भारत समेत दुनिया के कई देशों में कोरोना वायरस (Coronavirus) के नए मामले रिकोर्ड तोड़ रहे हैं. कोरोना के सबसे खतरनाक वेरिएंट ओमिक्रोन (Omicron) ने भी कई देशों की चिंता बढ़ा दी है. ओमिक्रोन वेरिएंट को फैलने से रोकने के लिए कई देशों ने प्रतिबंध भी लगाने शुरू कर दिए हैं. ये उन लोगों को भी अपनी चपेट में ले रहा है, जिन्होंने वैक्सीन की दोनों डोज ली हुई है या तो वह पहले भी कोरोना संक्रमित रह चुके हैं. जैसे-जैसे कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं एक बार फिर सभी के मन में कोरोना और उसके ट्रीटमेंट को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं. तो आइये जानते है की स्वास्थ्य मंत्रालय की कोरोना से बचाव के लिए नई गाइडलाइंस क्या है ? और वैक्सीन की दोनों डोज लेने वाले अगर कोरोना पॉजिटिव हो जाए तो क्या करें ?

क्या ओमिक्रॉन के लक्षण बाकी वेरिएंट से अलग है ?    

कोरोना के अलग-अलग वेरिएंट के लक्षणों में ज्यादा अंतर नहीं है. आमतौर पर बुखार, गले में दर्द, स्वाद और गंध चले जाना और कुछ सामान्य लक्षण होते हैं. हालांकि, ब्रिटेन के नेशनल हेल्थ सर्विस के मुताबिक, इस बार कोरोना के मरीज जी मचलना और भूख न लगने की शिकायत कर रहे हैं. ये ऐसे लक्षण हैं जो आमतौर पर कोरोना से जुड़े नहीं होते हैं.

क्या एसिंप्टोमेटिक और कोरोना पॉजिटिव होने के बाद किसी तरह की कोई दवाई लेनी चेहिए ?

5 जनवरी को स्वास्थ्य मंत्रालय ने एसिंप्टोमेटिक और माइल्ड कोरोना मरीजों के लिए होम आइसोलेशन को लेकर नई गाइडलाइन जारी की है. गाइडलाइन के मुताबिक, एसिंप्टोमेटिक मरीजों को कोई दवाई लेने की जरूरत नहीं है. उन्हें केवल घर पर ही आइसोलेट हो जाना है.

कोरोना के हल्के लक्षण होने से और होम आइसोलेशन रहने के बाद क्या करना चाहिए ?

अगर आप कोरोना पॉजिटिव हैं और आपको हल्के (माइल्ड) लक्षण हैं तो नई गाइडलाइन के अनुसार-

  • आपको ऐसी जगह आइसोलेट होना हैं जहां ठीक से वेंटिलेशन है
  • अगर आप और भी लोगों के साथ रहते हैं या आपकी कोई देखभाल करने वाला है तो आपको ठीक से तीन मास्क पहना चाहिए, जिसे आपको हर 72 घंटे यानी तीन दिन में बदलना भी है
  • पानी पीते रहना है
  • ऑक्सीजन लेवल को चेक करते रहे
  • जिस हिसाब से बुखार, खांसी या दर्द हो रहा है उस हिसाब से मैनेज करें

क्या  कोरोना के लक्षण होने पर आइवरमेक्टिन (Ivermectin) लेनी चाहिए ?

कोरोना गाइडलाइंस में से आइवरमेक्टिन लेने की सलाह को हटा दिया गया है क्योंकि कई वैज्ञानिक सबूत बताते हैं कि कोरोना के इलाज में इसका कोई उपयोग नहीं है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO), यूएस फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) और यूरोपीय मेडिसिन एजेंसी (EMA) सभी ने आइवरमेक्टिन को एक उपचार के रूप में उपयोग करने के खिलाफ चेतावनी दी है.

ऐसी कौन सी दवाइयां हैं जो पहले कोरोना के इलाज में दी जा रही थी, लेकिन अब उसे गाइडलाइन से हटा दिया गया है ?

ऐसी कई सारी दवाइयां हैं, जो कोरोना की दूसरी लहर के दौरान गाइडलाइन में बताई गई थी लेकिन अब उन्हें हटा दिया गया है क्योंकि कोरोना के इलाज में उनका कोई उपयोग नहीं है. जैसे हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन (Hydroxychloroquine), डेक्सामेथेसॉन (Dexamethasone) या फिर प्लाजमा थेरेपी. वहीं गाइडलाइन से रेमेडेसिविर या टोसिलिजुमैब को नहीं हटाया गया है, लेकिन ये केवल मॉडकेट से सीवियर कोरोना मरीजों को कुछ हालातों में लेने के लिए कही गई है.

अगर कोई वैक्सीनेटेड है तो क्या वो फिर से कोरोना संक्रमित हो सकता हूं ?

जैसा कि ओमिक्रॉन वेरिएंट तेजी से फैलता हुआ दिख रहा है तो भले ही आपने वैक्सीन की दोनों डोज लगा ली हो तो भी आपको दोबारा कोरोना हो सकता है. वहीं वैक्सीन को लेकर एक्सपर्ट्स का मानना है कि ये आपको कोरोना से होने वाली मौत से बचा सकती है. इसलिए वैक्सीन लेना फायदे का सौदा ही होगा. 

 

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