झारखंड में कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर से निपटने की तैयारी युद्धस्तर पर शुरू हो चुकी है. राज्य के हर जिले में 6-6 मेडिकल स्टाफ को आईसीयू (ICU) की विशेष ट्रेनिंग दी जा रही है. इसके अलावे केंद्र सरकार के निर्देश के बाद सभी जिलों में 20-20 स्वास्थ्यकर्मियों की टीम तैयार करने की योजना है जो तीसरे वेव के दौरान आपात स्थिति में सीएचसी लेवल तक पहुंचकर इलाज करेंगे.

झारखंड में कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के दौरान मची तबाही के बाद तीसरी लहर (Third Wave) को लेकर सरकार कोई रिस्क लेना नहीं चाहती है. संभावित खतरे को देखते हुए राज्य सरकार इसकी तैयारी में युद्धस्तर पर जुटी हुई है. राज्य के हर जिले में 6-6 मेडिकल स्टाफ को बच्चों के इलाज के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है. केंद्र सरकार के निर्देश के बाद सभी जिलों में 20-20 स्वास्थ्यकर्मियों की टीम तैयार की जाएगी जो आपात स्थिति में सीएचसी (Community Health Center) लेवल तक इलाज करेंगे.

 

रिम्स में चल रही है ट्रेनिंग

कोरोना की तीसरी लहर (Third Wave) को देखते हुए रिम्स में बच्चों के इलाज के लिए स्वास्थ्यकर्मियों ( Health Workers) को प्रशिक्षित किया जा रहा है. जिसमें कर्मियों को वेंटिलेटर, हाईफ्लो मशीन और एनआईवी (Non Invasive Ventilation) के इस्तेमाल को सिखाया जा रहा है. ताकि आपात स्थति में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों ( CHC) पर तत्काल इलाज किया जा सके.

नए मेडिकल कॉलेजों में भी लगेंगे वेंटिलेटर (Ventilator)

दुमका के नए मेडिकल कॉलेज अस्पताल से ट्रेनिंग के लिए रिम्स आए चिकित्सक डॉक्टर आकाश नारायण ने बताया कि इस तरह के प्रशिक्षण के बाद दुमका मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में भी ICU, PICU, NICU शुरू किया जा सकेगा.

अस्पतालों में तैयार होगा PICU और HDU बेड

कोरोना की तीसरे वेव से निपटने के लिए राज्य के सभी प्रमंडल मुख्यालयों में 20 बेड का PICU (Pediatric Intensive Care Unit) और 40 बेड का HDU (High Dependency Unit) बनाया जा रहा है. तो अन्य जिला मुख्यालयों में इसकी संख्या 10 और 20 बेड की होगी.

झारखंड में कब तक आएगा थर्ड वेव?

झारखंड में 26 जुलाई तक कोरोना के थर्ड वेव आने की संभावना जताई जा रही है. राज्य के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल रिम्स के क्रिटिकल केयर विभाग के हेड डॉक्टर प्रदीप भट्टाचार्य ने आइआइटी कानपुर के रिपोर्ट का हवाला देते हुए इसकी भविष्यवाणी की है. आइआइटी कानपुर की रिपोर्ट में 15 जुलाई से देश में थर्ड वेव के आने का अनुमान लगाया गया है. IIT कानपुर की ओर से जारी ग्राफ और सेकंड वेव में देश के दूसरे हिस्सों की स्थिति और झारखंड में केस बढ़ने के समय के आधार पर डॉ प्रदीप भट्टाचार्य ने कहा कि देश में थर्ड वेव (3rd Wave of Corona) आने के ज्यादा से ज्यादा 10 दिन बाद झारखंड में थर्ड वेव आ सकता है.

तीन जिलों में होगा सीरो सर्वे

कोरोना की संभावित तीसरी लहर (Third wave of Corona) को लेकर विशेषज्ञ आशंका जता रहे हैं कि इस लहर के केंद्र में बच्चे होंगे. तीसरी लहर को लेकर यह अनुमान कई शोध के आधार पर लगाया जा रहा है. इसी को देखते हुए ICMR की 16 सदस्यीय टीम झारखंड के तीन जिलों लातेहार, सिमडेगा और पाकुड़ में बच्चों की जांच कर और जरूरी आंकड़े जुटाने जा रही है. इन आकंड़ों से ये जानना आसान हो जाएगा कि तीसरी लहर में बच्चे कितने प्रभावित हो सकते है. सीरो सर्वे में तीनों जिलों के 18 साल से कम उम्र के लड़कों और बच्चों की एंटीबॉडी की जांच की जाएगी. बच्चों में एंटीबॉडी मिलता है तो इसका अर्थ होगा कि बिना लक्षण आए राज्य में बड़ी संख्या में 18 साल से कम उम्र के बच्चे भी संक्रमित हुए हैं. ऐसे में इस उम्र के लोगों में तीसरी लहर के दौरान संक्रमण का खतरा कम हो जाता है.

 

क्या है सीरो सर्वे?

सीरो सर्वे को सीरो स्टडीज भी कहा जाता है. जिसमें ये पता लगाया जाता है कितनी जनसंख्या कोरोना से संक्रमित हुई और कितने लोग इससे ठीक हो गए. इस टेस्ट में किसी व्यक्ति के शरीर में कोरोना संक्रमण के खिलाफ बनने वाले एंटीबॉडीज की मौजूदगी का पता लगाया जाता है. इसमें ये देखा जाता है कि क्या व्यक्ति के इम्यून सिस्टम ने इंफेक्शन का जवाब दिया है या नहीं. इसी के आधार पर संक्रमण का पता चलता है.

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