25 अप्रैल को पूरी दुनिया में विश्व मलेरिया दिवस मनाया जाता है. इसका मुख्य उद्देश्य लोगों को मलेरिया के प्रति जागरुक करना है. मलेरिया हो जाने पर दवा के साथ हेल्दी फूड्स लेने चाहिए. मलेरिया के मरीजों को हरी पत्तेदार सब्जियों के साथ अन्य पौष्टिक आहार लेना चाहिए.

आज यानी 25 अप्रैल को पूरी दुनिया में ‘विश्व मलेरिया दिवस’ मनाया जाता है. इस दिन लोगों को मलेरिया के प्रति जागरूक किया जाता है. आपको बता दें कि मादा मच्छर एनोफेलीज के काटने से मलेरिया होता है. नॉर्मल मलेरिया होने पर व्यक्ति जल्दी रिकवर हो जाता है. वहीं, गंभीर रूप से मलेरिया होने पर मरीज को हॉस्पिटल में भर्ती होने की जरूरत पड़ती है. मलेरिया में दवाओं के साथ ही अगर खानपान सही रखा जाए, तो शरीर को ताकत मिलती है. मरीज जल्दी स्वस्थ हो सकता है.

मलेरिया के लक्षण
1.मलेरिया होने पर मरीज को तेज बुखार के साथ सिर दर्द की समस्या हो सकती है. इसके साथ ही बदन दर्द और मांसपेशियों में दर्द की शिकायत भी हो सकती हो सकती है.

2.मलेरिया के मरीजों कंपकपी देकर तेज बुखार आती है. बुखार आने पर मारीज को तेज़ी से ठंड लगती है.

3.मलेरिया के मरीज को थकान और बेचैनी महसूस होती है. अगर आपको भी ऐसी समस्या होती है तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं.

4.मलेरिया के मरीजों को डायरिया की समस्या भी हो सकती है. अगर किसी को बेचैनी महसूस होने के साथ उल्टी आ रही है और रात में पसीना चलता है तो उन्हें तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए.

मलेरिया का निदान
अगर आपको मलेरिया के लक्षण दिखाई देते हैं तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें. मलेरिया का निदान लैब टेस्ट के जरिए होता है. इसके लिए मलेरियल पैरासाइट और मलेरियल एंटीजेन टेस्ट किया जाता है. इन्हीं टेस्ट के जरिए लैब वाले बताते हैं कि किस प्रकार के मलेरिया से व्यक्ति ग्रस्त है. यदि नॉर्मल मलेरिया हुआ है, तो इलाज सही तरीके से हो, तो व्यक्ति तीन से पांच दिन में ठीक हो सकता है. यदि दवा सही है, डोज पहले से ही दिया जाए और रेजिस्टेंट मलेरिया नहीं है, तो व्यक्ति जल्दी ही स्वस्थ हो सकता है.

मलेरिया में खान-पान

आइए आज हम आपको बताते हैं कि मलेरिया हो जाने पर क्या खाना चाहिए जिससे जल्दी रिकवरी हो सके.

 

1.पौष्टिक आहार का सेवन करें: इंडियन स्पाइनल इंजरीज (वसंत कुंज, नई दिल्ली) की सीनियर डाइटिशियन कम एफएसटीएल हिमांशी शर्मा बताती हैं कि आपका खानपान जितना पौष्टिक और स्वास्थ्यवर्धक होगा, मलेरिया से जल्द ठीक होने की संभावना भी उतनी ही अधिक बढ़ जाती है. खानपान में मरीज को संतुलित आहार देना चाहिए. संतुलित आहार में अनाज, दालें, सब्जियां, फल, तरल पदार्थ खाने के लिए दें. ये सभी आवश्यक न्यूट्रिएंट्स से भरपूर होते हैं, साथ ही शरीर में फ्लूड बैलेंस को बनाए रखते हैं.

2.मरीज को हाइड्रेटेड रखें: मलेरिया होने पर मरीज को हाइड्रेट रखना बहुत जरूरी है. इसके लिए मरीज को नारियल पानी, नींबू पानी, छाछ, लस्सी, सूप, दाल का सूप, सेब का जूस, एलेक्टोरल वाटर आदि तरल पदार्थों का खूब सेवन कराएं.

3.खट्टे फल खिलाएं: मलेरिया हो जाने पर मरीज को खट्टे फल खिलाना चाहिए. फल खिलाने से व्यक्ति की इम्यूनिटी मजबूत होगी, इसके लिए खट्टे फलों जैसे नींबू, संतरा, अंगूर, कीवी आदि खाने के लिए दें.]

4.लो फाइबर फूड्स दें: मलेरिया होने पर प्रारंभिक अवस्था में कम फाइबर वाले आहार को शामिल करना चाहिए. मरीज को खिचड़ी, हल्की मूंग दाल के साथ उबले हुए नर्म चावल, दलिया आदि खिलाएं.

5.हेल्दी प्रोटीन शामिल करें: मलेरिया से ग्रस्त मरीज को पर्याप्त मात्रा में हेल्दी प्रोटीन युक्त चीजें खाने के लिए दें. इसमें हल्की दालें, चिकन और फिश स्ट्यिू, चिकन सूप, स्किम्ड मिल्क और इससे बने पदार्थ खिलाएं.

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