केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने हाल ही में चिकित्सकों से अनुरोध किया है कि वे रोगियों को एंटीबायोटिक दवा लिखने को न्यायोचित ठहराने के लिए पर्चे पर इसके इस्तेमाल के कारण और जरूरत का अनिवार्य रूप से उल्लेख करें। संक्रामक रोग विशेषज्ञों का कहना है कि यह पहल एंटीबायोटिक के उपयोग को तर्कसंगत बनाने और इन दवाओं के अंधांधुंध इस्तेमाल पर अंकुश लगाने में मददगार साबित हो सकती है।

सर्दियों के दौरान सर्दी, खांसी और वायरल बुखार में काफी वृद्धि देखी जाती है. कुछ लोगों में ये बुखार कई दिनों से लगातार बना हुआ है, जिसके कारण एंटीबायोटिक दवाओं का उपयोग बढ़ गया है. विशेषज्ञों ने नोट किया है कि वायरल संक्रमण में वृद्धि का एक कारण एंटीबायोटिक दवाओं की आसान पहुंच भी है. अब सरकार इसे लेकर कड़ा कदम उठाया है. सरकार चिकित्सों से कहा है कि एंटीबायोटिक्स लिखने से बचें और उन्हें लिखते समय इसका कारण अनिवार्य रूप से बताएं.

सीएनबीसी-टीवी18 द्वारा जारी एक रिपोर्ट के अनुसार, मेडिकल कॉलेजों के सभी डॉक्टरों को एक पत्र जारी किया गया है, जहां स्वास्थ्य सेवाओं के महानिदेशक डॉ. अतुल गोयल ने उनसे “एंटीमाइक्रोबियल दवाएं लिखते समय अनिवार्य रूप से सटीक कारण का उल्लेख करने के लिए कहा है.

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार, एंटीबायोटिक दवाओं की अत्यधिक मात्रा को रोकने की दिशा में एक कदम उठाया गया है, जिससे एंटी माइक्रोबियल रेजिस्टेंस (एएमआर) होता है. एएमआर को दुनिया के शीर्ष दस सार्वजनिक स्वास्थ्य खतरों में से एक माना जाता है. रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि सरकार ने फार्मासिस्टों को भी याद दिलाया है कि वो ड्रग्स और कॉस्मेटिक्स नियमों की अनुसूची एच और एच1 को लागू करें और केवल वैध नुस्खे पर एंटीबायोटिक्स को बेंचे. साथ ही डॉक्टर को एंटी माइक्रोबियल दवाएं लिखने के पीछे का सटीक कारण अवश्य बताएं.

एंटी माइक्रोबियल रेजिस्टेंस (एएमआर) के खतरे क्या हैं?

सरकार ने सभी चिकित्सों और डॉक्टरों से अपील कि है कि वे एंटीबायोटिक दवाओं को अधिक बढ़ावा न दें और आदेशों को प्रभावी रूप सुनिश्चित करें. अनुमान के मुताबिक, बैक्टीरियल एएमआर का 2019 में 1.27 मिलियन वैश्विक मौतों से सीधा संबंध था और 4.95 मिलियन मौतें पूरी तरह से ड्रग रेजिस्टेंस संक्रमणों से संबंधित थीं.

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार, एएमआर दुनिया भर में शीर्ष 10 वैश्विक स्वास्थ्य मुद्दों में सूचीबद्ध है. एंटी माइक्रोबियल रेजिस्टेंस मानव जीवन, पशु स्वास्थ्य और कल्याण, पर्यावरण, भोजन और पोषण सुरक्षा और सुरक्षा को खतरे में डालता है.

 

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