साल 2020 में हर 100 सड़क दुर्घटना में कम-से-कम 36 लोगों की मौत हुई, जो पिछले 20 सालों में सबसे अधिक था. यह आंकड़ा बीते बुधवार को सड़क परिवहन मंत्रालय ने एक रिपोर्ट जारी कर बताया. सड़क पर होने वाली मौतों के आंकड़ों से यह भी पता चलता है कि सबसे ज्यादा दोपहिया वाहनों पर सवार लोगों की मौत हुई. कुल 43.5 फीसदी लोगों की मौत दोपहिया वाहन चलाने के दौरान हुई. वहीं ट्रैफिक सिग्नल तोड़ने के क्रम में हुई मौत के आंकड़ों में 79 फीसदी की वृद्धि हुई है. इस कारण साल 2020 में सड़क हादसों में होने वाली मौतों में 20 फीसदी की वृद्धि हुई थी.

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गौरतलब है कि मार्च 2020 से दुनिया कोरोना महामारी की चपेट में है. भारत में भी महामारी से बचने के लिए लॉकडाउन लगाए गए. सड़कें सूनी पड़ गई थीं. मगर फिर भी साल 2020 में सड़क हादसों में जान गंवाने वालों की संख्या में वृद्धि देखी गई. आंकड़े बताते हैं कि लोगों ने धड़ल्ले से यातायात नियमों को तोड़ा था. रिपोर्ट में बताया गया है कि साल 2020 में दोपहिया वाहनों की दुर्घटना में मरने वालों की संख्या 57,282 थी. वैसे हेलमेट नहीं पहनने के कारण मारे जाने वाले दोपहिया वाहन चालकों की संख्या में गिरवाट आई. साल 2019 में कुल 44,666 लोगों की मौत हेलमेट नहीं पहनने की वजह से हुई थी. वहीं साल 2020 में 39,589 लोगों की मौत हुई थी.

मरने वालों में युवाओं की संख्या अधिक
रिपोर्ट में यह भी बात सामने आई है कि सड़क हादसे के शिकार सबसे ज्यादा युवा वर्ग होते हैं. 2020 में 18-45 आयु वर्ग के तकरीबन 77,500 लोगों की मौत सड़क दुर्घटना में हुई थी. यह भारत में हुई कुल सड़क हादसों में होने वाली मौतों का 69 फीसदी था.

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NCRB की रिपोर्ट
टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, देश में सड़क परिवहन मंत्रालय और राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो ( एनसीआरबी) सड़क दुर्घटनाओं पर अपने-अपने वार्षिक आंकड़े जारी करते हैं. एनसीआरबी ने पिछले साल नवंबर में 2020 की रिपोर्ट जारी की थी. आंकड़ों के अनुसार, 2020 में हर 100 सड़क हादसों में 37 लोगों की जान गई थी.

लॉकडाउन के बाद हादसों में हुई वृद्धि
सड़क परिवहन मंत्रालय के ताजा आंकड़ों से पता चलता है कि कोविड-19 की पहली लहर के बाद, जब आवाजाही पर प्रतिबंध हटा तो सड़क पर होने वाली मौतों की संख्या में नाटकीय तौर पर वृद्धि हुई. आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल 2020 में मरने वालों की संख्या घटकर 3,172 हो गई थी, जबकि फरवरी में इसकी संख्या 13,172 थी. लेकिन मई के बाद सड़क हादसों में जान गंवाने वालों की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई. दिसंबर 2020 में कुल 14,908 लोगों की जान सड़क हादसे में चली गई.

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वैश्विक सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि यातायात नियमों को सख्ती से लागू करने के साथ-साथ अन्य उपायों को अपनाकर सड़क दुर्घटना में होने वाली अधिकांश मौतों को रोका जा सकता है.

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