दयानिधि

पेट की चर्बी ऑवरऑल मोटापे से कहीं ज्यादा खतरनाक है. पेट की चर्बी अगर बढ़ जाए तो यह बढ़ते-बढ़ते लिवर, आंतें और यहां तक कि हार्ट को भी घेरने लगती है. इससे कार्डियोवैस्कुल डिजीज सहित कई बीमारियों के बढ़ने का खतरा ज्यादा हो जाता है.

डब्ल्यूएचओ के मुताबिक विश्व में 2 अरब से ज्यादा लोग मोटापे के शिकार हैं. डब्ल्यूएचओ की परिभाषा के मुताबिक अगर बीएमआई 25 से 30 के बीच है तो उसका वजन ज्यादा है और यदि बीएमआई 30 से ज्यादा है तो वह व्यक्ति मोटापे का शिकार है. मोटापा बॉडी में अतिरिक्त फैट के जमा होने से होता है. फैट एनर्जी के स्टोर होने का महत्वपूर्ण स्रोत है. फैट टिशू से हार्मोन रिलीज होता है जो मेटाबोलिज्म और भूख को कंट्रोल करता है.

लेकिन यही फैट जब बहुत ज्यादा हो जाता है तो कई बीमारियों का कारण बनने लगता है. फैट कई तरह के होते हैं-व्हाइट, ब्राउन, बिजे और पिंक. इनमें से कुछ बहुत फायदेमंद होते हैं जबकि कुछ हमारे लिए बहुत नुकसानदेह होता है. ब्राउन फैट फायदेमंद होता है जबकि व्हाइट फैट नुकसानदेह होता है.

फैट जमा होने की जगह

1. सबक्यूटेनियस फैट -हार्वर्ड हेल्थ एजुकेशन के मुताबिक जो फैट स्किन के नीचे जमा होता है उसे सबक्यूटेनियस फैट कहते हैं. यह अमूमन नुकसान नहीं पहुंचाता. यह एक तरह से स्किन के नीचे कुशन का काम करता है. जब यह ज्यादा हो जाता है तो कमर, हिप्स, अपर बैक, बैक और थाई के पास जमा होता है. आमतौर पर वेस्टर्न देशों में और महिलाओं में सबक्यूटेनियस फैट ही होता है. हालांकि यह भी अगर बहुत ज्यादा हो जाए तो कई बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है.

2. विससरल फैट-विससरल (Visceral) खतरनाक होता है. भारत में अधिकांश लोगों को विससरल फैट ही होता है. विससरल फैट आमतौर पर पेट के पास जमा होने लगता है. इसे बेली फैट कहा जाता है. यह इतना खतरनाक होता है कि बढ़ते-बढ़ते एब्डोमिनल कैविटी, डाइजेस्टिव सिस्टम, पैंक्रियाज, आंतें और लिवर को चारों ओर से लपेट लेता है. यहां तक कि यह हार्ट तक पहुंच जाता है. इस कारण विससरल फैट कार्डियोवैस्कुलर डिजीज, डायबिटीज और कुछ कैंसर के सबसे बड़े कारणों में से एक है. इससे हार्ट अटैक, स्ट्रोक और कार्डिएक अरेस्ट का जोखिम बढ़ जाता है. साथ यह इंसुलिन को रेजिस्टेंस बना देता है और इसलिए डायबिटीज का खतरा बढ़ जाता है. यही कारण है कि पेट की चर्बी को कभी मामूली नहीं समझनी चाहिए. इसे हटाने के लिए आवश्यक कदम उठाना चाहिए.

 

कैसे खत्म करें पेट की चर्बी

पेट की चर्बी को खत्म करने के लिए कठिन साधना की जरूरत है. सबसे पहले डाइट पर कंट्रोल करना होता है. इसके बाद रेगुलर आधे से एक घंटे की एक्सरसाइज की जरूरत होगी. इसके पर्याप्त नींद और तनाव रहित जीवन की जरूरत होगी. नियमित दिनचर्या को फॉलो करना होगा. यह सब खुद से कर पाना मुश्किल है. इसलिए वजन कम करने के लिए डॉक्टर के निर्देशानुसार काम करना बहुत जरूरी है. पेट की चर्बी को ज्यादा बढ़ने का इंतजार न करें. यह भी एक बीमारी है. इसलिए तत्काल इसका इलाज कराएं. खतरनाक बीमारी होने का इंतजार न करें.

      (‘न्यूज़ 18 हिंदी’ से साभार )

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