उम्र से संबंधित हुए एक यूरोपीय अध्ययन में पुरुषों और महिलाओं की बढ़ती उम्र का विश्लेषण किया गया है. इस शोध में पाया गया है कि पुरुष के बूढ़े होने की गति महिलाओं की तुलना में ज्यादा तेज होती है और इसके पीछे बहुत सारे जैविक कारक होते हैं. शोधकर्ताओं ने इसके साथ ही यह भी देखा कि क्या इसके पीछे जीवनशैली की भी कोई भूमिका होती है.

 

इंसान की बढ़ती उम्र पर बहुत सारे शोध होते हैं. एजिंग रिसर्च अपने आप में ही बड़ा क्षेत्र है. इसमें दो तरह के शोध होते हैं. एक तरह के अध्ययनों में उन कारकों का अध्ययन किया जाता है जो इंसान की उम्र के बढ़ाते हैं. वहीं दूसरे तरह के शोधों में ऐसी खोजें की जाती है जिनमें उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को धीमी की जा सकती है या रोकी जा सकती है. लेकिन नए अध्ययन में लिंग के आधार पर बढ़ती उम्र का अध्ययन किया गया है. इसके मुताबिक पुरुष महिलाओं की तुलना में तेजी से बूढ़े होते हैं.

 

उम्र बढ़ने के कारक
फिनलैंड के यूनिवर्सिटी ऑफ जिवास्कायला  के शोध के मुताबिक पुरुष जैविक तौर पर महिलाओं से ज्यादा बूढ़े होते हैं. इस अध्ययन में यह भी पाया गया है कि पुरुषों का प्रायः ज्यादा धूम्रपान करना और ज्यादा बड़ा शरीर इस अंतर की कुछ हद तक व्याख्या करने में सहायक होता है. हालांकि पश्चिम में जीवन प्रत्याशा 20वीं सदी में तेजी से बढ़ी थी, महिलाओं की जीवन प्रत्याशा पुरुषों की तुलना में ज्यादा थी.

महिलाएं ज्यादा आगे?
फिनलैंड में महिलाएं पुरुषों की तुलना में 5 साल ज्यादा जीती हैं. यह जेंडर में यह अंतर 1970 में सबसे ज्यादा था जब महिलाओं की जीवन प्रात्याशा पुरुषों की तुलना में दस साल ज्यादा थी. नए शोध में यह पता चला है कि लिंग में यह अंतर जैविक उम्र बढ़ने के मामले में भी दिखाई देता है. शोधकर्ताओ ने इस उम्र बढ़ने के संभावित जैविक अंतरों की भी पड़ताल की |

 

एपीजेनेटिक घड़ियों का उपयोग
इस शोध में यह भी देखा गया कि क्या जीवनशैली से संबंधित कारक की भी किसी अन्य अंतरों के लिए जिम्मेदार हो सकते हैं. इस अंतर की पड़ताल युवा और बूढ़ों दोनों ही तरह के व्यस्कों के लिए की गई. जैविक उम्र के मापन के लिए कई तरह के एपीजेनेटिक घड़ियों का उपयोग किया जाता है. एपीजेनिक घड़ियों के जरिए जीवनकाल  संबंधित विविध कारकों का अध्ययन किया जाता है. इनसे व्यक्ति की जैविक उम्र का अनुमान खून के नमूने से पता लगाए गए डीएनमिथाइलेसन लेवल के मापन के आधार पर लगाया जाता है |

एक उम्र के होने के बाद भी ज्यादा बूढ़े
जेरोन्टोलॉजी रिसर्च सेंटर एंड द फैकल्टी ऑफ स्पोर्ट एंड हेल्थ साइंसेस की डॉक्टोरल शोधकर्ता एना कानकानपाआ बताती हैं कि उन्होंने पाया कि पुरुष महिलाओं की तुलना में समय के हिसाब से एक ही उम्र के बाद भी ज्यादा बूढ़े होते हैं. वहीं ज्यादा बूढ़े लोगों में उम्र की अंतर ज्यादा होता पाया. वहीं धूम्रपान करने वाले पुरुष की उम्र में अंतर तो देखा गया लेकिन ऐसा केवल बूढ़ों के साथ युवा व्यस्क जुड़वाओं में नहीं देखा गया |

शरीर के आकार में अंतर कितना कारक
इसके अलावा पुरुषों के शरीर के ज्यादा बड़े आकार का भी दोनों ही उम्र के समूह मे अंतर के लिए कुछ योगदान था.  काना कनकानापाआ ने बताया कि उन्होंने पाया कि शोधकर्ताओं ने लिंग आधार पर जो बूढ़े होने की गति में अंतर पाया उसका जीवनशैली संबंधी कारकों से कोई संबंध नहीं थी |

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