विकास शर्मा

अंतरिक्ष में दुनिया में सबसे पहले जाने वाले रूस के यूरी गागरिन की मौत विमान हादसे में हुई थी. लेकिन इस हादसे की वजह की विस्तार से खुलासा लोगों के सामने हादसे के 45 साल बाद ही हो पाया जब रूसी सरकार ने जांच से सबंधित दस्तावेजों का खुलासा किया. तब तक हादसे के बारे मे कई कहानियां प्रचलित होती रहीं.

दुनिया में बहुत कम देश हैं जो अपने किसी नागरिक को अंतरिक्ष में भेज पाए हैं. इस सूची में अमेरिका और रूस के लोगों की संख्या ज्यादा है और अब तो अंतरिक्ष पर्यटन उद्योग में बदल गया है. किसी देश का पहला अंतरिक्ष यात्री होना गौरव का विषय है और दुनिया का ही पहला अंतरिक्ष यात्री होना तो और भी गौरव की बात होगा. रूस के यूरी गागरिन के नाम ही यह उपलब्धि है और जिन्होंने 27 साल की उम्र में अंतरिक्ष की यात्रा की थी. 27 मार्च 1968 में केवल 34 साल की उम्र गागरिन की मौत हो गई थी जिसके कारणों का खुलासा करीब 45 साल तक नहीं किया गया था.

संघर्षपूर्ण बचपन
9 मार्च 1934 को यूरी एलेक्सेयेविच गागरिन सोवियत संघ के स्मोलेनेस्क ओब्लास्ट के क्लूशिनो गांव में पैदा हुए थे. वे डेयरी फार्मर पिता की चार संतानों में से तीसरी संतान थे. द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान नाजियों ने उनके स्कूल को जला दिया जिससे स्कूल के पहले साल में ही उनकी पढ़ाई रुक गई थी. गांव पर रूस का फिर से कब्जा होने तक यूरी और उनके परिवार को बहुत सी यातनाएं सहनी पड़ी और जिनके नतीजों के कारण संघर्ष आगे भी जारी रहा.

क्या एलियंस ने ली थी जान
गागरिन की मौत असामान्य परिस्थितियों में एक विमान हादसे की वजह से हुई थी. लेकिन यह सब कैसे हुआ था यह लंबे समय तक रहस्य बना रहा. हैरानी की बात तो यही है कि काफी समय तक यही माना जाता रहा कि एलियंस ने उन्हें मार दिया. वहीं हादसे के बाद कुछ लोगों ने इसे हादसा कहा तो कुछ ने इसे आत्महत्या माना. लेकिन अधिकाशं लोगों का मानना था कि एलियंस ने  ही उनकी जान ले ली.

कई तरह की जांचें
लेकिन ऐसा नहीं है कि सोवियत सरकार ने इस हादसे की पूरी तरह से छानबीन नहीं की. इस हादसे पर एलियंस के हाथ होने के अलावा कई और तरह के षड़यंत्र के सिद्धांत दिए गए. हादसे के बताए गए आधिकारिक कारणों को भी उसी समय चुनौतियां भी मिली जिसकी भी सोवियत सरकार द्वारा जांच कराई गई. यहां तक की सेना और सोवियत गुप्तचर संस्था केजीबी ने भी अपनी अपनी ओर से जांच की थी.

दस्तावेज सार्वजनिक होने में काफी समय लगा
108 मिनट की अंतरिक्ष यात्रा के 07 साल बाद यूरी की मौत मिग फाइटर विमान उड़ाते समय हुए क्रैश से हुई थी. लेकिन उनकी मौत के 45 साल बाद पता चला कि उनकी मौत की सही वजह क्या थी. सोवियत सरकार ने मौत के कारणों को छुपा कर रखा. लेकिन रूसी सरकार  साल 2003 में  जांच के उन दस्तावेजों को सार्वजनिक किया, जिनमें उनकी मौत का सही कारण था. ये दस्तावेज क्रेमलिन में गुप्त रूस से रखे हुए थे.

क्या हुआ खुलासा
नए दस्तावेजों से पता चला कि यूरी की मौत जेट के खराब मौसम में फंस जाने से हुई. यूरी के साथी और उनके साथ पहली बार स्पेस वॉक करने वाले ऐलेक्से लिनोव ने बताया कि यूरी जब मिग उड़ा रहे थे, तभी एक दूसरा फाइटर प्लेन उनके विमान के करीब आने से उन्होंने बचने के लिए अपने विमान के साथ गोता लगाया तो विमान बादलों से टकरारकर असंतुलित हो गया और अंततः जमीन पर आ गिरा.

पायलट की कोई भूमिका?
इस दौरान उनके विमान की गति 750 किमी प्रति घंटा थी. खुद लिनोव इस रिपोर्ट को सार्वजनिक करना चाह रहे थे, लेकिन सरकार से उन्हें इजाजत नहीं मिली दस्तावेज सार्वजनिक होने के बाद उन्हें पायलट का नाम बताने के अलावा सब कुछ बताने की इजाजत भी मिल गई. लिनोव ने यह भी बताया कि पायलट की इस हादसे में कोई बहुत बड़ी भूमिका या योगदान नहीं था. दस्तावेज सार्वजनिक होने के समय उसकी उम्र 80 साल की थी और उसकी सेहत भी ठीक नहीं चल रही थी.

लिनोव का कहना है कि यूरी हमेशा ही एक बेहतरीन पायलट थे. मौत के दौरान वे कॉस्मोनेट ट्रेनिंग सेंटर के डिप्टी ट्रेनिंग डायरेक्टर थे. पूरा विवाद दरअसल सोवियत सरकार की गोपनीयता नीति की वजह से था जिसके कारण अफवाहों और कहानियों को बल मिला था जिसमें एलियंस के हाथ से लेकर रूस सरकार के उन्हें छिपा कर रखने के षड़यंत्र की कहानियां तक चलीं थीं. लेकिन हादसे की वजह पास से गुजरने वाले विमान का कारण गागरिन के विमान में आए असंतुलन ही थी.

   (‘न्यूज़ 18 हिंदी’ के साभार)

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