लैंगिक भेदभाव एवं हिंसा के विरुद्ध वैश्विक अभियान ” उमड़ते सौ करोड़ ( वन मिलियन राइजिंग )” के समर्थन में 14 फरवरी को मोराबादी मैदान रांची झारखंड में भी कार्यक्रम का आयोजन होगा। इस वैश्विक अभियान का इस वर्ष का थीम है – ” सभी महिलाओं लड़कियों और पृथ्वी के लिए जागो ” ( Rise for the bodies of all women, Girls & the Earth. )। मोराबादी, रांची, में आयोजन की पहल आदिवासी वीमेंस नेटवर्क ( AWN ) एवं वीमेन एंड जेंडर रिसोर्स सेंटर ( WGRC ) झारखंड ने किया है। इस एक तरह के पब्लिक इवेंट में इस मुद्दे पर सक्रिय व्यक्ति एवं संगठन, समूह से जुड़े लोग लैंगिक भेदभाव तथा हिंसा के विरुद्ध आवाज बुलंद करेंगे।

दरअसल उमड़ते सौ करोड़ (वन बिलियन राइजिंग) लैंगिक हिंसा के मुद्दे को दूर करने के लिए एक वैश्विक अभियान है। इसे 2012 में V-DAY MOVEMENT के एक भाग के रूप में शुरू किया गया था बिलियन’ शब्द संयुक्त राष्ट्र के सांख्यिकी में यह संदर्भित करता है कि हर तीन में से एक महिला को उसके जीवनकाल में बलात्कार या घरेलू हिंसा का शिकार बनना पड़ता है। विश्व की जनसंख्या 7 बिलियन होने के साथ, महिलाओं और लड़कियों पर होने वाले हिंसा का आंकड़ा एक बिलियन से अधिक हो जाता है।

पिछले वर्षो में वैश्विक लॉकडाउन सरकारी उपेक्षा, स्वास्थ्य संकट, सतावादी शासन का प्रसार श्रम का स्थानिक शोषण, बढ़ता कॉर्पोरेट लालच, गरीबी, बलात्कार, घरेलू हिंसा, दुर्व्यवहार, शोषण, तस्करी, भूख और मृत्यु, राजनीतिक उत्पीइन, स्वतंत्रता और गतिशीलता पर प्रतिबंध, जातिवाद चल रहे विनाश और पूंजी के लिए पर्यावरण की लूट को देखा गया है। देखा जाए तो कई मायनों में ये बड़े राजनीतिक उथल-पुथल का समय है। फासीवाद साम्राज्यवाद, पूंजीवाद, जलवायु संकट जैसी समस्यों के बीच दुनिया भर में महिलाओं के खिलाफ हिंसा में तेजी देखी जा रही है। हम आज दुनिया पर पितृसता, साम्राज्यवाद, पूंजीवाद और नस्लवाद की चल रही व्यवस्था के विनाशकारी परिणामों का अनुभव कर रहे हैं।

राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के अनुसार, 2001 से 2020 के बीच महिलाओं के खिलाफ अपराध की दर में (211.71 प्रतिशत) की तीव्र वृद्धि हुई हैं। झारखंड पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2020 में बलात्कार के लगभग 1764 तथा 2021 में 1230 मामले देखे गए। वर्तमान सामाजिक संरचना में महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराध प्रचलित हो गए हैं। जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ सख्त कानूनों को लागू करना इस समय की जरूरत है।

इस वर्ष वन बिलियन राइजिंग का थीम सभी महिलाओं, लड़कियों और पृथ्वी के लिए जागो (Rise for the bodies of all Women. Girls & the Earth) है। सभी महिलाओं, लड़कियों और इस पृथ्वी के लिए तत्परता के साथ कार्य करना; परिवर्तन के लिए एक रचनात्मक सोच है। यह कई मायनों में न्याय के लिए करुणामय आहवान करने की एक राह है। क्योंकि हमारे समय के सबसे बड़े अन्याय में से एक है, धरती का विनाश और उन्मूलन तथा समानांतर चल रहे और बढ़ते लैंगिक हिंसा के मामले। हम सत्ता के लिए इस विनाशकारी लड़ाई को महिलाओं और पृथ्वी पर लड़ते हुए देखते हैं। इस तबाही को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है।

राइज फॉर द बॉडीज ऑफ आल वीमेन, गर्ल्स एंड द अर्थ, प्रकृति और लोगों के लालच और वैश्विक शोषण के खिलाफ न्याय का आहवान है। यह हमारी पृथ्वी और दुनिया के सभी लोगों, विशेष रूप से महिलाओं और लड़कियों के प्रति सम्मान, अखंडता बहाल करने का आहवान है।

हमें भविष्य में जीवन के अस्तित्व के लिए भी पृथ्वी और महिलाओं का सम्मान और रक्षा करनी चाहिए। हमें महिलाओं और धरती के उत्थान के लिए ऊर्जा के साथ आवाज उठानी चाहिए। हम दुनिया भर में हर किसी को अपनी महिला कार्यकर्ताओं के सम्मान करने के लिए उनका आहवान करते हैं।

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