अंतरिक्ष विभाग ने इस साल 19 मिशनों की योजना बनाई है। चंद्रमा पर भारत के मिशन का अगला चरण चंद्रयान-3 अगस्त 2022 के लिए निर्धारित है। केंद्र सरकार ने गुरुवार को लोकसभा में यह जानकारी दी। मून मिशन में लगातार हो रही देरी के कारणों के बारे में पूछे गए सवालों के जवाब में विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि कोविड-19 महामारी के कारण चल रहे कई मिशन प्रभावित हुए हैं। 

चंद्रयान-2 मिशन के लगभग 2 साल बाद भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) इस साल अगस्त महीने में चंद्रयान -3 मिशन को लांच करेगा। इस बात बात की जानकारी भारतीय अंतरिक्ष विभाग ने लोकसभा में एक प्रश्न के जवाब में दी है। सदन में चंद्रमा मिशन को लेकर हो रही देरी के ऊपर सवाल किया गया था। अंतरिक्ष विभाग ने लिखित जवाब में कहा कि चंद्रयान-2 मिशन से मिली सीख और विशेषज्ञों के सुझावों के आधार पर चंद्रयान-3 पर काम चल रहा है। केंद्रीय अंतरिक्ष मंत्री डॉक्टर जितेंद्र सिंह ने एक लिखित प्रश्न के उत्तर में कहा, चंद्रयान-2 से मिली सीख और राष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञों द्वारा दिए गए सुझावों के आधार पर, चंद्रयान-3 पर काम प्रगति पर है। कई संबंधित हार्डवेयर और उनके विशेष परीक्षण सफलतापूर्वक पूरे हो गए हैं और लॉन्च अगस्त 2022 के लिए निर्धारित है।

इस साल ISRO लॉन्च करेगा 19 मिशन

केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने अपने लिखित उत्तर में कहा कि जनवरी से दिसंबर 2022 के दौरान कुल 19 मिशनों की योजना बनाई गई है, जिनमें 8 लॉन्च व्हीकल मिशन, सात अंतरिक्ष यान मिशन और चार प्रौद्योगिकी प्रदर्शक मिशन शामिल हैं। मंत्री ने कहा कि अंतरिक्ष क्षेत्र में सुधार के साथ, अंतरिक्ष विभाग मांग-संचालित मॉडल के आधार पर सैटेलाइट की भविष्य की जरूरतों की समीक्षा कर रहा है।

कोविड-19 महामारी के कारण चल रहे कई मिशन प्रभावित हुए हैं। इसके अलावा, अंतरिक्ष क्षेत्र के सुधारों और नए पेश किए गए मांग संचालित मॉडल की पृष्ठभूमि में परियोजनाओं का पुनर्मूल्यांकन हुआ है। केंद्रीय मंत्री ने कहा, अंतरिक्ष क्षेत्र के सुधारों और नए पेश किए गए मांग-संचालित मॉडल की पृष्ठभूमि में परियोजनाओं की प्राथमिकता तय की गई है। चंद्रयान-3 मिशन को 2021 में लॉन्च किया जाना था, लेकिन महामारी की वजह से इसमें देरी हुई है।

पिछले तीन वर्षों में लॉन्च के लिए निर्धारित उपग्रहों की सूची में शामिल ईओएस-03 भी है, जिसकी लॉन्चिंग तारीख 12 अगस्त, 2021 को थी। इसके अलावा अमजोनिया-1 28 फरवरी, 2021 को सतीश धवन सैट (एसडीसैट) से लॉन्च के लिए निर्धारित किया गया था। इस सूची में 28 फरवरी, 2021 को यूनिटीसैट का नाम भी शामिल है। मंत्रालय की एक विज्ञप्ति में गुरुवार को कहा गया कि वर्ष 2020 और 2019 में, सीएमएस-01 को 17 दिसंबर, 2020 को लॉन्च किया गया था।

चंद्रयान-2 नहीं हो पाया था सफल

चंद्रयान-3 को पिछले चंद्रयान-2 मिशन के करीब दो सालों बाद लॉन्च किया जा रहा है। इस मिशन को पूरी तरह सफलता नहीं मिल पाई थी। चंद्रयान-2 मिशन का लैंडर और रोवर अपने गंतव्य से दूरी पर क्रैश हो गया था। हालांकि, इस यान का ऑर्बिटर अब भी चंद्रमा की सतह के ऊपर मौजूद है। इसरो के द्वारा इसे भी चंद्रयान-3 मिशन में प्रयोग में लाया जाएगा। 

3 भारतीयों को अंतरिक्ष में भेजने की योजना

गगनयान परियोजना के तहत 2022 तक तीन भारतीयों को अंतरिक्ष में भेजने की योजना है. इस मिशन के लिए चार ‘टेस्ट पायलट’ चुने गए हैं जो इस समय रूस में प्रशिक्षण ले रहे हैं. इस परियोजना के तहत तीसरे मॉड्यूल-मानव मिशन के प्रक्षेपण के बारे में पूछे जाने पर सिवन ने कहा कि काफी तकनीकी प्रदर्शन की आवश्यकता है. यह परखने के बाद कि सभी तकनीकी एकदम सही है, हम मानव मिशन के प्रक्षेपण समय के बारे में निर्णय करेंगे.

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