ललित मौर्य

देश के 156 शहरों में भिवाड़ी की हवा सबसे ज्यादा खराब थी जहां प्रदूषण का स्तर 196 दर्ज किया गया, वहीं आइजोल में हवा सबसे ज्यादा साफ थी केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा 20 सितम्बर 2022 को जारी रिपोर्ट में कहा गया है कि देश के 156 शहरों में से 44 में हवा ‘बेहतर’ रही, जबकि 79 शहरों की श्रेणी ‘संतोषजनक’, 33 में ‘मध्यम’ रही। 

यदि दिल्ली-एनसीआर की बात करें तो यहां की वायु गुणवत्ता ‘मध्यम’ श्रेणी में है। दिल्ली में एयर क्वालिटी इंडेक्स 130 दर्ज किया गया है। दिल्ली के अलावा फरीदाबाद में एयर क्वालिटी इंडेक्स 121, गाजियाबाद में 105, गुरुग्राम में 141, नोएडा में 111 पर पहुंच गया है। 

देश के अन्य प्रमुख शहरों से जुड़े आंकड़ों को देखें तो मुंबई में वायु गुणवत्ता सूचकांक 60 दर्ज किया गया, जो प्रदूषण के ‘संतोषजनक’ स्तर को दर्शाता है। जबकि कोलकाता में यह इंडेक्स 33, चेन्नई में 65, बैंगलोर में 80, हैदराबाद में 51, जयपुर में 101 और पटना में 59 दर्ज किया गया।  

देश के इन शहरों की हवा रही सबसे साफ 

देश के जिन 44 शहरों में वायु गुणवत्ता सूचकांक 50 या उससे नीचे यानी ‘बेहतर’ रहा, उनमें अगरतला 31, आगरा 49, आइजोल 20, अमरावती 42, आसनसोल 42, बागलकोट 38, बक्सर 50, चामराजनगर 36, चिकबलपुर 37, चिक्कामगलुरु 38, कोयंबटूर 36, दमोह 50, दरभंगा 42, दावनगेरे 38, डिंडीगुल 45, दुर्गापुर 30, गडग 31, गुवाहाटी 42, हाजीपुर 40, हल्दिया 36, हसन 28, हावड़ा 33, कलबुर्गिक 30, कानपुर 38, कोलकाता 33, मदिकेरी 28, मैहर 27, मंडीखेड़ा 30, मेरठ 47, मोतिहारी 46, ऊटी 47, राजमहेंद्रवरम 22, रामनगर 43, रामनाथपुरम 37, सतना 31, शिलांग 22, श्रीनगर 49, तिरुवनंतपुरम 32, थूथुकुडी 43, त्रिशूर 47, तिरुपति 44, वाराणसी 44, विजयपुरा 40 और यादगिर 37 आदि शामिल रहे।

वहीं अहमदाबाद, अजमेर, अनंतपुर, अंकलेश्वर, अररिया, आरा, औरंगाबाद (महाराष्ट्र), बद्दी, बागपत, बरेली, बेलगाम, बेंगलुरु, भागलपुर, भिवानी, बिलासपुर, बुलंदशहर, चंडीगढ़, चंद्रपुर, चेन्नई, छपरा, देवास, एर्नाकुलम, गांधीनगर, गया, गोरखपुर, ग्वालियर, हापुड़, हावेरी, हुबली, हैदराबाद, इंफाल, इंदौर, जबलपुर, जालंधर, झांसी, जोधपुर, कन्नूर, कटिहार, कटनी, खन्ना, किशनगंज, कोल्लम, कोप्पल, कोटा, कोझिकोड, लखनऊ, मंडीदीप, मैंगलोर, मुरादाबाद, मुंबई, मुंगेर, मुजफ्फरपुर, मैसूर, नागपुर, नारनौल, नवी मुंबई, पाली, पंचकुला, पटियाला, पटना, प्रयागराज, पुदुचेरी, पूर्णिया, रायचुर, राजगीर, रतलाम, सागर, सहरसा, समस्तीपुर, शिवमोगा, सिलीगुड़ी, सिंगरौली, सिरसा, सोलापुर, तालचेर, ठाणे, उदयपुर, विशाखापत्तनम और वृंदावन आदि 79 शहरों में हवा की गुणवत्ता संतोषजनक रही, जहां सूचकांक 51 से 100 के बीच दर्ज किया गया। 

 

देश में वायु प्रदूषण के स्तर और वायु गुणवत्ता की स्थिति को आप इस सूचकांक से समझ सकते हैं जिसके अनुसार यदि हवा साफ है तो उसे इंडेक्स में 0 से 50 के बीच दर्शाया जाता है। इसके बाद वायु गुणवत्ता के संतोषजनक होने की स्थिति तब होती है जब सूचकांक 51 से 100 के बीच होती है। इसी तरह 101-200 का मतलब है कि वायु प्रदूषण का स्तर माध्यम श्रेणी का है, जबकि 201 से 300 की बीच की स्थिति वायु गुणवत्ता की खराब स्थिति को दर्शाती है।

वहीं यदि सूचकांक 301 से 400 के बीच दर्ज किया जाता है जैसा दिल्ली में अक्सर होता है तो वायु गुणवत्ता को बेहद खराब की श्रेणी में रखा जाता है। यह वो स्थिति है जब वायु प्रदूषण का यह स्तर स्वास्थ्य को गंभीर और लम्बे समय के लिए नुकसान पहुंचा सकता है।

 

इसके बाद 401 से 500 की केटेगरी आती है जिसमें वायु गुणवत्ता की स्थिति गंभीर बन जाती है। ऐसी स्थिति होने पर वायु गुणवत्ता इतनी खराब हो जाती है कि वो स्वस्थ इंसान को भी नुकसान पहुंचा सकती है, जबकि पहले से ही बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए तो यह जानलेवा हो सकती है। 

( ‘डाउन टू अर्थ ‘ पत्रिका से साभार  )

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