दयानिधि

एक नए अध्ययन के अनुसार, जलवायु परिवर्तन के कारण शहरों में आने वाले दशकों में आग लगने की घटनाओं में बढ़ोतरी होने के आसार हैं। अध्ययन के निष्कर्ष 20 देशों के 2,847 शहरों के आंकड़ों पर आधारित हैं जो भविष्य की शहरी नियोजन और आपातकालीन स्थिति में उठाए जाने वाले कदमों के लिए उपयोगी हो सकते हैं।

अध्ययन के मुताबिक, दुनिया भर में आग लगने से हर साल लगभग 50,000 मौतें और 1,70,000 लोग घायल होते हैं। हालांकि, शहरी वातावरण में आग लगने के भविष्य के रुझान अनिश्चित हैं, भले ही वे अक्सर कुछ अन्य प्रकार की आग, जैसे कि जंगल की आग की तुलना में अधिक मानवीय हताहतों और आर्थिक नुकसान का कारण बनते हैं। जानकारी की यह कमी क्षेत्रीय अग्नि संसाधन प्रबंधन और शहरी नियोजन पर भारी असर डाल सकती है।

शोध में कहा गया है कि शोधकर्ताओं ने 20 देशों के 2,847 शहरों में शहरी अग्निशमन विभागों से आंकड़े एकत्र किए, जिसमें अमेरिका, यूके, ऑस्ट्रेलिया और चीन शामिल हैं। जिसके तहत 2011 से 2020 के लिए शहर में आग की घटनाओं का एक वैश्विक डेटाबेस स्थापित किया गया।

शोधकर्ताओं ने फिर गर्म जलवायु के जवाब में शहर की इमारतों, वाहनों और बाहरी क्षेत्रों (जैसे लैंडफिल साइटों) के जलने सहित विभिन्न प्रकार की शहरी-आग की घटनाओं की आवृत्ति में बदलाव की मात्रा तय की।

इस ऐतिहासिक डेटासेट का उपयोग करते हुए, शोधकर्ताओं ने विभिन्न अंतर-सरकारी जलवायु परिवर्तन पैनल (आईपीसीसी) जलवायु परिदृश्यों के आधार पर विभिन्न शहरी आग के प्रकारों की आवृत्ति पर ग्लोबल वार्मिंग के संभावित प्रभाव का आकलन किया।

नेचर सिटीज में प्रकाशित एक मॉडलिंग शोध में अनुमान लगाया कि 2100 तक, भारी ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन परिदृश्य (एसएसपी5-8.5) के तहत वाहनों में आग लगने की घटनाओं में 11.6 फीसदी की वृद्धि और बाहरी आग में 22.2 फीसदी की वृद्धि हो सकती है, लेकिन इमारतों में आग लगने की घटनाओं में 4.6 फीसदी की कमी आ सकती है। उन्होंने इस अध्ययन में शामिल सभी शहरों में मौतों और आग के कारण घायल होने के पीछे ग्लोबल वार्मिंग को जिम्मेवार ठहराया है।

शोध पत्र में शोधकर्ताओं के हवाले से कहा गया है कि निष्कर्ष आग से निपटने के लिए नई रणनीतियों को विकसित करने के लिए एक आधार के रूप में काम कर सकते हैं, जैसे कि आग के ईंधन के प्रबंधन में सुधार करना। हालांकि उन्होंने गौर किया कि उनके विश्लेषण में अफ्रीका और दक्षिण अमेरिका के आंकड़े शामिल नहीं हैं, और वाहनों में आग लगने के निष्कर्ष हाल ही में इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर हुए बदलावों को शामिल नहीं किया गया है।

       (‘डाउन-टू-अर्थ’ से साभार )

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