दयानिधि

देश भर में बढ़ते तापमान के चलते गर्मी अपने चरम पर है, पारा दिन प्रति दिन छलांगें मार रहा है। मौसम विभाग के द्वारा आज सुबह, पांच अप्रैल, 2025 को जारी पूर्वानुमान में कहा गया है कि पांच से नौ अप्रैल के दौरान सौराष्ट्र और कच्छ, दक्षिण हरियाणा, दिल्ली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में लू या हीटवेव चलने की आशंका है।

वहीं, पांच से सात अप्रैल के दौरान हिमाचल प्रदेश, छह से नौ अप्रैल के दौरान पंजाब और गुजरात में, पांच से 10 अप्रैल के दौरान पश्चिमी राजस्थान में, छह से 10 अप्रैल के दौरान पूर्वी राजस्थान में तथा सात से 10 अप्रैल के दौरान पश्चिमी मध्य प्रदेश में लोगों को हीटवेव या लू से दो चार होना पड़ सकता है।

वहीं कल, यानी चार अप्रैल को सौराष्ट्र और कच्छ के अलग-अलग इलाकों में लोगों को भीषण गर्मी का प्रकोप झेलना पड़ा। मौसम विभाग की मानें तो पांच से 10 अप्रैल के दौरान गुजरात में और पांच से नौ अप्रैल, 2025 के दौरान कोंकण और गोवा में गर्म और उमस भरे मौसम से छुटकारा मिलने के आसार नहीं दिख रहे हैं।

तापमान में उतार-चढ़ाव

तापमान में उतार-चढ़ाव संबंधी मौसम विभाग के पूर्वानुमान में कहा गया है कि अगले छह दिनों के दौरान उत्तर-पश्चिम भारत के कई हिस्सों में अधिकतम तापमान में धीरे-धीरे दो से चार डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी होने के आसार हैं। वहीं अगले एक हफ्ते के दौरान मध्य भारत के कई हिस्सों में भी अधिकतम तापमान में दो से चार डिग्री सेल्सियस की वृद्धि होने का पूर्वानुमान है।

अगले एक सप्ताह के दौरान महाराष्ट्र में अधिकतम तापमान में तीन से चार डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी देखी जा सकती है। वहीं अगले दो दिनों के दौरान भारत के दक्षिणी प्रायद्वीप में अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव होने की संभावना नहीं है और उसके बाद के तीन दिनों में दो से चार डिग्री सेल्सियस की वृद्धि हो सकती है।

देश भर में अधिकतम और न्यूनतम तापमान की बात करें तो कल, सौराष्ट्र और कच्छ के भुज में अधिकतम तापमान 44.5 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं कल, देश के मैदानी इलाकों में पंजाब के अमृतसर में न्यूनतम तापमान 13.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

 

कहां होगी भारी बारिश, वज्रपात व ओलावृष्टि?

मौसम विभाग के अनुसार, मध्य प्रदेश के निचले स्तरों के मध्य हिस्सों पर एक ऊपरी हवाओं का चक्रवाती प्रसार बना हुआ है। दक्षिण अंडमान और उसके आसपास के क्षेत्रों पर भी ऊपरी हवाओं का चक्रवाती प्रसार जारी है। इन मौसमी गतिविधियों के चलते निचले स्तरों पर अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी भरी हवाएं आपस में मिल रही हैं।

उपरोक्त मौसमी गतिविधियों के चलते पांच और छह अप्रैल को भारत के दक्षिणी प्रायद्वीप, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, ओडिशा, पूर्वोत्तर भारत में बिजली गिरने तथा तेज तूफानी हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। वहीं यानी पांच अप्रैल को महाराष्ट्र में भी बरस सकते हैं बादल। मौसम विभाग के मुताबिक, पांच अप्रैल, 2025 को असम और मेघालय में और छह अप्रैल को नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के कुछ हिस्सों में ओलावृष्टि होने की आशंका जताई गई है।

पांच और छह अप्रैल को केरल और माहे, असम और मेघालय के कुछ हिस्सों में भारी बारिश होने के आसार हैं, पांच अप्रैल को तमिलनाडु, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, अरुणाचल प्रदेश में भारी बारिश होने की आशंका जताई गई है इन सभी राज्यों में 70 मिमी या उससे अधिक बरस सकते हैं बादल। वहीं छह अप्रैल को नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में जमकर बरसेंगे बादल, इन राज्यों में भी 70 में या उससे अधिक बारिश हो सकती है।

कल कहां हुई बारिश व कहां पड़ी बौछारें?

चार अप्रैल को अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक के कुछ हिस्सों, कोंकण और गोवा, केरल एवं माहे तथा तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल के अलग-अलग इलाकों में बादल बरसे या गरज के साथ बौछारें पड़ी।

कल कहां कितने बरसे बादल?

चार अप्रैल को अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के लॉन्ग आइलैंड में 4 सेमी, माया बंदर और पोर्ट ब्लेयर हर जगह 3 सेमी, केरल और माहे के पुनालुर में 3 सेमी, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल के वालपराई में 3 सेमी तथा उधगमंडलम में 2 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।

       (‘डाउन-टू-अर्थ’ से साभार )

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