दयानिधि

13 दिसंबर, 2025 को जारी पूर्वानुमान के मुताबिक, पश्चिमी विक्षोभ व जेट स्ट्रीम के चलते पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी, मैदानी इलाकों में कोहरा और बढ़ते तापमान के बीच शीतलहर के सितम का अंदेशा। दिसंबर का महीना अपने पूरे शबाब पर है और उत्तर भारत से लेकर मध्य तथा दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में सर्दी ने लोगों की दिनचर्या को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी, मैदानी इलाकों में कोहरा और ठंडी हवाएं, तथा कुछ क्षेत्रों में शीतलहर की चेतावनी ने मौसम को चर्चा का विषय बना दिया है। 

पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव

वर्तमान में एक पश्चिमी विक्षोभ मध्य स्तरों में सक्रिय है। यह पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत के मौसम को प्रभावित कर रहा है। इसके साथ ही उपोष्णकटिबंधीय पश्चिमी जेट स्ट्रीम लगभग 12.6 किमी की ऊंचाई पर सक्रिय है, जिसकी हवा की गति 100 नॉट तक पहुंच रही है। इसका सीधा असर हिमालयी क्षेत्रों और उत्तर भारत के मौसम पर देखने को मिल रहा है।

पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी

पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में हल्की बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई गई है। जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद में 13 से 18 दिसंबर के बीच बारिश और बर्फबारी हो सकती है। इन इलाकों में तापमान पहले ही काफी नीचे चला गया है, जिससे लोगों को कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ रहा है।

हिमाचल प्रदेश में कैसा रहेगा मौसम का मिजाज?

हिमाचल प्रदेश में बीते 24 घंटों के दौरान मौसम साफ बना रहा है और अगले 24 घंटों तक भी मौसम साफ रहने की संभावना जताई गई है। शिमला स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक, अब एक नया पश्चिमी विक्षोभ राज्य को प्रभावित कर सकता है। इसका असर मुख्य रूप से ऊंचाई वाले इलाकों जैसे लाहौल-स्पीति, कुल्लू और कांगड़ा में देखने को मिलेगा। इन क्षेत्रों में हल्की बर्फबारी हो सकती है, जबकि मैदानी इलाके शुष्क और साफ बने रहेंगे।

दिल्ली-एनसीआर में ठंड और कोहरे का असर

सुबह के समय अधिकांश इलाकों में हल्का कोहरा छाने के आसार हैं, जबकि कुछ इलाकों में मध्यम कोहरा भी देखा जा सकता है। राजधानी में अधिकतम तापमान के 24 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान के 12 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है, जो इस समय के लिए सामान्य माना जा रहा है। सुबह के समय सतही हवाएं पूर्व दिशा से लगभग पांच किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी। दोपहर में हवा की दिशा दक्षिण-पूर्वी हो जाएगी और गति बढ़कर 10 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। शाम और रात में हवा की गति फिर से कम हो जाएगी।

तापमान में उतार-चढ़ाव

मौसम विभाग के अनुसार उत्तर-पश्चिम भारत में अगले चार दिनों के दौरान न्यूनतम तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस की धीरे-धीरे बढ़ोतरी हो सकती है। इसके बाद तापमान में कोई खास बदलाव होने की संभावना नहीं है। विदर्भ और छत्तीसगढ़ में अगले दो दिनों में न्यूनतम तापमान में दो से तीन डिग्री की बढ़ोतरी हो सकती है। महाराष्ट्र में अगले 24 घंटों तक न्यूनतम तापमान में कोई खास बदलाव नहीं होगा, लेकिन इसके बाद पांच दिनों के भीतर दो से तीन डिग्री की वृद्धि संभव है। गुजरात में अगले पांच दिनों तक तापमान स्थिर रहने के बाद इसमें बढ़ोतरी देखी जा सकती है। मध्य प्रदेश, पूर्वी भारत और पूर्वोत्तर भारत में अगले सात दिनों तक न्यूनतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव होने की संभावना नहीं है। 

शीतलहर की चेतावनी

मौसम विभाग ने देश के कई हिस्सों में शीतलहर की चेतावनी जारी की है। 14 और 15 दिसंबर को छत्तीसगढ़, तेलंगाना, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और ओडिशा में शीतलहर के आसार बन रहे हैं। उत्तर आंतरिक कर्नाटक में 14 और 15 दिसंबर को भीषण शीतलहर चलने की आशंका जताई गई है।

घने कोहरे का अलर्ट

सुबह के समय घने कोहरे की आशंका को देखते हुए कई राज्यों में अलर्ट जारी किया गया है। 14 से 18 दिसंबर के बीच नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में घना कोहरा छा सकता है। 14 से 16 दिसंबर के दौरान असम और मेघालय, पंजाब और हरियाणा में भी कोहरे का असर देखने को मिलेगा। हिमाचल प्रदेश में 14 और 15 दिसंबर को घने कोहरे का अंदेशा जताया गया है। उत्तर प्रदेश में विशेष रूप से सावधानी बरतने की जरूरत है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 14 और 15 दिसंबर को बहुत घना कोहरा छा सकता है, जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश में 14 से 16 दिसंबर तक घने से बहुत घना कोहरा रहने के आसार हैं। मौसम विभाग ने यहां कोहरे के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।

अंडमान-निकोबार में मौसम की अलग तस्वीर

देश के अन्य हिस्सों से अलग अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में मौसम कुछ अलग रहेगा। यहां गरज-चमक के साथ बारिश और 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने के आसार हैं। लोगों को सावधानी बरतने और मौसम विभाग की चेतावनियों पर ध्यान देने की सलाह दी गई है। कुल मिलाकर दिसंबर के मध्य में देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का मिजाज अलग-अलग रूप में देखने को मिल रहा है। पहाड़ों में बर्फबारी, मैदानी इलाकों में कोहरा और ठंडी हवाएं, तथा कुछ हिस्सों में शीतलहर ने जनजीवन को प्रभावित किया है। मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनियों को ध्यान में रखते हुए लोगों को सतर्क रहने और आवश्यक सावधानियां अपनाने की आवश्यकता है। खासकर पहाड़ी और कोहरे से प्रभावित क्षेत्रों में यात्रा करते समय विशेष सावधानी बरतना बेहद जरूरी है।

       (‘डाउन-टू-अर्थ’ से साभार )

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