साल 2022 विज्ञान के लिहाज के कई बड़ी उपलब्धियों वाला रहा. इसमें अंतरिक्ष विज्ञान में वार्महोल की उपस्थिति की संभावना को बल देने वाली खोज से लेकर पृथ्वी को क्षुद्रग्रह से बचाने के लिए नासा का डार्ट अभियान सफल रहा. वहीं चिकित्सा के क्षेत्र में अनुवांशकीय परीष्कृत सुअर के हृदय प्रत्योरोपण के रूप में क्रांतिकारी घटना भी हुई.

साल 2022 विज्ञान के लिए एक बहुत बड़ा साल रहा. पिछले दो साल से कोविड महामारी के कारण लॉकडाउन आदि के कारण आर्थिक गतिविधियां तो प्रभावित रहीं, लेकिन वैज्ञानिक गतिविधियों, शोधकार्यों पर भी खासा असर पड़ा. साल 2022 में भी दुनिया की अर्थव्यवस्थाओं के पटरी पर लौटने के प्रयास दिखे तो वैज्ञानिक शोधकार्य और कार्यक्रम भी आगे बढ़े. अंतरिक्ष विज्ञान की खोजों में शनि की छल्लों की वजह का पता चला, जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप ने कुछ शानदार तस्वीरें निकालीं जिनसे तारों की उत्पत्ति के नई जानकारी मिली. तो वहीं पहला जेनेटिकली इंजिनियरिंग हृदय प्रत्यारोपण देखने को मिला.

अंतरिक्ष विज्ञान मे दुनिया की सबसे बड़ी घटना के जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप का काम शुरू करना ही माना जा सकता है. पिछले साल दिसंबर में प्रक्षेपित इस टेलीस्कोप ने इस साल जुलाई में पहली तस्वीर निकाली थी. जिसने विज्ञान की दुनिया में हलचल मचा दी. इससे पिलर्स ऑफ क्रिएशन, सबसे पुराने तारे, सबसे पुरानी गैलेक्सी जैसी कई नई जानकारियां निकाल कर दी. इसके उपकरण जिस दिशा में भी घूम रहे हैं वहां से नई खोज कर रहे हैं.

हैरानी का बात लगती है लेकिन इस साल पहले वैज्ञानिक इस बात की सही व्याख्या नहीं कर पा रहे थे कि शनि ग्रह के खूबसूरत छल्लों का निर्माण कैसे हुआ. एमआईटी और यूसी बर्केले के खगोलविदों ने सिद्धांत सुझाया कि एक समय शनि का एक बर्फीला चंद्रमा हुआ करता था जिसे क्रिसालिस नाम दिया गया है. 16 करोड़ साल पहले क्रिसालिस ग्रह और दूसरे चंद्रमा टाइटन के टकारव के बिखर गया होगा और उसकी के टुकड़े अब शनि के छल्लों के हिस्से के रूप में दिखाई देते हैं.

इस साल एक नए अध्ययन में बताया गया कि ब्लैक होल और व्हाइट होल आपस में वार्महोल के जरिए जुड़ सकते हैं जो एक तरह का स्पेसटाइम के पाइप की तरह काम कर सकता है. इसमें बताया गया है कि वार्महोल वास्तव में अस्तित्व में हो सकते हैं और हो सकता है कि हम उन्हें देख भी चुके हों, लेकिन पहचान ना सकें हों. शोध में तार्किक तौर पर दावा किया गया कि ब्लैक होल के अंदर ही वार्महोल की उपस्थिति के प्रमाण हो सकते हैं. वार्म होल के बारे में कहा जाता है वे समय की यात्रा को आसान बना सकते हैं और कई प्रकाशवर्ष की दूरी कुछ ही क्षणों में तय करवा सकते हैं.

चीनी वैज्ञानिकों ने एक बड़ी उपल्ब्धि हासिल करते हुए एक्सपेरिमेंटल एडवांस्ड सुपरकंडक्टिंग टोकामैक नाम का एक परमाणु फ्यूजन संयंत्र में एक रिकॉर्ड बनाया है. जिसमें 7 करोड़ डिग्री सेल्सियस का तापमान सबसे ज्यादा 1056 सेकेंड तक कायम रखने में सफलता पाई है. इस उपलब्धि से वैज्ञानिकों ने अनंत स्वच्छ ऊर्जा के विकास की दिशा में एक अहम कदम आगे बढ़ाया है. इससे पहले यह रिकॉर्ड 101 सेकेंड का था.

नासा का यूं तो इस साल आर्टिमिस 1 अभियान की सफलता के ज्यादा चर्चे रहे, लेकिन वह एक बड़े अभियान का हिस्सा भी है. जबकि इस साल 26 नवबंर को नासा का डार्ट सैटेलाइट अभियान डिमोर्फोस नाम के क्षुद्रग्रह से सटीक निशाने पर टकराया था. यह अभियान पृथ्वी की ओर आने वाले उल्कापिंडों और क्षुद्रग्रहों को रास्ते में ही खत्म करने के लिए बनाया गया है जो पृथ्वी से टकराने वाले हैं. इस अभियान की सफलता से पृथ्वी को क्षुद्रग्रह जैसे पिंडों के टकराव से बचाने में ज्यादा मदद मिलेगी.

57 साल के डेविड बेनेट को हृदय प्रत्यारोपण की जरूरत थी. तब इस साल जनवरी में अमेरिका के फूड एंड ड्रग्स एडमिनिस्ट्रेशन ने बेनेट के आपातकालीन प्रत्यारोपण ऑपरेशन की इजाजत देती है. इसके बाद बेनेट को अनुवांशकीय तौर पर परीष्कृत सुअर का हृदय लगाया गया. यह सफल ऑपरेशन मैरीलैंड मेटिकल सेंटर यूनिवर्सिटी केएमडी और कार्डोयोथोरेसिक सर्जन बार्टिले ग्राफिथ ने किया. यह ऑपरेशन एक बहुत बड़ी चिकित्सकीय उपलब्धि के तौर पर देखी जा रही है जिसेस जेनोट्रांसप्लांटेशन जैसी नई चिकित्सकीय शाखा के द्वार खिल जाएंगे.

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