दयानिधि

2005 आरक्स 3 के अलावा, चार एस्टेरॉयड जो इस सप्ताह पृथ्वी की ओर बढ़ रहे हैं, वे हैं 2020 पीटी4, 2022 क्यूडी1, 2022 क्यूबी37 और 2022 क्यूजे J50। नेशनल एरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन (नासा ) के एस्टेरॉयड पर नजर रखने वाली प्रणाली के हालिया जानकारी के अनुसार, इस सप्ताह पांच बड़े एस्टेरॉयड पृथ्वी के पास से गुजरेंगे। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी ने खुलासा किया कि यह प्रक्रिया 11 सितंबर से शुरू हुई थी और 22 सितंबर तक चलेगी।

जैसा कि नासा गहरे अंतरिक्ष में अपनी एस्टेरॉयड विक्षेपण तकनीक का परीक्षण कर रहा है, एक एस्टेरॉयड जो कि स्टैच्यू ऑफ यूनिटी से बड़ा है, पृथ्वी के रास्ते में है।एस्टेरॉयड आकार में लगभग 210 मीटर है जो गुजरात में स्टैच्यू ऑफ यूनिटी से बड़ा है, जिसे दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा के रूप में जाना जाता है।

2005 आरक्स3 नाम का एस्टेरॉयड 18 सितंबर को पृथ्वी के आसपास के क्षेत्र में आएगा, यह 62,820 किमी प्रति घंटे की एक चौंका देने वाली गति से बढ़ेगा। एस्टेरॉयड 47,42,252 के करीब आएगा।2005 में पृथ्वी पर आखिरी बार एस्टेरॉयड आया था, नासा की जेट प्रोपल्शन प्रोपल्शन लेबोरेटरी ( जेपीएल ) एस्टेरॉयड पर नजर रख रही है। जेट प्रोपल्शन लेबोरेटरी ने पृथ्वी के साथ अपने करीबी मुठभेड़ों के बारे में 1900 के पुराने आंकड़ों का खुलासा किया है।

 यह एस्टेरॉयड पृथ्वी से सूर्य के चारों ओर अपनी कक्षा में घूमेगा और मार्च 2036 में पृथ्वी पर वापस आ जाएगा। जबकि 2005 आरक्स3, 18 सितंबर को पृथ्वी की ओर आएगा, चार अन्य भी ग्रह के करीब पहुंच रहे हैं, नासा ने उनके कक्षीय गतिविधियों पर नजर रखना जारी रखा है। 2005 आरक्स3 के अलावा, नासा द्वारा नजर रखी जा रही उनके कक्षीय गतिविधयों के अनुसार चार और एस्टेरॉयड भी पृथ्वी के करीब पहुंच रहे हैं। इस सप्ताह जो चार एस्टेरॉयड पृथ्वी की ओर बढ़ रहे हैं, वे हैं 2020 पीटी4, 2022 क्यूडी1, 2022 क्यूबी37 और 2022 क्यूजेJ50।

 नासा के अनुसार, 2020 पीटी 4 एस्टेरॉयड 39,024 किमी प्रति घंटे की गति से पृथ्वी के 71,89,673 किमी के करीब आएगा। 2022 क्यूडी1 आकार में लगभग 130 मीटर है और इसके 16 सितंबर को   34,200 किमी प्रति घंटे की तेज गति से पृथ्वी को पार करने के आसार हैं। 2022 क्यूबी3, 18 सितंबर को पृथ्वी के पास पहुंचेगा और 2022 क्यूजेJ50 इस सप्ताह के अंत तक पृथ्वी की ओर बढ़ेगा।

 एस्टेरॉयड लगभग 4.6 अरब साल पहले सौर मंडल के गठन के दौरान बने चट्टानी टुकड़े हैं। नासा की जेट प्रोपल्शन प्रोपल्शन लेबोरेटरी (जेपीएल) के अनुसार, एक एस्टेरॉयड को पृथ्वी के निकट की   वस्तु के रूप में वर्गीकृत किया जाता है, जब पृथ्वी से इसकी दूरी पृथ्वी से सूर्य की दूरी के 1.3 गुना से कम होती है।

अंतरिक्ष में मौजूद कई ऐसे एस्टेरॉयड हैं जो सदियों से पृथ्वी के लिए खतरा बने हुए हैं। स्पेस साइंटिस्ट्स की इन पर चौबीसों घंटे नजर रहती है। नासा ने चार एस्टेरॉयड्स को लेकर रिसर्च किया है कि जो पृथ्वी के करीब से गुजर रहे हैं। हालांकि इस एस्टेरॉयड की दिशा को देखते हुए वैज्ञानिकों ने कहा है कि इसके धरती टकराने की उम्मीद कम है। वहीं दूसरी ओर इसकी गति की बात करें तो 64800 kmph की रफ्तार से आगे बढ़ रहा है।

एयरक्रॉफ्ट के आकार का है एस्टेरॉयड

अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा के वैज्ञानिकों का कहना है कि पृथ्वी के नजदीक से गुजरने वाला एस्टेरॉयड 92 फीट चौड़ा है। स्पेस साइंटिस्ट्स का कहना है कि इसके गति कि दिशा में अगर परिवर्तन नहीं होता तो पृथ्वी पर इससे खतरे की संभावना नहीं होगी। हालांकि इसके आकार और पृथ्वी से कम दूरी पर उपस्थिति के कारण से नासा ने इसे खतरनाक एस्ट्रायड्स की सूची में रखा है।

पृथ्वी के नजदीक से गुजरेगा

नासा के वैज्ञानिकों ने कहा है कि आज यानी 22 अगस्त को एस्टेरॉयड पृथ्वी करीब के गुजरेगा। ये पृथ्वी की ओर तेज गति से आगे बढ़ रहा है। हलांकि इससे पृथ्वी को कोई नुकसान नहीं होगा। हमारे गृह से एस्टेरॉयड 3.3 मिलियन मील दूरी से गुजरेगा। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा की जेट प्रोपल्शन लेबोरेटरी के अनुसार, इन एस्टेरॉयड्स में सबसे बड़ा 2020 QW3 ग्रह पृथ्वी से 3.3 मिलियन मील दूर से गुजरेगा।

4 एस्टेरॉयड में सबसे बड़ा है घातक क्षुद्रग्रह

हवाई जहाज के आकार का क्षुद्रग्रह उन चार एस्टेरॉयड्स में सबसे बड़ा है, जिनके पृथ्वी के करीब आने की उम्मीद है। एस्टेरॉयड की गति 64,800 किमी प्रति घंटे होने का अनुमान है। नासा ने एस्टेरॉयड 2020 QW3 के पृथ्वी से नजदीक से गुजरने का अनुमान लगाया है। हालांकि इससे पृथ्वी को खतरा होने के संकेत नहीं हैं लेकिन एजेंसी ने पृथ्वी के नजदीक से गुजरने के कारण इसे संभावित खतरनाक एस्टेरॉयड के रूप में वर्गीकृत किया है।

पृथ्वी पर एस्ट्रेरॉयड का खतरा

एस्टेरॉयड्स की गति, आकार में परिवर्तन समेत इनके स्थान परिवर्तन पृथ्वी के लिए हमेशा से खतरा रहे हैं। अमेरिका आंतरिक्ष एजेंसी नासा की जेट प्रोपल्शन लेबोरेटरी में सेंटर फॉर नियर अर्थ ऑब्जेक्ट स्टडीज (CNEOS) के माध्यम से नासा पृथ्वी के निकट एस्टेरॉयड्स को ट्रैक करता है। नासा के साइंटिस्ट्स ने निर्धारित मानक के सापेक्ष पृथ्वी से कम दूरी पर एस्टेरॉयड्स की उपस्थिति खतरनाक स्थिति मानी जाती है। नासा के अनुसार 460 फीट से ऊपर के आकार का एस्टेरॉयड अगर 4.5 मिलियन किलोमीटर की पृथ्वी की दूरी से गुजरता है तो उसे संभावित रूप से खतरे की स्थिति माना जाता है।

( ‘डाउन टू अर्थ ‘ पत्रिका से साभार )

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