वर्ष 2011 से हर वर्ष इस दिन को 26 सिंतबर को विश्व पर्यावरण स्वास्थ्य दिवस मनाया जाता है। विश्व पर्यावरण स्वास्थ्य दिवस को मनाने के पीछे मुख्य उद्देश्य पर्यावरण को हो रहे नुकसान पर की तरफ लोगों का ध्यान खीचना है। क्योंकि ये माना जाता है कि पर्वारण को हो रहे लगातार नुकसान से मानव जीवन को भी नुकसान झेलना पड़ता है। हमारा स्वास्थ्य हमारे पर्यावरण से जुड़ा होता है। मानव शरीर में और बाहर के स्वास्थ्य समस्याएं पर्यावरणीय कारकों के रूप में मानी जाती है।

 

विश्व में लोग लगातार बढ़ रहे प्रदूषण से परेशान हो रहें। इसकी वजह से लोगों को सांस लेने और त्वचा संबंधी रोग हो रहे हैं। इसके अलावा ग्रीनहाउस प्रभाव, जलवायु परिवर्तन, शहरीकरण आदि की वजह से हमारे खाने, पानी और वायु आदि कि क्वालिटी पर सीधा असर होता है। जिसके कारण लोगों को कई बीमारिंया होती है। स्वास्थ्य खराब रहता है। जिसका हमारी इम्युनिट पर सीधा असर पड़ता है। इसी तरह की समस्याओं को ध्यान में रख कर और लोगों में जागरूकता बढ़ाने के लिए इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ एनवायरमेंटल हेल्थ – आईएफईएच ने इसकी शुरुआत की। करबी 32 सालों से आईएफईएच इन मुद्दों पर कार्य कर रहा है। विश्व पर्यावरण स्वास्थ्य दिवस हर साल एक थीम के साथ मनाया जाता है। आइए जाने विश्व पर्यावरण स्वास्थ्य दिवस के इतिहास, महत्व और 2022 की थीम के बारे में।

पर्यावरण हमें जीवित रहने के लिए हर चीज प्रदान करता है जैसे खाना और यहां तक कि कपड़े भी पर्यावरण की चीजों से ही बनाए जाते हैं, इसलिए हमें स्वस्थ रहने के लिए प्रकृति और पर्यावरण का ध्यान रखना चाहिए. जिस जगह पर हम रह रहे हैं, वहां सब साफ सुथरा हो, इस बात का विशेष ध्यान रखना चाहिए, जिससे बीमारियां न फैलें और पृथ्वी भी साफ-सुथरी रह पाए. वैसे भी ‘विश्व पर्यावरण हेल्थ दिवस’ एक प्रकार का विज्ञान है, जो व्यक्ति को बीमारी, चोट लगने या किसी प्रकार की कुदरती या स्वास्थ्य की परेशानियों से दूर रख सकता है. इन्हीं चीजों का ध्यान रखने के लिए ‘विश्व पर्यावरण स्वास्थ्य दिवस’ मनाया जाता है. 

 

 

वर्ल्ड एनवायरनमेंट हेल्थ डे

इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ एनवायरनमेंटल हेल्थ द्वारा ‘वर्ल्ड एनवायरमेंटल हेल्थ डे’ 26 सितंबर 2011 में शुरू किया गया था. यह दिन इसलिए मनाना शुरू किया गया था ताकि लोगों में एनवायरनमेंटल हेल्थ और इससे जुड़ी समस्याओं को लेकर जागरूक किया जा सके. IFEH को उन स्वास्थ्य समस्याओं को काम करते हुए लगभग 32 साल हो गए हैं, जो लोगों के लिए खतरनाक है.

 

वर्ल्ड एनवायरमेंटल हेल्थ डे 2022 की थीम

हर साल इस दिन को एक खास थीम के साथ मनाया जाता है. इस साल भी इसे एक अलग थीम के साथ मनाया जायेगा और उसका नाम है स्ट्रेंथनिंग एनवायरनमेंटल हेल्थ सिस्टम फॉर द इंप्लिमेंटेशन ऑफ द सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स. इसका अर्थ है एनवायरमेंटल हेल्थ सिस्टम को इस तरह मजबूत बनाया जाए, ताकि लंबे समय तक पर्यावरण और मानवों की लंबी उम्र और अच्छी सेहत के लक्ष्य को पूरा किया जा सके.
विश्व पर्यावरण स्वास्थ्य दिवस : इतिहास

इतिहास विश्व पर्यावरण स्वास्थ्य दिवस हर साल 26 सितंबर को मनाया जाता है। इसकी शुरुआत 2011 में डेनपास, बाली, इंडोनेशिया में हुई पर्यावरण स्वास्थ्य शिखर सम्मलेन और आईएफईएच की बैठक के दौरान हुई। इस दिन को दुनियाभर में मार्क करने के मुख्य उद्देश्य लोगों की भालाई और स्वास्थ्य की तरफ उनका ध्यान आकर्षित करना है। आईएफईएच पर्यावर्ण और स्वास्थ्य संरक्षण के लिए कार्य करता है और इन कार्य के लिए समर्पित है। आईएफईएच वैज्ञानिक और तकनीकी अनुसंधान के आदान प्रदान पर केंद्रित है। आईएफईएच का बड़ा हिस्सा वैज्ञानीक और तकनीकी के लिए कार्य करता है।

 

आईएफईएच के अध्यक्ष सुजान पैक्सो ने अपने एक बयान में कहा था कि – दुनिया को ये समझने की आवश्यकता है कि पर्यावरण, स्वास्थ्य और अर्थव्यवस्था के बीच एक गहन संबंध है। एनवायरमेंट हेल्थ वर्कफोर्स के समर्थन के साथ आईएफईएच हेल्थ और ग्रीन रिकवरी में सहयोग करता है। इसी कारण से हर साल विश्व पर्यावरण स्वास्थ्य दिवस की थीम को चुना जाता है। इस साल यानी 2022 की थीम की बात करें तो इस साल की थीम “सतत विकास लक्ष्यों के कार्यान्वयन के लिए पर्यावरणीय स्वास्थ्य प्राणालियों को सुदृढ़ बनाना” है।

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