कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर ( Corona Third Wave) का खतरा कम नहीं हुआ है, तीसरी लहर में सबसे ज्यादा असर बच्चों पर होगा, इसके संकेत भी नजर आने लगे हैं. कई देशों में संक्रमण के मामले सामने आने लगे हैं.अमेरिका के अलबामा, अरकंसास, लुसियाना व फ्लोरिडा में 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों में संक्रमण के मामले बढ़ने लगे हैं। अरकंसास के चिल्ड्रेन अस्पताल में संक्रमण से भर्ती होने वाले बच्चों की दर में 50 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई है। 

संक्रमण के बढ़ते मामले

अमेरिका के लुसियाना में जुलाई के आखिरी सप्ताह में सर्वाधिक 4232 बच्चों में संक्रमण मिला है. ब्रिटेन में हर दिन औसतन 40 बच्चे अस्पताल में भर्ती हो रहे हैं. वहीं फ्लोरिडा के स्वास्थ्य विभाग ने बताया है कि 12 वर्ष से कम उम्र के 10,785 मामले सामने आए है. 

बच्चों को टीका लगना बेहद जरुरी
इंपीरियल कॉलेज लंदन की पीडियाट्रिक इंफेक्सियश डिसीज विशेषज्ञ डॉ. एलिजाबेथ व्हिटकर का कहना है कि अमेरिका व ब्रिटेन में 12 वर्ष से अधिक उम्र के बच्चों में संक्रमण दर बढ़ी है। इनमें अधिकतर बच्चे ऐसे हैं जिन्हें टीका नहीं लगा है। ऐसे में बच्चों को हर हाल में टीका लगाना होगा। 

पीडि़त बच्चों को  कैसे पहचानें

बच्चे को कई दिन तक तेज बुखार, पेट में दर्द, डायरिया, उल्टी, त्वचा पर चकत्ते लाल आंखें व हाथ-पैर का ठंडा होने जैसे लक्षण दिखायी देते हैं. अमेरिका व ब्रिटेन में बच्चों में संक्रमण के बढ़ते मामलों ने भारत के लिए चिंता बढ़ा दी है.           

भारत में कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर को सबसे खतनाक इसलिए बताया जा रहा है क्योंकि दुनिया भर में जो ट्रेंड सामने आ रहे हैं वह बच्चों के संक्रमण के बढ़ते मामलों की तरफ इशारा कर रहे हैं. कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर ने देश में सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया है. यह कोरोना संक्रमण के दूसरी लहर की तुलना में ज्यादा खतरनाक साबित हो सकता है।            

 

 

 

 

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