अगर हम किसी भी शहर या देश को एक्‍सप्‍लोर करना चाहते हैं, तो सबसे पहले उस शहर के संग्रहालय का रुख करते हैं. संग्रहालय की मदद से किसी कल्‍चर और उसके इतिहास को जानना आसान हो जाता है. यहां हमें अपनी जानकारी को बढ़ाने के लिए कई चीज़ें उपलब्‍ध होती हैं, जो इतिहास से लेकर भुगोल और विज्ञान की भी जानकारी को बहुत ही सरल माध्‍यम से हमें समझा सकते हैं. इस तरह कहा जा सकता है कि इतिहास को सहेजने का काम विश्वभर के संग्रहालय बखूबी कर रहे हैं. दुनियाभर में संग्रहालय के महत्‍व को देखते हुए हर साल 18 मई को ‘इंटरनेशनल म्यूजियम डे’ मनाया जाता है.

International Museum Day 2022 : ನಮಗೆಂಥ ಮ್ಯೂಸಿಯಂ ಬೇಕಿದೆ? | International Museum Day 2022 Article by Dr Sahana Prasad | TV9 Kannada

इंटरनेशनल म्यूजियम डे का इतिहास
सबसे पहले इंटरनेशनल म्यूजियम डे को मनाने का विचार इंटरनेशनल काउंसिल ऑफ म्यूजियम को आया था और 1977 में इस दिन को मनाने की शुरुआत की गई थी. तब से हर साल आज के दिन यानी 18 मई को विश्वभर में ‘इंटरनेशनल म्यूजियम डे’ मनाया जाता है. इस खास दिन पर कई देशों में संग्रहालयों में प्रवेश टिकट मुफ्त रखा जाता है.

भारत में इस बार क्या है खास?

  • आजादी का अमृत महोत्सव के उपलक्ष्य में अंतरराष्ट्रीय संग्रहालय दिवस 2022 के अवसर पर संस्कृति मंत्रालय 16 मई से 20 मई तक अपने संग्रहालयों में एक सप्ताह तक चलने वाले उत्सव का आयोजन कर रहा है.
  • राष्ट्रीय संग्रहालय (नई दिल्ली), राष्ट्रीय आधुनिक कला संग्रहालय (नई दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु), इलाहाबाद संग्रहालय (प्रयागराज), भारतीय संग्रहालय (कोलकाता), विक्टोरिया मेमोरियल हॉल (कोलकाता), सालार जंग संग्रहालय (हैदराबाद) और साइंस सिटी और राष्ट्रीय विज्ञान संग्रहालय परिषद के अंतर्गत आने वाले केंद्र (भारत भर में 24 स्थानों पर) इस पूरे सप्ताह में विशेष पहल कर रहे हैं.
  • इसके लिए पहले ही मंत्रालय के अंतर्गत देश भर के सभी संग्रहालयों में पूरे सप्ताह के दौरान (16 मई से 20 मई तक) विजिटर्स के लिए नि:शुल्क प्रवेश की घोषणा कर दी है.

International Museum Day 2020: Date, Theme, and History

इंटरनेशनल म्यूजियम डे 2022 की थीम
हर साल की तरह इस साल भी ‘इंटरनेशनल म्यूजियम डे’ पर एक थीम दी गई है, वो है ‘द पावर ऑफ म्‍यूजियम्स’. इस थीम के तहत इस दिन दुनिया भर के 158 देशों के 37,000 संग्रहालय हिस्‍सा लेंगे. बता दें कि पिछले साल की थीम ‘संग्रहालय का भविष्य- पुनर्कल्पना और संरक्षण’ रखी गई थी.

जानें भारत के संग्रहालयों को

  • पश्चिम बंगाल के कोलकाता शहर में भारत का पहला संग्रहालय स्थित है. यह हावड़ा जंक्शन से चार किलोमीटर की दूरी पर एक महराबदार भव्य सफेद इमारत में स्थित है. इसे इंडियन म्‍यूजियम यानी  भारतीय संग्रहालय के नाम से जाना जाता है. इसे दुनिया के सबसे पुराने संग्रहालयों में गिना जाता है.
  • अहमदाबाद के गुजरात में स्थित इन्ड्रोडा डायनासोर और फॉसिल पार्क डायनासोर म्यूजियम के लिए जाना जाता है। यहां आपको डायनासोर के अंडों की दूसरी सबसे बड़ी जीवाश्म हैचरी देखने को मिल जाएगी। ये गुजरात में स्थित एकमात्र डायनासोर संग्रहालय है। इसे भारत का जुरासिक पार्क भी कहा जाता है। 
  • बेंगलुरु के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेंटल हेल्थ एंड न्यूरोसाइंसेज के ग्राउंड फ्लोर पर ह्यूमन ब्रेन म्यूजियम है। यहां आप इंसान का दिमाग, रीढ़ की हड्डी और अन्य पैरेन्काइमल अंगों को देख सकते हैं, साथ में छू भी सकते हैं। 
  • सुलभ इंटरनेशनल म्यूज़ियम ऑफ़ टॉयलेट्स, ये म्यूजियम सुनने में जितना दिलचस्प देखने में भी उतना मजेदार है। यह संग्रहालय प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता और समाजशास्त्री डॉ. बिंदेश्वर पाठक द्वारा बनवाया गया था। इस संग्रहालय में प्रदर्शित टॉयलेट, कमोड हैं, साथ ही 2500 ईसा पूर्व से आज तक किस तरह की टॉयलेट सीट्स रही हैं, जैसी जानकारी भी आपको यहां मिल जाएगी। ये म्यूजियम स्वच्छता और शौचालय जागरूकता फैलाने का भी एक अच्छा स्रोत है।
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