बच्चों को जीवित रहने और स्वस्थ रहने के लिए सामान्य - [सर्दियों के दौरान दक्षिणी महासागर में 40 प्रतिशत अधिक सीओ2 का हो रहा है उत्सर्जन : नए शोध से हुआ खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/जलवायु/southern-ocean-emits-40-per-cent-more-co2-during-winter-study/) - दयानिधि नए शोध से पता चला कि अंटार्कटिका सर्दियों में दक्षिणी महासागर पहले अनुमान से कहीं अधिक कार्बन डाइऑक्साइड वायुमंडल में छोड़ता है। दक्षिणी महासागर पृथ्वी के जलवायु तंत्र में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह महासागर दुनिया में मानवजनित गतिविधियों से निकलने वाली बड़ी मात्रा में कार्बन डाइऑक्साइड (सीओ2) को अवशोषित करता है और - [देश के 46 प्रतिशत लोगों, खासकर 13 से 18 साल के युवाओं के शरीर में है विटामिन-डी की कमी : स्टडी से हुआ खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/health/health-vitamin-d-deficiency-in-46-percent-people-of-india-says-metropolis-healthcare-research-study/) - प्रिया गौतम पूरे भारत के लोगों के शरीर में प्रकृत‍ि से मुफ्त म‍िलने वाली विटाम‍िन की भारी कमी देखी गई है. मेट्रोपोल‍िस हेल्‍थकेयर की र‍िसर्च स्‍टडी बताती है क‍ि व‍िटाम‍िन डी की कमी खासतौर पर 13 से 18 साल के युवाओं में देखी जा रही है जो धूप नहीं ले पा रहे हैं. इसकी वजह - [सावधान ! चुपचाप बढ़ रहा है बच्चों का ब्लड प्रेशर, पिछले दो दशकों में दोगुना हुआ संकट : लैंसेट रिपोर्ट से हुआ खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/health/high-blood-pressure-in-children-nearly-doubled-in-the-last-20-years-lancet-report/) - ललित मौर्या दो दशकों में दोगुने हुए उच्च रक्तचाप के मामले, खतरे में 11 करोड़ से अधिक बच्चे, कई बच्चों में नियमित जांच में भी सामने नहीं आती बीमारी किताबों, खिलौनों के बीच जिन बच्चों को चिंता से कोसों दूर होना चाहिए, वे अब दिल और किडनी से जुड़ी बीमारियों के शुरुआती जोखिम में जी - [2 डिग्री सेल्सियस से अधिक तापमान वृद्धि की ओर बढ़ रही है दुनिया, संकट में हैं करोड़ों लोग : रिपोर्ट से हुआ खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/जलवायु/the-world-is-heading-towards-a-temperature-increase-of-more-than-2-degrees-celsius/) - कॉप 30 के प्रारंभ होने से ठीक पहले जलवायु परिवर्तन के खतरों पर स्टेट ऑफ द क्रायोस्फियर रिपोर्ट 2025 जारी की गई। वर्तमान में देशों द्वारा किए गए जलवायु संबंधी वादे और प्रतिबद्धताएं दुनिया को 2 डिग्री सेल्सियस से अधिक तापमान वृद्धि की ओर ले जा रही हैं। यह बढ़ोतरी करोड़ों लोगों के लिए विनाशकारी - [अस्थामा और सूजन संबंधी बीमारियों के असली कारण हो सकते हैं 'प्सूडो ल्यूकोट्राइन', नई खोज से हुआ खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/health/new-research-pseudo-leukotrienes-may-be-the-real-cause-of-asthma-and-inflammatory-diseases/) - दयानिधि नई खोज से अस्थमा, सूजन और तंत्रिका संबंधी बीमारियों के इलाज में नए विकल्प खुल सकते हैं, पारंपरिक उपचार पद्धतियां बदल सकती हैं। कई वर्षों से वैज्ञानिक इस बात को लेकर सहमत रहे हैं कि अस्थमा और उससे जुड़ी सांस की समस्याओं का मुख्य कारण ‘ल्यूकोट्राइन’ नामक सूजन पैदा करने वाले अणु हैं। यह - [सावधान ! वायु प्रदूषण के कारण देश के अन्य हिस्सों की तुलना में गंगा के मैदानी भाग के लोगों का कम हो रहा है जीवन](https://vaigyanikchetna.com/वायु/breathing-emergency-air-pollution-is-eroding-life-in-the-gangetic-plains/) - साइंस ऑफ द टोटल एनवायरनमेंट सीएसई की नई किताब "सांसों का आपातकाल" के दूसरे अध्याय में वायु प्रदूषण के कारण शिशुओं के सेहत पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों का विश्लेषण। अप्रैल 2022 में साइंस ऑफ द टोटल एनवायरनमेंट जर्नल में प्रकाशित अध्ययन से पता चलता है कि पीएम 2.5 और शिशु, नवजात और प्रसव के तुरंत - [सावधान : भूमि क्षरण से फसल उत्पादन में भारी गिरावट, 4.7 करोड़ बच्चे कुपोषित, एफएओ की रिपोर्ट से हुआ खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/कृषि/fao-report-land-degradation-leads-to-a-10-drop-in-crop-production/) - संयुक्त राष्ट्र के खाद्य और कृषि संगठन (एफएओ) की ताजा रिपोर्ट “द स्टेट ऑफ फूड एंड एग्रीकल्चर 2025” जारी की गई। लगभग 1.7 अरब लोग ऐसे क्षेत्रों में रहते हैं जहां मानवीय कारणों से भूमि के क्षरण के चलते फसलों की पैदावार घट रही है। यह एक व्यापक और मूक संकट है जो कृषि उत्पादकता - [सावधान ! प्रदूषित हवा से महिलाओं में बढ़ रहा है स्तन कैंसर का खतरा, एक नए अध्ययन से हुआ यह खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/health/breathing-poison-polluted-air-increases-the-risk-of-breast-cancer-in-women/) - ललित मौर्या एक अमेरिकी अध्ययन में खुलासा हुआ है कि वाहनों के धुएं और हवा में मौजूद सूक्ष्म कणों से स्तन कैंसर का जोखिम बढ़ सकता है। अमेरिकी महिलाओं पर किए एक नए अध्ययन से पता चला है कि जिन इलाकों की वायु गुणवत्ता खराब है, खासकर जहां वाहनों से निकलने वाला धुआं अधिक है, - [अंतरिक्ष तक पहुंचा धरती पर बढ़ते कार्बन डाइऑक्साइड का संकट, सैटेलाइट कक्ष को कर सकता है प्रभावित](https://vaigyanikchetna.com/जलवायु/the-growing-carbon-dioxide-crisis-on-earth-reaches-space/) - ललित मौर्या स्टडी से पता चला है कि बढ़ते कार्बन डाइऑक्साइड की वजह से ऊपरी वायुमंडल का ठंडा होना सैटेलाइट की कक्षा और रेडियो संचार को प्रभावित कर सकता है। धरती पर बढ़ते तापमान का असर अब केवल हमारे मौसम या समुद्र तक सीमित नहीं रहा, यह उससे आगे अंतरिक्ष तक पहुंच गया है। जापान - [सावधान ! गर्भ में मौजूद भ्रूण को भी बीमार बना रहा है वायु प्रदूषण, प्रजनन क्षमता को भी कर रहा है प्रभावित](https://vaigyanikchetna.com/health/respiratory-emergency-air-pollution-makes-the-fetus-in-the-womb-sick/) - विवेक मिश्रा प्रदूषण के कारण गर्भवती महिलाओं को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाती, जो भ्रूण के प्राकृतिक विकास को प्रभावित करती है। बच्चों के स्वास्थ्य पर वायु प्रदूषण का असर उनके गर्भधारण से पहले ही शुरू हो जाता है। पुरुष और महिला, दोनों की प्रजनन क्षमता पर बुरे असर से इसकी शुरुआत होती है। 1 - [भारत में टाइप 2 डायबिटीज के मरीजों में जीवनशैली में बदलाव से सुधार संभव : अध्ययन से हुआ यह खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/health/lifestyle-changes-can-improve-the-survival-of-type-2-diabetes-patients-in-india-study/) - दयानिधि भारत में टाइप-2 डायबिटीज: जीवनशैली बदलाव, पौधों पर आधारित आहार, व्यायाम और मानसिक परामर्श से सुधार संभव टाइप-2 डायबिटीज (टी2डी) एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या है जो भारत में तेजी से बढ़ रही है। वर्तमान में देश में लगभग 7.2 करोड़ लोग टाइप-2 डायबिटीज से प्रभावित हैं। इस बीमारी का इलाज केवल दवाओं तक सीमित - [लोक आस्था का महापर्व छठ की सबसे बड़ी खासियत है इसकी सामूहिकता,‌ श्रम संस्कृति एवं जलस्रोतों का संरक्षण](https://vaigyanikchetna.com/जल/chhath-mahaparv-a-festival-of-nature-losing-its-sense-of-community-and-connection-to-water/) - कुशाग्र राजेन्द्र छठ महापर्व बिहार, झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश से निकलकर आज वैश्विक लोकआस्था का पर्व बन चुका है; छठ करती स्त्री दिल्ली, मुंबई से लेकर जयपुर, भोपाल या सुदूर पूर्वोत्तर के किसी शहर यहाँ तक बेगूसराय से बोस्टन तक में भी दिखाई दे रही है। यह पर्व जहाँ एक ओर प्रकृति, जल, सूर्य - [जलवायु परिवर्तन के साथ गर्म होते समुद्रों में आक्सीजन की मात्रा घटने एवं मर्करी के बढ़ने का खतरा : स्टडी का निष्कर्ष](https://vaigyanikchetna.com/जलवायु/less-oxygen-more-poison-warming-oceans-are-increasing-mercury-risk/) - ललित मौर्या स्टडी से पता चला है कि जलवायु परिवर्तन के साथ-साथ समुद्र में ऑक्सीजन घटने से मिथाइलमर्करी का उत्पादन बढ़ रहा है, जो मछली और समुद्री भोजन को इंसानों के लिए जहरीला बना सकता है। एक नई स्टडी से पता चला है कि बढ़ते तापमान से समुद्रों में न्यूरोटॉक्सिन का खतरा बढ़ सकता है। - [व्यक्तिगत अनुभव से ही बदलती हैं व्यक्ति की जलवायु परिवर्तन संबंधी अवधारणा, शोध से हुआ यह खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/जलवायु/our-personal-experiences-shape-our-thinking-about-climate-change/) - दयानिधि बाढ़, सूखा और हीटवेव जैसी आपदाएं लोगों की सोच को बदल रही हैं, जलवायु परिवर्तन अब दूर की बात नहीं रही। आज दुनिया भर में बाढ़, सूखा, लू या हीटवेव और जंगलों में आग जैसी प्राकृतिक आपदाएं बढ़ती जा रही हैं। वैज्ञानिक इसे जलवायु परिवर्तन का परिणाम मानते हैं। लेकिन क्या आम लोग भी - [सावधान ! बिहार में किया जा रहा है एंटीबायोटिक दवाओं का अंधाधुंध इस्तेमाल, नई स्टडी से हुआ यह खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/health/indiscriminate-use-of-antibiotics-in-bihar-study-reveals-shocking-findings/) - सत्यम कुमार विशेषज्ञों का कहना है कि अगर बिहार ने जल्दी एएमआर नीति नहीं बनाई, तो यह सिर्फ राज्य के लिए ही नहीं, पूरे देश के लिए खतरा बन सकता है। पटना की तनुषी दुबे को कर्नाटक में ई. कोलाई संक्रमण के लिए 200 मिलीग्राम एंटीबायोटिक दी गई, लेकिन पटना में बिना टेस्ट के 500 - [कोलेस्ट्रॉल कम करने वाली दवाओं से घट सकता है डिमेंशिया का खतरा : एक अध्ययन से हुआ यह खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/health/new-hope-cholesterol-lowering-drugs-may-reduce-dementia-risk/) - ललित मौर्या अध्ययन में पाया गया है कि जिन लोगों में ऐसे जेनेटिक बदलाव होते हैं जो स्वाभाविक रूप से कोलेस्ट्रॉल का स्तर कम रखते हैं, उनमें डिमेंशिया का खतरा कम होता है। एक नए अध्ययन में सामने आया है कि खून में कोलेस्ट्रॉल का स्तर कम होने से डिमेंशिया का खतरा घट सकता है। - [बहुआयामी गरीबी के साथ जलवायु आपदाओं के साए में जी रहे हैं दुनिया के 88.7 करोड़ लोग, भीषण गर्मी सबसे बड़ी चुनौती](https://vaigyanikchetna.com/जलवायु/climate-crisis-887-million-people-face-the-double-whammy-of-climate-disasters-along-with-multidimensional-poverty/) - ललित मौर्या इन लोगों के सामने सबसे बड़ी चुनौती भीषण गर्मी है, जिससे 60.8 करोड़ लोग प्रभावित हैं, जबकि करीब 58 करोड़ लोग वायु प्रदूषण से त्रस्त हैं। वहीं 47 करोड़ पर बाढ़ जबकि 20.7 करोड़ लोगों पर सूखे का खतरा पसरा है। दुनिया में पहले ही हाशिए पर जीवन व्यतीत करने को मजबूर लोगों - [नई खोज : चीन के वैज्ञानिकों ने दुर्लभ बीमारी के कारण समय से पहले बुढ़ापे के बढ़ते प्रभाव को रोकना बनाया संभव](https://vaigyanikchetna.com/health/premature-aging-can-be-prevented-know-how-what-does-research-say/) - दयानिधि लाइसोसोम को सक्रिय कर बुढ़ापे (प्रोजेरिन) पर लगाम लगाने और कोशिकाओं की उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को धीमा करना संभव। हम सभी जानते हैं कि बुढ़ापा एक स्वाभाविक प्रक्रिया है। लेकिन कुछ बच्चों में यह प्रक्रिया बहुत जल्दी शुरू हो जाती है। इस दुर्लभ बीमारी को हचिंसन-गिलफोर्ड प्रोजेरिया सिंड्रोम (एचजीपीएस) कहा जाता है। इस - [सावधान ! धूम्रपान जितना ही खतरनाक है अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड, वे बढ़ा रहे हैं हृदय रोग व कैंसर का खतरा](https://vaigyanikchetna.com/health/ultra-processed-foods-are-as-dangerous-as-smoking-increasing-the-risk-of-heart-disease-and-cancer/) - दयानिधि अत्यधिक अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड का सेवन शरीर में सूजन बढ़ाकर हृदय रोग, कैंसर और अन्य गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ाता है। आज की आधुनिक जीवनशैली में सुविधाजनक और स्वादिष्ट खाने की चाह ने हमारी थाली में ऐसे खाद्य पदार्थों को जगह दे दी है, जो शरीर के लिए धीरे-धीरे जहर का काम कर रहे हैं। - [दुनिया की 40 फीसदी आबादी न्यूरोलॉजिकल बीमारियों से पीड़ित, विश्व स्वास्थ्य संगठन की नई रिपोर्ट से हुआ खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/health/दुनिया-की-40-फीसदी-आबादी-न्य/) - दयानिधि डब्ल्यूएचओ की नई रिपोर्ट में खुलासा : दिमागी बीमारियों से हर साल 1.1 करोड़ से अधिक मौतें हो जाती हैं, तंत्रिका संबंधी देखभाल पर तत्काल कार्रवाई की जरूरत विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने अपनी नई ग्लोबल स्टेटस रिपोर्ट ऑन न्यूरोलॉजी जारी करते हुए चेतावनी दी है कि अब दुनिया की लगभग 40 फीसदी आबादी - [सावधान ! यूरोप में तेजी से घट रहे हैं परागणकर्ता, विलुप्ति के कगार पर हैं तितलियों की 15 फीसदी प्रजातियां](https://vaigyanikchetna.com/जीव/mounting-risks-threaten-survival-of-wild-european-pollinators-iucn-red-list/) - ललित मौर्या आईयूसीएन रिपोर्ट में इस बात पर भी प्रकाश डाला गया है कि यूरोप में पाई जाने वाली जंगली मधुमक्खियों की करीब 10 फीसदी प्रजातियों पर विलुप्ति होने का खतरा मंडराने लगा है। देखा जाए तो यह आंकड़ा 2014 में दर्ज 77 प्रजातियों की तुलना में दोगुने से भी अधिक है। यूरोप में परागण - [चार महाद्वीपों की पक्षी प्रजातियां खतरे में करती हैं एक जैसी चेतावनी भरी पुकार, शोध से हुआ यह खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/जीव/the-first-steps-toward-human-language-a-new-glimpse-from-birds/) - दयानिधि शोध दिखाता है कि दूर-दराज की पक्षी प्रजातियां एक जैसी चेतावनी भरी पुकार सीखकर परजीवी पक्षियों से रक्षा करती हैं। पक्षियों की दुनिया में हाल ही में एक बेहद रोचक खोज हुई है, जिसने वैज्ञानिकों को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि इंसानी भाषा की शुरुआत कैसे हुई होगी। यह खोज बताती - [सावधान ! आज भी दुनिया में मानसिक बीमारियों से जूझ रहे हैं एक अरब से भी अधिक लोग, जरूरी है सामाजिक जागरूकता](https://vaigyanikchetna.com/health/world-mental-health-day-mental-health-a-fundamental-right/) - दयानिधि अभी एक दिन पूर्व ही दुनिया भर में विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस मनाया गया। उल्लेखनीय है कि हर साल 10 अक्टूबर को विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस मनाया जाता है। आज, दुनिया में एक अरब से अधिक लोग किसी न किसी मानसिक बीमारी से पीड़ित हैं। इसके बावजूद, समाज में मानसिक स्वास्थ्य को लेकर भ्रम, - [रुमेटॉइड अर्थराइटिस : दर्द शुरू होने से सालों पहले ही चुपचाप शुरू हो जाती है यह बीमारी, नई रिसर्च से हुआ यह खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/health/rheumatoid-arthritis-the-disease-begins-silently-years-before-the-pain-begins/) - दयानिधि रुमेटॉइड आर्थराइटिस केवल एक “जोड़ों की बीमारी” नहीं, बल्कि एक लंबी और जटिल इम्यून प्रक्रिया है जो चुपचाप शरीर में शुरू होती है। अब तक यह माना जाता रहा है कि रुमेटॉइड आर्थराइटिस तब शुरू होती है जब मरीज को जोड़ों में दर्द और सूजन महसूस होने लगती है। लेकिन हाल ही में हुई - [सावधान ! भारत में हर साल चिकनगुनिया की चपेट में आ सकते हैं करीब 51 लाख लोग : वैज्ञानिकों का दावा](https://vaigyanikchetna.com/health/scientists-claim-that-51-lakh-people-in-india-could-be-affected-by-chikungunya-every-year/) - ललित मौर्या वैज्ञानिकों के मुताबिक यदि बीमारी नए क्षेत्रों में फैलती है, तो यह खतरा वैश्विक स्तर पर 3.49 करोड़ लोगों को अपनी जद में ले सकता है। चिंता की बात है कि इनमें से 1.21 करोड़ लोग भारतीय होंगे। क्या आप जानते हैं कि भारत में हर साल 51 लाख लोग चिकनगुनिया की चपेट - [आइए जानें कि क्यों खास है क्वांटम फिजिक्स जिस पर मिला इस वर्ष का नोबेल पुरस्कार जिससे बढ़ गया इसका महत्व](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/explainer-what-is-quantum-physics-like-a-miracle-awarded-nobel-prize-why-its-importance-increased/) - संजय श्रीवास्तव क्वांटम फिजिक्स के बारे में कहा जा रहा है कि ये असंभव को संभव बनाने वाली विधा है, ऐसी विधा भी जो खुद साइंस की बहुत सी अवधारणों को पलट देती है, इसे साइंस में चमत्कार की तरह माना जा रहा. 2025 के भौतिकी के नोबेल पुरस्कार विजेता जॉन क्लार्क, मिशेल डेवोरेट और - [आर्टिफिशियल स्वीटनर्स का कड़वा सच : सावधान ! दिमाग पर असर डाल सकते हैं चीनी के कुछ विकल्प](https://vaigyanikchetna.com/health/the-harsh-truth-about-artificial-sweeteners-some-sugar-substitutes-may-impact-mental-health/) - ललित मौर्या रिसर्च से पता चला है कि कृत्रिम मिठास यानी आर्टिफिशियल स्वीटनर्स जिन्हें अक्सर चीनी का हेल्दी विकल्प समझकर रोजाना इस्तेमाल किया जाता है, वह धीरे-धीरे दिमाग को कमजोर कर सकते हैं। कृत्रिम मिठास यानी आर्टिफिशियल स्वीटनर्स जिन्हें अक्सर चीनी का हेल्दी विकल्प समझकर रोजाना इस्तेमाल किया जाता है, वह धीरे-धीरे हमारे दिमाग को - [सावधान ! दुनिया में बढ़ रहा है कैंसर का खतरा, 2050 तक तीन करोड़ मामले एवं 1.86 करोड़ मौतों का अंदेशा](https://vaigyanikchetna.com/health/the-risk-of-cancer-is-increasing-worldwide-30-million-cases-and-19-million-deaths-by-2050/) - ललित मौर्या अंतराष्ट्रीय जर्नल द लैंसेट में प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक कैंसर अब दुनिया में हृदय संबंधी रोगों के बाद मौत का दूसरा सबसे बड़ा कारण बन गया है। कैंसर एक ऐसी घातक बीमारी है, जो दुनिया भर में करोड़ों जिंदगियों को प्रभावित कर रही है। इस बारे में जारी एक नई रिपोर्ट से पता - [स्मृति शेष : बहुत याद आएंगी जेन गुडॉल जिन्होंने चिंपांजियों को भी अपना बनाना सिखाया](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/tribute-good-bye-jane-goodall-whose-discoveries-on-chimpanzees-always-admired-by-human-world/) - संजय श्रीवास्तव बचपन ने पापा ने उस बच्ची को खिलौने में एक चिंपैजी लाकर दिया. और फिर ऐसा लगा कि उसकी किस्मत वहीं से तय हो गई. डॉ. जेन गुडेल का 91 वर्ष की उम्र में कैलिफोर्निया में एक लेक्चर के लिए जाते समय मृत्यु हो गई. उन्हें चिंपैंजी रिसर्च के मामले में दुनिया में - [सावधान : व्हेल शार्क की आबादी पिछले 75 वर्षों में 50 फीसदी से अधिक घटी, संकट में है यह प्रजाति](https://vaigyanikchetna.com/जीव/60-per-cent-of-endangered-whale-sharks-in-indonesia-found-injured-by-human-activities/) - दयानिधि पारंपरिक मछली पकड़ने वाले प्लेटफार्म और नौकाओं से टकराकर घायल हो रहीं व्हेल शार्क, सरल बदलावों से बचाई जा सकती है इनकी जान। व्हेल शार्क दुनिया की सबसे बड़ी मछली है, जो शांत स्वभाव और विशाल आकार के लिए जानी जाती है। लेकिन आज यह प्रजाति संकट में है। इंटरनेशनल यूनियन फॉर कंजर्वेशन ऑफ - [सावधान : आर्कटिक में बर्फ का विस्तार इस साल के अपने न्यूनतम स्तर पर पहुंचा, स्थिति खतरनाक](https://vaigyanikchetna.com/जलवायु/is-the-steadily-decreasing-arctic-ice-a-sign-of-increasing-danger-what-does-nasa-data-say/) - ललित मौर्या 10 सितम्बर 2025 को आर्कटिक में जमा समुद्री बर्फ का विस्तार महज 46 लाख वर्ग किलोमीटर रह गया। रिकॉर्ड पर देखें तो यह दसवां मौका है जब आर्कटिक में जमा बर्फ इतनी कम दर्ज की गई। गर्मियों के अंत के साथ ही आर्कटिक में बर्फ का विस्तार इस साल के अपने न्यूनतम स्तर - [एसपीओ मिशन : सूरज के रहस्यों की गहराई में पहली बार झांकने की तैयारी, कई रहस्यों से उठेगा पर्दा](https://vaigyanikchetna.com/science/solar-polar-orbit-the-secret-of-the-suns-magnetic-cycle-will-be-revealed/) - दयानिधि सूर्य के ध्रुवीय क्षेत्रों से मिलने वाली जानकारी सौर चक्र, तेज सौर पवन और अंतरिक्ष मौसम को समझने में मदद करेगी। सूरज हमारे सौरमंडल का केंद्र, आज भी कई रहस्यों से भरा हुआ है। वैज्ञानिकों ने इसके सतह, वायुमंडल और चुंबकीय क्षेत्र के बारे में बहुत जानकारी हासिल की है, लेकिन अब तक ज्यादातर - [वैज्ञानिकों ने विकसित किया एक ऐसा जेल जो गठिया के दर्द को कर देगा जड़ से खत्म, मरीजों को मिलेगी दर्द से मुक्ति](https://vaigyanikchetna.com/health/revolutionary-discovery-scientists-have-created-a-gel-that-will-eliminate-arthritis-pain-completely/) - दयानिधि सूजन और पीएच बदलाव को पहचानने वाली नई स्मार्ट सामग्री से गठिया और अन्य बीमारियों का सटीक और सुरक्षित इलाज संभव। गठिया (आर्थराइटिस) एक आम लेकिन गंभीर बीमारी है, जिससे भारत ही नहीं, पूरी दुनिया में करोड़ों लोग पीड़ित हैं। यह बीमारी जोड़ों में सूजन और दर्द का कारण बनती है और समय के - [29 सितंबर, वर्ल्ड हार्ट डे : इसका उद्देश्य है हृदय रोगों के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाना, खान-पान पर दें विशेष ध्यान](https://vaigyanikchetna.com/health/world-heart-day-2025-include-these-things-in-your-diet-to-stay-away-from-heart-related-diseases-2025-09-28/) - शिखर बरनवाल हृदय संबंधी बीमारियां दुनियाभर में तेजी से बढ़ती जा रही हैं, अक्सर लोग इस बात को लेकर चिंतित रहते हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक हार्ट हेल्थ के लिए डाइट बहुत महत्वपूर्ण होता है। आइए इस लेख में इसी के बारे में जानते हैं। World Heart Day 2025: वर्ल्ड हार्ट डे हर साल 29 सितंबर - [सावधान ! हाइपरटेंशन से जूझ रहा है भारत, 21 करोड़ से अधिक वयस्क हैं इसका शिकार : WHO की रिपोर्ट से हुआ खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/health/over-210-million-adults-in-india-suffer-from-hypertension-and-over-170-million-have-uncontrolled-blood-pressure/) - ललित मौर्या चिंता की बात यह है कि भारत में महज 39 फीसदी मरीज ही जानते हैं कि वो इस समस्या से पीड़ित हैं, जबकि करीब 83 फीसदी यानी 17.3 करोड़ से ज्यादा लोगों का रक्तचाप नियंत्रित नहीं है। क्या आप जानते हैं कि भारत में 21 करोड़ से ज्यादा वयस्क (30 से 79 वर्ष) - [सावधान ! सांसों के साथ बच्चों की आंखों की रोशनी भी छीन रहा है प्रदूषण : वैज्ञानिकों ने किया यह खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/health/pollution-is-taking-away-childrens-eyesight-along-with-their-breath-scientists-make-a-big-revelation/) - ललित मौर्या अध्ययन में बड़ा खुलासा: स्क्रीन टाइम ही नहीं, वायु प्रदूषण भी है निकट दृष्टि दोष यानी मायोपिया का बड़ा कारण। साफ हवा सिर्फ सांसों के लिए ही नहीं बच्चों की आंखों की रोशनी के लिए भी बेहद जरूरी है। एक नए वैज्ञानिकों अध्ययन में सामने आया है कि वायु प्रदूषण बच्चों में मायोपिया - [न सिर्फ सामान्य सेहत के लिए बल्कि गंभीर बीमारियों से लड़ने में भी मददगार है यह किफायती पोषक तत्व : शोध](https://vaigyanikchetna.com/health/this-affordable-nutrient-isnt-just-for-your-eyes-its-also-helping-fight-cancer/) - दयानिधि शोध से यह स्पष्ट होता है कि संतुलित और पौष्टिक आहार न केवल सामान्य सेहत के लिए बल्कि गंभीर बीमारियों से लड़ने में भी मददगार है। एक नए शोध से पता चलता है कि जेक्सैंथिन, जो पारंपरिक रूप से आंखों के स्वास्थ्य के लिए जाना जाता है, यह कैंसर से लड़ने वाली प्रतिरक्षा प्रणाली - [हाइपरथाईमेसिया : एक 17 वर्षीय लड़की की असाधारण स्मृति क्षमता पर रिसर्च से खुले नए रास्ते, मिलेगी मदद](https://vaigyanikchetna.com/health/research-opens-new-avenues-for-understanding-memory-disorders-and-the-brains-extraordinary-abilities/) - दयानिधि आने वाले सालों में यह शोध न केवल स्मृति या याददास्त संबंधी बीमारियों को समझने में मदद करेगा बल्कि हमें यह भी बताएगा कि मानव मस्तिष्क की संभावनाएं कितनी अद्भुत हैं। हम सभी के जीवन में कई यादें होती हैं, कुछ मीठी, कुछ कड़वी, कुछ धुंधली और कुछ बेहद स्पष्ट। यह यादें ही हमारी - [सावधान : दर्द व बीमारियों को दोगुना कर सकता है अकेलापन, महिलाओं पर खतरा अधिक, अध्ययन से हुआ यह खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/health/loneliness-may-double-the-risk-of-physical-pain-study-finds/) - ललित मौर्या अध्ययन में पाया गया कि अकेलापन शारीरिक दर्द, मानसिक तनाव और बीमारियों के जोखिम को दोगुना कर देता है। कल्पना कीजिए - आप लोगों के बीच, परिवार और दोस्तों से घिरे हों, फिर भी भीतर कहीं खालीपन की गहरी पीड़ा महसूस हो। यह अकेलापन सिर्फ मन को नहीं कचोटता, बल्कि शरीर को भी - [दुनिया के 3.7 अरब लोग मुंह की बीमारियों से पीड़ित, उनके दिल-किडनी पर मंडराया खतरा, डॉक्टरों ने चेताया](https://vaigyanikchetna.com/health/health-billions-of-people-worldwide-are-suffering-from-oral-diseases-dental-problems-can-put-heart-brain-and-kidney-at-risk-iadr-doctors-warn/) - प्रिय गौतम आपके मुंह की बीमार‍ियां आपके हार्ट, किडनी और ब्रेन को नुकसान पहुंचा सकती हैं. इंडियन एसोसि‍एशन फॉर डेंटल रिसर्च के एक्‍सपर्ट्स ने बताया क‍ि ओरल ड‍िजीज जैसे दांत में कै‍व‍िटी, पायर‍िया, मसूड़ों में पनप रही बीमार‍ी खून के माध्‍यम से द‍िल और द‍िमाग तक पहुंच जाती है. आप कभी किसी से हाल-चाल पूछिए - [हर साल 90,000 माइक्रोप्लास्टिक कण निगल रहे बोतलबंद पानी पीने वाले लोग : नई रिपोर्ट से हुआ यह खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/health/the-harsh-truth-about-bottled-water-people-are-swallowing-up-to-90000-extra-particles-of-microplastic-every-year/) - ललित मौर्या रिसर्च से पता चला है कि अगर बोतलबंद पानी नियमित पिया जाए, तो हर साल माइक्रोप्लास्टिक और नैनोप्लास्टिक के हजारों कण सीधे शरीर में जमा हो सकते हैं। क्या आप जानते हैं कि औसतन हर व्यक्ति साल में 52,000 तक माइक्रोप्लास्टिक के कण निगल जाता है। इसका खुलासा कॉनकॉर्डिया विश्वविद्यालय से जुड़े शोधकर्ताओं - [सावधान : माइक्रोप्लास्टिक से हड्डियां हो रहीं हैं कमजोर तथा इससे रुक सकता है विकास ‌: नए शोध से हुआ खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/health/microplastics-weaken-bones-and-may-stunt-growth-shocking-research-reveals/) - दयानिधि नए शोध में कहा गया है कि माइक्रोप्लास्टिक हड्डियों की कोशिकाओं को कमजोर करके सूजन और हड्डी कमजोर करने जैसी समस्याएं पैदा करते हैं। दुनिया भर में प्लास्टिक का इस्तेमाल आज हर जगह हो रहा है। हमारी सांस लेने की हवा, पीने के पानी और भोजन जिसे हम खाते हैं, उनमें अब माइक्रोप्लास्टिक की - [तापमान में दो डिग्री की वृद्धि से कुपोषण की चपेट में होगी अफ्रीका की आधी आबादी : सीएसई की नई रिपोर्ट से हुआ खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/जलवायु/with-a-two-degree-rise-in-temperature-half-of-africas-population-will-be-vulnerable-to-malnutrition-cse-report/) - सीएसई ने अपनी नई रिपोर्ट ‘स्टेट ऑफ अफ्रीकाज एनवायरमेंट 2025' में 2050 तक अफ्रीका में कृषि पैदावार में भारी गिरावट की आशंका जताई है। दुनिया में बढ़ते तापमान के साथ जलवायु में आ रहा बदलाव अफ्रीका की खाद्य सुरक्षा के लिए खतरा बन चुका है। सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरमेंट (सीएसई) ने अपनी नई रिपोर्ट - [नई खोज : मंगलग्रह पर जीवन के संकेत मिले, नासा के पर्सिवियरेंस रोवर की खोजों से खुला अब नया रहस्य](https://vaigyanikchetna.com/uncategorized/signs-of-life-on-mars-discoveries-by-nasas-perseverance-rover-reveal-new-secrets/) - दयानिधि मंगल ग्रह पर जीवन की संभावना को लेकर वैज्ञानिक लंबे समय से खोजबीन कर रहे हैं। पृथ्वी से अरबों किलोमीटर दूर इस ग्रह पर कभी पानी बहता था, इसका प्रमाण पहले ही मिल चुका है। लेकिन अब एक नई खोज ने यह सवाल और मजबूत कर दिया है कि क्या कभी मंगल पर जीवन - [आईआईटी कानपुर के वैज्ञानिकों ने विकसित किया एक अनोखा बायोसेंसर, जो बताएगा शरीर पर दवाओं का असर](https://vaigyanikchetna.com/science/iit-kanpur-has-created-a-unique-biosensor-to-understand-the-effect-of-medicines-on-the-body/) - ललित मौर्या भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) कानपुर के शोधकर्ताओं ने एंटीबॉडी-आधारित एक अनोखा बायोसेंसर विकसित किया है, जो शरीर की कोशिकाओं में दवाओं के असर को रियल-टाइम में समझने में मदद करेगा। गौरतलब है कि यह सेंसर जीवित कोशिकाओं में जी-प्रोटीन कपल्ड रिसेप्टर्स (जीपीसीआर) से जुड़ी गतिविधियों को पकड़ सकता है। बता दें कि ये - [एचपीबी-डीपसीक लिक्विड बायोप्सी टेस्ट से सिर और गर्दन के कैंसर के लक्षणों का 10 साल पहले लगेगा पता](https://vaigyanikchetna.com/health/hpv-deepseq-head-and-neck-cancer-symptoms-can-be-detected-10-years-earlier/) - दयानिधि जर्नल ऑफ द नेशनल कैंसर इंस्टिट्यूट में प्रकाशित एक अध्ययन ने इस तकनीक को दुनिया के सामने रखा है। आज की तेज रफ्तार जिंदगी में कैंसर जैसी बीमारियां सबसे बड़ी चिंता का कारण बन रही हैं। खासतौर पर सिर और गर्दन के कैंसर के मामले हर साल बढ़ रहे हैं। अमेरिका में किए गए - [कुपोषण : सावधान ! मोटापे से त्रस्त है दुनिया का 18.8 करोड़ बच्चा, यानी हर दसवां बच्चा इसका शिकार](https://vaigyanikchetna.com/health/the-changing-face-of-malnutrition-every-tenth-child-is-suffering-from-obesity-unicef/) - ललित मौर्या दुनिया भर में फास्ट फूड और अल्ट्रा-प्रोसेस्ड खाने का बढ़ता चाव बच्चों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ कर रहा है। दुनिया भर के बच्चों के लिए कुपोषण एक बड़ी समस्या है। हालांकि अब इसके स्वरूप में तेजी से बदलाव आ रहा है, जहां पहले बच्चे खाने की कमी, नाटेपन, घटते वजन जैसी समस्याओं से - [15 साल से अधिक उम्र के करीब 44 प्रतिशत मधुमेह पीड़ितों को अपनी इस बीमारी का पता तक नहीं : वैश्विक रिपोर्ट](https://vaigyanikchetna.com/health/diabetes-is-a-hidden-epidemic-44-people-are-unaware-of-it/) - दयानिधि मधुमेह एक खामोश खतरा जो दिल, किडनी, आंखों और नसों को नुकसान पहुंचाता है। समय पर पहचान, जांच और जीवनशैली में बदलाव से जीवन सुरक्षित किया जा सकता है। लाखों लोग मधुमेह (डायबिटीज) से पीड़ित हैं उन्हें इस बात की भनक तक नहीं है। हाल ही में आई एक वैश्विक रिपोर्ट ने चौंकाने वाला - [टाइप --2 डायबिटीज है कैंसर, स्ट्रोक और गंभीर बीमारियों की छुपी हुई जड़, रिसर्च से हुआ यह खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/health/type-2-diabetes-the-hidden-root-of-cancer-stroke-and-serious-diseases/) - दयानिधि डायबिटीज यानी मधुमेह को अक्सर केवल “शुगर की बीमारी” समझ लिया जाता है, लेकिन हकीकत इससे कहीं गहरी है। खासतौर पर टाइप-2 डायबिटीज केवल खून में शर्करा के बढ़े स्तर तक सीमित नहीं रहती, बल्कि यह शरीर के लगभग हर अंग को प्रभावित कर सकती है। अगर इसे नियंत्रण में न रखा जाए, तो - [भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मद्रास तथा डेनिस वैज्ञानिकों ने की नई खोज, खोजा जीनों का 'स्विच' मैकेनिज्म](https://vaigyanikchetna.com/science/iit-madras-and-danish-scientists-discovered-the-switch-mechanism-of-genes/) - ललित मौर्या वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि यह अध्ययन कैंसर, डायबिटीज और न्यूरो-डिजेनेरेटिव जैसी जटिल बीमारियों को जड़ से समझने और उनके इलाज खोजने में मददगार साबित हो सकता है। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), मद्रास और डेनमार्क के वैज्ञानिकों ने एक नई खोज की है, जिससे यह समझा जा सका है कि कैसे दो या - [सावधान ! दर्द एवं बुखार में दी जाने वाली दवाइयां भी बढ़ा रही हैं रोगाणुरोधी प्रतिरोध : वैज्ञानिकों ने किया बड़ा खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/health/medicines-given-for-pain-and-fever-are-also-increasing-antimicrobial-resistance-scientists-make-a-big-revelation/) - ललित मौर्या अब तक यही माना जाता था कि ज्यादा एंटीबायोटिक्स लेने से रोगाणुरोधी प्रतिरोध विकसित होने का खतरा रहता है। पर रिसर्च का दावा है कि गैर एंटीबायोटिक दवाओं जैसे पेनकिलर्स भी रोगाणुरोधी प्रतिरोध की वजह बन सकते हैं। जब भी हमें दर्द या बुखार होता है, तो हम अक्सर बिना सोचे-समझे पैरासिटामोल या - [सावधान ! भारत में सिर्फ शहर ही नहीं गांव भी कैंसर की चपेट में, हर एक लाख में औसत 93 पुरुष एवं 84 महिलाओं को कैंसर](https://vaigyanikchetna.com/health/in-areas-with-more-than-50-rural-population-an-average-of-76-men-and-67-women-out-of-every-1-lakh-suffer-from-cancer/) - विवेक मिश्रा यह देश के 43 कैंसर रजिस्ट्री में से चयनित 30 रजिस्ट्री केंद्रों, जहां 50 फीसदी से ज्यादा ग्रामीण आबादी है उसका परिणाम है, यह दर्शाता है कि सिर्फ शहर नहीं गांव भी कैंसर की चपेट में हैं। कैंसर अब सिर्फ शहरों की बीमारी नहीं रह गया है। देशभर के 43 कैंसर रजिस्ट्री केंद्रों - [दुनिया में मानसिक बीमारियों से जूझ रहे हैं एक अरब से भी अधिक लोग : WHO की नई रिपोर्ट से हुआ खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/health/more-than-one-billion-people-in-the-world-are-suffering-from-mental-illnesses-who/) - दयानिधि डिप्रेशन और चिंता की वजह से हर साल दुनिया की अर्थव्यवस्था को लगभग एक ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर का नुकसान केवल कामकाजी क्षमता घटने से होता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की नई रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया भर में एक अरब से अधिक लोग मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं से पीड़ित हैं। इनमें सबसे आम हैं – - [राष्ट्रीय पोषण सप्ताह : भारत में चिंता का विषय है मोटापा और मधुमेह जैसी बीमारियां, बड़ी संख्या में लोग हैं इसके शिकार](https://vaigyanikchetna.com/health/national-nutrition-week-there-is-still-a-long-way-to-go-towards-improving-maternal-and-child-health/) - दयानिधि भारत में मोटापा और मधुमेह जैसी बीमारियों की स्थिति भी चिंता का विषय है। रिपोर्ट के अनुसार, 6.2 फीसदी महिलाएं मोटापे की शिकार हैं, जबकि 3.5 फीसदी पुरुष मोटापे से जूझ रहे हैं। भारत में हर साल एक से सात सितंबर तक राष्ट्रीय पोषण सप्ताह मनाया जाता है। इस साल की थीम “बेहतर जीवन - [इंसान की भावनाओं और मनोदशा पर भी पड़ रहा है वैश्विक तापमान में लगातार हो रही वृद्धि का असर : रिसर्च से हुआ खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/जलवायु/sensitivities-are-decreasing-with-increasing-temperature-climate-change-is-affecting-not-only-the-body-but-also-the-mind/) - ललित मौर्या रिसर्च में यह भी सामने आया है कि आर्थिक रूप से कमजोर देशों में गर्मी का मानसिक असर समृद्ध देशों की तुलना में करीब तीन गुणा ज्यादा होता है. जब धरती-आसमान तपते हैं, तो इंसानी संवेदनाएं ठंडी पड़ जाती हैं। यह किसी फिल्म का डायलॉग नहीं बल्कि मौजूदा समय की एक कड़वी सच्चाई - [आंखों के आंसू सिर्फ दुख व्यक्त करने का नहीं, इलाज का भी है अहम जरिया, लैब टेस्ट के बाद वैज्ञानिकों ने किया खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/health-tears-power-revealed-in-lab-test-benefits-of-emotional-tears-in-new-research-medicine-how-prepared-from-every-drops/) - रविशंकर सिंह आंख से गिरने वाले आंसू को लेकर आया चौंकाने वाला लैब विश्लेषण. सिर्फ भावनाएं नहीं, आंसू में छिपा है सेहत का राज! वैज्ञानिकों ने बताया इसका अनोखा बायोलॉजिकल इस्तेमाल. आंसू सिर्फ दुख का नहीं, इलाज का जरिया भी हुआ बड़ा खुलासा. हम सभी कभी न कभी रोते हैं. दुख में, खुशी में, दर्द - [पुस्तक चर्चा - 'फिल्टर बबल'.. : जानें कि कैसे इंटरनेट और सोशल मीडिया हमारी सोच को कर रहे हैं सीमाओं में कैद](https://vaigyanikchetna.com/science/filter-bubble-how-the-internet-and-social-media-are-limiting-our-thinking/) - अरुण कुमार गोंड "दी फिल्टर बबल: व्हाट द इंटरनेट इज हाइडिंग फ्रॉम यू" किताब में बताया गया है कि किस तरह इंटरनेट के सर्च इंजन और एल्गोरिद्म हमें धीरे-धीरे ऐसे दायरे में कैद कर देते हैं।आज हम ऐसे दौर में जी रहे हैं जहां गूगल, यूट्यूब, इंस्टाग्राम और अन्य सोशल-मीडिया प्लेटफॉर्म केवल मनोरंजन का साधन - [रोजाना सिर्फ एक कटोरी सब्जी से 26 फीसदी तक घट सकता है कोलन कैंसर का खतरा : वैज्ञानिकों ने किया खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/health/eating-a-bowl-of-vegetables-every-day-can-reduce-the-risk-of-colon-cancer-by-26-percent/) - दयानिधि वैज्ञानिकों का कहना है कि अगर हम रोजाना केवल 40 से 60 ग्राम क्रूसीफेरस सब्जियां (जैसे ब्रोकोली, फूलगोभी, पत्ता गोभी और ब्रसेल्स स्प्राउट्स) खाने से कोलन कैंसर का खतरा लगभग 20 से 26 फीसदी तक कम हो सकता है। कोलन कैंसर (कोलोरेक्टल कैंसर) आज दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ने वाली बीमारियों में से - [सावधान ! रक्त वाहिकाओं को समय से पहले बूढ़ा बना रहा है कोरोना, इससे महिलाएं होती हैं अधिक प्रभावित](https://vaigyanikchetna.com/health/covid-infection-ages-blood-vessels-especially-in-women-study/) - ललित मौर्या रिसर्च से पता चला है कि कोविड का हल्का संक्रमण भी खासकर महिलाओं में रक्त वाहिकाओं की उम्र को पांच साल तक बढ़ा सकता है। कोरोना एक ऐसी महामारी जिसने मानवता को अंदर से झकझोर दिया। दुनिया का शायद ही कोई ऐसा देश हो जिसने इसका कोप न झेला हो। वैज्ञानिकों के लिए - [आईआईटी, मद्रास के वैज्ञानिकों ने विकसित किया एक नया और सस्ता देसी डिवाइस, जो पकड़ेगा बैक्टीरिया की कमजोरी](https://vaigyanikchetna.com/health/a-new-indigenous-device-will-detect-the-weakness-of-bacteria-will-tell-which-antibiotic-is-effective-in-three-hours/) - ललित मौर्या आईआईटी मद्रास के वैज्ञानिकों द्वारा बनाए नए डिवाइस ‘ε-µD’ से एंटीबायोटिक रेसिस्टेंस की पहचान आसान होगी, साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में भी समय पर बेहतर इलाज मिल सकेगा। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), मद्रास से जुड़े वैज्ञानिकों ने एक नया और किफायती माइक्रोफ्लुइडिक डिवाइस विकसित किया है, जो तेजी से पता लगा सकता है - [युवाओं में बढ़ती सेल्फी की लत का पड़ रहा मानसिक स्वास्थ्य पर असर, बढ़ रही है कॉस्मेटिक सर्जरी की मांग : स्टडी](https://vaigyanikchetna.com/health/impact-on-mental-health-the-desire-for-a-perfect-selfie-has-increased-the-demand-for-cosmetic-surgery/) - दयानिधि भारत पहले ही सेल्फी से जुड़ी मौतों में दुनिया में सबसे आगे है। अब यह आदत न केवल शारीरिक खतरे बढ़ा रही है, बल्कि धीरे-धीरे पहचान, मानसिक स्वास्थ्य और सौंदर्य की सोच को भी बदल रही है। आज के दौर में सेल्फी लेना एक आम आदत बन चुका है। खासकर युवाओं में यह इतना - [दूषित मिड-डे-मील खाने वाले हर बच्चे को दें 25 हजार रुपए का मुआवजा, छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट का निर्देश](https://vaigyanikchetna.com/health/chhattisgarh-hc-directs-state-to-pay-rs-25000-each-to-students-who-ate-mid-day-meal-soiled-by-a-dog/) - ललित मौर्या यह मामला बच्चों की सुरक्षा और अधिकारों की रक्षा की दिशा में एक अहम पहल है, जो सरकारी स्कूलों में मिड-डे मील की गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक मजबूत संदेश देता है। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से बालोदबाजार-भाटापारा जिले के लच्छनपुर सरकारी मिडिल स्कूल के उन सभी बच्चों को 25,000 - [दुनिया में हर साल 120 करोड़ बच्चे करते हैं किसी न किसी रूप में शारीरिक दण्ड का सामना : विश्व स्वास्थ्य संगठन](https://vaigyanikchetna.com/health/120-crore-children-face-some-form-of-corporal-punishment-every-year-who-report/) - ललित मौर्या भारत सहित दुनिया के करोड़ों घरों में बच्चों पर हाथ उठाना आज भी बेहद आम है, लेकिन विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की ताजा रिपोर्ट बताती है कि ये शारीरिक दंड देने की प्रथा दरअसल एक वैश्विक संकट बन चुकी है। इससे कोई फायदा तो नहीं होता अलबत्ता बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास - [जलवायु परिवर्तन के साथ तितलियों समेत कई प्रजातियां अपने पुराने इलाके से हटकर नए इलाकों में फैल रही हैं।](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/despite-rising-temperatures-winters-are-stopping-butterflies-from-spreading-northwards/) - दयानिधि दुनिया भर में जलवायु परिवर्तन का असर केवल इंसानों पर ही नहीं, बल्कि पक्षियों, तितलियों और अन्य छोटे-बड़े जीवों पर भी पड़ रहा है। तापमान बढ़ने के साथ कई प्रजातियां अपने पुराने इलाकों से हटकर नए इलाकों की ओर फैल रही हैं। खासकर यूरोप में वैज्ञानिकों ने पाया है कि कई तितली प्रजातियां अब - [विकास की अंधी दौड़ का सच : पिछले 220 सालों में करीब 60 प्रतिशत तक कमजोर हुआ है प्रकृति से इंसान का रिश्ता](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/deteriorating-relationship-with-nature-the-relationship-has-weakened-by-60-percent-in-220-years/) - ललित मौर्या दुनिया में विकास की अंधी दौड़ ने एक ऐसी होड़ शुरू कर दी है जिससे इंसान प्रकृति से दूर होता जा रहा है। आज शहर बस कंक्रीट का जंगल रह गए हैं, स्थिति यह है कि जो लोग कभी पक्षियों की चहचहाहट से जागा करते थे, वो अब मोबाइल के अलार्म से उठते - [रिसर्च : घर का काम करने एवं पैदल चलने वालों को नहीं होता है कैंसर का खतरा, विशेषज्ञों ने किया खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/health-cancer-risk-decreases-with-more-physical-activity-like-doing-household-works-and-walking-aiims-oncology-doctor-says-ws/) - प्रिया गौतम दौड़-दौड़ कर घरेलू काम करने, कई-कई किलोमीटर पैदल चलने को अगर आप बोझ, तनाव और परेशानी मानते हैं तो अब से ऐसा सोचना भी बंद कर दीजिए. आपको शायद पता भी नहीं है कि रोजाना की यही जीतोड़ मेहनत आपको तमाम तरह के खतरनाक कैंसरों से बचा रही है. ऐसा हम नहीं कह - [अध्ययन : लगातार पतले होते जा रहे हैं दुनिया के 99 प्रतिशत ग्लेशियर, अंतर्राष्ट्रीय शोधकर्ताओं ने किया इसका खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/जलवायु/99-percent-of-the-worlds-glaciers-are-thinning-every-year-the-speed-of-erosion-is-as-big-as-a-credit-card/) - दयानिधि अंतरराष्ट्रीय शोधकर्ताओं द्वारा किए गए एक नए अध्ययन ने दुनिया भर में ग्लेशियरों के कटाव की दरों का नई सटीकता के साथ अनुमान लगाया है। अधिकांश ग्लेशियरों का कटाव अलास्का, कनाडाई आर्कटिक, ग्रीनलैंड, स्कैंडिनेविया और दक्षिणी एंडीज जैसे आधुनिक बर्फ आवरण वाले इलाकों में होता है। ग्लेशियरों ने गहरी घाटियों को तराशा है, मिट्टी के - [देश में हर साल फेंके जाते हैं 39 लाख टन पुराने कपड़े, IIT दिल्ली ने तैयार की नई तकनीक, अब डेनिम कचरे से बनेंगे स्टाइलिश कपड़े](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/stylish-clothes-will-be-made-from-denim-waste-iit-delhi-has-developed-a-new-technology/) - ललित मौर्या भारत में हर साल करीब 39 लाख टन पुराने कपड़े कचरे में फेंके जा रहे हैं। हालांकि इनमें से महज 4 फीसदी ही रीसायकल हो पाते हैं। मतलब की बाकी कपड़े कचरे के रूप में लैंडफिल में पहुंच रहे हैं, जहां वे सड़ने-गलने में कई साल लगा देते हैं। ये वही जींस-टीशर्ट हैं, - [भारत ने खत्म की नवीकरणीय ऊर्जा की केंद्रीय कीमत प्रणाली, सौर और हाइब्रिड पूल किए भंग, चिंता दूर करने का प्रयास](https://vaigyanikchetna.com/ऊर्जा/india-ends-central-pricing-system-for-renewable-energy-dissolves-solar-and-hybrid-pools/) - विकास शर्मा भारत ने नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं के लिए एक केंद्रीय मूल्य निर्धारण प्रणाली को समाप्त कर दिया है, क्योंकि डेवलपर्स ने चिंता जताई थी कि यह बिजली सौदों को धीमा कर रही है। ऊर्जा मंत्रालय ने एक अगस्त, 2025 को यह आदेश जारी किया है। ऊर्जा मंत्रालय ने कहा कि वह सौर ऊर्जा केंद्रीय - [दुनिया में हर साल हेपेटाइटिस सी वायरस के साथ जन्म लेते हैं 74 हजार से अधिक बच्चे : नए अध्ययन से हुआ यह खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/health/74000-children-are-born-with-hepatitis-c-virus-every-year-in-the-world/) - ललित मौर्या क्या आप जानते हैं कि दुनिया में हर साल हजारों बच्चे एक ऐसे खतरनाक वायरस के साथ जन्म लेते हैं, जो उनके स्वास्थ्य को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकता है? ब्रिटेन की यूनिवर्सिटी ऑफ ब्रिस्टल से जुड़े शोधकर्ताओं ने अपने नए अध्ययन में खुलासा किया है कि दुनिया में हर साल करीब - [समुद्र में फैली रहस्यमय बीमारी, समुद्री जीवों को खत्म कर रहा खतरनाक बैक्टीरिया : वैज्ञानिकों ने किया खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/rest-of-world-mysterious-epidemic-swept-across-the-pacific-coast-of-north-americ/) - दीप राज दीपक साल 2013 में उत्तरी अमेरिका के प्रशांत तट पर एक अजीब बीमारी फैली. इसने लाखों सी स्टार्स की जान ले ली. अब यह बीमारी मेक्सिको से अलास्का तक फैल गई है. इसकी वजह से इस क्षेत्र में पाए जाने वाले समुद्री जीव कुछ ही दिनों में एक चिपचिपे पदार्थ में बदल गए. इस बीमारी को “सी स्टार वेस्टिंग डिजीज” (एसएसडब्ल्यूडी) कहा गया, - [महंगी होती थाली : आखिर जुलाई माह में क्यों बढ़ा खाने का खर्च, एफएओ ने बताई इसकी खास वजह](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/effect-on-the-plate-why-did-the-cost-of-food-increase-in-july-fao-told-the-reason/) - ललित मौर्या जब थाली महंगी होती है, तो यह संकट महज रसोई तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इसका असर न केवल आम आदमी की जेब पर बल्कि दुनिया की अर्थव्यवस्था पर भी पड़ता है। ऐसा ही कुछ जुलाई 2025 में भी देखने को मिला जब खाने-पीने की चीजों के दाम एक बार फिर चढ़ गए। - [प्लास्टिक अब सिर्फ पर्यावरण ही नहीं, बल्कि मानव स्वास्थ्य और अर्थव्यवस्था के लिए बना गंभीर चुनौती : लैंसेट की रिपोर्ट से हुआ खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/प्रदूषण/plastics-crisis-costs-trillions-kills-hundreds-of-thousands-each-year-lancet-report/) - ललित मौर्या दुनिया में बढ़ता प्लास्टिक अब सिर्फ पर्यावरण ही नहीं, बल्कि मानव स्वास्थ्य और अर्थव्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती बन चुका है। मेडिकल जर्नल द लैंसेट में प्रकाशित एक नई रिपोर्ट के हवाले से पता चला है कि प्लास्टिक के कारण हर साल स्वास्थ्य क्षेत्र पर 1.5 ट्रिलियन डॉलर से अधिक का बोझ पड़ - [हेपिटाइटिस-बी : हर दिन तीन हजार मौतें, 25.6 करोड़ संक्रमित लेकिन महज 3 फीसदी का ही हो पा रहा है इलाज](https://vaigyanikchetna.com/health/hepatitis-b-3000-deaths-every-day-26-crore-infected-yet-only-three-percent-are-getting-treatment/) - ललित मौर्या हेपेटाइटिस बी एक ऐसी खामोश बीमारी है जो शरीर के भीतर लिवर को सालों तक धीरे-धीरे खराब करती है। यह बीमारी कितनी गंभीर है इसी बात से समझा जा सकता है कि वैश्विक स्तर पर यह बीमारी हर दिन 3,000 लोगों की मौत की वजह बन रही है। मतलब की हर मिनट दो - [रोचक : आसमानी बिजली की एक अद्भुत और रोमांचक घटना, अमेरिका में दर्ज की गई 829 किलोमीटर लंबी चमक](https://vaigyanikchetna.com/आपदा/lightning-created-a-new-world-record-829-kilometer-long-lightning-was-recorded/) - ललित मौर्या आकाश में कौंधती बिजली सिर्फ डर या रोमांच का विषय नहीं, बल्कि विज्ञान के लिए भी रहस्य और शोध का विषय रही है। क्या आपने कभी कल्पना की है कि बिजली की एक चमक कितनी दूर तक फैल सकती है या कितनी देर तक आसमान में दिख सकती है? हाल के कुछ वर्षों - [रोजाना 7 हजार कदम चलने से घट सकता है गंभीर बीमारियों से असमय मौत का खतरा : लैंसेट की एक रिपोर्ट से हुआ खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/health/walking-7000-steps-a-day-may-reduce-risk-of-death-from-cancer-lancet/) - ललित मौर्या अंतराष्ट्रीय जर्नल लैंसेट पब्लिक हेल्थ में प्रकाशित एक अध्ययन में वैज्ञानिकों ने 57 अलग-अलग अध्ययनों से 160,000 से अधिक लोगों के आंकड़ों को जुटाया और उसका विश्लेषण किया है, जिन पर दो दशकों तक नजर रखी गई थी। रिसर्च में पाया गया कि रोजाना 7,000 कदम चलना भी आपके दिल, दिमाग और शरीर को गंभीर - [क्या आप जानते हैं कि हवा में घुला जहर बन रहा है भूलने की बीमारी का कारण ? : लैंसेट की नई रिपोर्ट से हुआ यह खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/health/poison-mixed-in-air-is-becoming-the-cause-of-dementia-big-revelation-in-lancet/) - ललित मौर्या क्या आप जानते हैं कि आपकी सांसों के साथ शरीर में जाता जहर धीमे-धीमे आपके दिमाग को खोखला कर रहा है? एक नए वैश्विक अध्ययन से पता चला है कि लम्बे समय तक प्रदूषित हवा में सांस लेने से डिमेंशिया यानी मनोभ्रंश जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी से जुड़े - [छात्रों की आत्महत्या पर सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला : मानसिक स्वास्थ्य के लिए 15 महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश लागू](https://vaigyanikchetna.com/health/supreme-court-lays-down-15-guidelines-to-curb-student-suicides-and-improve-mental-health/) - ललित मौर्या देश में छात्र आत्महत्या के बढ़ते मामलों पर चिंता जताते हुए सुप्रीम कोर्ट ने 25 जुलाई 2025 को एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए 15 अहम दिशा-निर्देश जारी किए हैं। बेंच ने कहा कि ये दिशा-निर्देश तब तक - [28 जुलाई, वर्ल्ड हेपेटाइटिस डे : बेहद जरूरी है लिवर से जुड़ी हेपेटाइटिस जैसी जानलेवा बीमारी को लेकर जन जागरुकता](https://vaigyanikchetna.com/हेपेटाइटिस/health-world-hepatitis-day-2025-raise-awareness-for-liver-protection-know-symptoms-prevention-tips-as-per-doctor-prakhar-garg/) - ललित मौर्या वर्ल्ड हेपेटाइटिस डे हर साल 28 जुलाई को मनाया जाता है. इसका उद्देश्य लिवर से जुड़े हेपेटाइटिस इंफेक्शन के बारे में जागरुकता फैलाना है. 2025 की थीम है "चलो इसे तोड़ दें". दुनियाभर में हर साल 28 जुलाई को वर्ल्ड हेपेटाइटिस डे मनाया जाता है. इसका उद्देश्य लिवर से जुड़े हेपेटाइटिस इंफेक्शन के - [आईआईटी गुवाहाटी के वैज्ञानिकों ने तैयार किया प्लास्टिक का देसी विकल्प, अब बांस से बनेगा कार का डैशबोर्ड](https://vaigyanikchetna.com/science/car-dashboard-will-be-made-from-bamboo-iit-guwahati-has-prepared-a-local-eco-friendly-alternative-to-plastic/) - ललित मौर्या इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (आईआईटी) गुवाहाटी के वैज्ञानिकों ने एक ऐसा पर्यावरण-अनुकूल मैटेरियल विकसित किया है, जो पारंपरिक प्लास्टिक की जगह ले सकता है। यह नया कंपोजिट पूर्वोत्तर भारत में उगने वाली बांस की एक प्रजाति ‘बंबूसा टुल्डा’ और और बायोडिग्रेडेबल पॉलिमर से मिलकर तैयार किया गया है। गौरतलब है कि बांस की - [माइक्रोप्लास्टिक से फेफड़ों की कोशिकाओं में हो सकते हैं कैंसर जैसे घातक बदलाव : नए अध्ययन से हुआ यह खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/health/microplastics-can-cause-malignant-changes-in-lung-cells/) - ललित मौर्या हमारी रोजमर्रा की जिंदगी में इस्तेमाल होने वाला प्लास्टिक अब सांसों के जरिए फेफड़ों तक पहुंच रहा है, चिंता की बात है कि प्लास्टिक के ये महीन कण धीरे-धीरे फेफड़ों में कैंसर जैसी बीमारियों के बीज बो रहे हैं। मेडिकल यूनिवर्सिटी ऑफ विएना के वैज्ञानिकों ने अपने नए अध्ययन में खुलासा किया है - [सिंगापुर के वैज्ञानिकों ने विकसित किया एक नया एआई उपकरण जो सटीकता के साथ लगाएगा लिवर कैंसर का अनुमान](https://vaigyanikchetna.com/health/ai-tool-can-predict-liver-cancer-with-an-accuracy-of-82-percent/) - दयानिधि सिंगापुर के वैज्ञानिकों ने एक नया कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) उपकरण विकसित किया है जो सटीकता से पता लगा सकता है कि उपचार के बाद लिवर कैंसर फिर से होगा या नहीं। ट्यूमर इम्यून माइक्रोएन्वायरमेंट स्पैटियल (टाइम्स) स्कोर नामक यह उपकरण सिंगापुर जनरल हॉस्पिटल (एसजीएच) और एजेंसी फॉर साइंस, टेक्नोलॉजी एंड रिसर्च (एस्टार) के इंस्टीट्यूट ऑफ मॉलिक्यूलर एंड - [मौन महामारी को आमंत्रित कर रहा है अधिक मात्रा में नमक का सेवन : आयोडीन वाला नमक बनाम लो-सोडियम नमक का सच](https://vaigyanikchetna.com/health/the-silent-epidemic-iodised-salt-vs-low-sodium-salt/) - राहुल पटेल नमक के संदर्भ में अनेक विमर्श हैं. यह गांधी के नमक सत्याग्रह से लेकर बाजारवाद के दौर में इसके 'नमक हो तो टाटा का’ जैसे विज्ञापनों से देखा-समझा जा सकता है। साहित्य में देखें तो मुंशी प्रेमचंद की ‘नमक का दारोगा’, नमक को सरकारी सेवा में सत्यनिष्ठा से जोड़कर देखने का एक बड़ा - [सावधान ! आने वाले दशकों में करोड़ों लोगों को बीमार कर सकता है गैस्ट्रिक कैंसर यानी पेट का कैंसर](https://vaigyanikchetna.com/health/scientists-warn-that-16-million-people-may-suffer-from-gastric-cancer-in-the-coming-years/) - ललित मौर्या जब दुनिया जलवायु परिवर्तन और कोरोना की बात कर रही है, इस बीच एक और खतरा चुपचाप हमारे पेट में पनप रहा है, जो आने वाले दशकों में करोड़ों को बीमार कर सकता है। यह बीमारी है गैस्ट्रिक कैंसर, जिसे पेट का कैंसर भी कहा जाता है। अंतराष्ट्रीय जर्नल नेचर मेडिसिन में प्रकाशित - [क्या आप जानते हैं कि बदलते समय के साथ बदल रहा है मनुष्य की पसलियों का आकार ? : नए स्टडी से हुआ यह खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/जलवायु/climate-change-is-behind-the-change-in-the-size-of-human-ribs/) - दयानिधि एक नए अध्ययन के मुताबिक, ओत्जी द आइसमैन का 5,000 साल से भी अधिक समय पहले आल्प्स पर्वत श्रृंखला पार करते समय दुर्भाग्यपूर्ण तरीके से अंत हो गया था, लेकिन उनके संरक्षित अवशेषों की बदौलत, वे आज भी हमें अपने अतीत को समझने में मदद कर रहे हैं। ममी की पसलियों का फिर से - [गंभीर अनुवांशिक बीमारियों से बचाने के लिए तीन माता-पिता के सहयोग से कराया गया बच्चों का जन्म, अब तक 8 बच्चे जन्मे](https://vaigyanikchetna.com/science/health-revolution-in-science-babies-born-from-3-mother-father-after-ivf-using-dna-from-three-people-explained/) - लक्ष्मी नारायण इसे आप यकीन करें या न करें, 3 माता-पिता के संयोग से एक शिशु का जन्म हुआ है. ऐसा संभव हुआ है विज्ञान के कारण. इसे आप विज्ञान का करिश्मा कह सकते हैं. पर कैसे, आइए पूरी प्रक्रिया आपको समझाते हैं. विज्ञान ने ऐसा करिश्मा किया है जिस पर आपको यकीन करना मुश्किल - [हर साल जरूरी सर्जरी से वंचित रह जाते हैं दुनिया के करीब 16 करोड़ मरीज : नए अध्ययन से हुआ यह खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/health/over-160-million-patients-each-year-unable-to-receive-surgery/) - ललित मौर्या नए वैश्विक अध्ययन में सामने आया है कि जरूरी सर्जरी आज भी दुनिया की एक बड़ी आबादी की पहुंच से बाहर है। खासकर कमजोर और मध्यम आय वाले देशों में लोगों के लिए यह एक कड़वी सच्चाई है। रिपोर्ट से पता चला है कि हर साल दुनिया भर में 16 करोड़ लोग जरूरी - [18 जुलाई, नेल्सन मंडेला अंतर्राष्ट्रीय दिवस : बेहद जरूरी है उनकी महत्वपूर्ण, प्रेरणादायक विरासत को आगे बढ़ाना](https://vaigyanikchetna.com/मंडेला/nelson-mandela-international-day-from-apartheid-to-environment-mandelas-inspiring-legacy/) - दयानिधि मंडेला का जीवन समानता, न्याय और सुलह के लिए समर्पित था, उनकी विरासत दुनिया भर के लोगों को प्रेरित करती रहती है। नेल्सन मंडेला दक्षिण अफ्रीका के पहले अश्वेत राष्ट्रपति थे और रंगभेद के कट्टर विरोधी थे। लोकतंत्र, समानता और शिक्षा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता इस दिन के लिए अहम है। तोड़ना और नष्ट - [आपके स्मार्टफोन का सेंसर बता सकता है आपकी दिमागी हालत व स्वास्थ्य की स्थिति : एक नए शोध से हुआ यह खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/health/smartphone-sensors-can-reveal-your-mental-health-by-tracking-your-everyday-behavior/) - दयानिधि एक नए शोध से पता चलता है कि स्मार्टफोन लोगों की नींद, कदमों और हृदय गति पर नजर रखकर उन्हें स्वस्थ रहने में मदद कर सकते हैं, लेकिन वे मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं को सामने लाने में भी मदद कर सकते हैं। एक अध्ययन में, मिशिगन विश्वविद्यालय, मिनेसोटा विश्वविद्यालय और पिट्सबर्ग विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने - [2024 में दुनिया के एक करोड़ 40 लाख बच्चों को एक भी टीका नहीं लगा : WHO एवं यूनिसेफ की रिपोर्ट से हुआ खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/health/in-2024-14-million-children-did-not-receive-a-single-vaccine-united-nations/) - दयानिधि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) और यूनिसेफ द्वारा आज जारी किए गए नए राष्ट्रीय टीकाकरण कवरेज के आंकड़ों के अनुसार, पिछले साल एक करोड़ 40 लाख से ज्यादा बच्चों को एक भी टीका नहीं लगा। इन असुरक्षित बच्चों में से आधे से अधिक नौ देशों में रहते हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि 2024 - [बुरुंडी जीता, ट्रेकोमा हारा, 20 वर्षों के अथक प्रयास से दूर हुआ अंधेरा : विश्व स्वास्थ्य संगठन की महत्वपूर्ण घोषणा](https://vaigyanikchetna.com/health/trachoma-lost-burundi-won-20-years-of-relentless-effort-dispels-darkness/) - ललित मौर्या बुरुंडी ने 20 वर्षों के अथक प्रयास के बाद ट्रेकोमा पर जीत हासिल कर ली है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने आज बुरुंडी को आधिकारिक तौर पर ट्रेकोमा मुक्त घोषित कर दिया है। इस उपलब्धि के साथ ही बुरुंडी अफ्रीका के उन आठ देशों में शामिल हो गया है, जो इस खतरनाक बीमारी से उबर - [सावधान ! वायु प्रदूषण से डीएनए में हो रहे हैं घातक जेनेटिक बदलाव : एक अध्ययन से हुआ यह खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/health/air-pollution-may-cause-lung-cancer-in-non-smokers-study/) - ललित मौर्या एक नए अंतरराष्ट्रीय अध्ययन में सामने आया है कि वायु प्रदूषण, कुछ पारंपरिक हर्बल दवाएं, और पर्यावरणीय कारक भी ऐसे जेनेटिक बदलाव यानी म्यूटेशन पैदा कर सकते हैं, जो फेफड़ों के कैंसर की वजह बन सकते हैं। अक्सर कहा जाता है कि फेफड़ों का कैंसर धूम्रपान करने वालों की बीमारी है और ये - [सावधान ! लम्बे समय तक वायु प्रदूषण के संपर्क में रहने से बढ़ सकता है हृदय रोग का खतरा : रिसर्च से हुआ खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/वायु/long-term-exposure-to-air-pollution-may-increase-the-risk-of-myocardial-fibrosis-study/) - ललित मौर्या क्या आप जानते हैं कि आपके आसपास की हवा में घुला जहर आपके दिल की मांसपेशियों को नुकसान पहुंचा रहा है? एक नए अध्ययन से पता चला है कि लंबे समय तक वायु प्रदूषण का संपर्क दिल को कमजोर बना सकता है। जर्नल 'रेडियोलॉजी' में प्रकाशित इस अध्ययन के मुताबिक हवा में घुले - [पृथ्वी अब पहले से तेज घूम रही है जिससे दिन छोटे हो रहे हैं, 2029 तक समय की गणना में बदलाव संभव : वैज्ञानिक](https://vaigyanikchetna.com/science/earth-rotation-speed-faster-days-shorter-than-usual-science-explained/) - दीपक वर्मा वैज्ञानिकों ने चौंकाने वाली खोज की है कि पृथ्वी तेजी से घूम रही है, जिससे दिन कुछ मिलीसेकंड छोटे हो रहे हैं. 2025 में 5 अगस्त को दिन 1.51 मिलीसेकंड छोटा होगा. यदि यह रुझान जारी रहा, तो 2029 में पहली बार 'लीप सेकंड' घटाना पड़ सकता है. धरती की चाल अब सामान्य - [अंतरिक्ष में जाने वाले अंतरिक्ष यात्रियों के मस्तिष्क एवं स्वास्थ्य पर पड़ता है गहरा असर : नए शोध से हुआ खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/health/how-space-travel-affects-the-human-body-what-does-nasa-say/) - दयानिधि एक नए शोध के अनुसार, वैज्ञानिकों ने अंतरिक्ष यात्रा से जुड़ी 150 से ज़्यादा स्टडीज़ को इकट्ठा कर उनका विश्लेषण किया। इस शोध में पाया गया कि अंतरिक्ष में जाने वाले अंतरिक्ष यात्रियों के मस्तिष्क और स्वास्थ्य पर गहरा असर पड़ता है और उनके शरीर के अंदर मौजूद "आंत माइक्रोबायोम" (यानि पेट में मौजूद - [सावधान ! निपाह वायरस ने केरल के तीन जिलों में पसारे अपने पांव, विश्व स्वास्थ्य संगठन ने काफी पहले दी थी चेतावनी](https://vaigyanikchetna.com/health/nipah-virus-spreads-in-three-districts-of-kerala-how-dangerous-is-this-virus/) - दयानिधि केरल के तीन जिलों में निपाह वायरस ने पैर पसार लिए हैं, इन जिलों में कोझीकोड, मलप्पुरम और पलक्कड़ शामिल हैं। केरल के स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, पलक्कड़ और मलप्पुरम जिलों में निपाह वायरस के दो मामले सामने आए हैं। जबकि कोझीकोड मेडिकल कॉलेज अस्पताल और मलप्पुरम में किए गए शुरुआती जांच में निपाह के पॉजिटिव - [महिलाओं में सोचने, समझने और याद रखने की क्षमता को कमजोर कर रहा है रसोई घर से उठता हुआ धुआं : अध्ययन](https://vaigyanikchetna.com/वायु/smoke-from-the-kitchen-can-weaken-the-thinking-ability-of-women-iisc-study/) - ललित मौर्या रसोई में उठता धुआं सिर्फ आंखों में ही नहीं चुभता, यह महिलाओं के दिमाग को भी कमजोर कर रहा है। इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस (आईआईएससी), बेंगलुरु के वैज्ञानिकों ने खुलासा किया है कि लकड़ी, गोबर या कोयले जैसे प्रदूषण पैदा करने वाले ईंधन से जलते चूल्हों से निकला जहरीला धुआं, धीरे-धीरे महिलाओं की - [शोध : वैज्ञानिकों ने मनुष्य के प्रजनन द्रव्य में माइक्रोप्लास्टिक की मौजूदगी का किया खुलासा, स्थिति चिंताजनक](https://vaigyanikchetna.com/प्रदूषण/worrying-scientists-have-detected-the-presence-of-microplastics-in-human-reproductive-fluid/) - दयानिधि यूरोपीय सोसायटी ऑफ ह्यूमन रिप्रोडक्शन एंड एम्ब्रियोलॉजी की 41वीं वार्षिक बैठक में प्रस्तुत शोध के दौरान, वैज्ञानिकों ने मानव प्रजनन द्रव्यों में माइक्रोप्लास्टिक की उपस्थिति का खुलासा किया। हाल ही में हुई इस खोज ने प्रजनन क्षमता और प्रजनन स्वास्थ्य के लिए इसके खतरों के बारे में चिंताएं बढ़ा दी हैं। प्रेस विज्ञप्ति के - [अकेलेपन से जूझ रहा है दुनिया का हर छठा इंसान, हर घंटे हो रही है 100 लोगों की मौत : WHO की रिपोर्ट](https://vaigyanikchetna.com/health/lonely-life-in-the-age-of-connectivity-every-sixth-person-is-struggling-with-loneliness-who-report/) - ललित मौर्या आज हम ऐसे दौर में जी रहे हैं जहां सोशल मीडिया, मैसेजिंग ऐप्स, वीडियो कॉल्स और वर्चुअल मीटिंग्स ने जुड़ाव के अनगिनत रास्ते खोल दिए हैं। एक क्लिक पर दोस्त मिलते हैं, देश-दुनिया की खबर मिलती है, और स्क्रीन पर हजारों मुस्कराते चेहरे दिखते हैं। लेकिन इसी तकनीकी रोशनी के पीछे एक साया - [प्रकाश प्रदूषण : आइए जानें कि पेड़ -पौधों की दुनिया को कैसे बदल रहा है शहरों में बढ़ता कृत्रिम प्रकाश](https://vaigyanikchetna.com/पर्यावरण/poison-dissolved-in-the-oceans-increasing-acidity-has-crossed-the-safe-limit-marine-life-in-danger/) - ललित मौर्या क्या आप जानते हैं शहरों में बढ़ते कृत्रिम प्रकाश के चलते पेड़ों की हरियाली का समय ग्रामीण क्षेत्रों की तुलना में तीन सप्ताह तक लंबा हो गया है। देखा जाए तो शहर अब मात्र इंसानों के बनाए ढांचे नहीं रहे। अब वहां बढ़ती गर्मी और कृत्रिम प्रकाश पेड़-पौधों की बढ़वार के तरीके को - [दुनिया भर में संघर्ष की कीमत चुका रहे हैं 1 अरब से भी अधिक लोग, वे बच भी गए तब भी उन्हें झेलनी होंगी भारी मुसीबतें](https://vaigyanikchetna.com/अर्थव्यवस्था/संघर्ष-की-कीमत-चुका-रहे-है/) - जो लोग लंबे समय से हिंसक संघर्ष वाले इलाकों में रह रहे हैं, अगर वे जीवित बच भी गए तो उनके लिए यह संघर्ष जीवन भर के लिए भारी ठिनाइयों का कारण बन जाता है। यह बात विश्व बैंक की 27 जून को जारी रिपोर्ट में कही गई है। इस रिपोर्ट में संघर्ष-प्रभावित क्षेत्रों की - [मंगल ग्रह पर पानी के सुराग मिले, नासा के क्यूरियोसिटी रोवर की महत्वपूर्ण उपलब्धि, शुरू हुई खुदाई](https://vaigyanikchetna.com/science/nasas-curiosity-rover-finds-traces-of-water-on-mars/) - दयानिधि नासा के क्यूरियोसिटी रोवर ने मंगल ग्रह पर रहस्यमय इलाके में खुदाई शुरू कर दी है, जो ग्रह के पानी के इतिहास के बारे में नई जानकारी सामने ला सकता है। छोटे आकार का यह रोबोट हाल ही में "बॉक्सवर्क" नामक क्षेत्र में पहुंचा है जो मंगल पर 12 मील तक फैली हुई एक - [हर साल करीब 3.5 करोड़ लोगों को बीमार बना रही है चिकनगुनिया, नई वैक्सीन से इसे रोकना संभव : स्टडी](https://vaigyanikchetna.com/health/vaccine-can-prevent-58-lakh-cases-of-chikungunya-every-year-study-reveals/) - ललित मौर्या चिकनगुनिया मच्छरों से फैलने वाली बीमारी है, जो हर साल करीब 3.5 करोड़ लोगों को बीमार बना रही है। लेकिन अब नई वैक्सीन इस गंभीर संकट के खिलाफ मानवता की बड़ी उम्मीद बनकर उभरी हैं। जर्नल ‘नेचर मेडिसिन’ में प्रकाशित एक नए वैश्विक अध्ययन में दावा किया गया है कि अगर हाल में विकसित वैक्सीन - [सावधान ! ग्लोबल वार्मिंग से इस सदी में दोगुने हो सकते हैं नींद संबंधी विकार 'स्लीप एपनिया' के मामले : शोध से हुआ खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/जलवायु/caution-global-warming-may-double-the-number-of-sleep-apnea-cases-this-century/) - ललित मौर्या फ्लिंडर्स यूनिवर्सिटी की एक स्टडी में पाया गया है कि ग्लोबल वार्मिंग के चलते 'स्लीप एपनिया' के मामले बढ़कर दोगुने हो सकते हैं, जिससे स्वास्थ्य और अर्थव्यवस्था पर गंभीर असर पड़ेगा। बेहतर नींद न केवल शरीर बल्कि मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी बेहद जरूरी है। हालांकि जिस तरह से वैश्विक तापमान में इजाफा - [एचआईवी रोकथाम : एफडीए ने 'लेनाकापाविर' टीके को दी मंजूरी : डब्ल्यूएचओ ने किया स्वागत](https://vaigyanikchetna.com/health/hiv-prevention-fda-approves-lenacapavir-vaccine/) - दयानिधि हाल ही में गिलियड साइंसेज की ओर से साल में दो बार दिए जाने वाले इंजेक्शन लेनाकापाविर को वयस्कों और किशोरों में एचआईवी की रोकथाम के लिए अमेरिका की खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) से मंजूरी मिल गई है। इस तरह कुछ एचआईवी संक्रमणों के इलाज के लिए इस्तेमाल की जाने वाली दवा का - [भारतीय वैज्ञानिकों ने बनाया अगली पीढ़ी का विशेष किफायती नया उपकरण : अब पानी से बनेगी ग्रीन हाइड्रोजन](https://vaigyanikchetna.com/विकास/green-hydrogen-will-be-made-from-water-indian-scientists-have-developed-the-next-generation-device/) - ललित मौर्या यह उपकरण बेहद किफायती होने के साथ-साथ, स्केलेबल भी है। इसकी एक बड़ी खासियत यह है कि इसके लिए महंगे संसाधनों या जीवाश्म ईंधन की जरूरत नहीं है। भारतीय वैज्ञानिकों ने एक ऐसा अगली पीढ़ी की डिवाइस तैयार किया है जो सिर्फ सौर ऊर्जा से पानी के अणुओं को तोड़कर ग्रीन हाइड्रोजन में - [आईआईटी गुवाहाटी ने खोजी सस्ती, नई तकनीक जिससे अब महज 20 रूपए में साफ होगा 1,000 लीटर पानी](https://vaigyanikchetna.com/जल/1000-liters-of-water-will-be-cleaned-in-20-rupees-iit-guwahati-has-discovered-a-cheap-and-effective-technology/) - ललित मौर्या भारत के कई राज्यों में आज भी बड़ी आबादी ऐसे पानी पर निर्भर हैं जिसमें फ्लोराइड और आयरन का स्तर बेहद अधिक है। इस जहरीले पानी को सेवन हड्डियों और शरीर के लिए बेहद नुकसानदायक होता है। लेकिन अब आईआईटी गुवाहाटी के वैज्ञानिकों ने इस समस्या का समाधान खोज लिया है। आईआईटी गुवाहाटी - [21 जून, अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस : व्यक्ति के शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण है योग](https://vaigyanikchetna.com/योग/international-yoga-day-2025-origin-celebration-guinness-records-you-must-know/) - भास्वती सेनगुप्ता योग एक मन और शरीर का अभ्यास है जिसकी उत्पत्ति हजारों साल पहले प्राचीन भारत में हुई थी। इसमें कई शारीरिक मुद्राएँ (आसन), साँस लेने की विधियाँ (प्राणायाम), ध्यान और नैतिक उपदेश शामिल हैं जिनका उद्देश्य किसी व्यक्ति के शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक स्पष्टता, भावनात्मक संतुलन और आध्यात्मिक कल्याण को बेहतर बनाना है। 'योग' - [20 जून, विश्व शरणार्थी दिवस : विभिन्न देशों के बीच जारी युद्ध के मौजूदा दौर में काफी बढ़ गई है इस दिवस की अहमियत](https://vaigyanikchetna.com/शरणार्थी/world-refugee-day-2025-history-and-theme/) - प्रीति सिंह परिहार हर साल 20 जून को विश्व शरणार्थी दिवस मनाया जाता है. अंतरराष्ट्रीय संबंधों में उथल-पुथल और कई देशों के बीच जारी युद्ध के इस दौर में विश्व शरणार्थी दिवस की अहमियत और बढ़ गयी है. इस दिन दुनिया उन लोगों की शक्ति और साहस का सम्मान करती है, जिन्हें संघर्ष या उत्पीड़न - [एशिया-प्रशांत क्षेत्र में हर साल करीब 1.4 करोड़ नवजात शिशुओं का नहीं हो पाता है पंजीकरण : संयुक्त राष्ट्र की नई रिपोर्ट से हुआ खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/health/14-million-newborns-in-asia-pacific-remain-unregistered/) - संयुक्त राष्ट्र एशिया और प्रशांत के आर्थिक एवं सामाजिक आयोग की नई रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है। संयुक्त राष्ट्र की एक नई रिपोर्ट में कहा गया है कि एशिया प्रशांत क्षेत्र में हर साल लगभग 1.4 करोड़ नवजात शिशु अपनी पहली सालगिरह तक पंजीकृत नहीं हो पाते हैं। हालांकि रिपोर्ट में कहा गया - [15 जून, फादर्स डे आज : अपने बच्चों का भविष्य सुंदर बनाने एवं उसे आगे बढ़ाने में हर पिता की होती है महत्वपूर्ण भूमिका](https://vaigyanikchetna.com/फादर्स/fathers-day-2025-every-father-gives-children-knowledge-of-these-things-related-to-life-lessons-religion/) - फादर्स डे 15 जून, 2025 रविवार को मनाया जाएगा. पिता अपने बच्चों के हीरो होते हैं. बच्चे का भविष्य सुंदर बनाने के लिए वो हर काम करते हैं जिससे बच्चे का जीवन सुधर सके और वो एक अच्छा इंसान बन सके. जानते हैं वो जीवन के कौन-से मंत्र हैं जो हर पिता अपने बच्चों को - [14 जून, रक्तदाताओं के सम्मान को समर्पित विश्व रक्तदाता दिवस 2025 की थीम है -"रक्त दें, उम्मीद दें, साथ मिलकर जीवन बचाएं'](https://vaigyanikchetna.com/रक्त/world-blood-donor-day-date-history-significance-and-why-this-day-is-celebrated-2025-06-11/) - हर साल 14 जून को विश्व रक्तदाता दिवस मनाया जाता है। यह दिन उन सभी रक्तदाताओं के सम्मान में समर्पित होता है जो बिना किसी स्वार्थ के दूसरों की जान बचाने के लिए अपना खून दान करते हैं। रक्त हमारे शरीर के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। यह जीवित रहने, अंगों को ऑक्सीजन पहुंचाने और संक्रमण - [2025 में दुनिया ने झेला इतिहास का अब तक का दूसरा सबसे गर्म मई, ग्रीनलैंड में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी](https://vaigyanikchetna.com/जलवायु/month-of-may-was-worlds-second-warmest-on-record-copernicus-climate-change-service/) - ललित मौर्या दुनिया ने 2025 में इतिहास के अब तक के दूसरे सबसे गर्म मई का सामना किया, जब बढ़ता तापमान औद्योगिक काल (1850-1900) से पहले की तुलना में 1.4 डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज किया गया। बता दें कि मई 2024 अब तक का सबसे गर्म मई था। यह जानकारी यूरोपियन यूनियन की कॉपर्निकस क्लाइमेट - [देश के अधिकांश इलाकों में गर्मी अपने चरम पर, 14 जून को मध्य एवं पूर्वी भारत में दस्तक दे सकता है मॉनसून : मौसम विभाग](https://vaigyanikchetna.com/मौसम/no-relief-from-hot-winds-in-the-north-monsoon-may-hit-central-and-eastern-india-on-june-14/) - दयानिधि देश के अधिकतर इलाकों में गर्मी अपने चरम पर है, गर्म उमस भरा मौसम रात को भी पीछा नहीं छोड़ रहा है। मौसम विभाग के द्वारा 11 जून, 2025 को जारी ताजा अपडेट में कहा गया है कि अगले चार दिनों तक उत्तर-पश्चिम भारत में बढ़ते अधिकतम तापमान से कोई राहत मिलने के आसार - [भारत में 2018 से 2023 के बीच पशुओं से इंसानों में फैले थे 8 फीसदी संक्रामक रोग : आइसीएमआर की स्डटी से हुआ खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/health/eight-percent-of-infectious-diseases-spread-from-animals-to-humans-between-2018-and-2023-icmr-study/) - ललित मौर्या अध्ययन से पता चला है कि इस दौरान देश के पूर्वोत्तर हिस्से में सबसे ज्यादा 35.8 फीसदी प्रकोप सामने आए हैं। स्टीट्यूट ऑफ एपिडेमियोलॉजी द्वारा किए एक नए विश्लेषण में सामने आई है। इस विश्लेषण के नतीजे अंतराष्ट्रीय जर्नल द लांसेट रीजनल हेल्थ साउथईस्ट एशिया में प्रकाशित हुए हैं। गौरतलब है कि अपने इस अध्ययन - [वायु प्रदूषण से निबटने के लिए वैज्ञानिकों ने तैयार की नई तकनीक, नए शोध से खुला नया रास्ता](https://vaigyanikchetna.com/वायु/scientists-new-way-to-combat-air-pollution-by-controlling-the-movement-of-toxic-particles/) - दयानिधि एक नए शोध में कहा गया है कि गाड़ियों से निकलने वाले धुएं, जंगल की आग के धुएं और वायु प्रदूषण के अन्य रूपों में पाए जाने वाले सूक्ष्म कण स्ट्रोक, हृदय रोग और कैंसर जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जुड़े हैं, लेकिन यह अनुमान लगाना बेहद कठिन है कि वे कैसे आगे बढ़ते - [7 जून, विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस : बेहद जरूरी है सुरक्षित और पोषणयुक्त भोजन के महत्व के प्रति वैश्विक जागरूकता](https://vaigyanikchetna.com/खाद्य/world-food-safety-day-2025-emphasizes-science-in-action-to-ensure-safer-food/) - विकास विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस प्रतिवर्ष 7 जून को मनाया जाता है। इसका उद्देश्य सुरक्षित और पोषणयुक्त भोजन के महत्व के प्रति वैश्विक जागरूकता फैलाना है, ताकि लोगों का स्वास्थ्य बेहतर हो और अर्थव्यवस्थाएँ अधिक मजबूत बन सकें। 2025 में इस दिवस की थीम है — “Food Safety: Science in Action” (खाद्य सुरक्षा: क्रियाशील विज्ञान)। - [सन् 2040 तक 'भस्मासुर' बन जाएंगे रोबोट, इंसान होगा AI का गुलाम : अनेक वैज्ञानिकों ने की भविष्यवाणी](https://vaigyanikchetna.com/ai/america-prediction-2040-scientists-claim-artificial-intelligence-taking-over-human-mind-it-will-be-boss-soon/) - प्रतीति पांडे तकनीकी विशेषज्ञों और वैज्ञानिकों ने भविष्यवाणी की है कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) अगले कुछ वर्षों में इंसानों से भी ज्यादा बुद्धिमान हो सकती है. खुद इंसानों की ही बनाई हुई एक टेक्नोलॉजी अब उसके लिए भस्मासुर का काम करने को तैयार है. प्रकृति ने जब ये दुनिया बनाई, तो इंसान को सबसे खास - [2050 में लोग मरेंगे नहीं, बस 'अपलोड' हो जाएंगे, बदल जाएगी दुनिया की तस्वीर : वैज्ञानिकों की भविष्यवाणी](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/america-predictions-scientist-claims-humans-will-live-forever-by-2050-due-to-android-bodies-and-ai-minds-science-news/) - प्रतीति पांडे जब से ये दुनिया बनी है, इंसान एक ही चीज़ हासिल करना चाहता है - अमरता. अब विज्ञान की बदौलत दावा किया जा रहा है कि अगले 25 साल बाद इंसान शारीरिक तौर पर न सही लेकिन वर्चुअल वर्ल्ड में हमेशा ज़िंदा रह सकेगा. इंसान हमेशा से अमर होना चाहता था. पौराणिक युग - [विश्व में तेजी से बढ़ रहे बुजुर्गों में त्वचा कैंसर के मामले, पुरुषों पर इसका दो गुना ज्यादा असर : नए अध्ययन से हुआ खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/health/skin-cancer-is-increasing-rapidly-among-the-elderly-men-are-twice-as-affected/) - ललित मौर्या वैश्विक स्तर पर बुजुर्गों में त्वचा संबंधी कैंसर के मामले बढ़ रहे हैं। इस बात का खुलासा चीन की चोंगकिंग मेडिकल यूनिवर्सिटी से जुड़े शोधकर्ताओं ने अपने नए अध्ययन में किया है। शोधकर्ताओं के मुताबिक यह वृद्धि मुख्य रूप से उम्रदराज लोगों की बढ़ती संख्या के कारण हो रही है। खास बात यह - [आहार संस्कृति : भारत के शुष्क आदिवासी क्षेत्रों में पाए जाने वाले पौष्टिक तेंदु फल को मुख्यधारा में लाने की जरूरत](https://vaigyanikchetna.com/खान-पान/know-everything-about-tendu-fruit/) - विभा वार्ष्णेय भारत के शुष्क क्षेत्रों में रहने वाले आदिवासियों के जीवन में तेंदू पेड़ का अलग ही महत्व है। इसके पत्तों का इस्तेमाल बीड़ी बनाने में होता है, जिससे समुदाय की आजीविका को संबल मिलता है। पर साथ ही गर्मी का मौसम शुरू होते ही इसमें पीले-भूरे रंग का फल पकने लगता है, जिसे - [धरती पर बढ़ते तापमान के कारण खतरे में हैं पक्षी, सरीसृप, स्तनधारियों की स्थिति है और भी बदतर, नए शोध से हुआ खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/जलवायु/extreme-heat-records-will-continue-to-be-broken-for-the-next-five-years-report-2/) - दयानिधि दुनिया भर में जैसे-जैसे तापमान में वृद्धि हो रही है, वैसे-वैसे दुनिया भर के पारिस्थितिकी तंत्र में बदलाव आ रहा है। जानवरों की प्रजातियों के पास आमतौर पर दो विकल्प होते हैं, बदलती स्थानीय परिस्थितियों के अनुकूल ढलना या ठंडे इलाकों में भाग जाना। पारिस्थितिकीविदों ने लंबे समय से यह मान लिया है कि - [31 मई, विश्व तंबाकू निषेध दिवस : तेजी से इसकी चपेट में आते जा रहे हैं युवा, 4 गुना बढ़ रहा है कैंसर का खतरा](https://vaigyanikchetna.com/health/health-world-no-tobacco-day-2025-smoking-and-vaping-raise-lung-cancer-risk-4-times-doctor-reveals/) - अमित उपाध्याय तंबाकू और सिगरेट की पैकेट पर साफ लिखा होता है कि इससे कैंसर हो सकता है, लेकिन आजकल के युवाओं को इससे फर्क ही नहीं पड़ रहा है. हर जगह युवा लड़के और लड़कियां स्मोकिंग करते हुए देखे जा सकते हैं. सिगरेट और बीड़ी में भी तंबाकू ही भरी होती है और इसे - [अगले पांच वर्षों तक टूटते रहेंगे भीषण गर्मी के रिकॉर्ड, विश्व मौसम विज्ञान संगठन की नई रिपोर्ट से हुआ खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/जलवायु/extreme-heat-records-will-continue-to-be-broken-for-the-next-five-years-report/) - राजू सजवान अगले पांच वर्षों में वैश्विक औसत तापमान 1850-1900 के औसत से 1.2 डिग्री सेल्सियस से लेकर 1.9 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ने का अनुमान है। विश्व मौसम संगठन ने अपनी नई रिपोर्ट में यह पूर्वानुमान जारी किया है। रिपोर्ट के मुताबिक 80 फीसदी संभावना है कि साल 2025 से 2029 के बीच कम से - [नवीनतम आंकड़े के मुताबिक भारत की बढ़ती जीवन प्रत्याशा में आई 0.2 वर्ष की गिरावट, क्या इसमें कोविड -19 की है अहम भूमिका ?](https://vaigyanikchetna.com/health/did-covid-19-cause-a-decline-in-indias-rising-life-expectancy/) - रिचर्ड महापात्र पिछले लगभग पचास वर्षों तक भारतीयों ने लंबा और स्वस्थ जीवन जिया। लेकिन कोविड-19 महामारी के बुरे दौर के दौरान जीवन प्रत्याशा में गिरावट आई. 13 मार्च 2020 को, भारत सरकार की प्रेस सूचना ब्यूरो (पीआईबी) ने देश के नवीनतम जीवन प्रत्याशा आंकड़ों की घोषणा की। जनगणना एवं रजिस्ट्रार जनरल कार्यालय के अनुमान - [WHO ने दुनिया को एक ऐसे जानलेवा फंगस को लेकर चेताया, जो है कोरोना से भी अधिक खतरनाक](https://vaigyanikchetna.com/health/rest-of-world-covid-19-superbug-fungus-can-attack-your-lungs-and-brain-spreading-fast-who-warning-science/) - प्रतीति पांडे दुनिया भर में दो राउंड की तबाही मचाने के बाद एक फिर से कोरोना की लहर लौट आई है. लगातार इसके केसेज़ बढ़ते जा रहे हैं. इसी बीच वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइज़ेशन ने एक ऐसा फंगस को लेकर भी चेताया है, जो कोरोना से कहीं ज्यादा खतरनाक है. ये शरीर के अंदर से नुकसान - [विश्व में कोरोना के मामले में वृद्धि जारी, कोविड के नए वेरिएंट ने बढ़ाई चिंता, एशिया में तेजी, भारत में सतर्कता जरूरी](https://vaigyanikchetna.com/health/new-covid-variant-has-raised-concerns-around-the-world-what-are-its-initial-symptoms/) - दयानिधि हांगकांग व चीन में कोरोना के मामलों में वृद्धि के बाद अमेरिका में कोविड-19 का एक नया वेरिएंट पहचाना गया है, जिसका नाम एनबी1.8.1 है। अमेरिका के रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र (सीडीसी) के आंकड़े बताते हैं कि यह वेरिएंट विभिन्न अमेरिकी हवाई अड्डों पर अंतरराष्ट्रीय यात्रियों में पाया गया है। एशिया के कुछ - [25 मई, अंतर्राष्ट्रीय गुमशुदा बाल दिवस : आइए हम बच्चों को बचाएं, उन्हें सुरक्षित भविष्य मुहैय्या कराएं](https://vaigyanikchetna.com/गुमशुदा/international-missing-children-day-2022-why-international-childrens-day-celebrated-international-center-for-missing-and-exploited-children/) - पूरी दुनिया में लापता बच्चों की याद में हर साल अंतरराष्ट्रीय गुमशुदा बाल दिवस मनाया जाता है. इस दिवस को मनाने की शुरुआत सबसे पहले कहां हुई. फिर कैसे पूरी दुनिया में अंतरराष्ट्रीय गुमशुदा बाल दिवस को मान्यता मिली. इसे जानने के लिए यह रिपोर्ट पढ़िए. बाल संरक्षण और सुरक्षित बचपन मुहैया कराने के मकसद - [बृहस्पति ग्रह का प्राचीन आकार दोगुना तथा उसका चुम्बकीय क्षेत्र 50 गुना अधिक शक्तिशाली था : नए शोध से हुआ खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/ancient-jupiter-was-twice-the-size-magnetic-field-was-50-times-stronger-astronomers/) - दयानिधि बृहस्पति की शुरुआती विकास की जानकारी के लिए यह समझना जरूरी है कि हमारे सौर मंडल ने अपनी विशेष संरचना कैसे विकसित की। बृहस्पति के गुरुत्वाकर्षण को अक्सर हमारे सौर मंडल का 'वास्तुकार' कहा जाता है, जिसने अन्य ग्रहों के कक्षीय रास्तों को आकार देने और गैस और धूल की डिस्क को आकार देने - [शरीर का वह कौन सा अंग है जो व्यक्ति में बचपन से बुढ़ापे तक एक सा रहता है तथा उसमें कभी कोई बदलाव नहीं होता ?](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/gk-news-jharkhand-only-chha-muhaan-chowk-from-where-not-two-three-or-four-six-roads-lead-located-in-this-district-local18-ws-bkl/) - संजय श्रीवास्तव क्या आपको मालूम है कि बचपन के लेकर बुढ़ापे तक हमारे शरीर में भौगोलिक तौर पर बहुत से बदलाव आते हैं लेकिन चेहरे की कुछ चीजें कभी नहीं बदलतीं. वैसी ही हमेशा बनी रहती हैं. बचपन से बुढ़ापे तक हमारे चेहरे में कुछ खासियतें होती हैं, जो सामान्य रूप से बहुत कम बदलती - [तापमान में गिरावट के बावजूद धरती के ग्लेशियरों को दोबारा स्थापित होने में सदियां लग जाएंगी : नए शोध से हुआ खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/जलवायु/despite-the-fall-in-temperature-it-will-take-centuries-for-the-glaciers-to-be-restored/) - दयानिधि एक नए शोध में लक्ष्य से बाहर के परिदृश्यों के तहत साल 2500 तक ग्लेशियरों में बदलाव का पहला वैश्विक सिमुलेशन किया गया है। इसमें कहा गया है कि यदि ग्रह अस्थायी रूप से 1.5 डिग्री सेल्सियस की सीमा को तीन डिग्री सेल्सियस तक पार कर जाता है और फिर वापस ठंडा हो जाने - [नागालैंड यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने विकसित की नई तकनीक, अब गंदे पानी से निकाले जा सकेंगे कीमती संसाधन](https://vaigyanikchetna.com/science/nagaland-university-has-developed-a-technology-through-which-valuable-resources-can-be-extracted-from-dirty-water/) - विवेक मिश्रा नागालैंड यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने एक ऐसी तकनीक विकसित की है, जो बड़े बदलाव और समाधान ला सकती है। दरअसल यूनिवर्सिटी ने दावा किया है कि उनके द्वारा विकसित तकनीक के जरिए गंदे पानी से बायोफ्यूल, बायोगैस, पोषक तत्व और स्वच्छ जल जैसे कीमती संसाधनों की दोबारा हासिल किया जा सकता है। इस - [लम्बे समय तक वायु प्रदूषण के संपर्क में रहने से मिर्गी जैसी गंभीर बीमारी होने का खतरा : नई रिसर्च से हुआ खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/वायु/is-air-pollution-causing-epilepsy-scientists-expressed-concern/) - ललित मौर्या वायु प्रदूषण सिर्फ फेफड़ों और दिल की सेहत के लिए ही नहीं, बल्कि मस्तिष्क के लिए भी खतरनाक साबित हो सकता है। एक नई स्टडी में पता चला है कि लंबे समय तक वायु प्रदूषण के संपर्क में रहने से मिर्गी (एपिलेप्सी) जैसी गंभीर न्यूरोलॉजिकल बीमारी होने का खतरा बढ़ सकता है। बता - [कोविड -19 के प्रभाव से जीवन प्रत्याशा में आयी 1.8 वर्ष की गिरावट : विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट से हुआ खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/health/health-progress-slows-down-worldwide-who-issues-warning/) - दयानिधि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के द्वारा विश्व स्वास्थ्य सांख्यिकी रिपोर्ट 2025 जारी की गई है, जिसमें कोविड-19 महामारी के कारण लोगों की मौतें, लंबे और समग्र स्वास्थ्य एंव कल्याण पर पड़ने वाले गहरे स्वास्थ्य प्रभावों का खुलासा किया गया है। 2019 से 2021 के बीच मात्र दो सालों में, वैश्विक जीवन प्रत्याशा में 1.8 - [विकास का सच : भूखे पेट सोने के लिए विवश हैं आज भी दुनिया के 29.5 करोड़ लोग, नई रिपोर्ट से हुआ खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/भूख/empty-stomachs-broken-promises-295-million-hungry/) - ललित मौर्या भले ही दुनिया विकास के कितने भी दम्भ भरे या यह कहे कि उसने तकनीकों पर कितनी सफलता हासिल कर ली है। लेकिन खाली पेट आज भी एक ऐसी कड़वी सच्चाई है, जिसे झुठलाया नहीं जा सकता। इसकी पुष्टि विश्व खाद्य एवं कृषि संगठन की नई रिपोर्ट भी करती है। दुनिया में 29.5 - [जलवायु परिवर्तन और अरबों लोगों के पास बुनियादी जरूरतों का अभाव, दोनों से एक साथ निपटना संभव : रिसर्च](https://vaigyanikchetna.com/जलवायु/it-is-possible-to-end-poverty-without-compromising-climate-goals-research/) - दयानिधि जलवायु परिवर्तन का तेजी से बढ़ना और अरबों लोगों के पास अभी भी बुनियादी जरूरतों की कमी होना, दोनों चुनौतियों का एक साथ समाधान करना न केवल संभव है बल्कि जरूरी भी है। नए शोध में इस बात पर प्रकाश डाला गया है कि वैश्विक जलवायु लक्ष्यों को पूरा करते हुए सभी के लिए - [अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी की नई रिपोर्ट के मुताबिक सन् 2030 तक हर 10 में से चार कारें होंगी इलेक्ट्रिक, उसकी बिक्री बढ़ी](https://vaigyanikchetna.com/वायु/four-out-of-every-10-cars-will-be-electric-by-2030-iea-report/) - ललित मौर्या अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (आईईए) की नई रिपोर्ट के मुताबिक, वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद इलेक्ट्रिक कारों का बाजार तेजी से बढ़ रहा है और 2030 तक बाजार में इलेक्ट्रिक कारों की हिस्सेदारी बढ़कर 40 फीसदी से अधिक हो सकती है। अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी द्वारा जारी नई रिपोर्ट 'ग्लोबल ईवी आउटलुक 2025' से पता चला है कि - [क्या अब तक का सबसे गर्म वर्ष होगा 2025 ? वैसे अब तक के 5 सबसे गर्म वर्षों में शुमार होने का आशंका 99 फीसदी से अधिक : वैज्ञानिक](https://vaigyanikchetna.com/जलवायु/will-2025-be-the-hottest-year-ever-scientists-expressed-three-percent-possibility/) - ललित मौर्या वैश्विक तापमान में लगातार वृद्धि का सिलसिला जारी है। अप्रैल 2025 में भी बढ़ते तापमान की प्रवत्ति जारी रही। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल है कि क्या 2025 अब तक का सबसे गर्म वर्ष हो सकता है? हालांकि साथ ही विश्लेषण में यह भी सामने आया है कि 2025 के अब तक के - [अमीर देशों के कचरे के पहाड़ के नीचे तेजी से दबते जा रहे हैं गरीब और कमजोर देश, नई रिपोर्ट से हुआ यह खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/स्वच्छता/mountain-of-plastic-waste-fell-on-weak-countries-export-increased-by-15/) - ललित मौर्या आर्थिक सहयोग और विकास संगठन (ओईसीडी) ने अपनी नई रिपोर्ट में खुलासा किया है कि भले ही दुनिया में प्लास्टिक कचरे और स्क्रैप (कबाड़) का व्यापार लगातार घट रहा है। बावजूद इसके,इसके, समृद्ध ओईसीडी देश अब भी बड़ी मात्रा में प्लास्टिक कचरा कमजोर और मध्यम आय वाले गैर-ओईसीडी देशों को भेज रहे हैं। - [जलवायु इतिहास का अब तक का दूसरा सबसे गर्म महीना रहा अप्रैल 2025, नई रिपोर्ट से हुआ इसका खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/जलवायु/in-2025-the-world-will-face-the-second-hottest-april-ever-what-do-the-figures-say/) - ललित मौर्या दुनिया में बढ़ते तापमान ने एक बार फिर अपने होने के सबूत दिए हैं। यूरोपियन यूनियन की कॉपरनिकस क्लाइमेट चेंज सर्विस ने अपनी नई रिपोर्ट में पुष्टि की है कि पिछला महीना जलवायु इतिहास का अब तक का दूसरा सबसे गर्म अप्रैल का महीना था। अप्रैल 2025 में सतह का वैश्विक औसत तापमान 14.96 डिग्री - [आईआईटी जोधपुर के वैज्ञानिकों ने विकसित किया एक नया किफायती उपकरण, अब आर्सेनिक की जांच होगी आसान](https://vaigyanikchetna.com/science/arsenic-testing-will-be-easy-iit-jodhpur-has-developed-an-affordable-sensor/) - ललित मौर्या भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) जोधपुर के शोधकर्ताओं ने पानी में आर्सेनिक प्रदूषण की पहचान के लिए एक नया उपकरण विकसित किया है। यह सेंसर प्रभावी होने के साथ-साथ बेहद किफायती भी है। वैज्ञानिकों को भरोसा है कि यह तकनीक इंसानों और पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा बन रहे आर्सेनिक से निपटने में मददगार - [वैश्विक तापमान में दो तिहाई वृद्धि के लिए जिम्मेदार हैं दुनिया के सबसे धनी 10 फीसदी लोग : शोध से हुआ यह खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/जलवायु/the-worlds-richest-10-per-cent-are-responsible-for-two-thirds-of-the-rise-in-temperatures/) - दयानिधि दुनिया भर में जलवायु संबंधी असमानताएं लगातार जारी है, क्योंकि सबसे कम जिम्मेदार लोग अक्सर देशों के बीच और भीतर जलवायु में बदलाव के सबसे अधिक प्रभाव झेलते हैं। धनी लोगों का कार्बन फुटप्रिंट अधिक होता है, यानी इनके द्वारा ग्रीनहाउस गैसों का उत्सर्जन सबसे अधिक किया जाता है। एक नए अध्ययन में इन - [2025 के पूरे साल की प्रदूषण सीमा तीन माह में ही पार कर चुके हैं भारत के 90 फीसदी शहर : नई रिपोर्ट से हुआ खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/वायु/90-of-indias-cities-have-already-exceeded-the-pollution-limit-for-the-entire-year-of-2025-crea/) - ललित मौर्या 2025 की बमुश्किल अभी पहली तिमाही ही पार हुई है, लेकिन भारत के ज्यादातर शहरों में हवा की सेहत पहले ही बिगड़ चुकी है। सेंटर फॉर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर (सीआरईए) द्वारा जारी एक नई रिपोर्ट के मुताबिक जनवरी से अप्रैल 2025 तक भारत के 273 में से 248 शहरों यानी 90 फीसदी - [सिर्फ शहर की हरियाली में 30 फीसदी की बढ़ोतरी से बचाई जा सकती थी करीब 11 लाख लोगों की जिंदगी, नए शोध से हुआ खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/जंगल/more-than-11-lakh-lives-could-have-been-saved-by-increasing-urban-greenery/) - दयानिधि एक नए शोध में कहा गया है कि शहरी वनस्पति में 30 फीसदी की बढ़ोतरी करने से गर्मी से संबंधित सभी मौतों में से एक तिहाई से अधिक को बचाया जा सकता था। जिससे 11,000 से अधिक शहरी क्षेत्रों में हरियाली बढ़ाने के प्रभाव के दो दशकों के मॉडलिंग शोध के मुताबिक, 2000 से 2019 - [भारत में एंटीबायोटिक प्रदूषण के कारण नदियों की लम्बाई का 80 फीसदी हिस्सा खतरे में : नए अध्ययन से हुआ यह खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/नदी/antibiotics-are-deteriorating-the-health-of-rivers-80-of-their-length-in-india-is-under-threat/) - ललित मौर्या भारत में नदियों की लंबाई का करीब 80 फीसदी हिस्सा एंटीबायोटिक प्रदूषण के कारण खतरे में है। यह प्रदूषण न केवल पर्यावरण, बल्कि इंसानी सेहत पर भी असर डाल सकता है। यह दावा कनाडा की मैकगिल यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने अपने एक नए अध्ययन में किया है। अध्ययन के मुताबिक, भारत में करीब - [भारत के चंद्रयान - 3 ने की पहली बार चांद पर सल्फर की खोज, इससे चांद पर भविष्य में बस्ती बसाने में मिलेगी मदद](https://vaigyanikchetna.com/isro/isro-chandrayaan-3-moon-shiv-shakti-point-big-discovery-even-us-china-could-not-find-it/) - दीपक वर्मा भारत के चंद्रयान-3 ने चंद्रमा के शिव शक्ति प्वॉइंट पर कुछ ऐसा खोजा है जिसका पता अमेरिका और चीन भी नहीं लगा पाए थे. प्रज्ञान रोवर पर लगे इंस्ट्रुमेंट के डेटा से चौंकाने वाली बात पता चली है. भारत के चंद्रयान-3 मिशन ने चांद के शिव शक्ति पॉइंट पर कमाल की खोज कर - [भारत में दवा प्रतिरोधी संक्रमणों से जूझ रहे सिर्फ 8 फीसदी मरीजों को ही मिल पा रहा है एंटीबायोटिक : शोध से हुआ खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/health/only-8-percent-of-patients-suffering-from-drug-resistant-infections-are-able-to-get-antibiotics/) - अनिल अश्वनी शर्मा भारत में केवल 7.8 प्रतिशत रोगियों को ही दवा प्रतिरोधी संक्रमणों (ड्रग रीजिस्टन्ट इन्फेक्शन) के लिए एंटीबायोटिक मिल पाती है। यह बात ग्लोबल एंटीबायोटिक रिसर्च एंड डेवलपमेंट पार्टनरशिप द्वारा किए गए शोध से पता चली है। इसके अलावा यह भी पता चला है कि भारत सहित निम्न और मध्यम आय वर्ग वाले - [किशोरों के बीच समय से पूर्व गर्भ धारण को नियंत्रित करने के मामले में विश्व स्वास्थ्य संगठन ने जारी किए नए दिशानिर्देश](https://vaigyanikchetna.com/health/who-releases-new-guidelines-to-prevent-teenage-pregnancy-and-improve-health/) - दयानिधि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने आज, दुनिया भर के 15 से 19 साल की लड़कियों में मृत्यु के प्रमुख कारण से निपटने के लिए, नए दिशा-निर्देश जारी किए, जिसका उद्देश्य किशोरावस्था में गर्भधारण और इससे संबंधित स्वास्थ्य जटिलताओं को रोकना है। अन्य रणनीतियों के अलावा दिशा-निर्देश में बाल विवाह को खत्म करने, लड़कियों की स्कूली शिक्षा का विस्तार - [पिछले करीब एक सौ वर्षों से हमारी नदियों, झीलों से तेजी से गायब हो रही है जीवनदायिनी आक्सीजन, वैज्ञानिकों ने चेताया](https://vaigyanikchetna.com/प्रदूषण/rivers-lakes-and-streams-are-suffocating-due-to-lack-of-oxygen-are-we-humans-responsible14263/) - ललित मौर्या नदियां, धाराएं, झीलें, और जलाशय सिर्फ हमारे परिदृश्य का सुन्दर हिस्सा ही नहीं, वे पृथ्वी पर जीवन के महत्वपूर्ण इंजन भी हैं। ठीक इंसानों और दूसरे जीवों की तरह ही ये जल स्रोत भी 'सांसों' के रूप में ऑक्सीजन लेते हैं। लेकिन यूट्रेक्ट यूनिवर्सिटी से जुड़े वैज्ञानिकों ने अपने अध्ययन में चेताया है - [समाज : दुनिया में असमानता 'किस्मत' के कारण नहीं, सत्ता की चाल के कारण रही है, नई रिसर्च से हुआ यह खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/knowledge-is-inequality-inevitable-10000-year-study-of-50000-houses-reveals-shocking-truth/) - दीपक वर्मा हमें बरसों से समझाया गया कि अमीरी-गरीबी, ऊंच-नीच, भेदभाव- ये सब ‘सदियों से चला आ रहा है’. जैसे इंसान पैदा ही हुआ है दूसरों को दबाने और दबने के लिए. पर अब एक 10,000 साल पुरानी खुदाई और 1,000 बस्तियों के अध्ययन ने ये झूठ नंगा कर दिया है. नई रिसर्च ने बताया - [19 अप्रैल, वर्ल्ड लिवर डे : आहार संबंधी आदतों में सुधार कर 50 फीसदी तक कम कर सकते हैं लिवर की बीमारियों का जोखिम](https://vaigyanikchetna.com/health/world-liver-day-2025-healthy-foods-with-antioxidants-to-cut-liver-disease-risk-by-50/) - हर साल 19 अप्रैल को World Liver Day मनाया जाता है। इसे मनाने का उद्देश्य बस ल‍िवर की बीमारियों के बारे में लोगों को जागरुक करना है। ये द‍िन लोगों को हेल्‍दी लाइफस्‍टाइल अपनाने के लिए भी प्रोत्साहित करता है। इस साल व‍िश्‍व लिवर दिवस 2025 की थीम 'Food is Medicine' है। लिवर हमारे शरीर - [बचपन में वायु प्रदूषण का संपर्क बच्चों के दिमागी विकास को करता है प्रभावित, अध्ययन से हुआ यह खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/वायु/exposure-to-air-pollution-in-childhood-weakens-brain-links-study-reveals-a-big-truth/) - ललित मौर्या अध्ययन से पता चला है कि कि जीवन के शुरूआती वर्षों में वायु प्रदूषण खासकर महीन कणों (पीएम2.5 और पीएम10), नाइट्रोजन डाइऑक्साइड और नाइट्रोजन ऑक्साइड्स का संपर्क बच्चों के दिमागी विकास को प्रभावित कर सकता है। बचपन में दिमाग का सही तरीके से विकास बच्चों की सोचने-समझने की क्षमता के लिए बेहद मायने - [व्यक्ति तेजी से पैदल चलकर 46 फीसदी तक कम कर सकता है दिल की अनियमित धड़कन : रिसर्च से हुआ यह खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/health/brisk-walking-reduces-the-risk-of-irregular-heartbeat-by-46-percent-study/) - दयानिधि अनियमित धड़कन संबंधी समस्या तब होती है जब हृदय के धड़कने वाली विद्युत प्रणाली में कोई खराबी आती है और ये उच्च रक्तचाप, दिल के दौरे या कुछ दवाओं या वायरस जैसी स्थितियों के कारण भी हो सकते हैं। ग्लासगो विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं की अगुवाई में किए गए एक शोध से पता चला है - [भारत ने की जीनोम सीक्वेंसिंग, कैंसर और डायबिटीज रिसर्च के क्षेत्र में जगी नई उम्मीद, पहचान व इलाज होगा आसान](https://vaigyanikchetna.com/health/healthy-genome-data-new-hope-in-cancer-and-diabetes-research/) - सुचिता निनावे विशेषज्ञों से सलाह लेने के बाद हमने जीनोमइंडिया परियोजना में 99 जनसंख्या समूहों को शामिल किया है। स्वस्थ लोगों के 10,074 जीनोम की सफलतापूर्वक सीक्वेंसिंग की जा चुकी है। हमारे भविष्य के कामों के लिए यह जानकारी पर्याप्त होगी। हम आगे डेटासेट का विस्तार भी करेंगे। अगले चरण में हम बीमारियों से ग्रस्त - [14 अप्रैल, जन्मदिन : आइए, बाबासाहेब डॉ भीमराव अम्बेडकर के सपनों, विचारों एवं कार्यों को आगे बढ़ाएं, मंजिल तक पहुंचाएं](https://vaigyanikchetna.com/अम्बेडकर/when-is-ambedkar-jayanti-2025-know-the-date-history-significance-and-all-you-need-to-know-about/) - अंबेडकर जयंती 14 अप्रैल को मनाई जाती है, जो आधुनिक भारतीय इतिहास में एक प्रमुख व्यक्ति डॉ. भीमराव रामजी अंबेडकर की जयंती के उपलक्ष्य में मनाई जाती है। डॉ. अंबेडकर, जिन्हें भारतीय संविधान के जनक के रूप में भी जाना जाता है, एक न्यायविद, अर्थशास्त्री और समाज सुधारक थे। उन्होंने भारत की जाति व्यवस्था और - [वैज्ञानिकों को मिली बड़ी कामयाबी, उन्होंने बनाया दुनिया का सबसे छोटा पेसमेकर, इससे स्वास्थ्य क्षेत्र में होगी क्रांति](https://vaigyanikchetna.com/health/scientists-have-created-the-worlds-smallest-pacemaker-will-it-bring-revolution-in-the-health-sector/) - ललित मौर्या हृदय संबंधी बीमारियों के इलाज में वैज्ञानिकों को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। उन्होंने दुनिया का सबसे छोटा पेसमेकर बनाने में सफलता हासिल की है। नॉर्थवेस्टर्न यूनिवर्सिटी के इंजीनियरों द्वारा बनाया यह पेसमेकर आकार में इतना छोटा है कि इसे इंजेक्शन के जरिए भी शरीर में इंजेक्ट किया जा सकता है। खास - [क्या आप जानते हैं कि महिलाओं में होती है पुरुषों से अधिक सुनने की क्षमता ? एक नए अध्ययन से हुआ यह खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/health/scientists-have-revealed-the-secrets-of-hearing-ability-women-have-more-hearing-power-than-men/) - ललित मौर्या क्या आप जानते हैं कि महिलाओं की सुनने की शक्ति पुरुषों से कहीं ज्यादा होती है? बात हैरान कर देने वाली लेकिन सच है। एक नए अध्ययन से पता चला है कि सुनने की क्षमता इस बात पर निर्भर करती है कि सुनने वाला पुरुष है या महिला। नतीजे दर्शाते हैं कि महिलाएं, - [सावधान ! धूप की प्रचुरता के बावजूद विटामिन डी की कमी से जूझ रहा है हर पांच में से एक भारतीय](https://vaigyanikchetna.com/health/vitamin-d-deficiency-despite-sunshine-one-in-five-indians-is-malnourished/) - दयानिधि भारत में जहां सालभर लगभग सूरज की रोशनी अधिक होती है, विटामिन डी की कमी होना आश्चर्यजनक लगता है। लेकिन मजेदार बात यह है कि हर पांच भारतीयों में से एक विटामिन डी की कमी से जूझ रहा है। यह आंकड़े भारतीय अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक संबंध अनुसंधान परिषद (आईसीआरआईईआर) और अनभका फाउंडेशन द्वारा ‘भारत में - [गर्मी की लगातार बदतर होती स्थिति के बीच दूसरा सबसे गर्म मार्च के रूप में इतिहास के पन्नों में दर्ज हुआ मार्च 2025](https://vaigyanikchetna.com/जलवायु/climate-crisis-the-second-hottest-march-recorded-in-the-pages-of-history/) - ललित मौर्या हर गुजरते दिन के साथ धरती पहले से कहीं ज्यादा गर्म होती जा रही है। मार्च के महीने में भी ऐसा ही कुछ देखने को मिला जब दुनिया ने जलवायु इतिहास के अब तक के अपने दूसरे सबसे गर्म मार्च का सामना किया। बढ़ते तापमान का ही नतीजा है कि मार्च 2025 में वैश्विक औसत - [7 अप्रैल विश्व स्वास्थ्य दिवस : बेहद जरूरी है लोगों को सेहत के प्रति जागरूक बनाना एवं जन स्वास्थ्य अभियान को आगे बढ़ाना](https://vaigyanikchetna.com/health/world-health-day-in-hindi-2025-theme-history-and-significance/) - शुभम विश्व स्वास्थ्य दिवस 2025 हर साल 7 अप्रैल को मनाया जाता है. इसकी शुरुआत 1950 में हुई थी और यह दिन विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की स्थापना को समर्पित है. इसका उद्देश्य स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना और लोगों को बेहतर जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना है. हर वर्ष 7 अप्रैल को विश्व - [देश में बढ़ते तापमान के कारण गर्मी अपने चरम पर, कई राज्यों में लू का प्रकोप और तेज होने की आशंका जताई गई](https://vaigyanikchetna.com/मौसम/heat-wave-in-many-states-including-delhi-hailstorm-in-northeast-heavy-rain-alert-in-south/) - दयानिधि देश भर में बढ़ते तापमान के चलते गर्मी अपने चरम पर है, पारा दिन प्रति दिन छलांगें मार रहा है। मौसम विभाग के द्वारा आज सुबह, पांच अप्रैल, 2025 को जारी पूर्वानुमान में कहा गया है कि पांच से नौ अप्रैल के दौरान सौराष्ट्र और कच्छ, दक्षिण हरियाणा, दिल्ली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अलग-अलग - [स्तन कैंसर के मामले में भारत में मध्यम आयु वर्ग की महिलाओं में मैमोग्राफी की दर काफी कम : अध्ययन से हुआ खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/health/breast-cancer-screening-rates-among-middle-aged-women-in-india-very-low-study/) - दयानिधि एक नए अध्ययन में कहा गया है कि भारत में मैमोग्राफी की दर बहुत कम है, क्योंकि 45 वर्ष या उससे अधिक आयु की केवल एक फीसदी महिलाएं ही स्तन कैंसर की जांच करवाती हैं। यह केरल में सबसे अधिक और नागालैंड में शून्य है। मैमोग्राफी क्या है? मैमोग्राफी एक एक्स-रे इमेजिंग विधि है जिसका उपयोग - [सेहत : फंगल संक्रमण पर विश्व स्वास्थ्य संगठन की पहली रिपोर्ट हुई जारी पर नई दवाओं की है भारी कमी](https://vaigyanikchetna.com/health/who-releases-its-first-report-on-testing-and-treatment-for-fungal-infections/) - दयानिधि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने आज अपनी पहली रिपोर्ट प्रकाशित की है जिसमें आक्रामक फंगल रोगों के लिए दवाओं और जांच करने वाले उपकरणों की भारी कमी को उजागर किया गया है। रिपोर्ट में इन समस्याओं से निपटने के लिए नए अनुसंधान और विकास (आर एंड डी) की तत्काल जरूरत की बात कही गई - [जानकारी : भारत में खुली व्यक्तिगत चिकित्सा की नई राह, जिनोमिक सीक्वेंस डाटाबेस तैयार](https://vaigyanikchetna.com/जलवायु/climate-change-is-increasing-oxygen-depletion-in-the-bay-of-bengal-creating-dead-zones-study/) - दयानिधि खुले महासागर में ऑक्सीजन की कमी वाले क्षेत्र (ओएमजेड) और तटीय इलाकों में ऑक्सीजन की कमी पारिस्थितिकी तंत्र को खतरे में डाल रही है। इस तरह के इलाके पूर्वी उष्णकटिबंधीय प्रशांत महासागर, अरब सागर (एएस) और उत्तरी हिंद महासागर में बंगाल की खाड़ी में दर्ज किए जा रहे हैं। घुलित ऑक्सीजन (डीओ) में कमी दुनिया भर - [भारत में कामकाज और निजी जिंदगी के बीच असंतुलन के दौर से गुजर रहे हैं 52 फीसदी कर्मचारी : सर्वे से हुआ यह खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/latest-employees-suffer-from-burnout-due-to-work-life-balance-says-survey/) - चंद्रशेखर गुप्ता भारत के लगभग 52 प्रतिशत कर्मचारी कामकाज और निजी जिंदगी के बीच खराब संतुलन की वजह से ‘बर्नआउट’ जैसी स्थिति का अनुभव करते हैं। एक अध्ययन रिपोर्ट में यह निष्कर्ष पेश किया गया है. ‘बर्नआउट’ का मतलब है कि कर्मचारी लंबे समय तक तनाव रहने की वजह से शारीरिक, मानसिक, और भावनात्मक स्तर - [लोन लेने वाली महिलाओं की संख्या में वृद्धि तो हुईं लेकिन नहीं बढ़ी आर्थिक भागीदारी, नीति आयोग की रिपोर्ट से हुआ खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/अर्थव्यवस्था/the-number-of-women-taking-loans-has-increased/) - अनिल अश्वनी शर्मा पिछले पांच वर्षों में तमिलनाडु में लोन यानी ऋण लेनी वाली महिलाओं में 10 प्रतशित चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि की दर देखी गई है, यानी राज्य में लोन लेने वाली महिलाओं का प्रतिशत 44 है। प्रतिशत के आधार पर तमिलनाडु की महिलाएं लोन लेने में देश में सबसे आगे हैं। दूसरी ओर महाराष्ट - [आखिर क्यों आत्महत्या कर रहे हैं छात्र ? सुप्रीम कोर्ट ने दिया इसके लिए नेशनल टास्क फोर्स के गठन का निर्देश](https://vaigyanikchetna.com/health/why-are-students-committing-suicide-supreme-court-directs-formation-of-national-task-force/) - ललित मौर्या सुप्रीम कोर्ट ने टास्क फोर्स से मौजूदा नियमों की समीक्षा करने के लिए भी कहा है, 24 मार्च, 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने उच्च शिक्षण संस्थानों में बार-बार होने वाली छात्र आत्महत्याओं की जांच के लिए एक नेशनल टास्क फोर्स के गठन का आदेश दिया है। टास्क फोर्स छात्रों की आत्महत्या के मुख्य - [जंगली फूलों के रंगों से होगी जलवायु परिवर्तन की निगरानी, नासा का अनूठा प्रयोग, बनाया नया उपकरण](https://vaigyanikchetna.com/जलवायु/monitoring-climate-change-through-the-colors-of-wild-flowers-nasas-unique-study/) - दयानिधि जंगली फूलों के एक हालिया विश्लेषण से पता चलता है कि कैसे विमान और अंतरिक्ष आधारित उपकरण मौसमी फूलों के चक्रों पर नजर रखने के लिए रंगों का उपयोग कर सकते हैं। किसानों के लिए यह एक नया उपकरण महत्वपूर्ण हो सकता है जो फूल वाले पौधों पर निर्भर हैं। अध्ययन में वैज्ञानिकों ने - [हीटवेब एवं जलवायु परिवर्तन दुनिया भर की झीलों में ऑक्सीजन को 55 फीसदी तक कर रहे हैं कम, शोध से हुआ खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/जलवायु/climate-change-and-heatwaves-are-reducing-oxygen-in-lakes-around-the-world-by-up-to-55-percent-study/) - दयानिधि मीठे या ताजे पानी में रहने वाले जीवों और पौधों के जीवन और स्वस्थ जैविक समुदायों को बनाए रखने के लिए ऑक्सीजन के पर्याप्त स्तर की जरूरत होती है। हालांकि एक नए अध्ययन में कहा गया है कि लंबे समय तक जलवायु के गर्म होने और छोटी अवधि में लू या हीटवेव की बढ़ती आवृत्ति और तीव्रता दोनों - [सावधान ! बढ़ते तापमान के साथ भारत के प्रमुख जलाशयों में 45 फीसदी तक गिरा जल स्तर और मानसून आने में अभी है काफी देरी](https://vaigyanikchetna.com/जल/as-temperatures-rise-water-level-in-indias-major-reservoirs-drops-to-45/) - ललित मौर्या भारत के प्रमुख जलाशयों का जल स्तर उनकी कुल क्षमता के 45 फीसदी तक गिर गया है। चिंता की बात है कि भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने मार्च से मई के बीच भीषण गर्मी वाले दिनों की संख्या सामान्य से अधिक रहने की भविष्यवाणी की है, जबकि दक्षिण-पश्चिम मानसून के आने में - [वायु प्रदूषण एवं जलवायु परिवर्तन से भारत के सौर ऊर्जा उत्पादन में गिरावट, आईआईटी दिल्ली के एक शोध से हुआ खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/जलवायु/indias-solar-power-production-may-decline-due-to-changing-climate-and-air-pollution-iit-delhi-study/) - दयानिधि आईआईटी दिल्ली के अध्ययन में पाया गया कि वायु प्रदूषण सौर विकिरण को सौर पैनलों तक पहुंचने से रोकता है, जिसके कारण बिजली का कम उत्पादन होता है। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), दिल्ली के शोधकर्ताओं द्वारा किए गए एक अध्ययन में पाया गया है कि वायु प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन भारत में सौर पैनल - [धरती को 0.13 डिग्री सेल्सियस तक ठंडा रख सकते हैं छतों पर लगे सोलर पैनल : शोधकर्ताओं ने किया खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/जलवायु/global-rooftop-solar-panels-could-cool-earth-by-013-degree-c/) - ललित मौर्या शोधकर्ताओं ने वैश्विक स्तर पर छतों के कुल क्षेत्र की गणना की है और यह भी पता लगाया कि अगर हर छत पर सोलर पैनल लगे हों तो इससे कितना फायदा होगा। क्या आपने कभी सोचा है कि यदि सारी दुनिया में मौजूद छतों को सोलर पैनल्स से ढंक दिया जाए तो क्या - [ग्लोबल वार्मिंग के कारण वाहनों, शहरों में बढ़ सकती हैं आग लगने की घटनाएं, नए अध्ययन से हुआ खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/global-warming-may-increase-the-incidence-of-fire-in-cities-2/) - दयानिधि एक नए अध्ययन के अनुसार, जलवायु परिवर्तन के कारण शहरों में आने वाले दशकों में आग लगने की घटनाओं में बढ़ोतरी होने के आसार हैं। अध्ययन के निष्कर्ष 20 देशों के 2,847 शहरों के आंकड़ों पर आधारित हैं जो भविष्य की शहरी नियोजन और आपातकालीन स्थिति में उठाए जाने वाले कदमों के लिए उपयोगी - [सावधान : सन् 2050 तक ढाई करोड़ लोग आ सकते हैं पार्किसंस की चपेट में, वैज्ञानिकों ने जताई आशंका](https://vaigyanikchetna.com/health/by-2050-252-million-people-will-be-suffering-from-this-brain-disease-112-increase-expected/) - ललित मौर्या वैज्ञानिकों ने आशंका जताई है कि अगले 25 वर्षों में पार्किंसंस के मामलों में नाटकीय रूप से बढ़ोतरी हो सकती है। अनुमान है कि 2050 तक दुनिया भर में ढाई करोड़ से ज्यादा लोग दिमाग से जुड़ी इस बीमारी से जूझ रहे होंगे। मतलब की यदि 2021 से तुलना करें तो इससे पीड़ित - [स्वास्थ्य : कैंसर को रोकने में मददगार साबित होती है दर्द-निवारक दवा एस्पिरिन, वैज्ञानिकों ने किया खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/health/scientists-uncover-how-aspirin-may-stop-cancer-from-spreading/) - ललित मौर्या कैंसर एक घातक बीमारी है, जो हर साल लाखों जिंदगियों को निगल रही है। यही वजह है कि वैज्ञानिक इस बीमारी की रोकथाम के लिए लगातार शोध कर रहे हैं। ऐसे ही एक नए शोध में कैंसर मरीजों के लिए नई उम्मीदें जगी हैं। कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय से जुड़े वैज्ञानिकों ने खुलासा किया है - [दिल के दौरे के खतरे को बढ़ाने के लिए जिम्मेदार है वायु प्रदूषण का उच्च स्तर : शोध से हुआ खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/प्रदूषण/rising-ozone-levels-are-increasing-the-risk-of-heart-attacks-in-young-people/) - दयानिधि शोध में कहा गया है कि वायु प्रदूषण का उच्च स्तर दिल के दौरे के खतरों को बढ़ाने के लिए जिम्मेवार है। हालांकि जनसांख्यिकी, वायु प्रदूषण के प्रकार और दिल के दौरे के प्रकार के आधार पर ये खतरे किस तरह अलग होते हैं, यह स्पष्ट नहीं है। शुरुआती अध्ययनों से अलग-अलग परिणाम सामने - [उपलब्धि : वैज्ञानिकों ने बनाई त्वचा जैसी हाईड्रोजेल, जिससे महज कुछ ही घंटों में भर जाएंगे घाव](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/scientist-create-skin-like-hydrogel-which-can-heel-wounds-in-4-hours/) - संजय श्रीवास्तव आप यकीन करें या नहीं करें लेकिन साइंटिस्ट त्वचा जैसी एक ऐसी जेल विकसित कर ली है. जो किसी भी कटे-फटे घाव या जख्म को केवल 4 घंटे में 90 फीसदी तक ठीक कर देगा और 24 घंटे में पूरा भर देगा. हां, किसी चमत्कारी की ही तरह है. जानते हैं कि ये - [दैवीय नहीं, विज्ञान का चमत्कार हैं 19 वर्षों तक किडनी फेलियर के साथ किसी व्यक्ति का जीवित रहना](https://vaigyanikchetna.com/science/दैवीय-नहीं-विज्ञान-का-चमत/) - अनुराग प्रेमानंद जी महाराज का 19 वर्षों तक किडनी फेलियर के साथ जीवित रहना: विज्ञान का चमत्कार है, न कि भगवान का । प्रेमानंद जी महाराज के 19 वर्षों तक किडनी फेल होने के बावजूद जीवित रहने की कहानी को अक्सर दैवीय चमत्कार के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है। लेकिन जब इनके चिकित्सीय - [अधिकारों के लिए जूझ रही हैं दुनिया के एक चौथाई देशों की महिलाएं : संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट से हुआ खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/विकास/one-in-four-countries-report-backlash-on-womens-rights-in-2024-un-women/) - ललित मौर्या देश-दुनिया में महिलाओं की समानता को लेकर भले ही कितनी भी बड़ी-बड़ी बाते की जाती हों, लेकिन सच यही है कि आज भी महिलाएं अपने अधिकारों के लिए जद्दोजहद कर रही हैं। इसकी झलक सत्ता के गलियारों से लेकर खेती-किसानी तक में देखी जा सकती है। संयुक्त राष्ट्र ने अपनी नई रिपोर्ट "वीमेन - [विश्व की 60 फीसदी आबादी को नहीं मिल पा रही है सुरक्षित और किफायती मेडिकल ऑक्सीजन ! नई रिपोर्ट से हुआ खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/health/60-percent-of-the-worlds-population-does-not-have-access-to-safe-and-affordable-medical-oxygen-services-report/) - दयानिधि एक नई रिपोर्ट में कहा गया है कि दुनिया की आधी से अधिक आबादी पर चिकित्सा में उपयोग होने वाली ऑक्सीजन की कमी का असर पड़ता है। इसे दूर करने के लिए ऑक्सीजन तक सभी की पहुंच और अधिक किफायती एवं सुलभ देखभाल के लिए यह बहुत जरूरी है। लैंसेट ग्लोबल हेल्थ कमीशन की - [राष्ट्रीय विज्ञान दिवस : भारत के लिए यह दिन क्यों है खास ! आइए विज्ञान को जन जन तक पहुंचाएं, लोगों में वैज्ञानिक चेतना फैलाएं](https://vaigyanikchetna.com/science/rashtriya-vigyan-diwas-why-do-we-celebrate-national-science-day-cv-raman-2/) - विकास शर्मा भारत में हर साल 28 फरवरी को ही राष्ट्रीय विज्ञान दिवस मनाया जाता है लेकिन इस दिन ना तो दुनिया के ना ही किसी भारतीय वैज्ञानिक का जन्मदिन या पुण्यतिथि हैं. इस दिन सीवी रमन ने सबसे बड़ी वैज्ञानिक उपलब्धि हासिल की थी और वैज्ञानिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के लिए यह दिवस - [स्वास्थ्य : जीन नहीं बल्कि जीवनशैली है समय से पहले मौत का सबसे बड़ा कारण, अध्ययन से हुआ यह खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/health/lifestyle-is-the-biggest-cause-of-premature-death-not-genes-study-makes-a-shocking-revelation/) - ललित मौर्या स्वस्थ और लंबा जीवन कौन नहीं चाहता। लेकिन जीन, जीवनशैली, और पर्यावरण कई ऐसे कारक हैं जो लम्बे स्वस्थ जीवन को प्रभावित करते हैं। कई बीमारियां और विकार ऐसे होते हैं जो हमारे जीन में मौजूद होते हैं। मतलब कि न चाहते हुए भी लोग इन बीमारियों की चपेट में आ जाते हैं। - [28 फरवरी, राष्ट्रीय विज्ञान दिवस : बेहद जरूरी है लोगों में वैज्ञानिक चेतना का विकास व तर्कशील भारत का निर्माण](https://vaigyanikchetna.com/विज्ञान-दिवस/राष्ट्रीय-विज्ञान-दिवस/) - राष्ट्रीय विज्ञान दिवस (National Science Day) प्रत्येक वर्ष 28 फरवरी को पूरे भारत में मनाया जाता है। यह दिन विज्ञान के क्षेत्र में भारत की उपलब्धियों को सम्मानित करने और विज्ञान के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से मनाया जाता है। यह दिवस महान वैज्ञानिक डॉ. चंद्रशेखर वेंकटरमन (डॉ. सी.वी. रमन) द्वारा की - [वैज्ञानिकों के नए शोध से पार्किसंस के उपचार में मिलेगी मदद, दुनिया में 40‌ लाख से भी अधिक लोग हैं इससे पीड़ित](https://vaigyanikchetna.com/health/scientists-discovered-the-causes-of-five-clinical-stages-of-parkinsons-will-help-in-treatment-research/) - दयानिधि वैज्ञानिकों ने 20 अलग-अलग देशों में पार्किंसंस की बीमारी से पीड़ित 2,500 से अधिक लोगों के मस्तिष्क की तस्वीरों का विश्लेषण किया। अध्ययन में कहा गया कि वैज्ञानिक न्यूरोडीजनरेशन के पैटर्न की पहचान करने और रोग के पांच क्लीनिकल चरणों में से हर एक के लिए मीट्रिक बनाने में सफल रहे। एनपीजे पार्किंसंस डिजीज - [आईआईटी कानपुर के शोधकर्ताओं ने की कैंसर और सांस की बीमारियों के उपचार में बेहद महत्वपूर्ण नई खोज](https://vaigyanikchetna.com/health/iit-kanpur-researchers-discover-new-structure-for-treatment-of-cancer-and-respiratory-diseases/) - दयानिधि भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), कानपुर में जैविक विज्ञान और जैव अभियांत्रिकी विभाग के शोधकर्ताओं की एक टीम ने कैंसर के विकास और सांस संबंधी बीमारियों में शामिल एक प्रमुख मानव संग्राहक या रिसेप्टर सीएक्ससीआर2 की परमाणु संरचना की सफलतापूर्वक पहचान की है। मॉलिक्यूलर सेल नामक पत्रिका में प्रकाशित यह खोज इस महत्वपूर्ण अणु को निशाना बनाते हुए नए उपचार विकसित - [जेनेटिक टेस्ट से भविष्य की बीमारियों का भी चलता है पता, इससे मिलती है गंभीर बीमारियों से बचने में मदद](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/health-why-everyone-should-get-genetic-testing-early-detection-of-diseases-can-save-lives-doctor-explains/) - अमित उपाध्याय कई टेस्ट ऐसे होते हैं, जिनके जरिए बीमारियां होने से पहले ही खतरे का पता लगाया जा सकता है. इनमें जेनेटिक टेस्ट (Genetic Tests) शामिल हैं. इन टेस्ट के जरिए भविष्य में होने वाली बीमारियों का पता लगाया जा सकता है और उनका इलाज किया जा सकता है. आज के समय में बीमारियों - [सावधान : महाराष्ट्र के कई इलाके, खास कर पुणे, पिछले कुछ अरसे से गुइलेन बैरे सिंड्रोम के बड़े प्रकोप से जूझ रहे](https://vaigyanikchetna.com/health/guillain-barre-syndrome-outbreak-in-pune-campylobacter-jejuni-bacteria-may-be-the-cause/) - दयानिधि महाराष्ट्र के कई इलाके, खास तौर पर पुणे, पिछले कुछ अरसे से गुइलेन बैरे सिंड्रोम (जीबीएस) के बड़े प्रकोप से जूझ रहे हैं, जो एक दुर्लभ लेकिन गंभीर न्यूरोलॉजिकल विकार है। भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने प्रभावित रोगियों से एकत्र किए गए 20 से 30 फीसदी नमूनों में 'कैम्पिलोबैक्टर जेजुनी' की उपस्थिति की पुष्टि की है, जो - [उपलब्धता और सामर्थ्य के बावजूद प्रोटीन विहीन आहार खा रहे हैं भारतीय ग्रामीण, अध्ययन से हुआ यह खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/study-reveals-why-indian-villagers-are-eating-protein-less-diet/) - रजत घई छह राज्यों के नौ जिलों में किए गए अध्ययन में कहा गया है कि उपलब्धता और सामर्थ्य के बावजूद ग्रामीण प्रोटीन युक्त आहार नहीं खा रहे हैं. भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले कई भारतीय प्रोटीन की कमी से जूझ रहे हैं। हालांकि वे पर्याप्त प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थ पैदा करते हैं - [क्या आप जानते हैं कि जलवायु परिवर्तन के कारण तेजी से बढ़ रही है चूहों की आबादी ? दुनिया भर में बढ़ी लोगों की परेशानी](https://vaigyanikchetna.com/जलवायु/rat-population-is-increasing-due-to-climate-change/) - हिमांशु नितनवारे चूहों से केवल भारतीय परेशान नही हैं, बल्कि पूरी दुनिया इससे त्रस्त है। यह परेशानी तब और बढ़ जाती है जब विज्ञान भी अपने शोधों के दम पर इस बात को सही ठहराता है कि वास्तव में विश्वभर में चूहों की संख्या में तेज गति से बढ़ रही है। एक शोध से बात - [सावधान ! सोडियम युक्त नमक के जरूरत से ज्यादा सेवन से बढ़ सकता है रक्तचाप के साथ साथ स्ट्रोक और हृदयाघात का खतरा](https://vaigyanikchetna.com/नमक/white-poison-salt-containing-less-sodium-can-reduce-the-risk-of-stroke-by-14-percent/) - ललित मौर्या खाने में जरूरत से ज्यादा नमक स्वाद बिगाड़ सकता है, हालांकि यह स्वाद ही नहीं सेहत के लिहाज से भी कम हानिकारक नहीं। इसके जरूरत से ज्यादा सेवन से रक्तचाप, स्ट्रोक, दिल का दौरा और अन्य हृदय संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। यही वजह है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने - [प्रदूषित हवा में सांस लेने से दिमाग पर पड़ता है बुरा असर, प्रभावित होती है व्यक्ति की सोचने समझने की क्षमता](https://vaigyanikchetna.com/प्रदूषण/air-pollution-is-having-a-bad-effect-on-the-brain-causing-difficulty-in-doing-daily-tasks/) - ललित मौर्या क्या आप जानते हैं कि प्रदूषित हवा में थोड़े समय के लिए भी सांस लेने से हमारे सोचने-समझने की क्षमता प्रभावित हो सकती है। इससे न केवल ध्यान केंद्रित करना, बल्कि साथ ही भावनाओं को नियंत्रित करना भी मुश्किल हो सकता है। ऐसे में रोजमर्रा के काम और भी मुश्किल हो सकते हैं। - [12 फरवरी, डार्विन दिवस : आइए, जीवन में खोजी प्रवृत्ति, वैज्ञानिक सोच और तार्किक व्यवहार को आगे बढ़ाएं](https://vaigyanikchetna.com/डार्विन-दिवस/darwin-day-2025-in-hindi/) - 12 फरवरी को मनाया जाने वाला डार्विन दिवस, विकास और प्राकृतिक चयन के सिद्धांत के अग्रणी चार्ल्स डार्विन के जीवन और योगदान का सम्मान करता है। यह दिन उनके अभूतपूर्व कार्य के लिए एक श्रद्धांजलि के रूप में कार्य करता है जिसने जीव विज्ञान और प्रजातियों के विकास की हमारी समझ को नया रूप दिया। - [11 फरवरी, विज्ञान में महिलाओं और लड़कियों का अंतर्राष्ट्रीय दिवस : आइए, इसको लेकर समाज में जागरूकता फैलाएं](https://vaigyanikchetna.com/महिला/महिलाओं/) - विज्ञान में महिलाओं के लिए भविष्य का निर्माण वर्ष 2025 में विज्ञान में महिलाओं और बालिकाओं के अंतर्राष्ट्रीय दिवस (आईडीडब्ल्यूजीएस) की 10वीं वर्षगांठ और बीजिंग घोषणा और कार्रवाई मंच की 30वीं वर्षगांठ होगी, जो लैंगिक समानता और महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा देने के वैश्विक प्रयास में दो महत्वपूर्ण मील के पत्थर हैं। विज्ञान में लैंगिक - [दुनिया में आज भी अधिकांश लोग करते हैं वैज्ञानिकों पर भरोसा, 68 देशों की सूची में भारत दूसरे पायदान पर](https://vaigyanikchetna.com/science/how-much-do-people-trust-scientists-in-the-world-india-is-in-second-place-among-68-countries/) - ललित मौर्या वैज्ञानिक हमारे समाज में महत्वपूर्ण भूमिका रखते हैं। बात चाहे कोरोना जैसी बीमारियों से निपटने के लिए नई दवाओं की खोज की हो या जलवायु परिवर्तन से निपटने के उपायों की या ऐसी तकनीकों की जो हमारी रोजमर्रा की जरूरतों को आसान बनाती हैं, यह वैज्ञानिक ही हैं जो इन्हें साकार करते हैं। - [मीठे पानी की करीब एक चौथाई प्रजातियों पर मंडरा रहा है विलुप्त होने का खतरा : नई रिसर्च से हुआ खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/जीव/will-a-quarter-of-freshwater-species-become-extinct-we-have-already-lost-200/) - ललित मौर्या पृथ्वी के हर हिस्से में जीवन पनपता है, मीठे पाने से जुड़े पारिस्थितिकी तंत्र भी इससे अलग नहीं हैं। देखा जाए तो यह पारिस्थितिकी तंत्र पृथ्वी के एक फीसदी से भी कम हिस्से को कवर करते हैं, लेकिन इसके बावजूद जीवन के लिए बेहद मायने रखते हैं। हालांकि जिस तरह इस बेहद नाजुक - [पुणे में पाए गए दुर्लभ न्यूरोलॉजिकल विकार जीबीएस के 36 मामले, विश्व स्वास्थ्य संगठन ने चेताया](https://vaigyanikchetna.com/health/26-cases-of-guillain-barre-syndrome-found-in-pune-know-why-it-is-a-matter-of-concern-what-are-its-symptoms/) - दयानिधि मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, भारत के पुणे शहर में गुइलेन-बैरे सिंड्रोम (जीबीएस) के 26 मामले सामने आए हैं। शहर के तीन बड़े अस्पतालों ने जीबीएस के बढ़ते मामलों के बारे में स्वास्थ्य अधिकारियों को सचेत किया है। डॉक्टरों ने मीडिया को बताया कि मरीज मुख्य रूप से सिंहगढ़ रोड, धायरी और आस-पास के इलाकों - [26 जनवरी : यही वह दिन है जब भारत का संविधान स्वीकार किया गया एवं पूरे देश में उसे लागू किया गया](https://vaigyanikchetna.com/गणतंत्र-दिवस/which-republic-day-celebrated-in-2025-know-26-january-republic-day-2025/) - देशभर में गणतंत्र दिवस की धूम देखने को मिल रही है। पूरा देश तिरंगामय हो गया है। स्कूल कॉलेज व अन्य शैक्षणिक संस्थानों से लेकर तमाम सामाजिक स्थलों पर गणतंत्र दिवस की तैयारी (Republic Day 2025) रही है। इस बीच लोग सर्च कर रहे हैं कि 76वां या 77वां इस साल कौन सा गणतंत्र दिवस - [पुरुषों की तुलना में महिलाओं में 31 फीसदी अधिक होता है लॉन्ग कोविड का खतरा, वैज्ञानिकों ने किया खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/health/a-century-of-hard-work-paid-off-georgia-became-the-first-country-to-be-malaria-free-in-2025/) - ललित मौर्या अमेरिका वैज्ञानिकों ने अपने एक नए अध्ययन में खुलासा किया है कि महिलाओं में पुरुषों की तुलना में लॉन्ग कोविड होने का खतरा 31 फीसदी अधिक होता है। इतना ही नहीं अध्ययन में यह भी सामने आया है कि इससे 40 से 55 वर्ष की आयु की महिलाएं सबसे अधिक प्रभावित होती हैं। - [24 जनवरी, राष्ट्रीय बालिका दिवस : बेहद जरूरी है समाज में मौजूद लैंगिक भेदभाव खत्म कर बेटियों का भविष्य बचाना](https://vaigyanikchetna.com/बालिका-दिवस/national-girl-child-day-strict-implementation-of-policies-and-laws-will-save-the-future-of-girls-2025/) - राष्ट्रीय बालिका दिवस की इस साल की थीम है, 'सुनहरे भविष्य के लिए बच्चियों का सशक्तीकरण'। जाहिर है कि जब तक बच्चियां सशक्त नहीं होंगी तक तक उनका भविष्य सुनहरा नहीं हो सकता। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वे-5 (एनएचएफएस 2019-21) के आंकड़ों के अनुसार, देश में 18 से 24 आयु वर्ग की 23.3 प्रतिशत लड़कियों का बाल - [23 जनवरी, पराक्रम दिवस : नेताजी सुभाष चन्द्र बोस ने भारतीयों में देशभक्ति, बलिदान और आत्मसम्मान की भावना की जागृत](https://vaigyanikchetna.com/पराक्रम-दिवस/netaji-subhas-chandra-bose-jayanti-2025/) - सुभाष चंद्र बोस भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के महान नेता और क्रांतिकारी थे। नेताजी को उनके साहस, दृढ़ संकल्प और अद्वितीय रणनीतियों के लिए जाना जाता है। नेताजी ने भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन को नई दिशा दी और देशवासियों के बीच देशभक्ति और बलिदान की भावना को जागृत किया। सुभाष चंद्र बोस का योगदान केवल उनके द्वारा - [स्वास्थ्य : शोधकर्ताओं को पता चल गया कि किस तरह त्वचा की सतह से फैलता है संक्रामक इबोला वायरस‌](https://vaigyanikchetna.com/health/researchers-have-found-out-how-ebola-spreads-through-the-skin-surface-this-will-help-in-prevention/) - दयानिधि यह अध्ययन ऐसे रास्तों के बारे में बताता है जिसका उपयोग संक्रामक इबोला वायरस मनुष्य के शरीर से बाहर निकलने के लिए करता है इबोला एक घातक रक्तस्रावी बीमारी है जो एक वायरस के कारण होती है तथा इसके अधिकतर मामले पूर्वी-मध्य और पश्चिमी अफ्रीका के कुछ हिस्सों में पाए जाते हैं। यह बीमारी - [रिसर्च : वैज्ञानिकों ने वायरस के नए वेरिएंट की पहचान करने का नया तरीका ढूंढा, संक्रामक रोगों से निपटना होगा आसान](https://vaigyanikchetna.com/health/a-system-to-identify-new-variants-will-make-it-easier-to-deal-with-infectious-diseases/) - दयानिधि शोधकर्ताओं ने वायरस या बैक्टीरिया के अधिक संक्रामक प्रकारों की पहचान करने का एक नया तरीका खोज लिया है। जो लोगों में फैलने लगते हैं, जिनमें फ्लू, कोविड, काली खांसी और तपेदिक या टीबी जैसी बीमारी पैदा करने वाले वायरस भी शामिल हैं। नया तरीका संक्रमित लोगों के नमूनों का उपयोग करके आबादी में घूम रहे बीमारी फैलाने - [भारत में भी अब तक का सबसे गर्म साल रहा 2024, भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने की आधिकारिक घोषणा](https://vaigyanikchetna.com/जलवायु/glaciers-are-disappearing-from-places-where-they-are-getting-hotter-91percent-of-glaciers-in-svalbard-have-shrunk-research/) - राजू सजवान भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने भी 15 जनवरी 2025 को आधिकारिक घोषणा करते हुए कहा है कि साल 2024 भारत के लिए भी अब तक का सबसे गर्म साल साबित हुआ है। आईएमडी की 2024 की सालाना रिपोर्ट एनुअल क्लाइमेट समरी में यह जानकारी दी गई है। अब तक विश्व मौसम संगठन - [विश्व में एएमआर संक्रमण हर साल अढ़ाई लाख से अधिक लोगों की मौत के लिए जिम्मेदार : आईसीएमआर](https://vaigyanikchetna.com/health/infections-caused-by-antimicrobial-resistance-are-driving-families-into-debt-icmr/) - दयानिधि दुनिया भर में रोगाणुरोधी प्रतिरोध (एएमआर) एक चुनौती बनी हुई है, जो दशकों की चिकित्सा के क्षेत्र में हुई प्रगति को एक झटके में नष्ट कर सकता है। रोगाणुरोधी प्रतिरोध (एएमआर) तब होता है जब बैक्टीरिया, वायरस, कवक या परजीवी पर उनके इलाज के लिए बनाई गई दवाओं का असर नहीं होता है, जिससे संक्रमण का - [भारतीय वैज्ञानिकों ने विकसित किया व्यक्ति में तनाव का पता लगाने वाला अनोखा पहनने योग्य उपकरण](https://vaigyanikchetna.com/health/indian-scientists-developed-a-device-that-detects-stress-will-help-in-getting-rid-of-many-diseases/) - दयानिधि बहुत अधिक तनाव शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं के लिए जिम्मेवार होते हैं। तनाव को कई स्वास्थ्य समस्याओं, जैसे उच्च रक्तचाप, हृदय रोग, स्ट्रोक, मोटापा व मधुमेह के लिए जिम्मेदार माना जाता है। बेंगलुरु में जवाहरलाल नेहरू एडवांस्ड साइंटिफिक रिसर्च (जेएनसीएएसआर) के वैज्ञानिकों ने एक अनोखा पहनने योग्य उपकरण विकसित किया है जो मनुष्य - [भारत में लगभग 26.4 प्रतिशत यानी हर चौथा व्यक्ति है गरीब, एफएएस में प्रकाशित शोध पत्र से हुआ यह खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/अर्थव्यवस्था/every-fourth-person-in-india-is-poor/) - राजू सजवान एक ओर जहां भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के ताजा सर्वेक्षण में शहरी व ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में गरीबी पांच प्रतिशत से कम पहुंचने के दावे को सत्ताधारी राजनेता भुनाने की कोशिश कर रहे हैं, वहीं अर्थशास्त्री व विशेषज्ञ इस सर्वे पर सवाल उठा रहे हैं। इस बहस के बीच आए एक शोध पत्र - [राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) द्वारा श्मशान घाटों में शव जलाने से होने वाले प्रदूषण की जांच के लिए समिति गठित](https://vaigyanikchetna.com/प्रदूषण/a-committee-has-been-formed-to-investigate-the-pollution-caused-by-burning-of-bodies-in-cremation-grounds/) - सुसान चाको राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने पश्चिम बंगाल के हावड़ा और कोलकाता में लकड़ी की चिता पर किए जाने वाले पारंपरिक दाह संस्कार विधियों से होने वाले वायु प्रदूषण के मामले की जांच के निर्देश दिए हैं। जांच के लिए पांच सदस्यीय समिति का गठन करने को भी कहा है। 2 जनवरी, 2025 को - [स्वास्थ्य : भारत में हर साल सर्जरी के बाद करीब 15 लाख लोग आते हैं संक्रमण की चपेट में : आईसीएमआर](https://vaigyanikchetna.com/health/every-year-in-india-15-lakh-people-suffer-from-infection-after-surgery-icmr/) - दयानिधि भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) की एक रिपोर्ट से पता चला है कि भारत में हर साल लगभग 15 लाख मरीज सर्जरी के कारण संक्रमित होते हैं, जिसे सर्जिकल साइट इंफेक्शन (एसएसआई) कहा जाता हैं। यह सर्जरी के बाद आमतौर पर 30 दिनों के भीतर सर्जरी वाली जगह पर होने वाला संक्रमण है। रिपोर्ट में कहा - [सावधान ! पूरे शरीर पर असर डालता है थायराइड, जागरूकता की कमी, उसकी अनदेखी पड़ सकती है भारी](https://vaigyanikchetna.com/health/thyroid-diseases-have-a-profound-effect-on-overall-health-ignoring-them-can-be-harmful/) - दयानिधि थायरॉयड जागरूकता माह मनुष्य शरीर में एक छोटी लेकिन शक्तिशाली ग्रंथि पर ध्यान देने का यह सही समय है। थायराइड जागरूकता माह इस बारे में अतिरिक्त जागरूकता पैदा करने में मदद करता है कि थायराइड विकार दुनिया भर में लाखों लोगों के जीवन पर कैसे असर डालते हैं। यह थायराइड से संबंधित समस्याओं के निदान और - [22 जुलाई 2024 रहा पृथ्वी पर अब तक का सबसे गर्म दिन, 2024 रहा सबसे गर्म साल : कोपरनिकस की रिपोर्ट](https://vaigyanikchetna.com/जलवायु/due-to-increase-in-temperature-the-number-of-polar-fishes-is-increasing-the-population-of-equatorial-fishes-is-decreasing/) - विवेक मिश्रा धरती की सतह धीरे-धीरे इतनी गर्म होती जा रही है कि हर मौसम और साल में चिंताजनक रिकॉर्ड दर्ज हो रहे हैं। दुनिया के कैलेंडर में 2024 ऐसा वर्ष रहा जिसे औसत वैश्विक तापमान में ऐतिहासिक रूप से सबसे गर्म वर्ष घोषित किया गया है। जलवायु पर काम करने वाली एजेंसी कोपरनिकस क्लाइमेट - [10 जनवरी, विश्व हिंदी दिवस : केवल भाषा नहीं बल्कि भारतीय पहचान एवं गौरव का प्रतीक है हिंदी](https://vaigyanikchetna.com/हिंदी-दिवस/world-hindi-day-2025-10-january-history-significance-theme-and-difference-to-national-hindi-day-2025-01-09/) - भारत विभिन्न भाषाओं से समृद्ध देश है लेकिन भारत की पहचान मूल रूप से हिंदी भाषा से है। हिंदी देश की राजभाषा है। ये भाषा भारत की सांस्कृतिक और भाषाई एकता का प्रतीक है। जिस देश में सैकड़ों भाषाएं और लिपि मौजूद हैं, वहां लगभग 44% भारतीयों की मातृभाषा हिंदी है। हिंदी केवल भाषा नहीं, - [वैज्ञानिकों के मुताबिक रबर, प्लास्टिक, इमारतों जैसी चीजों में हर साल जमा हो रहा है 40 करोड़ टन कार्बन](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/every-year-400-million-tons-of-carbon-is-being-accumulated-in-things-like-rubber-plastic-and-buildings/) - ललित मौर्या हम इंसान दुनिया में बड़े पैमाने पर हो रहे कार्बन उत्सर्जन के लिए जिम्मेवार हैं, जो जलवायु परिवर्तन की वजह बन रहा है। हर साल वातावरण में कितना कार्बन छोड़ा जा रहा है, इस बारे में तो जानकारी उपलब्ध है, लेकिन समस्या बस इतनी ही नहीं है। इंसानों द्वारा बनाए उत्पादों में साल - [भारत में भी एचएमपीवी के दो मामलों की हुई पुष्टि, बच्चे प्रभावित, स्वास्थ्य एवं कल्याण मंत्रालय ने दी जानकारी](https://vaigyanikchetna.com/health/hmpv-virus-confirmed-in-two-people-including-an-eight-month-old-baby-in-bengaluru/) - दयानिधि चीन में सांस संबंधी बीमारियों में वृद्धि के लिए जिम्मेवार माने जाने वाले ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस (एचएमपीवी) के दो मामलों की पुष्टि भारत में की गई है। दोनों मामले कर्नाटक के हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने कर्नाटक में ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस (एचएमपीवी) के दो मामलों - [अध्ययन : मुफ्त इलाज एवं पोषण भत्ता मिलने के बावजूद टीबी के मरीजों पर बढ़ता ही जा रहा है भारी आर्थिक बोझ](https://vaigyanikchetna.com/health/why-despite-free-treatment-and-nutrition-allowance-tb-patients-in-india-are-facing-a-huge-burden/) - ललित मौर्या एक नए अध्ययन के मुताबिक भारत में राष्ट्रीय तपेदिक उन्मूलन कार्यक्रम (एनटीईपी) के तहत टीबी की जांच और उपचार मुफ्त है। इसके बावजूद करीब आधे मरीजों पर भारी आर्थिक बोझ पड़ रहा है। अध्ययन के मुताबिक इसके पीछे की वजह बीमारी के दौरान काम न कर पाने की वजह से आय में गिरावट - [सावधान ! ऑटिज्म का शिकार है दुनिया का हर 127वां इंसान, इसमें पुरुष अधिक : अध्ययन से हुआ खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/health/every-127th-person-on-earth-is-a-victim-of-autism-there-are-twice-as-many-cases-in-men-as-compared-to-women/) - ललित मौर्या कुछ लोग दूसरों से अलग होते हैं, उनके, बातचीत, व्यवहार और सीखने का तरीका अन्य से अलग होता है। इन्हें सामजिक गतिविधियों और बातचीत में समस्या हो सकती है। यह लोग न तो दूसरों की बात ठीक से समझ पाते हैं और न ही अपने आप को अभिव्यक्त कर पाते हैं। यह लोग - [सावधान ! टी बैग से बनी चाय आपकी सेहत के लिए हो सकती है गंभीर नुकसानदेह, रिसर्च से हुआ खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/health/if-you-drink-tea-made-from-tea-bags-be-careful-every-sip-may-contain-millions-of-microplastic-particles/) - ललित मौर्या यदि आप भी टी-बैग से बनी चाय पीते हैं तो सावधान हो जाएं। यह आपके स्वास्थ्य को गंभीर नुकसान पहुंचा सकती है। ऑटोनॉमस यूनिवर्सिटी ऑफ बार्सिलोना (यूएबी) से जुड़े वैज्ञानिकों ने इसको लेकर किए नए अध्ययन में चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। इस रिसर्च से पता चला है कि पॉलिमर बेस्ड टी-बैग, गर्म - [सेहत : रोजाना चाय-कॉफी पीने से घट सकता है सिर और गर्दन के कैंसर का खतरा, रिसर्च से हुआ खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/health/researchers-claim-fluoride-present-in-water-does-not-affect-mental-development-2/) - ललित मौर्या दुनिया में जो लोग अपने दिन की शुरूआत चाय या कॉफी से करना पसंद करते हैं, उनके लिए एक अच्छी खबर है! एक नई रिसर्च से पता चला है कि रोजाना चाय-कॉफी पीने वालों में सिर और गर्दन के कैंसर का खतरा थोड़ा कम होता है। जर्नल ‘कैंसर’ में प्रकाशित इस अध्ययन के नतीजे दर्शाते - [2025 में मलेरिया, एचआईवी एवं ट्यूबरक्यूलोसिस बन सकता है चिंता का कारण, इन तीनों के कारण होती है हर साल करीब 20 लाख लोगों की मौत](https://vaigyanikchetna.com/health/these-are-the-diseases-that-can-spread-infection-rapidly-by-2025/) - विवेक मिश्रा कोविड अचानक से उभरा, तेजी से फैला और दुनिया भर में लाखों लोगों की इसने जान ले ली। तभी से मुझे लगता है कि यह कहना सही होगा कि ज्यादातर लोग अगली बड़ी संक्रामक बीमारी को लेकर चिंतित हैं। उनके मन में इस बात की चिंता है कि संक्रामक बीमारी के रूप में - [अध्ययन : बच्चों के दिमागी विकास को प्रभावित नहीं करता है पानी में मौजूद फ्लोराइड, शोधकर्ताओं ने किया दावा](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/researchers-claim-fluoride-present-in-water-does-not-affect-mental-development/) - ललित मौर्या क्वींसलैंड विश्वविद्यालय से जुड़े वैज्ञानिकों का दावा है कि पानी में मौजूद फ्लोराइड बच्चों के दिमागी विकास को प्रभावित नहीं करता। वैज्ञानिकों ने अध्ययन में पुष्टि की है कि पानी में फ्लोराइड की मौजूदगी और बच्चों के मानसिक विकास पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभावों के बीच कोई संबंध नहीं है। इस अध्ययन के - [सावधान ! डायबिटीज की यह दवा रोगियों के लिए हो सकती है नुकसानदेह, अध्ययन से हुआ खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/health/if-you-are-taking-this-medicine-for-diabetes-then-be-careful-it-can-harm-your-eyes-study/) - दयानिधि यूनिवर्सिटी ऑफ सदर्न डेनमार्क (एसडीयू) के दो अध्ययनों से पता चलता है कि टाइप-टू डायबिटीज के मरीज जिनका इलाज ओजेम्पिक नामक दवा से किया जाता है, उनमें आंख की ऑप्टिक तंत्रिका को नुकसान पहुंचने का खतरा बढ़ जाता है। जिससे देखने की गंभीर और हमेशा के लिए अंधापन हो सकता है। दोनों अध्ययन सबसे बड़े - [विगत 10 वर्षों में पश्चिमी घाट से गायब हो चुके हैं 58 वर्ग किलोमीटर में फैले जंगल : एसओएफआर 2023 की रिपोर्ट से हुआ खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/जंगल/western-ghats-lost-58-sq-km-of-forest-cover-since-2013-sofr-2023/) - ललित मौर्या स्टेट ऑफ फारेस्ट रिपोर्ट (एसओएफआर) 2023 के मुताबिक, पिछले 10 वर्षों में पश्चिमी घाट से 58.22 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैले जंगल गायब हो चुके हैं। रिपोर्ट ने इस बात की भी पुष्टि की है कि इस दौरान जहां बेहद सघन वनों में 3,465.12 वर्ग किलोमीटर की बढ़ोतरी हुई है। वहीं दूसरी तरफ - [खोज : मालदीव में समुद्र की गहराइयों में खोजी गई डैमसेल्फिश की एक नई प्रजाति, आखिर वह क्यों है खास ?](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/evidence-of-strong-social-behaviour-found-in-wild-elephants-of-northeast-india-study/) - ललित मौर्या वैज्ञानिकों ने मालदीव के गहरे समुद्र में प्रवाल भित्तियों के बीच डैमसेल्फिश की एक नई प्रजाति की खोज की है। वैज्ञानिकों ने इस प्रजाति को क्रोमिस अबाधा नाम दिया है। यह खोज कैलिफोर्निया एकेडमी ऑफ साइंसेज के इथियोलॉजिस्ट की एक छोटी से टीम ने की है। इसके बारे में अधिक जानकारी जर्नल जूकीज - [22 दिसंबर, राष्ट्रीय गणित दिवस ‌: यह है महान भारतीय गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुजन का जन्मदिन](https://vaigyanikchetna.com/गणित-दिवस/national-mathematics-day-2024-why-is-december-22-celebrated-as-math-day-2024/) - हर साल 22 दिसंबर को महान भारतीय गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुजन की जयंती के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। इस उत्सव के पीछे मुख्य उद्देश्य मानवता के विकास के लिए गणित के महत्व के बारे में लोगों में जागरूकता बढ़ाना है। यह हर साल 22 दिसंबर को महान भारतीय गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुजन की जयंती के रूप - [अध्ययन : दुनिया को बाढ़ से होने वाले भारी नुक़सान से बचाते हैं मैंग्रोव : रिपोर्ट से हुआ खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/जंगल/mangroves-save-the-world-from-losses-of-855-billion-annually-due-to-floods-report/) - ललित मौर्या मैंग्रोव एक ऐसे जंगल जो हमारे पर्यावरण के लिए बेहद मायने रखते हैं। एक तरफ जहां यह जंगल तटीय पारिस्थितिकी पर मंडराते खतरों को कम करने में मदद करते हैं। वहीं साथ ही बाढ़ जैसी आपदाओं से भी इंसानों की रक्षा करते हैं। एक नए अध्ययन से पता चला है कि मैंग्रोव दुनिया - [जानकारी : रूस ने किया कैंसर का टीका विकसित करने का दावा, 2025 से रूस के नागरिकों के लिए होगा इसका मुफ्त वितरण](https://vaigyanikchetna.com/health/russia-claims-to-have-developed-cancer-vaccine-free-for-all-russians-from-2025/) - दयानिधि रूस ने कैंसर से निपटने के लिए एक टीका बनाया है। यह कैंसर के मरीजों में कैंसर की रोकथाम नहीं बल्कि इलाज करेगा। यह एक एमआरएनए वैक्सीन है। रूसी समाचार एजेंसी टास की रिपोर्ट के अनुसार, इसे रूसियों को मुफ्त में वितरित किया जाएगा। सरकारी मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, स्वास्थ्य मंत्रालय के रेडियोलॉजी मेडिकल रिसर्च - [केंद्र के पास इसके अद्यतन आंकड़े उपलब्ध नहीं हैं कि देश में कितने परिवार हैं गरीबी रेखा के नीचे : आरटीआई से हुआ खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/government-does-not-know-the-definition-of-poor-nor-the-actual-number-of-bpl-and-poor-families-at-present-rti/) - विवेक मिश्रा 2013 में बताया गया था कि 27 करोड़ लोग देश में गरीबी रेखा से नीचे हैं। इनमें 21.67 करोड़ (लगभग) ग्रामीण और 5.31 करोड़ लगभग शहरों में मौजूद हैं। तबसे अब तक बीपीएल का कोई आंकड़ा मौजूद नहीं है. क्या भारत में 27 करोड़ (2697.83 लाख) लोग गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) का - [भारत में धोबी घाटों के कारण नदियों और झीलों में बढ़ रहा माइक्रोफाइबर प्रदूषण का खतरा, अध्ययन से हुआ खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/microfiber-pollution-in-rivers-and-lakes-is-increasing-from-the-dhobi-ghats-of-india/) - दयानिधि भारत के पारंपरिक खुले में कपड़े धोने की जगहें, जिन्हें धोबी घाट कहा जाता है, ये सांस्कृतिक महत्व रखते हैं और पीढ़ियों से हजारों धोबियों को रोजगार दे रहे हैं। लेकिन इन धुलाई वाली जगहों को अब माइक्रोफाइबर के रूप में एक आधुनिक पर्यावरणीय चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। ये पानी में रहने वाले - [देश के 20 से अधिक राज्य शीत लहर की चपेट में, बढ़ी ठिठुरन, कुछ राज्यों में तापमान माइनस 10 डिग्री से नीचे पहुंचा](https://vaigyanikchetna.com/तापमान/weather-will-remain-dry-in-most-parts-of-the-country-cold-wave-has-increased-chill-in-more-than-20-states/) - दयानिधि देश के कुछ हिस्सों में घने कोहरे की चादर देखी जा रही है, वहीं मौसम विभाग ने कहा है कि 16 और 17 दिसंबर को पंजाब, हरियाणा व चंडीगढ़ के अलग-अलग इलाकों में देर रात से सुबह तक लोगों को घने कोहरे का कहर झेलना पड़ेगा। इसी दौरान उत्तर प्रदेश में, जबकि आज, असम और - [बेमानी है विज्ञान और धार्मिक ग्रंथों के बीच टकराव, तब भी यह समझना जरूरी है कि आखिर हम इस बहस में कैसे उतरें](https://vaigyanikchetna.com/विज्ञान-और-धर्म/इस-बहस-में-कैसे-उतरे/) - वेदप्रिय किन्हीं भी निष्कर्षों तक पहुंचने के लिए हम प्रायःक्या करते हैं? हम वस्तुओं/ घटनाओं आदि का अवलोकन करते हैं। उनके व्यवहार एवं प्रभावों को समझने के लिए खोजबीन करते हैं। उनकी जांच -परख आदि करते हैं। उनकी हर संभव पड़ताल करते हैं। उन पर और प्रयोग करते हैं आदि -आदि। यही विज्ञान विधि के - [विशेषज्ञों की मानें तो ध्वनि प्रदूषण के कारण सन् 2050 तक दुनिया की 2.5 अरब आबादी खो देगी सुनने की क्षमता](https://vaigyanikchetna.com/प्रदूषण/noise-is-taking-lives-in-indian-cities-administration-is-not-paying-attention/) - अनिल अश्वनी शर्मा देश भर में इन दिनों शादी का मौसम अपने चरम पर है। ऐसे में इससे होने वाले शोर प्रदूषण की समस्या से हर इंसान पूरे 24 घंटे जूझ रहा है। इस प्रकार के शोर के खिलाफ जब भी कोई आवाज उठाता है तो उसकी न के बराबर सुनवाई होती है। दिल्ली सहित - [कड़वा सच : शोध के क्षेत्र में महिला वैज्ञानिकों को अब भी करना पड़ता है भारी बाधाओं एवं चुनौतियों का सामना](https://vaigyanikchetna.com/विज्ञान-एवं-प्रौद्योगिकी/the-bitter-truth-about-women-inventors/) - लता जिष्णु भौतिक वैज्ञानिक रोहिणी गोडबोले के निधन ने इस बात पर विचार करने के लिए प्रेरित किया कि महिला वैज्ञानिक यहां और विश्व स्तर पर कितनी भूमिका निभाती हैं। वह एक पार्टिकल फिजिसिस्ट थीं और विज्ञान के क्षेत्र में महिलाओं की एक उत्साही समर्थक थीं। गोडबोले बेंगलुरु में इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ साइंस में सेंटर - [भारत में महिलाओं की त्वचा को समय से पहले 'बूढ़ा' बना रहा है जलवायु परिवर्तन : अध्ययन से हुआ खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/be-careful-climate-change-is-causing-premature-aging-of-the-skin-of-women-in-india/) - ललित मौर्या भारतीय महिलाओं पर किए अध्ययन से पता चला है कि जैसे-जैसे गर्मी बढ़ती गई, माथे पर काले धब्बे और झुर्रियां भी बढ़ती गई. क्या आप जानते हैं कि जलवायु परिवर्तन और बढ़ता तापमान आपकी त्वचा को समय से पहले बूढ़ा बना सकता है? जलवायु परिवर्तन मौजूदा समय की एक ऐसी समस्या है जो - [10 दिसंबर, मानवाधिकार दिवस : इसका उद्देश्य है विश्व में मानवाधिकारों के प्रति सम्मान और जागरूकता को बढ़ाना](https://vaigyanikchetna.com/मानवाधिकार-दिवस/मानवाधिकार-दिवस-2024-का-विषयस/) - 10 दिसंबर 1948 को संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा मानवाधिकारों की सार्वभौमिक घोषणा (UDHR) को अपनाने और उद्घोषणा करने की स्मृति में मनाया जाता है। यह घोषणा मानवाधिकारों की पहली वैश्विक घोषणा थी और संयुक्त राष्ट्र की पहली बड़ी उपलब्धियों में से एक थी। मानवाधिकार दिवस को औपचारिक रूप से 4 दिसंबर 1950 को महासभा की 317वीं पूर्ण - [अब मनुष्य के लिए मंगल ग्रह की यात्रा हो सकती है मुमकिन, चमगादड़ों के खून ने वैज्ञानिकों को दिखाया नया रास्ता](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/explainer-bat-blood-might-help-humans-in-mars-mission-like-travels/) - विकास शर्मा नई रिसर्च में वैज्ञानिकों को मंगल ग्रह पर एस्ट्रोनॉट्स को ले जाने में आ रही एक बड़ी समस्या का समाधान मिला है. उन्होंने पाया है कि मंगल ग्रह पर जाने के लिए लंबी यात्रा में आने वाली दिक्कतों को कम करने वाला समाधान हाइबरेशन संभव हो सकता है. इस तकनीक में यात्रियों को - [मानसून में बहुतायत में दीखने वाले कीड़े-मकोड़े आखिर सर्दियों में कहां चले जाते हैं ? इस पर क्या कहता है विज्ञान ?](https://vaigyanikchetna.com/health/what-does-science-say-where-do-insects-go-in-winter/) - विकास शर्मा आमतौर पर देखा जाता है कि मानसून में दिखने वाले बहुत सारे कीड़े सर्दियों में गायब हो जाते हैं. वैज्ञानिकों का कहना है कि इनमें से कुछ कीड़े दूर चले जाते हैं तो कुछ खुद को बचाने के लिए खास तरह की प्रक्रिया का इस्तेमाल करते हैं. वहीं कुछ केवल जमीन के अंदर - [बढ़ते तापमान से आर्कटिक में ध्रुवीय भालुओं पर बढ़ रहा है बीमारियों का खतरा, वैज्ञानिक अध्ययन से हुआ खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/जलवायु/rising-temperatures-in-the-arctic-are-increasing-the-risk-of-diseases-for-polar-bears/) - ललित मौर्या जलवायु परिवर्तन के साथ ध्रुवीय भालुओं के लिए चुनौतियां बढ़ती जा रही हैं। बढ़ते तापमान के साथ आर्कटिक क्षेत्र में बर्फ बड़ी तेजी से पिघल रही है नतीजन इनके आवास तेजी से सिकुड़ रहे हैं, साथ ही इन जीवों को खाने के लिए भी संघर्ष करना पड़ रहा है। हालांकि समस्या सिर्फ इतनी - [ऐतिहासिक पल का साक्षी बनेगा ISRO, एक साथ योरोपीय स्पेस एजेंसी के 2 स्पेस क्राफ्ट को अंतरिक्ष में करेगा लॉन्च](https://vaigyanikchetna.com/isro/indian-space-research-organisation-isro-european-space-agency-esa-proba-3-satish-dhawan-space-centre-8876052-html/) - मनीष कुमार ISRO PSLV-C59 Launching: ISRO ने काफी कम पैसे में ऐसे स्‍पेस मिशन को अंजाम दे चुका है, जिसका लोहा पूरी दुनिया मानती है. भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन एक बार फिर से इतिहास रचने जा रहा है. ISRO यानी भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन ने कई ऐसे मिशन को सफलतापूर्वक लॉन्‍च किया है, जिसका डंका - [जानकारी : नीम के बीज से बना नैनो पेस्टीसाइड कीटनाशकों में है बेहद असरदार तथा पर्यावरण के अनुकूल](https://vaigyanikchetna.com/कृषि/nanopesticide-made-from-neem-seeds-is-effective-in-pesticides-and-is-environmentally-friendly/) - दयानिधि एक नए शोध में कहा गया है कि कीटनाशकों के पौधों पर चिपकने के तरीके में सुधार करके इसे अधिक प्रभावी और पर्यावरण के अनुकूल बनाया जा सकता है। इसके लिए शोधकर्ताओं ने नैनोपेस्टिसाइड नामक एक नए कीटनाशक प्रणाली विकसित की है। टेक्सास ए एंड एम यूनिवर्सिटी के इंजीनियरिंग के शोधकर्ताओं द्वारा विकसित की - [जानकारी : मिट्टी के सूक्ष्म जीवों पर चरम मौसम की घटनाओं का पड़ता है गहरा असर , नए शोध से हुआ यह खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/जलवायु/soil-microorganisms-are-at-risk-from-rapid-climate-change-due-to-extreme-weather-events/) - दयानिधि दुनिया भर में बढ़ते तापमान की वजह से चरम मौसम की घटनाएं जैसे कि लू, सूखा, बाढ़ और ठंड आम होती जा रही हैं। यह समझना बहुत जरूरी है कि स्वस्थ पारिस्थितिकी तंत्र के लिए मिट्टी के अहम सूक्ष्मजीव कैसे प्रतिक्रिया करते हैं। ये सूक्ष्मजीव कार्बन चक्रण जैसी प्राकृतिक प्रक्रियाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते - [मुंह की बीमारियां दुनिया के 3.5 अरब लोगों को कर रही हैं प्रभावित, विश्व स्वास्थ्य संगठन ने जताई चिंता, बुलाई बैठक](https://vaigyanikchetna.com/health/whos-first-global-oral-health-meeting-focus-on-universal-health-coverage-by-2030/) - दयानिधि मुंह के रोगों में दांत क्षय या गुहा, मसूड़ों की बीमारी, दांतों का गिरना, मुंह का कैंसर, नोमा और जन्म दोष शामिल हैं, जो मुंह, दांतों और चेहरे की संरचनाओं को प्रभावित करते हैं जो खाने, सांस लेने और बोलने के लिए जरूरी हैं। दुनिया भर में मुंह से संबंधित बीमारियां बढ़ने से विश्व स्वास्थ्य - [सेहत : सन् 2030 तक दुनिया में 52 फीसदी तक बढ़ सकती है एंटीबायोटिक दवाओं की खपत, अध्ययन से हुआ खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/health/consumption-of-antibiotics-may-increase-by-52-percent-in-the-world-by-2030/) - ललित मौर्या दुनिया में एंटीबायोटिक दवाओं की खपत में चिंताजनक रूप से वृद्धि हो रही है। इस बारे में किए एक नए अध्ययन के मुताबिक 2016 से 2023 के बीच इन दवाओं की बिक्री में 16.3 फीसदी से ज्यादा की वृद्धि हुई है। इसके साथ ही इन दवाओं की बिक्री जो 2016 में 2,950 करोड़ - [सावधान ! भोजन और पानी में सेहत के लिए खतरनाक पीएफएएस केमिकल के मिलावट के सबूत मिले, संकट गहराया](https://vaigyanikchetna.com/प्रदूषण/पानी-और-भोजन-में-स्वास्थ्/) - दयानिधि पॉलीफ्लोरोएल्काइल पदार्थों (पीएफएएस) के कारण स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ रहीं हैं, जो उत्पादों में इस्तेमाल किए जाने वाले केमिकलों का एक समूह है जो शरीर में जमा हो जाता है और नष्ट होने में बहुत लंबा समय लेता है। ये पदार्थ कैंसर, यकृत को नुकसान पहुंचाने और प्रजनन संबंधी समस्याओं सहित कई खतरों को बढ़ाने - [30 नवंबर, जयंती : देश के महान वैज्ञानिक जे सी बोस का गृह नगर रहे गिरिडीह, झारखंड में राष्ट्रीय म्यूजियम, शोध केंद्र बने](https://vaigyanikchetna.com/जे-सी-बोस/देश-के-महान-वैज्ञानिक-जगद/) - डी एन एस आनंद आज 30 नवंबर है। देश के महान वैज्ञानिक जगदीश चन्द्र बोस का जन्मदिन। यह भारतीय संविधान का 75 वां वर्ष है। साइंस फार सोसायटी, झारखंड ने इसे वैज्ञानिक चेतना वर्ष के रूप में मनाने, वर्ष भर जन विज्ञान अभियान चलाने एवं विज्ञान को जन जन तक पहुंचाने का निर्णय किया है, - [दुनिया में करीब 83 करोड़ लोग हैं मधुमेह से पीड़ित, इनमें से एक चौथाई यानी 21 करोड़ से अधिक भारतीय : लैंसेट](https://vaigyanikchetna.com/health/indians-are-more-than-a-quarter-of-the-worlds-diabetic-patients-the-number-of-patients-is-more-than-21-crores/) - ललित मौर्या पिछले कुछ दशकों में आर्थिक विकास के साथ भारतीय जीवनशैली में भी तेजी से बदलाव आया है। इसके कुछ सकारात्मक तो कुछ नकारात्मक प्रभाव सामने आए हैं। जीवनशैली और खानपान में यह बदलाव बड़ी तेजी से भारतीयों को अपनी गिरफ्त में ले रहा है। इसके चलते मधुमेह और ह्रदय रोग जैसी बीमारियां तेजी - [26 नवम्बर, संविधान दिवस : आइए, हम संविधान की रक्षा, उसके मूल्यों को अपनाने, जन जन तक पहुंचाने का संकल्प दोहराएं](https://vaigyanikchetna.com/संविधान/constitution-day-2024-date-history-significance-when-and-why-celebrated-samvidhan-divas-kab-manaya-jata-hai/) - किसी लोकतांत्रिक राष्ट्र के लिए संविधान देश के नागरिकों के अधिकारों और कर्तव्यों को तय करता है। साथ ही सरकार के विभिन्न अंगों के अधिकार और कर्तव्यों को परिभाषित करता है। संविधान किसी भी देश की शासन प्रणाली और राज्य को चलाने के लिए बनाया गया एक दस्तावेज होता है। संविधान की जरूरत को महसूस - [सावधान ! भारत में पिछले पांच वर्षों के दौरान डेंगू के मामलों में करीब 84 फीसदी की हुई वृद्धि, संकट गहराया](https://vaigyanikchetna.com/health/due-to-climate-change-dengue-cases-may-increase-by-60-percent-in-the-next-26-years/) - ललित मौर्या वैज्ञानिकों ने आशंका जताई है कि जलवायु में आते बदलावों के चलते 2050 तक डेंगू के मामलों में 40 से 60 फीसदी की वृद्धि हो सकती है। इतना ही नहीं कुछ क्षेत्रों में तो इसके मामले 200 फीसदी तक बढ़ सकते हैं। बता दें कि डेंगू बुखार एक तरह का वायरल संक्रमण है, - [सावधान ! मानव स्वास्थ्य के लिए खतरनाक माइक्रोप्लास्टिक बादलों के निर्माण एवं मौसम को भी गहरे कर रहा प्रभावित](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/microplastics-are-affecting-the-formation-of-clouds-and-also-affecting-the-weather-pattern/) - ललित मौर्या दुनिया में दिन-प्रतिदिन बढ़ता प्लास्टिक एक बड़ी समस्या को जन्म दे रहा है। माइक्रोप्लास्टिक के नाम से बदनाम इसके महीन कण मानव जाति के लिए बड़ा खतरा बनते जा रहे हैं। यह समस्या कितनी बड़ी है इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि आज दुनिया का कोई भी हिस्सा इससे अछूता - [2014 के बाद दुनिया भर में ताजे पानी की कुल मात्रा में अचानक आई भारी गिरावट : नासा के शोध में हुआ खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/there-has-been-a-sudden-huge-drop-in-fresh-water-levels-around-the-world-nasa-reveals/) - दयानिधि नासा और जर्मन उपग्रहों से प्राप्त अवलोकनों का उपयोग करते हुए, वैज्ञानिकों की एक अंतरराष्ट्रीय टीम को इस बात के सबूत मिले है कि मई 2014 से धरती पर मीठे या ताजे पानी की कुल मात्रा में अचानक गिरावट आई है और तब से यह कमी लगातार बनी हुई है। शोधकर्ताओं ने शोध में कहा है - [नए शोध के अनुसार जीवाश्म ईंधन की वजह से भारत में पांच फीसदी तक बढ़ जाएगा कार्बन उत्सर्जन, उसमें हुई रिकॉर्ड वृद्धि](https://vaigyanikchetna.com/जलवायु/indias-fossil-fuel-carbon-emissions-are-expected-to-increase-by-five-percent/) - दयानिधि ग्लोबल कार्बन प्रोजेक्ट के नए शोध के अनुसार, जीवाश्म ईंधन से साल 2024 में दुनिया भर में कार्बन उत्सर्जन रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया है। दुनिया भर में साल 2024 के कार्बन बजट में जीवाश्म कार्बन डाइऑक्साइड (सीओ 2) उत्सर्जन 37.4 अरब मीट्रिक टन होने का अनुमान लगाया गया है, जो 2023 से 0.8 फीसदी अधिक - [प्रयागराज में महाकुंभ 13 जनवरी 2025 से, तैयारियां जोरों पर, लेकिन गंगा के 'मलजल' में लोग कैसे लगाएंगे डुबकी ?](https://vaigyanikchetna.com/नदी/mahakumbh-approaches-how-will-the-dip-in-gangas-sewage-contaminated-waters-impact-devotees/) - विवेक मिश्रा प्रयागराज में 13 जनवरी, 2025 से शुरू होने वाले महाकुंभ की तैयारियां जोर-शोर से जारी हैं। हालांकि, इसमें एक सबसे अहम चीज की अनदेखी जारी है और वह है सीधे गंगा में गिरने वाले सीवेज (मलजल) की। स्थिति यह है कि गंगाजल आचमन लायक नहीं है। यानी वह श्रद्धालु जो प्रयाग की गंगा - [अध्ययन : पिछले चार वर्षों में सिर्फ निजी जेट विमानों की आवाजाही से होने वाले उत्सर्जन में हुई 46 फीसदी की वृद्धि](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/private-plane-traffic-is-taking-a-toll-on-the-climate-emissions-increased-by-46-percent-in-four-years/) - ललित मौर्या एक तरह जहां दुनिया बढ़ते उत्सर्जन के चलते जलवायु में आते बदलावों से जूझ रही है। वहीं दूसरी तरफ निजी हवाई जहाजों से होने वाला उत्सर्जन लगातार बढ़ रहा है। इस बारे में किए एक नए अध्ययन से पता चला है कि पिछले चार वर्षों में निजी जेट विमानों की आवाजाही से होने - [उम्र बढ़ने के साथ मानसिक कमजोरी के कारण इंसान में बदल जाती है समय के बारे में उसकी धारणा, एक्सपर्ट की राय](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/explainer-time-runs-at-much-faster-rate-as-we-get-older-know-why/) - विकास शर्मा एक्सपर्ट्स का कहना है कि इंसान की उम्र के साथ समय को लेकर उसकी समझ धीमी पड़ जाती है. इसके कई कारण होते हैं जिनमें दिमाग की तंत्रिकाओं के मार्गों का कमजोर होना सबसे प्रमुख है. फिर भी उनका मानना है कि चेतना को बढ़ा कर और कुछ सक्रिय उपाय अपना कर इसे - [शोध : पानी में आर्सेनिक प्रदूषण से छुटकारा पाने के लिए वैज्ञानिकों ने की महत्वपूर्ण खोज, भारत को भी मिलेगी राहत](https://vaigyanikchetna.com/प्रदूषण/scientists-have-made-an-important-discovery-to-get-rid-of-arsenic-pollution-in-water-around-the-world/) - दयानिधि ब्रिस्टल विश्वविद्यालय की अगुवाई में किए गए एक अध्ययन ने इस बात पर नई रोशनी डाली है कि आर्सेनिक को मनुष्यों के लिए कम खतरनाक कैसे बनाया जा सकता है, जिससे ग्लोबल साउथ में पानी और खाद्य सुरक्षा में अहम सुधार हो सकता है। शोधकर्ता ने शोध के हवाले से कहा कि यह एक - [केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने एनजीटी से कहा कि हाल ही में लैंसेट द्वारा जारी अध्ययन पूरी तरह सटीक नहीं](https://vaigyanikchetna.com/वायु/cpcb-raised-questions-on-the-results-of-lancet-the-matter-is-related-to-deaths-due-to-air-pollution/) - ललित मौर्या केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) ने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) में दाखिल अपने जवाब में कहा है कि हाल ही में लैंसेट द्वारा जारी अध्ययन पूरी तरह सटीक नहीं है और इसकी कुछ सीमाएं हैं। गौरतलब है कि अंतराष्ट्रीय जर्नल द लैंसेट में प्रकशित अध्ययन में इस बात पर प्रकाश डाला गया था था कि - [3 से 9 नवम्बर, ध्रुवीय भालू सप्ताह : सावधान ! 2060 तक गायब हो सकते हैं ध्रुवीय भालू, जरूरी है उनका संरक्षण](https://vaigyanikchetna.com/वन्यजीव/polar-bear-week-polar-bears-may-disappear-by-2060-due-to-climate-change/) - दयानिधि नवंबर के पहले पूरे सप्ताह के दौरान ध्रुवीय भालू सप्ताह मनाया जाता है, जो इस साल तीन नवंबर से नौ नवंबर तक चलेगा। यह चर्चिल, मैनिटोबा में ध्रुवीय भालू के पतझड़ प्रवास के साथ मेल खाता है, जहां भालू हडसन बे के जमने का इंतजार करने के लिए इकट्ठा होते हैं ताकि वे सील - [रिसर्च : महिलाओं के मुकाबले पुरुषों को क्यों अधिक होते हैं सांस के रोग ? आखिर इस मामले में क्या कहता है विज्ञान ?](https://vaigyanikchetna.com/health/explainer-why-men-are-catch-respiratory-disease-than-women-chinese-research-answer/) - विकास शर्मा चीनी साइंटिस्ट्स की एक रिसर्च ने इस बात की वजह का पता लगाया है कि सांस संबंधी रोग महिलों के मुकाबले पुरुषों में अधिक क्यों होते हैं. उन्होंने नाक और सांस की नली के अंदर मिलने वाले सूक्ष्मजीवों के बायोम का अध्ययन कर पाया कि महिला और पुरुषों के बायोम के जीवों के - [इस दीपावली की रात 603 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर तक पहुंचा पीएम 2.5, हालात हुए पिछले वर्ष की दीपावली से भी बदतर : सीएसई](https://vaigyanikchetna.com/प्रदूषण/pm25-reached-603-micrograms-per-cubic-meter-on-diwali-night-first-smog-of-the-season-observed-cse/) - ललित मौर्या साल 2024 की दीपावली के बाद सीएसई द्वारा जारी विश्लेषण के मुताबिक 31 अक्टूबर को पीएम 2.5 का स्तर 603 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर तक पहुंच गया। आंकड़ों के मुताबिक यह 2022 और 2023 में दीपावली के दिन दर्ज प्रदूषण के चरम स्तर से भी 13 फीसदी अधिक था। सेंटर फॉर साइंस एंड - [वैज्ञानिकों ने दाने के आकार का बनाया रोबोट, जो शरीर के मनचाहे कोने में पहुंचाएगा दवा, होगा सटीक इलाज](https://vaigyanikchetna.com/health/explainer-new-soft-grain-sized-soft-robots-offer-precision-in-targeted-drug-delivery/) - विकास शर्मा वैज्ञानिकों ने अनाज के दाने के आकार का एक खास नर्म रोबोट बनाया है. इसे मैग्नेटिक फील्ड के जरिये नियंत्रित किया जा सकेगा, जिससे शरीर के खास हिस्सों तक पहुंचाया जा सकेगा और समय समय पर चार तरह के डोज शरीर में छोड़े जा सकेंगे जिससे इलाज ज्यादा सटीक हो सकेगा. अभी तक - [जानकारी : इंसानों से लाखों साल पहले चींटियां करने लगी थीं खेती, नई स्टडी में यह बात आई सामने](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/explainer-how-ancient-ants-started-farming-fungi-long-before-humans-existed-tells-new-study/) - विकास शर्मा नई रिसर्च में साइंटिस्ट ने पाया है कि इंसानों के अस्तित्व में आने से लाखों साल पहले ही चींटियों ने खेती शुरू कर दी थी. 6.6 करोड़ साल पहले आए महाविनाश के बाद, जिसमें डायनासोर खत्म हो गए थे, चींटियों ने फंगस या कवक के पनपने का अवसर को समझा और उनकी खेती - [वैज्ञानिकों ने की केंद्रीय तंत्रिका तंत्र के नए जीन की खोज, इससे रीढ़ की हड्डी के उपचार में आएगी नई क्रांति](https://vaigyanikchetna.com/science/scientists-discover-new-gene-of-central-nervous-system-revolutionizing-spinal-cord-treatment-research/) - दयानिधि हांगकांग यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी (एचकेयूएसटी) की एक टीम ने केंद्रीय तंत्रिका तंत्र (सीएनएस) की चोटों के उपचार का नया तरीका खोजा है। इससे रीढ़ की हड्डी के इलाज में काफी आसानी आ जाएगी। यहां उल्लेखनीय है कि में केंद्रीय तंत्रिका तंत्र अपनी मरम्मत नहीं कर पाते, जिससे रीढ़ की हड्डी जैसी चोटों - [तम्बाकू पर प्रतिबंध से टाली जा सकती हैं फेफड़ों के कैंसर से होने वाली 40% से अधिक मौतें : अध्ययन से हुआ खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/health/13119/) - ललित मौर्या यदि हम युवा पीढ़ी को तम्बाकू के जहर से बचा पाने में सफल होते हैं तो फेफड़ों के कैंसर से होने वाली 40 फीसदी से ज्यादा मौतों को टाल सकते हैं. तम्बाकू एक ऐसा धीमा जहर है जो न केवल बुजुर्गों बल्कि युवा पीढ़ी को भी अपना शिकार बना रहा है। इसकी लत - [जानकारी : दुनिया में लगभग बराबर पैदा होते हैं पुरुष और महिलाएं पर जानवरों में ऐसा नहीं होता : शोध में हुआ खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/explainer-why-humans-have-equal-numbers-of-males-and-females-monogamy/) - विकास शर्मा दुनिया में देखा जाता है कि इंसानों में स्त्री और पुरुषों के बीच का अनुपात समान होता है. जहां भी ये अनुपात कुछ ऊपर नीचे होता है तो वह एक्सपर्ट्स के लिए चिंता का विषय बन जाता है. पर जानवरोंऔर पंछियों में नर और मादा अनुपात कुछ ज्यादा ही होता है.वैज्ञानिकों ने पता - [दुनिया के 110 करोड़ लोग हैं बहु आयामी गरीबी के शिकार, इसमें सर्वाधिक भारतीय : संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट से हुआ खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/विकास/234-million-indians-are-suffering-from-multidimensional-poverty-the-highest-number-in-the-world/) - ललित मौर्या संयुक्त राष्ट्र द्वारा जारी “वैश्विक बहुआयामी गरीबी सूचकांक 2024” में कहा गया है कि भारत में सबसे अधिक गरीब रहते हैं। रिपोर्ट के अनुसार पूरी दुनिया में 110 करोड़ लोग बहुआयामी गरीबी में जीवन काट रहे हैं, जिनमें से 23.4 करोड़ भारतीय हैं। मतलब कि बहुआयामी गरीबी से जूझ रही 21 फीसदी आबादी - [रोचक : तरल पदार्थ की तरह बर्ताव करती हैं बिल्लियां, छोटे छेदों से गुजर जाती हैं, नई स्टडी में यह बात आई सामने](https://vaigyanikchetna.com/बिल्लियां/रोचक-तरल-पदार्थ-की-तरह-बर्/) - विकास शर्मा एक नई स्टडी में एक साइंटिस्ट ने प्रयोगों के जरिए यह जानने का प्रयास किया कि बिल्लियां कितना लचीलापन दिखा सकती हैं. प्रयोग के नतीजों में पाया गया है कि वे एक तरह पदार्थ की बर्ताव करती हैं और खुद को बहुत छोटे छेद से भी आसानी से निकाल सकती हैं. आपको बिल्ली - [वैक्सीन के बेहतर इस्तेमाल से एंटीबायोटिक दवाओं के उपयोग में आ सकती है 250 करोड़ खुराकों की कमी : डब्ल्यूएचओ](https://vaigyanikchetna.com/health/better-use-of-vaccines-could-reduce-antibiotic-use-by-250-crore-doses-annually-who/) - ललित मौर्या विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने अपनी नई रिपोर्ट के हवाले से कहा है कि वैक्सीन में अधिक निवेश से रोगाणुरोधी प्रतिरोध यानी एंटीमाइक्रोबियल रेसिस्टेन्स (एएमआर) के कारण होने वाली मौतों को टाला जा सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक इससे ने केवल एंटीबायोटिक दवाओं के बढ़ते उपयोग को सीमित करने में मदद मिलेगी, साथ ही एंटीबायोटिक - [रिपोर्ट : वैज्ञानिक चेतना परिचर्चा की 9वीं कड़ी में वक्ताओं ने हिन्दी प्रदेशों में तर्कशील आंदोलन की दशा-दिशा पर की व्यापक चर्चा](https://vaigyanikchetna.com/वैज्ञानिक-चेतना/रिपोर्ट-वैज्ञानिक-चेतना/) - डी एन एस आनंद जन जन तक विज्ञान पहुंचाने एवं लोगों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण तथा लोकतांत्रिक चेतना के विकास एवं विस्तार के लिए प्रतिबद्ध साइंस फॉर सोसायटी, झारखंड द्वारा वैज्ञानिक चेतना अभियान के तहत जारी ऑनलाइन परिचर्चा "राष्ट्रीय युवा-संवाद" की 9वीं कड़ी का आयोजन 13 अक्टूबर रविवार को संपन्न हो गया। उल्लेखनीय है कि 21वीं - [चिकित्सा क्षेत्र में लगातार हो रही प्रगति के बावजूद धीमी पड़ती जा रही है जीवन प्रत्याशा में सुधार की गति : शोध में हुआ खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/health/चिकित्सा-क्षेत्र-में-लगा/) - ललित मौर्या स्वास्थ्य में लगातार हो रही प्रगति के बावजूद, दुनिया में लम्बे समय तक जीवित रहने वाली आबादी की जीवन प्रत्याशा 1990 के बाद से केवल साढ़े छह बढ़ी है इसमें कोई शक नहीं कि 19वीं और 20वीं सदी के दौरान जीवन प्रत्याशा में काफी सुधार हुआ। इसका श्रेय स्वास्थ्य क्षेत्र में होती प्रगति, - [दिल के दौरे को रोकने में मदद करती हैं मोटापा कम करने वाली दवाइयां, नए अध्ययन से हुआ खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/health/how-are-obesity-reducing-drugs-helpful-in-preventing-heart-attack/) - दयानिधि दवाओं के उपयोग से पहले से दिल की समस्याओं से जूझ रहे लोगों के समूह के लिए दिल की बीमारी से संबंधित मौतों में 24 फीसदी की कमी और इससे जुड़े अन्य कारणों से होने वाली मौतों में 19 फीसदी की कमी देखी गई। एक नए अध्ययन के अनुसार, मोटापा कम करने वाली दवाईयां - [फास्ट फूड के कारण धीरे धीरे दुनिया की डायबिटीज राजधानी बनने की ओर अग्रसर है भारत, रिसर्च में हुआ खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/health/fast-food-and-highly-processed-foods-are-giving-rise-to-diabetes-in-india-study/) - दयानिधि भोजन में फल, सब्जियां, साबुत अनाज और कम वसा वाला दूध, अधिक वजन और मोटापे से ग्रस्त व्यक्ति अपने शरीर में ऑक्सीडेटिव तनाव को कम कर सकते हैं। अध्ययन में कहा गया है कि एडवांस्ड ग्लाइकेशन एंड प्रोडक्ट्स (एजीई) वाले खाद्य पदार्थों को कम खाने से मोटापे से जुड़े टाइप 2 मधुमेह के मामलों - [दुनिया भर में 50 वर्ष से कम उम्र की महिलाओं में तेजी बढ़ रहे हैं स्तन कैंसर के मामले, रिपोर्ट से हुआ यह खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/health/breast-cancer-is-increasing-in-women-under-50-years-of-age-report/) - दयानिधि रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी भारतीय और अलास्का मूल निवासी (एआईएएन) महिलाओं में पिछले तीन दशकों में स्तन कैंसर से होने वाली मृत्यु दर में कोई सुधार नहीं देखा गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि अश्वेत महिलाओं में स्तन कैंसर की वजह से मृत्यु दर श्वेत महिलाओं की तुलना में 38 फीसदी अधिक - [जलवायु परिवर्तन के कारण भी परिवार में तनाव एवं महिलाओं के खिलाफ बढ़ रही है हिंसा, रिसर्च से हुआ खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/जलवायु/climate-change-is-increasing-the-rate-of-violence-against-women-study/) - दयानिधि यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन (यूसीएल) के शोधकर्ताओं द्वारा किए गए एक नए अध्ययन में पाया गया है कि गंभीर रूप से जलवायु परिवर्तन से प्रभावित देशों में महिलाओं के खिलाफ हिंसा का प्रचलन बढ़ रहा है। शोध में इस बात की जांच-पड़ताल की गई कि कैसे जलवायु संबंधी घटनाएं जैसे कि तूफान, भूस्खलन और बाढ़ के बाद के दो सालों में महिला - [शिशुओं के मस्तिष्क के विकास पर बेहद बुरा असर डाल सकता है वायु प्रदूषण, रिसर्च से हुआ खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/वायु/exposure-to-air-pollution-in-the-early-years-of-life-may-have-a-negative-impact-on-childrens-brain-development/) - ललित मौर्या एक नई रिसर्च से पता चला है कि गर्भावस्था और बचपन के दौरान कुछ प्रदूषण के महीन कणों जैसे पीएम 2.5 और नाइट्रोजन ऑक्साइड (एनओएक्स) के संपर्क में आने से मस्तिष्क के श्वेत पदार्थ की संरचना में बदलाव आ सकता है। अध्ययन में खुलासा हुआ है कि जीवन के शुरूआती वर्षों में प्रदूषकों - [दुनिया भर में लगभग चार अरब लोगों को अर्बोवायरस से संक्रमण का खतरा, विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट से हुआ खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/health/who-launches-plan-to-combat-rising-dengue-and-aedes-borne-arboviral-diseases-worldwide/) - दयानिधि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने डेंगू और अन्य एडीज जनित आर्बोवायरस से निपटने के लिए वैश्विक रणनीतिक तैयारी, तत्परता और प्रतिक्रिया योजना (एसपीआरपी) शुरू की है। इस योजना का उद्देश्य दुनिया भर में साथ मिलकर डेंगू और अन्य एडीज जनित आर्बोवायरस रोगों जैसे कि जीका और चिकनगुनिया से होने वाली बीमारी और मौतों के मामलों को - [रिपोर्ट : करीब 9 करोड़ भारतीय हृदय संबंधी बीमारियों से पीड़ित, इससे भारत में ही होती हैं सर्वाधिक मौतें](https://vaigyanikchetna.com/health/20-percent-of-heart-attack-deaths-worldwide-occur-in-india-report/) - दयानिधि भारत में दुनिया भर में दिल का दौरा पड़ने से होने वाली मौतों में से 20 प्रतिशत मौतें होती हैं। इस बात का खुलासा सीके बिड़ला हॉस्पिटल्स द्वारा जारी 'एवरी बीट काउंट्स' यानी ‘हर धड़कन मायने रखती है’ नामक रिपोर्ट में किया गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि वर्तमान में लगभग नौ करोड़ भारतीय - [सावधान ! शहरों की ऊंची-ऊंची इमारतें लोगों के शारीरिक मानसिक स्वास्थ्य एवं पर्यावरण को कर रहीं हैं प्रभावित](https://vaigyanikchetna.com/विकास/clouds-and-tall-buildings-are-taking-away-natural-light-from-cities-it-is-important-to-pay-attention-to-urban-planning/) - ललित मौर्या 70 के दशक से देखें तो बढ़ता शहरीकरण पूरी दुनिया पर हावी होता जा रहा है। इसके चलते छोटे-छोटे घरों की जगह अब तेजी से ऊंची गगनचुंबी इमारतें ले रही हैं। यह इमारतें देखने में आकर्षक और सुविधाजनक लग सकती हैं लेकिन साथ ही ये प्राकृतिक प्रकाश और धूप के लिए अवरोध का - [विश्व स्वास्थ्य संगठन ने जारी किया विश्व भर में क्लिनिकल ट्रायल में आवश्यक सुधार के लिए दिशा-निर्देश](https://vaigyanikchetna.com/health/who-releases-guidelines-for-effective-and-equitable-clinical-trials-worldwide/) - दयानिधि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने सभी देशों में क्लीनिकल ट्रायल्स या नैदानिक ​​परीक्षणों के डिजाइन, संचालन और निगरानी में सुधार के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसका उद्देश्य स्वास्थ्य विज्ञान को आगे बढ़ाने के लिए देश के मजबूत नेतृत्व वाले अनुसंधान और विकास (आरएंडडी) का समर्थन करना है ताकि नए, सुरक्षित और प्रभावी स्वास्थ्य - [वैज्ञानिकों ने विकसित किया दुनिया का पहला बायोनिक आंख, जिससे अंधेपन से जूझ रहे लोगों को मिलेगी नई जिंदगी](https://vaigyanikchetna.com/health/health-australian-university-develops-worlds-first-bionic-eye-human-trials-will-start-soon-know-details-8727215-html/) - अमित उपाध्याय ऑस्ट्रेलियाई वैज्ञानिकों ने एक ऐसी बायोनिक आंख डेवलप करने का दावा किया है, जिसकी मदद से आंखों की रोशनी खो चुके लोग भी चीजों को देख पाएंगे. इस आंख का जल्द ही ह्यूमन ट्रायल शुरू हो जाएगा. दुनियाभर में लाखों लोग अंधेपन से जूझ रहे हैं और किसी भी तकनीक से उनकी रोशनी - [सीडीएसओ द्वारा चिन्हित बीपी, शुगर, बुखार आदि नियंत्रित करने वाली 35 दवाइयां गुणवत्ता जांच में विफल, अलर्ट जारी](https://vaigyanikchetna.com/health/medicines-of-renowned-companies-to-control-bp-sugar-and-fever-failed-in-quality-check/) - विवेक मिश्रा बड़ी कंपनियों ने अपने जवाब में कहा है कि जो दवाएं गुणवत्ता में फेल निकली नहीं हैं वह उनकी नहीं हैं। बैक्टीरिया संक्रमण के उपचार के लिए परंपरागत तौर पर उपयोग होने वाली एंटी-बायोटिक दवा नाइट्रोफ्यूरैंटॉइन की अपेक्षा नैनो-कंपोजिट्स को अधिक प्रभावी पाया गया है। हो सकता है आपको बुखार हो और आप - [हर मिनट बिक रही हैं 10 लाख पानी की बोतलें पर यह स्वास्थ्य और पर्यावरण के लिहाज से है कितना सुरक्षित ?](https://vaigyanikchetna.com/पानी/10-lakh-water-bottles-are-being-sold-every-minute-are-they-beneficial-for-the-environment-and-health/) - ललित मौर्या क्या आप जानते हैं कि हर मिनट बोतल बंद पानी की 10 लाख बोतलें खरीदी जाती हैं। वहीं दुनिया भर में इसकी मांग लगातार बढ़ रही है। लेकिन क्या यह बोतल बंद पानी पर्यावरण और स्वास्थ्य के लिहाज से सुरक्षित है, यह अपने आप में एक बड़ा सवाल है। विशेषज्ञों के मुताबिक यह - [अध्ययन : सांसों के जरिए दिमाग में पैठ बना रहा माइक्रोप्लास्टिक, वैज्ञानिकों ने किया यह खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/health/microplastics-are-entering-the-brain-through-breathing-scientists-revealed/) - ललित मौर्या क्या आप जानते हैं कि हमारी सांसों के जरिए माइक्रोप्लास्टिक हमारे दिमाग में पैठ बना सकता है। इस बारे में किए गए एक नए अध्ययन में पहली बार वैज्ञानिकों को मस्तिष्क के उस हिस्से में माइक्रोप्लास्टिक की मौजूदगी के सबूत मिले हैं, जो सूंघने की क्षमता को नियंत्रित करता है। यह इस बात का भी - [सावधान : दिल के लिए घातक साबित हो रहा है स्मार्टफोन का इस्तेमाल, रिसर्च से हुआ खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/health/health-smartphone-can-cause-of-heart-disease-lancet-report-says-risk-of-heart-disease/) - लक्ष्मी नारायण हममें से शायद ही कोई हो जो स्मार्टफोन का यूज नहीं करता हो. लेकिन स्मार्ट फोन का यह इस्तेमाल दिल के लिए घातक साबित हो रहा है. एक नई रिसर्च में दावा किया गया है कि आधे घंटे भी स्मार्टफोन का इस्तेमाल कर लिया तो इससे हार्ट डिजीज का खतरा बढ़ जाता है. - [रिसर्च : वैज्ञानिकों ने किया दावा, मधुमक्खी के डंक से निकला जहर कर सकता है कैंसर कोशिकाओं का समूल नाश](https://vaigyanikchetna.com/health/health-honey-bee-venom-kill-cancer-cell-in-1-hour-says-breakthrough-study-8704992-html/) - लक्ष्मी नारायण वैज्ञानिकों ने एक बेहद आशातीत सफलता प्राप्त की है जिसमें मधुमक्खी के डंक से कैंसर को खत्म करने का दावा किया है. यह रिसर्च यूनिवर्सिटी ऑफ ऑस्ट्रेलिया ने की है. मधुमक्खी अगर किसी को काट लें तो उसके डंक से किसी की भी हालत खराब हो जाती है. अगर ज्यादा मधुमक्खियां काट लें - [वैज्ञानिक दृष्टिकोण से ही संभव है अवैज्ञानिक सोच, रूढ़िवादी परम्पराओं से मुक्त, समतामूलक उन्नत समाज का निर्माण](https://vaigyanikchetna.com/science/वैज्ञानिक-दृष्टिकोण-क्यो/) - धर्मेन्द्र आज़ाद वैज्ञानिक दृष्टिकोण किसी भी घटना की पृष्ठभूमि में उपस्थित कार्य-करण को जानने की प्रवृत्ति है। वैज्ञानिक दृष्टिकोण हमारे अंदर तर्कशक्ति विकसित करता है तथा विवेकपूर्ण निर्णय लेने में सहायता करता है। वैज्ञानिक दृष्टिकोण सवाल करना सिखाता है, इंसान को जिज्ञासु बनाता है, यथार्थ से जोड़ता है। वैज्ञानिक दृष्टिकोण के अनुसार वही बात ग्रहण - [भारतीय वैज्ञानिकों ने बनाया ऐसा उपकरण जो खाने-पीने की चीजों में दूषित पदार्थों का आसानी से लगाएगा पता](https://vaigyanikchetna.com/विज्ञान-एवं-प्रौद्योगिकी/indian-scientists-have-created-a-device-that-can-easily-detect-contaminants/) - दयानिधि वैज्ञानिकों ने नई पीएपी (ए-पीएपी) पेन का उपयोग कर पेपर से जुड़े उपकरणों का निर्माण करने के लिए एक अनोखी और किफायती तकनीक विकसित की है। यह एक ऐसा सेंसर है जिसके लिए बहुत अधिक संसाधनों और विशेषज्ञता की जरूरत नहीं होती है, जो इसे उपयोग करने के लिए आसान बनाती है। हाल के - [रिपोर्ट : वैज्ञानिक चेतना परिचर्चा की 8वीं कड़ी में वक्ताओं ने सोच के सिकुड़ते दायरे पर जताई चिंता, विस्तार पर दिया बल](https://vaigyanikchetna.com/ऑनलाइन-परिचर्चा/जन-जन-तक-विज्ञान-पहुंचाने/) - डी एन एस आनंद झारखंड में काफी लम्बे समय से, जन जन तक विज्ञान पहुंचाने के लिए प्रयासरत साइंस फॉर सोसायटी, झारखंड द्वारा राष्ट्रीय वैज्ञानिक चेतना अभियान के तहत जारी ऑनलाइन परिचर्चा "राष्ट्रीय युवा-संवाद" की 8वीं कड़ी का आयोजन 15 सितंबर रविवार को किया गया। उल्लेखनीय है कि सत्ता, व्यवस्था बाजार की ताकतें एवं धर्म - [चमत्कार विज्ञान का : आइए जानें नोबेल पुरस्कार विजेता भारत के महान वैज्ञानिक चंद्रशेखर वेंकटरमन की कहानी](https://vaigyanikchetna.com/c-v-raman/चंद्रशेखर-वेंकट-रमन-की-कह/) - धर्मेन्द्र आज़ाद यह कहानी है एक ऐसे व्यक्ति की, जिसने अपने वैज्ञानिक सोच से न केवल भारत बल्कि पूरी दुनिया को हैरान कर दिया। नाम है – चंद्रशेखर वेंकट रमन। समय था 1900 के आसपास का। भारत तब अंग्रेज़ों की गुलामी में था, और समाज में हर ओर अंधविश्वास का माहौल फैला हुआ था। लोगों - [हर साल मौसमी इंफ्लूएंजा से संबंधित सांस की बीमारी के कारण बड़ी संख्या में लोग होते हैं मौत का शिकार : डब्ल्यूएचओ](https://vaigyanikchetna.com/health/who-updates-influenza-care-guidelines-efforts-to-curb-epidemic/) - दयानिधि डब्ल्यूएचओ के मुताबिक, हर साल मौसमी इन्फ्लूएंजा से संबंधित सांस की बीमारी के कारण 2,90,000-6,50,000 मौतें होती हैं विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने इन्फ्लूएंजा के रोगियों की देखभाल के लिए अपने दिशा-निर्देशों को अपडेट किया है। दिशा-निर्देश मुख्य रूप से स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने वालों के लिए डिजाइन किए गए हैं जो इन्फ्लूएंजा वायरस - [सन् 2024 में हीटवेव से हुई 733 लोगों की मौत, इसमें करीब 70 प्रतिशत मौत हुई उत्तर प्रदेश, दिल्ली और ओडिशा में](https://vaigyanikchetna.com/पर्यावरण/slum-redevelopment-project-in-kusumpur-pahari-violates-aravali-notification-response-sought-by-ngt/) - भागीरथ भारत में इस साल गर्मियों में चली हीटवेव बेहद जानलेवा साबित हुई। देश के 37 शहरों में 45 डिग्री सेल्सियस से अधिक तापमान दर्ज किया गया है। इस बढ़े तापमान के कारण भारत में हीट स्ट्रोक के 40,000 से अधिक मामले सामने आए और कम से कम 110 लोगों की मौत की पुष्टि हुई। - [जानकारी : एक साधारण तकनीशियन का असाधारण कारनामा : सोवियत संघ का पैनिसिलिन प्रयोग](https://vaigyanikchetna.com/health/पेनीसिलिन/) - धर्मेन्द्र आज़ाद दूसरे विश्व युद्ध का समय था, और सोवियत संघ को जर्मन नाज़ी हमलों का सामना करना पड़ रहा था। जर्मनी ने 1941 में सोवियत संघ पर हमला कर दिया था। यह वही सोवियत संघ था जो अभी-अभी गृह युद्ध से उभरा था, और देश की आर्थिक स्थिति भी कमजोर थी। चारों तरफ युद्ध, - [सेहत : सिर्फ डायबिटीज ही नहीं, कई बीमारियों की वजह बन सकता है इंसुलिन रजिस्टेंस, हालिया रिसर्च में हुआ खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/health/health-insulin-resistance-may-cause-31-diseases-and-early-death-in-women-new-study-reveals-shocking-things-8681281-html/) - अमित उपाध्याय इंसुलिन रजिस्टेंस सेहत के लिए डायबिटीज की बीमारी पैदा करने से भी कहीं ज्यादा खतरनाक हो सकता है. इसका खुलासा एक हालिया रिसर्च में हुआ है. इसमें पता चला है कि इंसुलिन रजिस्टेंस 30 से ज्यादा बीमारियां पैदा कर सकता है. हमारे शरीर में ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल करने के लिए इंसुलिन की - [स्वच्छ भारत अभियान ने भारत में बच्चों की मृत्यु दर में कमी में निभाई बेहद महत्वपूर्ण भूमिका, रिसर्च में हुआ खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/swachh-bharat-abhiyan-proved-to-be-a-boon-for-newborns-70000-lives-saved-every-year/) - ललित मौर्या एक अंतराष्ट्रीय अध्ययन में खुलासा किया है कि भारत की महत्वाकांक्षी योजना “स्वच्छ भारत मिशन” के तहत बनाए शौचालयों की मदद से हर साल 60 से 70 हजार नवजातों के जीवन को बचाने में मदद मिली है। इतना ही नहीं इसकी वजह से शिशु मृत्यु दर में भी तेजी से कमी आई है। - [वायु प्रदूषण से पुरुषों में 24 प्रतिशत तक बढ़ जाता है बांझपन का खतरा : रिसर्च से हुआ यह खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/प्रदूषण/वायु-प्रदूषण-से-पुरुषों-म/) - दयानिधि एक नए अध्ययन में पाया गया है कि वायु प्रदूषण के सूक्ष्म कण (पीएम 2.5) के लंबे समय तक संपर्क में रहने से पुरुषों में बांझपन का खतरा बढ़ जाता है। जबकि, सड़क यातायात का शोर 35 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं में बांझपन के खतरे को कई गुना बढ़ा देता है। शोध के मुताबिक, दुनिया भर - [सावधान ! प्रकाश प्रदूषण की चपेट में आई दुनिया की 83 फीसदी आबादी, शिकायत दर्ज, कोर्ट ने इसे गंभीरता से लिया](https://vaigyanikchetna.com/प्रदूषण/83-percent-of-the-worlds-population-is-affected-by-light-pollution-losing-starry-nights/) - भागीरथ मुंबई में 20 अप्रैल के आसपास कई महीनों से पेड़ों पर लगीं असंख्य सजावटी एलईडी लाइटें अचानक उतरने लगीं। बृहन्मुंबई नगरपालिका (बीएमसी) की इस फुर्ती के पीछे बॉम्बे उच्च न्यायालय का 10 अप्रैल, 2024 का एक आदेश था जिसमें न्यायालय ने एक जनहित याचिका के जवाब में महाराष्ट्र सरकार, बृहन्मुंबई नगरपालिका (बीएमसी), ठाणे नगरपालिका - [सन् 2023 में हैजा के मामलों में 13% एवं मौतों में 71% की हुई वृद्धि : विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट से हुआ खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/health/cholera-cases-to-increase-by-13-per-cent-and-deaths-by-71-per-cent-in-2023-who/) - दयानिधि रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2022 से 2023 के बीच हैजा का भौगोलिक वितरण काफी हद तक बदल गया, मध्य पूर्व और एशिया से रिपोर्ट किए गए मामलों में 32 फीसदी की कमी और अफ्रीका में 125 फीसदी की वृद्धि हुई. विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने साल 2023 में दुनिया भर में हैजे की बीमारी - [सेहत : आम लोगों की तुलना में महिला डॉक्टरों के आत्महत्या करने का जोखिम 76 फीसदी अधिक : रिसर्च से हुआ खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/suicide-risk-for-female-doctors-76-percent-higher-than-general-population/) - ललित मौर्या रिसर्च से पता चला है कि समय के साथ डॉक्टरों के आत्महत्या की दर में समय के साथ गिरावट आई है, लेकिन आम लोगों की तुलना में महिला डॉक्टरों के आत्महत्या की यह दर अभी भी चिंताजनक रूप से बेहद अधिक है। यह जानकारी 21 अगस्त 2024 को ब्रिटिश मेडिकल जर्नल (बीएमजे) में प्रकाशित - [सावधान ! वैज्ञानिकों को मनुष्य के कई महत्वपूर्ण अंगों के बाद, अब उसके मस्तिष्क में भी मिले माइक्रोप्लास्टिक्स के सबूत](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/after-blood-nerves-lungs-umbilical-cord-and-other-organs-microplastics-also-dominate-the-brain/) - ललित मौर्या किप्लास्टिक एक ऐसा जहर जो आज इंसानी शरीर पर पूरी तरह हावी हो चुका है। हमारे भोजन, पानी और यहां तक की जिस हवा में हम सांस लेते हैं उसमें भी घुल चुके इसके बेहद महीन कण धीरे-धीरे इंसानी शरीर में पैठ बना रहे हैं। ऐसा ही कुछ एक बार फिर सामने आया - [सेहत : विश्व के 5 अरब से भी अधिक लोगों में आयोडीन, विटामिन ई एवं कैल्शियम की कमी : लैंसेट रिपोर्ट से हुआ खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/health/climate-change-has-made-food-inflation-in-india-an-endemic/) - दयानिधि द लैंसेट ग्लोबल हेल्थ जर्नल में प्रकाशित एक अध्ययन में कहा गया है कि भारत में लोग आयरन, कैल्शियम और फोलेट जैसे आवश्यक सूक्ष्म पोषक तत्वों का भरपूर मात्रा में सेवन नहीं कर रहे हैं। इस अध्ययन में 185 देशों में 15 सूक्ष्म पोषक तत्वों के सेवन को लेकर अनुमान लगाया गया है, जो बिना सप्लीमेंट वाले आहार - [भारतीय वैज्ञानिकों ने पार्किसंस रोग के बेहतर प्रबंधन के लिए किफायती, स्मार्टफोन आधारित नया स्मार्ट सेंसर किया विकसित](https://vaigyanikchetna.com/विज्ञान-एवं-प्रौद्योगिकी/scientists-develop-new-smart-sensor-for-better-management-of-parkinsons-disease/) - दयानिधि भारतीय वैज्ञानिकों ने एक किफायती, उपयोग करने में आसान, पोर्टेबल स्मार्टफोन-आधारित फ्लोरोसेंस टर्न-ऑन सेंसर प्रणाली विकसित की है जो पार्किंसंस नामक बीमारी की रोकथाम में मदद कर सकती है। शोध में कहा गया है कि यह सेंसर शरीर में एल-डोपा की मात्रा का सटीक पता लगाने में मदद करेगा, जिससे इस रोग की प्रभावी - [रिपोर्ट : 20 अगस्त, 'राष्ट्रीय वैज्ञानिक दृष्टिकोण दिवस' पर परिचर्चा के वक्ताओं ने डॉ नरेन्द्र दाभोलकर के कार्यों को आगे बढ़ाने पर दिया बल](https://vaigyanikchetna.com/स्मृति-दिवस/20-अगस्त-को-डॉ-नरेन्द्र-दाभो/) - डी एन एस आनंद 20 अगस्त को डॉ नरेन्द्र दाभोलकर का स्मृति दिवस है जिसे ऑल इंडिया पीपुल्स साइंस नेटवर्क (AIPSN) के आह्वान पर देशभर में वैज्ञानिक दृष्टिकोण दिवस के रूप में मनाया जाता है। साइंस फॉर सोसायटी, झारखंड एवं जनवादी लेखक संघ झारखंड ने 20 अगस्त 2024 को इस उपलक्ष्य में एक ऑनलाइन परिचर्चा - [अध्ययन : इस सदी के अंत तक दुनिया में 49 प्रतिशत तक बढ़ जाएगा बाढ़ का खतरा, रिसर्च में हुआ खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/by-the-end-of-the-century-the-risk-of-floods-will-increase-by-49-percent-in-the-world-research-revealed/) - ललित मौर्या वैज्ञानिकों ने अंदेशा जताया है कि यदि वैश्विक उत्सर्जन में होती वृद्धि इसी तरह जारी रहती है तो सदी के अंत तक दुनिया में बाढ़ की घटनाएं 49 फीसदी तक बढ़ सकती हैं। इस बारे में जारी नए अध्ययन के मुताबिक उ ष्णकटिबंधीय अफ्रीका और एशिया के तटीय क्षेत्रों के साथ-साथ उत्तरी अफ्रीका - [वैज्ञानिकों ने की रक्तस्राव को तेजी से रोकने वाली ड्रेसिंग की ईजाद, इससे खून बहने से होने वाली मौतों में आएगी कमी](https://vaigyanikchetna.com/health/now-bleeding-will-not-cause-death-scientists-have-invented-a-new-dressing-that-stops-bleeding-quickly/) - दयानिधि अक्सर यह बात सुनने को मिलती है कि किसी व्यक्ति की मौत अत्यधिक खून के बह जाने से हो गई। दुर्घटनाओं में लगने वाली चोटों में ही नहीं, बल्कि कभी-कभी ऑपरेशन के दौरान भी रक्तस्राव अनियंत्रित हो जाता है जिसके कारण मौत तक हो जाती है। अब इस रक्तस्राव की समस्या से निपटने के लिए वैज्ञानिकों ने - [आईसीएमआर एवं पैनेसिया बायोटेक द्वारा भारत में डेंगू की पहली स्वदेशी वैक्सीन के लिए क्लीनिकल ट्रायल का तीसरा चरण शुरू](https://vaigyanikchetna.com/health/preparation-of-indigenous-vaccine-for-dengue-third-phase-of-clinical-trial-begins/) - भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) और पैनेसिया बायोटेक ने भारत की पहली स्‍वदेशी डेंगू वैक्‍सीन के लिए चिकित्सीय परीक्षण (क्लीनिकल ट्रायल) का तीसरा चरण शुरू किया है। यह परीक्षण पैनेसिया बायोटेक द्वारा विकसित भारत के स्वदेशी टेट्रावैलेंट डेंगू वैक्सीन, डेंगीऑल के प्रभाव का मूल्यांकन करेगा। इस परीक्षण में पहले प्रतिभागी को आज पंडित भगवत दयाल - [रिपोर्ट : राष्ट्रीय युवा संवाद - 6 : वक्ताओं ने समाज में वैज्ञानिक चेतना के विकास के लिए दिया सतत अभियान पर बल](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/रिपोर्ट-राष्ट्रीय-युवा-स/) - डी एन एस आनंद समाज में मौजूद अवैज्ञानिक सोच अंधश्रद्धा एवं अंधविश्वास को दूर कर, वैज्ञानिक दृष्टिकोण के विकास एवं विस्तार के लिए जारी ऑनलाइन राष्ट्रीय परिचर्चा - युवा -संवाद की छठी कड़ी पिछले दिनों 4 अगस्त को संपन्न हुई। परिचर्चा का विषय था - "भारतीय संविधान का अनुच्छेद 51ए (एच) और मौजूदा परिदृश्य में - [केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट : नहाने के लायक नहीं है गंगा बेसिन के अधिकांश क्षेत्रों का पानी, गुणवत्ता मानक बदतर](https://vaigyanikchetna.com/जल/majority-of-locations-in-uttar-pradesh-under-ganga-river-basin-not-conforming-to-the-primary-water-quality-criteria-for-bathing-cpcb/) - ललित मौर्या उत्तर प्रदेश, हरियाणा, बिहार में गंगा नदी बेसिन के अधिकांश क्षेत्र नहाने के लिए निर्धारित जल गुणवत्ता मानकों को पूरा करने में विफल रहे हैं. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुताबिक उत्तर प्रदेश में गंगा नदी बेसिन के अधिकांश क्षेत्रों में जल गुणवत्ता नहाने योग्य पानी के लिए तय गुणवत्ता मानकों पर खरी - [ग्रामीण भारत में बढ़ती ही जा रही हैं मानसिक स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं, 45 फीसदी लोग इसकी चपेट में, बुजुर्गों की बढ़ रही है परेशानी](https://vaigyanikchetna.com/health/45-percent-of-people-in-rural-india-are-facing-anxiety-73-percent-of-elderly-people-need-care/) - दयानिधि दिल्ली की ट्रांसफॉर्म रूरल इंडिया (टीआरआई) ने स्टेट ऑफ हेल्थकेयर इन रूरल इंडिया- 2024 रिपोर्ट का चौथा संस्करण जारी किया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि बुजुर्ग सदस्यों वाले ग्रामीण भारतीय परिवारों में से 73 फीसदी ऐसे हैं जिन्हें निरंतर देखभाल की जरूरत पड़ती है, जिसकी अधिकतर जिम्मेवारी महिलाओं पर होती है। भारी - [छोटे फेफड़े लेकर पैदा होते हैं धूम्रपान करने वाली माताओं के बच्चे : विश्व स्वास्थ्य संगठन ने जारी की नॉलेज समरी](https://vaigyanikchetna.com/health/children-of-mothers-who-smoke-are-born-with-smaller-lungs-who-warns/) - धूम्रपान करने वाली मांओं से पैदा होने वाले शिशुओं के फेफड़े छोटे होते हैं और बचपन में अस्थमा विकसित होने का जोखिम अधिक होता है। साथ ही, तम्बाकू के धुएं के संपर्क में आने वाले बच्चों में अस्थमा विकसित होने का जोखिम अधिक होता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा जारी नॉलेज समरी में यह जानकारी - [अध्ययन : भारतीय वैज्ञानिकों की नई खोज, अब किंडलिन्स नामक प्रोटीन की मदद से होगा कैंसर का इलाज](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/cancer-will-be-treated-with-the-help-of-a-protein-called-kindlins-a-new-discovery-by-indian-scientists/) - दयानिधि भारतीय वैज्ञानिकों के द्वारा एक नए अध्ययन में अलग-अलग प्रकार के कैंसरों में किंडलिन्स-एडाप्टर प्रोटीन के असर की जांच की गई जो कि कशेरूकियों की कोशिकाओं के भीतर मौजूद होता हैं। क्योंकि यह प्रोटीन कई तरह के संकेत देने वाले मार्गों का अहम हिस्सा है, इसलिए इसकी जांच-पड़ताल कर आगे बढ़ने से बीमारी के - [अगले 20 सालों में प्रजातियों की विविधता में 39 फीसदी की कमी के आसार : रिसर्च से हुआ खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/जलवायु/climate-crisis-species-diversity-likely-to-decline-by-39-per-cent-in-the-next-20-years/) - दयानिधि शोधकर्ताओं द्वारा बनाया गया एक नया मॉडल जलवायु में बदलाव के कारण विलुप्त होने की कगार में पड़ी स्थलीय और समुद्री प्रजातियों के अनुपात का फिर से जांच पड़ताल करता है। वहीं पारंपरिक मॉडलों के पूर्वानुमान इस बात की तस्दीक करते है कि उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में स्थानीय प्रजातियों की विविधता 2041-2060 के बीच 54 फीसदी तक - [स्वास्थ एवं पौष्टिक आहार का खर्च नहीं उठा पाती है भारत की 55% आबादी : संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट से हुआ खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/health/expensive-plate-falling-nutrition-one-in-three-people-in-the-world-cannot-afford-healthy-food/) - ललित मौर्या दुनिया में एक तिहाई से भी ज्यादा लोग ऐसे हैं जो अपने परिवार के लिए सेहतमंद थाली का खर्च नहीं उठा सकते। मतलब की यह वो लोग हैं जो यदि अपने पेट भरने का इंतजाम कर भी लें तो उनके भोजन में उतना पोषण नहीं होगा जो उन्हें और उनके परिवार को स्वस्थ - [वाहनों से होते प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए रिमोट सेंसिंग तकनीक का उपयोग उचित : सर्वोच्च न्यायालय](https://vaigyanikchetna.com/प्रदूषण/air-explore-the-possibility-of-remote-sensing-to-tackle-pollution-caused-by-vehicles-supreme-court/) - ललित मौर्या सर्वोच्च न्यायालय ने 26 जुलाई, 2024 को कहा है कि वाहनों से हो रहे प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए कहीं न कहीं तो रिमोट सेंसिंग के उपयोग की शुरूआत करनी होगी। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट ने सुझाव दिया है कि वाहनों से होते प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए एनसीआर राज्यों से रिमोट सेंसिंग - [विश्व में करीब 4 करोड़ लोग हैं एचआईवी से संक्रमित, सिर्फ 2023 में संक्रमित हुए 13 लाख, 90 लाख लोग इलाज से वंचित](https://vaigyanikchetna.com/health/13-lakh-people-infected-with-hiv-in-2023-the-figure-is-three-times-more-than-the-targets/) - ललित मौर्या संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक 2023 में 13 लाख लोग एचआईवी से संक्रमित हुए थे, जो लक्ष्यों से करीब तीन गुणा अधिक है। गौरतलब है कि 2025 तक एचआईवी संक्रमण के नए मामलों को 370,000 से कम करने का लक्ष्य रखा गया था। हालांकि लक्ष्यों की राह में उप-सहारा अफ्रीका में उल्लेखनीय प्रगति देखी - [डॉक्टरों ने रचा इतिहास, विश्व में पहली बार मरीज में लगाया गया मेटल से बना आर्टिफिशियल हर्ट](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/health-doctors-created-history-texas-institute-complete-world-first-total-artificial-heart-transplant-it-work-like-a-real-one/) - लक्ष्मी नारायण अमेरिका के डॉक्टरों ने इतिहास रचते हुए पहली बार एक 57 साल के मरीज में टोटल आर्टिफिशियल हार्ट को एक मरीज में इंप्लांट कर दिया है. मेडिकल जगत में यह करिश्मा से कम नहीं है. मरीज में हार्ट फेल्योर अंतिम चरण में पहुंच गया था जिसके बाद यह हार्ट लगाया गया है. डॉक्टरों - [वैज्ञानिकों को मिल गया एंटी-एजिंग फॉर्मूला : आखिर क्यों समय से पहले ही 'बूढ़ा' दीखने लगते हैं कुछ लोग](https://vaigyanikchetna.com/health/health-scientist-revels-which-vitamin-deficiency-is-cause-of-ageing-vitamin-d-responsible-for-ageing/) - लक्ष्मी नारायण कुछ लोगों के चेहरे पर बुढ़ापे में भी जवानी का नूर टपकता रहता है जबकि अधिकांश लोगों के साथ ऐसा नहीं होता. क्या आप जानते हैं कि इसके पीछे क्या कारण है. एक रिसर्च के मुताबिक इसके पीछे एक विटामिन की कमी है. उम्र का बढ़ना नेचुरल प्रोसेस है. राजा से रंक तक - [हेल्थ विशेषज्ञों की राय : शरीर में कैल्शियम की कमी खतरनाक तथा इसके हो सकते हैं बेहद गंभीर परिणाम](https://vaigyanikchetna.com/health/health-calcium-deficiency-make-bones-weaker-cause-extreme-fatigue-brittle-nails-know-5-main-symptoms-8528709-html/) - अमित उपाध्याय कैल्शियम सिर्फ हड्डियों के लिए ही जरूरी नहीं होता है, बल्कि इसकी कमी होने पर ब्रेन फॉग जैसी कंडीशन पैदा हो सकती है. लंबे समय तक कैल्शियम की कमी ऑस्टियोपोरोसिस जैसी बीमारी की वजह बन सकती है. अधिकतर लोगों को लगता है कि कैल्शियम हड्डियों के लिए जरूरी होता है, लेकिन ऐसा नहीं - [सेहत : महिला को महंगा पड़ा वजन घटाने के लिए इंजेक्शन लगवाना, बिना डॉक्टरी सलाह के वेट लॉस की दवा लेने से बचें](https://vaigyanikchetna.com/health/health-uk-woman-took-16-fat-dissolving-injections-to-lose-weight-fast-she-got-hole-in-stomach-know-details-8526250-html/) - अमित उपाध्याय अक्सर लोग इंटरनेट पर देखकर दवाएं खरीदकर इस्तेमाल करने लगे हैं, जो बेहद खतरनाक हो सकता है. एक महिला ने वजन घटाने के लिए फैट डिसॉल्विंग इंजेक्शन लगवा लिए, लेकिन इससे उसके पेट में बड़ा छेद हो गया. यह मामला ब्रिटेन का है. शरीर का फैट कम करने के लिए लोग किसी भी - [भेदभाव से पीड़ित लोग समय से पूर्व हो जाते हैं बुढ़ापा, बीमारी एवं मौत का शिकार : रिसर्च से हुआ खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/health/why-discrimination-makes-some-people-age-faster-2/) - ललित मौर्या रिसर्च में सामने आया है कि भेदभाव का सामना करने वाले लोगों में उम्र बढ़ने की जैविक प्रक्रिया तेज हो जाती है। जो बीमारियों और समय से पहले मृत्यु की वजह बन सकती है क्या इंसानों के साथ किया जा रहा भेदभाव उनकी घटती उम्र की वजह बन सकता है? क्या भेदभाव सहने - [रिसर्च : आनुवंशिक बीमारियों से असमय मृत्यु के जोख़िम को 62 प्रतिशत कम कर सकती है बेहतर जीवनशैली](https://vaigyanikchetna.com/health/healthy-lifestyle-can-reduce-the-risk-of-premature-death-from-genetic-diseases-by-62-percent/) - ललित मौर्या क्या आप जानते हैं कि स्वस्थ जीवनशैली आपको लंबा जीवन जीने में मददगार साबित हो सकती है। देखा जाए तो कोई व्यक्ति कितना जीता है यह काफी हद तक उसकी जीवनशैली और माता-पिता या पूर्वजों से मिली आनुवांशिक बामरियों पर निर्भर करता है। यह आनुवांशिक बीमारियां और उससे जुड़ी जीन लोगों की असमय - [मधुमेह, लीवर और हृदयरोग के बढ़ते खतरे का पता लगाने के लिए पहली बार वैज्ञानिकों ने बनाया सटीक पूर्वानुमान मॉडल](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/scientists-develop-accurate-predictive-model-of-diabetes-liver-and-heart-diseases-for-indians/) - दयानिधि वैज्ञानिकों ने पहली बार, भारतीयों के लिए कार्डियो-मेटाबोलिक बीमारी, विशेष रूप से मधुमेह, लिवर रोग और हृदय रोगों के लिए एक उन्नत पूर्वानुमान मॉडल विकसित किया है। उन्होंने बताया कि पहली बार, कार्डियो-मेटाबोलिक बीमारी, विशेष रूप से मधुमेह, लिवर रोग और हृदय रोगों के लिए एक उन्नत पूर्वानुमान मॉडल विकसित करने के उद्देश्य से यह अध्ययन - [भारतीय वैज्ञानिकों ने ढूंढा लैक्टिक एसिड का नया वेरिएंट जिसमें है कोलेस्ट्रॉल को पचाने की क्षमता, आंतों के लिए है अहम](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/the-new-variant-of-lactic-acid-is-important-for-many-industries-ranging-from-food-to-heart-disease-and-many-pharmaceutical-industries/) - दयानिधि भारतीय वैज्ञानिकों ने लैक्टिक एसिड के नए बैक्टीरिया की खोज की है जो डेयरी उद्योग से अलग बड़े प्रोबायोटिक उपयोग के लिए एक आशाजनक तरीका हो सकता है। विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के एक स्वायत्त संस्थान, पुणे के अघारकर रिसर्च इंस्टीट्यूट (एआरआई) के शोधकर्ता जीनोम विश्लेषण के द्वारा एस. थर्मोफिलस की छिपी हुई क्षमता को सामने लाए - [दुनिया में सालाना करीब दो करोड़ टन प्लास्टिक कचरा पैदा कर रहा है कपड़ा उद्योग : शोधकर्ताओं ने किया खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/your-clothes-are-producing-20-million-tons-of-plastic-waste-every-year/) - ललित मौर्या क्या आप जानते हैं कि हम और आप जो कपड़े पहनते हैं, उनकी वजह से बड़े पैमाने पर प्लास्टिक कचरा पैदा हो रहा है। एक अनुमान के मुताबिक वैश्विक कपडा उद्योग सालाना दो करोड़ टन प्लास्टिक कचरा पैदा कर रहा है। इसमें से करीब 40 फीसदी कचरा वो है, जो उचित प्रबंधन न - [जलवायु परिवर्तन : लगातार बढ़ते तापमान के कारण 2035 तक भारत में स्थिति असहनीय हो जाएगी : यूएनईपी](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/climate-change-will-india-be-unlivable-by-2035/) - रिचार्ड महापात्रा भारत और मध्य अफ्रीका के ज्यादातर भूभाग में तेजी से बढ़ता हुआ तापमान मनुष्य की सहनशक्ति के पार जा रहा है। करीब 3 अरब लोग सहारा रेगिस्तान में ऐसी ही जलवायु वाली स्थितियों में रह रहे हैं। वहीं, इस पृथ्वी पर भविष्य में जीवन फल-फूल पाएगा या नहीं, इसका पूर्वानुमान लगाने के लिए अब - [भोजन की बर्बादी कम करने से भर सकता है 15 करोड़ से अधिक लोगों का पेट, एक रिपोर्ट में सामने आई यह सच्चाई](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/reducing-food-wastage-can-feed-more-than-15-crore-people/) - ललित मौर्या इससे ज्यादा बड़ी विडम्बना क्या होगी जहां एक तरफ करोड़ों लोग खाने की कमी से जूझ रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ खाना बर्बाद किया जा रहा है। संयुक्त राष्ट्र ने अपनी नई रिपोर्ट में भी पुष्टि की है कि दुनिया भर में भोजन की बर्बादी और नुकसान को आधा करने से 15.3 करोड़ - [भारत में 2023 में 16 लाख बच्चों को नहीं लग पाया जरूरी डीपीटी और खसरे का टीका : WHO की रिपोर्ट से हुआ खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/16-million-indian-children-will-miss-out-on-essential-vaccines-in-2023-unicef-report/) - दयानिधि विश्व स्वास्थ्य संगठन और यूनिसेफ ने दुनिया भर में टीकाकरण को लेकर अपनी नवीनतम रिपोर्ट जारी की है। रिपोर्ट में कहा गया है कि महामारी के तीन साल बाद भी भारत में बच्चों के टीकाकरण का स्तर अभी भी महामारी से पहले के स्तर पर नहीं पहुंचा है। यह इसलिए कि राष्ट्रीय कार्यक्रम के तहत 2023 में - [सेहत : अब हेपेटाइटिस सी की जांच होगी आसान, विश्व स्वास्थ्य संगठन ने पहली सेल्फ-टेस्टिंग किट को दी हरी झंडी](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/hepatitis-c-testing-will-be-easier-who-gives-green-signal-to-the-first-self-testing-kit/) - ललित मौर्या विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने जानलेवा हेपेटाइटिस सी वायरस (एचसीवी) की जांच के लिए एक सेल्फ टेस्ट किट को हरी झंडी दे दी है। ओरा-क्विक नामक इस किट की मदद से अब मरीज या उनके रिश्तेदार अपने आप इस वायरस की जांच कर सकेंगें। यह अपनी तरह की पहली किट है, जिसकी मदद - [आईआईटी दिल्ली के वैज्ञानिकों ने ब्रेन ट्यूमर के लिए नया उपचार खोजा, प्री क्लिनिकल ट्रायल में मिले आशाजनक नतीजे](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/hopes-raised-for-treatment-of-brain-cancer-indian-scientists-got-promising-results-in-pre-clinical-trials/) - ललित मौर्या ब्रेन कैंसर के इलाज पर काम कर रहे भारतीय वैज्ञानिकों को प्री-क्लिनिकल ट्रायल में उत्साहजनक नतीजे मिले हैं। आईआईटी दिल्ली के वैज्ञानिकों द्वारा की गई इस रिसर्च ने ग्लियोब्लास्टोमा के मरीजों के लिए आशा की किरण जगा दी है। जर्नल बायोमटेरियल्स पत्रिका में प्रकाशित इस रिसर्च के नतीजे दर्शाते हैं कि शायद वैज्ञानिकों ने ब्रेन ट्यूमर - [एक शोध के अनुसार उत्तर भारत में पिछले करीब दो दशकों में भूजल में 95 फीसदी की कमी, भूजल रिचार्ज में भारी गिरावट ‌](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/groundwater-depletion-in-north-india-by-95-per-cent-450-cubic-km-groundwater-disappeared-in-two-decades-study/) - दयानिधि एक अध्ययन के अनुसार, साल 2002-2021 के दौरान देश भर में भूजल में 95 प्रतिशत की कमी उत्तर भारत में दर्ज की गई। उत्तर भारत में लगभग 450 क्यूबिक किमी भूजल नष्ट हो गया है। शोधकर्ताओं ने शोध के हवाले से चेतावनी देते हुए कहा कि जलवायु परिवर्तन आने वाले सालों में इसकी कमी को - [मानक दिशा-निर्देशों पर पूरी तरह खरे नहीं उतरते भारत में जारी किए जाने वाले आधे मेडिकल प्रिस्क्रिप्शन](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/half-of-the-medical-prescriptions-in-india-do-not-meet-the-standard-guidelines/) - ललित मौर्या भारत में जारी किए जाने वाले करीब आधे मेडिकल प्रिस्क्रिप्शन मानक दिशा-निर्देशों पर पूरी तरह खरे नहीं हैं। वहीं 9.8 फीसदी प्रिस्क्रिप्शन तो दिशा निर्देशों से इतने अलग थे कि उन्हें कतई भी स्वीकार नहीं किया जा सकता। यह जानकारी अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) सहित देश के कई जाने माने स्वास्थ्य संस्थानों - [रिपोर्ट : राष्ट्रीय युवा-संवाद - 5 : पैनल के छात्रों-युवाओं ने की देश के युवाओं से जुड़े ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/रिसर्च-बेहद-नुकसानदेह-है/) - डी एन एस आनंद साइंस फॉर सोसायटी, झारखंड द्वारा वैज्ञानिक चेतना अभियान के तहत जारी राष्ट्रीय युवा -संवाद की ऑनलाइन 5वीं कड़ी का आयोजन 7 जुलाई 2024 को किया गया। उल्लेखनीय है कि यह भारतीय संविधान का 75वां वर्ष है तथा साइंस फॉर सोसायटी झारखंड इसे वैज्ञानिक चेतना वर्ष के रूप में मना रही है। - [अध्ययन : भारत में मानसिक समस्याओं के मकड़जाल में तेजी से फंस रहे हैं किशोर पर नहीं लेते विशेषज्ञों की मदद](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/in-countries-like-india-99-of-teenagers-do-not-seek-expert-help-to-overcome-mental-problems/) - ललित मौर्या आज दौड़ती-भागती दुनिया में मानसिक समस्याएं बड़ी तेजी से लोगों को अपना शिकार बना रही हैं, किशोरों में यह समस्या कहीं ज्यादा जटिल है। देखा जाए तो पढ़ाई, नौकरी और अन्य क्षेत्रों में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के कारण युवाओं में यह समस्या तेजी से बढ़ रही है। हालांकि इसके बावजूद भारत जैसे विकासशील देशों - [विज्ञान के बारे में की गई अतिशयोक्तियां अंततः हमें यथार्थ से दूर ले जाती हैं अतः बेहद जरूरी है 'विज्ञानवाद' से बचना](https://vaigyanikchetna.com/science/विज्ञान-के-बारे-में-प्राय/) - वेदप्रिय विज्ञान के बारे में प्रायः यह कहने वाले मिल जाएंगे कि विश्व के बारे में ज्ञान प्राप्त करने का यही एकमात्र जरिया है। कुछ लोग ऐसा भी कह देते हैं कि विज्ञान का तरीका ही ज्ञान प्राप्त करने का सर्वाधिक अच्छा तरीका है। कुछ प्रसिद्ध दार्शनिकों ने ऐसा कहा है। रिचर्ड लेवोन्टिन --Science is - [भारत में केवल 33 प्रतिशत महिलाओं को ही मिल पा रही है नियमित नौकरी : विश्वबैंक के आंकड़ों से हुआ खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/percent-of-women-in-india-are-able-to-get-regular-jobs-world-bankutm_sourcewebsiteutm_mediumrelated-stories/) - अनिल अश्वनी शर्मा केंद्र सरकार संसद के हाल में ही समाप्त हुए सत्र में इस बात की जोरशोर से घोषणा करते नहीं थक रही थी कि भारत दुनिया की तीसरी बड़ी अर्थ व्यवस्था बनने की ओर तेजी से अग्रसर हो रही है। लेकिन हकीकत ये है कि अब तक देश में आधी दुनिया को नियमित - [रिसर्च : भारत में कोरोना महामारी के दौरान पैदा हुए 3 फीसदी अधिक कमजोर बच्चे झेल रहे हैं स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/why-india-has-3-more-weak-babies-born-during-the-pandemic/) - ललित मौर्या भारत में कोरोना के नवजात शिशुओं पर पड़े प्रभावों को लेकर किए एक नए अध्ययन से पता चला है कि महामारी के दौरान मांओं ने पहले से कहीं ज्यादा कमजोर बच्चों को जन्म दिया। यह कमजोर बच्चे न केवल स्वास्थ्य समस्याओं से जूझने को मजबूर हैं, साथ ही उनके शारीरिक और मानसिक विकास - [सावधान! त्वचा के माध्यम से व्यक्ति के शरीर में पैठ बना सकते हैं फॉरएवर केमिकल्स, रिसर्च से हुआ खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/toxic-pfas-absorbed-through-skin-at-levels-higher-than-previously-thought/) - ललित मौर्या एक नई शोध से पता चला है कि उद्योगों और दैनिक उपभोक्ता उत्पादों में पाए जाने वाले कई फॉरएवर केमिकल त्वचा के माध्यम से रक्त में प्रवेश कर सकते हैं। यह ध्यान देने योग्य है कि इन फॉरएवर केमिकल्स का उपयोग पानी और दागों को दूर रखने की अद्भुत क्षमता के कारण उद्योगों - [रोचक तथ्य : मानव शरीर की कुछ कोशिकाएं महज दो दिनों में मर जाती हैं तो कुछ 200 वर्षों तक कार्य करने में सक्षम](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/which-thing-of-human-body-can-work-more-then-200-years-some-die-within-two-days/) - संजय श्रीवास्तव मानव शरीर के अंदर तमाम अंगों की कोशिकाएं लगातार बनती और बिगड़ती रहती हैं लेकिन कुछ ऐसी भी होती हैं जो मानव अगर 200 सालों से ज्यादा जिए तो भी काम करती मिलेगी. औसतन आपके शरीर में कोशिकाएं हर 7 से 10 साल में बदल जाती हैं लेकिन शरीर के एक हिस्से की - [पर्यावरण के लिए कोयले से दूरी जरूरी लेकिन इस पर निर्भर समुदायों पर भी ध्यान दिए जाने की जरूरत है : एन एफ आई](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/avoiding-coal-is-crucial-for-the-environment-but-we-must-also-consider-the-communities-in-india-that-rely-on-it/) - ललित मौर्या भारत में जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण पर बढ़ते दबाव को कम करने के लिए कोयले से दूरी महत्वपूर्ण है। लेकिन साथ ही इस पर निर्भर उन समुदायों के बारे में भी सोचना जरूरी है, जो लम्बे समय से कोयला खनन और उससे सम्बंधित अन्य गतिविधियों से जुड़े हैं। इस बारे में नेशनल फाउंडेशन - [भारत के प्रतिभाशाली वैज्ञानिक डॉ उपेंद्र नाथ ब्रह्मचारी जिन्हें छह बार नोबेल पुरस्कार के लिए नामिनेट किया गया, पर नहीं मिला](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/dr-upendranath-brahmachari-missed-getting-nobel-prize-not-once-or-twice-but-six-times/) - सचिन श्रीवास्तव एपीजे अब्दुल कलाम और चंद्रशेखर वेंकट रमन के नाम तो आपने जरूर सुने होंगे, लेकिन देश में असाधारण प्रतिभाओं की कड़ी में एक साइंटिस्ट ऐसे भी थे जिनका नाम कम ही लोगों ने सुना होगा. डॉ. उपेंद्रनाथ ब्रह्मचारी को एक बार नहीं बल्कि छह बार नोबेल पुरस्कार के लिए नॉमिनेट किया गया, लेकिन - [भारत गर्मी से सर्वाधिक प्रभावित, जून 2024 में यहां के 61.9 करोड़ लोगों पर पड़ा हीटवेव का असर, दुनिया के 5 करोड़ लोग आए चपेट में](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/heatwave-affected-61-9-crore-people-in-india-in-june-2024-india-most-affected/) - दयानिधि क्लाइमेट सेंट्रल द्वारा किए गए एक विश्लेषण के अनुसार, जून में जलवायु में बदलाव के कारण भारत में रिकॉर्ड 61.9 करोड़ लोगों ने अत्यधिक गर्मी का कहर झेला। जिससे भारत दुनिया भर में सबसे अधिक गर्मी से प्रभावित देश बन गया। चीन दूसरे स्थान पर है, जहां 57.9 करोड़ लोगों ने इसी तरह के हालातों का सामना - [दुनिया में हर साल कैंसर से होती है एक करोड़ से अधिक लोगों की मौत, अब कैंसर का पता लगाने में मदद करेगा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/ai-will-soon-help-doctors-to-detect-cancer-this-disease-is-responsible-for-every-sixth-death/) - ललित मौर्या एक नई रिसर्च से पता चला है कि जल्द ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) यानी कृत्रिम बुद्धिमता जैसी उन्नत तकनीक की मदद से कैंसर जैसी गंभीर बीमारी की पहचान और निदान मुमकिन हो सकती है। ऐसे में एआई समय रहते इस बीमारी की पहचान करने में मददगार साबित हो सकती है। इसकी मदद से - [दुनिया में प्रत्येक वर्ष करीब 30 लाख जिंदगियां निगल रही, शराब, नशीली दवाइयां एवं ड्रग्स, युवा हो रहे शिकार : डब्ल्यूएचओ](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/alcohol-is-taking-away-26-lakh-lives-every-year-youth-are-the-biggest-victims-who/) - ललित मौर्या क्या आप जानते हैं कि शराब का सेवन हर साल 26 लाख से ज्यादा लोगों की मौत का कारण बन रहा है। यह दुनिया भर में हो रही कुल मौतों का 4.7 फीसदी है। मतलब कि हर 20 में से एक मौत के लिए शराब जिम्मेवार है। वहीं नशीली दवाओं और ड्रग्स से - [गहराता संकट : पक्षियों की 144 नई प्रजातियां लुप्त होने के कगार पर पहुंची, शोध में हुआ खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/list-of-endangered-birds-will-help-in-species-conservation-scientists/) - दयानिधि वैज्ञानिकों की एक टीम ने कॉर्नेल लैब ऑफ ऑर्निथोलॉजी में मैकाले लाइब्रेरी की मदद से उन पक्षियों की पहली बड़ी सूची जारी की है, जिन्हें एक दशक से भी अधिक समय से देखा नहीं गया है। शोध के मुताबिक, मैकाले लाइब्रेरी पक्षी मीडिया का सबसे समृद्ध भंडार है और इसकी मदद से दुनिया के अधिकांश - [भारत के पूर्वी घाट क्षेत्र में वैज्ञानिकों ने खोजी सूक्ष्म शैवाल की एक नई प्रजाति 'इंडिकोनेमा', जो इंसानों के लिए है बेहद महत्वपूर्ण](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/scientists-discovered-a-new-genus-of-diatom-indiconema-in-the-eastern-ghats-of-india/) - ललित मौर्या भारत और अमेरिकी वैज्ञानिकों के एक दल ने पूर्वी घाट क्षेत्र में सूक्ष्म शैवाल की एक नई प्रजाति खोजी है। यह प्रजाति भारत के कुछ विशिष्ट क्षेत्रों तक ही सीमित है, जिसे अहमियत देते हुए इस प्रजाति को 'इंडिकोनेमा' नाम दिया गया है। यह प्रजाति मीठे पानी में पाई गई है। वैज्ञानिकों के - [वायु प्रदूषण का गहराता संकट : इसके कारण दुनिया में हर घंटे हो रही 80 बच्चों की मौत, यह 15 % बच्चों की मौत की वजह बना](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/pollution-is-becoming-the-death-knell-for-children-80-children-are-dying-every-hour/) - ललित मौर्या इससे ज्यादा बड़ी विडम्बना क्या हो सकती है कि हम इंसानों द्वारा किया प्रदूषण हमारे अपने बच्चों की जान ले रहा है। एक रिपोर्ट के हवाले से पता चला है कि दुनिया में बढ़ता वायु प्रदूषण हर घंटे पांच साल या उससे कम उम्र के 80 बच्चों की मौत की वजह बन रहा - [रिपोर्ट : राष्ट्रीय युवा संवाद'- 4, विभिन्न राज्यों के युवा पैनलिस्टों ने छात्रों-युवाओं के बीच संवाद व्यापक बनाने पर दिया जोर](https://vaigyanikchetna.com/रिपोर्ट/राष्ट्रीय-युवा-संवाद-4/) - डी एन एस आनंद साइंस फॉर सोसायटी, झारखंड द्वारा वैज्ञानिक चेतना अभियान के तहत जारी परिचर्चा - 'राष्ट्रीय युवा संवाद' का ऑनलाइन आयोजन 16 जून को संपन्न हो गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ अली इमाम खां, (प्रमुख शिक्षाविद एवं विज्ञान संचारक) अध्यक्ष, साइंस फॉर सोसायटी झारखंड ने की। जबकि संचालन राज्य के पूर्व बाल विज्ञानी - [देश में वायु प्रदूषण के मामले में झारखंड का धनबाद अव्वल, बिहार का मुंगेर सहित देश के सात अन्य शहरों में हालात दमघोंटू](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/deadly-air-is-blowing-in-dhanbad-munger-conditions-are-suffocating-in-seven-other-cities-including-burnihat/) - ललित मौर्या देश में प्रदूषण के मामले में धनबाद आज भी अव्वल बना हुआ है, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 356 दर्ज किया गया है। इसी तरह मुंगेर (314) में भी स्थिति जानलेवा बनी हुई है। इनके साथ ही देश के सात अन्य शहरों में भी प्रदूषण से हालात दमघोंटू हैं। इन शहरों में बर्नीहाट - [हिमाचल के बद्दी-बरोटीवाला के भूजल में मौजूद है कैंसर पैदा करने वाला प्रदूषक, आई आई टी मंडी के शोध में हुआ खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/cancer-causing-pollutants-found-in-groundwater-of-baddi-barotiwala-in-himachal-iit-mandi/) - दयानिधि भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मंडी और जम्मू के शोधकर्ताओं ने हिमाचल प्रदेश के बद्दी-बरोटीवाला (बीबी) औद्योगिक क्षेत्र के भूजल में कैंसर पैदा करने वाले प्रदूषकों की मौजूदगी का खुलासा किया है। इस अध्ययन में भूजल के नमूनों का विश्लेषण करने और प्रदूषण के स्रोतों और इससे स्वास्थ्य को होने वाले खतरों की पहचान करने - [अध्ययन : पिछले करीब 40 सालों में, धरती का तापमान बढ़ाने वाली नाइट्रस ऑक्साइड गैस का उत्सर्जन 40 फीसदी बढ़ा](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/emissions-of-nitrous-oxide-gas-that-increases-temperature-have-increased-by-40-per-cent-in-the-last-40-years-study/) - दयानिधि ग्लोबल कार्बन प्रोजेक्ट द्वारा किए गए एक अध्ययन में कहा गया है कि साल 1980 से 2020 के बीच धरती को गर्म करने वाली नाइट्रस ऑक्साइड गैस के उत्सर्जन में 40 फीसदी का इजाफा हुआ है। कार्बन डाइऑक्साइड और मीथेन से ज्यादा शक्तिशाली गैस के बड़े पांच उत्सर्जन करने वालों में चीन (16.7 फीसदी), भारत - [एसी- फ्रिज से निकलने वाली हाइड्रोक्लोरोफ्लोरोकार्बन के उत्सर्जन में कमी का मामला : समय से पांच वर्ष पूर्व ही लक्ष्य हो गया हासिल](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/emission-of-hydrochlorofluorocarbons-from-ac-and-fridge-is-decreasing/) - किरण पाण्डे ओजोन को सबसे अधिक नुकसान पहुंचाने वाली हाइड्रोक्लोरोफ्लोरोकार्बन गैस के उत्सर्जन में महत्वपूर्ण कमी आई है। पर्यावरण की दृष्टि से इसे एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है, क्योंकि हाइड्रोक्लोरोफ्लोरोकार्बन में कमी का लक्ष्य पांच साल पहले पूरा कर लिया गया है। जर्नल नेचर क्लाइमेट चेंज में 11 जून, 2024 को प्रकाशित शोध - [सीडीआर की रिपोर्ट : तापमान को 1.5 डिग्री पर सीमित करने के लिए हर साल वायुमंडल से हटाना होगा करीब 9 अरब टन सीओ2](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/greenhouse-gas-to-limit-1-5-degree-nine-billion-tons-of-co2-must-be-reduced-from-the-atmosphere-every-year-report/) - दयानिधि स्टेट ऑफ कार्बन डाइऑक्साइड रिमूवल (सीडीआर) की रिपोर्ट के मुताबिक, अगर दुनिया को 1.5 डिग्री सेल्सियस यानी पेरिस समझौते की सीमा का पालन करना है, तो सदी के मध्य तक वातावरण से सात से नौ अरब टन सीओ2 को हटाना होगा। शोध रिपोर्ट की अगुवाई ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के स्मिथ स्कूल ऑफ एंटरप्राइज एंड एनवायरनमेंट द्वारा किया गया - [हर दिन सिर्फ एक अतिरिक्त ग्राम नमक खाने से 22 फीसदी तक बढ़ जाता है एक्जिमा का खतरा : रिसर्च में हुआ खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/excess-salt-in-food-is-not-only-spoiling-the-taste-but-also-health-the-risk-of-eczema-may-increase/) - ललित मौर्या नमक न हो तो खाना बेस्वाद हो जाता है, लेकिन जरूरत से ज्यादा नमक भी स्वाद बिगाड़ देता है। वैज्ञानिकों के मुताबिक आहार में जरूरत से ज्यादा नमक कई तरह की समस्याओं की वजह भी बन सकता है। इसके स्वास्थ्य पर पड़ते दुष्प्रभावों को लेकर किए ऐसे ही एक नए अध्ययन से पता - [बिहार के दो पक्षी अभ्यारण्यों 'नागी' और 'नकटी' को रामसर स्थल के रूप में मिली मान्यता, देश भर में इसकी संख्या बढ़कर 82 हुई](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/human-made-wetlands-nagi-nakti-recognised-under-ramsar-convention/) - ललित मौर्या देश भर में जारी भीषण गर्मी और सूखते जल निकायों के बीच, बिहार से अच्छी खबर सामने आई है, जहां नागी और नकटी पक्षी अभयारण्यों को रामसर कन्वेंशन के तहत अंतरराष्ट्रीय महत्व की आद्रभूमियों (वेटलैंड्स) के रूप में मान्यता दे दी गई है। ये मानव निर्मित आद्रभूमियां अनगिनत वनस्पतियों के साथ-साथ कई तरह - [बदतर होते हालात, शिक्षा और स्वास्थ्य से अधिक कर्ज के ब्याज पर पैसा खर्च कर रहे हैं दुनिया के कुछ देश](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/countries-are-spending-more-money-on-loan-interest-than-on-education-and-health/) - रिचार्ड महापत्रा सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी ) को 2030 तक पूरा करने में मुश्किल से छह साल बचे हैं। इस बीच दुनिया भर के देश अभूतपूर्व कर्ज तले दब गए हैं। कर्ज का भुगतान कई देशों का एक प्रमुख व्यय है। यह उन्हें स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं पर पर्याप्त खर्च का अवसर नहीं - [गरीबों की थाली से गायब होता पोषण : विश्व में खाद्य निर्धनता से जूझ रहा हर चौथा बच्चा, भारत में भी 76 फीसदी हैं इसका शिकार](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/every-fourth-child-in-the-world-is-struggling-with-food-poverty-76-are-victims-in-india-too-unicef/) - ललित मौर्या गरीब की थाली से गायब होता पोषण अपने आप में एक बड़ी समस्या है। वहीं जब बात बच्चों की हो तो यह किसी संकट से कम नहीं। आपको जानकर हैरानी होगी की आज पांच वर्ष या उससे कम आयु का हर चौथा बच्चा खाद्य निर्धनता के गंभीर स्तर का शिकार है। मतलब की - [पर्यावरण प्रदर्शन सूचकांक (ईपीआई) 2024 : कुल 180 देशों की सूची में भारत 176 वें पायदान पर](https://vaigyanikchetna.com/पर्यावरण/sustainable-development-india-ranks-176th-with-27-6-points-in-environmental-performance-index-2024/) - दयानिधि पर्यावरण प्रदर्शन सूचकांक (ईपीआई) 2024 के आंकड़े बताते हैं कि 180 देशों में भारत 27.6 अंको के साथ 176वें पायदान पर रहा। वहीं, जलवायु परिवर्तन सूचकांक में भारत 35 अंको के साथ 133वें स्थान पर है। वायु गुणवत्ता के मामले में दक्षिण एशिया में भारत को 6.8 अंको के साथ पांचवें पायदान पर रखा - [अध्ययन : दुनिया भर में नदियों और नालों में बढ़ते अपघटन से ग्रीन हाउस गैस उत्सर्जन व जैव विविधता को भारी खतरा](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/greenhouse-gas-increasing-decomposition-in-rivers-and-streams-is-increasing-ghg-posing-a-huge-threat-to-biodiversity/) - दयानिधि एक नए अध्ययन में चेतावनी देते हुए कहा गया है कि दुनिया भर में मनुष्य नदियों और नालों में कार्बनिक पदार्थों के विघटन की दर को बढ़ा रहे हैं। यह अध्ययन जॉर्जिया विश्वविद्यालय, ऑकलैंड विश्वविद्यालय और केंट स्टेट विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं के संयुक्त तत्वाधान में किया गया है। अध्ययन में इस बात की आशंका - [इंसान ही नहीं, जंगली जानवरों, पक्षियों, मछलियों, कीट-पतंगों समेत अन्य जीव-जंतुओं की भी नींदें उड़ा रहा है बढ़ता तापमान](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/climate-crisis-rising-temperatures-are-affecting-not-only-human-but-also-wild-animals-sleep/) - ललित मौर्या क्या बढ़ता तापमान सिर्फ हम इंसानों के लिए खतरा है? क्या धरती के दूसरे जीव जलवायु में आते इन बदलावों से सुरक्षित हैं? यदि कम शब्दों में इसका उत्तर दें तो जवाब है, ‘नहीं’। दुनिया भर में ऐसे कई उदाहरण सामने आए हैं, जिनसे पुष्टि हुई है कि बढ़ता तापमान इंसानों के साथ-साथ - [गहराता जलवायु संकट : वेनेजुएला आधुनिक इतिहास में अपने सभी ग्लेशियर खोने वाला दुनिया का पहला देश बना](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/climate-crisis-venezuela-could-become-the-first-country-to-lose-all-its-glaciers/) - दयानिधि वेनेजुएला आधुनिक इतिहास में अपने सभी ग्लेशियर खोने वाला पहला देश बन सकता है। वैज्ञानिक तरीकों से ऐड्वकसी करने वाले संगठन इंटरनेशनल क्रायोस्फीयर क्लाइमेट इनिशिएटिव (आईसीसी) के मुताबिक, दक्षिण अमेरिकी राष्ट्र का एकमात्र बचा हुआ ग्लेशियर - हम्बोल्ट, या ला कोरोना, एंडीज में - ग्लेशियर के रूप में शामिल किए जाने के लिए बहुत - [संभल कर करें एंटीबायोटिक का इस्तेमाल, दवा को ठेंगा दिखाकर हर साल 50 लाख लोगों को मार देते हैं बैक्टीरिया : लैंसेट रिपोर्ट](https://vaigyanikchetna.com/रिपोर्ट/health-anti-microbial-resistant-bacteria-kill-50-lakhs-people-every-year-dr-tushar-tayal-explain-how-to-prevent-them/) - लक्ष्मी नारायण द लेंसेट की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि हर साल एंटी-माइक्रोबियल रेजिस्टेंस बैक्टीरिया दुनिया भर में 50 लाख लोगों को मौत दे देते हैं क्योंकि इन बैक्टीरिया पर दवाओं का कोई असर नहीं होता. आखिर क्यों होता है ऐसा और इससे किस तरह बचें, इस विषय पर न्यूज 18 ने सीके - [अध्ययन : बच्चों में सोचने, समझने, सीखने की क्षमता में गिरावट के साथ स्ट्रोक के खतरे को भी बढ़ा है यह खान-पान ...](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/ultra-processed-foods-are-increasing-the-risk-of-stroke-along-with-a-decline-in-cognitive/) - ललित मौर्या यदि आप या आपके बच्चे फ्राइज, चिप्स, बर्गर, कैंडी, सॉफ्ट ड्रिंक या आइसक्रीम जैसे अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड्स यानी बेहद ज्यादा प्रोसेस किए जाने वाले खाद्य पदार्थों के दीवाने हैं तो एक बार फिर सोच लें, क्योंकि इन्हें खाने की दीवानगी आपको शारीरिक और दिमागी तौर पर बीमार बना सकती है। कहते हैं हमारा खानपान - [लिविंग प्लैनेट इंडेक्स 2024 : पिछले 5 दशकों में, मीठे पानी के प्रवासी मछलियों में, आई 81 प्रतिशत की विनाशकारी गिरावट](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/devastating-decline-of-81-percent-in-freshwater-migratory-fish-in-five-decades/) - ललित मौर्या जीवों का प्रवासन प्रकृति के अद्भुत आश्चर्यों में से एक है, लेकिन समय के साथ अपने अस्तित्व के लिए लम्बी यात्राएं करने वाले इन जीवों पर खतरा बढ़ता जा रहा है। इससे न केवल धरती बल्कि मीठे पानी में पाई जाने वाली मछलियां भी सुरक्षित नहीं हैं। एक नई रिपोर्ट से पता चला - [अध्ययन : हर महीने लगभग पांच ग्राम माइक्रोप्लास्टिक खा रहे हैं लोग और 28 लाख कण शरीर में पहुंच रहे हैं सांस के जरिए](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/people-are-consuming-five-grams-of-microplastic-every-month-28-lakh-particles-are-reaching-the-body-through-breath/) - दयानिधि कॉर्नेल शोधकर्ताओं द्वारा 109 देशों में माइक्रोप्लास्टिक को खाने या निगले जाने की जांच-पड़ताल की गई है। अध्ययन के अनुसार, इंडोनेशिया, मलेशिया और फिलीपींस जैसे दक्षिण पूर्व एशियाई देशों के लोग माइक्रोप्लास्टिक निगलने की वैश्विक प्रति व्यक्ति सूची में शीर्ष पर हैं। जबकि चीन, मंगोलिया और यूनाइटेड किंगडम सबसे अधिक माइक्रोप्लास्टिक के वातावरण में सांस - [अध्ययन : सदी के अंत तक 66 फीसदी आबादी को झेलना होगा पीने के साफ पानी की कमी का सबसे बड़ा संकट](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/population-living-in-global-south-will-face-biggest-crisis-of-clean-water-study/) - दयानिधि नीदरलैंड स्थित यूट्रेक्ट यूनिवर्सिटी के एक नए अध्ययन के मुताबिक, जलवायु और सामाजिक आर्थिक बदलाव के साथ पानी की कमी तेज हो जाएगी, जिससे ग्लोबल साउथ के लोगों पर भारी असर पड़ेगा। मनुष्य को पीने और साफ सफाई के साथ-साथ भोजन, ऊर्जा और वस्तुओं के उत्पादन के लिए भी साफ पानी की जरूरत पड़ती है। - [भारत में खेतों से गायब होते जा रहे हैं नीम, जामुन, महुआ जैसे पेड़, 5 वर्षों में 53 लाख छायादार पेड़ हुए गायब](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/disappearing-neem-jamun-mahua-growing-ambition-in-india-swallowed-53-lakh-shady-trees-from-fields/) - ललित मौर्या कभी खेतों में नीम, महुआ, जामुन जैसे पेड़ों की बहार हुआ करती थी, सावन के झूले पड़ा करते थे। लोग महुआ चुनते, उसके पकवान बनते। घंटों नीम, पीपल की पूजा होती, मान-मनुहार होता। जामुन पकती तो पक्षियों और जानवरों का उन्हें खाने के लिए मेला लग जाता। लेकिन कहीं न कहीं पेड़ों के - [भारतीय शहरों में बढ़ती गर्मी के लिए अकेले शहरीकरण है 60 फीसदी जिम्मेदार : आई आई टी के शोध में हुआ खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/increasing-urbanization-is-responsible-for-60-percent-of-rising-warming-in-indian-cities-iit/) - ललित मौर्या भारतीय शहरों में बढ़ता तापमान अपने साथ नई चुनौतियां भी पैदा कर रहा है। इसका एक जीता जागता उदाहरण हाल ही में दिल्ली में सामने आया जब भीषण गर्मी और लू के चलते गर्मियों की छुट्टियों के लिए स्कूलों को जल्द बंद कर देना पड़ा। गौरतलब है कि दिल्ली में पारा 47.4 डिग्री - [रिपोर्ट- 'युवा-संवाद' : तेज बदलाव के मौजूदा दौर में बेहद जरूरी है बच्चों-युवाओं के साथ संवाद कायम करना, बढ़ाना](https://vaigyanikchetna.com/रिपोर्ट/साइंस-फॉर-सोसायटी-झारखंड/) - डी एन एस आनंद साइंस फॉर सोसायटी, झारखंड द्वारा राष्ट्रीय वैज्ञानिक चेतना अभियान के तहत आयोजित ऑनलाइन विचार गोष्ठी 'युवा संवाद' 19 मई को संपन्न हो गई। गोष्ठी का विषय था - 'बच्चों और युवाओं के साथ संवाद : क्या और कैसे ? हमारे अनुभव और सुझाव". उल्लेखनीय है कि यह भारतीय संविधान का 75वां - [जलवायु परिवर्तन का स्ट्रोक, माइग्रेन, मिर्गी जैसी बीमारियों से ग्रस्त लोगों पर होगा गहरा असर : शोध से हुआ खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/11886climate-change-can-worsen-the-health-of-people-suffering-from-diseases-like-stroke-migraine-epilepsy/) - ललित मौर्या जलवायु परिवर्तन आज एक ऐसा कड़वा सच बन चुका है, जिससे दुनिया में शायद ही कोई ऐसा हो जो प्रभावित न हुआ हो। किसी पर कम तो किसी पर ज्यादा लेकिन इन बदलावों ने हर इंसान के जीवन पर किसी न किसी रूप में प्रभाव डाला है। लेकिन दुनिया में कुछ ऐसे भी - [वातावरण में घूम रहे हैं कई घातक नए वायरस, जो बन सकते हैं महामारी का कारण : वैज्ञानिकों ने चेताया](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/scientists-warn-new-viruses-are-circulating-in-the-environment-can-become-the-cause-of-epidemic/) - दयानिधि ऐसे वायरस जो अचानक प्रकट होते हैं और सार्स-सीओवी-2 कोरोना वायरस की तरह बड़ी महामारी को जन्म दे सकते हैं। वे वास्तव में नए नहीं हैं, लेकिन वे आनुवंशिक रूप से बदल गए हैं। विशेष रूप से, विभिन्न वायरस प्रजातियों के बीच आनुवंशिक सामग्री के आदान-प्रदान से भारी बदलाव के चलते खतरनाक रोगजनक अचानक पैदा - [भारत में 2020 में, भीषण गर्मी की चपेट में थे 5.2 करोड़ बुजुर्ग, वहीं 2050 तक 14.2 करोड़ से अधिक बुजुर्ग झेलेंगे जानलेवा गर्मी](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/climate-crisis-24-6-crore-elderly-people-will-be-exposed-to-deadly-heat-by-2050-asia-africa-will-be-most-affected/) - ललित मौर्या वैश्विक स्तर पर जिस तरह से तापमान में इजाफा हो रहा है, वो बुजुर्गों के लिए कहीं ज्यादा घातक होता जा रहा है। यही वजह है कि आने वाले कुछ दशकों में कहीं ज्यादा बुजुर्गों को भीषण गर्मी से जूझना पड़ सकता है। बढ़ते तापमान के बुजुर्गों पर बढ़ते प्रभावों को लेकर की - [वायुमंडलीय कार्बन डाइऑक्साइड वृद्धि दर पिछले 50 हजार सालों की तुलना में 10 गुना तेज : वैज्ञानिकों ने किया खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/the-rate-of-natural-carbon-dioxide-increase-is-10-times-faster-today-than-in-the-last-fifty-thousand-years/) - दयानिधि शोधकर्ताओं की एक अंतरराष्ट्रीय टीम ने प्राचीन अंटार्कटिका की बर्फ का गहन रासायनिक विश्लेषण किया, जिससे पता चला कि आज वायुमंडलीय कार्बन डाइऑक्साइड वृद्धि की दर पिछले 50 हजार सालों की तुलना में 10 गुना तेज है। नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेज में प्रकाशित नतीजे पृथ्वी के अतीत में अचानक जलवायु में हुए बदलाव की अवधि के बारे - [डब्ल्यूएचओ ने डेंगू के नए टीके को दी मंजूरी, उसकी लेनी होगी दो खुराक, किया 54 महीनों तक डेंगू बुखार से सुरक्षा का दावा](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/who-prequalified-new-dengue-vaccine-claims-protection-from-dengue-fever-for-54-months/) - दयानिधि डेंगू संक्रमित मच्छरों के काटने से लोगों में फैलता है। दुनिया भर में हर साल 10 से 40 करोड़ से अधिक लोग डेंगू की चपेट में आते हैं। 3.8 अरब लोग डेंगू प्रभावित देशों में रहते हैं, जिनमें से अधिकांश एशिया, अफ्रीका और अमेरिका में हैं। साल 2023 में डेंगू के मामलों की सबसे - [जंगलों को महज 'कार्बन सिंक' में बदलना व उसके सामाजिक कल्याण की भूमिका को घटाना चिंताजनक : आईयूएफआरओ](https://vaigyanikchetna.com/आईयूएफआरओ/converting-forests-into-mere-carbon-sinks-is-risky-new-report-warns-iufro/) - दयानिधि जंगलों को लेकर संयुक्त राष्ट्र मंच (यूएनएफएफ19) के 19वें सत्र में एक रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। 14 सालों में अंतर्राष्ट्रीय वन प्रशासन पर पहली वैश्विक संश्लेषण रिपोर्ट में जंगलों के 'जलवायुकरण' के प्रति बढ़ते झुकाव के बारे में बताया गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि जंगलों की भूमिका को महज कार्बन जमा करने या - [अध्ययन : नदियों में अदृश्य प्लास्टिक की मात्रा का पता लगाना अब हुआ आसान, वैज्ञानिकों ने विकसित की नई विधि](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/scientists-develop-new-method-to-detect-amount-of-invisible-plastic-in-rivers/) - दयानिधि वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि नदियों में प्लास्टिक प्रदूषण का पता लगाने के मौजूदा तरीके अपर्याप्त हैं और इनमें सतह के नीचे डूबने वाले टुकड़ों पर गौर नहीं किया जाता है। दिखाई न देने वाले प्लास्टिक के ये कण पानी के नीचे या नदी के तल में डूबे हुए हो सकते हैं, जहां वे - [अध्ययन : यदि नीतियों में बदलाव नहीं हुए तो गुटखा, तम्बाकू की वजह से भारत में इलाज पर खर्च करने पड़ सकते हैं 1.58 लाख करोड़ रुपए](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/stagnant-policies-india-faces-19-billion-healthcare-burden-from-smokeless-tobacco/) - ललित मौर्या भारत में गुटखा, पान मसाला, जर्दा या खैनी जैसे धुआं रहित तंबाकू उत्पादों से जुड़ी नीतियों पर ध्यान न दिया गया तो वो स्वास्थ्य के लिहाज से महंगा पड़ सकता है। शोधकर्ताओं का अनुमान है कि यदि इनसे जुड़ी नीतियों में बदलाव न किया गया तो देश में इसका सेवन करने वालों के - [प्रकृति अध्ययन : बर्ड वाचिंग कम करता है छात्रों-युवाओं का मानसिक तनाव, दूर करता है उनका अवसाद](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/birdwatching-can-improve-mental-health-of-students-can-help-in-reducing-stress/) - दयानिधि जीवन की आपाधापी में आज मनुष्य कई तरह से मानसिक अवसाद और तनाव से गुजर रहा है। वहीं छात्रों की बात करें तो वे कई तरह की प्रतिस्पर्धा के कारण अक्सर तनाव में रहते हैं। एक नया अध्ययन इस तरह की समस्याओं को कम करने या इनसे पार पाने के लिए प्रकृति-आधारित समाधान की बात - [स्टडी : विज्ञान ने भी माना कि नवजात बच्चे के लिए मां का स्पर्श ही है सबसे 'बेस्ट हिलिंग टच', एक अध्ययन में हुआ खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/health-mother-touch-is-divine-for-child-science-confirms-as-study-finds-kangaroo-mother-care-is-better-than-nicu-for-low-birth-weight-baby-healing-and-weight-gain/) - प्रिया गौतम कम वजन के साथ पैदा होने वाले नवजात बच्‍चों के लिए नियोनेटल केयर यूनिट से भी ज्‍यादा मां का साथ जरूरी है. डब्‍ल्‍यूएचओ फंडेड स्‍टडी में खुलासा हुआ है कंगारू मदर केयर, एनआईसीयू से ज्‍यादा फायदेमंद है और इससे बच्‍चों की मृत्‍यु दर में गिरावट के साथ ही बेहतर रिकवरी देखी गई है. - [मोबाइल के मकड़जाल में उलझते जा रहे बच्चों को, मोबाइल की 'लत' छुड़ाने के लिए, बेहद जरूरी है उन्हें क्रिएटिव एक्टिविटी से जोड़ना](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/health-digital-fasting-is-effective-in-keeping-children-away-from-tv-and-mobile-health-expert-told-tricks-to-get-rid-of-the-addiction/) - दीप रंजन चिकित्सक डॉ. अशोक कुमार सिंह ने बताया कि अभिभावकों को चाहिए कि बच्चों को मोबाइल देखने से रोकने के लिए कोई काम पर लगा दें. मोबाइल का लालच देने के बजाए पेंटिग जैसे कार्यो से जोड़े, इससे रचनात्मकता बढ़ेगी. बच्चों को आप खेल-खेल में योग करना सीखा सकते हैं. इससे उनके शरीर में - [धरती के लिए बेहद खतरनाक है ऑनलाइन शॉपिंग, चीजों की पैकेजिंग के लिए हर साल काटे जाते हैं करीब तीन अरब पेड़](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/online-shopping-is-extremely-dangerous-for-the-earth/) - अनिल अश्वनी शर्मा भारत में पिछले कुछ सालों में ऑनलाइन से खरीददारी में तेजी से इजाफा हुआ है और यह तेजी बढ़ते ही जा रही है। कारण कि भारतीय मध्यम वर्ग के बीच टीवी के विज्ञापनों ने उनके मन में यह बिठा दिया है कि ऑन लाइन शॉपिंग एक स्टेटस सिंबल है। यदि आप इसका - [महान वैज्ञानिक स्टीफन हॉकिंग कहते थे, ये दुनिया ईश्वर ने नहीं बनाई, विश्व के ज्यादातर वैज्ञानिक नहीं करते ईश्वर में विश्वास](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/why-stephen-hawking-believe-there-is-no-god-who-create-universe-much-scientists-accept-it/) - संजय श्रीवास्तव अध्ययन और रिसर्च की बात करें तो विज्ञान ना तो अब तक भगवान को मान पाया है और ना ही खारिज कर पाया. स्टीफन हॉकिंग साफ कहते थे ये दुनिया ईश्वर ने नहीं बनाई. आइंस्टीन भी भगवान को नहीं मानते थे. कोई भगवान नहीं है और ना ही ये दुनिया कोई ईश्वर चलाता - [ISRO : भारतीय वैज्ञानिकों को मिली एक और बड़ी सफलता, चांद पर अनुमान से कई गुना अधिक बर्फ होने के प्रमाण मिले](https://vaigyanikchetna.com/isro/ice-present-on-the-moon-than-expected-indian-scientists-found-evidence/) - ललित मौर्या अंतरिक्ष के रहस्यों को सुलझाने की दिशा में भारतीय वैज्ञानिकों के हाथ एक और सफलता लगी है। चन्द्रमा पर की गई एक नई रिसर्च में वैज्ञानिकों को उम्मीद से कई गुणा ज्यादा बर्फ मिली है। यह बर्फ चांद की सतह के नीचे मौजूद है। इसका मतलब है कि चांद पर अनुमान से कहीं - [जानवर भी हैं पौधों के औषधीय गुणों से वाकिफ, एक ओरांगुटान ने औषधीय पौधे से खुद किया अपने जख्म का इलाज](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/like-our-ancestors-animals-are-aware-of-the-medicinal-properties-of-plants/) - ललित मौर्या क्या आप जानते हैं कि जानवर भी पौधों के औषधीय गुणों से वाकिफ हैं। दुनिया में कई जंगली जीव ऐसे हैं जो चोट लगने या बीमार पड़ने पर अपना इलाज करते हैं। लेकिन क्या वो अपने घावों के इलाज के लिए पौधों का उपयोग दवा के रूप में करते हैं, इस बारे में - [वैज्ञानिक चेतना पर आनॅलाइन राष्ट्रीय परिचर्चा -2 : एक रिपोर्ट : वक्ताओं ने दिया जन अभियान को व्यापक बनाने पर बल](https://vaigyanikchetna.com/रिपोर्ट/वैज्ञानिक-चेतना-पर-आनॅला/) - डॉ अली इमाम खां साइंस फ़ाॅर सोसायटी, झारखण्ड और वैज्ञानिक चेतना साइंस वेब पोर्टल, जमशेदपुर द्वारा आज़ादी के 75 वें वर्ष (15 अगस्त ' 2021- 15 अगस्त ' 2022) को वैज्ञानिक चेतना वर्ष के रूप में मनाने का फ़ैसला किया गया और इसके तहत पूरे साल विभिन्न माध्यमों का इस्तेमाल करते हुए जन संवाद एवं - [अध्ययन : पहाड़ों पर कुपोषण : भारत में पहाड़ों पर, अधिक ऊंचाई पर, रहने वाले बच्चों के नाटे रह जाने का खतरा ज्यादा](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/health-child-health-mountain-malnutrition-understanding-stunting-in-indian-hill-children/) - ललित मौर्या भारत में पहाड़ों पर अधिक ऊंचाई पर रहने वाले बच्चों के नाटे रह जाने का खतरा कहीं ज्यादा होता है। लेकिन ऐसा क्यों होता है, क्या पोषण की कमी, स्वास्थ्य सुविधाएं, शिक्षा का आभाव, कठोर जलवायु परिस्थितियां और कम पैदावार इसके लिए जिम्मेवार है शोधकर्ता भी इस बात से सहमत हैं कि भारत - [अध्ययन : पीने के पानी में ऐसे जहरीले तत्व का पता चला जो छानने या उबालने के बाद भी खत्म नहीं होता](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/common-water-pollutants-damage-fish-hearts-may-be-fatal-to-humans-too-studyअध्ययन-पीने-के-प/) - दयानिधि एक नए अध्ययन में पीने के पानी में ऐसे जहरीले तत्व का पता चला है, जो छानने और उबालने के बावजूद समाप्त नहीं होते हैं। डाइहैलोजेनेटेड नाइट्रोफेनोल्स (2,6-डीएचएनपी) नाम के इस पदार्थ की वजह से दिल पर असर पड़ सकता है। अध्ययन में पाया गया कि पानी एक लीटर में डाइहैलोजेनेटेड नाइट्रोफेनोल्स की 19 माइक्रोग्राम - [पिछले 50 साल में टीकाकरण के कारण बच गई 15 करोड़ से भी अधिक बच्चों की जान : WHO की रिपोर्ट से हुआ खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/who/vaccinations-worldwide-have-saved-more-than-150-million-lives-in-the-last-50-years/) - दयानिधि द लैंसेट द्वारा प्रकाशित एक प्रमुख ऐतिहासिक अध्ययन से पता चलता है कि दुनिया भर में टीकाकरण के प्रयासों ने पिछले 50 वर्षों में लगभग 15.4 करोड़ लोगों की जान बचाई है या हर साल हर मिनट छह लोगों की जान बचाई है। बचाए गए अधिकांश जीवन 10.1 करोड़ शिशुओं के थे। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के - [क्या है तथाकथित 'चमत्कारों' का सच ? लोगों में वैज्ञानिक चेतना के विकास के लिए बेहद जरूरी है 'चमत्कारों' की वैज्ञानिक व्याख्या](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/चमत्कारों-की-वैज्ञानिक-व/) - वेदप्रिय एक वैज्ञानिक प्रयोगशाला में कोई प्रयोग करता है तो उसके सामने एक स्पष्ट लक्ष्य होता है, कुछ नया सीखने का या कुछ नया खोजने का। इससे उसे जानकारी रूपी नई संपत्ति मिलती है। वह इस संपत्ति को पाने के बाद इसके प्रयोग करने के बारे में सोचता है।वह इसको तकनीक में ढालकर व्यवसाय कर - [साल 2023 में, विश्व के 59 देशों के 28.20 करोड़ लोग भूख से तड़पने को हुए मजबूर : संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट से हुआ खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/रिपोर्ट/know-how-many-million-people-faced-acute-hunger-in-2023-gaza-situation-is-worse/) - वर्ष 2023 में 59 देशों के करीब 28.2 करोड़ लोग भूख से तड़पने को मजबूर हुए और युद्धग्रस्त गाजा में सबसे ज्यादा लोगों ने अकाल की गंभीर स्थिति का सामना किया। संयुक्त राष्ट्र ने बुधवार को ‘ग्लोबल रिपोर्ट ऑन फूड क्राइसिस’ में इसकी जानकारी दी। रिपोर्ट के मुताबिक, 2022 में 2.4 करोड़ से अधिक लोगों - [सावधान ! तापमान में आ रहे नाटकीय बदलाव के कारण स्ट्रोक का खतरा बढ़ रहा है, नए शोध में हुआ खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/beware-of-rising-temperatures-five-lakh-deaths-due-to-brain-stroke-are-linked-to-climate-change/) - ललित मौर्या जलवायु परिवर्तन आज एक ऐसा खतरा बन चुका है, जो अनगिनत तरीकों से हमारे स्वास्थ्य को प्रभावित कर रहा है। इसी कड़ी में वैज्ञानिकों ने जलवायु परिवर्तन की वजह से स्ट्रोक के बढ़ते जोखिम को उजागर किया है। इस बारे में जर्नल न्यूरोलॉजी में प्रकाशित अपनी नई रिसर्च में शोधकर्ताओं ने खुलासा किया है - [किसी वैज्ञानिक के आस्तिक या नास्तिक होने का सवाल महज आस्था से जुड़ा सवाल है विज्ञान से जुड़ा कत्तई नहीं](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/आस्तिकता-व-नास्तिकता-का-स/) - वेदप्रिय जब भी सामान्य व्यक्तियों के बीच विज्ञान या वैज्ञानिकता की बात चलती है तो एक सवाल अक्सर बीच में आकर खड़ा हो जाता है। सवाल प्रायः यही होता है कि एक वैज्ञानिक तो नास्तिक ही होता होगा। तो क्या विज्ञान की पढ़ाई नास्तिकता की पढ़ाई होती है? नहीं ,ऐसा बिल्कुल नहीं है। दरअसल यह - [रिसर्च : वायु प्रदूषण का संपर्क आपके बच्चों को दिमागी तौर से बनाता है कमजोर, कम हो जाती है ध्यान लगाने की क्षमता](https://vaigyanikchetna.com/रिसर्च/air-pollution-is-making-children-mentally-weak-their-ability-to-concentrate-is-declining/) - ललित मौर्या क्या आप जानते है कि वायु प्रदूषण का संपर्क आपके बच्चों को दिमागी तौर पर कमजोर बना रहा है। इससे उनकी बौद्धिक और ध्यान लगाने की क्षमता प्रभावित हो रही है। इस बारे में की गई एक नई रिसर्च से पता चला है कि जीवन के शुरूआती दो वर्षों में नाइट्रोजन डाइऑक्साइड का - ['विकास' का सच एवं आदिवासी महिला की पीड़ा को उकेरती 'महुआ' की कहानी, महुआ की जुबानी' (भाग -1)](https://vaigyanikchetna.com/महुआ/part-one-mahua-s-words-mahua-s-story/) - संघमित्रा दुबे, राहुल श्रीवास्तव महुआ की पहली यात्रा और महुआ (दैवीय वृक्ष) से मिलने की यह कहानी, महुआ की जुबानी महुआ 1- एक युवा महिला। महुआ - आदिवासी समाज में ‘‘दैवीय वृक्ष’’ और आदिवासी संस्कृति, आजीविका, पोषण, स्वास्थ्य, चिकित्सा सहित जीवन से मृत्यु तक एक परम्परागत व्यवस्था। आजीविका - का अर्थ वही है, जो वनाधिकार मान्यता - [22 अप्रैल, विश्व पृथ्वी दिवस : आइए पृथ्वी और पर्यावरण को बचाएं, समाज में वैज्ञानिक चेतना फैलाएं](https://vaigyanikchetna.com/विश्व-पृथ्वी-दिवस/world-earth-day-2024-theme-why-earth-day-is-celebrated-on-22nd-april/) - हर साल 22 अप्रैल के दिन दुनियाभर में पृथ्वी दिवस मनाया जाता है। पृथ्वी दिवस को मनाए जाने का उद्देश्य पर्यावरण के महत्व और उसके प्रति लोगों को जागरुक करना है। आज के समय वैश्विक ताप वृद्धि, जलवायु परिवर्तन, प्रदूषण जैसी कई बड़ी समस्याएं हमारे समक्ष खड़ी हैं। ऐसे में हर साल 22 अप्रैल के - [वर्ल्ड पापुलेशन रिपोर्ट 2024 : भारत की आबादी हुई 144.2 करोड़ से भी अधिक, आज भारतीय है धरती का हर छठा इंसान](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/indian-population-will-reach-144-2-crore-in-2024-leaving-china-behind/) - ललित मौर्या क्या आप जानते हैं कि आज धरती पर मौजूद हर छठा इंसान भारतीय है। देश में बढ़ती आबादी एक नए शिखर पर पहुंच चुकी है, जिसकी पुष्टि संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष (यूएनएफपीए) ने हाल ही में जारी अपनी वर्ल्ड पापुलेशन रिपोर्ट 2024 में भी की है। “इंटरवॉवन लाइव्स, थ्रेड्स ऑफ होप: एंडिंग इनइक्वैलिटीज इन - [इस साल पूरे भारत में मॉनसूनी बारिश के 'सामान्य से अधिक' रहने की संभावना : भारत मौसम विज्ञान विभाग](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/monsoon-rainfall-in-india-is-likely-to-be-above-normal-this-year-imd/) - दयानिधि भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के मुताबिक, इस साल पूरे भारत में दक्षिण पश्चिम मॉनसूनी मौसम (जून से सितंबर) के दौरान बारिश के 'सामान्य से अधिक' रहने की संभावना है। जो कि दीर्घकालीन औसत (एलपीए) के 104 फीसदी से 106 फीसदी तक होने की संभावना जताई गई है। प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि पूरे - [संविधान का 75वां वर्ष : संविधान की 5वीं अनुसूची में शामिल झारखंड में संविधान जागरूकता की दशा-दिशा पर परिचर्चा : एक रिपोर्ट](https://vaigyanikchetna.com/रिपोर्ट/साइंस-फ़ाॅर-सोसायटी-झारख/) - डॉ अली इमाम खां साइंस फ़ाॅर सोसायटी, झारखण्ड ने 14 अप्रैल 2024 को आम्बेडकर जयंती के अवसर पर संध्या 7 बजे से एक आनॅलाइन परिचर्चा का आयोजन किया। परिचर्चा का विषय था- झारखण्ड में संविधान जागरूकता: दशा एवं दिशा (संदर्भ संविधान की पांचवीं अनुसूची)। परिचर्चा में संथाली रायटर्स एसोसिएशन के सचिव रविन्द्र नाथ मुर्मू, दलित - [ISRO : चंद्रयान-4, भारत के 2040 में चंद्रमा पर अंतरिक्ष यात्री उतारने के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में पहला कदम : सोमनाथ](https://vaigyanikchetna.com/isro/chandrayaan-4-launch-date-isro-chief-s-somnath-says-india-next-moon-mission-to-land-in-20240-with-astronaut/) - संदीप गुप्ता इसरो चीफ एस सोमनाथ की तरफ से यह स्‍पष्‍ट कर दिया गया कि चंद्रयान-4 के तहत चंद्रमा पर एक यान भेजा जाएगा जो नमूने एकत्र करने और वहां जांच पड़ताल करने के बाद वापस पृथ्वी पर लौटकर आएगा. इस बार एस्‍ट्रोनॉट भी चांद पर जाएंगे. भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) प्रमुख एस सोमनाथ - [रिसर्च : गर्म क्षेत्रों में रहने वाले मरीजों की किडनी कहीं तेजी से होती है खराब, सालाना क्षमता में होती है 8% की अतिरिक्त गिरावट‌](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/kidneys-rapidly-weaken-in-hot-areas-additional-decline-in-capacity-by-eight-percent-annually/) - ललित मौर्या वैज्ञानिकों ने अपनी एक नई रिसर्च में खुलासा किया है कि गर्म क्षेत्रों में रहने वाले मरीजों के गुर्दे कहीं ज्यादा तेजी से खराब होते हैं। रिसर्च से पता चला है कि क्रोनिक किडनी डिजीज (सीकेडी) से पीड़ित मरीज जो बेहद गर्म क्षेत्रों में रहने को मजबूर हैं, वो सालाना गुर्दे की कार्यक्षमता - [अब तक महासागरों की अथाह गहराइयों में जमा हो चुका है एक करोड़ 10 लाख टन प्लास्टिक कचरा : वैज्ञानिकों ने किया खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/the-ocean-floor-reservoir-contains-11-million-metric-tonnes-of-plastic-pollution/) - ललित मौर्या क्या आप जानते हैं कि अब तक 110,00,000 टन प्लास्टिक महासागरों की अथाह गहराइयों में जमा हो चुका है। यह पहला मौका है जब वैज्ञानिकों ने इस बात का खुलासा किया है कि समुद्र तल में अब तक कितना प्लास्टिक कचरा जमा हो चुका है। इस बारे में कॉमनवेल्थ साइंटिफिक एंड इंडस्ट्रियल रिसर्च - [देश में वैज्ञानिक दृष्टिकोण के विकास के लिए यह जानना जरूरी है कि आखिर क्या कहते हैं वैज्ञानिक मानसिकता के घोषणापत्र](https://vaigyanikchetna.com/science/क्या-कहते-हैं-वैज्ञानिक-म/) - वेदप्रिय अपने देश की आजादी के बाद के समय में हम विभिन्न पड़ावों पर वैज्ञानिक क्षेत्र में विभिन्न प्रवृत्तियां साफ देख सकते हैं।यद्यपि यह सब आजादी से पूर्व के लगभग 100 वर्षों के भारतीय नवजागरण की ताकत ही थी कि हम आजादी के तुरंत बाद के वर्षों में इस क्षेत्र में कुछ ठोस कर पाए। - [रिसर्च : वायरस फैलाने के लिए जानवर कम जिम्मेदार, बल्कि इंसान फैलाते हैं जानवरों में अधिक वायरस - वैज्ञानिकों ने किया खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/रिसर्च/it-is-humans-who-give-them-more-viruses-than-animals-scientists-revealed/) - ललित मौर्या दशकों से चूहों, चमगादड़ों जैसे जीवों को इंसानों में फैलती बीमारियों का दोषी माना जाता रहा है। एड्स, इबोला, जीका, स्पैनिश इन्फ्लुएंजा, एच2एन2 इन्फ्लुएंजा, इन्सेफेलाइटिस, निपाह, सार्स, मर्स, चिकनगुनिया, लासा बुखार और कोविड-19 जैसी ऐसी कई घातक बीमारियां हैं, जो दूसरे जीवों से इंसानों में फैली हैं। हालांकि वायरसों के प्रसार के मामले - [भारत में नदियों और नदी-तटीय अधिकारों की सुरक्षा, संरक्षण और पुनर्जीवन पर जनता का मसौदा](https://vaigyanikchetna.com/नदी/2024-04-blog-post/) - महोदय/महोदया, जन आन्दोलनों का राष्ट्रीय समन्वय(एन.ए.पी.एम)द्वारा संचालित नदी घाटी मंच की तरफ से हम देश की बहुमूल्य नदियों की गंभीर दशाके मद्देनज़र एक मज़बूत नदी प्रबंधन कानून की मांग के साथ, ये पत्र भेज रहे हैं आगामी चुनावों के सन्दर्भ में हम सभी राजनीतिक दलों और सांसदों के सामने प्रमुख मांगों के साथ एक पीपुल्स बिल - [7 अप्रैल, विश्व स्वास्थ्य दिवस : बेहद जरूरी है स्वास्थ्य को लेकर जन जागरूकता एवं सभी के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं की व्यवस्था](https://vaigyanikchetna.com/विश्व-स्वास्थ्य-दिवस/world-health-day-2024-why-celebrate-world-health-day-know-about-the-date-theme-history-significance-and-ways-to-celebrate/) - हिमद्रि सिंह हाडा हर साल 7 अप्रैल को वर्ल्ड हेल्थ डे यानी विश्व स्वास्थ्य दिवस मनाया जाता है. इस दिन को मनाने का उद्देश्य लोगों को स्वास्थ्य के विभिन्न मुद्दों के बारे में जागरूक करना है. दुनियाभर में हर साल 7 अप्रैल को विश्व स्वास्थ्य दिवस यानी वर्ल्ड हेल्थ डे मनाया जाता है. यह दिवस - [अध्ययन ! दुनिया में वर्ष 1990 से 2021 के बीच लोगों की औसत आयु 6.2 साल बढ़ गई : लैंसेट रिपोर्ट](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/life-expectancy-has-increased-by-6-2-years-worldwide-between-1990-2021-lancet-report/) - दयानिधि द लैंसेट में प्रकाशित एक नए अध्ययन से पता चलता है कि दुनिया भर में लोग 1990 की तुलना में 2021 में औसतन छह साल से अधिक समय तक जीवित रह रहे हैं। अध्ययन के अनुसार, पिछले तीन दशकों में भारत में जीवन प्रत्याशा आठ साल तक बढ़ गई है। अध्ययन में कहा गया - [बदलाव : खर्चीली उच्च तकनीक ने लोगों को 'जुगाड़' के जरिए सरल समाधान तलाशने के लिए विवश कर दिया](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/जुगाड़-का-डंका/) - लता जिष्णु जुगाड़, जीवन का सबसे उत्कृष्ट भारतीय दृष्टिकोण है। जब संसाधन सीमित हो, तो हम खर्चीली तकनीक में अपने हिसाब से कामचलाऊ सुधार कर समस्या से लड़ना सीखते हैं और इसके लिए हम उन चीजों का इस्तेमाल करते हैं, जो स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हैं। जुगाड़, उत्तर भारत का एक आम बोलचाल का शब्द - [तकनीकी विकास से इंसानी विचारों को पढ़ने की क्षमता बढ़ी, आप जो सोच रहे हैं, वह दूर बैठे व्यक्ति के लिए भी जानना हुआ आसान](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/science-reads-the-deep-things-of-the-mind/) - रोहिणी के मुर्ति अगर आप यह मानते हैं कि आप जो सोच रहे हैं, वह कोई नहीं जान सकता तो संभावना यही है कि आप ब्रेन-कंप्यूटर इंटरफेस (बीसीआई) में ताजा प्रगति से वाकिफ नहीं हैं। सीधी-सादी लगने वाली इस प्रौद्योगिकी के कई अन्य सांसारिक प्रभाव हैं। दिसंबर 2022 में इसकी झलक देखने को मिली, जब - [जलवायु परिवर्तन से बढ़ जाएंगी खाद्य कीमतें, महंगी हो जाएगी आम आदमी की थाली, वैज्ञानिकों ने जताई आशंका](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/climate-crisis-anticipating-3-2-percent-annual-food-price-increase/) - ललित मौर्या वैश्विक स्तर पर खाद्य पदार्थों की बढ़ती कीमतें पहले ही आसमान छू रहीं हैं। कई देशों में तो स्थिति इस कदर बदतर हो चुकी है कि लोगों को अपनी बुनियादी जरूरतों को पूरा करने के लिए भी संघर्ष करना पड़ रहा है। खाद्य पदार्थों की इन बढ़ती कीमतों के लिए कहीं न कहीं - [भारतीय मौसम विज्ञान विभाग का पूर्वानुमान : अप्रैल से जून के बीच भीषण गर्मी वाले दिनों की संख्या बढ़ने के आसार, होगी कम बारिश](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/chances-of-more-heat-waves-continuing-from-april-to-june-meteorological-department/) - दयानिधि भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने कहा है कि अप्रैल से जून के दौरान भीषण गर्मी वाले गर्मी (हीटवेव) के दिनों की संख्या बढ़ जाएगी। वहीं, देश के कुछ हिस्सों में बारिश भी कम होने के आसार है। मौसम विभाग का यह पूर्वानुमान दर्शाता है कि साल 2024 की गर्मियां भारी पड़ने वाली हैं। - [देश में प्रजनन दर में गिरावट शुरू, शीघ्र ही घटने लगेगी आबादी, सन् 2050 तक प्रजनन दर घटकर रह जाएगी सिर्फ 1.29](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/why-is-the-decreasing-fertility-rate-in-discussion-in-india-amid-the-increasing-population/) - ललित मौर्या आज भारत बढ़ती आबादी से जूझ रहा है, लेकिन अनुमान है कि आने वाले कुछ दशकों में इसमें गिरावट का सिलसिला शुरू हो जाएगा और ऐसा देश में घटती प्रजनन दर की वजह से होगा। वैज्ञानिकों का अनुमान है कि भारत में अगले 26 वर्षों में यानी 2050 तक कुल प्रजनन दर घटकर - [जानकारी : कोलेस्ट्रॉल एवं शुगर पेशेंट के लिए मुसीबत, इस दवा को खाएं तो परेशानी, न खाएं तो जान को खतरा](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/health-cholesterol-lowering-medicine-statins-increase-diabetes-risk-who-should-not-take-this-drug-know-interesting-facts/) - अमित उपाध्याय करोड़ों की तादाद में लोग कोलेस्ट्रॉल और डायबिटीज की परेशानी से जूझ रहे हैं. डॉक्टर कोलेस्ट्रॉल और शुगर दोनों को कंट्रोल करने के लिए अलग-अलग दवाएं देते हैं. हालांकि कुछ दवाएं ऐसी भी होती हैं, जो एक परेशानी से राहत दिलाती हैं, लेकिन दूसरी बीमारी का खतरा बढ़ा देती हैं. वर्तमान समय में - [भारत में हर साल हो रहा है 7.8 करोड़ टन से ज्यादा भोजन बर्बाद, जबकि 23.4 करोड़ लोग हैं कुपोषण का शिकार : संयुक्त राष्ट्र](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/indias-per-capita-food-waste-55-kg-per-year-un/) - ललित मौर्या भारत में हर साल करीब 7.8 करोड़ टन से ज्यादा भोजन बर्बाद हो रहा है। वहीं प्रति व्यक्ति के हिसाब से देखें तो देश में सालाना औसतन 55 किलोग्राम भोजन बर्बाद हो रहा है। यह जानकारी संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (यूएनईपी) द्वारा जारी नई रिपोर्ट ‘फूड वेस्ट इंडेक्स रिपोर्ट 2024’ में सामने आई है। इससे - [23 मार्च, शहादत दिवस : यह भारतीय संविधान का 75वां वर्ष है, आइए, शहीद भगत सिंह के सपनों का भारत बनाएं](https://vaigyanikchetna.com/शहादत-दिवस/bhagat-singh/) - आज 23 मार्च है। भगतसिंह शहादत दिवस। इसी दिन भारत माता के तीन वीर सपूतों, भगतसिंह, राजगुरु एवं सुखदेव ने देश की आजादी के लिए हंसते हंसते फांसी के फंदे को चूम लिया था। यह भारतीय संविधान का 75वां वर्ष है जिसे साइंस फॉर सोसायटी झारखंड, 'वैज्ञानिक चेतना वर्ष' के रूप में मना रही हैं। - [22 मार्च, विश्व जल दिवस : सावधान ! भारत के कई राज्यों में भूजल की कमी ने चरम बिन्दु को पार किया : संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट](https://vaigyanikchetna.com/विश्व-जल-दिवस/world-water-day-2024-date-history-significance-and-theme-in-hindi-2024/) - शिवानी अवस्थी दुनिया का 70 फीसदी हिस्सा पानी से घिरा है, लेकिन उसमें से पीने योग्य पानी लगभग तीन फीसदी ही है। 97 फीसदी पानी ऐसा है जो पीने लायक ही नहीं है। अब तीन फीसदी पानी पर पूरी दुनिया जीवित है। जल संसाधन मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों से पता चलता है कि भारत में - [रिसर्च : वैज्ञानिकों ने किया लाल रक्त कोशिका के लिए पहला हीट मैप विकसित, चिकित्सा क्षेत्र पर होगा दूरगामी प्रभाव](https://vaigyanikchetna.com/रिसर्च/scientists-develop-the-first-heat-map-for-red-blood-cells-important-for-improving-medicine/) - दयानिधि लाल रक्त कोशिकाओं के ताप प्रवाह या जिसे एन्ट्रॉपी कहते हैं, जो जीव विज्ञान में ऊर्जा दक्षता से संबंधित है और यह चयापचय से निकटता से जुड़ा हुआ है। यह रासायनिक प्रतिक्रियाओं की एक प्रणाली है जो जीवन को बनाए रखने में मदद करता है। बार्सिलोना और पादुआ विश्वविद्यालयों के नेतृत्व में एक अंतरराष्ट्रीय शोध - [इंटरव्यू : एक युवा कृषि वैज्ञानिक ने तैयार की ऐसी तकनीक जिससे किसानों को मिलेगी उनकी फसलों की पूरी हेल्थ रिपोर्ट](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/interview-timely-identification-will-save-the-life-of-crops/) - अनिल अश्वनी शर्मा इंसानों की बीमारी की तरह फसलों की बीमारी के बारे में भी यही सिद्धांत है कि समय रहते रोग पकड़ लिया जाए तो इलाज बहुत आसान हो जाता है। भारत का कृषि क्षेत्र जितना विशाल है उतनी ही विशाल इसकी दिक्कतें भी हैं। सूखा, बाढ़ व जलवायु संकट से पैदा अन्य समस्याओं - [किशोरावस्था में गर्भ धारण करने वाली किशोरियों में समय से पूर्व मौत का जोखिम अधिक : रिसर्च में हुआ खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/health-risk-of-premature-death-among-teenage-girls-due-to-pregnancy-revelations-in-research-know-at-what-age-to-conceive-in-hindi/) - ललित कुमार किशोरावस्था के दौरान गर्भ धारण करने वाली किशोरियों में समय से पहले मौत का जोखिम बढ़ जाता है. कनाडा के सेंट माइकल अस्पताल के रिसर्चर द्वारा हुए अध्ययन में यह बात सामने आई है कि गर्भ धारण करने वाली किशोरियों की 31 वर्ष की आयु से पहले मरने की आशंका दोगुनी होती है. - [विश्व में स्वास्थ्य क्षेत्र में काफी गहरी है लैंगिक असमानता की जड़ें, महिलाओं को मिल रहा 24 फीसदी कम वेतन : WHO की रिपोर्ट](https://vaigyanikchetna.com/रिपोर्ट/fair-sex-unfair-pay-women-in-healthcare-paid-24-percent-less-than-men-highlights-who-report/) - ललित मौर्या विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने अपनी नई रिपोर्ट में वैश्विक स्वास्थ्य क्षेत्र में महिलाओं और पुरुषों के बीच मौजूद खाई को उजागर किया है। रिपोर्ट के मुताबिक स्वास्थ्य देखभाल क्षेत्र में महिलाओं की हिस्सेदारी 67 फीसदी है। इसके बावजूद उन्हें पुरुषों की तुलना में 24 फीसदी कम वेतन से संतोष करना पड़ता है। - [वैज्ञानिकों ने प्लास्टिक में 16325 केमिकल्स के होने की पुष्टि की, इसमें 26% मानव स्वास्थ्य एवं पर्यावरण दोनों के लिए खतरनाक](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/over-16-000-chemicals-identified-in-plastic-3-000-more-than-un-estimate/) - ललित मौर्या गुरुवार को प्रकाशित एक नई रिपोर्ट में सामने आया है कि प्लास्टिक में 16,000 से अधिक केमिकल मौजूद होते हैं। जो पिछले अनुमान से 3,000 से भी अधिक हैं। मौजूदा समय में प्लास्टिक का बड़े पैमाने पर उपयोग खाद्य पदार्थों की पैकेजिंग से लेकर खिलौनों तक में किया जाता है, यहां तक की - [मानव विकास सूचकांक : भारत 193 देशों की सूची में 134 वें स्थान पर, दो पायदान नीचे खिसका, जीवन प्रत्याशा में आई गिरावट](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/human-development-index-india-ranked-134th-in-the-list-of-193-countries-decline-in-life-expectancy/) - ललित मौर्या संयुक्त राष्ट्र द्वारा जारी नवीनतम मानव विकास सूचकांक (ह्यूमन डेवलपमेंट इंडेक्स) में भारत को 193 देशों की सूची में 134वें पायदान पर रखा गया है। सूचकांक वर्ष 2022 के आंकड़ों पर आधारित है। इस सूचकांक में भारत को कुल 0.644 अंक दिए गए हैं। जो भारत को मध्यम मानव विकास वाले देशों की श्रेणी में - [संविधान का 75वां वर्ष : बेहद जरूरी है देश के महान वैज्ञानिक जे सी बोस की विरासत की रक्षा व आत्मनिर्भर भारत का निर्माण](https://vaigyanikchetna.com/संविधान/संविधान-का-75वां-वर्ष-बेहद-ज/) - डॉ अली इमाम खां यह भारतीय संविधान का 75 वां वर्ष है, जिसे साइंस फार सोसायटी झारखंड ने वैज्ञानिक चेतना वर्ष के रूप में मनाने का फैसला किया है। संविधान ने वैज्ञानिक मानसिकता के विकास को नागरिकों का मौलिक कर्तव्य घोषित किया है। जन जन तक विज्ञान पहुंचाने एवं लोगों में वैज्ञानिक, लोकतांत्रिक चेतना के - [क्लाइमेट चेंज : फरवरी माह ने भी तोड़े बढ़ते तापमान का रिकॉर्ड, सामान्य से 1.77 डिग्री अधिक रहा तापमान](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/climate-crisis-february-continues-record-breaking-temperature-trend/) - ललित मौर्या 2024 शुरूआत से ही बढ़ते तापमान की चपेट में है, पहले जनवरी और अब फरवरी ने भी बढ़ते तापमान के पिछले सभी रिकॉर्ड को तोड़ दिया है। जलवायु आंकड़ों की मानें तो फरवरी 2024 में बढ़ता तापमान औद्योगिक काल से पहले की तुलना में फरवरी के औसत तापमान से 1.77 डिग्री सेल्सियस ज्यादा - [स्वास्थ्य : नई तकनीक से भारत में भी संपन्न हुआ, बिना चीर-फाड़ के, महज 30 मिनट में ब्रेन ट्यूमर का ऑपरेशन](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/brain-tumor-treatment-in-30-minutes-apollo-hospital-conduct-operation-with-zap-x-radiosurgery-successfully/) - रवि सिंह ये तकनीक सीधे ट्यूमर पर विकिरण को सटीक रूप से केंद्रित करती है. मस्तिष्क स्टेम, आंखों और ऑप्टिक तंत्रिकाओं का विकिरण से बचाव भी करती है. डॉक्‍टरों का दावा है कि कई मामलों में मरीज 24 घंटे के अंदर वापस अपने घर पर लौट जाता है. 30 मिनट में सर्जरी संभव है. सिर्फ - [अध्ययन : भारत में 2.1 करोड़ डायबिटीज से पीड़ित मरीजों की नजर है बेहद कमजोर जबकि 24 लाख मरीज हैं दृष्टिहीन](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/2-1-crore-diabetic-patients-in-india-have-weak-eyesight-out-of-which-24-lakh-people-are-blind/) - दयानिधि लैंसेट ग्लोबल हेल्थ में प्रकाशित एक अध्ययन के मुताबिक, भारत में डायबिटीज या मधुमेह से पीड़ित लगभग 10.1 करोड़ लोगों में से कम से कम 2.1 करोड़ लोगों की नजर कमजोर है। उनमें से 24 लाख लोग कुछ भी देख नहीं सकते हैं, अर्थात वे अंधे हैं। अध्ययन में कहा गया कि निम्न सामाजिक-आर्थिक स्तर के - [आज भी पुरुषों के मुकाबले महिलाओं को हासिल है केवल दो-तिहाई कानूनी अधिकार : विश्व बैंक की रिपोर्ट से हुआ खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/रिपोर्ट/women-enjoy-just-two-thirds-of-the-legal-rights-that-men-enjoy-world-bank/) - ललित मौर्या सदियों से महिलाएं इस आस में हैं कि शायद कभी उन्हें भी पुरुषों के समान अधिकार मिल पाएंगें, कभी तो उनके और पुरुषों के बीच जो असमानता की गहरी खाई है वो भरेगी। साल दर साल समय गुजरता रहा, लेकिन उनके इन्तजार का यह सिलसिला अब भी बदस्तूर जारी है। आज भी महिलाओं - [अब मुश्किल नहीं है 'ओवरवेट' से छुटकारा, सामने आया वेटलॉस का सीक्रेट : अध्ययन में हुआ खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/health-weight-loss-in-7-days-scientist-find-significant-changes-in-body-after-7-day-fast-bhuka-rahne-se-vajan-kam-hota/) - लक्ष्मी नारायण क्या आप वजन कम करना चाहते हैं. ज्यादातर लोग इसका जवाब हां में ही देंगे. पर वजन कम करना अब मुश्किल नहीं होगा. लेकिन इसके लिए कठिन काम करना होगा. वैज्ञानिकों ने एक स्टडी में पाया है कि एक प्रयोग से 7 दिनों में 5.7 किलो वजन कम किया जा सकता है. भारत - [भारत में महिलाओं में मोटापे की दर पिछले तीन दशक में 1.2 % से बढ़कर 9.8 % हुई, बच्चों और किशोरों में मोटापे की दर चार गुना बढ़ी : लैंसेट](https://vaigyanikchetna.com/लैंसेट/one-in-eight-people-worldwide-is-obese-obesity-rate-among-women-in-india-is-9-8-percent/) - दयानिधि द लैंसेट में प्रकाशित एक नए अध्ययन के मुताबिक, दुनिया भर में बच्चों और किशोरों में मोटापे की दर 1990 से 2022 तक चार गुना बढ़ गई है, जबकि वयस्कों में मोटापे की दर दोगुनी से अधिक हो गई है। दुनिया भर में मोटापे से ग्रस्त बच्चों, किशोरों और वयस्कों की कुल संख्या एक अरब - [अगले 26 वर्षों में 65% की वृद्धि के साथ विश्व में 380 करोड़ टन पर पहुंच जाएगा सालाना पैदा हो रहा कचरा : संयुक्त राष्ट्र](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/waste-generated-annually-will-reach-380-crore-tonnes-with-an-increase-of-65-percent-in-26-years/) - ललित मौर्या साल दर साल बढ़ता म्युनिसिपल वेस्ट यानी शहरी कचरा आज एक बड़ी समस्या बन चुका है। दिल्ली जैसे शहर में तो इस कचरे का पहाड़ तक बन गया है, कुछ ऐसी ही स्थिति दुनिया के अन्य देशों में भी हैं जहां बढ़ता कचरा और उसके प्रबंधन से जुड़ी समस्याएं साल दर साल विकराल - [अलर्ट जारी : देश के कई हिस्सों में समय से पहले दिखने लगा है गर्मी का कहर, वसंत का मौसम घटा, गर्मी का बढ़ा](https://vaigyanikchetna.com/अलर्ट/climate-crisis-spring-shrinking-in-india-early-heat-waves-spreading/) - ललित मौर्या मार्च का महीना अभी शुरू भी नहीं हुआ है, उससे पहले ही देश के कई हिस्सों में गर्मी ने दस्तक दे दी है। हालात यह है कि भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) को केरल और रायलसीमा क्षेत्र के लिए लू और उमस के चलते पीला (येलो) अलर्ट तक जारी करना पड़ा है। एक - [जानकारी : मरने के बाद 'अंग दान" के तहत आंखें, लिवर, किडनी आदि की तरह स्किन भी की जा सकती है डोनेट](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/health-skin-donation-after-death-process-skin-retrieved-in-skin-donation-is-used-for-cosmetic-surgery-on-face-know-the-facts-from-safdarjung-skin-bank-head-dr-sujata/) - प्रिया गौतम क्या आपको पता है कि आंखें, लिवर, किडनी की तरह स्किन भी डोनेट की जा सकती है. जी हां, इंसान स्वेच्छा से मरने के बाद अपनी स्किन को डोनेट कर सकते हैं. यह स्किन जले हुए या एक्सीडेंट वाले व्यक्तियों में स्किन को भरने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है. आखिर यह - [पैरासिटामोल टैबलेट का ओवरडोज आपके लिवर को प्रभावित कर सकता है, जानलेवा साबित हो सकता है : स्टडी](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/health-paracetamol-overdose-may-cause-of-liver-damage-university-of-edinburg-study-poses-severe-risk-of-acute-liver-failure/) - लक्ष्मी नारायण सिद दर्द, बदन दर्द, थकान, दांत दर्द आदि में यदि आप भी बहुत ज्यादा पैरासिटामोल अपने मन से लेते हैं तो चेत जाए. क्योंकि पैरासिटामोल का ज्यादा इस्तेमाल आपके लिवर को अचानक फेल भी कर सकता है. हममें से शायद ही कोई होगा जिसे बुखार नहीं लगा हो. बुखार लगने पर हम अक्सर - [नासा के सहयोग से एक निजी अमेरिकी कंपनी ने चंद्रमा पर अपने यान की सफल, अनोखी लैंडिंग कराकर इतिहास रचा](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/moon-landing-private-company-know-why-it-is-different-is-it-successful-explained/) - विकास शर्मा हाल ही में अमेरिकी कंपनी के एक यान ने चंद्रमा पर लैंडिंग कर इतिहास रच दिया है. लेकिन इस पर अभी तक संशय यही है कि क्या ये लैंडिंग सफल कही जा सकती है या नहीं है. लैंडिंग के बाद यान सही तरह से काम कर सकेगा या नहीं सब कुछ इस पर - [अध्ययन : नमक का विकल्प अपनाने से 40 प्रतिशत तक कम होता है हाई ब्लड प्रेशर, घट जाता है लो ब्लडप्रेशर का खतरा](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/adopting-salt-substitute-reduces-high-blood-pressure-by-40-percent-study/) - दयानिधि एक ताजा अध्ययन में कहा गया है कि नमक का उपयोग कम कर कोई विकल्प अपनाने से उच्च रक्तचाप यानी हाई ब्लड प्रेशर (हाई बीपी) की समस्याओं को कम किया जा सकता है। नमक का विकल्प अपनाने से जहां उच्च रक्तचाप के आसार 40 फीसदी कम हो जाते हैं, वहीं निम्न रक्तचाप (लो ब्लड प्रेशर) का - [सावधान ! नदियों, समुद्रों को प्रदूषित कर रहे हैं खुले में फेंके गए करोड़ों सिगरेट बट्स, इससे पर्यावरण संकट गहराया](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/4500-billion-cigarette-butts-discarded-annually-a-health-and-environmental-concern/) - ललित मौर्या कभी-कभी छोटी चीजें भी बड़ा प्रभाव डालती हैं और सिगरेट बट्स इसका सबसे अच्छा उदाहरण हैं। अनुमान है कि हर साल करीब साढ़े चार लाख करोड़ सिगरेट बट्स को ऐसे ही खुले में फेंक दिया जाता है, जो स्वास्थ्य के साथ-साथ पर्यावरण के लिए भी समस्या पैदा कर रहे हैं। समस्या तब पैदा - [दुनिया में हर साढ़े तीन महीने में मर रही है एक भाषा, उसके साथ ही खत्म हो रही है कोई संस्कृति एवं ज्ञान का समृद्ध भंडार](https://vaigyanikchetna.com/भाषा/one-language-dying-every-three-and-a-half-months/) - भागीरथ श्रीवास पिछले साल अप्रैल में जब सारा देश लॉकडाउन की जद में था, तभी एक भाषा की गुमनाम मौत हो गई। “सारे” नामक इस भाषा को बोलने वाली आखिरी महिला लीचो 4 अप्रैल 2020 को इस दुनिया से विदा हो गई। वह करीब 50 वर्ष की थी। लीचो अंडमान के दक्षिणी द्वीप में रहने - [जानकारी : छोटी जल आपूर्ति सुविधाओं में सुधार के लिए डब्ल्यू एचओ ने जारी किये महत्वपूर्ण नए दिशानिर्देश](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/who-issues-new-guidelines-and-tools-to-improve-small-water-supplies/) - ललित मौर्या दुनिया में 220 करोड़ लोगों को आज भी साफ और सुरक्षित पेयजल नसीब नहीं हो रहा। इनमें से ज्यादातर वो लोग हैं जो ग्रामीण इलाकों में रहते हैं और अक्सर अपनी पेयजल संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए छोटी जल आपूर्ति सुविधाओं पर निर्भर रहते हैं। लेकिन समस्या यह है कि यह सुविधाएं अक्सर - [सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के फायदे से वंचित हैं दुनिया के 140 करोड़ बच्चे, जारी आंकड़ों से हुआ खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/140-crore-children-deprived-of-social-security-benefits/) - ललित मौर्या नवीनतम आंकड़ों से पता चला है कि दुनिया में 15 वर्ष से कम उम्र के 140 करोड़ बच्चे सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं के फायदों से वंचित हैं। ऐसे में सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से यह दूरी उन्हें बीमारी, कुपोषण, अशिक्षा, असमानता और गरीबी के भंवर जाल में धकेल सकती है। विडम्बना देखिए कि - [अध्ययन : चिकुनगुनिया से संक्रमित होने के तीन महीने बाद तक बना रहता है मृत्यु का जोखिम, लैंसेट की रिपोर्ट में हुआ खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/non-communicable-disease-risk-of-death-remains-for-three-months-after-getting-infected-with-chikungunya-lancet/) - ललित मौर्या चिकनगुनिया से संक्रमित होने के तीन महीने बाद भी उससे होने वाली जटिलताओं के कारण मृत्यु का खतरा बना रहता है। जर्नल द लैंसेट इन्फेक्शियस डिजीज में प्रकाशित एक नए अध्ययन में इसकी पुष्टि की गई है। गौरतलब है कि डेंगू की तरह ही चिकनगुनिया भी एक वायरल बीमारी है, जो मच्छरों से इंसानों - [पहली बार इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन में हुई अनोखी सर्जरी, वैज्ञानिकों ने रिमोट कंट्रोल तकनीक से दिया इसे अंजाम](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/surgeons-successfully-perform-remote-controlled-operation-on-iss-on-rubber-band/) - विकास शर्मा वैज्ञानिकों ने पहली बार इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन में सर्जरी करने का कारनामा किया है. रिमोट कंट्रोल तकनीक से हुई इस खास तरह की सर्जरी को एक बड़ी उपलब्धि के तौर पर देखा जा रहा है जिसे पृथ्वी पर भी दूर दराज के इलाकों में भी किया जा सकता है. लेकिन यह सर्जरी की - [विशेषज्ञों ने उठाए सवाल, आखिर किसे फायदा पहुंचाने के लिए हो रहा है जल अधिनियम में संशोधन ?](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/water-act-is-being-amended-to-benefit-whom-experts-raised-questions/) - जयंता बासु पर्यावरण विशेषज्ञों ने कहा है कि जल (प्रदूषण की रोकथाम और नियंत्रण) अधिनियम, 1974 एक विफलता थी और इसमें सुधार की आवश्यकता थी, लेकिन केंद्र सरकार द्वारा अधिनियम में पेश किए गए नवीनतम बदलाव आवश्यकता के बिल्कुल विपरीत हैं। जल (प्रदूषण की रोकथाम और नियंत्रण) संशोधन विधेयक, 2024 अधिनियम में बदलाव का प्रस्ताव - [सतत विकास : कुछ में भारत का प्रदर्शन बेहतर हुआ है तो कुछ में प्रगति लगभग रुकी, नई रिपोर्ट में हुआ खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/how-is-india-s-report-card-on-sustainable-development-goals-revealed-in-the-report/) - ललित मौर्या संयुक्त राष्ट्र आर्थिक और सामाजिक आयोग (यूएनईएससीएपी) ने गुरूवार को 'एशिया एंड द पैसिफिक एसडीजी प्रोग्रेस रिपोर्ट 2024' नामक एक नई रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट में भारत में सतत विकास के लक्ष्यों की दिशा में हो रही प्रगति पर प्रकाश डाला है। रिपोर्ट के मुताबिक भारत में एसडीजी के 17 लक्ष्यों - [शोध : नई तकनीक से अनाज की उपज तो बढ़ी, पर गायब हुए उसके पोषक तत्व, शरीर को पहुंचाने लगे हैं नुकसान](https://vaigyanikchetna.com/शोध/cover-story-nutrients-missing-from-grains-now-causing-harm-to-the-body/) - सगुण जैसा आप खाते हैं, वैसे ही आप बनते हैं, या यूं कहें, जो उगाते हैं, वही खाते हैं। कल्पना कीजिए, पूरी आबादी ऐसी चीज खा रही हो जिसमें कम पोषण हो, जिसमें विटामिन और वे जरूरी तत्व नहीं हों जो विकास, बीमारियों से बचाने और स्वस्थ रहने के लिए जरूरी हैं। केंद्रीय कृषि और - [अध्ययन : बच्चों को एंटिबायोटिक दवाएं देने से भविष्य में लाइलाज हो सकती है बीमारी, शोध से हुआ खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/use-of-antibiotics-early-in-life-in-children-and-animals-likely-to-increase-resistance/) - दयानिधि दुनिया भर में रोगाणुरोधी प्रतिरोध (एएमआर) को लेकर भारी चिंता जताई जा रही है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार 2005 की तुलना में 2035 तक अंतिम उपाय के तौर पर उपयोग किए जाने वाले एंटीबायोटिक दवाओं के प्रतिरोध में दोगुनी वृद्धि होने की आशंका जताई गई है। रोगाणुरोधी प्रतिरोध (एएमआर) से संबंधित कई शोध किए गए - [शोध : किसी महिला के गर्भावस्था में वायु प्रदूषण के संपर्क में आने से उसके नवजात शिशुओं को हो सकती है सांस संबंधी दिक्कतें](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/exposure-to-air-pollution-before-birth-can-cause-serious-respiratory-problems-in-newborns/) - ललित मौर्या दुनिया में बढ़ता प्रदूषण किसी अभिशाप से कम नहीं। यह एक ऐसी समस्या है जो न सरहदों को मानती है न बच्चे-बूढ़े या अमीर-गरीब के बीच भेद करती है। यह एक ऐसा अदृश्य दुश्मन है, जिससे संघर्ष की शुरूआत गर्भ से ही शुरू हो जाती है। इसकी पुष्टि एक बार फिर नए अध्ययन - [म्यूजिक थेरेपी : अब भारतीय संगीत की धुनों से बोलना सीखेंगे ब्रेन स्ट्रोक के मरीज : एम्स दिल्ली एवं आई आई टी दिल्ली की पहल](https://vaigyanikchetna.com/थेरेपी/health-aiims-delhi-will-treat-brain-stroke-aphesia-patients-with-music-therapy-indian-songs-speech-therapy-iit-delhi-aiims-study-music-therapy-kya-hai-by-dr-dipti/) - प्रिया गौतम एम्‍स दिल्‍ली और आईआईटी दिल्‍ली मिलकर भारतीय संगीत की धुनों से ब्रेन स्‍ट्रोक के मरीजों का इलाज करेंगे और स्‍टडी करेंगे. इसके लिए भारतीय संगीत के पॉपुलर बॉलीवुड गीत, भजन, देशभक्ति गीत या लोकगीतों की बेहद पॉपुलर धुनों को भी तलाशा जा रहा है. ऑल इंडिया इंस्‍टीट्यूट ऑफ मेडिकल सांइसेज दिल्‍ली हमेशा से - [12 फरवरी, जन्मदिन : महान वैज्ञानिक चार्ल्स डार्विन आज भी दुनिया में उत्पत्ति के सिद्धांत की बहस में ध्रुवतारे के रूप में अटल खड़े हैं](https://vaigyanikchetna.com/चार्ल्स-डार्विन/डार्विन-की-आस्था-का-सवाल/) - वेदप्रिय विज्ञान के इतिहास में बहुत सी दिलचस्प एवं महत्वपूर्ण बहसें या यूं कहें कि विवादित मुद्दे दर्ज हैं। इन बहसों का वैचारिक एवं दार्शनिक स्तर पर बहुत योगदान है ।कुछ बहसें ऐसी हैं ,जो वैज्ञानिकों के बीच मान्यताओं एवं सिद्धांतों को लेकर हैं ।ये वैज्ञानिक समझदारियों को आगे बढ़ा रही हैं। सामान्य व्यक्तियों के - [शोध : न्यूरोकॉग्निटिव डिसऑर्डर से जूझ रहा है भारत का हर चौथा बुजुर्ग, 2.4 करोड़ बुजुर्ग हैं इससे प्रभावित, 99 लाख की स्थिति बेहद गंभीर](https://vaigyanikchetna.com/शोध/non-communicable-disease-every-fourth-elderly-person-in-india-is-suffering-from-neurocognitive-disorder/) - ललित मौर्या बुढ़ापा अपने साथ स्वास्थ्य से जुड़ी अनगिनत समस्याएं भी साथ लाता है, जो शारीरिक के साथ-साथ मानसिक भी होती हैं। इन्हीं मानसिक समस्याओं को समझने के लिए भारत में किए एक अध्ययन से पता चला है कि भारत का हर चौथा बुजुर्ग न्यूरोकॉग्निटिव डिसऑर्डर से जूझ रहा है। मतलब की देश में करीब - [कैसे मानव शरीर में मौजूद टी कोशिकाएं (टी-सेल्स) तपेदिक का करती हैं मुकाबला : नई रिसर्च में हुआ खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/how-t-cells-fight-tuberculosis-research-reveals/) - ललित मौर्या वैज्ञानिकों ने अपनी एक नई रिसर्च में खुलासा किया है कि कैसे मानव शरीर में मौजूद टी कोशिकाएं (टी-सेल्स), बैक्टीरिया माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरक्लोसिस का मुकाबला करती हैं। गौरतलब है कि माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस बेहद संक्रामक जीवाणु है, जो इंसानों में तपेदिक का कारण बनता है। इस बैक्टीरिया की खोज सबसे पहले रॉबर्ट कोच ने 1882 - [विश्व स्वास्थ्य संगठन ने युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य के विकास की ऑनलाइन सामग्री पर विशेषज्ञों की रिपोर्ट जारी की](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/what-should-be-the-content-for-mental-health-development-of-youth-who-released-report/) - दयानिधि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने मानसिक स्वास्थ्य को लेकर वर्चुअल गोलमेज बैठक की एक रिपोर्ट जारी की है। यह रिपोर्ट युवाओं के विकास के लिए ऑनलाइन मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित मार्गदर्शिका पर आधारित है। गोलमेज बैठक की चर्चा में डिजिटल मीडिया, बच्चों और किशोरों के मानसिक स्वास्थ्य और आत्महत्या की रोकथाम को लेकर दुनिया भर - [कोविड -19 महामारी के दौरान लॉकडाउन के कारण भारत में बढ़ गया कुपोषण, अध्ययन में हुआ खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/malnutrition-increased-in-india-due-to-covid-19-lockdown-study-revealed/) - सीमा प्रसाद भारत की खाद्य प्रणालियों में व्यवधान के कारण कोविड-19 महामारी के दौरान कम वजन वाले बच्चों में तेजी से वृद्धि हुई, क्योंकि लॉकडाउन ने उनकी पोषण स्थिति को गंभीर रूप से प्रभावित किया। न्यूयॉर्क स्थित कॉर्नेल यूनिवर्सिटी के टाटा-कॉर्नेल इंस्टीट्यूट फॉर एग्रीकल्चर एंड न्यूट्रिशन (टीसीआई) के एक नए अध्ययन में यह बात कही - [जलवायु परिवर्तन से बीमारियों के बढ़ने का खतरा, डायरिया के भी फैलने के आसार, शोध में हुआ खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/attention-climate-change-may-increase-the-risk-of-spread-of-diarrheal-diseases/) - ललित मौर्या जलवायु परिवर्तन अलग-अलग तरह से हमारे जीवन को प्रभावित कर रहा है, इनमें से एक है बढ़ती बीमारियों का खतरा। एक नई रिसर्च से पता चला है कि जलवायु में आते बदलावों के चलते डायरिया संबंधी बीमारियों के फैलने का खतरा बढ़ सकता है। सरे विश्वविद्यालय से जुड़े शोधकर्ताओं के नेतृत्व में किए - [जानकारी : लड़कियों को सिर्फ सर्वाइकल ही नहीं बल्कि इन 8 तरह की खतरनाक कैंसर से भी बचाएगी HPV वैक्सीन](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/budget-2024-free-hpv-vaccine-for-girls-of-9-to-14-age-against-cervical-cancer-will-protect-from-8-types-of-cancers-anal-vulva-vaginal-oral-cancer-as-well-as-dr-sunny-jain-told/) - प्रिया गौतम लड़कियों के लिए घोषित की गई एचपीवी वैक्‍सीन सिर्फ सर्वाइकल कैंसर का नहीं बल्कि 8 प्रकार के अन्‍य खतरनाक कैंसर से भी लड़कियों को बचाएगी. केंद्र सरकार 9 से 14 साल की लड़कियों को यह टीका फ्री में लगाने जा रही है. डॉ. से जानें कौन-कौन से कैंसर से होगा बचाव. लोकसभा चुनाव - [सन् 2050 में गरीब देशों में कैंसर के कारण मृत्यु दर दोगुना होने का अनुमान, 3.5 करोड़ से भी अधिक होगी कैंसर के नए रोगियों की संख्या : WHO](https://vaigyanikchetna.com/who/death-rate-due-to-cancer-in-poor-countries-likely-to-double-by-2050-who/) - दयानिधि विश्व स्वास्थ्य संगठन की कैंसर एजेंसी, इंटरनेशनल एजेंसी फॉर रिसर्च ऑन कैंसर (आईएआरसी) ने कैंसर के वैश्विक बोझ का नवीनतम अनुमान जारी किया है। डब्ल्यूएचओ ने 115 देशों के सर्वेक्षण के परिणाम प्रकाशित किए हैं, जिसमें दिखाया गया है कि अधिकांश देशों में सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज (यूएचसी) में कैंसर रोगियों पर पर्याप्त खर्च नहीं किया - ['स्टेम शिक्षा' के क्षेत्र में तो भारतीय महिलाओं की भागीदारी है 43 प्रतिशत, पर नौकरियों में उनकी भागीदारी है महज 14 प्रतिशत](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/women-are-ahead-of-america-and-england-in-stem-education-but-3-times-less-in-jobs/) - अनिल अश्वनी शर्मा केंद्रीय वित्तमंत्री ने अपने बजट भाषण में इस बात की जानकारी दी है कि भारत की बालिकाएं और महिलाएं स्टेम शिक्षा (स्टेम जिसे साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और मैथमेटिक्स के नाम से जाना जाता है) क्षेत्र में दुनिया में सबसे आगे हैं। और साथ ही यह भी बताया कि यह कार्यबल में महिलाओं - [भारत में अपनी मानसिक बीमारी के बारे में खुद बताने वालों की संख्या एक प्रतिशत से भी कम : अध्ययन में हुआ खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/self-reporting-rate-of-mental-illness-in-india-less-than-1-per-cent-iit-jodhpur/) - दयानिधि जोधपुर के भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) और अमेरिका के ओहियो स्टेट यूनिवर्सिटी के एक हालिया अध्ययन में पाया गया कि भारत में मानसिक बीमारी के बारे में खुद से बताना या स्व-रिपोर्टिंग की दर एक प्रतिशत से भी कम है। निजी अस्पताल देश में मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर प्रमुखता से काम कर रहे - [टेक्नोलॉजी : इंसानी दिमाग में लगाया गया चिप, ट्रायल सफल, व्यक्ति के महज सोचने भर से काम करने लगेंगे सारे डिवाइस](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/elon-musk-neuralink-installs-brain-implant-in-first-human/) - सुमित कुमार टेस्‍ला और एक्‍स के मालिक एलन मस्‍क (Elon Musk) की नई कंपनी न्यूरालिंक ने एक गजब का काम किया है. 'न्यूरालिंक' ने पहले मानव में ब्रेन में चिप इम्प्लांट किया है. माना जा रहा है कि महज सोचने भर से सारे डिवाइस काम करने लगेंगे. टेस्‍ला और एक्‍स के मालिक एलन मस्‍क (Elon - [सावधान ! एनर्जी ड्रिंक कर रहा छात्रों-युवाओं की नींद को प्रभावित, उनकी नींद की गुणवत्ता पर भी पड़ रहा गहरा असर : रिसर्च](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/attention-students-are-losing-sleep-due-to-energy-drinks-it-also-affects-the-quality-of-sleep/) - ललित मौर्या एक नए अध्ययन से पता चला है कि एनर्जी ड्रिंक्स की वजह से विद्यार्थियों की नींद पर असर पड़ रहा है। इतना ही नहीं इसकी वजह से उनकी नींद की गुणवत्ता में गिरावट आने के साथ-साथ अनिद्रा की समस्या भी पैदा हो रही है। आज कल देश-दुनिया में एनर्जी ड्रिंक्स का चलन बेहद - [आइए जानें कि क्या है छद्म विज्ञान(Pseudo science)? विज्ञान एवं छद्म विज्ञान के फर्क को हम कैसे पहचानें](https://vaigyanikchetna.com/छद्म-विज्ञान/छद्म-विज्ञान-pseudo-sciences/) - वेदप्रिय अंग्रेजी में एक कहावत है - ' All that glitters is not Gold ' ,अर्थात सभी चमकने वाली चीज सोना नहीं होती है ।इसको थोड़ा इस रूप में भी आगे बढ़ाया जा सकता है कि सोने जैसी दिखने वाली या सोने की होने का बहाना करने वाली वस्तुओं की अलग पहचान जरुरी है। हम - [शोध : शोधकर्ताओं ने खोजा डायबिटीज की आसान, किफायती एवं विश्वसनीय शुरुआती जांच का सबसे बेहतर तरीका](https://vaigyanikchetna.com/शोध/researchers-discover-easy-and-reliable-early-detection-method-for-diabetes/) - दयानिधि मधुमेह या डायबिटीज का अक्सर तब तक पता नहीं चलता जब तक कि यह अंगों या तंत्रिकाओं को क्षतिग्रस्त न कर दे। कुछ हद तक इसके पीछे का कारण शुरुआती दौर में जांच समय लेने वाली और कठिन होना है। जर्मनी के रुहर यूनिवर्सिटी बोचुम के मेडिसिन विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. जोहान्स डिट्रिच - [26 जनवरी : आज देश मना रहा अपना 75वां गणतंत्र दिवस, आइए जानें कि भारतीय गणतंत्र के लिए क्यों यह दिन है खास](https://vaigyanikchetna.com/गणतंत्र-दिवस-2024/know-why-we-celebrate-republic-day-on-26-january-full-reason-here/) - 26 जनवरी, वो तारीख, जब हमारे भारत में लोकतंत्र ने पहली बार जन्म लिया था। जिसने इससे पहले न जाने कितनी कुर्बानियां देखीं और भारत माता के वीर सपूतों को अपने अमूल्य प्राण न्योछावर करते देखा। इसी दिन हमारा संविधान भी तैयार हुआ था। वो संविधान जिसकी शपथ लेकर देश की अदालतें फैसला लेती हैं। - [25 जनवरी, राष्ट्रीय मतदाता दिवस : लोकतंत्र की व्यापकता एवं मजबूती के लिए बेहद जरूरी है मतदाताओं में जागरूकता](https://vaigyanikchetna.com/राष्ट्रीय-मतदाता-दिवस/national-voters-day-2024-why-its-celebrated-every-year-on-25-january/) - राष्ट्रीय मतदाता दिवस का मुख्य उद्देश्य नागरिकों में चुनावी जागरुकता पैदा करना और उन्हें चुनावी प्रक्रिया में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करना है. भारत में हर साल किसी न किसी राज्य में विधानसभा चुनाव होते हैं, इसके अलावा हर पांच साल में लोकसभा चुनावों की भी तैयारी होती है. अगले कुछ ही महीने में लोकसभा - [स्टडी : उम्मीद से ज्यादा तेजी से गर्म हो रही है धरती, इस साल गर्मी से जीना होगा मुहाल, शीघ्र ही दिखने लगेगा असर](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/international-studies-earth-is-getting-warmer-faster-than-we-thought-new-study-disclosed-temperature-will-be-beyond-limit/) - दीप राज दीपक शोधकर्ताओं ने साइंटिफिक रिपोर्ट्स में प्रकाशित अपने पेपर में लिखा है, "तापमान की दरों में संभावित वृद्धि के संकेत मिलने के बावजूद, पृथ्वी के गर्म होने की गति का पता लगाना आज तक मायावी बना हुआ है." वैज्ञानिकों ने कहा कि गर्म हो रही धरती हमारे लिए घातक साबित हो सकती है. - [अब डॉक्टरों को बताना होगा एंटिबायोटिक दवा लिखने का ठोस तर्कसंगत कारण, WHO के निर्देशानुसार स्वास्थ्य मंत्रालय ने जारी किया नोट](https://vaigyanikchetna.com/who/doctors-must-mention-reason-while-prescribing-anti-biotics-says-health-ministry/) - केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने हाल ही में चिकित्सकों से अनुरोध किया है कि वे रोगियों को एंटीबायोटिक दवा लिखने को न्यायोचित ठहराने के लिए पर्चे पर इसके इस्तेमाल के कारण और जरूरत का अनिवार्य रूप से उल्लेख करें। संक्रामक रोग विशेषज्ञों का कहना है कि यह पहल एंटीबायोटिक के उपयोग को तर्कसंगत बनाने और इन - [भारत बना रहा अपना स्पेस स्टेशन, योजना पर काम शुरू, प्रस्तावित 'भारतीय स्पेस स्टेशन' का परीक्षण होगा अगले साल](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/india-is-praparing-to-built-its-own-space-station-isro-chief-share-latest-details-here/) - दीप राज दीपक भारत ने अपने खुद के स्पेस स्टेशन लांन्च करने की योजना पर काम करनी शुरू कर दी है. इसके बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन प्रमुख एस. सोमनाथ ने गुरुवार को जानकारी दी. उन्होंने बताया कि प्रस्तावित ‘भारतीय स्पेस स्टेशन’ (बीएसएस) का अगले साल परीक्षण करने की - [उत्तर भारत में जारी भीषण सर्दी और कोहरे के कहर के लिए तीन प्रमुख कारक हैं जिम्मेदार : आईएमडी](https://vaigyanikchetna.com/आईएमडी/why-cold-and-fog-continue-to-wreak-havoc-in-north-india-imd-revealed/) - ललित मौर्या मौसम विभाग के मुताबिक उत्तर भारत में पड़ती भीषण सर्दी और कोहरे के लिए मुख्य रूप से उत्तर-पश्चिम भारत में किसी भी पश्चिमी विक्षोभ का सक्रिय न होना और जेट स्ट्रीम जिम्मेवार है. 29 दिसंबर के बाद से उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में अधिकतम तापमान सामान्य से लगातार पांच से आठ डिग्री सेल्सियस - [असर रिपोर्ट : देश के 14 से 18 साल के किशोर आसानी से नहीं पढ़ पाते दूसरी कक्षा का पाठ, 91% छात्रों को सोशल मीडिया की लत](https://vaigyanikchetna.com/असर-रिपोर्ट/aser-report-2023-on-school-students-56-percent-students-struggle-to-read-english-sentences-more-than-91-percent-use-social-media/) - वर्ष 2023 के लिए एनुअल स्टेटस ऑफ एजुकेशन रिपोर्ट जारी कर दी गई है. ये रिपोर्ट प्रथम फाउंडेशन की ओर से बियॉन्ड बेसिक्स नाम से जारी हुई है, जिसमें भारत में युवाओं के बीच बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मकता के स्तर का विश्लेषण किया गया है. रिपोर्ट में देश के 26 राज्यों के 28 जिलों के - [स्टडी : दुनिया में तेजी से बढ़ रहा है फंगल इन्फेक्शन, उससे हर साल हो जाती है 38 लाख से भी अधिक लोगों की मौत](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/health-38-lakh-deaths-annually-due-to-fungal-infections-candida-lives-your-body-know-prevention-of-itching/) - लक्ष्मी नारायण दुनिया भर में करीब 38 लाख लोग हर साल फंगल इंफेक्शन के कारण मर जाते हैं. ज्यादातर लोगों को पता नहीं कि यह भी बीमारी है. इसलिए जब तक लोग समझ पाए तब तक अन्य बीमारियों से खतरा बढ़ जाता है. वैज्ञानिकों ने चौंकाने वाला खुलासा करते हुए कहा है कि वैश्विक रूप - [भारतीय विज्ञान कांग्रेस एसोसिएशन ( ISCA ) : भंवर में फंसी एक नाव](https://vaigyanikchetna.com/isca/जन-विज्ञान-अभियान-जन-विज्/) - वेदप्रिय 19वीं सदी के भारतीय नवजागरण के फलस्वरुप( विशेषकर 1857 की लड़ाई के बाद) विज्ञान के क्षेत्र में यदि कोई मील का पत्थर देखा जाए तो वह मिलेगा ' इंडियन एसोसिएशन फॉर दा कल्टीवेशन ऑफ़ साइंस ' की स्थापना। इसकी स्थापना 29 जुलाई ,1876 में डॉक्टर महेंद्र लाल सरकार द्वारा हुई थी। आरंभिक दौर में - [अध्ययन : बर्फबारी में तेजी से गिरावट जलवायु परिवर्तन का संकेत, भविष्य में कई इलाकों में गहराएगा जल संकट](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/climate-change-behind-rapid-decline-in-snowfall-since-1980-study/) - दयानिधि अध्ययन के मुताबिक, कई अत्यधिक आबादी वाले इलाके जो पानी की आपूर्ति के लिए बर्फ पर निर्भर हैं, इन इलाकों में अगले कुछ दशकों में भारी जल संकट आने की आशंका जताई गई है। जलवायु परिवर्तन को समझने के लिए बर्फबारी सबसे अहम संकेतों में से एक है। हाल के कई सर्दियों की तरह - [भारत में स्तन कैंसर से 5 साल तक जीवित रहने की दर महज 66.4 प्रतिशत : आईसीएमआर की अध्ययन रिपोर्ट का खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/कैंसर/five-year-survival-rate-for-breast-cancer-in-india-is-66-4-percent-icmr/) - दयानिधि भारत में स्तन कैंसर की जांच के बाद पांच साल तक जीवित रहने की दर 66.4 प्रतिशत है, जो अमेरिका जैसे विकसित देशों की तुलना में बेहद कम है, जहां 90 प्रतिशत से अधिक महिलाएं बीमारी की जांच होने के पांच साल बाद भी जीवित रहती हैं। इस बात का खुलासा भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद - [सावधान ! बेरहम कोल्ड वेव दिखा रहा अपना रंग, अस्पतालों में बढ़े जानलेवा हॉर्ट अटैक के 25 प्रतिशत मामले](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/health-high-risk-of-heart-attack-in-cold-wave-dr-dr-atul-mathur-cardiologist-explain-tips-to-prevent-from-cardiac-arrest/) - लक्ष्मी नारायण हम सब जानते हैं कि सर्द मौसम शरीर में आमूल-चूल परिवर्तन कर देता है. इससे हार्ट पर भी खतरा बढ़ जाता है. पिछले कुछ दिनों से कोल्ड वेव चरम पर है. इनमें कई अस्पतालों में हार्ट अटैक के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ने लगी है. भीषण सर्दियां अपने साथ कई दुश्वारियां लाती - [स्टडी : शोधकर्ताओं के अनुसार बोतलबंद पानी में भी होते हैं नैनो प्लास्टिक के लाखों कण जो पानी के साथ हमारे शरीर में घुल रहे हैं](https://vaigyanikchetna.com/uncategorized/health-1-litre-water-bottle-has-240000-plastic-pieces-90-percent-of-them-can-enter-human-bloodstream-pnas-research-details/) - अमित उपाध्याय हर दिन करोड़ों की तादाद में लोग पानी की बोतलें खरीदते हैं, जिनमें अरबों की तादाद में प्लास्टिक के कण हो सकते हैं. इसका खुलासा एक हालिया रिसर्च में हुआ है. चिंता की बात तो यह है कि प्लास्टिक के कण बेहद छोटे होते हैं, जो आपके खून में पहुंच सकते हैं. सभी - [रिपोर्ट : देश के 19.7 प्रतिशत जिला न्यायालयों में महिलाओं के लिए अलग शौचालय की व्यवस्था नहीं, सिर्फ 6.7% में है अनुकूल व्यवस्था](https://vaigyanikchetna.com/रिपोर्ट/less-than-seven-percent-of-the-country-s-district-courts-have-toilets-suitable-for-women/) - ललित मौर्या सुप्रीम कोर्ट के सेंटर फॉर रिसर्च एंड प्लानिंग द्वारा प्रकाशित एक नई रिपोर्ट “स्टेट ऑफ द जुडिशरी: रिपोर्ट ऑन इंफ्रास्ट्रक्चर, बजटिंग, ह्यूमन रिसोर्सेज एंड आईसीटी” में कहा गया है कि देश के केवल 6.7 फीसदी जिला न्यायालय परिसरों में मौजूद शौचालय ही महिलाओं के अनुकूल हैं, जबकि देश के 19.7 फीसदी जिला न्यायालयों में महिलाओं के - [अपने वैज्ञानिक को जानें : आर्किमिडीज, जिन्होंने लोगों में वैज्ञानिक समझ के विकास में निभाई थी बेहद महत्वपूर्ण भूमिका](https://vaigyanikchetna.com/आर्किमिडीज/आर्किमिडीज/) - वेदप्रिय एक फ़्रेंच लड़की की कहानी है। इनका नाम सोफी जर्मेन था। यह पेरिस के पास एक गांव में रहती थी। इनका जन्म 1 अप्रैल, 1776 को हुआ था। बचपन में जब उनकी आयु 13 वर्ष की हुई तो इन्होंने एक यूनानी गणितज्ञ के बारे में पढ़ा । यह उनसे इतनी प्रभावित हुई कि इनकी - [अध्ययन : गर्भ में भी प्रदूषण से जूझ रहा अजन्मा शिशु, ओजोन प्रदूषण के कारण भारत में कमजोर बच्चों को जन्म दे रही हैं माताएं](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/mothers-in-india-are-giving-birth-to-weak-children-due-to-ozone-pollution/) - ललित मौर्या भारत में वायु प्रदूषण से संघर्ष की शुरूआत जन्म से पहले ही हो जाती है। जो आगे चलकर जीवन भर चलती रहती है। गौरतलब है कि गर्भावस्था के दौरान जब माएं वायु प्रदूषण के संपर्क में आती हैं तो इसका असर न केवल उनके स्वास्थ्य पर बल्कि साथ ही उनके भ्रूण के स्वास्थ्य - [क्या सचमुच सर्दियों में अधिक होती हैं बड़े-बुजुर्गों की मौत ? आइए जानें कि आखिर क्या है इसका वैज्ञानिक कारण ?](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/health-why-risk-of-death-during-winter-is-higher-what-is-the-scientific-dr-nityanand-tripathy-explain-exact-reason-know-in-details/) - लक्ष्मी नारायण अक्सर आपने सुना होगा कि सर्दियों के मौसम में बुजुर्गों की मौत ज्यादा होती है. क्या यह वाकई सच है. क्या है इसका वैज्ञानिक कारण. आइए इसे विस्तार से जानते हैं. अक्सर सुना जाता है कि सर्दियों में बड़े-बुजुर्गों की मौत ज्यादा होती है. इसके पीछे क्या लॉजिक है और क्या साइंटिफिक रूप - [अध्ययन : भारत समेत दुनिया में बढ़ते ही जा रहे हैं कैंसर के मामले, एशिया में इसका स्थान दूसरा - लैंसेट](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/9-3-lakh-cancer-deaths-in-india-second-in-asia-lancet/) - दयानिधि भारत में 2019 में लगभग 12 लाख नए कैंसर के मामले और 9.3 लाख मौतें दर्ज की गई। कैंसर 2019 में एशिया में बीमारी के बोझ के लिए दूसरा सबसे अधिक जिम्मेवार रहा। दुनिया भर में अनेकों कारणों से कैंसर के मामले बढ़ते जा रहे हैं जो कि एक चिंता का विषय है। एशिया - [प्रदूषण के साथ हुआ 2024 का आगाज, वर्ष के पहले ही दिन जानलेवा बनी रही दिल्ली सहित देश के 24 शहरों में वायु गुणवत्ता](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/2024-started-with-pollution-deadly-air-in-24-cities-including-delhi/) - ललित मौर्या वर्ष 2024 का आगाज भी वायु प्रदूषण के साथ हुआ, यही वजह है कि दिल्ली सहित 24 शहरों में वायु गुणवत्ता जानलेवा बनी हुई है। हालात यह है कि तालचेर में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 383 पर पहुंच गया है। इसी तरह अंगुल में एक्यूआई 369, हनुमानगढ़ में 357, राउरकेला में 344, जबकि - [शोध : नियमित कसरत का असर सिर्फ शरीर पर ही नहीं, बल्कि दिमाग पर भी होता है एवं बड़ा हो जाता है दिमाग](https://vaigyanikchetna.com/शोध/brain-can-become-bigger-with-regular-exercise-research-explains-its-benefits/) - विकास शर्मा नियमित कसरत का असर शरीर पर ही नहीं बल्कि दिमाग पर भी होता है. नए शोध ने बताया है कि नियमित कसरत दिमाग के कई हिस्सों का आकार बढ़ाने में मदद करती है जिससे पूरी दिमाग का आकार बढ़ता है. इससे दिमाग संबंधी कई समस्याओं से भी बचा सकता है. कसरत को शरीर - [स्पेस के लिहाज से 2023 भारत एवं दुनिया के लिए अहम रहा, अब 2024 के बड़े स्पेस मिशन जिनका है दुनिया को इंतजार](https://vaigyanikchetna.com/स्पेस/happy-new-year-know-global-space-missions-await-in-waiting-ed-for-year-2024/) - विकास शर्मा साल 2024 में अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा, यूरोपीय स्पेस एजेंसी ईसा, भारत के इसरो के कुछ अभियानों का इंतजार है. साल के अधिकांश अभियान चंद्रमा के लिए होंगे, जबकि गुरु के चंद्रमा यूरोपा के लिए अभियान का प्रक्षेपण भी इसी साल होगा. स्पेस के लिहाज से साल 2023 भारत और दुनिया के लिए - [रिसर्च : हर तरह के प्लास्टिक के रीसाइक्लिंग को वैज्ञानिकों ने आसान बनाया, इससे कचरे पर लगेगी लगाम](https://vaigyanikchetna.com/रिसर्च/scientists-have-made-all-types-of-plastic-recycling-easy-it-will-help-in-controlling/) - दयानिधि एक शोध के मुताबिक, ब्रिटेन के वैज्ञानिकों की एक टीम ने एक ऐसी विधि का उपयोग करके कई अलग-अलग प्रकार के प्लास्टिक को रीसायकल करने की प्रक्रिया को बहुत आसान बनाने की दिशा में सफलता हासिल की है। इस प्रक्रिया में रीसायकल करने में मुश्किल पॉलिमर, रबर, जैल और चिपकने वाले समेत इन सभी पदार्थों - [वैज्ञानिक खोजों की रोमांचक दुनिया : 2023 में ली गई विज्ञान से जुड़ी, अनसुलझी रहस्यों वाली ये 10 अविस्मरणीय तस्वीरें](https://vaigyanikchetna.com/2023/a-glimpse-of-2023-ten-unforgettable-pictures-related-to-science/) - 2023 में ली गई विज्ञान से जुड़ी यह दस अविस्मरणीय तस्वीरें आपको वैज्ञानिक खोजों की रोमांचक दुनिया में ले जाएंगी। इनमें से हर एक तस्वीर ब्रह्मांड के अनखोजे रहस्यों को सुलझाने में मानवता द्वारा उठाए कदमों का जीता जागता प्रमाण है। इनमें सितारों की पहले कभी न देखी गई तस्वीरों से लेकर नई प्रजातियों की - [इसरो नए वर्ष के पहले ही दिन एक जनवरी को करेगा बड़ा धमाका, चांद -सूरज के बाद अब अंतरिक्ष की गुत्थी सुलझाने की होगी पहल](https://vaigyanikchetna.com/isro/isro-to-welcome-new-year-with-xposat-to-launch-aboard-pslv-on-jan-1/) - सुमित कुमार भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) नए साल के पहले दिन ही बड़ा धमाका करने वाला है. ISRO अंतरिक्ष में एक्स-रे स्रोतों के तीव्र ध्रुवीकरण की जांच करने के लिए अपने पहले एक्स-रे पोलारिमीटर सैटेलाइट (XPoSat) स लॉन्च करने वाला है. भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) चांद -सूरज की गुत्थियां सुलझाने के बाद अपने - [भारत में अनीमिया से पीड़ित हैं 50 प्रतिशत से अधिक गर्भवती महिलाएं : एनएफएचएस-5 के आंकड़े जारी](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/health-crisis-more-than-50-percent-of-pregnant-women-in-india-are-suffering-from-anemia/) - ललित मौर्या भारत में 50 फीसदी से अधिक गर्भवती महिलाएं अनीमिया यानी खून की कमी से पीड़ित हैं। बता दें कि देश में गर्भावस्था से जुड़ा अनीमिया स्वास्थ्य से जुड़ा एक गंभीर मुद्दा है। जो न केवल मां बल्कि विकसित हो रहे भ्रूण दोनों पर बुरा असर डालता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक अनीमिया - [सन् 2023 में अब तक विभिन्न कारणों से सबसे अधिक, रिकॉर्ड 204 बाघों की हुई मौत, डब्ल्यूपीएसआई की रिपोर्ट में हुआ खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/रिसर्च/204-tigers-to-die-in-2023-highest-in-maharashtra-report/) - रजत घई इस साल 1 जनवरी से 25 दिसंबर तक भारत में 204 बाघ मारे गए। यह एक रिकॉर्ड है। गैर-लाभकारी संस्था, वाइल्डलाइफ प्रोटेक्शन सोसाइटी ऑफ इंडिया (डब्ल्यूपीएसआई) ने अपनी एक रिपोर्ट में यह खुलासा किया है। रिपोर्ट के मुताबिक महाराष्ट्र में सबसे अधिक 52 बाघ मरे हैं। इसके बाद दूसरे नंबर पर मध्य प्रदेश - [भारत में मोटापा एवं पोषण संबंधी बढ़ती बीमारियों को रोकने के लिए एफओपीएल प्रणाली लागू करने पर विचार, कई देशों में है अनिवार्य](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/what-kind-of-effective-nutrition-label-should-be-for-india-s-diverse-population-study-suggests/) - दयानिधि जॉर्ज इंस्टीट्यूट फॉर ग्लोबल हेल्थ के शोध ने फ्रंट-ऑफ-पैक पोषण लेबल (एफओपीएल) के निर्माण में महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की है जो स्वस्थ भोजन विकल्पों को समझने और बढ़ावा देने में आसान हैं। डिब्बाबंद भोजन के विभिन्न हिस्सों को उजागर करने वाले विभिन्न प्रकार के एफओपीएल दुनिया के कई हिस्सों में उपयोग में हैं। वे कुछ - [अलविदा 2023 : इस वर्ष जलवायु और मौसम के कई रिकॉर्ड टूटे, रहा सबसे गर्म, 2024 के और भी अधिक गर्म होने की संभावना](https://vaigyanikchetna.com/अलविदा-2023/goodbye-2023-not-a-month-has-passed-when-the-heat-has-not-made-a-record/) - 2023 में जलवायु और मौसम के कई रिकॉर्ड टूटे। यह साल रिकॉर्ड पर सबसे गर्म रहा है और 2024 और भी अधिक गर्म होने की उम्मीद है। इस वर्ष मौसम की कुछ चरम घटनाओं ने भी रिकॉर्ड तोड़े। दुनिया भर में इन रिकॉर्ड तोड़ने वाली घटनाओं पर डाउन टू अर्थ द्वारा की गई रिपोर्ट्स साझा - [सिर्फ शारीरिक नहीं, मानसिक स्वास्थ्य का भी रखें ध्यान पर ठीक नहीं है सेहत की गैरजरूरी चिंता, रहें मस्तमौला : अध्ययन](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/hypochondriacs-people-who-obsess-about-their-health-die-faster-than-those-who-do-not-know-why/) - विकास शर्मा आईएडी यानि इलनेस एंजायटी डिसऑर्डर से ग्रस्त लोगों को हायपोकॉन्ड्रियाक्स भी कहते हैं. इस तरह के लोगों को हमेशा यही चिंता रहती है कि वे किसी गंभीर बीमारी से ग्रस्त हैं. अध्ययन में पाया गया है कि ऐसे लोग चिंता ना करने वालों की तुलना में जल्दी मर जाते हैं. शारीरिक सेहत के - [मोटापे से भी अधिक खतरनाक है पेट की चर्बी, जो हार्ट, लिवर, आंतें और पैंक्रियाज को चारों ओर से घेर कर बीमारियां बढ़ाती है.](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/health-belly-fat-accumulates-deep-in-the-abdominal-cavity-wrapping-around-pancreas-intestines-liver-and-heart-know-how-to-control-obesity/) - दयानिधि पेट की चर्बी ऑवरऑल मोटापे से कहीं ज्यादा खतरनाक है. पेट की चर्बी अगर बढ़ जाए तो यह बढ़ते-बढ़ते लिवर, आंतें और यहां तक कि हार्ट को भी घेरने लगती है. इससे कार्डियोवैस्कुल डिजीज सहित कई बीमारियों के बढ़ने का खतरा ज्यादा हो जाता है. डब्ल्यूएचओ के मुताबिक विश्व में 2 अरब से ज्यादा - [सावधान ! देश में तेजी से फैल रहा कोविड का नया वेरिएंट JN.1, केंद्र सरकार सक्रिय, सभी राज्यों को अलर्ट जारी](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/health-coronavirus-covid-19-india-new-variant-jn1-update-know-causes-symptoms-precautions-treatment-infection-risk/) - अमित उपाध्याय देश में कोविड के नए वेरिएंट JN.1 के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. भारत में इस वेरिएंट के मामले सबसे पहले केरल में मिले थे. इसके बाद कई अन्य जगहों पर भी कोरोना के केस मिलने की खबर सामने आई. इसके बाद देशभर में इसे लेकर अलर्ट जारी किया गया है. डॉक्टर - [रिसर्च : धूम्रपान से सिकुड़ सकता है मस्तिष्क, दिमाग को समय से पहले बूढ़ा बना सकती है धूम्रपान की लत](https://vaigyanikchetna.com/धूम्रपान/beware-smoking-shrinks-the-brain-this-addiction-can-cause-premature-aging-of-the-brain/) - ललित मौर्या एक नई चौंकाने वाली रिसर्च से पता चला है कि धूम्रपान से मस्तिष्क सिकुड़ सकता है। इस रिसर्च के मुताबिक धूम्रपान की यह लत दिमाग को समय से पहले बूढ़ा बना सकती है। हालांकि धूम्रपान छोड़ने से मस्तिष्क के ऊतकों को होते और अधिक नुकसान से बचाया जा सकता है। लेकिन फिर भी, - [अध्ययन : अब भी भारत में बालिग होने से पहले ही की जा रही है हर पांच में से एक लड़की की शादी, लड़के भी शिकार](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/one-in-five-girls-in-india-is-still-married-in-childhood-lancet/) - दयानिधि एक नए अध्ययन में कहा गया है कि भारत में पांच लड़कियों में से एक और छह लड़कों में से एक की शादी अभी भी शादी की कानूनी उम्र से पहले या कम उम्र में होती है। अध्ययनकर्ताओं का कहना है कि 2030 तक बाल विवाह को खत्म करने के लिए मजबूत राष्ट्रीय और - [इसरो के लिए खास होगा सन् 2024 : इस वर्ष उसके 6 बड़े अभियानों पर होगी दुनिया की नजर](https://vaigyanikchetna.com/रिसर्च/know-about-isro-upcoming-space-missions-under-watch-in-2024/) - विकास शर्मा साल 2024 इसरो के लिए बड़ा साबित होने वाला है. इस साल दुनिया की निगाहें इसरो के कई बड़े अभियानों पर होगी, जिनमें गगनयान अभियान के दो चरणों के अलावा इसरो-नासा के सयुंक्त अभियान निसार का प्रेक्षपण शामिल होगा. जहां इसैट3डीएस और एक्स रे पोलरोमीटर सैटेलाइट इसरो क क्षमता को बढ़ाने का काम - [सावधान ! दुनिया में बढ़ रहा हृदय एवं रक्त वाहिका संबंधी रोगों का खतरा, करीब तीन दशक में बढ़ गईं 60 फीसदी मौतें](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/rising-global-cardiovascular-disease-risk-a-60-increase-in-deaths-over-32-years/) - ललित मौर्या रिपोर्ट के मुताबिक एशिया, यूरोप, अफ्रीका और मध्य पूर्व के क्षेत्रों में इसकी मृत्युदर का बोझ सबसे अधिक है. दुनिया में कार्डियोवैस्कुलर डिजीज (सीवीडी) यानी ह्रदय और रक्त वाहिकाओं सम्बन्धी बीमारियां तेजी से अपने पैर पसार रही है। देखा जाए तो यह कोई ऐसी बीमारियां नहीं, जिनसे बचा न जा सके लेकिन विडम्बना - [76 प्रतिशत लोग मानते हैं कि नदियों का जल प्रदूषण कम करने में इंसानी व्यवहार ही है सबसे बड़ी बाधा पर वे समाधान से अनजान हैं](https://vaigyanikchetna.com/जल-प्रदूषण/86-percent-agreed-that-pollution-in-rivers-is-affecting-human-health-survey/) - ललित मौर्या 76 फीसदी लोगों का कहना है कि जल प्रदूषण को कम करने में इंसानी व्यवहार सबसे बड़ी बाधा है। वहीं महज 10 फीसदी लोग इस बात से सहमत हैं कि उनके नेता नदियों के स्वास्थ्य की चिंता करते हैं | क्षेत्रीय और सांस्कृतिक मतभेदों के बावजूद, दुनिया के 86 फीसदी लोग इस बात - [कड़वी सच्चाई : सन् 2022 में चरम गरीबी में पल रहे थे दुनिया के 18 वर्ष से कम आयु के 33.3 करोड़ बच्चे](https://vaigyanikchetna.com/गरीबी/increasingly-poor-children-in-rich-countries-become-a-cause-for-concern/) - रिचर्ड महापात्र ऐसे समय में जब दुनिया अप्रत्याशित संपन्नता से गुजर रही है, तब दुनिया में वयस्कों से अधिक बच्चे गरीब हैं। यह गरीबी से दूरी का संकेत कतई नहीं है। सितंबर 2023 में विश्व बैंक और यूनिसेफ ने अनुमान लगाया कि दुनिया में चरम गरीबी से जूझ रहा हर दूसरा शख्स बच्चा है जो - [मौसम का मिजाज बदला, उत्तर भारत के कई हिस्सों में लुढ़का पारा, कोहरा घना, ठंड में और वृद्धि, ओलावृष्टि के आसार](https://vaigyanikchetna.com/ठंड/mercury-drops-in-these-parts-of-north-india-fog-increases-chances-of-hailstorm-in-sikkim/) - दयानिधि देश के उत्तरी हिस्सों में सर्दी ने रफ्तार पकड़ ली है। मौसम विभाग के मुताबिक, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली, उत्तरी राजस्थान के अधिकांश हिस्सों तथा उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में न्यूनतम तापमान छह से 10 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है। ठंड में अभी और भी इजाफा होने का अनुमान लगाया - [विश्व स्वास्थ्य संगठन ने दुनिया के देशों से की, नुकसानदेह चीनी युक्त मीठे पेय पदार्थों पर टैक्स बढ़ाने की मांग](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/sweet-poison-who-urges-higher-taxes-on-sugar-sweetened-beverages/) - ललित मौर्या चीनी युक्त मीठे पेय पदार्थ जैसे सॉफ्ट ड्रिंक्स स्वाद में भले ही कितने अच्छे लगें, लेकिन यह किसी मीठे जहर से कम नहीं। हालांकि स्वास्थ्य पर पड़ते अनगिनत दुष्प्रभावों के बावजूद दुनिया भर में इनकी खपत आज भी बदस्तूर जारी है। यही वजह है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने देशों से इन - [वैज्ञानिक चेतना अभियान : विज्ञान की प्रगति में बाधक तत्वों, कारकों से निपटने की बेहद अहम चुनौती है जन-विज्ञान आंदोलन के सामने](https://vaigyanikchetna.com/जन-विज्ञान-अभियान/जन-विज्ञान/) - वेदप्रिय विज्ञान के विमर्श को प्रायः हम इन्हीं अर्थों में लेते हैं कि यह ज्ञान की प्यास है,यह सत्य की खोज है,यह एक क्रमबद्ध अध्ययन है,यह प्रकृति का अध्ययन है आदि -आदि। ये सभी बातें सही हैं। लेकिन इस प्रकार विज्ञान को समझते हुए हम कई बार अमूर्तता की ओर बढ़ जाते हैं। इस विमर्श - [सन् 2030 तक विकसित देशों को जीवाश्म ईंधन का निष्कर्षण बंद करने की सलाह, कमजोर देशों को मदद पर बल](https://vaigyanikchetna.com/ईंधन/developed-nations-should-phase-out-fossil-fuels-by-early-2030s-fund-developing-nations-report/) - रोहिणी के मुर्ति, ललित मौर्या कॉप-28 के दौरान जारी एक नई रिपोर्ट में कनाडा, अमेरिका, नॉर्वे, ऑस्ट्रेलिया और यूनाइटेड किंगडम (यूके) को 2030 की शुरुआत तक कोयला, तेल और गैस जैसे जीवाश्म ईंधन का निष्कर्षण बंद करने की सलाह दी है। गौरतलब है कि जलवायु परिवर्तन के मुद्दे पर चर्चा के लिए वार्ताओं का दौर - [पिछले महीने नवम्बर में दिल्ली में पूरे महीने हावी रहा वायु प्रदूषण, नौ दिनों तक थी आपातकालीन स्थिति, लोकसभा में दी गई जानकारी](https://vaigyanikchetna.com/प्रदूषण/pollution-remained-dominant-in-delhi-for-30-days-in-november-situation-worsened-in-faridabad-also/) - ललित मौर्या पिछले महीने नवंबर के दौरान दिल्ली में कोई भी दिन ऐसा नहीं रहा जब हवा जानलेवा न रही हो। इस बारे में केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे लोकसभा में जो जानकारी साझा की है, उसके मुताबिक दिल्ली में 30 के 30 दिन प्रदूषण हावी रहा। इस दौरान जहां - [कथित 'त्वचा का रंग निखारने वाले' केमिकल युक्त सौंदर्य प्रसाधन हो सकते हैं सेहत के लिए खतरनाक, सावधानी बरतें](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/caution-pregnant-women-should-avoid-using-dangerous-skin-lightening-products/) - दयानिधि बैन टॉक्सिक्स नामक संस्था ने स्थानीय बाजारों और ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म पर आसानी से उपलब्ध त्वचा को गोरा करने वाले जहरीले रसायनों वाले उत्पादों को खरीदने और इनके उपयोग करने के खिलाफ चेतावनी जारी की है। विषाक्त उत्पादों पर निगरानी रखने वाली संस्था ने इन खतरनाक सौंदर्य उत्पादों के प्रसार और धड़ल्ले से की जा रही बिक्री - [आखिर क्या है क्लाइमेट इंजीनियरिंग ? यह कैसे काम करती है तथा क्यों नहीं इस पर एकमत हो पा रहे हैं दुनिया के वैज्ञानिक ?](https://vaigyanikchetna.com/क्लाइमेट-इंजीनियरिंग/what-is-climate-engineering-how-does-it-work-and-why-is-there-an-ongoing-debate-about-it/) - ललित मौर्या क्या आप जानते है कि जलवायु समाधान के रूप में पेश की जा रही क्लाइमेट इंजीनियरिंग क्या है? यह कैसे काम करती है और क्यों इसको लेकर दुनिया भर के जलवायु वैज्ञानिक एकमत नहीं हैं। आइए समझते हैं इससे जुड़े कुछ बुनियादी सवालों के जवाब क्या है क्लाइमेट इंजीनियरिंग? क्लाइमेट इंजीनियरिंग, जिसे जियोइंजीनियरिंग - [हर साल 83 लाख से अधिक जिंदगियों को निगल रहा है हवा में मौजूद प्रदूषण, भारत में करीब 22 लाख लोग होते हैं प्रभावित](https://vaigyanikchetna.com/प्रदूषण/outdoor-air-pollution-kills-over-two-million-people-in-india-says-bmj-study/) - ललित मौर्या ब्रिटिश मेडिकल जर्नल (बीएमजे) में प्रकाशित एक नई रिसर्च के मुताबिक घरों, इमारतों से बाहर वातावरण में मौजूद वायु प्रदूषण भारत में हर साल 21.8 लाख जिंदगियों को छीन रहा है। यदि वैश्विक स्तर पर देखें तो चीन के बाद भारत दूसरा ऐसा देश है जहां वायु प्रदूषण इतनी बड़ी संख्या में लोगों की - [सामाजिक परिवर्तन के लिए बेहद महत्वपूर्ण है तर्कशील सोच, वैज्ञानिक पद्धति और वैज्ञानिक मानसिकता](https://vaigyanikchetna.com/सामाजिक-परिवर्तन/सामाजिक-परिवर्तन/) - प्रोफ़ेसर सुरेंद्र कुमार जबहम दुनिया में कुछ भी घटित होता देखते हैं तो मन में अनेक प्रश्न उठते हैं। जैसेक्या हो रहा है? क्यों और कैसे हो रहा है? जिज्ञासावश, मनुष्य इस गुत्थी को सुलझाना चाहता है। यह मानव का स्वभाव है। आइए, उस प्रक्रिया को समझने का प्रयास करें जो इस दौरान हमारे चेतन - [अपने वैज्ञानिकों को जाने : माइकल फैराडे ने कठिन अभावों के बीच भी बनाई अपनी राह, आइंस्टाइन के प्रेरणास्रोत बने](https://vaigyanikchetna.com/वैज्ञानिक/माइकल-फैराडे/) - वेदप्रिय देश में संविधान सम्मत, वैज्ञानिक मानसिकता के विकास एवं विस्तार के लिए ऑल इंडिया पीपुल्स साइंस नेटवर्क (AIPSN) द्वारा इन दिनों नेशनल साइंटिफिक टेंपर कैंपेन (राष्ट्रीय वैज्ञानिक चेतना अभियान) चलाया जा रहा है, जो राष्ट्रीय विज्ञान दिवस, 28 फरवरी 2024 तक चलेगा। इसका उद्देश्य अवैज्ञानिक सोच, अंधश्रद्धा, अंधविश्वास की जगह वैज्ञानिक सोच-समझ को बढ़ावा - [रोचक : क्या है सन् 2023 में सबसे अधिक इस्तेमाल किया गया शब्द, किसे मिला 'वर्ड ऑफ द ईयर' का ताज ?](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/what-is-merriam-websters-word-for-2023-know-how-it-is-selected/) - विकास शर्मा मरियम वेब्स्टर ने साल 2023 का वर्ड ऑफ द ईयर यानी साल का शब्द का खिताब ऑथेंटिकेट, या प्रमाणिक को दिया है. इस साल डीपफेक जैसे कई चर्चित शब्द भी शीर्ष शब्द की इस प्रतियोगिता में दावेदार थे, लेकिन देखा गया है कि यह साल वास्तव में प्रमाणिकता के संकट का साल था. - [नजरिया : हमारी जीवन शैली में सार्थक परिवर्तन से ही बचेगा पर्यावरण, बचेगी धरती](https://vaigyanikchetna.com/नजरिया/earth-can-be-saved-only-by-change-in-lifestyle-otherwise-destruction-is-certain/) - भानु प्रकाश सिंह जलवायु परिवर्तन, संसाधनों की कमी और प्रदूषण के सामने, पर्यावरणीय संरक्षण और सतत विकास की आवश्यकता बढ़ती जा रही है। पृथ्वी, इंसानी गतिविधियों के परिणामस्वरूप कठिनाइयों का सामना कर रही है। इन चुनौतियों को कम करने में व्यक्तियों को महत्वपूर्ण योगदान देनेकी आवश्यकता है। सतत अभिक्रियाओं को बढ़ावा देने वाली जीवन शैली - [पर्यावरण : ग्रामीण भारत में बढ़ता प्लास्टिक प्रदूषण एक बड़ी चुनौती, बेहद जरूरी है अंकुश लगाना](https://vaigyanikchetna.com/पर्यावरण/down-to-earth-analysis-increasing-plastic-in-rural-india-is-a-bigger-challenge/) - स्वाति भाटिया कलड़वास राजस्थान के उन कुछ गांवों में से एक है, जहां घर-घर जाकर सभी 710 घरों से कूड़ा इकट्ठा किया जाता है। इस कार्य के लिए ग्राम पंचायत ने 8,000 रुपए प्रति माह के वेतन पर दो पूर्णकालिक कूड़ा उठाने वाले लोगों को नियुक्त किया है। पंचायत ने हाल ही में जिला - [26 नवम्बर, संविधान दिवस : आइए, संविधान, लोकतंत्र एवं धर्मनिरपेक्ष मूल्यों को आगे बढ़ाएं, वैज्ञानिक चेतना फैलाएं](https://vaigyanikchetna.com/संविधान-दिवस/संविधान-दिवस-importance-and-facts-of-samvidhan-divas/) - आज 26 नवम्बर, संविधान दिवस है। किसी भी लोकतांत्रिक समाज एवं राष्ट्र के निर्माण में संविधान की बेहद महत्वपूर्ण भूमिका होती है। निश्चय ही आजाद भारत की, विगत करीब सात दशकों की यात्रा में, अब तक संविधान ने बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। हालांकि उसके सामने चुनौतियां कम नहीं रही हैं, अब भी हैं। पर - [जानकारी : 25 वर्षों के बाद भी, कई खूबियों के साथ अब तक अच्छे ढंग से काम कर रहा है इंटरनेशनल स्पेश स्टेशन](https://vaigyanikchetna.com/uncategorized/international-space-station-turns-25-know-amazing-facts-about-it/) - विकास शर्मा इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन कई अनोखी खूबियों वाली मानव कृति है. यह अंतरराष्ट्रीय सहयोग की अभूतपूर्व मिसाल है जिसके जरिए वैज्ञानिक बहुत सारे अंतरिक्ष अभियानों को सफल बना पाए हैं और भविष्य के अभियानों को संभव बनाने की कोशिश कर रहे हैं. यह अंतरिक्ष में भेजी गई इंसान की सबसे भारी वस्तु है और - [23 नवम्बर, स्मृति दिवस : देश के महान वैज्ञानिक जे सी बोस के, सपनों, विचारों एवं कार्यों को आगे बढ़ाएं, मंजिल तक पहुंचाएं](https://vaigyanikchetna.com/स्मृति-दिवस/jagadish-chandra-bose-biography-2/) - आज 23 नवंबर है। देश के महान वैज्ञानिक सर जे सी बोस का स्मृति दिवस। आज के ही दिन, 23 नवंबर 1937 को, गिरिडीह, झारखंड स्थित अपने आवास पर उनका निधन हुआ था। हालांकि तब से विज्ञान एवं तकनीक के क्षेत्र में आजाद भारत ने उल्लेखनीय प्रगति की है पर यह भी सच है कि - [20 नवंबर, विश्व बाल दिवस : दुनिया के बच्चों के लिए समर्पित है आज का दिन, भारत में इसकी तिथि है भिन्न](https://vaigyanikchetna.com/विश्व-बाल-दिवस/world-childrens-day-2023-theme-and-its-significance/) - हर साल 20 नवंबर को विश्व बाल दिवस के रूप में मनाया जाता है। विश्व बाल दिवस दुनिया भर में बच्चों के अधिकारों के बारे में जागरूकता बढ़ाने और दुनिया भर में बच्चों के कल्याण में सुधार के लिए मनाया जाता है। विश्व बाल दिवस ,यूनिसेफ का बच्चों द्वारा बच्चों के लिए कार्रवाई का वार्षिक दिवस है। इस बात - [पुस्तक अंश : बेहद दिलचस्प पुस्तक 'ओरांग उटांग', लगातार खतरे की ओर बढ़ रहे धरती पर जीवन को करती है रेखांकित](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/kabir-sanjay-book-orangutans-will-anthropocene-be-the-end-of-the-earth/) - रंजना त्रिपाठी "संभवतः धरती पांच बार महाविनाश का सामना कर चुकी है, लेकिन इसके पहले आये महाविनाश के पीछे प्राकृतिक, भौगोलिक या खगोलीय कारक जिम्मेदार हुआ करते थे. ऐसा पहली बार हो रहा है कि धरती पर रहने वाली ही किसी प्रजाति के चलते धरती पर जीवन असंभव हो रहा है और नष्ट होने की - [वैज्ञानिक चेतना अभियान : दूरदृष्टि एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण के कारण ही आधुनिक भारत के निर्माताओं में शीर्ष पर रहे पंडित नेहरू](https://vaigyanikchetna.com/पंडित-नेहरू/पंडित-जवाहरलाल-नेहरू-वैज/) - वेदप्रिय ऑल इंडिया पीपुल्स साइंस नेटवर्क के आह्वान पर 7 नवम्बर 2023 से 28 फरवरी 2024 तक राष्ट्रव्यापी साइंटिफिक टेंपर कैंपेन ( वैज्ञानिक चेतना अभियान ) चलाया जा रहा है। इस क्रम में देश के विभिन्न भागों में, लोगों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण के विकास एवं विस्तार के लिए विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा - [ज्ञान - विज्ञान : यह जानना दिलचस्प होगा कि ईश्वर को लेकर क्या सोचते रहे हैं दुनिया के 9 बड़े वैज्ञानिक](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/know-what-worlds-top-09-scientists-tell-about-god-and-religion/) - साइंस हमें तर्क और वास्तविक आधार पर नए प्रयोगों की समझ देती है. विज्ञान ने गूढ़ रहस्यों को खोलते हुए हमारे जीवन को आसान बनाया. हम अपने रोजाना जीवन में जिन चीजों का इस्तेमाल करते हैं, उसमें विज्ञान और आविष्कारों की भूमिका 99 फीसदी होती है. जानते हैं कि सैकड़ों सालों से दुनिया को बदलने - [15 नवम्बर, जन्मदिन : जन नायक बिरसा मुंडा ने शोषण, उत्पीड़न के साथ-साथ अंधविश्वास, पाखंड के खिलाफ भी फूंका था बिगुल](https://vaigyanikchetna.com/बिरसा-मुंडा/national-birsa-munda-punyatithi-2023-birsa-munda-became-the-god-of-tribals-he-faought-against-british-know-the-story-of-great-tribal-leader-and-freedom-fighter-hpjagranspecial/) - आज 15 नवम्बर है। जन नायक अमर शहीद बिरसा मुंडा का जन्मदिन। साथ ही झारखंड राज्य का स्थापना दिवस भी। यहां के शहीदों का बलिदान ही था, जिसमें अलग झारखंड राज्य के निर्माण का मार्ग प्रशस्त किया। ऐसे में बेहद जरूरी है उनके विचारों, कार्यों एवं संघर्षों की विरासत को आगे बढ़ाना। ताकि उनके सपनों - [14 नवम्बर जन्मदिन : पंडित जवाहरलाल नेहरू ने देश के लिए वैज्ञानिक दृष्टिकोण के महत्व को स्वीकारा तथा उसे आगे बढ़ाया](https://vaigyanikchetna.com/पंडित-जवाहरलाल-नेहरू/jawaharlal-nehru-jayanti-special-know-about-his-science-love/) - प्रदीप ऑल इंडिया पीपुल्स साइंस नेटवर्क (AIPSN) के आह्वान पर अभी देशभर में करीब चार माह व्यापी "साइंटिफिक टेंपर कैंपेन" (वैज्ञानिक चेतना अभियान) का आयोजन किया जा रहा है। यह अभियान अभी हाल ही में नोबेल पुरस्कार विजेता महान वैज्ञानिक सी वी रमन एवं मैडम क्यूरी के जन्मदिन 7 नवंबर पर शुरू हुआ एवं राष्ट्रीय - [रोचक : क्यों अलग-अलग रंग की होती है मिट्टी ? कैसे बदलता है उनका रंग, क्या इससे प्रभावित होते हैं उनके गुण भी ?](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/know-why-soils-have-variations-in-its-colour-and-what-does-it-mean/) - मिट्टी हर जगह एक रंग की नहीं होती है. भौगोलिक परिस्थितियों के अनुसार इसके अन्य गुणों के साथ रंग में भी बदलाव आता है. आखिर मिट्टी के अलग- अलग रंग क्यों होते हैं, क्या केवल जगह बदलने से ही मिट्टी का रंग बदल जाता है और क्या वास्तव में मिट्टी के रंग से काफी कुछ - [जेम्स वेब टेलिस्कोप की मदद से ग्रहों के निर्माण की प्रक्रिया के बारे में वैज्ञानिकों ने किया अहम खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/james-webb-space-telescope-solves-mystery-of-planets-formation-using-water-vapour/) - विकास शर्मा जेम्स वेब टेलीस्कोप की मदद से वैज्ञानिकों ने ग्रह निर्माण की प्रक्रिया के बारे में एक अहम खुलासा किया है. टेलीस्कोप के मिड इन्फ्रारेड इंस्ट्रूमेंट के जरिए उन्होंने सूर्य के जैसे चार तारों की डिस्क का अध्ययन कर बाहरी हिस्से से बर्फ के कंकड़ से भाप अंदर की ओर आकर ग्रह निर्माण को - [ऑल इंडिया पीपुल्स साइंस नेटवर्क (AIPSN) के 'राष्ट्रीय वैज्ञानिक चेतना अभियान' को आगे बढ़ाएं, मंजिल तक पहुंचाएं](https://vaigyanikchetna.com/ऑल-इंडिया-पीपुल्स-साइंस-न/ऑल-इंडिया-पीपुल्स-साइंस-न/) - डी एन एस आनंद ऑल इंडिया पीपुल्स साइंस नेटवर्क के आह्वान पर, नोबेल पुरस्कार विजेता, भारत के महान वैज्ञानिक सी वी रमन एवं शीर्ष महिला वैज्ञानिक मैडम क्यूरी के जन्मदिन पर 7 नवम्बर को देश भर में प्रेस वार्ता का आयोजन कर नेशनल साइंटिफिक टेंपर कैंपेन (राष्ट्रीय वैज्ञानिक चेतना अभियान) की विधिवत शुरुआत की गई। - [राष्ट्रीय वैज्ञानिक चेतना अभियान : कैसे हो आमलोगों में वैज्ञानिक मानसिकता का विकास ?](https://vaigyanikchetna.com/अभियान/आलोचनात्मक-मानसिकता-का-व/) - प्रोफ़ेसर सुरेंद्र कुमार मनुष्य की सोचने-समझने की शक्ति और आलोचनात्मक मानसिकता का विकास कैसे किया जाए , इस प्रश्न का उत्तर लाख टके का है ! दुनिया में जो कुछ भी घट रहा है उसे जानने की जिज्ञासा मनुष्य की सामान्य प्रकृति है. घटना / प्रक्रिया को जानने के बाद उसे समझने का प्रयास करना - [7 नवम्बर, जन्मदिन : 2 बार नोबल पुरस्कार पाने वाली दुनिया की पहली शख्सियत बनी थीं महान वैज्ञानिक मैडम क्यूरी](https://vaigyanikchetna.com/मैरी-क्यूरी/दो-बार-नोबेल-पुरस्कार-जीत/) - मैडम मैरी क्यूरी को दो बार नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया। साल 1903 में उन्हें भौतिकी और 1911 में रसायन के क्षेत्र में नोबेल पुरस्कार मिला था। आज महान शोधकर्ता मैडम मैरी क्यूरी की जयंती है। नोबेल पुरस्कार दुनियाभर की महिलाओं ने अपने दम पर अपने देश का नाम रोशन किया है। 1901 से - [7 नवम्बर, जन्मदिन : नोबेल पुरस्कार विजेता भारतीय वैज्ञानिक सी वी रमन, जिन्होंने देश को विज्ञान की ताकत से रूबरू कराया](https://vaigyanikchetna.com/सी-वी-रमन/national-dr-cv-raman-birth-anniversary-he-passed-matric-exam-in-age-of-11-year-and-received-nobel-prize-of-physics-know-all-about-him-jagran-special/) - अमित सिंह विज्ञान के क्षेत्र में शुरू से भारत के नाम कई उपलब्धियां दर्ज हैं। शून्य और दशमलव जैसी अति महत्वपूर्ण प्रणाली से भारत ने ही दुनिया को रूबरू कराया। इसके अलावा आयुर्वेद के तमाम महत्वपूर्ण फार्मुले भी भारत ने ही दुनिया को दिये। भारतीय वैज्ञानिकों ने ही दुनिया को बताया कि पृथ्वी अपनी धुरी - [मून मिशन : चुनौतियों से भरा होगा इसरो का 2040 तक चंद्रमा पर भारतीयों को भेजने का अभियान](https://vaigyanikchetna.com/मून-मिशन/indians-too-can-land-on-moon-but-to-do-that-isro-has-to-overcome-few-obstacles/) - विकास शर्मा इसरो को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चंद्रमा पर मानवअभियान भेजने की 2040 तक की डेडलाइन दी है. यह कार्य इसरो जैसे स्पेस एजेंसी के लिए असंभव तो नहीं है, लेकिन कई चुनौतियों से भरा जरूर है क्योंकि उससे पहले इसरो को गगनयान की सफलता जल्दी सुनिश्चित करने के साथ कई तकनीक के विकास - [स्वास्थ्य : आंखों में लाल-लाल धारियों की अनदेखी ठीक नहीं, हो सकता है साइलेंट किलर बीमारी का लक्षण](https://vaigyanikchetna.com/health/health-red-blood-shot-in-eye-warning-sign-of-silent-killer-high-blood-pressure-which-may-lead-heart-attack/) - लक्ष्मी नारायण आंखें जब रक्तरंजित दिखें यानी आंखों में खून की धारियां दिखने लगे तो इसे कभी भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए क्योंकि यह साइलेंट किलर बीमारी के लक्षण हो सकते हैं. लगभग हर किसी की आंखों में कभी न कभी लाल रंग या खून की तरह लाल आंखें जरूर दिखती है. अलग-अलग व्यक्तियों में - [वैज्ञानिक चेतना अभियान : बेहद जरूरी है वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ अंधश्रद्धा के खिलाफ लड़ाई जारी रखना : डॉ नरेन्द्र दाभोलकर](https://vaigyanikchetna.com/डॉ-नरेन्द्र-दाभोलकर/narendra_dabholkar/) - - डॉ नरेंद्र दाभोलकर ऑल इंडिया पीपुल्स साइंस नेटवर्क (AIPSN) एवं इससे जुड़े संगठनों ने सत्ता- व्यवस्था एवं प्रतिगामी, अवैज्ञानिक सोच वाली शक्तियों, निहित स्वार्थी तत्वों द्वारा अंधविश्वास, धर्मांधता, कट्टरता, नफरत और हिंसा को बढ़ावा देने के विरुद्ध देश में लम्बे समय तक साइंटिफिक टेंपर कैंपेन चलाने का निर्णय लिया है। झारखंड में साइंस फॉर - [बदलेगा मोबिलिटी का भविष्य : सामने आया गेंद जैसा टायर, स्टेयरिंग के इशारों पर घूमेगा 360 डिग्री](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/hankook-wheelbot-is-a-special-ball-tyre-that-can-move-360-degree-it-can-change-future-of-mobility/) - साकेत सिंह बघेल Hankook नाम की एक कोरियन कंपनी ने एक खास तरह का टायर डिजाइन किया है जो मोबिलिटी के फ्यूचर को बदल सकता है. आइए जानते हैं इसके बारे में. समय के साथ टेक्नोलॉजी बदलती रहती है. लोगों के जीवन को आसान बनाने के लिए दुनियाभर में रिसर्च चलते रहते हैं. इंसान ने - [हाई कोलेस्ट्रॉल : घातक है यह साइलेंट किलर बीमारी, इससे बढ़ जाता है हार्टअटैक या स्ट्रोक का जोखिम](https://vaigyanikchetna.com/कोलेस्ट्रॉल/health-silent-killer-high-cholesterol-bad-effects-on-body-damage-heart-increase-risk-of-heart-attack-stroke/) - लक्ष्मी नारायण शरीर में जब हाई कोलेस्ट्रॉल होता है तो बमुश्किल ही इसके लक्षण दिखते हैं. हाई कोलेस्ट्रॉल होने पर छाती में दर्द हो सकता है लेकिन यह जरूरी नहीं. कोलेस्ट्रॉल एक प्रकार के फैट यानी वसा है जो मोम की तरह चिपचिपा होता है. यह खून के माध्यम से प्रोटीन के साथ शरीर के - [31 अक्टूबर, सरदार पटेल जयंती, राष्ट्रीय एकता दिवस : देश के निर्माण में लौहपुरूष पटेल ने निभाई थी बेहद महत्वपूर्ण भूमिका](https://vaigyanikchetna.com/सरदार-पटेल-जयंती/sardar-vallabhbahi-patel-birthday-once-patel-used-to-prefer-playing-bridge-instead-of-listening-to-gandhi/) - विकास शर्मा देश के पहले गृह मंत्री, उपप्रधानमंत्री, गुजरात में सरदार के नाम से और देश में लौह पुरुष के नाम से मशहूर सरदार वल्लभभाई पटेल ने देश के आजादी के समय बहुत ही मुश्किल समय में देश का एकीकरण करने का कार्य कर देश को नेतृत्व प्रदान किया. वे गांधी जी के प्रमुख सहयोगी - [30 अक्टूबर, जन्मदिन : महान भारतीय वैज्ञानिक होमी जहांगीर भाभा, जिन्होंने देश को परमाणु ऊर्जा से संपन्न बनाया](https://vaigyanikchetna.com/जन्मदिन/homi-jehangir-bhabha-birthday-indian-scientist-who-claimed-to-make-nuclear-bomb-in-one-year/) - विकास शर्मा 30 अक्टूबर भारत के उस महान वैज्ञानिक की जयंती है जिसने देश को परमाणु ऊर्जा से सम्पन्न बनाया. होमी जहांगीर भाभा ने ना केवल भारत को परमाणु ऊर्जा से बिजली पैदा करने में सक्षम बनाया बल्कि उन्होंने 1961 में ही कह दिया था कि भारत एक साल में परमाणु बम बना सकता है. यह - [अध्ययन : चॉकलेट खाना पड़ सकता है महंगा, उसमें खतरनाक धातुओं की मौजूदगी ने खाने वालों की बढ़ाई चिंता](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/many-chocolate-products-have-alarming-levels-of-lead-and-cadmium-claims-study/) - विकास शर्मा चॉकलेट उत्पादों पर हुए अध्ययन में सात श्रेणियों के करीब 48 उत्पादों की जांच की गई जिसमें डार्क चॉकलेट, मिल्क चॉकलेट बार, कोको पाउडर, चॉकलेट चिप्स आदि शामिल थे. इनसे से एक तिहाई उत्पादों में सीसा और कैडियम जैसी धातुओं की मात्राओं का स्तर खतरनाक स्तर पर पाया. इसके लिए एक बड़ी कंपनी - [स्वास्थ्य : आखिर क्या कहता है विज्ञान, बुखार में क्या और कितना होता है पसीने का योगदान ?](https://vaigyanikchetna.com/बुखार/what-does-science-say-what-role-does-sweating-play-in-fever/) - विकास शर्मा बुखार आना रोग नहीं, बल्कि रोग की एक प्रतिक्रिया है और बुखार में पसीना कई कारणों से आते हैं. कई बार बुखार में पसीना आना फायदेमंद होता है, लेकिन विशेषज्ञों ने पाया है कि ऐसा हमेशा नहीं होता क्योंकि काफी कुछ बुखार के कारणों पर निर्भर होता है. डॉक्टर बुखार और तब आने - [सिर्फ अधिक भोजन पर निर्भर नहीं करता है व्यक्ति का मोटापा, 'फ्रक्टोस' की भी होती है अहम भूमिका : नए शोध में दावा](https://vaigyanikchetna.com/शोध/human-health-fructose-is-the-root-cause-of-obesity-claims-major-study/) - विकास शर्मा एक बहुत बड़े विश्लेषणात्मक अध्ययन में वैज्ञानिकों ने मोटापे, वजन कम करने के तरीकों और भोजन की प्रकृति पर बड़ा दावा किया है. शोधकर्ताओं का कहना है कि भले ही खाने में कैलोरी की मात्रा में योगदान ना हो, लेकिन मोटापा लाने में फ्रक्टोज की बड़ी भूमिका होती है क्योंकि उससे इंसान ज्यादा - [अब तक निर्धारित उम्र से भी 4 करोड़ साल ज्यादा पुराना निकला हमारा चंद्रमा : शोध का निष्कर्ष](https://vaigyanikchetna.com/शोध/moon-40-million-years-older-than-previously-thought-says-study-of-an-apollo-sample/) - विनीत कुमार 50 साल पहले नासा के अपोलो अभियान से पृथ्वी पर लाए गए चंद्रमा की चट्टानों के नमूनों के नए अध्ययन ने चौंकाने वाले नतीजे मिले हैं. एटम प्रोब टोमोग्राफी नाम की इस तकनीक में लेजर के जरिए परमाणुओं को क्रिस्टल से वाष्पीकृत कर ऐसे संकेत मिले हैं जो बताते हैं कि जितना समझा - [सर्वे : इंटरनेट स्पीड के मामले में भारत शीर्ष देशों से पांच गुना पीछे, भारत टॉप 100 में तो है पर टॉप 50 से बाहर](https://vaigyanikchetna.com/सर्वे/know-which-county-is-fastest-and-which-is-slowest-in-internet-speed-know-status-of-india/) - विकास शर्मा इंटरनेट इन दिनों ब्रॉडबैंड के जरिए ही प्रदान किया जाता है. इसकी औसत गति किसी देश के तकनीकी विकास का एक संकेतक माना जाता है. एक सर्वे के मुताबिक भारत का 2023 में सबसे तेज इंटरनेट गति वाले देशों में शीर्ष 50 के देशों में भी नाम नहीं हैं. सबसे तेज गति वाले - [स्लीप मोड में चल रहे चंद्रयान-3 के रोवर प्रज्ञान एवं विक्रम लैंडर के सामने अब सबसे बड़ा खतरा है सूक्ष्म उल्कापिंड प्रभावों का](https://vaigyanikchetna.com/चंद्रयान-3/chandrayaan-3-update-vikram-lander-pragyan-rover-asleep-on-moon-know-what-will-happen-to-them-isro-chief-somanth/) - शंकर पंडित भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के अध्यक्ष एस. सोमनाथ का कहना है कि चंद्रयान-3 का रोवर ‘प्रज्ञान’ चंद्रमा की सतह पर सुप्तावस्था में है, लेकिन इसके फिर से सक्रिय होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है. सोमनाथ ने कहा कि अंतरिक्ष एजेंसी इस बात से भली-भांति अवगत है कि रोवर - [क्या पर्व-त्यौहारों के दौरान डायबिटीज के मरीजों को फास्ट रखना चाहिए ? आखिर क्या कहते हैं विशेषज्ञ ?](https://vaigyanikchetna.com/डायबिटीज/health-should-diabetic-patient-be-fasting-in-navratri-max-hospital-dialectologist-dr-paras-agarwal-explain-how-to-control-sugar-in-festival/) - लक्ष्मी नारायण नवरात्रि का त्योहार चल रहा है और इसमें कई लोग फास्ट रखते हैं. वहीं कुछ लोग सिर्फ फल और दूध पीकर रहते हैं. ऐसे में सवाल यह है कि क्या नवरात्रि में डायबिटीज के मरीजों को उपवास रखना चाहिए. इस विषय पर हमने मैक्स अस्पताल के डायबेटोलॉजिस्ट डॉ. पारस अग्रवाल से बात की. - [हर महीने तापमान में हो रही रिकार्ड वृद्धि, नासा ने जारी किए आंकड़े, अब तक का सबसे गर्म महीना रहा सितम्बर 2023](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/according-to-nasa-data-september-2023-was-the-hottest-month-on-record/) - दयानिधि बढ़ाता तापमान हर साल नए-नए रिकॉर्ड स्थापित कर रहा है, इसी तरह महीने भी पिछले सालों के मुकाबले गर्मी को बढ़ाने में पीछे नहीं हैं। नासा के गोडार्ड इंस्टीट्यूट फॉर स्पेस स्टडीज (जीआईएसएस) के वैज्ञानिकों के अनुसार, इस बढ़ते तापमान के रुझान को जारी रखते हुए, सितंबर 2023 रिकॉर्ड पर सबसे गर्म सितंबर था। इस - [शोध : प्रदूषण के कणों के कारण हिमालय लगातार होता जा रहा है गर्म, इसरो के एक अध्ययन में हुआ खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/शोध/शोध-प्रदूषण-के-कणों-के-कार/) - विकास शर्मा सैटेलाइट और धरती पर किए गए अवलोकनों के आधार पर इसरो के एक अध्ययन में खुलासा हुआ है कि हमारा हिमालय गर्म हो रहा है और हालात नाजुक होते जा रहे हैं जो चिंताजनक बात है. वायुमंडल में, खास तौर से हिमालय के हिंदुकुश हिमालय तिब्बती पठार इलाके में हवा में तैरते कण - [हल्के से झटके से भी हड्डियां हो रही हैं फ्रैक्चर, सावधानी बरतें, ऑस्टियोपोरोसिस का हो सकते हैं शिकार](https://vaigyanikchetna.com/ऑस्टियोपोरोसिस/health-what-is-osteoporosis-disease-what-are-10-causes-of-osteoporosis-know-risk-factors-from-doctor-haddi-se-judi-bimari-ke-karan-in-hindi/) - अमित उपाध्याय ऑस्टियोपोरोसिस हड्डियों से जुड़ी एक बीमारी है, जो बेहद खतरनाक होती है. एक बार अगर किसी को यह बीमारी हो जाए, तो इसे पूरी तरह ठीक करना संभव नहीं है. खास बात यह है कि हड्डियों की इस बीमारी का खतरा महिलाओं को सबसे ज्यादा होती है. हड्डियों से जुड़ी समस्या लगातार बढ़ती - [ISRO एक और इतिहास रचने के लिए तैयार, 21 अक्टूबर को शुरू होगी परीक्षण यान की पहली उड़ान](https://vaigyanikchetna.com/isro/first-flight-test-of-gaganyaan-missions-crew-module-scheduled-for-october-21-isro/) - सुमित कुमार मानव अंतरिक्ष उड़ान मिशन के लिए भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) बड़ा अपडेट दिया है. ISRO ने कहा है कि गगनयान मिशन के लिए 21 अक्टूबर को सुबह सात बजे से नौ बजे के बीच श्रीहरिकोटा अंतरिक्ष केंद्र से एक परीक्षण यान का प्रक्षेपण किया जाएगा. भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने सोमवार - [16 अक्टूबर, विश्व खाद्य दिवस : भूख, कुपोषण और गरीबी के खिलाफ संघर्ष के लिए बेहद जरूरी है जन जागरूकता](https://vaigyanikchetna.com/विश्व-खाद्य-दिवस/there-is-a-threat-to-food-security-without-fresh-water-why-are-you-taking-the-risk-when-will-you-become-aware-now/) - जेपी स‍िंह हर साल 16 अक्टूबर को 'विश्व खाद्य दिवस' का आयोजन किया जाता है, ताकि लोगों में जागरूकता फैलाई जा सके और भूख, कुपोषण, और गरीबी के खिलाफ मजबूती से लड़ा जा सके. आज भी विश्व में करोड़ों लोग भुखमरी की समस्या से गुजर रहे हैं, और इसलिए यह जरूरी है कि हम अपने - [स्वास्थ्य : सेहत के लिए बेहद फायदेमंद है लाल मूली यानी रेड रेडिश, एंटी ऑक्सीडेंट से है भरपूर](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/health-red-radish-health-benefits-cell-generating-and-antioxidant-property-lowers-blood-sugar-history-icmr-report/) - डॉ. रामेश्वर दयाल लाल मूली यानी रेड रेडिश के स्वास्थ्य के लिए ढेरों लाभ हैं. ये लिवर को दुरुस्त करती है और पीलिया के लक्षणों से निपटने में मददगार होती है. कोशिकाओं को रीजेनरेट करती है और ब्लड शुगर को भी मैनेज करती है. 16वीं सदी से उगाई जाती रही है लाल मूली जोकि बाहर - [गगनयान अभियान भारत के लिए अंतरिक्ष अनुसंधान के क्षेत्र में होगी बहुत बड़ी उपलब्धि, एक नई छलांग](https://vaigyanikchetna.com/अंतरिक्ष/know-why-and-how-gaganyaan-mission-will-be-big-technological-achievement-for-india/) - विकास शर्मा गगनयान अभियान की सफलता भारत के लिए पहली बार अंतरिक्ष में यात्रियों को भेजने भर की उपलब्धि ही नहीं होगी, बल्कि यह कवायद उसे तकनीकी तौर पर इतना सक्षम बना देगी जिसके बाद से भारत और इसरो अंतरिक्ष पर्यटन के क्षेत्र में भी कदम रख पाएगा और इससे भविष्य में कई तरह के - [12 अक्टूबर, विश्व गठिया दिवस : अर्थराइटिस रोग अब युवाओं को भी बना रहा अपना शिकार, तेज गति से बढ़ रहा](https://vaigyanikchetna.com/विश्व-गठिया-दिवस/world-arthritis-day-2023-date-history-significance-and-theme-in-hindi-2023/) - गठिया एक प्रकार की अधिकतम सूजन और जोड़ों के दर्द के साथ आने वाली बीमारी है। यह रोग विभिन्न प्रकार के हो सकते हैं, जैसे ऑस्टियोआर्थराइटिस, रहूमटॉइड आर्थराइटिस, जुवेनाइल आर्थराइटिस आदि। हर साल गठिया रोग के बारे में लोगों को जागरूक करने और बीमारी के बारे में समझाने के उद्देश्य से विश्व गठिया दिवस मनाया - [11 अक्टूबर, अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस : आइए जानें बालिका दिवस का इतिहास, और क्यों यह दिन है खास](https://vaigyanikchetna.com/अंतर्राष्ट्रीय-बालिका-दि/antarrashtriya-balika-diwas/) - विशाखा सिंह प्रत्येक वर्ष 11 अक्टूबर को, बालिकाओं की सहभागिता को वृद्धि देने, उनके स्वस्थ जीवन को प्रोत्साहित करने, और उनकी शिक्षा और करियर के लिए मार्ग तैयार करने के उद्देश्य के साथ, अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस मनाया जाता है। इस साल 2023 में दुनियाभर में, 11वां अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस मनाया जाएगा। अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस अंतरराष्ट्रीय - [10 अक्टूबर, मानसिक स्वास्थ्य दिवस : इस वर्ष का थीम है- 'मानसिक स्वास्थ्य सार्वभौमिक मानव अधिकार' ‌](https://vaigyanikchetna.com/मानसिक-स्वास्थ्य-दिवस/world-mental-health-day-2023/) - श्वेता 10 अक्टूबर को विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस एक वैश्विक पहल है जो मानसिक कल्याण के महत्व को दर्शाने के लिए संगठनों और व्यक्तियों को एक साथ लाता है। मानसिक स्वास्थ्य को एक सार्वभौमिक मानव अधिकार के रूप में मान्यता देकर और इस अधिकार को बनाए रखने के लिए कार्रवाई करके, हम सामूहिक रूप से - [9 अक्टूबर, विश्व पोस्ट दिवस : आज के बदलते दौर में भी महत्वपूर्ण, डाक विभाग से संबद्ध हैं दुनिया के डेढ़ अरब लोग](https://vaigyanikchetna.com/विश्व-पोस्ट-दिवस/world-post-day-2023-know-why-postal-department-is-more-significant-globally-today-than-ever/) - विकास शर्मा समय के साथ डाक विभाग की भूमिका बदली हैं. लेकिन लोगों में जो डाक विभाग की चिट्ठियां पहुंचाने की जो छवि है वह बहुत ही सीमित रही थी. यही वजह है कि लोग चिट्ठियों के उपयोग लगभग खत्म होने पर डाक विभाग को खत्म होने का संकेत मानने लगते हैं. लेकिन कम लोग - [7 अक्टूबर, जन्मदिन : नील्स बोर पहले भौतिक विज्ञानी थे जिन्होंने क्वांटम सिद्धांत को अणु और परमाणु पर लागू किया](https://vaigyanikchetna.com/नील्स-बोर/नील्स-बोह्र-जन्मदिन/) - परमाणुओं की संरचना के चित्रण के लिए नील्स बोहर को 1922 में भौतिकी में नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। नील्स बोह्र को "परमाणुओं की संरचना और उनसे निकलने वाले विकिरण की जांच में उनकी सेवाओं के लिए" भौतिकी में नोबेल पुरस्कार 1922 से सम्मानित किया गया था। 7 अक्टूबर को उनका जन्मदिन है - [6 अक्टूबर, जन्मदिन : गरीबी को चुनौती दे देश के शीर्ष वैज्ञानिक बने मेघनाद साहा आज भी हैं बच्चों, युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत](https://vaigyanikchetna.com/मेघनाद-साहा/meghnad-saha-birth-anniversary-know-how-meghnad-saha-raised-from-poverty-to-astrophysics/) - विकास शर्मा मेघनाद साहा ऐसे वैज्ञानिक थे जिनका बचपन बहुत ही गरीबी के कारण संघर्षपूर्ण रहा और वे अपनी प्रतिभा और मेहनत के बल पर खगोल विज्ञान के एक महान वैज्ञानिक बने. उनका नाम के साहा समीकरण वैज्ञानिकों को तारों के वर्गीकरण में मददगार होती है. इसके अलावा उन्होंने भारत में बहुत से वैज्ञानिक संस्थानों - [5 अक्टूबर, विश्व शिक्षक दिवस : यह है जीवन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले शिक्षकों के सम्मान का दिन](https://vaigyanikchetna.com/विश्व-शिक्षक-दिवस/world-teachers-day-2023-vishwa-shikshak-diwas-today-why-this-day-celebrated-on-5th-october-history-theme-xat/) - अनीता तन्वी आज विश्व शिक्षक दिवस मनाया जा रहा है। 1994 से हर वर्ष यह दिन 5 अक्टूबर को मनाया जाता है। यह दिन अपने लक्ष्य को पाने, जीवन में ऊंचाई तक पहुंचने में मदद करने वाले शिक्षकों के योगदान को याद कर उन्हें सम्मान देने का दिन है। जानिए क्यों दुनिया 5 अक्टूबर को - [4 अक्टूबर, वर्ल्ड एनिमल डे : दुनिया में प्रत्येक सेकेण्ड में की जाती है करीब 3 हजार जानवरों की हत्या, कई प्रजातियां विलुप्त](https://vaigyanikchetna.com/वर्ल्ड-एनिमल-डे/world-animal-day-world-animal-day-is-celebrated-to-stop-cruelty-to-animals/) - प्रतिवर्ष 4 अक्तूबर का दिन विश्व पशु दिवस के रूप में मनाया जाता है। इसका मिशन दुनिया भर के जानवरों के लिए कल्याण मानकों में सुधार करना है और सभी जानवरों के लिए दुनिया को बेहतर जगह बनाने के लिए काम करना है। इस साल 2023 में वर्ल्ड एनिमल डे 4 अक्टूबर को मनाया जा - [3 अक्टूबर, विश्व प्रकृति दिवस : आइए, प्रकृति-पर्यावरण संरक्षण का संकल्प दोहराएं, उसे जन अभियान बनाएं](https://vaigyanikchetna.com/विश्व-प्रकृति-दिवस/world-nature-day-2023/) - श्वेता 3 अक्टूबर 2010 को विश्व प्रकृति संगठन द्वारा स्थापित विश्व प्रकृति दिवस, विशेष रूप से जलवायु परिवर्तन के कारण हमारे पर्यावरण के सामने आने वाली चुनौतियों के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में कार्य करता है। यह वार्षिक उत्सव जलवायु परिवर्तन के बारे में जानकारी फैलाने और इसके शमन की वकालत - [अध्ययन : जैव विविधता कम होने से बढ़ जाती है वायरस के तेजी से फैलने की संभावना, दोनों में है गहरा नाता](https://vaigyanikchetna.com/जैवविविधता/environment-and-health-biodiversity-loss-promotes-the-spread-of-viruses/) - विकास शर्मा पाया गया है कि जैवविविधता कम होने से वायरस के तेजी से फैलने की संभावना बढ़ जाती है. कटिबंधीय वर्षावनों के बड़े क्षेत्र में किए गए अध्ययन में आंकलन किया गया कि वहां वायरस के प्रसार में जैविविधता के अंतर की क्या भूमिका है. पाया गया है कि वायरस का प्रसार केवल वायरस - [30 सितंबर, जन्मदिन : आजादी के दौरान देश के एकीकरण में वी. पी मेनन ने निभाई थी बेहद महत्वपूर्ण भूमिका](https://vaigyanikchetna.com/जन्मदिन/vp-menon-birthday-man-who-work-behind-the-curtains-to-carry-out-integration-of-india/) - विकास शर्मा जब भारत की आजादी का प्रक्रिया चल रही थी तब 562 रिसायतें ऐसी थीं जो भारत का हिस्सा नहीं थी. इन सभी रियासतों को एक करने का श्रेय सरदार वल्लभ भाई पटेल को दिया जाता है. लेकिन उनकी योजना को अमली जामा पहनाने का काम उनके सचिव वीपी मेनन किया था. उन्होंने ही - [29 सितंबर, विश्व हृदय दिवस : तेजी से बढ़ रही है हृदय रोगियों की संख्या, जोखिम से बचने के लिए सावधानी बरतें](https://vaigyanikchetna.com/विश्व-हृदय-दिवस/why-world-heart-day-celebrated-know-history-and-significance/) - वर्ल्ड हार्ट डे हर साल 29 सितंबर को मनाया जाता है. इस दिन को मनाए जाने का उद्देश्य लोगों को दिल के स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना है. हर साल 29 सितंबर को वर्ल्ड हार्ट डे यानी विश्व हृदय दिवस मनाया जाता है. दिल हमारे शरीर का अहम अंग है और बीते कुछ सालों में - [28 सितंबर, जन्मदिन : वैचारिक सोच-समझ एवं दृढ़ता ने ही शहीद भगत सिंह को तर्कशील क्रांतिकारी बना दिया](https://vaigyanikchetna.com/भगत-सिंह/bhagat-singh-birthday-what-kind-of-ideology-bhagat-singh-did-have/) - विकास शर्मा शहीदे आजम भगत सिंह की जयंती एक ऐसा अवसर है जब यह जाना और समझा जाना चाहिए कि कैसे एक व्यक्ति ने भारत के लोगों को देश के प्रति खास तरह की जागरूकता पैदा करने के लिए क्रांतिकारी होते हुए भी बलिदान का एक अनोखा रास्ता चुना और उनकी सोच किस तरह के - [विश्व रेबीज दिवस : जानलेवा बीमारी रेबीज से बचने के लिए बेहद जरूरी है इसको लेकर लोगों में जागरूकता](https://vaigyanikchetna.com/विश्व-रेबीज-दिवस/health-world-rabies-day-2023-history-significance-how-rabies-spread-know-rabies-prevention-tips-primary-treatment-for-dog-bite-rabies-se-kaise-bache-in-hindi/) - अमित उपाध्याय हर साल 28 सितंबर को 'विश्व रेबीज दिवस' मनाया जाता है. यह खास दिन लोगों को जानलेवा बीमारी रेबीज से बचने के बारे में जागरूक करने के उद्देश्य से मनाया जाता है. रेबीज कुत्ता, बिल्ली और बंदर के काटने से फैलने वाली बीमारी है. आज आपको बताएंगे कि रेबीज से लोग किस तरह - [सितंबर मास की आज की पुर्णिमा है कुछ खास : इस बार हार्वेस्ट मून के साथ सुपर मून भी](https://vaigyanikchetna.com/सूपरमून/know-what-is-super-harvest-moon-and-super-moon-why-it-is-special-in-september/) - विकास शर्मा सितंबर महीने के आखिर में पड़ने वाली पूर्णिमा कई लिहाज से विशेष है. यह पूर्णिमा सूपरमून है और इस जिस दिन पृथ्वी के दिन और रात बराबर होते है, उस दिन के पास भी पड़ रही है. सितंबर महीने में इस तरह से पूर्णिमा का होने उसे खास कॉर्न मून होने के साथ - [अप्रत्याशित मानसून के कारण देश के 70 प्रतिशत से अधिक जिलों में सूखे की स्थिति, फसल होगी प्रभावित](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/drought-situation-in-more-than-70-percent-districts-crop-yield-may-be-affected/) - पुलहा रॉय, विवेक मिश्रा इस बार कम समय में अतिवृष्टि और सूखे की स्थिति वाले अप्रत्याशित मानसून ने न सिर्फ बुआई में देरी की है बल्कि यह फसल की उपज को भी प्रभावित कर सकता है। बीते 123 साल में सबसे कम वर्षा इस बार अगस्त महीन में दर्ज की गई। इसके बाद भी सितंबर - [जानकारी : इस वर्ष खास होगा अक्टूबर में होने जा रहा ' रिंग ऑफ फायर एन्युलर' यानी कंकणाकृति सूर्य ग्रहण](https://vaigyanikchetna.com/जानकारी/ring-of-fire-solar-eclipse-is-set-to-occur-in-october-know-all-about-it/) - विकास शर्मा अक्टूबर महीने में दिखाई देने वाला सूर्य ग्रहण सामान्य तौर पर दिखने वाले सूर्य ग्रहण से बहुत ही अलग होगा. यह एन्युलर प्रकार का सूर्य ग्रहण होगा और चंद्रमा की पृथ्वी की कक्षा में खास दूरी के कारण चंद्रमा सूर्य को पूरी तरह से ढकता नहीं दिखाई दे पाएगा. इस तरह का सूर्य - [25 सितंबर, जन्मदिन : नई पीढ़ी के लिए अब भी प्रेरणा के स्त्रोत हैं देश के प्रमुख वैज्ञानिक व इसरो प्रमुख रहे प्रो. सतीश धवन](https://vaigyanikchetna.com/प्रो-सतीश-धवन/satish-dhawan-birth-anniversary-famous-isro-chief-was-a-great-scientist-as-well/) - विकास शर्मा प्रोफेसर सतीश धवन का जीवन आज के छात्रों के लिए एक प्रेरणा है. उन्होंने कई विषयों की पढ़ाई कर डिग्री हासिल करने के बाद एरोनॉटिकल इंजीनियरिंग के क्षेत्र में महारत हासिल की. उन्होंने अपने गहन समर्पण से द्रव्य गतिकि के क्षेत्र में विशेष शोधकार्य किए और भारत के द्रव्य विज्ञान शोध के जनक - [दुनिया के अलग अलग भागों में, धरती में गहरे ड्रिलिंग कर, पृथ्वी के गर्भ का रहस्य जानने की कवायद में जुटे हैं वैज्ञानिक](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/the-world-is-trying-to-know-the-secret-of-the-earth-s-womb/) - रोहिणी मूर्ति पृथ्वी का कोर प्राकृतिक प्रक्रियाओं के लिए गर्मी पैदा करने वाले इंजन के रूप में काम करता है और चुंबकीय क्षेत्र का निर्माण करता है। लोहे से भरी यह परत धीरे-धीरे ठोस गेंद में तब्दील हो रही है। आखिर इसका पृथ्वी पर गुलजार जीवन पर क्या असर पड़ेगा? दुनियाभर में अलग-अलग जगहों पर - [मानव का चंद्र अभियान जारी, नासा ने जारी की तस्वीर, अब चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर इंसान को उतारने की तैयारी](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/incredible-new-picture-shows-nasa-where-humans-could-land-on-the-moon/) - विविधा सिंह यह तस्वीर दो लूनर ऑर्बिटर कैमरा से मिलाकर बनाई गई है. एक फोटो लूनर रिकोनिसेंस ऑर्बिटर कैमरा (LROC) और दूसरी शैडोकैम से खींची गई है. LROC 2009 से ही चंद्रमा की सतह की विस्तृत फोटो खींचता आया है, लेकिन चांद के अंधेरे वाले क्षेत्र की तस्वीर लेने में उसे हमेशा दिक्कतों का सामना - [WHO की रिपोर्ट : 31% भारतीय हाई ब्लड प्रेशर से पीड़ित, सिर्फ 37 प्रतिशत लोगों का ही समय पर हो पाता है इलाज](https://vaigyanikchetna.com/who/31-indians-suffer-from-high-bp-only-37-get-timely-treatment-who/) - सुमी सुकन्या दत्ता विश्व स्वास्थ्य संगठन की ओर से मंगलवार को जारी रिपोर्ट में कहा गया है कि अगर भारत में हाई बीपी से पीड़ित आधे लोग इसे कंट्रोल कर लें तो 2040 तक भारत में लगभग 46 लाख मौतों को रोका जा सकता है. हाई ब्लड प्रेशर के ग्लोबल प्रभाव पर विश्व स्वास्थ्य संगठन - [रोचक : दुनिया का सबसे छोटा कैमरा, जिसका साइज़ है नमक के दाने जितना, पर काम बड़े कमाल का है](https://vaigyanikchetna.com/रिसर्च/worlds-smallest-commercial-camera-in-size-of-a-grain-of-salt-but-produce-hd-pictures/) - प्रतीति पांडे विज्ञान हमारी सोच से भी कहीं आगे है. अमेरिकी वैज्ञानिकों ने दुनिया के सामने नमक के दाने जितने साइज़ का कैमरा रखा है, जो चकाचक तस्वीरें खींचता है. विज्ञान की कई चीज़ें हमें असलियत के बजाय चमत्कार जैसी लगती हैं. हालांकि इसके लिए वैज्ञानिकों की बेतहाशा मेहनत और तेज़ दिमाग काम करता है, - [अध्ययन : चंद्रयान-1 के आंकड़ों से हुआ खुलासा, पृथ्वी से ही चंद्रमा पर पहुंचा था पानी](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/water-on-the-moon-came-from-earth-says-research-based-on-chandrayaan-1-data/) - विकास शर्मा अमेरिकी शोधकर्ताओं ने चंद्रयान-1 के आंकड़ों का अध्ययन कर पाया है कि चंद्रमा पर पानी की उपस्थित में पृथ्वी के उच्च वायुमंडलीय प्रक्रियाओं की भूमिका हो सकती है. शोध में पाया गया है कि पृथ्वी की मैग्नेटिक फील्ड और सौर पवनों की अंतरक्रिया के कारण उच्च ऊर्जा के महीन कणों के प्रवाह के - [चंद्रयान के बाद अब शीघ्र ही लॉन्च होगा भारत का बहुप्रतीक्षित समुद्रयान, तैयारी में जुटे हैं वैज्ञानिक](https://vaigyanikchetna.com/समुद्रयान/explainer-what-is-samudrayaan-which-india-to-launch-soon-in-bay-of-bengal/) - भारत का बहुप्रतिक्षित समुद्रयान अभियान अब जल्दी ही लॉन्च किया जा सकता है. जिस तेजी से इस पर काम हो रहा है उम्मीद की जा रही है कि यह अगले साल के शुरू में ही छोड़ दिया जाएगा. इस अभियान की सफलता की भारत के वैज्ञानिक और आर्थिक विकास की दिशा में एक मील का - [16 सितम्बर, विश्व ओजोन दिवस है ओजोन परत के संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता एवं संकल्प का दिन](https://vaigyanikchetna.com/विश्व-ओजोन-दिवस/world-ozone-day-2023-the-day-highlights-the-montreal-protocol-importance-to-save-earth/) - विकास शर्मा अंटार्कटिका के ऊपर ओजोत परत में हुए छेद के लिए दुनिया में मोंट्रियल प्रोटोकॉल लागू किया गया था. इसे नतीजे अविश्सनीय तौर पर बहुत ही अच्छे मिले थे जिससे आज ओजोन परत का छेद पिछले कुछ सालों से अस्थाई अवस्था में आ चुका है. मोंट्रियल प्रोटोकॉल एक ऐसी मिसाल है जो हम इंसानों - [15 सितम्बर, राष्ट्रीय अभियंता दिवस : देश के महान 'चिर युवा' इंजिनियर एम विश्वेश्वरैया ने बदल दी देश की तस्वीर](https://vaigyanikchetna.com/राष्ट्रीय-अभियंता-दिवस/national-engineers-day-2023-know-the-secret-of-ever-young-m-visvesvaraya/) - विकास शर्मा एम विश्वैश्वरैया कोई साधारण इंजीनियर और व्यक्ति नहीं थे. सौ साल का जीवन जीने वाले विश्वैश्वरैया अपने जीवन के अंतिम वर्षों में भी उतने ही कर्मठ रहे थे जितने कि वे अपने यौवनकाल में. उन्होंने कर्नाटक के तत्कालीन मैसूर राज्य ही नहीं बल्कि देश विदेश में कई इंजिनियरिंग परियोजनाओं में अपना योगदान दिया - [14 सितम्बर, हिंदी दिवस : भाषाई-सांस्कृतिक विविधता वाले भारत में 'लिंक लैंग्वेज' के रूप में हिंदी की है महत्वपूर्ण भूमिका](https://vaigyanikchetna.com/हिंदी-दिवस/hindi-diwas-2023-why-hindi-language-faces-opposition-in-india/) - विकास शर्मा हिंदी देश के ऐसी भाषा है जिसे उन राज्यों को लोग भी बोलते हैं जिनकी स्थानीय भाषा कुछ और ही है. यह ऐसी भाषा के तौर पर विकसित हुई है जिसने देश के लोगों को जोड़ने का काम किया है. देश के बहुत बड़े हिस्से में बोली जाने वाली इस भाषा को आज - [स्मृति शेष : 'फादर ऑफ क्लोनिंग' ब्रिटिश वैज्ञानिक इयान विल्मुट नहीं रहे, क्लोन से बनाई थी डॉली भेड़](https://vaigyanikchetna.com/फादर-ऑफ-क्लोनिंग/ian-wilmut-who-brought-dolly-sheep-to-the-world-through-cloning-is-no-more/) - आनंद नायक क्‍लोनिंग के जरिये डॉली भेड़ के जन्‍म को संभव बनाने की इयान विल्‍मुट की महत्‍वपूर्ण उपलब्धि रही. नॉटिंघम विश्वविद्यालय से BSc डिग्री हासिल करने वाले विल्‍मुट की रुचि समर इंटर्नशिप के दौरान (भ्रूणविज्ञान )में जाग्रत हुई और इसके बाद वे इसी के होकर रह गए.विल्मुट 1973 में उस टीम के भी सदस्य थे - [नासा (NASA) को मंगल ग्रह से मिली खुशखबरी, पूरा हुआ प्रयोग, ऑक्सीजन बनाने में मिली सफलता](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/nasa-rover-produces-oxygen-on-mars-form-oven-sized-machine-finishes-mission/) - विकास शर्मा मंगल ग्रह पर वहीं के संसाधनों से ऑक्सीजन के उत्पादन की तकनीक के परीक्षण का प्रयोग पूरी तरह से सफल रहा है. नासा के पर्सिवियरेंस रोवर के साथ साल 2021 में मंगल पर भेजे गए मार्स ऑक्सीजन इन सीटू रिसोर्स यूटिलाइजेशन एक्सपेरिमेंट (मॉक्सी) ने वहां उम्मीद से अच्छा प्रदर्शन करते हुए वहां 122 - [अध्ययन : वैश्विक स्तर पर 50 साल से कम उम्र के लोगों में बढ़ रहे कैंसर के मामले, स्थिति चिंताजनक](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/international-studies-increasing-risk-cancer-cases-are-increasing-in-people-below-50-years-of-age-but-reason-is-not-known/) - सचिन श्रीवास्तव इस नवीनतम अध्ययन और पिछले शोध से पता चलता है कि कैंसर के जिन प्रकारों को माना जाता था कि वे वृद्धावस्था वर्ग समूह में ही होते हैं, उनसे भी युवा अब तेजी से पीड़ित हो रहे हैं. इनमें आंत का कैंसर, पेट का कैंसर, स्तन कैंसर, गर्भाशय कैंसर और अग्नाशय कैंसर शामिल - [भारतीय चंद्रयान-3 की सफलता एवं आदित्य L1 के सफल आगाज़ ने ISRO को नई ऊंचाई दी, अब 'गगनयान' की प्रतीक्षा](https://vaigyanikchetna.com/गगनयान/xposat-will-be-the-next-mission-of-isro-while-gaganyaan-preparation-to-continue/) - विकास शर्मा भारत की स्पेस एजेंसी इसरो के आदित्य एल1 के सफल प्रक्षेपण के बाद अगला अभियान फिलहाल गगनयान नहीं है. गगनयान एक बड़ा मिशन है जिसकी तैयारियां चल रही है और अक्टूर में उसके कुछ परीक्षण भी होंगे. लेकिन इसरो का अगला बड़ा अभियान एक्सपोसैट होगा जो अंतरिक्ष में आने वाले एक्स रे विकिरण - [स्मृति दिवस : अर्थराइटिस के बावजूद डॉ क्रिश्चियन बर्नार्ड ने विश्व का पहला सफल मानव हृदय प्रत्यारोपण कर इतिहास रचा](https://vaigyanikchetna.com/स्मृति-दिवस/dr-christiaan-barnard-death-anniversary-was-suffering-from-arthritis-still-used-to-operate/) - विकास शर्मा डॉ क्रिश्चियन बर्नार्ड अपना पहला सफल मानव हृदय प्रत्यारोपण करने के सालों पहले से ही ऑर्थराइटिस की समस्या से जूझने लगे थे. इसके बाद भी उन्होंने सफल प्रत्यारोपण कर इतिहास रचा और अगले 15 सालों तक बहुत सारे ऑपरेशन करते रहे जब कि आर्थराइटिस ने उन्हें इस काम में अक्षम ना बना दिया. - [बदल रहा है मौसम का मिजाज, इस वर्ष अगस्त में हुई पिछले 123 वर्षों में सबसे कम वर्षा : आईएमडी](https://vaigyanikchetna.com/आईएमडी/lowest-rainfall-in-123-years-in-august-rainfall-may-be-less-than-normal-in-the-entire-monsoon-season/) - विवेक मिश्रा भारत में अगस्त, 2023 में 123 साल में अब तक की सबसे कम मानसूनी वर्षा दर्ज की गई है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) की ओर से महानिदेशक एम महापात्रा ने 31 अगस्त, 2023 को अपने प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि अगस्त महीने में ऑल इंडिया रेनफॉल 161.7 मिलीमीटर (एमएम) दर्ज किया गया - [20 अगस्त, स्मृति दिवस : डॉ नरेन्द्र दाभोलकर के सपनों , विचारों, कार्यों को आगे बढ़ाएं मंजिल तक पहुंचाएं, तर्कशील नया भारत बनाएं](https://vaigyanikchetna.com/स्मृति-दिवस/स्मृति-दिवस-डॉ-नरेन्द्र-द/) - डी एन एस आनंद आज 20 अगस्त है । देश में वैज्ञानिक चेतना के विकास के मार्ग में अपना बलिदान देने वाले प्रमुख तर्कवादी, विज्ञान संचारक डॉ नरेन्द्र दाभोलकर का स्मृति दिवस. अंधश्रद्धा, अंधविश्वास मुक्त तर्कशील भारत के निर्माण में उनकी भूमिका एवं बलिदान के सम्मान में देश भर में आज साइंटिफिक टेंपर डे' ( - [रोचक : सब कुछ चिपकाने वाला फेविकोल और फेविक्विक आखिर अपनी बोतल में क्यों नहीं चिपकता ?](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/why-does-not-fevicol-and-fevikwik-which-sticks-everything-stick-to-their-bottles-interesting-facts/) - अमृत चंद्र आपने ग्‍लू को उसकी बोतल के अंदर कभी चिपके हुए नहीं देखा होगा. हालांकि, अगर ढक्‍कन खुला रह जाए तो लिक्विड ग्‍लू ठोस होकर बोतल के अंदर ही रह जाता है. जानते हैं कि ग्लू क्या होता है? ये चीजों को कैसे चिपकाता है? अपनी बोतल में क्‍यों नहीं चिपकता है? फेविकोल, फेविक्विक - [अंटार्कटिका में अपना ठिकाना बनाए रखने के लिए भारत शीघ्र तैयार कर लेगा अपना पहला ध्रुवीय अनुसंधान पोत](https://vaigyanikchetna.com/रिसर्च/indias-1st-polar-research-vessel-to-be-ready-in-5-years-to-sustain-3-bases-in-antarctica/) - सुमित कुमार भारत का लक्ष्य अंटार्कटिका में अपने ठिकानों को बनाए रखने के लिए अगले पांच सालों में अपना पहला ध्रुवीय अनुसंधान पोत (PRV) बनाना है. बता दें कि भारत के वर्तमान में अंटार्कटिका के ध्रुवीय क्षेत्र में तीन अनुसंधान बेस स्टेशन हैं - भारती, मैत्री और दक्षिण गंगोत्री. भारत इन दिनों विज्ञान के क्षेत्र - [झारखंड आदिवासी महोत्सव 2023, एक रिपोर्ट : बेहद जरूरी है आदिवासी जीवन दर्शन का विकास एवं विस्तार](https://vaigyanikchetna.com/आदिवासी-महोत्सव-2023/झारखंड-जनजातीय-महोत्सव/) - शंभुनाथ विश्व आदिवासी दिवस के उपलक्ष्य में 9 एवं 10 अगस्त 2023 को झारखंड की राजधानी रांची स्थित बिरसा मुंडा स्मृति उद्यान में दो दिवसीय झारखंड आदिवासी महोत्सव का आयोजन किया गया। महोत्सव में झारखंड समेत देश -विदेश की समृद्ध आदिवासी संस्कृति, परंपरा, वेशभूषा और खान-पान का अनोखा संगम देखने को मिला। सचमुच देश भर - [न्यूरोटेक्नोलॉजी : क्या अब हमारे विचार भी किए जा सकेंगे स्टोर ?, उनका डेटा की तरह किया जा सकेगा इस्तेमाल ?](https://vaigyanikchetna.com/न्यूरोटेक्नोलॉजी/can-our-thoughts-also-be-collected-now-can-it-be-used-like-data-neurotechnology-revolution/) - अमृत चंद्र न्यूरोटेक्नोलॉजी को सपने के सच होने के तौर पर देखा जा रहा है. ये हमारी क्षमताओं को बढ़ाने की संभावनाएं पैदा करता है. इससे हम अपने दिमाग को अपनी इच्छाओं के मुताबिक ढाल सकते हैं. हालांकि, इसके कुछ जोखिम भी हैं. न्‍यूरोटेक्‍नोलॉजी एथिक्‍स एक्‍सपर्ट्स इसके खतरों के बारे में बात कर रहे हैं. - [अध्ययन : वायु प्रदूषण के महीन कणों से बढ़ा दिल से जुड़ी बीमारियों का खतरा, 29 वर्षों में बढ़ी 35 फीसदी मौतें](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/fine-particles-of-pollution-increasing-the-risk-of-cardiovascular-diseases/) - ललित मौर्या पार्टिकुलेट मैटर (पीएम) यानी प्रदूषण के महीन कणों के कारण कार्डियोवैस्कुलर बीमारियों का खतरा कहीं ज्यादा बढ़ गया है। रिसर्च से पता चला है कि पिछले 29 वर्षों में प्रदूषण के इन महीन कणों के कारण कार्डियोवैस्कुलर बीमारियों से होने वाली मौतों में करीब 35 फीसदी का इजाफा हुआ है। हालांकि रिसर्च के अनुसार - [अध्ययन : अच्छी सेहत के लिए जरूरी है नींद का लम्बी होने से अधिक गहरी एवं गुणवत्तापूर्ण होना](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/quality-of-sleep-should-be-measured-by-your-own-feeling-not-trackers-says-study/) - विकास शर्मा नींद की धारणा को लेकर हुए अध्ययन में वैज्ञानिकों ने पाया है कि ट्रैकिंग डिवाइस के जरिए नींद पर निगरानी रखने वाली जानकारी हासिल करने वाली तकनीक से ज्यादा नींद की गुणवत्ता को लेकर हमारी धारणा को ज्यादा त्वज्जो दी जानी चाहिए. इस तरह की तनकीक या उससे संबंधी गैजेट्स को जीवन की - [9 अगस्त, विश्व आदिवासी दिवस : यह दुनिया में आदिवासी समुदायों का सम्मान व सांस्कृतिक धरोहर को याद करने का खास दिन है](https://vaigyanikchetna.com/विश्व-आदिवासी-दिवस/vishv-adivasi-divas-history-importance-theme/) - विश्व आदिवासी दिवस पृथ्वी पर रहने वाले विभिन्न आदिवासी समुदायों के सम्मान और उनके सांस्कृतिक धरोहर को याद करने का एक विशेष अवसर है। हर साल 9 अगस्त को मनाया जाने वाला यह पर्व एकता और समरसता का प्रतीक है, जिसमें विभिन्न आदिवासी समुदायों के लोग सम्मिलित होते हैं और अपने भाषा, संस्कृति, और परंपराओं - ['सुंदरता' का पैगाम माने जाने वाले चांद पर हैं करीब 14 लाख गड्ढे, जाने विज्ञान की दृष्टि में इसकी सच्चाई](https://vaigyanikchetna.com/चंद्रयान-3/international-studies-chandrayaan-3-first-image-of-moon-why-there-are-lot-of-craters-pics/) - सुमित कुमार Chandrayaan-3 इस समय चांद की यात्रा पर है. वह 170 km x 4313 km वाली अंडाकार चांद की ऑर्बिट में चक्कर लगा रहा है. चंद्रयान-3 द्वारा भेजी गई पहली तस्वीरों ISRO ने जारी की है. इन तस्वीरों में चांद में गड्ढे नजर आ रहे हैं. क्या आप जानतें हैं चांद पर इतने गड्ढे - [5 अगस्त, जन्मदिन : बचपन से ही उड़ने का जुनून वाले मेहनती नील आर्मस्ट्रांग ने रखा था चंद्रमा पर पहला कदम](https://vaigyanikchetna.com/नील-आर्मस्ट्रांग-जन्मदिन/neil-armstrong-birth-anniversary-the-journey-from-becoming-pilot-to-first-moon-walker/) - विकास शर्मा नील आर्म्सट्रांग को बचपन से ही उड़ने का शौक तो था ही. यह सपना बचपन से पूरा होने भी लगा था. 16 साल की उम्र में ड्राइविंग लाइसेंस हासिल करने से पहले पायलट का लायसेंस हासिल किया. नेवी में जाकर कोरिया युद्ध में फाइटर प्लेन उड़ाया. सिविलियन पायलट के रूप में चुने जाने - [शोध : रसोइयों के उपयोग में लाई जाने वाली एक रासायनिक क्रिया ने ही की थी पृथ्वी के जीवन की शुरुआत- वैज्ञानिक](https://vaigyanikchetna.com/शोध/one-of-the-chemical-reactions-that-helped-first-life-beginning-on-earth-is-used-by-cooks/) - विकास शर्मा वैज्ञानिकों ने ऐसी रासायनिक प्रक्रिया का पता लगाया है जिसका पाककला के साथ ही पृथ्वी के जीवन की शुरुआत दोनों में महत्व है. मिलार्ड रिएक्शन का उपयोग शेफ या रसोइये भोजन को भूरा कर उसमें महक और स्वाद लाने के लिए करते हैं, लेकिन यह गहरे महासागरों में छोटे अणुओं से पॉलीमर जैसे - [2 अगस्त, जयंती : देश के पहले प्रोफेसर, वैज्ञानिक डॉ प्रफुल्ल चंद्र रे ने ही डाली थी भारत में रसायन उद्योग की नींव](https://vaigyanikchetna.com/डॉ-प्रफुल्लचंद्र-राय-जन्/prafulla-chandra-ray-birth-anniversary-know-about-the-father-of-indian-chemistry/) - विकास शर्मा डॉ प्रफुल्लचंद्र राय को भारत के में रसायन उद्योग की शुरुआत करने वाले पहले उद्यमी थे. उनकी स्थापित की गई बंगला कैमिकल्स फार्मास्युटिकल्स वर्कर्स कंपनी आज करोड़ों का मुनाफा करती है. उन्हें भारत में दवा उद्योग का पिता भी माना जाता है. उन्होंने दॆश मे पहले आधुनिक रसायनशोध विद्यालय की स्थापाना की थी - [अध्ययन : वैज्ञानिकों ने खोज लिया है समय बताने वाले दिमाग का हिस्सा, बड़ी कामयाबी](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/one-part-of-the-brain-tells-time-scientists-think-they-have-found-it/) - विकास शर्मा चूहों पर हुए प्रयोगवादी अध्ययन के जरिए वैज्ञानिकों ने स्पष्ट तौर पर पाया है कि दिमाग का एक हिस्सा ही समय की समझ से निपटता है. शोध में पाया गया है कि इस हिस्से पर तापमान बढ़ने घटने से भी गतिविधियों के समय की दर को समझने में बदलाव आ जाता है. प्रयोगों - [जन विज्ञान अभियान : सबके लिए विज्ञान, सबमें वैज्ञानिक दृष्टिकोण के प्रबल पक्षधर थे महान वैज्ञानिक प्रो. यशपाल](https://vaigyanikchetna.com/प्रो-यशपाल/प्रोफेसर-यशपाल/) - मुनेश त्यागी प्रोफेसर यशपाल कमाल की शख्सियत थे। उन्होंने 24 जुलाई 2017 को अंतिम अंतिम सांस ली थी। वे हमारे सबके प्यारे और आशावादिता से भरपूर इंसान और वैज्ञानिक थे। जैसे वे सर्वज्ञानी हों। वे ज्ञान विज्ञान के सबसे बड़े समर्थक थे। वे सब के लिए विज्ञान की मुहिम के पक्षधर थे। प्रोफेसर यशपाल सबको - [29 जुलाई, अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस : बाघों का संरक्षण है प्रकृति को बचाने का बेहद महत्वपूर्ण हिस्सा](https://vaigyanikchetna.com/अंतर्राष्ट्रीय-बाघ-दिवस/international-tiger-day-2023-saving-tiger-means-saving-forest-know-why/) - विकास शर्मा अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस ऐसा दिवस है जिसमें बाघ सरंक्षण ही नहीं बल्कि उनकी संख्याओं को बढ़ाने पर भी जोर दिया जाता है. उनके बचाने से हम एक बड़ा आवास बचाते हैं. क्योंकि उनके बचने से उस आवास की नदियां, अन्य जीव और पारिस्थितिकी प्रक्रियाओं का भी संरक्षण होता है इस दिवस पर इसी - [अत्यधिक इस्तेमाल या दुरुपयोग के कारण अब बेअसर साबित हो रही हैं एंटीबायोटिक दवाएं, स्थिति गंभीर](https://vaigyanikchetna.com/रिसर्च/time-to-look-at-antibiotics-as-a-global-public-good/) - सुनीता नारायण अब हम जानते हैं कि एंटीबायोटिक्स (वैसी दवाएं, जो हम गंभीर बीमारी की हालत में लेते हैं) हमें बीमार करने वाले रोगाणुओं को मारने में लगातार अप्रभावी होती जा रही हैं। रोगाणुरोधी प्रतिरोध अथवा एंटी माइक्रोबियल रेजिस्टेंस (एएमआर) नामक यह खतरनाक महामारी एंटीबायोटिक दवाओं के अत्यधिक उपयोग और दुरुपयोग के कारण होती है। - [27 जुलाई, स्मृति दिवस : राष्ट्रपति पद पर पहुंचने के बाद भी हमेशा शिक्षक और वैज्ञानिक ही रहे डॉ एपीजे अब्दुल कलाम](https://vaigyanikchetna.com/स्मृति-दिवस/dr-apj-abdul-kalam-death-anniversary-former-president-was-great-scientist-yet-very-humble/) - विकास शर्मा डॉ एपीजे अब्दुल कालाम का जीवन संघर्षों से भरा रहा. लेकिन उनमें जो सबसे अच्छी बात रही कि उन्होंने कभी हालात को खुद पर स्थायी तौर पर हावी होने नहीं दिया. इस तपस्या के बाद वे ऐसे निखर के निकले कि सादगी, सरलता और विनम्रता में राष्ट्रपति पद जैसी उपाधि भी उनकी मजबूती - [दुनिया अल्ट्रा फास्ट हवाई यात्रा के युग में प्रवेश के लिए तैयार, महज 2 घंटे में पूरा होगा धरती के एक कोने से दूसरे कोने तक का सफर](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/international-studies-nasa-x-59-suborbital-flights-might-soon-take-you-to-any-point-on-earth-within-2-hours-study/) - सुमित कुमार जिन लोगों को दुनिया घूमना पसंद है वो सोचते नहीं हैं बस घूमने निकल जाते हैं. लेकिन कई लोगों को इसके लिए समय को लेकर काफी चिंता रहती है. लेकिन अब सफर के लिए चिंता लेने का समय जाने वाला है. क्योंकि दुनिया के पहले सुपरसोनिक वाणिज्यिक विमान कॉनकॉर्ड की अंतिम उड़ान के - [क्या कसरत सचमुच है वजन कम करने का कारगर उपाय ? पर कुछ और कहते हैं वैज्ञानिक शोध के नतीजे](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/does-exercise-actually-help-in-weight-loss-why-it-is-a-matter-of-debate/) - विकास शर्मा कसरत के जरिए क्या वजन कम करना क्या वाकई कारगर होता है. यह बहस पिछले कुछ समय से वैज्ञानिक जगत में चल रही है. देखा गया है कि वजन कम करने में कसरत की कारगरता का दावा करने वाले अध्ययनों के नतीजे उतनी सटीक और व्यापक नहीं है और वजन कम करने और - [शोध : अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में बड़ी कामयाबी, अब हवा की नमी से जल्द बनेगी बिजली](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/now-electricity-will-be-harness-from-air-humidity-scientists-took-another-step-towards-renewable-energy-production/) - अमृत चंद्र वैज्ञानिकों ने ऐसी तकनीक विकसित कर ली है, जो आर्द्र हवा से बिजली बनाएगी. वैज्ञानिकों को उम्‍मीद है कि ये तकनीक स्‍वच्‍छ और अक्षय ऊर्जा क्षेत्र में क्रांति ला सकती है. बता दें कि इस तरह से बिजली पैदा करने का कॉन्‍सेप्‍ट पहली बार भौतिक विज्ञानी निकाला टेस्‍ला ने दिया था. वैज्ञानिकों - [नए शोध में वैज्ञानिकों का दावा : इम्यून सिस्टम का होता है इंसान के व्यवहार पर गहरा असर](https://vaigyanikchetna.com/इम्यून/scientists-have-uncovered-that-how-the-immune-system-shapes-your-behaviour-human-science/) - अमृत चंद्र एक नए शोध से पता चला है कि इम्‍यून सिस्‍टम कम्‍युनिकेशन इंसान के व्‍यवहार को बदलने में अहम भूमिका निभाता है. साथ ही शोध के जरिये पता लगाया गया कि कैसे हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली एलर्जी और विषाक्‍त पदार्थों के बारे में दिमाग को संकेत भेजती है. दुनियाभर में किए गए ज्‍यादातर शोध - [20 जुलाई, अंतर्राष्ट्रीय मून डे : 54 साल पहले इसी दिन, पहली बार किसी इंसान ने रखा था चांद पर पहला कदम](https://vaigyanikchetna.com/अंतर्राष्ट्रीय-मून-डे/international-moon-day-india-contributing-to-moon-exploration-nasa-usa/) - विकास शर्मा 54 साल पहले अमेरिका ने चांद पर पहला कदम रखने में अभूतपूर्व सफलता हासिल की थी. वहीं भारत ने हाल ही में चंद्रमा पर अपने पहला रोवर सॉफ्ट लैंडिंग के लिए दूसरी बार भेजा है और इस बार सफलता की उम्मीदें कहीं ज्यादा है. चंद्रमा के लिहाज से भारत और अमेरिका के रास्ते - [स्मृति शेष : चीजों को तर्क की कसौटी पर कसने व अंधविश्वास का खुल कर विरोध करने की पक्षधर थीं गणितज्ञ मंगला नार्लीकर](https://vaigyanikchetna.com/mangala-narlikar/smriti-shesh-mangla-narlikar/) - अशोक पांडे मंगला नार्लीकर नहीं रहीं. बीते दिन यानी 17 जुलाई को पुणे में उनकी मृत्यु हुई. उन्हें कैंसर था. उनका नाम सुनते ही जेहन में मशहूर खगोल वैज्ञानिक और साइंस-फिक्शन लेखक जयंत नार्लीकर का नाम आता है. उनका बड़ा नाम है. मंगला उनकी पत्नी थीं. बहुत कम लोगों को पता है कि मंगला - [18 जुलाई, अंतर्राष्ट्रीय नेल्सन मंडेला दिवस : भारतरत्न मंडेला ने आजीवन समानता, स्वतंत्रता व मानवाधिकार के लिए संघर्ष किया](https://vaigyanikchetna.com/मंडेला-दिवस/international-nelson-mandela-day-2023-history-purpose-and-significance-of-international-nelson-mandela-day/) - नेल्सन मंडेला दिवस हर साल 18 जुलाई को मनाया जाता है । संयुक्त राष्ट्र (यूएन) ने 2009 में दक्षिण अफ्रीका के रंगभेद विरोधी कार्यकर्ता नेल्सन मंडेला को सम्मानित करने के लिए 18 जुलाई को नेल्सन मंडेला दिवस घोषित किया था, जो 1994 से 1999 तक पहले राष्ट्रपति रहे। मंडेला राज्य के पहले अश्वेत प्रमुख थे - [अपने चार चक्रों को पूरा करने के बाद चांद के काफी करीब पहुंच जाएगा भारत का चंद्रयान-3, 23 अगस्त को होगी चांद पर लैंडिंग](https://vaigyanikchetna.com/चंद्रयान-3/chandrayaan-3-has-been-launched-it-will-land-on-moon-on-23-august/) - दीप राज दीपक भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संस्थान (ISRO) ने चंद्रयान-3 को कल यानी (शुक्रवार), 14 जुलाई 2023 को 02:35:17 बजे इसे श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र के द्वितीय प्रमोचन मंच से लॉन्च कर दिया है. भारत और दुनिया के लिए कितना है महत्त्व और क्या जानकारी लाएगा ये मिशन, जानिए सबकुछ भारतीय अंतरिक्ष - [अध्ययन : भारत में, आमलोगों की तुलना में, जेल में बंद कैदियों में तपेदिक (टीबी) का खतरा पांच गुना अधिक](https://vaigyanikchetna.com/टीबी/prisoners-in-india-at-five-times-higher-risk-of-tb-lancet/) - ललित मौर्य क्या आप जानते हैं कि भारत में आम लोगों की तुलना में कैदियों में तपेदिक (टीबी) का खतरा पांच गुणा ज्यादा है। यह जानकारी अंतरराष्ट्रीय जर्नल लैंसेट पब्लिक हेल्थ में प्रकाशित अध्ययन में सामने आई है। रिसर्च से पता चला है कि भारतीय जेलों में बंद प्रति लाख कैदियों में टीबी के 1,076 मामले - [अध्ययन : भारत के बच्चों और किशोरों में विटामिन बी12 और फोलेट की भारी कमी पाई गई](https://vaigyanikchetna.com/विटामिन-बी12/indian-s-33-per-cent-of-adolescents-found-deficient-in-vitamin-b12-and-folate-research/) - दयानिधि हैदराबाद स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूट्रिशन (एनआईएन) सहित विभिन्न राष्ट्रीय स्तर के शोध संगठनों के शोधकर्ताओं द्वारा भारत में विटामिन बी का अध्ययन किया गया है। अध्ययन में भारतीय बच्चों और किशोरों में विटामिन बी 12 और (फोलेट) एफए की बढ़ती कमी को उजागर करने की कोशिश की गई है। भारत में लगभग एक तिहाई - [11 जुलाई, विश्व जनसंख्या दिवस : बढ़ती आबादी की चुनौतियों को समझना व अवसर में बदलना जरूरी](https://vaigyanikchetna.com/विश्व-जनसंख्या-दिवस/world-population-day-here-are-5-benefits-of-gender-equality/) - आज 11 जुलाई है। विश्व जनसंख्या दिवस। विश्व की बढ़ती आबादी से उत्पन्न चुनौतियों को समझने एवं इसके समाधान की दिशा में सही, सार्थक प्रयास के लिए लोगों को जागरूक करने का खास दिन। बढ़ती आबादी अपने साथ अनेक चुनौतियां लेकर आती है। वैसे आबादी नियंत्रण के लिए प्रयास जारी हैं। पर साथ ही वर्तमान - [10 जुलाई, जन्मदिन : अपने समय से बहुत आगे, बेहद प्रतिभाशाली एवं महान वैज्ञानिक थे निकोला टेस्ला](https://vaigyanikchetna.com/निकोला-टेस्ला-जन्मदिन/nikola-tesla-birthday-the-man-who-change-the-whole-world-with-alternate-current-usability/) - विकास शर्मा निकोला टेस्ला महान और प्रतिभाशाली वैज्ञानिक थे. उनके दौर में दुनिया बिजली के लिए नए नए डायरेक्ट करेंट के उपकरणों की आदत डाल रही थी. ऐसे माहौल में उन्होंने अल्टरनेटिंग करंट को दुनिया के उपयोग के लिए मुफीद बनाने में सबसे अधिक योगदान दिया. हां, उस दौर में उद्योग जगत को अल्टरनेटिंग करंट - [क्या है डीप ब्रेन सिम्यूलेशन सर्जरी? भारत में सफलता पूर्वक की गई डिप्रेशन के शिकार मरीज की साइकोसर्जरी](https://vaigyanikchetna.com/रिसर्च/deep-brain-stimulation-surgery-for-depression-know-what-it-is/) - विकास शर्मा भारत के मुंबई में एक अवसाद के शिकार मरीज की साइकोसर्जरी सफलतापूर्वक की गई है. जब अवसाद के इलाज में दवा और अन्य उपचार पद्धतियां कारगर नहीं रह जाती हैं तब डीप ब्रेन सिम्यूलेशन सर्जरी का उपयोग किया जाता है. इसमें मस्तिष्क के कुछ इलाकों में खास इलेक्ट्रोड लगाए जाते हैं दो दिमाग - [ISRO : 14 जुलाई को रचा जाएगा इतिहास, होगी चंद्रयान-3 की लांचिंग, चंद्रमा पर सॉफ्ट लैंडिंग की तैयारी](https://vaigyanikchetna.com/isro/chandrayaan-3-to-be-launched-on-14-july-2023-isro-from-sriharikota-space-science/) - संतोष कुमार पाठक भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने बहुप्रतीक्षित मिशन चंद्रयान-3 की लॉन्चिंग की तारीख को लेकर घोषणा कर दी है. इसरो की तरफ से चंद्रयान-3 को 14 जुलाई को दोपहर 2:35 बजे लॉन्च किए जाने का ऐलान किया गया. चंद्रयान 3 को चंद्रमा की सतह पर रवाना किए जाने को लेकर इससे पहले - [अब तक महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाला 'विज्ञान प्रसार' जारी रहे, उसको बंद किए जाने से होगी देश को अपूरणीय क्षति](https://vaigyanikchetna.com/विज्ञान-प्रसार/the-role-of-science-communication-and-popularization-will-be-important-in-the-elixir/) - गुरबख्श सिंह मोंगा स्टेट्समैन 24 अप्रैल 2023 के अंक में प्रकाशित लेख, ‘एन इंस्टिट्यूशन डाईज़’ ;एक संस्था की मौत से यह जानना स्तब्ध करने वाला तथा चिंतित करने वाला है कि विज्ञान प्रसार को इसी साल अगस्त तक बंद करने का प्रस्ताव है। विज्ञान प्रसार की स्थापना 1989 में की गयी थी। उसे विज्ञान का - [WHO का नया दिशा निर्देश : बच्चों को खाद्य और पेय पदार्थों के लुभावने प्रचार व मार्केटिंग के मायाजाल से बचाएं](https://vaigyanikchetna.com/who/who-issues-new-guidelines-to-protect-children-from-aggressive-food-marketing/) - ललित मौर्या आज जिस तरह से दुनिया भर में जंक फूड का चलन बढ़ रहा है वो अपने साथ अनिगिनत बीमारियों को भी दावत दे रहा है। यह खाद्य पदार्थ खाने में तो स्वादिष्ठ लग सकते हैं लेकिन स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से ठीक नहीं होते। हालांकि खाद्य कंपनियां अपने उत्पादों को बेचने और ज्यादा मुनाफे - [तकनीक : उड़ने वाली कार या यात्री ड्रोन बनाने में तो सफलता मिली पर दुनिया के शहर अभी इसके लिए तैयार नहीं](https://vaigyanikchetna.com/रिसर्च/flying-taxis-are-ready-for-launch-but-cities-are-yet-to-take-long-to-be-prepared/) - विकास शर्मा उड़ने वाली कार भविष्य में सच तो होंगी, लेकिन यह भविष्य कितनी जल्दी आएगा इस पर तेजी से काम चल रहा है. दुनिया की कई कंपनियों ने उड़ने वाली कार या यात्री ड्रोन बनाने में सफलता भी हासिल कर ली है. लेकिन दुनिया के बड़े देश अभी इनके लिए तैयार नहीं हैं क्योंकि - [3 जुलाई, अंतर्राष्ट्रीय प्लास्टिक बैग मुक्त दिवस : पर्यावरण, स्वास्थ्य के लिए बेहद घातक है प्लास्टिक का इस्तेमाल](https://vaigyanikchetna.com/अंतर्राष्ट्रीय-प्लास्टि/international-plastic-bag-free-day-july-03-2023-significance-importance/) - हर साल 3 जुलाई को अंतरराष्ट्रीय प्लास्टिक बैग मुक्त दिवस मनाया जाता है. क्या आपको मालूम है कि जिस प्लास्टिक बैग का इस्तेमाल आप आज कर रहे हैं, उसे सड़ने में लगभग 100 से 500 साल तक लग सकते हैं. भले ही प्लास्टिक बैग का इस्तेमाल आसान हो, मगर इससे हमें कई सारे नुकसान हैं. - [1 जुलाई, राष्ट्रीय डॉक्टर दिवस : यह है जीवन रक्षक डॉक्टरों के प्रति सम्मान व कृतज्ञता ज्ञापन का खास दिन](https://vaigyanikchetna.com/राष्ट्रीय-डॉक्टर-दिवस/national-doctors-day-2023-why-national-doctors-day-is-celebrated-only-on-july-1-know-the-theme-this-time/) - हर साल एक जूलाई को भारत में राष्ट्रीय डॉक्टर दिवस मनाया जाता है. ऐसे में चलिए इसका इतिहास, उद्देश्य और इस बार की थीम जानते हैं. कहते हैं कि डॉक्टर धरती पर भगवान का दूसरा रूप है. ये बात सच है क्योंकि समाज को जीवनदान देने का काम डॉक्टर ही करते हैं. अगर डॉक्टर नहीं - [30 जून, संताल हूल दिवस : यह है अंग्रेजों के खिलाफ लडने वाले आदिवासी वीरों की शौर्य गाथा व बलिदान को याद करने का दिन](https://vaigyanikchetna.com/हूल-दिवस/hul-diwas-2023-hool-diwas-2023-why-and-when-hul-diwas-celebrated-sidho-kanhu-led-santhal-revolution-started-with-killing-of-10-british-soldiers-in-jharkhand/) - आज 30 जून है, संताल हूल दिवस। संविधान की 5 वीं अनुसूची में शामिल आदिवासी बहुल झारखंड के लिए बेहद महत्वपूर्ण दिन। दरअसल यह 1855- 56 में, जल -जंगल- जमीन और आदिवासी अस्मिता की रक्षा के लिए अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ संताल आदिवासी समुदाय के विद्रोह, प्रबल प्रतिरोध एवं संघर्ष की सबसे बड़ी घटना थी। - [29 जून, राष्ट्रीय सांख्यिकी दिवस : आज महान सांख्यिकीविद पी सी महालनोविस का जन्मदिन है, जिनका मौजूदा झारखंड से है गहरा नाता](https://vaigyanikchetna.com/सांख्यिकी-दिवस/national-statistics-day-2023-why-sustainable-development-goals-monitoring-is-so-important/) - आज 29 जून है, राष्ट्रीय सांख्यिकी दिवस। दरअसल आज भारत में सांख्यिकीय विज्ञान के जनक कहे जाने वाले देश के प्रमुख वैज्ञानिक एवं सांख्यिकी विद पी सी महालनोविस का जन्मदिन है। देश की आजादी के बाद नए, विकसित एवं आधुनिक भारत के निर्माण में उनकी भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रही। वैज्ञानिक एवं सांख्यिकीविद पी सी महालनोविस - [28 जून, स्मृति दिवस : बेहद महत्वपूर्ण थी महिला वैज्ञानिक के रूप में लैंगिक भेदभाव के विरुद्ध कमला सोहोनी की लड़ाई](https://vaigyanikchetna.com/स्मृति-दिवस/28-जून-स्मृति-दिवस-बेहद-महत्/) - प्रदीप ‘‘वैसे रामन एक महान वैज्ञानिक थे, लेकिन वे बहुत संकीर्ण विचारों वाले थे. सिर्फ मेरे एक महिला होने के नाते उन्होंने जिस तरह से मेरे साथ बर्ताव किया, उसे मैं कभी नहीं भूल सकती. अगर एक नोबेल पुरस्कार विजेता वैज्ञानिक का ऐसा रवैया था तो फिर और लोगों से क्या ही उम्मीद की जा - [27 जून, मधुमेह जागृति दिवस : भारत में स्थिति बदतर, बेहद जरूरी है यहां की युवा आबादी को इसके चंगुल से बचाना](https://vaigyanikchetna.com/मधुमेह-जागृति-दिवस/diabetes-awareness-day/) - भारत अपनी युवा आबादी की बदौलत आने वाले समय में दुनिया की एक बड़ी आर्थिक शक्ति बनने के लिए प्रयासरत है लेकिन इस युवा आबादी के एक बड़े भाग में लोगों की शिराओं में धीरे-धीरे मीठा जहर घुलने की आशंका विशेषज्ञों की नींद उड़ाए हुए है, क्योंकि आबादी का यही हिस्सा अर्थव्यवस्था के लिए सबसे - [26 जून, अंतर्राष्ट्रीय नशा निरोधक दिवस : बेहद जरूरी है समाज, देश की युवा पीढ़ी को नशे के मकड़जाल से बचाना](https://vaigyanikchetna.com/अंतर्राष्ट्रीय-नशा-निरोध/26-june-international-day-again-drugs/) - हर वर्ष 26 जून को 'अंतरराष्ट्रीय नशा निरोधक दिवस' मनाया जाता है। नशीली वस्तुओं और पदार्थों के निवारण के लिए 'संयुक्त राष्ट्र महासभा' ने 7 दिसंबर 1987 को यह प्रस्ताव पारित किया था और तभी से हर साल लोगों को नशीले पदार्थों के सेवन से होने वाले दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से - [ISRO : जुलाई के मध्य में होगा चंद्रयान - 3 का प्रक्षेपण, नासा के सहयोग से अगले साल अंतर्राष्ट्रीय स्पेश स्टेशन पर जाएंगे भारतीय](https://vaigyanikchetna.com/isro/isro-preparing-to-launch-chandrayaan-3-in-mid-july-this-year-know-what-it-will-carry/) - विकास शर्मा भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संस्थान इसरो का बहुप्रतीक्षित अभियान चंद्रयान-3 जुलाई के महीने के बीच के सप्ताह में प्रक्षेपित किया जाएगा. पिछले अभियान चंद्रयान-2 के ही फॉलोअप अभियान में एक लैंडर और रोवर चंद्रमा पर भेजा जाएगा. यह अभियान इसरो के इतिहास में एक बड़े कदम के तौर पर दर्ज होगा. भारत का इसरो - [धरती की तरह बृहस्पति ग्रह पर भी कड़कती है बिजली, NASA के अंतरिक्ष यान ने कैमरे में किया कैद](https://vaigyanikchetna.com/nasa-अध्ययन/like-earth-lightning-strikes-on-jupiter-too-how-does-this-celestial-phenomenon-happen-nasa-spacecraft-caught-pictures/) - अमृत चंद्र नासा के स्‍पेसक्राफ्ट जूनो ने हमारे सौरमंडल के सबसे बड़े ग्रह बृहस्‍पति पर धरती की तरह बिजली कड़कने की आकाशीय घटना की तस्‍वीरें कैद की हैं. जानते हैं कि हमारे ग्रह पृथ्‍वी और बृहस्‍पति के आसमान में बिजली कैसे कड़कती है? बता दें कि धरती पर बिजली चमकने या कड़कने की घटनाएं ज्‍यादातर - [7 जून, विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस : दुनिया में हर साल 60 करोड़ से अधिक लोग खराब भोजन के कारण होते हैं बीमार](https://vaigyanikchetna.com/विश्व-खाद्य-सुरक्षा-दिवस-2023/world-food-safety-day-2023-food-standards-save-lives-know-how/) - विकास शर्मा पिछले पांच सालों से हर 7 जून को दुनिया में विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस मनाया जाता है. इसका मकसद यही है कि लोग खराब खाने से पैदा होने वालो को खतरों के साथ भोजन की सुरक्षा के महत्व को समझें जिससे हम भोजन के उत्पादन, प्रसंस्करण, भंडारण, वितरण और उस दौरान उसके संरक्षण - [अमेरिकी वैज्ञानिक का दावा : रोबोट के गलत इस्तेमाल से, धरती से मानव जाति को खत्म करना संभव](https://vaigyanikchetna.com/रिसर्च/artificial-intelligence-could-wipe-out-human-race-with-virus-deadly-than-covid-khatm-ho-jayegi-manavta/) - प्रतीति पांडे अमेरिका के एक प्रोफेसर का दावा है कि आने वाले वक्त में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के ज़रिये एक ऐसा बायोवेपन बनाया जा सकता है, जो इंसानों की नस्ल को ही खत्म कर देगा. हमारी दुनिया कहां से कहां पहुंचती जा रही है. जो चीज़ें कल तक असंभव लगती थीं, वो आज हमारी ज़िंदगी का - [5 जून, विश्व पर्यावरण दिवस : सिर्फ रस्म अदायगी नहीं करें, प्राकृतिक जीवन अपनाएं, पर्यावरण को बचाएं](https://vaigyanikchetna.com/विश्व-पर्यावरण-दिवस-2023/world-environment-day-2023-significance-of-theme-beat-plastic-pollution/) - आज 5 जून है। विश्व पर्यावरण दिवस। आज दुनिया भर में विभिन्न कार्यक्रमों, गतिविधियों के माध्यम से पर्यावरण दिवस मनाया जाएगा। प्रकृति एवं पर्यावरण संरक्षण का संकल्प दोहराया जाएगा। पर उसमें से काफी गतिविधियां महज रस्म अदायगी बन कर रह जाती हैं। जाहिर है वर्ष भर में महज एक दिन के आयोजन से नहीं संरक्षित - [3 जून, विश्व साइकिल दिवस : प्रकृति, पर्यावरण की रक्षा के लिए बेहद जरूरी है साइकिल को अपनाना](https://vaigyanikchetna.com/विश्व-साइकिल-दिवस-2023/health-world-bicycle-day-2023-when-did-it-start-what-is-importance-know-5-big-benefits-of-cycling-daily/) - शुभम 3 जून को दुनियाभर में विश्व साइकिल दिवस मनाया जाता है. इसका मुख्य उद्देश्य साइकिल चलाने से स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता फैलाना है. रोजाना साइकिल चलाने से शरीर फिट और तंदुरुस्त रहता है और बीमारियों का खतरा कम हो जाता है. हर साल 3 जून को दुनियाभर में विश्व साइकिल दिवस मनाया जाता है. - [खोज : वैज्ञानिकों ने विकसित की नई तकनीक, अब नमी वाली हवा से होगी बिजली की 'खेती', मिलेगी अनंत ऊर्जा](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/electricity-generated-from-thin-humid-air-big-achievement-for-clean-energy/) - विकास शर्मा वैज्ञानिकों ने एक ऐसा उपकरण तैयार किया है जिससे तब तक लगातार बिजली पैदा की जा सकती है जब तक हवा में आर्द्रता कायम रहेगी. इस तकनीक में केवल पदार्थ की एक परत की जरूरत होगी जिसमे बहुत ही महीन छिद्र होना जरूरी है, पदार्थ कोई भी हो सकता है. यह आविष्कार बिजली - [1 जून, वैश्विक पैरेंट्स दिवस : कठिन चुनौतियों के बीच भी अपने बच्चों के लिए बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं माता-पिता](https://vaigyanikchetna.com/माता-पिता-का-वैश्विक-दिवस-2023/global-parents-day-date-theme-history/) - माता-पिता हमारे जीवन की नींव होते हैं और हमारे सफलता और जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। हर साल 1 जून को वैश्विक माता-पिता दिवस मनाया जाता है ताकि हम अपने माता-पिता की संघर्षों त्याग और तपस्या को समझ सके और उन्हें धन्यवाद दे सकें। पेरेंटिंग एक असाधारण यात्रा है जो कई जिम्मेदारियों और चुनौतियों के साथ आती - [31 मई, विश्व तंबाकू निषेध दिवस : जीवन अनमोल है, तंबाकू के विनाशकारी दुष्प्रभाव से इसे बचाएं - WHO](https://vaigyanikchetna.com/विश्व-तंबाकू-निषेध-दिवस-2023/world-no-tobacco-day-2023-know-the-history-importance-theme-economic-burden/) - वर्तिका सोनाकिया विश्व तंबाकू निषेध दिवस प्रत्येक वर्ष 31 मई को विश्व स्तर पर मनाया जाता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) द्वारा शुरू किया गया यह वार्षिक अभियान तंबाकू के उपयोग के हानिकारक प्रभावों की याद दिलाता है और इसका उद्देश्य धूम्रपान से जुड़े खतरों के बारे में जागरूकता बढ़ाना है। यह तंबाकू की खपत को - [30 मई, हिन्दी पत्रकारिता दिवस : अहम चुनौतियों से गुजर रही पत्रकारिता को जन पक्षीय बनाएं, उसे जन जन तक पहुंचाएं](https://vaigyanikchetna.com/हिन्दी-पत्रकारिता-दिवस-2023/hindi-journalism-day-2023-know-the-development-and-current-challenges-of-hindi-journalism/) - आपातकाल और अघोषित आपातकाल भी भारतीय प्रेस ने और हिन्दी पत्रकारिता ने देखे। तमाम बाधाओं, प्रतिबंध और प्रतिकूल परिस्थितियों के बाद भी भारतीय पत्रकारिता ने अपनी विकास यात्रा तय की। आने वाले वर्ष 2026 में हिन्दी पत्रकारिता 200 वर्षो की हो जाएगी। भारतीय लोकतंत्र के संरक्षण और संवर्धन में पत्रकारिता, प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक का महत्वपूर्ण - [29 मई अंतर्राष्ट्रीय एवरेस्ट दिवस : आज के ही दिन एडमंड हिलेरी ने रचा था इतिहास, किया था एवरेस्ट फतह](https://vaigyanikchetna.com/अंतर्राष्ट्रीय-एवरेस्ट-द/national-on-this-day-29th-may-1953-edmund-hillary-and-tenzing-norgay-became-the-first-to-conquer-mount-everest/) - दुनिया के इतिहास में 29 मई का दिन बहुत खास है। दरअसल, 29 मई 1953 के दिन एडमंड हिलेरी और तेनजिंग नोर्गे ने वह कारनामा कर दिखाया था जो एक सपना बना हुआ था। एडमंड हिलेरी और तेनजिंग नॉर्गे ने इस दिन बर्फ से ढकी ऊंची चोटी एवरेस्ट पर फतह हासिल की थी। 29 मई को मनाया - [संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट : दुनिया में कुपोषण के शिकार कुल बच्चों में से आधे भारत में, हालात बदतर](https://vaigyanikchetna.com/रिसर्च/nearly-half-of-the-world-s-children-are-victims-of-wasting-in-india-struggling-for-a-better-future/) - ललित मौर्य इससे बड़ी विडंबना क्या होगी की साढ़े तीन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था वाले देश में अभी भी करोड़ों बच्चे कुपोषण की समस्या से जूझ रहे हैं। मतलब कि आजादी के 75 साल बाद भी हम अपने बच्चों के लिए पोषण की समुचित व्यवस्था नहीं कर पाए हैं। दुनिया भर में कुपोषण की स्थिति - [लकवाग्रस्त लोगों के लिए वरदान बनी यह नई खोज, वायरलेस डिजिटल ब्रिज से मिलेगी चलने फिरने में मदद](https://vaigyanikchetna.com/रिसर्च/brain-spine-implants-help-paralysed-man-walk-again/) - राकेश सिंह साल 2011 में गर्ट जान ओस्कम का चीन में रहते हुए बाइक से बुरी तरह एक्सीडेंट हो गया था. इस भयावह दुर्घटना के बाद उनके कूल्हे के निचले हिस्सों ने काम करना बंद कर दिया था. जिसकी वजह से उनका चलना फिरना बिल्कुल मुश्किल हो गया था. हालांकि डिजिटल इम्प्लांट के बाद से - [आज लापता बच्चों की याद में मनाया जाता है अंतर्राष्ट्रीय गुमशुदा बाल दिवस, जरूरी है सुरक्षित बचपन](https://vaigyanikchetna.com/अंतर्राष्ट्रीय-गुमशुदा-ब/why-international-childrens-day-celebrated-international-center-for-missing-and-exploited-children/) - बाल संरक्षण ऑल सुरक्षित बचपन मुहैया कराने के मकसद से हर साल 25 मई को अंतरराष्ट्रीय गुमशुदा बाल दिवस मनाया जाता है इस दिन पूरे विश्व में लापता हुए बच्चे को याद किया जाता है. अंतर्राष्ट्रीय गुमशुदा बाल दिवस मनाने की घोषणा कब हुई. अंतरराष्ट्रीय गुमशुदा बाल दिवस को मनाने की घोषणा साल 1983 में - [अध्ययन : सन् 2050 तक विश्व भर के 84 करोड़ से भी अधिक लोगों को हो सकती है कमर दर्द की शिकायत](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/health-back-pain-cases-increasing-rapidly-globally-will-cross/) - भूपेंद्र पांचाल अध्ययन से पता चला है कि 2017 के बाद से वैश्विक स्तर पर कमर दर्द का सामना कर रहे लोगों की संख्या बढ़कर 50 करोड़ के पार चली गई है. वर्ष 2020 में दुनियाभर में कमर दर्द की समस्या से जूझ रहे मरीजों की संख्या 61.9 करोड़ के आसपास दर्ज की गई थी. - [जी हां, भारत में है जिंदा पेड़ों की जड़ों से बना दुनिया का सबसे मजबूत पुल जो अपनी मरम्मत खुद कर लेता है](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/india-has-strongest-bridge-of-world-which-repairs-itself-and-is-in-world-heritage-sites-of-unesco-meghalaya-living-roots-bridge/) - अमृत चंद्र भारत के पूर्वोत्‍तर में खासी और जयंतिया जनजात‍ि के लोग जिंदा पेड़ों की जड़ों से पुल बनाने में माहिर माने जाते हैं. इसके लिए वे रबड़ के पेड़ों की जड़ों का इस्‍तेमाल करते हैं. ऐसे एक पुल को बनाने में 15 साल लग जाते है. दुनियाभर में कई ऐसे विशाल, बेहतरीन और मजबूत - [22 मई, अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस : मानवीय गतिविधियों से खतरे में है धरती की जैव विविधता, इसकी रक्षा जरूरी](https://vaigyanikchetna.com/अंतर्राष्ट्रीय-जैव-विविध/miscellaneous-on-international-day-for-biological-diversity-know-history-and-importance-of-this-day/) - पृथ्वी पर जीवन के लिए जैव विविधता आवश्यक है. यह हमें भोजन, पानी, दवा और अन्य संसाधन देता है. यह जलवायु को नियमित करने और हमें प्राकृतिक आपदाओं से बचाने में भी मदद करता है. हालांकि, वनों की कटाई, प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन जैसी मानवीय गतिविधियों से जैव विविधता खतरे में है.इसी को बचाने के - [अध्ययन : विकास की अंधी दौड़ का सच, गगनचुंबी इमारतों के भारी दबाव में धंसने लगे हैं अमेरिकी शहर](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/explainer-are-major-cities-sinking-under-pressure-of-skyscrapers-and-development-is-this-a-new-danger-for-earth/) - अमृत चंद्र दुनिया के कई शहर विकास की अंधी दौड़ के बोझ तले धीरे-धीरे डूब रहे हैं. एक अध्‍ययन में समुद्र के जलस्‍तर में बढ़ोतरी के कारण न्‍यूयॉर्क सिटी और सैन फ्रांसिस्‍को समेत कई शहरों के नीचे जमीन के धंसने के कारणों की पड़ताल की गई है. अमेरिका का न्यूयार्क शहर गगनचुंबी इमारतों के दबाव - [शोध : युवा अवस्था में बढ़ता वजन बाद में 27 प्रतिशत तक बढ़ा सकता है घातक प्रोस्टेट कैंसर का खतरा](https://vaigyanikchetna.com/रिसर्च/increasing-weight-in-youth-can-increase-the-risk-of-fatal-prostate-cancer/) - ललित मौर्या क्या आप जानते हैं कि युवा अवस्था में बढ़ता वजन पुरुषों में आगे चलकर उनकी मौत की वजह तक बन सकता है। इस बारे में किए एक नए अध्ययन से पता चला है कि पुरुषों के 17 से 29 की उम्र में बढ़ते वजन से जीवन में आगे चलकर उनमें प्रोस्टेट कैंसर से - [18 मई, अंतर्राष्ट्रीय म्यूजियम दिवस : अपनी कला-संस्कृति, परम्परा एवं इतिहास को जानने, समझने का महत्वपूर्ण माध्यम होता है म्यूजियम](https://vaigyanikchetna.com/अंतर्राष्ट्रीय-म्यूजियम/international-museum-day-2023-history-when-and-why-it-is-celebrated-know-interesting/) - ऐसा कहा जाता है कि अगर किसी शहर के इतिहास के बारे में जानना है, तो सबसे पहले वहां स्थित म्यूजियम देखने जाना चाहिए। म्यूजियम यानी संग्रहालय वह जगह होता है, जहाँ हमारी सभ्यता और संस्कृति को संजो कर रखा जाता है। संग्रहालयों की विशेषता और उनके महत्व को समझते हुए संयुक्त राष्ट्र ने 1983 - [17 मई, विश्व दूरसंचार दिवस : बेहद जरूरी है डिजिटल विभाजन के अंतर को पाटना व सूचना-संचार तकनीक को लेकर जन जागरूकता](https://vaigyanikchetna.com/विश्व-दूरसंचार-दिवस-2023/world-telecommunication-and-information-society-day-2023-empowering-least-developed-countries/) - विकास शर्मा विश्व दूरसंचार और सूचना समाज पर विश्व को सभी को, विशेष तौर पर अल्प विकसित देशों को, संचार तकनीकों के समान और व्यापक लाभ मिल सकें. यह सुनिश्चित करना आज की तारीख में कठिन और अधिक चुनौती पूर्ण हो गया है. लेकिन डिजिटल विभाजन की खाई को पाटने के महत्व के कम नहीं - [अंतर्राष्ट्रीय प्रकाश दिवस : 16 मई 1960 को ही हुआ था लेजर ( LASER ) का पहला सफल आपरेशन](https://vaigyanikchetna.com/अंतर्राष्ट्रीय-प्रकाश-दि/international-day-of-light/) - हर साल, 16 मई को यूनेस्को और कई अन्य अंतरराष्ट्रीय संगठनों द्वारा अंतर्राष्ट्रीय प्रकाश दिवस मनाया जाता है। यह दिन विज्ञान, कला, संस्कृति, शिक्षा और सतत विकास में प्रकाश की भूमिका का जश्न मनाता है। 16 मई को ही अंतर्राष्ट्रीय प्रकाश दिवस क्यों मनाया जाता है? क्योंकि LASER का पहला सफल ऑपरेशन 16 मई 1960 - [15 मई, अंतर्राष्ट्रीय परिवार दिवस : छोटी छोटी बातों से ही मजबूत होता है परिवार, बच्चों को पारिवारिक मूल्य सिखाएं](https://vaigyanikchetna.com/uncategorized/tips-to-make-your-family-strong-on-the-occasion-of-international-day-of-family/) - 15 मई को हर साल अंतरराष्ट्रीय परिवार दिवस मनाया जाता है। संयुक्त राष्ट्र जनरल एसेंबली ने इसकी घोषणा की थी। बदलते समय के साथ परिवार के मायने और मतलब भी बदलते जा रहे हैं, इसलिए जरूरी है कि परिवार के बच्चों को कुछ फैमिली वैल्यूज सिखाए जाएं. मदर्स डे के बाद अब मौका है फैमिली - [9 मई, स्मृति दिवस : झूठे आरोप लगाकर रसायन विज्ञान के जनक महान वैज्ञानिक लेवॉजिए का सिर कलम कर दिया गया...](https://vaigyanikchetna.com/एन्टोनी-लौरेनट-लेवोयसियर/death-anniversary-of-antoine-lavoisier-why-was-the-scientist-who-revolutionized-chemistry-beheaded/) - प्रदीप जिस वैज्ञानिक ने बताया कि सोना, लोहा, पारा आदि धातुएं तत्त्व हैं न कि यौगिक. जिसने बताया कि पानी हाइड्रोजन और ऑक्सीजन से मिल कर बना है, जिसने हाइड्रोजन और ऑक्सीजन की पहचान कर उनका नाम दिया उसे रसायन के जनक एंटोनी लारेंट लेवॉजिए को मृत्‍युदंड दे दिया गया जबकि वे अपने शोध को - [8 मई, वर्ल्ड रेडक्रॉस डे : दुनिया भर में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है रेड क्रॉस सोसायटी, इसको लेकर जन जागरूकता जरूरी](https://vaigyanikchetna.com/वर्ल्ड-रेडक्रॉस-डे-2023/world-red-cross-day-history-theme-significant-and-timeline-in-hindi/) - वर्षा कुशवाह प्रतिवर्ष विश्व रेड क्रॉस दिवस 8 मई को मनाया जाता है। इस दिवस को रेड क्रीसेंट दिवस भी कहा जाता है। ये एक वैश्विक मानवीय नेटवर्क है, जो विश्व के लगभग हर देश में संचालित है और भारत में भी रेड क्रॉस सोसायटी है। विश्व रेड क्रॉस दिवस अंतर्राष्ट्रीय रेड क्रॉस समिति के - [विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने भविष्य में महामारियों से बचाव के लिए शुरू की नई पहल](https://vaigyanikchetna.com/रिसर्च/who-launches-new-initiative-to-improve-pandemic-preparedness/) - ललित मौर्य विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने भविष्य में कोविड-19 जैसी घातक महामारियों से बचाव के लिए एक नई पहल की शुरुआत की है। इस पहल का उद्देश्य दुनिया को भविष्य में कोविड-19 जैसी घातक महामारियों के प्रकोप से बचाना और देशों की इन महामारियों से निपटने की क्षमता को मजबूत करना है। जानकारी मिली - [जिज्ञासा : आखिर दूध का रंग सफेद एवं गाय का दूध हल्का पीला क्यों? क्या कहता है विज्ञान ?](https://vaigyanikchetna.com/रिसर्च/why-is-milk-white-why-is-milk-of-cow-light-yellow-what-does-science-say-proteins-vitamins-cabs-fat-in-milk/) - अमृत चंद्र ज्‍यादातर लोग गाय या भैंस का दूध पीते होंगे. अगर नहीं भी पीते हैं तो भी हर घर में चाय बनाने के लिए दूध जरूर आता है. अगर कोई चीज ना मिलाई जाए तो ज्‍यादातर तरह के दूध का रंग सफेद ही होता है. लेकिन, क्‍या आपने कभी सोचा है कि दूध सफेद - [डार्विन के जैव विकास के सिद्धांत को 10 वीं के सिलेबस से हटाया जाना और वैज्ञानिकों की चिंता](https://vaigyanikchetna.com/uncategorized/science-education-is-incomplete-without-darwins-theory-syllabus-change-ncer/) - प्रदीप चार्ल्स डार्विन द्वारा प्रतिपादित जैव विकास के सिद्धांत (थ्योरी ऑफ इवोल्यूशन) को उस कोविड-19 महामारी के बहाने सिलेबस से हटाया गया, जिसका कारण 'कोरोना वायरस' वास्तव में उसी 'प्राकृतिक चयन' (नेचुरल सिलेक्शन) प्रक्रिया का ही परिणाम है जिसे डार्विन ने अपने जैव विकास के सिद्धांत के जरिए समझाने की कोशिश की थी. इस थ्‍योरी - [25 अप्रैल, विश्व मलेरिया दिवस : आवश्यक जागरूकता, समय पर इलाज के साथ ही जरूरी है सही खान-पान पर ध्यान](https://vaigyanikchetna.com/विश्व-मलेरिया-दिवस-2023/health-world-malaria-day-2023-must-feed-these-5-foods-to-patients-healthy-diet-will-help-in-recovery-very-beneficial-for-health/) - 25 अप्रैल को पूरी दुनिया में विश्व मलेरिया दिवस मनाया जाता है. इसका मुख्य उद्देश्य लोगों को मलेरिया के प्रति जागरुक करना है. मलेरिया हो जाने पर दवा के साथ हेल्दी फूड्स लेने चाहिए. मलेरिया के मरीजों को हरी पत्तेदार सब्जियों के साथ अन्य पौष्टिक आहार लेना चाहिए. आज यानी 25 अप्रैल को पूरी दुनिया - [नया शोध : वैज्ञानिकों ने इंसानों के काले बालों के सफेद होने पर रोक लगाने का दावा किया](https://vaigyanikchetna.com/रिसर्च/white-or-gray-hairs-to-be-a-thing-of-the-past-soon-new-research-claims/) - विकास शर्मा वैज्ञानिकों ने इंसानों के बालों के रंग बने रहने और बदलने की प्रणाली की विस्तार से पता गया है. इस खोज से अब वैज्ञानिक बालों के सफेद या भूरे होने की प्रक्रिया को ही रोक या पलटने में सक्षम हो जाएंगे जिससे सफेद बाल पुरानी बात हो जाएगी. “मैंने अपने बाल धूप में - [22 अप्रैल विश्व पृथ्वी दिवस : आइए, प्रदूषण रहित जीवन एवं जैव विविधता संरक्षण के लिए आज लें धरती को बचाने का संकल्प](https://vaigyanikchetna.com/विश्व-पृथ्वी-दिवस/world-earth-day-2023-theme-invest-in-our-planet-why-celebrate-only-on-22-april-when-did-it-start/) - ललित कुमार 53 साल पहले पहली बार वर्ल्ड अर्थ डे मनाया गया था. तब से ये बदस्तूर जारी है. दरअसल पर्यावरण के प्रति अनदेखी के चलते पृथ्वी की सेहत पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ा है. लिहाजा अर्थ डे के जरिए दुनिया के लोगों को जागरूक करने का काम किया जाता है. वर्ल्ड अर्थ-डे यानी विश्व - [यूएनएफपीए की रिपोर्ट : चीन को पीछे छोड़ते हुए भारत बना दुनिया का सबसे अधिक आबादी वाला देश, सबसे युवा भी](https://vaigyanikchetna.com/रिसर्च/india-become-world-most-populous-nation-surpasses-china-shows-un-data-ntc/) - भारत की आबादी चीन की तुलना में 2.9 मिलियन ज्यादा हो गई है. संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष ने इसके आकंड़े जारी कर दिए हैं. भारत दुनिया का सबसे ज्यादा आबादी वाला देश बन गया है. भारत में 15 से 64 साल तक के लोगों की संख्या 68 प्रतिशत है. यूएन ने पिछले साल ही इस - [शोध : व्यक्ति के डीएनए में मौजूद वायरस फेफड़ों के कैंसर को कर सकते हैं जड़ से खत्म](https://vaigyanikchetna.com/रिसर्च/can-ancient-viruses-treat-lungs-cancer-completely-cancer-treatment-what-does-science-says/) - अमृत चंद्र नए शोध के मुताबिक, इंसान के डीएनए में मौजूद वायरस फेफड़ों के कैंसर का पूरी तरह से इलाज करके जड़ से खत्‍म कर सकते हैं. शोधकर्ताओं के मुताबिक, इंसानों के डीएनए में बच गए प्राचीन वायरस कैंसर को ठीक करने में एंटीबॉडी की तरह काम कर सकते हैं. कैंसर का नाम सुनते ही - [19 अप्रैल, स्मृति दिवस : विज्ञान तकनीक की प्रगति के मौजूदा दौर में भी आज भी उतना ही प्रासंगिक है चार्ल्स डार्विन का सिद्धांत](https://vaigyanikchetna.com/चार्ल्स-डार्विन/charles-darwin-death-anniversary-charles-darwin-significance-in-contemporary-world/) - विकास शर्मा जीव विज्ञान की दुनिया में चार्ल्स डार्विन के कार्यों की प्रासंगिकता आज भी है जितनी पहले थे. ये सच है कि आज कि दुनिया में हमारे पास अनुवाशिंकी,आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस के साथ उन्नत तकनीक और बेहतर जानकारी है जबकि नए तरह कै वायरस आदि की कई नई चुनौतियां भी हैं. जीव विज्ञान में बहुत - [18 अप्रैल, विश्व धरोहर दिवस : बेहद जरूरी है अपने सांस्कृतिक, ऐतिहासिक एवं प्राकृतिक विरासत की जानकारी एवं रक्षा](https://vaigyanikchetna.com/विश्व-धरोहर-दिवस-2023/world-heritage-day-2023-today-know-its-history-theme-importance-significance-sry/) - विश्व धरोहर दिवस अथवा विश्व विरासत दिवस प्रतिवर्ष 18 अप्रैल को दुनिया भर में मनाया जाता है। इस दिन को “स्मारकों और स्थलों के लिए अंतर्राष्ट्रीय दिवस” के नाम से भी जाना जाता है। इस दिवस को मनाने का मुख्य उद्देश्य यह है कि पूरे विश्व में मानव सभ्यता से जुड़े ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थलों - [17 अप्रैल, विश्व हीमोफीलिया दिवस : बेहद जरूरी है इस खतरनाक अनुवांशिक रक्त विकार को लेकर जन जागरूकता](https://vaigyanikchetna.com/विश्व-हीमोफीलिया-दिवस/world-haemophilia-day-2023-why-prevention-of-bleeds-as-the-global-standard-of-care-is-challenging/) - विकास शर्मा विश्व हीमोफीलिया दिवस लोगों की सेहत के लिहाज से बहुत अहम दिवस है क्योंकि इसमें सही जानकारी कई लोगों की जान बचाना आसान हो सकता है. पैतृक रक्तस्राव के नाम से मशहूर हीमोफीलिया अनुवांशिक विकार में खून के बहाव ना रुक पाने की समस्या के उपचार के कई विकल्प है. विश्व हीमोफीलिया फेडेरेशन - [अध्ययन : डॉक्टर की खराब हैंडराइटिंग के कारण भी दुनिया में मर जाते हैं हजारों लोग](https://vaigyanikchetna.com/डॉक्टर-खराब-हैंडराइटिंग/thousands-died-in-usa-due-to-bad-handwriting-in-medical-script-hundreds-dead-by-bedfall/) - दुनिया में मौत की भी अजीब वजहें होती हैं. आप यकीन नहीं करेंगे कि अमेरिका जैसे देश में मेडिकल स्क्रिप्ट की खराब हैंडराइटिंग से अब भी सालभर में हजारों लोग मर जाते हैं. बिस्तर से गिर जाने पर सैकड़ों लोगों की मौत हो जाती है. और भी मौत की कई ऐसी वजहें जो जानकर आप - [14 अप्रैल, अंबेडकर जयंती : देश के संविधान के निर्माण में भारत रत्न बाबा साहब डॉ भीमराव अम्बेडकर का था महत्वपूर्ण योगदान](https://vaigyanikchetna.com/अंबेडकर-जयंती-2023/ambedkar-jayanti-2023-know-date-history-significance-and-all-about-baba-saheb-bhimrao-aambedka/) - मीनल टिंगल देश के संविधान के निर्माण में अमूल्य योगदान देने वाले बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती 14 अप्रैल को मनाई जाती है. उन्होंने जाति व्यवस्था के खिलाफ आवाज उठाई थी और दलित समुदाय के अधिकारों के लिए संघर्ष किया था. आइये जानते हैं अंबेडकर जयंती मनाने के इतिहास, महत्त्व और उनसे जुड़ी - [13 अप्रैल : कृतज्ञ राष्ट्र आज जालियांवाला बाग की 104 वीं बरसी पर कर रहा है शहीदों को याद](https://vaigyanikchetna.com/जलियांवाला-बाग-हत्याकांड/miscellaneous-104th-years-of-jallianwala-bagh-massacre-know-history-significanc/) - रूही परवेज़ 13 अप्रैल, 1919 को डायर और उसके सैनिकों ने जलियांवाला बाग में प्रवेश किया और भीड़ को फंसाने के लिए एकमात्र निकास को अवरुद्ध कर दिया। बिना किसी चेतावनी के, डायर ने अपने सैनिकों को निहत्थी भीड़ पर गोली चलाने का आदेश दिया। लगभग दस मिनट तक गोलीबारी जारी रही, जब तक कि - [12 अप्रैल, मानव अंतरिक्ष उड़ान का अंतर्राष्ट्रीय दिवस : आज ही खुली थी मानव जाति के लिए अंतरिक्ष की असीम संभावनाएं](https://vaigyanikchetna.com/मानव-अंतरिक्ष-उड़ान-अंतर/international-day-of-human-space-flight-uri-gagarin-space-travel-opened-new-avenues/) - विकास शर्मा मानव अंतरिक्ष उड़ान का अंतरराष्ट्रीय दिवस हर साल 12 अप्रैल को मनाया जाता है क्योंकि इसी दिन साल 1961 को सोवियत संघ के यूरी गागरिन अंतरिक्ष में उड़ान भरने वाले पहले व्यक्ति बने थे और पृथ्वी का चक्कर लगाकर वापस लौटे थे. इन घटना ने अंतरिक्ष के क्षेत्र की अपार संभावनाओं को खोल - [बेहद जरूरी है जीवाश्म ईंधन से मुक्ति पर आसान नहीं है स्वच्छ ऊर्जा के विकल्प का चुनाव](https://vaigyanikchetna.com/रिसर्च/how-can-we-get-rid-of-fossil-fuels/) - सुनीता नारायण कोयला और प्राकृतिक गैस को अलग-अलग माने जाने का क्या औचित्य है, जबकि दोनों ही जीवाश्म ईंधन (फॉसिल फ्यूल) हैं? यह सवाल मैंने पिछले लेख में उठाया था, क्योंकि यह जलवायु न्याय से जुड़ा मसला है, और इससे भी महत्वपूर्ण बात पृथ्वी को गर्म बनाने के लिए जिम्मेदार जीवाश्म ईंधन द्वारा होने वाले उत्सर्जन - [देखिए धधकते सूरज की शीशे जैसी साफ अद्भुत तस्वीरें जिसे नासा के सहयोग से 90 हजार तस्वीरों को जोड़ कर तैयार किया गया](https://vaigyanikchetna.com/सूर्य-की-अद्भुत-तस्वीरें/woman-goes-uk-to-turkey-just-for-hair-treatment-worth-2000-bal-katane-hawai-jahaj-se-jati-hai-maila/) - प्रतीति पांडे हम अपनी नंगी आंखों से सूर्य को देख नहीं पाते क्योंकि इसमें इतनी ऊर्जा और रोशनी होती है कि आंखें चकाचौंध होने लगती है. हालांकि दो एस्ट्रोफोटोग्राफर्स ने मिलकर सूर्य की ऐसी क्लियर और क्लीन फोटो बनाई है. इसके लिए NASA के डेटा की मदद ली गई है. चलिए आपको दिखाते हैं सूरज - [7 अप्रैल, विश्व स्वास्थ्य दिवस : 75 वर्षों बाद भी सभी के लिए स्वास्थ्य क्यों बनी हुई है अब भी एक चुनौती ?](https://vaigyanikchetna.com/विश्व-स्वास्थ्य-दिवस-2023/world-health-day-2023-why-health-for-all-is-still-a-challenge-after-75-years/) - विकास शर्मा विश्व स्वास्थ्य संगठन के 75 वीं वर्षगांठ पर विश्व स्वास्थ्य दिवस को सभी के लिए समर्पित किया गया है. कोविड महामारी ने सबसे बड़ा सबक यही दिया है कि हम सभी को एक अच्छी सेहत देने का तंत्र तक विकसित नहीं कर सके हैं इसी लिए इस साल इस दिवस की थीम भी - [ग्वालियर में देश का पहला जियो साइंस म्यूजियम बना, उसमें आप देख सकेंगे पृथ्वी का जन्म, जीव की उत्पत्ति से लेकर डायनासोर तक का दौर](https://vaigyanikchetna.com/पहला-जियो-साइंस-म्यूजियम/gwalior-indias-first-geo-science-museum-is-ready-people-going-to-know-about-earth-related-information/) - सुशील कौशिक ग्वालियर में देश का पहला जियो साइंस म्यूजियम बनकर तैयार हो चुका है. म्यूजियम की पहली गैलरी बनकर तैयार है. इसमें पृथ्वी का जन्म, डायनासोर का दौर, पृथ्वी का सेंट्रल कोर और देश-दुनिया के बेशकीमती जेम्स-स्टोंन सहित अन्य जानकारियां मिल सकेंगी. साथ ही दूसरी गैलरी में पृथ्वी पर जीव जंतुओं की उत्पत्ति कैसे - [प्रतिबंध के बावजूद नहीं रुक पा रहा ग्लोबल वार्मिंग के लिए जिम्मेदार क्लोरोफ्लोरोकार्बन गैस का उत्सर्जन, रिकार्ड स्तर पर पहुंचा](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/record-levels-despite-ban-on-ozone-depleting-cfcs-study/) - दयानिधि धरती को सूर्य से बचाने वाली ओजोन परत को कमजोर करने वाली क्लोरोफ्लोरोकार्बन पर दुनिया भर में प्रतिबंध लगा दिया गया था, लेकिन वैज्ञानिकों ने खुलासा किया कि कुछ मानव निर्मित क्लोरोफ्लोरोकार्बन रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गई है। जलवायु में बदलाव करने वाला यह उत्सर्जन लगातार बढ़ रहा है। अध्ययन के अनुसार, मोंट्रियल प्रोटोकोल - [देश में कुल सीवेज का सिर्फ 28% ही ट्रीट हो रहा, बाकी गंदे प्रदूषित पानी को ऐसे ही नदियों, झीलों में छोड़ा जा रहा है](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/by-2050-the-amount-of-treated-wastewater-in-india-will-be-more-than-35-178-million-cubic-meters/) - ललित मौर्य देश में जैसे-जैसे आबादी बढ़ रही है, उसके साथ पानी की मांग भी दिन-प्रतिदिन बढ़ रही है। पानी की यह बढ़ती खपत बड़ी मात्रा में दूषित जल पैदा कर रही है, जिसे बड़े पैमाने पर ऐसे ही नदियों में छोड़ा जा रहा है। यदि भारत में पैदा हो रहे सीवेज और उसकी शोधन - [ISRO : इसरो को मिली एक और महत्वपूर्ण सफलता, स्पेस वीइकल की आटोनॉमस लैंडिंग हुई](https://vaigyanikchetna.com/रिसर्च/isro-successful-conduct-reusable-launch-vehicle-rlv-autonomous-landing-mission/) - सुमित कुमार भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO)ने स्‍पेस वीइकल की ऑटोमेटिक लैंडिंग में एक नई सफलता हासिल की है. एक हेलिकॉप्‍टर के जरिए रीयूजेबल लॉन्‍च वीइकल (RLV) के स्‍केल्‍ड डाउन वर्जन को छोड़ा गया था. कल रविवार को यह परीक्षण सफल रहा. भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने एक नई ऊंचाई हासिल करते हुए रीयूजेबल - [सर्वेक्षण रिपोर्ट : स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रही हैं भारत की 51 प्रतिशत महिलाएं](https://vaigyanikchetna.com/रिसर्च/51-per-cent-women-in-india-are-suffering-from-health-related-problems-report/) - दयानिधि एक स्वास्थ्य सेवा संबंधी मंच या हेल्थकेयर प्लेटफॉर्म जिओक्यूआईआई के अनुसार, भारत में 51 प्रतिशत महिलाएं स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं से जूझ रही हैं। महिला स्वास्थ्य को लेकर किए गए सर्वेक्षण रिपोर्ट "लिव वेल एंड स्टे हेल्दी: लाइफस्टाइल इज ए पावरफुल मेडिसिन," 2022-23 के मुताबिक, भारत में 51 प्रतिशत महिलाएं मासिक धर्म की अनियमितता, पॉलीसिस्टिक - [स्मृति दिवस : तर्कशक्ति और कल्पना शक्ति के धनी थे दुनिया के सर्वकालिक एवं महान वैज्ञानिक आइजैक न्यूटन](https://vaigyanikchetna.com/आइजैक-न्यूटन-death-anniversary/isaac-newton-death-anniversary-role-of-alchemy-in-the-mysterious-death-of-newton/) - विकास शर्मा दुनिया के सर्वकालिक और महान वैज्ञानिक माने जाने वाले सर आइजैक न्यूटन की मौत रहस्यमी परिस्थितियों में हुई थी. उनकी मौत से कुछ दिन पहले तक उनकी गतिविधियां रहस्यमयी हो गई थीं. उनके अल्केमी पर शोधपत्र और मृत्यु के बाद उनके शरीर में भारी मात्रा पारे का पाया जाना कई संदेहों को पैदा - [रिपोर्ट : देश के अधिकांश राज्यों में हीट एक्शन प्लान (एच ए पी) ठीक नहीं, इसके कारण सबसे गरीब लोग झेलने को मजबूर होंगे लू की मार](https://vaigyanikchetna.com/रिसर्च/without-a-proper-action-plan-to-combat-the-heat-india-s-poorest-will-continue-to-suffer-from-heatwaves-repor/) - दयानिधि सेंटर फॉर पॉलिसी रिसर्च (सीपीआर) की एक नई रिपोर्ट "हाउ इज इंडिया एडाप्टिंग टू हीटवेव्स?" से पता चलता है कि देश गर्मी का सामना करने के लिए पूरी तरह से तैयार नहीं है। गर्मी से निपटने की योजना या हीट एक्शन प्लान (एचएपी) क्या हैं? हीट एक्शन प्लान (एचएपी) भारत में खतरनाक गर्मी, लू - [खाने की गुणवत्ता एवं न्यूट्रिशन लेबलिंग के बारे में जागरूकता है बेहद जरूरी, भारतीय बच्चे एवं अभिभावक हैं इसमें काफी पीछे](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/indian-children-and-parents-lack-awareness-about-food-quality-and-nutrition-labelling/) - ललित मौर्या बच्चे आने वाले कल का भविष्य हैं, लेकिन यह भविष्य कितना स्वस्थ होगा, यह इस बात पर निर्भर करता है कि वो बचपन में क्या खाते हैं और वो कितना पोषक होता है। मौजूदा स्थिति यह है कि बच्चे, जंक फूड और तले भोजन के मायाजाल में इस कदर उलझे हैं कि उन्हें - [मानसिक स्वास्थ्य : आखिर हम चीजों एवं बातों को भूल क्यों जाते हैं ? इस पर क्या कहता है विज्ञान](https://vaigyanikchetna.com/रिसर्च/why-do-we-forget-what-does-science-say-why-do-our-memories-change-memory-issues/) - अमृत चंद्र कई बार हम घर से निकलते समय कार की चाभी या अपना वॉलेट ले जाना भूल जाते हैं. फिर पार्किंग में पहुंचकर अहसास होता है और हम वापस घर जाकर चाभी लाते हैं. कई बार हाथ में बंधी हुई घड़ी या सिर के ऊपर लगा हुआ चश्‍मा पूरे घर में ढूंढने लगते हैं. - [27 मार्च, स्मृति दिवस : 45 वर्षों बाद सामने आया दुनिया के पहले अंतरिक्ष यात्री यूरी गागरिन की असामयिक मौत का सच](https://vaigyanikchetna.com/स्मृति-दिवस-2023/yuri-gagarin-death-anniversary-how-yuri-gagarin-died-revealed-after-45-years/) - विकास शर्मा अंतरिक्ष में दुनिया में सबसे पहले जाने वाले रूस के यूरी गागरिन की मौत विमान हादसे में हुई थी. लेकिन इस हादसे की वजह की विस्तार से खुलासा लोगों के सामने हादसे के 45 साल बाद ही हो पाया जब रूसी सरकार ने जांच से सबंधित दस्तावेजों का खुलासा किया. तब तक हादसे - [24 मार्च, विश्व क्षय (TB) दिवस : कुल 25% रोगी भारत में, जन जागरूकता एवं सहभागिता से ही संभव है उसे हराना](https://vaigyanikchetna.com/विश्व-क्षय-tb-दिवस-2023/health-world-tuberculosis-day-2023-tb-disease-treatment-delhi-aiims-doctor-urvashi-tells-3-big-benefits-of-early-tb-test-tuberculosis-diagnosis/) - 24 मार्च 2023।‌ आज विश्व क्षय रोग ( TB ) दिवस है। वैसे तो कभी भयावह एवं जानलेवा माना जाने वाला क्षय रोग ( ट्यूबरक्यूलोसिस) अब उतना डरावना नहीं रहा। विज्ञान एवं तकनीकी क्षेत्र में प्रगति एवं चिकित्सा क्षेत्र में व्यापक सुधार ने उसे लगभग सामान्य बीमारी की स्थिति में ला खड़ा किया है।‌ हालांकि - [23 मार्च : भगतसिंह शहादत दिवस : आइए, सभी प्रकार की गैर बराबरी का खात्मा कर समतामूलक, तर्कशील समाज के निर्माण का संकल्प लें](https://vaigyanikchetna.com/शहादत-दिवस-2023/report-shaheed-diwas-2023-why-march-23-observed-shaheed-diwas-know-bhagat-singh-sukhdev-rajguru-sacrifice/) - आज 23 मार्च है। भगतसिंह शहादत दिवस। इसी दिन भारत माता के तीन वीर सपूतों, भगतसिंह, राजगुरु एवं सुखदेव ने देश की आजादी के लिए हंसते हंसते फांसी के फंदे को चूम लिया था। भगतसिंह ने न सिर्फ देश की आजादी का, बल्कि सभी प्रकार के भेदभाव, शोषण उत्पीड़न से रहित अंधविश्वास मुक्त, तर्कशील, विज्ञानसम्मत - [22 मार्च, विश्व जल दिवस : धरती पर जीवन के लिए सबसे महत्वपूर्ण संसाधनों में से एक है जल, इसका बेहतर प्रबंधन जरूरी](https://vaigyanikchetna.com/विश्व-जल-दिवस-2023/miscellaneous-world-water-day-2023-22-march-celebrated-as-world-water-day-know-how-its-started-and-theme/) - विश्व जल दिवस का उद्देश्य लोगों को स्वच्छ जल मुहैया कराने के साथ-साथ इसके संरक्षण के प्रति भी जागरूक करना है. चलिए आपको बताते हैं कि विश्व जन दिवस का इतिहास, महत्व और साल 2023 में इसकी थीम क्या रखी गई है. दुनिया भर में 22 मार्च का दिन विश्व जल दिवस के तौर पर - [21 मार्च, विश्व कविता दिवस : भावनाओं को अभिव्यक्त करने का सशक्त माध्यम कविताएं करती हैं हमारे जीवन को गहरे प्रभावित](https://vaigyanikchetna.com/विश्व-कविता-दिवस-2023/world-poetry-day/) - जीवन में कविताओं के महत्व को समझाने के लिए हर साल 21 मार्च के दिन को विश्व कविता दिवस के रूप में मनाया जाता है. विश्व कविता दिवस मनाए जाने की शुरुआत पेरिस से मानी जाती है. सबसे पहली बार 1999 में संयुक्त राष्ट्र के सदस्यों ने जीवन में कविता की भूमिका को सम्मानित करने - [20 मार्च, इंटरनेशनल डे आफ हैप्पीनेस : व्यक्ति के जीवन के लक्ष्यों में महत्वपूर्ण हैं खुशियां, खुशहाल समाज का निर्माण बेहद जरूरी](https://vaigyanikchetna.com/इंटरनेशनल-डे-ऑफ-हैप्पीने/international-day-of-happiness-2023-being-mindful-grateful-and-kind-can-make-us-happy/) - विकास शर्मा 20 मार्च को हर साल इंटरनेशनल डे ऑफ हैप्पीनेस मनाया जाता है. साल 2013 में सयुंक्त राष्ट्र ने इसे मानना शुरू किया था. इसका उद्देश्य आर्थिक वृद्धि की नीति को समावेशी बनाना है जिससे सभी लोगों का सेहतमंद और खुशियों वाला जीवन प्रोत्साहित हो सके. खुश रहने के लिए आपको बहुत कुछ करने - [नासा के वैज्ञानिकों का अद्भुत प्रयोग, अंतरिक्ष यात्रियों ने स्पेस में जीरो ग्रैविटी पर चाय/काफी पीकर दिखाया](https://vaigyanikchetna.com/अंतरिक्ष/america-nasas-space-cup-makes-it-possible-to-drink-coffee-in-zero-gravity/) - पृथ्वी की तरह स्पेस में जीवन व्यतीत करना मुश्किल है, क्योंकि वहां जीरो ग्रेविटी है. अंतरिक्ष यात्रियों के लिए खान-पान मुश्किल है इसलिए वह किसी स्पेशल पाउच के जरिए कुछ खाते पीते हैं. बीते 3 मार्च को नासा का एक एक्सपेरिमेंट वीडियो सामने आया है. NASA के ISS यानी इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन ने यह वीडियो - [17 मार्च, जन्मदिन : बेहद जुनूनी, भारतीय मूल की पहली महिला अंतरिक्ष यात्री कल्पना चावला ने बचपन में ही देखे थे ऊंची उड़ान के सपने](https://vaigyanikchetna.com/कल्पना-चावला-जन्मदिन/kalpana-chawla-birthday-women-of-indian-origin-very-passionate-for-space/) - विकास शर्मा कल्पना चावला अमेरिका और भारत की ही नहीं दुनिया भर की लड़कियों के लिए प्रेरणा हैं. वे भारतीय मूल की पहली महिला अंतरिक्ष यात्री थीं साथ भारत से अमेरिका में जाकर पढ़ाई कर देश का नाम रोशन करने वालों की सूची में प्रमुख स्थान रखती हैं. कल्पना चावला भारतीय मूल की पहली महिला - [16 मार्च, राष्ट्रीय टीकाकरण दिवस ‌: स्वस्थ जीवन के लिए बेहद महत्वपूर्ण है वैक्सीन एवं सबों का टीकाकरण](https://vaigyanikchetna.com/राष्ट्रीय-टीकाकरण-दिवस/knowledge-national-vaccination-day-2023-vaccine-works-for-everyone-why-it-is-a-necessity/) - विकास शर्मा राष्ट्रीय टीकाकरण दिवस के मौके पर भारत में इस साल “वैक्सीन वर्क फॉर एवरीवन” थीम रखी गई है जिससे देश का टीकाकरण तंत्र को और ज्यादा कारगर बना कर यह सुनिश्चित किया जा सके कि जरूरी टीके देश के हर शिशु और बच्चे को लग रहे हैं और इस कार्य मे लगे लोगों - [खोज : खगोलविदों ने एक नए धूमकेतु (Comet) की खोज की‌, जो हो सकती है अगले साल की एक बड़ी खोज साबित](https://vaigyanikchetna.com/अंतरिक्ष/astronomers-discovered-new-comet-c2023-a3-suchinshan-atlas-dhuketu-may-be-the-brightest-star-next-year/) - दीप राज दीपक खगोलविदों ने सी/2023 ए 3 (सुचिंशान-एटलस) नामक एक नए धूमकेतु की खोज की है, जो संभवत: अगले साल की एक बड़ी खोज साबित हो सकती है. इस धूमकेतु के पृथ्वी और सूर्य के निकट पहुंचने में अब भी 18 महीने से अधिक की देरी है. खगोलविदों ने सी/2023 ए 3 (सुचिंशान-एटलस) नामक - [14 मार्च, पाई (π) डे : एक ऐसा दिन जो प्रत्येक वर्ष 14 मार्च को एक खास समय पर ही मनाया जाता है](https://vaigyanikchetna.com/पाई-डे-दिवस/14-march-pi-day-amazing-coincidence-related-to-mathematics-mystery-number-p/) - शकील खान 'पाई डे' ऐसा दिवस है जो हर साल 14 मार्च को दोपहर एक बजकर उनसठ मिनिट (1.59 बजे) पर मनाया जाता है. ये दिन और समय ऐसे ही तय नहीं किया गया है, इसके पीछे लॉजिक है, मेथेमेटिकल केक्‍यूलेशन है. गणित में यूं ही कोई तुक्‍का नहीं भिड़ाया जाता, गणित में कोई बात - [मेडिकल साइंस ने अब तक दुनिया की अनेक घातक बीमारियों पर काबू पाया पर कई मामलों में वह अब भी लाचार](https://vaigyanikchetna.com/रिसर्च/those-serious-disease-which-remedy-not-developed-by-medical-science/) - संजय श्रीवास्तव दुनिया में कई बीमारियां ऐसी हैं जिनके आगे अब तक मेडिकल साइंस भी लाचार है. इनका इलाज तलाशा नहीं जा सका है, अलबत्ता उन्हें कुछ हद तक धीमा और स्थिर करने का काम जरूर हुआ है. यकीनन चिकित्सा विज्ञान की तरक्की के साथ दुनियाभर में तमाम बीमारियों पर काबू पाया गया है. तमाम - [शोध : वैज्ञानिकों ने बायो जेल तैयार किया जिससे हार्ट अटैक के बाद रिपेयर किया जा सकेगा दिल](https://vaigyanikchetna.com/शोध/biogel-repair-heart-after-heart-attack-treatment-damage-heart-biodegradable-gel-satish-kaushik-death/) - अमृत चंद्र शोध की रिपोर्ट के मुताबिक, बायो जेल का ट्रायल चूहों पर किया गया. इससे उनके शरीर की सूजन काफी कम हुई. साथ ही हार्ट को हुए नुकसान को इसने रिपेयर भी किया. चूहों पर ट्रायल के दौरान ब्रेन इंजुरी में भी इसका इस्‍तेमाल किया गया और नतीजे चौंकाने वाले थे. देश में पिछले - [पूरी तरह सुरक्षित हवा में सांस ले पा रही है दुनिया की सिर्फ 0.001 प्रतिशत आबादी, शेष प्रदूषित हवा के भरोसे](https://vaigyanikchetna.com/रिसर्च/only-0-001-percent-of-the-world-s-population-is-breathing-in-safe-ai/) - ललित मौर्य जर्नल लैंसेट प्लैनेटरी हैल्थ में प्रकाशित एक नई रिसर्च से पता चला है कि दुनिया की केवल 0.001 फीसदी आबादी ही सुरक्षित हवा में सांस ले रही है। जहां प्रदूषण का वार्षिक औसत स्तर पांच माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर से कम है। मतलब की भारत सहित दुनिया की ज्यादातर आबादी ऐसी हवा में - [अध्ययन : प्रकृति के बीच सामाजिक मेलजोल से गुणात्मक रूप से बेहतर होती है बुजुर्गों के जीवन की गुणवत्ता](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/nature-improves-the-life-quality-of-older-adults/) - विकास शर्मा बुजुर्गों पर हुए अध्ययन में पाया गया है कि प्रकृति के साथ समय बिताने से और वहां के वातावरण में सामाजिक मेल जोल को बढ़ाने से शारीरिक और मानसिक सेहत के साथ जीवन की गुणवत्ता बेहतर होती है. इस अध्ययन के नतीजे उनके कंपनियों के लिए बहुत काम के हैं जो बुजुर्गों के - [6 मार्च, जन्मदिन : बेहद कम उम्र में ही प्रसिद्ध हो गए थे दुनिया के बेहतरीन मूर्तिकार, वास्तुकार, कवि और चित्रकार माइकल एंजेलो](https://vaigyanikchetna.com/माइकल-एंजेलो-जन्मदिन/michelangelo-birth-anniversary-why-michelangelo-was-great-artist-of-his-time/) - माइकल एंजिलो इटली के एक प्रसिद्ध मूर्तिकार, चित्रकार, वास्तुकार, और उच्च पुनर्जागरण के तौर के प्रख्यात कवि थे. लॉरेटियन पुस्तकालय में मेनेरनिस्ट शैली की डिजाइन उन्हीं की देन थी. वे पहले ऐसे पश्चिमी कलाकार थे जिसकी जीवनी उसी के जीवनकाल में ही छप गई थी और वह भी एक नहीं बल्कि दो जीवनियां प्रकाशित हुई थीं. - [वैज्ञानिकों ने मानव कोशिकाओं का इस्तेमाल कर लैब में बनाया बायोकंप्यूटर, किया आर्गेनॉयड इंटेलिजेंस का इस्तेमाल](https://vaigyanikchetna.com/रिसर्च/what-is-biocomputer-brain-computer-organoid-better-then-artificial-intelligence-organoid-intelligence/) - अमृत चंद्र वैज्ञानिकों ने मानव कोशिकाओं का इस्‍तेमााल कर लैब में बायोकंप्‍यूटर बनाया है. उनके मुताबिक, उन्‍होंने ऑर्गेनॉयड इंटेलिजेंस का इस्‍तेमाल कर ऐसा कंप्‍यूटर बना लिया है, जो इंसानों की तरह सोच-समझकर फैसला लेगा. उनका दावा है कि ये आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के मुकाबले ज्‍यादा सक्षम होगा. हॉलीवुड की साइंस फिक्‍शन मूवीज में सभी ने देखा - [जिज्ञासा : आखिर क्यों बॉयल करते ही सॉलिड बन जाता है अंडा, क्या है इसका वैज्ञानिक कारण ?](https://vaigyanikchetna.com/रिसर्च/why-do-eggs-turn-from-liquid-to-solid-on-heating-boiling-papa-got-bold-on-daughter-question/) - संतोष कुमार बच्चे कई बार ऐसे सवाल पूछ बैठते हैं, जिनके बारे में हम सपने में भी नहीं सोचते. वे बेहद सामान्य बातें होती हैं, लेकिन अचानक जवाब नहीं सूझता. ऐसे ही एक बातूनी बेटी के सवाल पर आज चर्चा करते हैं. टेलीविजन और इंटरनेट की दुनिया ने बच्चों को बहुत ही क्यूरियस बना दिया - [जानकारी : दुनिया में बन रहे भविष्य के 6 सबसे खास शहर, भविष्य के शहर के निर्माण में भारत भी शामिल](https://vaigyanikchetna.com/खास-शहर/world-6-most-futuristic-cities-being-built-now/) - विकास शर्मा दुनिया में भविष्य के शहर अब कल्पना नहीं बल्कि साकार दिखाई देंगे और उसमें लोग रह भी सकेंगे और वहां रहना बहुत महंगा भी नहीं होगा, मुश्किल हो सकता है. अमेरिका, मैक्सिको, सऊदी अरब, चीन, दक्षिण कोरिया और भारत में ऐसे शहर तैयार किए जा रहे हैं जिनके डिजाइन हमें कल्पना की दुनिया - [28 फरवरी, राष्ट्रीय विज्ञान दिवस : आइए, हम अपना संवैधानिक कर्तव्य निभाएं, समाज में वैज्ञानिक चेतना फैलाएं](https://vaigyanikchetna.com/राष्ट्रीय-विज्ञान-दिवस-2023/rashtriya-vigyan-diwas-why-do-we-celebrate-national-science-day-cv-raman/) - विकास शर्मा भारत में हर साल 28 फरवरी को ही राष्ट्रीय विज्ञान दिवस मनाया जाता है, लेकिन इस दिन ना तो दुनिया के ना ही किसी भारतीय वैज्ञानिक का जन्मदिन या पुण्यतिथि हैं. इस दिन सीवी रमन ने सबसे बड़ी वैज्ञानिक उपलब्धि हासिल की थी और वैज्ञानिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के लिए यह दिवस - [शोध : बहुत मुश्किल नहीं है बाल मस्तिष्क पर पड़ने वाले स्क्रीन टाइम के नकारात्मक प्रभावों को कम करना](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/screen-time-negative-effects-on-children-can-be-mitigated-by-an-easy-way-says-study/) - विकास शर्मा बच्चों का मोबाइल, टैबलेट और टीवी स्क्रीन पर ज्यादा समय बिताना एक बड़ी समस्या बनता जा रहा है. जापान में हुए अध्ययन में पाया गया है कि स्क्रीन पर ज्यादा समय बिताने का खराब असर पड़ता है. पाया गया कि बच्चों का ज्यादा बाहर खेलना इसके बुरे असर को बहुत हद तक कम - [अध्ययन : मंगल ग्रह पर जीवन की खोज में क्यों आ रही है दिक्कत, नए शोध में हुआ बड़ा खुलासा](https://vaigyanikchetna.com/रिसर्च/life-on-mars-study-suggests-better-tools-required-for-research/) - महिमा भारती रोबोटिक रोवर्स वर्तमान में मंगल की सतह की खोज कर रहे हैं. रोवर के मिशन के एक भाग के तहत जीवन के संकेतों का पता लगाने के लिए ग्रह का सर्वेक्षण करना है. हो सकता है कि खोजने के लिए वहां कुछ न हो लेकिन तब क्या जब वहां कुछ हो और रोवर्स - [जानकारी : आखिर सभी कुएं सदियों से गोल ही क्यों होते हैं, तिकोना या चौकोर क्यों नहीं, क्या है इसका वैज्ञानिक कारण ?](https://vaigyanikchetna.com/रिसर्च/must-have-often-seen-round-well-but-do-you-know-the-reason-for-its-shape-scientific-reason-behind/) - शिवानी त्रिपाठी आपने अक्सर गोल कुएं देखे होंगे. अधिकांश में समानता उसका आकार ही होती है. कुएं अक्सर गोलाकार ही देखे जाते हैं. लेकिन क्या कभी सोचा है कि कुआं चौकोर-त्रिकोण ना होकर गोल ही क्यों होता है. अगर नहीं तो जान लीजिये. दुनिया में बहुत सी ऐसी चीजें हैं जो आपने देखी तो कई - [लोगों में वैज्ञानिक समझ विकसित करने की दिशा में बेहद महत्वपूर्ण प्रयास है "विज्ञान एवं ब्रह्माण्ड" पुस्तक श्रृंखला](https://vaigyanikchetna.com/विज्ञान-और-ब्रह्माण्ड/blog-post_16-htmlfbclidiwar1usjf4zycp0n_q1nmjhxhhmyxflsebrgdd6bbb-44evl_o7zqvvnosmog/) - नवीन जोशी अंतरिक्ष में स्थापित अब तक की सबसे बड़ी दूरबीन 'जेम्स वेब' से मिले ब्रह्माण्ड के पहले चित्र जब जुलाई 2022 में जारी किए गए तो, आम जनता ने ही नहीं, विज्ञानियों ने भी उन्हें एक चमत्कार की तरह देखा। अखबारों ने उन्हें पहले पेज पर प्रकाशित किया और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में उन्हें तरह-तरह - [जलवायु परिवर्तन से प्रभावित होंगे इंटरनेट से जुड़े समुद्र में बिछे केबलों के जाल, अगले 100 वर्ष में होंगे 97% क्षेत्र प्रभावित](https://vaigyanikchetna.com/रिसर्च/the-shadow-of-climate-change-hovering-over-the-internet-and-digital-data-around-the-world-including-india/) - ललित मौर्या समुद्रतल पर तारों का जाल बिछा है, जो पूरी दुनिया में इंटरनेट और करीब 95 फीसदी डिजिटल आंकड़ों को नियंत्रित करता है, इसमें हर दिन होने वाली ट्रिलियन डॉलर की वित्तीय ट्रेडिंग की जानकारी से लेकर सोशल मीडिया संचार तक सभी कुछ शामिल है। गौरतलब है कि वैश्विक अर्थव्यवस्था इन 400 से ज्यादा - [खोज : अब कैंसर मरीजों की मौत का सही समय बताना हुआ संभव, ब्रिटिश डॉक्टर की खोज ने मचाया तहलका](https://vaigyanikchetna.com/रिसर्च/doctor-predicts-death-with-new-invention-that-gives-exact-time-of-death-to-terminal-patients-death-prediction-is-possible/) - प्रतीति पांडे ब्रिटिश डॉक्टर सीमस कोइल पिछले कई सालों से कैंसर के मरीज़ों पर शोध कर रहे थे और अब वे एक ऐसे आविष्कार तक पहुंच गए हैं, जिससे इंसान की मौत का सही वक्त पता चल सकेगा. जानिए, कैसे पता चल जाएगा मौत का सही डेट. विज्ञान ने इतनी प्रगति कर ली है कि - [रिसर्च : वैज्ञानिकों ने खोजा एंटीबायोटिक दवाओं के प्रतिरोधी बैक्टीरिया को मार सकने वाला नया वायरस](https://vaigyanikchetna.com/रिसर्च/interesting-scientists-discovered-new-virus-that-can-kill-resistant-bacteria/) - दयानिधि डेनमार्क के वैज्ञानिकों ने पहले अज्ञात वायरस प्रजातियों को शामिल करके दुनिया भर में शोधकर्ताओं और छात्रों को आश्चर्य में डाल दिया है। यह कारनामा डैनिश खाड़ी में ओडेंसे ए और लिंडवेड ए ने करके दिखाया है। इस बात की जानकारी देते हुए प्रोफेसर क्लेयर किर्कपैट्रिक ने कहा, हमने पांच नई प्रजातियों की खोज - [WHO ने अब मारबर्ग वायरस के बढ़ते प्रकोप से चेताया, इसके कारण होता है गंभीर रक्तस्रावी बुखार](https://vaigyanikchetna.com/रिसर्च/marburg-virus-outbreak-what-are-its-symptoms-and-treatment-know-here/) - दयानिधि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार, भूमध्यवर्ती गिनी में मारबर्ग वायरस रोग के पहले प्रकोप की पुष्टि हुई है। इस इबोला से संबंधित वायरस के कारण कम से कम नौ मौतें हुई हैं। 13 फरवरी को, संयुक्त राष्ट्र की स्वास्थ्य शाखा ने बताया कि स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारी के चेतावनी के बाद पश्चिम अफ्रीकी देश - [17 फरवरी, शहादत दिवस : सूर्य को ब्रह्मांड का केंद्र बताने के कारण धर्मांध सत्ता ने खगोल विज्ञानी जियोर्दानो ब्रूनो को जिंदा जला दिया था](https://vaigyanikchetna.com/शहादत-दिवस/february-17-martyrdom-day-astronomer-giordano-bruno-reveals-the-center-of-the-universe-to-the-sun-and-fanatics-burn-him-alive-2/) - जियोर्दानो ब्रूनो 16वीं सदी के प्रसिद्ध इटेलियन दार्शनिक, खगोलशास्त्री, गणितज्ञ और कवि थे। उनका जन्म सन् 1548 में शोला, इटली में हुआ था, जबकि उनके खगोलीय विचारों के कारण तत्कालीन धर्मांध सत्ता - व्यवस्था ने 17 फरवरी, 1600 को उन्हें जिंदा जला कर मार डाला। इस प्रकार उन्होंने धर्मांधता, संकीर्णता पूर्वाग्रह एवं कट्टरता का साहस - [तुर्किये - सीरिया में खतरनाक भूकंप की भविष्यवाणी करने वाले डच रिसर्चर ने अब भारत को महाभूकंप के लिए चेताया](https://vaigyanikchetna.com/रिसर्च/researcher-frank-hoogerbeets-huge-earthquake-in-indian-continet-also-predicted-earthquake-in-turkey/) - दीप राज दीपक हूगरबीट्स ने तुर्किये क्षेत्र में भूकंप आने की की भविष्यवाणी की थी. हूगरबीट्स की अन्य वीडियो इंटरनेट पर वायरल हो रहा है. वीडियो में वे भारतीय उपमहाद्वीप के हिंद महासागर क्षेत्र पर यानी भारत-पाकिस्तान सहित अफगानिस्तान के आसपास के कई इलाकों में बड़ा भूकंप आने का दावा कर रहे हैं. तुर्किए और - [अब संभव है भूकंपरोधी शहर बसाना, आखिर कैसा होगा भूकंपरोधी शहर जिस पर नहीं होगा झटकों का असर ?](https://vaigyanikchetna.com/रिसर्च/how-earthquake-resistant-city-looks-like-lessons-from-turkey-syria-earthquake/) - विकास शर्मा दुनिया में भूकंप की वजह से आने वाली तबाही काफी कम हो सकती है.तुर्किए सीरिया में आए भूकंप हमें सिखाते हैं कि हमें अपने शहरों का नियोजन और डिजाइनिंग ऐसे करना होगा जिससे नुकसान ना हो और पूरा का पूरा शहर ही भूकंप के झटके झेल सके. दुनिया में अभी कई जगह ऐसे - [व्यक्ति चर्चा : भारत के मिलेट (Millet) मैन के रूप में चर्चित हैं डॉ खादिर वली, जो कृषि क्षेत्र में ला रहे हैं क्रांति](https://vaigyanikchetna.com/मिलेट-मैन-डॉ-खादर-वली/who-is-dr-khadar-vali-millet-man-of-india-inspiring-revolution-for-millets/) - भारत सहित पूरी दुनिया में अब गेहूं चावल की जगह मोटे अनाजों पर जोर दिया जा रहा है. भारत ने भी निकट भविष्य में मोटे अनाजों की संभावनाओं को देखते हुए इस दिशा में प्रयास तेज किए हैं. इसके लिए कृषि वैज्ञानिक और खाद्य विशेषज्ञ डॉ खादर वली पिछले 20 सालों से भी ज्यादा समय से - [12 फरवरी, जन्मदिन : 'जैव विकास का सिद्धांत' ने चार्ल्स डार्विन को मानव इतिहास का सबसे बड़ा वैज्ञानिक बना दिया](https://vaigyanikchetna.com/चार्ल्स-रॉबर्ट-डार्विन-ज/the-origin-of-species-by-charles-darwin-history-and-significance-greatest-biologist-of-humanit/) - चार्ल्‍स डार्विन ने 24 नवंबर वर्ष 1859 में अपनी पुस्‍तक 'ऑन द ओरिजिन ऑफ स्पीशीज़' प्रकाशित की थी. शताब्‍दियों तक जीव विज्ञान में हुई खोजें उनके सिद्धांत को सही साबित करती हैं. डार्विन दिवस का उद्देश्य लोगों को उनकी बौद्धिक जिज्ञासाओं का पालन करने के लिए प्रेरित करना है। यह हमें वैज्ञानिक तरीकों से सच्चाई - [11 फरवरी, जन्मदिन : बचपन बेहद गरीबी में गुजारने वाले थॉमस एल्वा एडिशन को हौसले व कड़ी मेहनत ने फर्श से अर्श तक पहुंचाया](https://vaigyanikchetna.com/थॉमस-एल्वा-एडिशन-जयंती/bizarre-news-today-history-27-january-thomas-alva-edison-electric-bulb-invention-story-aaj-ka-itihas/) - हर घर को रोशन करने वाले बल्ब की कहानी बहुत रोचक है। बल्ब के आविष्कार को किसी चमत्कार से कम नहीं माना जाता है। 19वीं शताब्दी के आखिर में बल्ब का आविष्कार हुआ था जिसे विज्ञान की दुनिया में सर्वश्रेष्ठ आविष्कारों में से एक माना जाता है। बल्ब ने रात के अंधरे में रोशनी फैलाने का - [उपलब्धि : इसरो (ISRO) ने लॉन्च किया अपना सबसे छोटा रॉकेट, 3 उपग्रहों के साथ भरी अंतरिक्ष की सफल उड़ान](https://vaigyanikchetna.com/रिसर्च/isro-today-launch-its-smallest-rocket-sslv-d2-from-sdsc-sriharikota-inject-three-satellites-in-earth-lower-orbit/) - दीपक मिश्रा इसरो के अनुसार, एसएसएलवी 'लॉन्च-ऑन-डिमांड' के आधार पर पृथ्वी की निचली कक्षाओं में 500 किलोग्राम तक के उपग्रहों के प्रक्षेपण को पूरा करता है. रॉकेट SSLV-D2 बहुत कम लागत में अंतरिक्ष तक पहुंच प्रदान करता है, कम टर्न-अराउंड समय और कई उपग्रहों को एक साथ अंतरिक्ष की कक्षा में स्थापित करने में सक्षम - [तुर्की में भूकंप की तबाही : आखिर कैसे मापी जाती है भूकंप की तीव्रता और उसमें क्या होता है उसके केंद्र का महत्व](https://vaigyanikchetna.com/रिसर्च/turkey-earthquake-how-its-intensity-is-measured-what-is-importance-of-its-centre/) - तुर्की में आए भूकंपों की वजह से आई तबाही ने दुनिया को हैरान किया है. इस तरह की तीव्रता के आए भूंकपों में से ये सबसे ज्यादा तबाही मचाने वालों में से एक माना जा रहा है. वैसे तो भूकंप के कारण आई तबाही में कई कारक शामिल होते हैं, लेकिन आमतौर पर भूकंप की - [सावधान : खसरे के वायरस से व्यक्ति में हो सकता है जानलेवा दिमागी बुखार का खतरा- शोध](https://vaigyanikchetna.com/शोध/measles-virus-may-cause-fatal-encephalitis-research/) - दयानिधि जापान में शोधकर्ताओं ने खसरे के संक्रमण के कई साल बाद होने वाले एक दुर्लभ लेकिन घातक दिमागी विकार 'सबस्यूट स्क्लेरोजिंग पैन एन्सेफलाइटिस (एसएसपीई)' नामक बीमारी होने के पीछे के कारणों का पता लगाया है। हालांकि खसरे का वायरस सामान्य रूप से तंत्रिका तंत्र को संक्रमित नहीं कर सकता है, टीम ने पाया कि - [संकट में है संरक्षित रक्तचंदन : रोक के बावजूद पिछले 5 वर्षों में हुआ हजारों टन लकड़ी का अवैध निर्यात](https://vaigyanikchetna.com/वन्यजीव/forest-19-049-tonnes-of-red-sanders-were-smuggled-from-india-between-2016-and-2020/) - ललित मौर्या रक्त चंदन, वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की चौथी अनुसूची में संरक्षित प्रजातियों की सूची में शामिल है इसके बावजूद इसका अवैध व्यापार प्रजाति पर मंडराते गंभीर खतरे को उजागर करता है। देश में रक्त चंदन का अवैध व्यापार तेजी से फल-फूल रहा है। इसकी पुष्टि अंतराष्ट्रीय संगठन ट्रैफिक और डब्ल्यूडब्ल्यूएफ-इंडिया द्वारा जारी नई - [अंतरिक्ष में पहली बार खोजा गया किलोनोवा, टकराएंगे दो न्यूट्रॉन तारे,10 अरब में एक ही बार होती है यह घटना](https://vaigyanikchetna.com/रिसर्च/kilononva-vs-supernova-astronomers-discover-a-one-in-10-billion-kilonova-in-waiting-neutron-star-merging-for-first-time/) - अमृत चंद्र खगोलशास्त्रियों के मुताबिक, आकाशगंगा में न्यूट्रॉन सितारों का विलय से होने वाला विस्‍फोट पहली बार देखा जाएगा. इसे किलोनोवा के रूप में जाना जाता है. इससे खगोल विज्ञान की कई धारणाएं हमेशा के लिए बदल जाएंगी. अंतरिक्ष में हर दिन सैकड़ों आकाशीय घटनाएं होती रहती हैं. इनमें से हमारे अंतरिक्ष विज्ञानी और खगोलशास्‍त्री - [4 फरवरी, विश्व कैंसर दिवस : बेहद जरूरी है कैंसर को लेकर व्यापक जन जागरूकता एवं इसके खिलाफ मिलकर लड़ाई](https://vaigyanikchetna.com/विश्व-कैंसर-दिवस-2023/world-cancer-day-2023-theme-history-significance-and-timeline/) - चैल्सी रघुवंशी विश्व कैंसर दिवस हर साल 4 फरवरी को दुनिया भर में मनाया जाता है। इस दिवस को मनाने का उद्देश्य सार्वजनिक स्वास्थ्य मुद्दे के रूप में कैंसर के बारे में जागरूकता को बढ़ावा देना और गुणवत्ता देखभाल, स्क्रीनिंग, शुरुआती पहचान, उपचार और उपशामक देखभाल तक पहुंच में सुधार की दिशा में कार्रवाई को - [क्या कहता है विज्ञान : ठंड के मौसम में क्यों जम जाता है नारियल तेल, सरसों तेल क्यों नहीं जमता ?](https://vaigyanikchetna.com/रिसर्च/why-does-coconut-oil-solidify-in-cold-weather-but-not-mustard-oil-know-science-behind-it/) - संतोष कुमार डेली लाइफ में कई ऐसी चीजें होती हैं जिनके पीछे का लॉजिक हम समझने की कोशिश नहीं करते. दरअसल, हम अपने रूटीन में इतना व्यस्त रहते हैं कि उस ओर हमारा ध्यान ही नहीं जाता. लेकिन, ये चीजें बच्चों के लिए नई होती हैं. एक ऐसा ही सवाल एक बच्चे ने अपने पापा - [क्या यूनिवर्स में हम अकेले हैं? वैज्ञानिकों को मिले महत्वपूर्ण संकेत, अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस देगा इसका जवाब](https://vaigyanikchetna.com/रिसर्च/international-studies-artificial-intelligence-will-find-alien-existence-in-universe-scientists-got-unique-signal/) - प्रीति जॉर्ज क्या हम ब्रह्मांड में अकेले हैं? इस सवाल का जवाब अब वैज्ञानिक खोजने की कोशिश कर रहे हैं. साइंटिस्ट अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) पर आधारित अध्ययन कर रहे हैं. इसकी मदद से अब एडवांस एक्स्ट्राटेरेस्ट्रियल लाइफ की खोज करने की कोशिश की जा रही है. लॉस एंजिलिस. शोधकर्ताओं ने कुछ वक्त पहले धरती के नजदीकी - [जानकारी : लाखों साल पहले गुफाओं में कैसा था आदि मानव का जीवन, उनका रहन-सहन, उनका बिस्तर](https://vaigyanikchetna.com/रिसर्च/how-was-beds-of-stone-age-humans-comfy-grass-beds-200000-years-ago-sleeping-methods-agriculture-fire-evolution/) - अमृत चंद्र गुफाओं में रहना कभी आरामदायक नहीं था. तब लोगों को खाने के लिए अपनी जान जोखिम में डालकर शिकार करना पड़ता था. पत्‍थरों पर सोना पड़ता था. लेकिन, उसी दौरान आदिमानव ने आराम के लिए अपने बिस्‍तर में कुछ बदलाव किए थे. आइए जानते हैं कि उनके बिस्‍तर कैसे थे ? हमारे पूर्वज - [अंतरिक्ष वैज्ञानिकों ने एक ऐसा तारा खोज निकाला जिसकी चमक सूरज से भी 57 हजार करोड़ गुना ज्यादा है](https://vaigyanikchetna.com/अंतरिक्ष/sun-brightness-faded-in-front-of-asassn-15th-it-is-57000-crore-times-brighter-then-sun-and-most-powerful-supernova-too/) - अमृत चंद्र वैज्ञानिकों का कहना है कि गैलेक्सी में मौजूद सभी ज्ञात तारों की चमक को जोड़ तो भी ये तारा सबसे ज्‍यादा चमकदार है. वहीं, ये सुपरनोवा से 20 गुना ज्यादा चमकदार नजर आ रहा है. इसके अलावा ये सभी सुपरनोवा से बहुत ज्‍यादा ताकतवर है. अंतरिक्ष वैज्ञानिकों ने एक ऐसा तारा - [अध्ययन : वैज्ञानिकों ने यह पता लगाया कि उल्टी (Vomiting) होते समय कैसे काम करता है हमारा दिमाग](https://vaigyanikchetna.com/अध्ययन/what-happens-in-the-brain-when-we-vomit-mice-based-research-explain/) - मस्तिष्क पर हुए नए अध्ययन में वैज्ञानिकों ने पता लगाया है कि उल्टी के दौरान वह कैसे काम करता है. शोधकर्ताओं ने यह पता लगाया कि पेट में गैर जरूरी पदार्थ को पहचानने के बाद कैसे दिमाग सक्रिय होकर पेट से लेकर मुंह तक के अंगों का क्रियाशील कर उल्टी की प्रक्रिया पूरी करता है. - [ISRO : इसरो के लिए बहुत खास है रीयूजेबल लॉन्च व्हीकल, महत्वपूर्ण परीक्षण जारी](https://vaigyanikchetna.com/रिसर्च/reusable-launch-vehicle-what-are-they-isro-to-test-its-landing/) - इसरो ने इस तरह की तकनीक पर काम किया है जिससे अंतरिक्ष यान धरती पर वापस आ सकेंगे और उन्हें हवाई जहाज के जैसे लैंड किया जा सकेगा. इसके लिए पुन: प्रयोज्य लॉन्च वाहन बहुत ही महत्वाकंक्षी प्रयोग माना जा रहा है. इससे अंतरिक्ष प्रक्षेपण की लागत बहुत कम हो जाएगी. अंतरिक्ष के क्षेत्र में - [जानकारी : ठंड के दिनों में मौसम का मिजाज बिगाड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता हैं वेस्टर्न डिस्टर्बेंस](https://vaigyanikchetna.com/रिसर्च/winter-disturbance-what-is-it-and-how-it-brings-rainfall-in-winters-of-india/) - भारत के सर्दी के दिनों में उत्तर पश्चिम से आने वाली हवाएं उत्तर भारत के मैदानों के मौसम का मिजाज बिगाड़ देती हैं जिन्हें वेस्टर्न डिस्टर्बेंस कहते हैं. इसी की वजह से उत्तर भारत में कहीं कहीं सर्दियों के मौसम में बारिश देखने को मिलती है और सर्दी के तेवर और ज्यादा तीव्र हो जाते - [26 जनवरी, गणतंत्र दिवस : इसी दिन मिला था देश को नया संविधान, महत्वपूर्ण राष्ट्रीय पर्व का है यह दिन](https://vaigyanikchetna.com/गणतंत्र-दिवस-2023/why-we-celebrate-republic-day-26-january-know-about-its-importance-where-gantantra-diwas-first-time-celebrated-in-india/) - गणतंत्र दिवस 2023 : हर साल 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस मनाया जाता है. इस बार देश अपना 74वां गणतंत्र दिवस मनाएगा जानें, इसी दिन क्यों मनाते हैं गणतंत्र दिवस. प्रत्येक वर्ष देश में हम सभी 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस या रिपब्लिक डे के तौर पर सेलिब्रेट करते हैं. दरअसल, आज के ही दिन - [बागेश्वर धाम प्रकरण : आखिर माइंड रीडिंग के पीछे क्या है विज्ञान? माइंड रीडर्स कैसे करते हैं अपना काम ‌?](https://vaigyanikchetna.com/बागेश्वर-धाम-प्रकरण/bageshwar-dham-dhirendra-shashtri-jaya-kumari-mind-reading-how-can-read-minds-what-is-mind-reading/) - अमृत चंद्र बागेश्‍वर धाम वाले बाबा धीरेंद्र कृष्‍ण शास्‍त्री अपने पास आने वाले लोगों का दिमाग पढ़ने के लिए ही चर्चा में है. कोई इसे चमत्‍कार बता रहा है तो कोई इसे विज्ञान बता रहा है. कुछ लोगों का मानना है कि मनोविज्ञान के विद्वान लोगों का दिमाग आसानी से पढ़ लेते हैं. आइए एक्‍सपर्ट्स - [24 जनवरी, स्मृति दिवस : क्या एक साजिश थी भारत के परमाणु कार्यक्रम के जनक, महान वैज्ञानिक होमी जहांगीर भाभा की मौत?](https://vaigyanikchetna.com/होमी-जहांगीर-भाभा/homi-jehangir-bhabha-death-anniversary-was-his-death-in-plane-crash-a-conspiracy/) - होमी जहांगीर भाभा की मौत एक विमान हादसे में हुई थी. वैसे तो यह एक दुर्घटना थी. उन्हें भारत के परमाणु कार्यक्रम का पिता कहा जाता है और यह भी माना जाता है कि अगर वे कुछ सालों तक और जिंदा रहते तो भारत बहुत पहले ही परमाणु शक्ति सम्पन्न देश बन जाता . उनकी - [23 जनवरी, जयंती : नेताजी सुभाष चन्द्र बोस ने कहा था - 'सफलता हमेशा असफलता के स्तंभ पर खड़ी होती है'](https://vaigyanikchetna.com/नेताजी-सुभाष-चंद्र-बोस-जय/netaji-subhash-chandra-bose-jayanti-wishes-speech-quotes-parakram-diwas-anmol-vichar-wishes/) - प्रणति तिवारी देश के स्‍वतंत्रता आन्‍दोलन के सबसे बड़े नायक नेताजी सुभाष चंद्र बोस की आज 126वीं जयंती है. पूरा देश इस दिन को पराक्रम दिवस के रूप में मनाता है. तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आज़ादी दूंगा, जय हिन्‍द जैसे कई नारों से देश की आजादी की लड़ाई में नई ऊर्जा भरने वाले - [अध्ययन : काई या शैवाल (Algae) को कहा जा रहा है भविष्य का सुपरफूड, इससे हल होगी प्रोटीन की समस्या](https://vaigyanikchetna.com/सुपरफूड/algae-may-be-the-future-of-sustainable-superfoods-but-why/) - दुनिया में आने वाले समय में खाद्यसुरक्षा संबंधित नए अध्ययन में वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि आने वाले समय में काई या शैवाल, खास तौर से सूक्ष्मशैवाल (Microalgae)की प्रजातियां सुपरफूड बन सकती हैं. इस अध्ययन में वैज्ञानिकों ने बताया है कि कैसे शैवाल भविष्य में प्रोटीन की समस्या को हल कर सकते हैं जिसके - [अध्ययन : हर साल औसतन 2,675 एयरबोर्न माइक्रोप्लास्टिक (एएमपी) के कणों के संपर्क में आ रहे हैं लोग](https://vaigyanikchetna.com/रिसर्च/people-exposed-to-2-675-airborne-microplastic-particles-every-year-study/) - दयानिधि एक नए अध्ययन में पाया गया है कि लोग हर साल हजारों एयरबोर्न माइक्रोप्लास्टिक्स के संपर्क में आते हैं। अध्ययन में श्रीलंका में इनडोर और आउटडोर की जगहों में एयरबोर्न माइक्रोप्लास्टिक (एएमपी) के बहुत अधिक मात्रा और इसे संभावित स्रोतों के बारे में पता लगाया गया। जहां घरों के अंदर माइक्रोप्लास्टिक की 28 गुना अधिक - [एनुअल स्टेटस आफ एजुकेशन रिपोर्ट 2022 : सरकारी स्कूलों में दाखिला तो बढ़ा पर ज्यादातर बच्चे प्राइवेट ट्यूशन पर निर्भर](https://vaigyanikchetna.com/एसईआर-रिपोर्ट-2022/aser-report-2022-says-students-in-government-schools-taking-private-tuition-tedu/) - एनुअल स्टेटस ऑफ एजुकेशन एसईआर रिपोर्ट में श‍िक्षा जगत से जुड़े कई बिंदुओं पर सर्वेक्षण में कई तथ्य सामने आए हैं. इस साल सरकारी स्कूलों में एनरोलमेंट बढ़ने के आंकड़े जहां सुकूनदेह हैं. वहीं सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे बच्चों के सामने ट्यूशन पढ़ने का विकल्प चिंताजनक है आइए जाने एसईआर रिपोर्ट के खास खास - [आक्सफैम इंडिया की रिपोर्ट : भारत के केवल 21 अरबपतियों के पास है 70 करोड़ भारतीयों से अधिक संपत्ति](https://vaigyanikchetna.com/ऑक्सफैम-इंडिया-की-नवीनतम/sustainable-development-richest-21-indian-billionaires-have-more-wealth-than-700-million-indians-oxfam/) - दयानिधि ऑक्सफैम इंडिया की नवीनतम रिपोर्ट में दावा किया गया है कि 33 फीसदी जीएसटी 40 फीसदी मध्य वर्ग से और शीर्ष 10 फीसदी केवल 3 फीसदी अमीरों से आती है। ऑक्सफैम इंडिया की नवीनतम रिपोर्ट "सर्वाइवल ऑफ द रिचेस्ट : द इंडिया स्टोरी" के अनुसार भारत के केवल 21 अमीरों के पास 70 करोड़ - [एयर क्वालिटी ट्रैकर : बिहार के कई शहरों में वायु गुणवत्ता की स्थिति काफी गंभीर, गुवाहाटी सहित 13 शहरों में स्थिति बदतर](https://vaigyanikchetna.com/रिसर्च/air-quality-tracker-2/) - ललित मौर्या केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा 16 जनवरी 2023 को जारी रिपोर्ट में कहा गया है कि देश के 180 शहरों में से 13 शहरों में वायु गुणवत्ता का स्तर 'बेहद खराब' रहा। वहीं केवल 12 शहरों में हवा 'बेहतर' रही, जबकि 53 शहरों की श्रेणी 'संतोषजनक', 75 में 'मध्यम' रही। वहीं 25 शहरों में वायु गुणवत्ता का स्तर - [जानकारी : ठंड के मौसम में भी रोजाना स्नान ! आइए, जाने क्या कहता है विज्ञान?](https://vaigyanikchetna.com/रिसर्च/bath-daily-in-winter-science-says-harmful-but-ayurveda-finds-it-necessary-and-good-for-health-know-why/) - प्रिया गौतम विंटर में रोजाना नहाने को जहां साइंस सेहत के लिए नुकसानदेह मानता है वहीं आयुर्वेद की राय इससे अलग है. आयुर्वेद रोजाना नहाने को हेल्‍दी लाइफस्‍टाइल के लिए बेहद जरूरी मानता है. अब साइंस और आयुर्वेद के बाद आपको तय करना है कि रोजाना नहाना है या नहीं. विंटर में रोजाना नहाना किसी मुसीबत - [देश भर में विभिन्न नामों से मनाई जाने वाली मकर संक्रांति का वैज्ञानिक एवं खगोलीय महत्व भी है](https://vaigyanikchetna.com/मकर-संक्रांति/makar-snakranti-2023-astronomical-significance-and-meaning-of-change-in-its-date/) - भारत में मकर संक्रांति का पर्व हर साल 14 या 15 जनवरी को आता है. इसका वैज्ञानिक, खगोलीय और जलवायु रूप से विशेष महत्व है और इसे मनाने की तारीख कभी 14 जनवरी तो कभी 15 जनवरी के होने के पीछे पश्चिमी कैलेंडर और भारतीय पंचांग के बीच कुछ अवधारणात्मक अंतर है. मकर संक्रांति भारत - [12 जनवरी, जयंती : सभी प्रकार के भेदभाव, शोषण उत्पीड़न मुक्त समतामूलक भारत का निर्माण करना चाहते थे स्वामी विवेकानंद](https://vaigyanikchetna.com/स्वामी-विवेकानंद-जयंती/january-12-vivekananda-jayanti-on-national-youth-day-take-a-pledge-to-build-an-egalitarian-modern-self-reliant-india-focused-on-youth-power-2/) - डी एन एस आनंद आज 12 जनवरी है। स्वामी विवेकानंद की जयंती। 12 जनवरी 1863 को उनका जन्म कोलकाता में हुआ था। 4 जुलाई 1902 को महज 39 वर्ष की उम्र में उनका देहावसान हो गया। एक वेदांती संन्यासी स्वामी विवेकानंद ने इतने कम समय में भी देश दुनिया के बारे में जो कुछ देखा, - [केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट जारी : देश के 29 शहरों में हवा की गुणवत्ता बेहद बुरी स्थिति में, दिल्ली में जानलेवा हुई](https://vaigyanikchetna.com/एयर-क्वालिटी-ट्रैकर/air-quality-tracker/) - ललित मौर्या केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा 09 जनवरी 2023 को जारी रिपोर्ट में कहा गया है कि देश के 180 शहरों में से सात शहरों बेगूसराय (437), छपरा (451), दिल्ली (434), फरीदाबाद (434), ग्रेटर नोएडा (415), नोएडा (434) और राजगीर (406) में एक्यूआई यानी एयर क्वालिटी इंडेक्स सीवियर (गंभीर) श्रेणी में पहुंच गया। यह - [वैज्ञानिक दृष्टिकोण : यह महज संयोग नहीं है कि यूनिवर्स के सभी ग्रहों के आकार ‌लगभग गोलाकार होते हैं ?](https://vaigyanikchetna.com/ब्रह्मांड/what-does-science-say-why-planets-are-almost-spherical/) - ब्रह्माण्ड में जितने भी ग्रह अवलोकित किए गए हैं उनका एक ही तरह का आकार पाया गया है. वे पूरी तरह तो गोलाकार तो नहीं होते हैं. गोल होते हुए भी ऊपर नीचे से दबे हुए से और बीच में से थोड़े फूले से होते हैं. ग्रहों की इस व्यापक समानता की वजह एक ही - [ज्यादा अम्लीय होते साफ पानी (Fresh Water) की झीलों पर मंडरा रहे खतरों से वैज्ञानिक चिंतित, संकट गहराया](https://vaigyanikchetna.com/जलवायु-परिवर्तन/climate-change-increasing-acidification-in-fresh-water-lakes-causing-worries-know-why/) - जलवायु परिवर्तन के बढ़ते कुप्रभावों के बीच पाया गया है कि साफ पानी की झीलों में अम्लीयकरण बढ़ता जा रहा है. इस नई जानकारी ने वैज्ञानिकों की चिंताएं बढ़ा दी हैं क्योंकि इसने साफ पानी के पारिस्थितिकी तंत्रों में रहने वाली मछलियां पौधे और अन्य जीवों के लिए बहुत बड़ा खतरा पैदा कर दिया है - [7 जनवरी, स्मृति दिवस : विज्ञान जगत को बेहद अमूल्य है महान वैज्ञानिक निकोला टेस्ला का योगदान](https://vaigyanikchetna.com/स्मृति-दिवस/nikola-tesla-death-anniversary-what-nikola-tesla-contributed-to-science/) - निकोला टेस्ला का सबसे प्रमुख आविष्कार ऑल्टरनेटिंग करेंट या प्रत्यावर्ती था. जिसकी वजह से दुनिया को आज कोने कोने में बिजली दी जा रही है.विद्युकीय में उनके आविष्कार हमेशा एक गेमचेंजर की तरह रहे. हां उनके ऑल्टरनेटिंग करेंट को दुनिया को स्वीकार करने में समय लगा. लेकिन उनके अधिकांश खोजें आविष्कार उनके समय से आगे - [अध्ययन : पर्यावरण के लिए घातक प्लास्टिक प्रदूषण से पूर्णतः मुक्ति का मार्ग नहीं है रीसाइक्लिंग](https://vaigyanikchetna.com/प्लास्टिक-पुनर्चक्रण/recycling-is-not-enough-to-solve-the-plastic-crisis-know-why/) - प्लास्टिक का प्रदूषण एक बढ़ती समस्या है. इसका तेजी से बढ़ता उपयोग, इससे निपटने के उपाय बहुत ही कम हैं और हालत यह हो गई है कि विभिन्न रास्तों से प्लास्टिक का कचरा हमारे भोजन से होते हुए हमारे शरीर में पहुंचने लगा है. आंकड़े बताते हैं कि प्लास्टिक प्रदूषण से निपटने की कई नीतियों में - [इसरो के बढ़ते कदम : 2023 में भारत के कई महत्वपूर्ण अंतरिक्ष अभियानों पर होगी दुनिया की निगाहें](https://vaigyanikchetna.com/रिसर्च/india-will-shine-this-year-globally-through-its-ambitious-missions-like-gaganyaan-chandrayaan/) - भारत की स्पेस एजेंसी भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संस्थान इसरो इस साल कुछ ऐसे अभियानों को अंजाम देगा जो पहले कभी नहीं हुए थे. इसमें सबसे प्रमुख गगनयान अभियान की शुरुआत होगी. इसके अलावा चंद्रमा और सूर्य दोनों के लिए बड़े अभियान भी प्रक्षेपित होंगे. 2020 और 2021 में भारत सहित दुनिया में भर में कोविड-19 - [4 जनवरी, विश्व ब्रेल दिवस : नेत्रहीन लूईस ब्रेल ने सिर्फ 16 वर्ष की उम्र में किया था नेत्रहीनों के लिए ब्रेल लिपि का आविष्कार](https://vaigyanikchetna.com/विश्व-ब्रेल-दिवस/world-braille-day-2023-louis-braille-birthday-blind-person-who-invented-braille-language/) - विश्व ब्रेल दिवस हर साल 4 जनवरी को दुनिया में नेत्रहीनों को एक लिपि प्रदान करने वाले लुईस ब्रेल के जन्म दिन के मौके पर मनाया जाता है. कम लोग जानते हैं कि लुई ब्रेल ने केवल इस लिपि की आविष्कार ही नहीं किया था. बल्कि इस लिपि को नेत्रहीनों के लिए आधिकारिक लिपि दर्जा - [3 जनवरी, स्मृति दिवस : भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम में अद्वितीय रहा है देश के प्रमुख वैज्ञानिक सतीश धवन का योगदान](https://vaigyanikchetna.com/सतीश-धवन/satish-dhawan-death-anniversary-what-made-satish-dhawan-so-special-in-indian-space-research-history/) - प्रोफसर सतीश धवन ने अपने जीवन में बहुत सारे विषयों में अध्ययन और शोधकार्य किया. पहले भारतीय विज्ञान केंद्र से जुड़ने के बाद वे कुछ ही सालों में उसके निदेशक बने गए और फिर 1971 में उन्होंने इसरो की कमान संभाली और अपने नेतृत्व, कार्यनिष्पादन, संवदेनशील प्रबंधक, लोकप्रिय शिक्षक रहे. भारत में अंतरिक्ष अनुसंधान में - [दुनिया में एक बार फिर सुर्खियों में है कोरोना, आखिर विज्ञान की नजर में खतरनाक क्यों माने जाते हैं वायरस ?](https://vaigyanikchetna.com/कोरोना-वायरस/what-does-science-say-why-virus-is-considered-as-dangerous-for-humans/) - दुनिया में एक बार फिर कोरोना वायरस के नए वेरिएंट का खौफ फैल रहा है. चीन में इससे हाहाकर मचा है. तीन साल से वायरस शब्द तक खौफ का कारण बना हुआ है. विज्ञान का कहना है कि वायरस दुनिया में बहुत अहम सूक्ष्मजीवी होते हैं और सभी तरह के वायरस खतरनाक होते भी नहीं - [कोविड महामारी की त्रासदी के बावजूद विज्ञान के लिहाज से कई बड़ी उपलब्धियों का वर्ष रहा सन् 2022](https://vaigyanikchetna.com/by-by-2022/bye-bye-2022-important-6-big-scientific-discoveries-or-inventions-of-this-year/) - साल 2022 विज्ञान के लिहाज के कई बड़ी उपलब्धियों वाला रहा. इसमें अंतरिक्ष विज्ञान में वार्महोल की उपस्थिति की संभावना को बल देने वाली खोज से लेकर पृथ्वी को क्षुद्रग्रह से बचाने के लिए नासा का डार्ट अभियान सफल रहा. वहीं चिकित्सा के क्षेत्र में अनुवांशकीय परीष्कृत सुअर के हृदय प्रत्योरोपण के रूप में क्रांतिकारी - [मौसम ने दिखाए तेवर, तापमान गिरा, शीतलहर एवं घने कोहरे के कारण देश के कई राज्यों में लोग हुए बेहाल](https://vaigyanikchetna.com/वायुमंडल/changed-weather-patterns-cold-wave-and-fog-in-many-states-reduced-visibility-in-bathinda-to-zero/) - दयानिधि पश्चिम भारत के न्यूनतम तापमान में अगले 3 से 4 दिनों के दौरान 2 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आने के आसार है। मौसम विभाग के मुताबिक भारत के गंगा के मैदानी इलाकों के निचले स्तरों पर नमी और हल्की हवाओं का चलना लगातार जारी है। अगले 24 घंटों के दौरान शाम और सुबह के - [राष्ट्रीय गणित दिवस 2022 : बेहद जरूरी है जयंती पर भारत के महान गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुजन को याद करना](https://vaigyanikchetna.com/राष्ट्रीय-गणित-दिवस/national-mathematics-day-history-significance-celebrations-srinivasa-ramanujan/) - महान गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुजन की जयंती और गणित के क्षेत्र में उनके योगदान को हमेशा याद रखने के लिए हर साल 22 दिसंबर को राष्ट्रीय गणित दिवस मनाया जाता है। आइए, राष्ट्रीय गणित दिवस के इतिहास, राष्ट्रीय गणित दिवस का महत्व और भारत में राष्ट्रीय गणित दिवस कैसे मनाया जाता है, यह जाने। जैसा कि - [विश्व स्वास्थ्य संगठन की चेतावनी : जलवायु में आते बदलावों से दुनिया भर में बढ़ सकता है हैजे का प्रकोप](https://vaigyanikchetna.com/जलवायु-परिवर्तन/global-cholera-surge-likely-accelerated-by-climate-change-warns-who/) - ललित मौर्या इस साल भारत सहित करीब 30 देशों में हैजे के मामले सामने आए है। वहीं पिछले पांच वर्षों में औसतन 20 से कम देशों ने इसके संक्रमण की सूचना दी थी। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने चेतावनी दी है कि जलवायु में आते बदलावों के चलते दुनिया भर में हैजे का प्रकोप बढ़ सकता है। - [अध्ययन : पिछले 143 वर्षों के जलवायु इतिहास का नौवां सबसे गर्म नवंबर, 2022 में किया गया दर्ज](https://vaigyanikchetna.com/जलवायु-परिवर्तन/earth-saw-its-9th-warmest-november-in-143-year/) - ललित मौर्या 2022 में नवंबर के महीने का औसत तापमान बीसवीं सदी के औसत तापमान से 0.76 डिग्री सेल्सियस ज्यादा दर्ज किया गया। जो उसे पिछले 143 वर्षों के जलवायु इतिहास का नौवां सबसे गर्म नवंबर का महीना बनाता है। इस साल नवंबर का महीना सामान्य से कुछ ज्यादा ही गर्म रहा, जो स्पष्ट तौर - [अध्ययन : यह जानना दिलचस्प होगा कि विज्ञान के अनुसार अगले 500 वर्षों में कैसी हो जाएगी हमारी धरती](https://vaigyanikchetna.com/रिसर्च/what-does-science-say-how-earth-will-be-like-in-500-years/) - मंगल जैसे ग्रह के भविष्य के बारे में बताना वैज्ञानिकों के लिए आसान है. वे मंगल ग्रह की भूगर्भीय और भौगोलिक प्रक्रियाओं को समझकर इस बात का विस्तार से अनुमान लगा सकते हैं कि आने वाले 500 सालों में वह कैसी होगी. लेकिन पृथ्वी का पूर्वानुमान लगाना की वह 500 सालों में कैसी हो जाएगी, - [रिसर्च : बदलती जलवायु एवं बढ़ते तापमान के साथ सिरदर्द, डिमेंशिया, एमएस और पार्किनसन्स जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ा](https://vaigyanikchetna.com/enviornment/changes-in-climate-are-increasing-the-risk-of-neurological-disease-and-stroke/) - ललित मौर्या मेडिकल जर्नल न्यूरोलॉजी में प्रकाशित एक नई रिसर्चसे पता चला है कि जलवायु में आते बदलावों ने न्यूरोइन्फेक्शियस रोगों के लिए पारंपरिक भौगोलिक क्षेत्रों से परे भी अनुकूल माहौल तैयार कर दिया है। ऐसे में यह बीमारियां नए क्षेत्रों को अपनी चपेट में ले रही हैं जलवायु परिवर्तन एक ऐसा खतरा है, जिससे - [अध्ययन : चीनी से भी कई गुना अधिक मीठे होते हैं शुगर फ्री स्वीटनर्स, अधिक इस्तेमाल घातक - WHO](https://vaigyanikchetna.com/health/health-eating-too-much-sugar-is-bad-for-health-know-side-effects-of-sugar/) - बहुत अधिक चीनी का सेवन करने से स्वास्थ्य संबंधी कई समस्याएं पैदा हो सकती हैं, जैसे वजन बढ़ना, डायबिटीज, कैविटी और हाई बीपी। ऐसे में लोग आमतौर पर शुगर फ्री स्वीटनर्स की ओर रुख करते हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन की एक रिपोर्ट के मुताबिक अधिक स्वीटनर्स का इस्तेमाल टाइप 2 डायबिटीज और दिल से जुड़ी - [खुलासा : दुनिया की पहली 'कृत्रिम गर्भ सुविधा' से हर साल पैदा किए जाएंगे 30 हजार बच्चे](https://vaigyanikchetna.com/कृत्रिम-गर्भ/artificial-womb-facility-that-grows-30000-babies-viral-video-shocks-internet/) - साइंस के क्षेत्र में हर दिन नए खोज होते हैं. यह नए खोज लोगों को खाफी चौंकाते भी हैं. एक और खोज जिसे आप सुनकर चौंक जाएंगे. यह है दुनिया की पहली 'कृत्रिम गर्भ सुविधा'. एक्टोलाइफ नामक इस सुविधा से हर साल 30,000 तक बच्चे पैदा करने की बात कही जा रही है. इसे लेकर - [अध्ययन : केवल एक पुरातन DNA से ही वैज्ञानिकों ने किया 20 लाख वर्ष पुराने इकोसिस्टम का पुनर्निर्माण](https://vaigyanikchetna.com/पुरातन-डीएनए/ecosystem-2-million-year-old-reconstructed-by-scientists-form-ancient-dna/) - ग्रीनलैंड के स्थायीतुषारों में से मिले नमूनों से वैज्ञानिकों ने एक पुरातन डीएनए हासिल किया और उससे 20 लाख साल पुराने इकोसिस्टम का पुनर्निर्माण करने में सफलता हासिल कर ली. यह इकोसिस्टम 10 लाख साल लंबा है जिसके जानकारी वैज्ञानिको ने निकाली है. इस खोज के जरिए अब पृथ्वी का इतिहास जानने में आसानी होगी - [अध्ययन : ट्रैफिक के शोर के कारण ग्रामीण इलाकों में रह रहे पक्षियों की आक्रामकता बढ़ी](https://vaigyanikchetna.com/ध्वनि-प्रदूषण/traffic-noise-making-rural-birds-more-aggressive-study/) - दयानिधि ग्रामीण इलाकों में रह रहे पक्षियों को आक्रामक बना रहा है ट्रैफिक का शोर : रोबिन नाम के पक्षी पर किया गया अध्ययन,जो शहरी व ग्रामीण क्षेत्र दोनों में रहते हैं, लेकिन शहरी क्षेत्र में रहने वाले पक्षी के व्यवहार में खास परिवर्तन नहीं देखा गया. एक नए अध्ययन में शोधकर्ताओं ने पाया है - [अध्ययन : जंगलों को विनाश से बचाने तथा उसकी बहाली के लिए लगाए जाने वाले पौधों में से आधे भी नहीं बच पाते](https://vaigyanikchetna.com/पर्यावरण/reforestation-projects-are-not-able-to-ensure-survival-of-half-of-plants/) - जंगलों के विनाश को रोकने के लिए उनकी बहाली के लिए वृक्षारोपण की गतिविधियां पर हुए अध्ययन में पाया गया है कि इसके लिए रोपे गए पौधों में से आधे से अधिक जीवित नहीं रह पाते हैं. दक्षिण और दक्षिण पूर्व एशिया के कई वनीकरण कार्यक्रमों के आंकड़ों और अन्य कारकों का अध्ययन कर विशेषज्ञ - [Farha Film Review : 14 वर्षीय फराह की आँखों से देखें युद्ध से होने वाली तबाही का मंजर](https://vaigyanikchetna.com/social/review-of-farah-film-which-shows-brutality-of-war-through-character-farha/) - विकास कुमार सन 1948. फिलिस्तीन के एक गांव में एक लड़की है जिसका नाम है फराह । उसे पढ़ने का काफी शौक था । गांव में धार्मिक शिक्षा ग्रहण कर रही फराह शहर जाकर स्कूल में पढ़ना चाहती थी क्योंकि उसके गांव में लड़कियों के लिए कोई अलग स्कूल नहीं था । उसका ख़्वाब था - [एयर क्वालिटी ट्रैकर रिपोर्ट : देश के 177 शहरों में बेगूसराय (बिहार) की हवा सबसे अधिक खराब, आइजोल में बेहतरीन](https://vaigyanikchetna.com/वायु-प्रदूषण/air-pollution-air-quality-tracke/) - ललित मौर्या देश के 177 शहरों में बेगूसराय (बिहार)की हवा सबसे ज्यादा खराब थी जहां प्रदूषण का स्तर 448 दर्ज किया गया, वहीं आइजोल में हवा सबसे ज्यादा साफ थी. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा जारी रिपोर्ट में कहा गया है कि देश के 177 शहरों में से केवल 9 में हवा 'बेहतर' रही, जबकि - [वैज्ञानिकों के सामने उभरे सवाल, क्या प्रकृति को बचाने के लिए प्रजाति की जगह जनसंख्या पर ध्यान देने की जरूरत है ?](https://vaigyanikchetna.com/पर्यावरण/nature-protection-focus-on-populations-not-species-know-why/) - जानवरों पर जलवायु परिवर्तन के कारण पड़ने वाले प्रभावों पर हुए एक अध्ययन में वैज्ञानिकों ने नई चौंकाने वाली जानकारी हासिल की है. उन्होंने पाया है कि एक प्रजाति के अलग-अलग जनसंख्याएं भी बदलती हालात के अनुकूल ढालने की अलग क्षमताएं विकसित कर सकती हैं. इसमें महासागर के जानवरों में धरती के जानवरों की तुलना - [अध्ययन : ठंडे खून वाले जानवरों को बहुत बड़े खतरे में डाल रही है ग्लोबल वार्मिंग](https://vaigyanikchetna.com/पर्यावरण/climate-change-global-warming-increases-the-risk-of-ectotherm-heat-failure/) - ठंडे खून वाले जानवरों पर हुए एक अध्ययन में पाया गया है कि हर डिग्री तापमान बढ़ने के साथ उनके साथ होने होने वाली ऊष्मा आघात की घटनाएं दो गुनी बढ़ती जा रही हैं. ग्लोबल वार्मिंग का यह प्रभाव वैज्ञानिकों के लिए पहले से अपेक्षित तो था, लेकिन वह इतना तीव्र और तेज गति से - [विश्व बैंक की रिपोर्ट : 2030 तक भारत के 20 करोड़ से भी अधिक लोग हर साल करेंगे भीषण गर्मी और लू का सामना](https://vaigyanikchetna.com/science/global-warming-by-2037-there-will-be-a-demand-for-a-new-air-conditioner-every-15-seconds-in-india-world-bank-report/) - दयानिधि विश्व बैंक ने ‘क्लाइमेट इन्वेस्टमेंट अपॉर्चुनिटीज इन इंडियाज कूलिंग सेक्टर' नामक रिपोर्ट जारी की है। रिपोर्ट में कहा गया है कि स्थायी तरीके से ठंडा करने की रणनीति से न केवल भारत को उत्सर्जन कम करने में मदद मिलेगी बल्कि 2040 तक 1.6 ट्रिलियन डॉलर के निवेश का अवसर भी खुलेगा। भारत जलवायु में - [भारत में 61 फीसदी पुरुषों के मुकाबले सिर्फ 31 फीसदी महिलाओं के पास फोन, महज 1 फीसदी आदिवासियों के पास कंप्यूटर](https://vaigyanikchetna.com/science/india-inequality-report-2022-says-women-constitute-one-third-of-internet-users-in-india/) - देश में जाति, धर्म, लिंग, वर्ग और भौगोलिक आधार पर असमानताएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। यह बात डिजिटल क्षेत्र में भी समान रूप से लागू होती है। यह बात सोमवार को आक्सफैम इंडिया की ओर से जारी " इंडिया इनइक्वेलिटी रिपोर्ट-2022, डिजिटल डिवाइस " में सामने आई है। वस्तुस्थिति का अंदाज इससे लगाया जा - [अध्ययन : कोविड-19 भी नहीं रोक पाया विश्व में जंगलों की कटाई, जारी रही पिछली कटाई दर](https://vaigyanikchetna.com/पर्यावरण/the-covid-19-pandemic-did-not-reduce-deforestation/) - पर्यावरण और कोविड-19 महामारी के बीच संबंध पर हुए एक अध्ययन में पाया गया है कि महामारी के कारण लगे लॉकडॉउन का निर्वनीकरण या वनों की कटाई पर कोई असर नहीं हुआ है. यह उसी दर से चलती रहीं जैसे कि पिछले 15 साल से चल रही थीं. अध्ययन में इसी के कारणों की विवेचना - [अध्ययन : महज बढ़ती उम्र नहीं, लम्बे समय तक वायु प्रदूषण का साथ भी कमजोर करता है व्यक्ति का इम्यून सिस्टम](https://vaigyanikchetna.com/पर्यावरण/how-decades-of-air-pollution-is-weakening-our-immune-system/) - ललित मौर्या बुजुर्गों में घटती प्रतिरक्षा प्रणाली के लिए बढ़ती उम्र को जिम्मेवार माना जाता है, लेकिन पता चला है कि दशकों से वायु प्रदूषण का संपर्क भी हमारे इम्यून सिस्टम को कमजोर कर रहा है क्या आपने कभी सोचा है कि क्यों उम्र बढ़ने के साथ लोग सांस की बीमारियों के प्रति अधिक संवेदनशील - [दावा : दिमाग में चिप लगाकर नेत्रहीनों, लकवाग्रस्त लोगों को देंगे नई जिंदगी, दिमाग से चलेगा कंप्यूटर](https://vaigyanikchetna.com/science/elon-musk-hopes-to-test-a-brain-implant-in-humans/) - संजय कुमार झा अगर एलन मस्क की कंपनी न्यूरालिंक का यह प्रयोग सफल हो जाता है तो दिमाग की मदद से कंप्यूटर को कंट्रोल किया जा सकेगा। मतलब जैसे ही कोई चीज आप अपने दिमाग में सोचेंगे, तो कंप्यूटर उस काम को कर देगा। पूरी दुनिया ट्विटर विवाद में उलझी हुई है। एक तरफ लोग - [संवैधानिक मूल्यों के प्रसार हेतु कोल्हान (झारखंड ) में निकाली गई घुमंतू पुस्तकालय यात्रा](https://vaigyanikchetna.com/social/ghumantu-pustakalaya-in-kolhan-jharkhand-to-promote-constitutional-values/) - अंकुर सारस्वत और विकास कुमार 26 नवंबर, का दिन पूरे देश के लिए किसी राष्ट्रीय उत्सव से कम नहींं होता, इस दिन भारत का संविधान अंगीकृत किया गया था। इस दिन को ध्यान में रख आरंभ युवा मंच के द्वारा एक यात्रा निकाली गई। 21 से 26 नवंबर, तक पूरे कोल्हान क्षेत्र के विभिन्न शिक्षण - [1 दिसंबर, विश्व एड्स दिवस : बेहद जरूरी है एड्स के बारे में हर उम्र के लोगों में जागरूकता बढ़ाना](https://vaigyanikchetna.com/worlds-aids-day/world-aids-day-2022/) - विश्व एड्स दिवस मनाने का उद्देश्य एचआईवी संक्रमण की वजह से होने वाली महामारी एड्स के बारे में हर उम्र के लोगों के बीच जागरूकता बढ़ाना है. शुरुआती दौर में विश्व एड्स दिवस को सिर्फ बच्चों और युवाओं से ही जोड़कर देखा जाता था जबकि एचआईवी संक्रमण किसी भी उम्र के व्यक्ति को प्रभावित कर - [शोध : अधिक नमक का सेवन व्यक्ति के मेमोरी को कमजोर करता है, ब्रेन के लिए भी खतरनाक](https://vaigyanikchetna.com/health/health-high-salt-diet-can-affect-your-brain-health-know-its-side-effects/) - नमक का ज्यादा सेवन करने से इंसान की मेमोरी कमजोर होने, भटकाव समेत रोज़मर्रा के अन्य कामों को करने में दिक्‍कत आने लगती है, जो डिमेंशिया या अल्जाइमर रोग का कारण बन सकता है. इससे जुड़ी जरूरी बातें सभी को जान लेनी चाहिए. हम सभी ये सुनते आए हैं कि अधिक नमक का सेवन हमारी - [अध्ययन : अस्तित्व की रक्षा व पानी तक पहुंच बनाने के लिए अपना आकार एवं दिशा बदलती रहती हैं पेड़ - पौधों की जड़ें](https://vaigyanikchetna.com/पर्यावरण/plant-roots-change-their-shape-to-access-water/) - जलवायु परिवर्तन के कारण मौसम में बदलावों पर पौधों की जड़े भी प्रतिक्रिया देती हैं. नए अध्ययन में पाया गया है कि पौधों की जड़े मिट्टी में नमी की उपलब्धता के अनुसार अपनी शाखाओं में विस्तार और विराम देती हैं. इस शोध में वैज्ञानिकों ने उस पूरी प्रणाली का पता लगाया है जिसमें पौधों में - [घरेलू हिंसा से किशोरियों का भविष्य दांव पर, शिक्षा पाकर अपने सपने पूरा करना चाहती हैं कश्मीर की ये लड़कियां ...](https://vaigyanikchetna.com/science/women-health-girls-are-confined-to-household-chores/) - रेहाना कौसर घरेलू हिंसा न केवल भारत की समस्या है, बल्कि पूरा विश्व इस भयावह स्थिति से गुजर रहा हैं देश के अन्य हिस्सों की तरह केंद्र शासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर के सीमावर्ती जिला पुंछ के सुरनकोट तहसील स्थित सीरी चौहाना गांव में भी किशोरियों के खिलाफ हिंसा की ऐसी घटनाएं आम हैं। यहां - [26 नवंबर, संविधान दिवस पर हम लें संविधान, लोकतंत्र एवं धर्मनिरपेक्ष मूल्यों को आगे बढ़ाने, समतामूलक समाज बनाने का संकल्प](https://vaigyanikchetna.com/संविधान-दिवस/importance-and-facts-of-samvidhan-divas/) - आज 26 नवंबर को पूरे देश में संविधान दिवस मनाया जा रहा है। भारतीय संविधान को 26 नवंबर को अपनाए जाने की याद में हर साल इस तारीख पर मानाया जाता है। हालांकि भारतीय संविधान को 26 जनवरी 1950 से लागू किया गया था। आज, 26 नवंबर को संविधान दिवस है, जिसे पूरे देश - [लिंग के आधार पर बढ़ती उम्र का अध्ययन : जैविक रूप से महिलाओं की तुलना में जल्दी बूढ़े होते हैं पुरुष](https://vaigyanikchetna.com/health/men-age-faster-than-women-new-study-reveals/) - उम्र से संबंधित हुए एक यूरोपीय अध्ययन में पुरुषों और महिलाओं की बढ़ती उम्र का विश्लेषण किया गया है. इस शोध में पाया गया है कि पुरुष के बूढ़े होने की गति महिलाओं की तुलना में ज्यादा तेज होती है और इसके पीछे बहुत सारे जैविक कारक होते हैं. शोधकर्ताओं ने इसके साथ ही यह - [मुंह की बीमारियों से ग्रस्त है भारत सहित दुनिया की 45 प्रतिशत आबादी, 350 करोड़ से भी अधिक लोग हैं प्रभावित- WHO](https://vaigyanikchetna.com/health/india-suffers-from-oral-diseases/) - ललित मौर्या - [स्मृति दिवस : गिरिडीह झारखंड स्थित घर पर हुआ था देश के महान वैज्ञानिक जे सी बोस का निधन, उनकी विरासत को बचाएं, कार्यों को आगे बढ़ाएं](https://vaigyanikchetna.com/science/jagadish-chandra-bose-biography/) - आज 23 नवंबर है। देश के महान वैज्ञानिक जे सी बोस का स्मृति दिवस। आज के ही दिन, 23 नवंबर 1937 को, गिरिडीह झारखंड स्थित अपने आवास पर उनका निधन हुआ था। देश ने आजादी के 75 वर्ष पूरे कर लिए। इसे देश भर में अमृत महोत्सव के रूप में मनाया गया। यह सिलसिला अब - [अध्ययन : अकेलापन एक मनोवैज्ञानिक समस्या है जिसका संबंध एहसासों और उम्मीदों से अधिक](https://vaigyanikchetna.com/science/know-what-triggers-loneliness-in-old-age/) - अकेलापन जीवन की एक बड़ी मनोवैज्ञानिक समस्या है, लेकिन यह अकेलापन बूढ़े लोगों में ज्यादा होता है. क्या इसकी वजह यह है कि युवा बूढ़ों को नजरअंदाज ज्यादा करते हैं या फिर इसका कोई शारीरिक कारण है. नए अध्ययन में इसी बात की पड़ताल की गई है कि आखिर इसके क्या प्रभाव है, इसे कितनी - [15 नवंबर झारखंड राज्य स्थापना दिवस : आइए, शहीद बिरसा मुंडा के सपनों, संघर्षों को आगे बढ़ाएं, मंजिल तक पहुंचाएं](https://vaigyanikchetna.com/झारखंड-स्थापना-दिवस/jharkhand-foundation-day-2022-birsa-munda-jayanti/) - आज 15 नवंबर है। अमर शहीद बिरसा मुंडा की जयंती और झारखंड राज्य का स्थापना दिवस भी। उल्लेखनीय है कि 15 नवंबर 1875 को बिरसा मुंडा का जन्म झारखंड के खूंटी जिले के उलीहातु गांव में हुआ था तथा आज के ही दिन 15 नवंबर सन् 2000 को अलग झारखंड राज्य की स्थापना भी हुई - [विश्व डायबिटीज दिवस आज : जन जागरूकता से ही संभव है इसके घातक दुष्प्रभाव पर नियंत्रण](https://vaigyanikchetna.com/science/health-world-diabetes-day-2022-date-significance-history-theme/) - हर साल 14 नवंबर को 'वर्ल्ड डायबिटीज डे' मनाया जाता है और डायबिटीज को लेकर जागरूकता फैलाई जाती है. आइए जानते हैं 'विश्व मधुमेह दिवस' के बारे में. हर साल ‘वर्ल्ड डायबिटीज डे 2022’ 14 नवंबर को सर फ्रेडरिक बेंटिंग की जन्म तिथि पर मनाया जाता है. सर फ्रेडरिक बेंटिंग ने चार्ल्स हरबर्ट के साथ मिल - [12 नवंबर, विश्व निमोनिया दिवस : बेहद जरूरी है लोगों के बीच इस मामले में वैज्ञानिक जागरूकता](https://vaigyanikchetna.com/science/world-pneumonia-day-date-theme-significance/) - निमोनिया बीमारी के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए हर साल 12 नवंबर को ‘विश्व निमोनिया दिवस’ मनाया जाता है। विश्व निमोनिया दिवस पहली बार वर्ष 2009 में मनाया गया था। तो जानेंगे यहां इससे जुड़ी हर एक डिटेल्स। वैसे तो निमोनिया की समस्या छोटे बच्चों में ज्यादा देखने को मिलती है। लेकिन ये किसी - [शोध : अपशिष्ट ताप ( कचरे की गर्मी ) से पैदा होगी बिजली, छोटे घरेलू उपकरणों, आटोमोबाइल तक में हो सकता है उसका उपयोग](https://vaigyanikchetna.com/science/scientists-work-on-smart-materials-to-help-convert-waste-heat-to-electricity/) - औद्योगिक गतिविधियों और ऊर्जा उत्पादन की प्रक्रियाओं में बड़े पैमाने पर अपशिष्ट-ताप उत्सर्जित होता है। यह गर्मी वायुमंडल में अवशोषित हो जाती है। भारत में वैज्ञानिकों का एक समूह कुछ नए मेटेरियल्स पर काम कर रहा है जो इन प्रक्रियाओं से होने वाली कचरे की गर्मी को साकारात्मक उपयोग के लायक बना सकते हैं। कनिष्क - [10 नवंबर, विश्व विज्ञान दिवस है समाज में विज्ञान की अहम भूमिका एवं उभरते वैज्ञानिक मुद्दों पर जन भागीदारी का दिन](https://vaigyanikchetna.com/विज्ञान-दिवस/world-science-day-for-peace-and-development-2022-theme-history-and-significance/) - शांति और विकास के लिए विश्व विज्ञान दिवस की शुरुआत जाता है. हर साल 10 नवंबर को शांति और विकास के लिए विश्व विज्ञान दिवस मनाया जाता है. यह दिन समाज में विज्ञान की महत्वपूर्ण भूमिका और उभरते वैज्ञानिक मुद्दों पर बहस में व्यापक जनता को जोड़ने की आवश्यकता को उजागर करने के लिए मनाया - [दुनिया में पहली बार इंसान को चढ़ाया गया लेबोरेटरी में बना खून, मिली बड़ी सफलता, नतीजे का इंतजार](https://vaigyanikchetna.com/science/lab-grown-blood-to-humans/) - रक्त या खून (Blood) वो अनमोल चीज है, जिसकी पर्याप्त उपलब्धता का इंतजाम अभी तक नहीं हो सका है. दुनिया के किसी भी देश की तरह भारत के मेडिकल सेक्टर में भी स्वस्थ लोगों के रक्त की लगातार जरूरत रहती है, ताकि जरूरतमंदों की जान बचाई जा सके. अब इस समस्या के समाधान की दिशा - [खोज : वैज्ञानिकों ने खोजा समय मापने का नया तरीका, उसमें नहीं होगी शुरूआती बिंदु निर्धारित करने की जरूरत](https://vaigyanikchetna.com/science/knowledge-black-hole-closest-to-earth-discovered-10-times-bigger-than-our-sun/) - समय को मापने (Time Measurement) की तकनीक में वैज्ञानिकों ने ऐसा तरीका खोजा है जिसमें शुरुआती बिंदु को निर्धारित करने की जरूरत नहीं होगी. रिडबर्ग परमाणु अवस्था (Rydburg State) के व्यातिकरण (Interference) जरिए वैज्ञानिकों ने एक महीन अंतराल निर्धारित करने की प्रक्रिया बनाई है जिससे 4 नैनोसेकेंड का अंतराल तय किया जा सकता है. समय - [शोध : पहले जैसे नहीं रह जाती हैं बच्चे पैदा होने के बाद मां की हड्डियां, होते हैं कई अहम बदलाव](https://vaigyanikchetna.com/health/chittaranjan-das-birth-anniversary-a-lawyer-revolutionary-politician-and-social-servant/) - मकाक्स (Macaques) पर हुए अध्ययन में पाया गया है कि बच्चे पैदा करने के बाद (Post Pregnancy) मादाओं की हड्डियों में कई तरह के बदलाव देखने को मिलते हैं जिनमें से कुछ तो स्थायी भी होते हैं. इस अध्ययन का वैसे तो मानवों (Humans) से कोई सीधा संबंध नहीं हैं. लेकिन वैज्ञानिकों का मानना है - [शिक्षा मंत्रालय की रिपोर्ट : कोरोना काल में देश के 20 हजार से अधिक स्कूल हुए बंद, शिक्षकों की संख्या घटी](https://vaigyanikchetna.com/education/ministry-of-education-report-nearly-20000-schools-closed-in-india-in-2021-22-due-to-covid/) - रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया कि सिर्फ 44.85 फीसदी स्कूलों में कंप्यूटर की सुविधा थी जबकि लगभग 34 फीसदी में ही इंटरनेट कनेक्शन था। वहीं केवल 27 फीसदी स्कूलों में विशेष आवश्यकता वाले बच्चों (सीडब्ल्यूएसएन ) के लिए विशेष शौचालय हैं, उनमें से 49 फीसदी से अधिक में रेलिंग वाला रैंप है। कोरोना - [अध्ययन : पक्षियों के करीब रहने से बेहतर होती है मानसिक रूप से पीड़ित लोगों की सेहत](https://vaigyanikchetna.com/science/being-around-birds-has-lasting-mental-health-benefits-says-research/) - स्मार्टफोन ऐप (Smartphone App) के जरिए जमा किए गए आंकड़ों अध्ययन के आधार पर प्रकृति और मानसिक सेहत (Mental Health) के बारे में नई जानकारी मिली है. वैज्ञानिकों का कहना है कि पक्षियों (Birds) को देखने और सुनने से मानसिक सेहत में सुधार होता है. इस तरह के पहली बार हुए अध्ययन में शोधकर्ताओं ने - [अध्ययन : यातायात से होने वाले खतरनाक वायु प्रदूषण से व्यक्ति में बढ़ सकता है डिमेंशिया का खतरा](https://vaigyanikchetna.com/science/traffic-related-air-pollution-may-increase-risk-of-dementia/) - दयानिधि एक तरह के यातायात से होने वाले वायु प्रदूषण से खतरनाक कण निकलते हैं जिन्हें पार्टिकुलेट मैटर कहा जाता है। यह मनोभ्रंश या डिमेंशिया के बढ़ते खतरे से जुड़ा हो सकता है। शोधकर्ताओं ने विशेष रूप से सूक्ष्म कण पीएम 2.5 को देखा, जो हवा में बिखरे 2.5 माइक्रोन से कम व्यास के प्रदूषक कण होते हैं। मेटा विश्लेषण में - [परीक्षण को मिली कामयाबी, 6 महीने तक मलेरिया नहीं होने देगी यह दवा‌ : मलेरिया की वैक्सीन शीघ्र](https://vaigyanikchetna.com/science/antibody-treatment-tested-as-new-tool-against-malaria/) - अफ्रीका में शोधकर्ताओं को मलेरिया की रोकथाम की दिशा में एक बड़ी कामयाबी मिली है. उन्होंने एक ऐसी दवा पर परीक्षण किया है, जो एक बार लेने पर छह महीने तक बीमार नहीं होने देती. वैसे तो मलेरिया के खिलाफ वैक्सीन तैयार करने की दिशा में भी काम काफी आगे बढ़ चुका है लेकिन इस - [चन्द्रमा धीरे धीरे धरती से प्रत्येक वर्ष करीब 3.8 सेन्टीमीटर दूर होता जा रहा है : अध्ययन](https://vaigyanikchetna.com/science/moon-slowly-moving-away-from-earth-by-3-8-cm-every-year-study/) - दयानिधि 2.46 अरब साल पहले चंद्रमा पृथ्वी के लगभग 60,000 किलोमीटर करीब था, इससे एक दिन का समय अब 24 घंटों की तुलना में बहुत कम 17 घंटे रहा होगा रात में आसमान में चांद की तरफ देखकर आप कभी अंदाजा भी नहीं लगा पाएंगे कि यह धीरे-धीरे पृथ्वी से दूर जा रहा है। 1969 - [अध्ययन : धरती पर प्रजातियों के सामूहिक रूप से विलुप्त होने का छठा चरण शुरू, होंगे गंभीर परिणाम](https://vaigyanikchetna.com/science/the-sixth-phase-of-mass-extinction-of-species-begins-alarm-bells/) - विभिन्न प्रताजियां असामान्य तेजी से विलुप्त हो रही हैं और हमारे आज के प्रयास ही भविष्य में ऐसी भयंकर स्थिति को रोक सकते हैं, जिसके बारे में कल्पना भी नहीं की जा सकती। दुनिया भर में बढ़ते सबूत इस बात का इशारा कर रहे हैं कि हम प्रजातियों के सामूहिक रूप से विलुप्त होने के - [अध्ययन : सिर्फ पानी के कणों से ही नहीं, कीट पतंगों के पंख फड़फड़ाने से भी पैदा हो सकती है आसमानी बिजली](https://vaigyanikchetna.com/science/galaxy-winds-cosmic-rays-driving-finds-astronomers/) - कीड़ों (Insects) के वायुमंडल पर प्रभाव पर हुए अध्ययन में वैज्ञानिकों ने पाया है कि उनके झुंड में पंख फड़फ़ाने से आसमान में बिजली (Lightening) बनने का प्रभाव हो सकता है. इस अध्ययन में उन्होंने बारीकी से अध्ययन कर देखा है कि कैसे तितलीय, टिड्डी या अन्य कीटों के पंख फड़फड़ाने से हवा में मौजूद - [अध्ययन : अपनी त्वचा के खास पदार्थ के कारण कुछ लोग मच्छरों को करते हैं अधिक आकर्षित](https://vaigyanikchetna.com/science/ganesh-shankar-vidyarthi-birth-anniversary-simple-freedom-fighter-and-journalist/) - मच्छरों (Mosquitoes) और इंसानों (Humans) के बीच संबंध को लेकर हुए अध्ययन में पाया गया है कि कुछ लोग मच्छरों को ज्यादा आकर्षित करते है. इसका कारण उनकी त्वचा का खास पदार्थ है जो ऐसी गंध (Special smell) पैदा करता है जिससे मच्छर इंसान की ओर खिंचे चले आते हैं. इस अध्ययन ने पुरानी कई - [रिसर्च : प्रत्यारोपण के बाद भी 100 से भी अधिक वर्षों तक काम कर सकता है हमारा लीवर](https://vaigyanikchetna.com/science/our-liver-can-stay-functional-for-over-100-years/) - ललित मौर्य रिसर्च से पता चला है कि जो लीवर 100 वर्ष या उससे ज्यादा समय तक कार्यशील रहे उनको देने वाले दानकर्ताओं की औसत उम्र करीब 84.7 वर्ष थी. क्या आप जानते है कि हमारा लीवर 100 से ज्यादा वर्षों तक काम कर सकता है। इस बारे में अमेरिका स्थित यूनिवर्सिटी आफ टेक्सास के - [रिपोर्ट : इको सिस्टम को समझने और बचाने में बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकता है अमेरिका के येलोस्टोन नेशनल पार्क का अनुभव](https://vaigyanikchetna.com/science/siddharth-tabish/) - सिद्धार्थ ताबिश अगर आपको ये समझना है कि एको सिस्टम यानि हमारी प्रकृति का पारिस्थितिकी तंत्र कैसे काम करता है तो आपको अमेरिका के येलोस्टोन नेशनल पार्क के उदाहरण से इसे समझना चाहिए.. चूँकि हमारा एको सिस्टम एक जटिल कार्यप्रणाली है जिसे आप अपनी आखों से देखकर कभी समझ नहीं सकते हैं.. आप ये कभी - [जलवायु परिवर्तन : तेजी से पिघल रहा ग्लेशियर बन सकता है अगली महामारी का कारण](https://vaigyanikchetna.com/science/arctic-could-soon-unleash-the-next-pandemic-know-why/) - जलवायु परिवर्तन (Climate Change) और सेहत के बीच संबंध पर एक अध्ययन में पाया गया है कि आर्कटिक(Arctic) में पिघलती बर्फ जल्दी ही दुनिया में महामारी का कारण बन सकता है. शोधकर्ताओं का कहना है कि आर्कटिक की बर्फ पिघलने से वह नए वायरल महामारियों (Viral Pandemic) के लिए “उपजाऊ जमीन” बन जाएगा और यह - [वैज्ञानिकों को मिली बड़ी सफलता, चांद पर अब हो सकेगी खेती, 2025 तक चांद पर पौधे उगाने का दावा](https://vaigyanikchetna.com/science/now-farming-can-be-done-on-the-moon-big-success-for-scientists/) - पृथ्वी के अलावा दूसरे ग्रहों पर जीवन की संभावना तलाशने दुनिया भर के वैज्ञानिक अलग-अलग प्रकार की खोजें करते रहते हैं। इस क्रम में मंगल ग्रह और पृथ्वी के उपग्रह चंद्रमा पर कई रिसर्च किए जा रहे हैं। हाल ही में ऑस्ट्रेलिया के वैज्ञानिक ने चंद्रमा पर जीवन को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने - [जलवायु के इतिहास में एक नया रिकॉर्ड दर्ज, पांचवां सबसे गर्म रहा 2022 का सितम्बर महीना](https://vaigyanikchetna.com/science/new-record-recorded-in-climate-history-the-fifth-warmest-in-history-was-recorded-in-september-2022/) - ललित मौर्य पिछले 453 महीनों में कोई भी महीना ऐसा नहीं रहा जब तापमान सामान्य से नीचे दर्ज किया गया हो। यह स्पष्ट तौर पर बदलती जलवायु और वैश्विक तापमान में होती वृद्धि को इंगित करता है. सितम्बर 2022 के साथ जलवायु इतिहास में एक और नया रिकॉर्ड दर्ज हो गया जब पांचवा सबसे गर्म - [शोध : डायबिटीज एवं हृदय रोग जैसी बीमारियों की एक प्रमुख वजह होती है मोटापा और वायु प्रदूषण से है उसका गहरा नाता](https://vaigyanikchetna.com/science/air-pollution-and-obesity-are-linked-together-shows-study/) - आधुनिक जीवन शैली (Modern Lifestyle) की वजह से आज कल लोगों को डायबिटीज, कई तरह के हृदय रोग आदि हो रहे हैं. इनकी प्रमुख वजह लोगो में बढ़ता मोटापा (Obesity) भी है. अध्ययन में शोधकर्ताओं ने शारीरिक संरचनाओं को प्रभावित करने वाले कई कारकों का वायु प्रदूषण (Air Pollution) से सीधा संबंध पाया है. जिससे - [अध्ययन : पिछले 50 वर्षों में ताजे पानी के जलीय जीवों की संख्या में 83 प्रतिशत की कमी](https://vaigyanikchetna.com/science/code-red-for-earth-fresh-water-species-population-decline/) - बीते 50 वर्षों में दुनिया में ताजे पानी के जलीय जीवों की संख्या में 83% की कमी आई है। जंगली जीवों के मामले में यह आंकड़ा 69% का है। यानी दुनियाभर में वन्यजीव तेजी से कम हो रहे हैं। यह चौकाने वाले आंकड़े अंतरराष्ट्रीय संस्था वर्ल्ड वाइड फंड फॉर नेचर (डब्लूडब्लूएफ) की हर दो साल - [अध्ययन : पहली बार वैज्ञानिकों ने देखी दो ब्लैक होल के बीच टकराव की अनोखी घटना](https://vaigyanikchetna.com/अंतरिक्ष/wobbling-effect-found-in-black-holes-collision-most-extreme-example-ever-detected-viks/) - ब्लैक होल (Black Hole) के टकराव को लेकर वैज्ञानिकों ने अनोखी घटना देखी है. नए अध्ययन LIGO और VIRO वेधशाला के गुरुत्व तरंगों के अवलोकन से पहली बार किसी द्विज ब्लैक होल तंत्र के डगमगाहट की परिघटना देखी है जिसका पूर्वानुमान आइंस्टीन (Albert Einstein) के सापेक्षता का सिद्धांत करता है. इस परिघटना का उन्हें काफी - [रिपोर्ट : पिछले 50 वर्षों में दुनिया के लगभग दो तिहाई जंगली जीव खत्म हो गए - WWF](https://vaigyanikchetna.com/nature/global-wildlife-populations-have-sunk-69-since-1970/) - दुनिया भर में जंगली जीवों की आबादी पिछले 50 वर्षों में दो तिहाई से ज्यादा घट गई है. कटते जंगलों और कचरे से भरते महासागरों से प्रकृति के कई हिस्से मिट रहे हैं. जल से लेकर जमीन तक वन्यजीवों की रिहाइश हर जगह खतरे में है. वर्ल्ड वाइल्डलाइफ फंड यानी डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के ताजा आंकड़ों के - [नीति आयोग की रिपोर्ट : सबसे गरीब राज्यों में शामिल हैं झारखंड, बिहार एवं उत्तर प्रदेश](https://vaigyanikchetna.com/social/bihar-jharkhand-up-emerge-as-poorest-states-in-india-niti-aayog/) - इस रिपोर्ट में कहा गया है कि महत्वपूर्ण रूप से यह सूचकांक परिवारों द्वारा सामना किए जाने वाले कई अभावों को दर्ज करता है। नीति आयोग के बहुआयामी गरीबी सूचकांक (MPI) के अनुसार, बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश भारत के सबसे गरीब राज्यों के रूप में उभरे हैं। सूचकांक के अनुसार, बिहार की 51.91 प्रतिशत - [तीसरे झारखंड साइंस फिल्म फेस्टिवल में दिखाई जाएंगी झारखंड और देश भर की खास फिल्में, पर्यावरण संरक्षण पर होगा बल](https://vaigyanikchetna.com/science/films-from-jharkand-and-all-over-india-to-be-screened-at-third-jharkhand-film-festival/) - विकास कुमार साइंस फॉर सोसाइटी, झारखंड द्वारा वैज्ञानिक एवं लोकतांत्रिक चेतना के विकास एवं विस्तार के लिए जन विज्ञान अभियान को आगे बढ़ाए जाने का सिलसिला जारी है. इसी कड़ी में झारखंड साइंस फिल्म फेस्टीवल 2022 का कारवां अब उत्तरी छोटानागपुर की और बढ़ चुका है. तीसरा फ़ेस्टिवल 14-18 अक्टूबर के बीच बोकारो और गिरिडीह - [भारत सहित विश्व भर में पक्षियों की आठ में से एक यानी 12.8 प्रतिशत प्रजातियां विलुप्त होने की कगार पर](https://vaigyanikchetna.com/science/decline-in-5-412-species-of-birds-around-the-world-including-india/) - वहीं पक्षियों की आठ में से एक यानी 12.8 फीसदी प्रजातियां विलुप्त होने की कगार पर हैं. वैश्विक स्तर पर पक्षियों की 49 फीसदी यानी करीब 5,412 प्रजातियों की संख्या में गिरावट आ रही है। यह जानकारी पक्षियों के लिए काम कर रहे अंतराष्ट्रीय संगठन बर्ड लाइफ इंटरनेशनल द्वारा जारी नई रिपोर्ट “स्टेट ऑफ द - [10 अक्टूबर, विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस : मौजूदा हालात में बेहद जरूरी है मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जन जागरूकता](https://vaigyanikchetna.com/science/world-mental-health-day-2022/) - ‘वर्ल्ड मेंटल हेल्थ डे ’ हर साल पूरे विश्व में 10 अक्टूबर को मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य दुनिया भर में मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दों के बारे में जागरूकता बढ़ाना और मानसिक स्वास्थ्य के समर्थन में प्रयास करना है. यह दिवस मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दों पर काम करने वाले सभी लोगों को अपने काम के - [फ्रांस की लेखिका एनी एर्नोक्स को मिला 2022 का, साहित्य का नोबेल पुरस्कार, जिनके साहसिक लेखन ने देश का कानून बदला](https://vaigyanikchetna.com/science/nobel-prize-2022-french-iterature-annie-ernaux/) - फ्रांस की लेखिका Annie Ernaux को साहित्य का नोबेल पुरस्कार (Nobel Prize) मिला है। पुरस्कार देने वाली निकाय ने गुरुवार को बताया कि फ्रांसीसी लेखिका को यह पुरस्कार उनकी उल्लेखनीय लेखनी के लिए दिया गया है जिसमें उनकी हिम्मत और प्रखरता की झलक है। 82 वर्षीय फ्रांस की लेखिका ने पूरे साहस और प्रखरता के - [स्वीडन के वैज्ञानिक स्वांते पाबो को मिला मेडिसिन के क्षेत्र में 2022 का नोबेल पुरस्कार, 40 वर्ष पूर्व यही उनके पिता को मिला था](https://vaigyanikchetna.com/science/nobel-prize-2022-updates-swedish-scientist-svante-paabo-wins-after-40-year-his-fathers-nobel-prize/) - 'मानव विकास' से जुड़ी कई गुत्थियां सुलझाने के लिए स्वीडन के वैज्ञानिक स्वांते पाबो (Svante Paabo) को इस साल के पहले नोबेल पुरस्कार (Nobel Prize 2022) के लिए चुना गया है. पाबो को मेडिसिन का नोबेल पुरस्कार दिया जाएगा, जिसे दुनिया में वैज्ञानिक वर्ग का सबसे ज्यादा प्रतिष्ठित सम्मान माना जाता है. खास बात ये - [अध्ययन : विकेंद्रीकृत नवीन ऊर्जा का क्षेत्र ग्रामीण इलाकों के लिए बन सकता है वरदान, ‌रुक सकता है पलायन](https://vaigyanikchetna.com/science/decentralised-renewable-energy/) - मनीष कुमार विकेंद्रीकृत नवीन ऊर्जा का देश के ग्रामीण इलाकों में देखा जाना आजकल आम होता जा रहा है। सौर ऊर्जा से ग्रामीण क्षेत्र में कई चुनौतियों का समाधान खोजा जा रहा है। ग्रामीणों क्षेत्र में किसान इसकी मदद से सिंचाई मे सहूलियत पा रहे हैं तो दूसरी तरफ महिलाएं कुटीर उद्योग में इसका इस्तेमाल - [वैज्ञानिकों ने पहली बार सिट्रस यानी खट्टे फलों में खोजा चीनी का प्राकृतिक विकल्प : बदल सकता है फूड इंडस्ट्री का भविष्य](https://vaigyanikchetna.com/science/sugar-scientists-have-discovered-its-natural-alternatives-in-citrus-fruit/) - ललित मौर्य वैज्ञानिकों ने सिट्रस फलों में एक कृत्रिम स्वीटनर, 'ऑक्सीम वी' के भी प्राकृतिक स्रोत की खोज की है, जिसे इससे पहले कभी प्राकृतिक स्रोतों से नहीं खोजा गया था. वैज्ञानिकों ने पहली बार सिट्रस यानी खट्टे फलों जैसे संतरा, चकोतरा, नारंगी आदि में प्राकृतिक मिठास यानी नेचुरल स्वीटनर्स खोज की है, जो फूड इंडस्ट्री - [अध्ययन : पृथ्वी पर 20 हजार खरब चींटियां, जर्मनी के वैज्ञानिकों ने धरती पर मौजूद सारी चींटियों की गिनती की](https://vaigyanikchetna.com/science/how-many-ants-are-on-earth-20-quadrillion-study-says/) - चींटियों की अनंत कतारें देखकर आपके मन में कभी ये सवाल आया है कि पृथ्वी पर कुल कितनी चींटियां होंगी ? अगर हां तो आप भी उन शोधकर्ताओं जैसे हैं जिन्होंने धरती पर मौजूद चींटियां गिनने की कोशिश की है. एक ताजा अध्ययन के मुताबिक पृथ्वी पर बीस हजार खरब या 20 क्वॉड्रिलियन चींटियां हैं. - [अध्ययन : बढ़ती एलईडी लाइटिंग से बढ़ रहा है नए प्रदूषण का खतरा, मनुष्य के साथ साथ अन्य जीव जंतु भी होंगे प्रभावित](https://vaigyanikchetna.com/science/led-lighting-risk-of-new-pollution-harmful-to-the-health-of-organisms/) - ललित मौर्य ब्लू लाइटिंग, मनुष्यों और अन्य जानवरों के शरीर में मेलाटॉनिन हार्मोन के उत्पादन को प्रभावित कर सकती है, जिसकी वजह से उनके नींद के पैटर्न पर असर पड़ सकता है. पहले रात में अंधियारे की चादर ओढ़े तारों को देखना एक अलग ही अनुभव था, लेकिन समय बीता तो न बचपन रहा, न - [शोध : आई आई टी गुवाहाटी के ‌शोधार्थियों ने खोजा कीमो का नया तरीका , कैंसर के मरीजों को मिलेगी राहत](https://vaigyanikchetna.com/science/iit-guwahati-discovered-a-new-way-of-chemotherapy/) - आईआईटी गुवाहाटी के वैज्ञानिकों का मानना है कि उनका दृष्टिकोण कीमोथेरेपी के लिए ज्यादा प्रभावी और नगण्य दुष्प्रभाव वाले उन्नत दवा वाहकों के विकास का रास्ता साफ करेगा।भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान-गुवाहाटी के शोधकर्ताओं ने एक कैंसर रोगी की संक्रमित कोशिकाओं तक सीधे कीमोथेरेपी दवाओं को पहुंचाने के लिए एक नई रणनीति विकसित की है जिससे दुष्प्रभावों - [रिपोर्ट : भारत में 66 फीसदी मौत का कारण बनती हैं गैर संक्रामक बीमारियां, हर मिनट 12 लोगों की जाती है जान - WHO](https://vaigyanikchetna.com/science/non-communicable-diseases-which-are-killing-12-people-every-minute-in-india/) - ललित मौर्य भारत में 66 फीसदी यानी 60.5 लाख मौतों की वजह यह गैर संक्रामक बीमारियां थी। देखा जाए तो महिलाओं के मामले में यह आंकड़ा 65 फीसदी था दुनिया भर में होने वाली करीब तीन-चौथाई मौतों के लिए कैंसर, मधुमेह, सांस और ह्रदय रोग जैसी गैर संक्रामक बीमारियां जिम्मेवार हैं। देखा जाए तो यह - [विश्व पर्यावरण स्वास्थ्य दिवस - 2022 : खुद के साथ साथ‌ प्रकृति, परिवेश एवं पर्यावरण का भी रखें ध्यान](https://vaigyanikchetna.com/science/world-environment-health-day-2022/) - वर्ष 2011 से हर वर्ष इस दिन को 26 सिंतबर को विश्व पर्यावरण स्वास्थ्य दिवस मनाया जाता है। विश्व पर्यावरण स्वास्थ्य दिवस को मनाने के पीछे मुख्य उद्देश्य पर्यावरण को हो रहे नुकसान पर की तरफ लोगों का ध्यान खीचना है। क्योंकि ये माना जाता है कि पर्वारण को हो रहे लगातार नुकसान से मानव - [अध्ययन : पूर्वोत्तर का राज्य मेघालय की एक गुफा में छिपा है हजारों वर्ष पूर्व के मौसम का इतिहास](https://vaigyanikchetna.com/science/meghalya-cave-history-of-weather-in-india/) - प्रभाकर मणि तिवारी पूर्वोत्तर राज्य मेघालय की एक गुफा में मौजूद खनिज स्तंभों के अध्ययन से भारत में बीते एक हजार वर्षों के सूखे के इतिहास और बारिश की जानकारी मिली है. यह गुफा गुजरे जमाने के मौसम से जुड़े कई रहस्यों पर से पर्दा उठा सकती है. यह अध्ययन प्रोसीडिंग्स ऑफ द नेशनल एकेडमी - [अध्ययन : पहली बार सौर प्रणाली से बाहर एक ग्रह पर कार्बन डाइऑक्साइड का पता चला](https://vaigyanikchetna.com/science/carbon-dioxide-detected-around-an-exoplanet-atmosphere-for-first-time/) - दयानिधि वेब टेलीस्कोप का पहला एक्सोप्लैनेट परिणाम वैज्ञानिकों को यह समझने में मदद कर सकता है कि ग्रह कैसे बनते हैं. खगोलविदों ने 700 प्रकाश वर्ष दूर शनि के आकार के ग्रह के वातावरण में कार्बन डाइऑक्साइड (सीओ 2) खोजी है। यह पहली बार है जब सौर मंडल से परे किसी ग्रह में गैस का स्पष्ट पता लगा है। - [NASA Mission: अगले हफ्ते होगी अंतरिक्ष यान की उल्कापिंड डायमॉरफस से ऐतिहासिक टक्कर](https://vaigyanikchetna.com/science/next-week-nasa-spacecraft-into-an-asteroid/) - विवेक कुमार (रॉयटर्स ) अगले सोमवार मनुष्य जाति एक अद्भुत घटना की गवाह बनेगी जब पहला ग्रह-सुरक्षा टेस्ट होगा. एक अंतरिक्ष यान को एक करोड़ किलोमीटर दूर एक उल्कापिंड से टकराया जाएगा. 26 सितंबर को अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के 33 करोड़ डॉलर यानी लगभग 26 अरब रुपये के बने एक अंतरिक्ष यान को जानबूझकर एक - [देश के 44 शहरों में हवा 'बेहतर' , जबकि 79 शहरों की श्रेणी 'संतोषजनक' : केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड](https://vaigyanikchetna.com/science/air-quality-tracke/) - ललित मौर्य देश के 156 शहरों में भिवाड़ी की हवा सबसे ज्यादा खराब थी जहां प्रदूषण का स्तर 196 दर्ज किया गया, वहीं आइजोल में हवा सबसे ज्यादा साफ थी केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा 20 सितम्बर 2022 को जारी रिपोर्ट में कहा गया है कि देश के 156 शहरों में से 44 में हवा 'बेहतर' - [शोध : गन्ने की खोई से चीनी का सुरक्षित विकल्प 'जाइलिटोल' तैयार करने में मिली सफलता, मधुमेह के रोगियों को मिलेगी राहत](https://vaigyanikchetna.com/science/new-technology-to-prepare-sugar-substitute-from-sugarcane-waste/) - ( इंडिया साइंस वायर ) शोधकर्ताओं ने गन्ने की खोई ( गन्ने की पेराई के बाद बचे अवशेष ) से 'ज़ाइलिटोल' नामक चीनी के सुरक्षित विकल्प का उत्पादन करने के लिए अल्ट्रासाउंड-समर्थित किण्वन विधि विकसित की है, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी ) गुवाहाटी के शोधकर्ताओं ने गन्ने की खोई ( गन्ने की पेराई के बाद - [जयंती : झारखंड के लको बोदरा ने ही की थी समृद्ध 'हो' भाषा के लिए वारंग क्षिति लिपि की खोज](https://vaigyanikchetna.com/social/lako-bodra-biography/) - “हो” भाषा के सुप्रसिद्ध साहित्यकार पंडित गुरुकुल लको बोदरा ने आदिवासी समाज के उत्थान के लिए अपना संपूर्ण जीवन समर्पित कर दिया. “हो” भाषा भारत में झारखंड, पश्चिम बंगाल और उड़ीसा के आदिवासी क्षेत्रों में बहुत आयात में बोली जाती है. पंडित लको बोदरा ने ही वर्ष 1940 में वारंग क्षिति नामक लिपि की खोज - [दुनिया में पेड़ों की 17,510 प्रजातियों पर मंडरा रहा है विलुप्त होने का खतरा, 142 प्रजातियां पहले ही विलुप्त हो चुकीं](https://vaigyanikchetna.com/science/species-of-trees-are-in-danger-extinction-important-to-save/) - ललित मौर्य दुनिया में पेड़ों की 58,497 प्रजातियों में से करीब एक तिहाई पर विलुप्त होने का खतरा मंडरा रहा है दुनिया भर में पेड़ों की करीब 17,510 प्रजातियों पर विलुप्त होने का खतरा मंडरा रहा है, जबकि पेड़ों की 142 प्रजातियां ऐसी हैं जो पहले ही विलुप्त हो चुकी हैं। ऐसे में वैज्ञानिकों ने - [इस सप्ताह पृथ्वी के पास से गुजरने वाले 5 बड़े एस्टेरॉयड में से एक 18 सितंबर को 62,820 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से गुजरेगा : नासा](https://vaigyanikchetna.com/science/asteroids-the-earth-this-week-one-statue-of-unity/) - दयानिधि 2005 आरक्स 3 के अलावा, चार एस्टेरॉयड जो इस सप्ताह पृथ्वी की ओर बढ़ रहे हैं, वे हैं 2020 पीटी4, 2022 क्यूडी1, 2022 क्यूबी37 और 2022 क्यूजे J50। नेशनल एरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन (नासा ) के एस्टेरॉयड पर नजर रखने वाली प्रणाली के हालिया जानकारी के अनुसार, इस सप्ताह पांच बड़े एस्टेरॉयड पृथ्वी के - [पौधों से कीड़ों, फिर कीड़ों से मछलियों और मछलियों से हमारे भीतर पहुंच रहा है प्लास्टिक](https://vaigyanikchetna.com/enviornment/plastic-in-our-food-from-plants-to-insects-and-from-insects-to-fish-study/) - दयानिधि एक नए अध्ययन से पता चलता है कि लेट्यूस का पौधा मिट्टी से प्लास्टिक के कणों को ग्रहण कर उन्हें खाद्य श्रृंखला में स्थानांतरित कर सकता है। प्लास्टिक प्रदूषण के बारे में चिंता तब और बढ़ गई जब यह महसूस किया गया कि वातावरण में प्लास्टिक माइक्रोप्लास्टिक और नैनोप्लास्टिक के रूप में जाने जाने वाले - [स्पेशल रिपोर्ट : मध्य प्रदेश में भीमबेटका गुफाओं में हज़ारों साल पुराने शैलचित्रों ( Rockart ) में दिखता आदि मानव का अतीत ](https://vaigyanikchetna.com/science/thousand-years-old-rock-art-in-bhimbedka-rockshelters-in-madhya-pradesh/) - विकास कुमार मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से करीब 45 km दूर, दक्षिण पूर्व में स्थित भीमबेटका गुफाएं किसी भी इतिहास प्रेमी को अपनी ओर खींच लाती हैं. वजह है हमारे मानव पूर्वजों द्वारा बनाए गए हज़ारों साल पुराने शैलचित्र ( Rockart ) और शैलाश्रय ( Rockshelters ) यहाँ आज भी मौजूद हैं. विंध्याचल के - [कोल्हान का अद्भुत सौंदर्य, समृद्ध भाषा - संस्कृति एवं संघर्ष की शानदार विरासत से रूबरू होने का सबब बना दूसरा झारखंड साइंस फिल्म फेस्टिवल - 2022](https://vaigyanikchetna.com/education/second-film-festival-on-17th-20th-august-in-jharkhand/) - डी एन एस आनंद 17 से 20 अगस्त तक कोल्हान क्षेत्र के चार केन्द्रों पर आयोजित दूसरा झारखंड साइंस फिल्म फेस्टिवल निर्धारित लक्ष्य हासिल करने में सफल रहा। इसका आयोजन क्रमशः 17 सितंबर को जमशेदपुर, 18 को पटमदा, 19 को चाईबासा एवं 20 सितंबर को चांडिल में किया गया। प्रतिकूल परिस्थितियों एवं न्यूनतम साधन सुविधाओं - [रिसर्च : वैज्ञानिकों ने खोजा फसल बर्बाद करने वाले कीटों को भ्रमित करने का तरीका, रुकेगी फसलों की बर्बादी](https://vaigyanikchetna.com/science/effective-crop-destroying-pests/) - दयानिधि व्यवहार बदलने वाले फेरोमोन पैदा करने में मदद करने वाला पौधा पर्यावरण के अनुकूल कीट नियंत्रण को बढ़ावा दे सकता है. हर साल, कीट दुनिया भर में उगाई जाने वाली फसलों के पांचवें हिस्से से अधिक सफाचट कर जाते हैं। कई किसान अपनी फसल की रक्षा के लिए कीटनाशकों की ओर रुख करते हैं। लेकिन कुछ - [विश्व की 99 प्रतिशत आबादी अब प्रदूषित हवा में सांस ले रही है तथा वायु प्रदूषण के कारण हर साल 70 लाख लोग मारे जाते हैं - WHO](https://vaigyanikchetna.com/science/clean-air-blue-skies-breathing-polluted-air/) - दयानिधि डब्ल्यूएचओ, लैंसेट प्लैनेटरी हेल्थ के अनुसार वायु प्रदूषण के कारण हर साल 70 लाख लोग मारे जाते हैं, जिनमें से 90 प्रतिशत निम्न और मध्यम आय वाले देशों के होते है .उल्लेखनीय है कि नीले आसमान के लिए स्वच्छ हवा का अंतर्राष्ट्रीय दिवस ( इंटरनेशनल डे ऑफ क्लीन एयर फॉर ब्लू स्काई ) हर - [भारत में दक्षिण अफ्रीका से आएंगे फ्लाइंग चीता, यहां 1952 में ही कर दिए गए थे विलुप्त घोषित](https://vaigyanikchetna.com/science/flying-cheetah-south-africa-lions/) - दक्षिण अफ्रीका अपने चीतों को भारत और मोजाम्बिक भेज रहा है। इन चित्तीदार बिल्लियों को भारत में 1952 में ही विलुप्त घोषित कर दिया गया था, तब से ही भारत प्रयास कर रहा था कि कैसे भी देश में चीतों को लाया जाए। दक्षिण अफ्रीका अपने चीतों को भारत और मोजाम्बिक भेज रहा है। इन - [मुनाफे के लिए लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ : भारत में 47.1 प्रतिशत एंटीबायोटिक दवाओं का बिना मंजूरी के इस्तेमाल - शोध](https://vaigyanikchetna.com/science/antibiotics-medicine/) - देश में जनता की जिंदगी से खिलवाड़ करने का नजारा न केवल लॉकडाउन में देखने को मिला था, बल्कि लॉकडाउन के बाद भी देखने को मिल रहा है। देश की स्वास्थ्य व्यवस्था कैसी है? यह बात किसी से छिपी नहीं है। जहाँ एक तबका इलाज के अभाव में दम तोड़ रहा है, तो वहीं दूसरा - [रिसर्च : अरहर के बीजावरण (भूसी) में दूध की तुलना में छः गुना अधिक कैल्शियम, कई बीमारियों में भी है फायदेमंद](https://vaigyanikchetna.com/nature/arhar-seed-calcium-milk-icrisat/) - ललित मौर्य अरहर के केवल 100 ग्राम बीजावरण (खोल) में करीब 652 मिलीग्राम कैल्शियम होता है, जबकि दूसरी तरफ 100 मिलीलीटर दूध में कैल्शियम की मात्रा 120 मिलीग्राम ही होती है क्या आप जानते हैं, अरहर/तुअर के बीजावरण यानी उसकी भूसी में दूध की तुलना में छह गुना ज्यादा कैल्शियम होता है, लेकिन उसके बावजूद - [कोराना वायरस के खिलाफ जंग में एक और कामयाबी, भारत बायोटेक की, नाक से दी जाने वाली वैक्सीन को मंजूरी मिली](https://vaigyanikchetna.com/science/intranasal-vaccine/) - हैदराबाद स्थित भारत बायोटेक ने पिछले महीने बताया था कि उसकी कोविड-19 इंट्रानेजल वैक्सीन तीसरे फेज के ट्रायल में सुरक्षित पाई गई है। इस परीक्षण में करीब 4000 लोग शामिल हुए थे। इस वैक्सीन का नाम BBV154 है। कोरोना वायरस के खिलाफ जंग में एक और हथियार मिल गया है। भारत बायोटेक की नाक से ## Pages - [नीति आयोग का इंडिया इनोवेशन इंडेक्स जारी, कर्नाटक पहले स्थान पर, शीर्ष-10 राज्यों में पंजाब, उत्तर प्रदेश, झारखंड भी शामिल](https://vaigyanikchetna.com/विज्ञान/niti-aayog-releases-innovation-index/) - नीति आयोग ने अपना तीसरा इनोवेशन इंडेक्स जारी कर दिया है । नवाचार क्षमताओं और कारोबारी माहौल मुहैया कराने के मामले में 17 प्रमुख राज्यों की श्रेणी में कर्नाटक तीसरे साल भी पहले स्थान पर है। तेलंगाना दूसरे व हरियाणा तीसरे स्थान पर हैं। शीर्ष-10 राज्यों में पंजाब व उत्तर प्रदेश भी शामिल हैं। नीति - [Privacy Policy](https://vaigyanikchetna.com/privacy-policy/) - At Vaigyanik Chetna, accessible from https://vaigyanikchetna.com/, one of our main priorities is the privacy of our visitors. 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