कोरोना संक्रमण से पिछले साल जब देश में तबाही मची थी तब भी भारतीय अमीरों की संपत्ति दोगुनी हो रही थी। पिछले साल ही देश में 40 नये अरबपति बने और इसके साथ कुल 142 अरबपति हो गए। लेकिन इसके साथ ही क़रीब 84 फ़ीसदी भारतीय परिवारों की आय कम हो गई। वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के दावोस एजेंडा से पहले रविवार को जारी ऑक्सफैम की रिपोर्ट, “इनइक्वलिटी किल्स”, में ये भी कहा गया है कि जैसे-जैसे कोविड का प्रसार भारत में हुआ, देश के स्वास्थ्य बजट में 2020-21 के संशोधित अनुमान से 10% की गिरावट देखी गई.

ऑक्सफैम की रिपोर्ट में कहा गया है कि महामारी की शुरुआत में 84% परिवारों की आय में गिरावट आई और भारत उप-सहारा अफ्रीका की कतार में खड़ा हो गया। वहाँ ग़रीबी में सबसे अधिक वृद्धि दर्ज की गई है। ब्लूमबर्ग ने ऑक्सफैम के हवाले से रिपोर्ट दी है कि 2020 में भारत में गरीबों की संख्या दोगुनी होकर 13.4 करोड़ हो गई, जो कि प्यू रिसर्च के अनुमान से अधिक है। ऑक्सफैम ने आधिकारिक अपराध के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा है कि दैनिक वेतन भोगी श्रमिकों, स्वरोजगार वालों और बेरोजगारों ने सबसे अधिक आत्महत्या की है। ऑक्सफैम ने विश्व खाद्य कार्यक्रम का हवाला देते हुए कहा कि देश में दुनिया के एक चौथाई कुपोषित लोग हैं। शहरी बेरोजगारी पिछले मई में 15% तक बढ़ गई थी और खाद्य असुरक्षा की स्थिति ख़राब हो गई थी। 

देश में ग़ैर-बराबरी किस हद तक बढ़ी है, यह इससे समझा जा सकता है कि भारत के इन गिने-चुने अरबपतियों के पास उतनी संपत्ति है जितनी देश की सबसे ग़रीब क़रीब 40 फ़ीसदी आबादी के पास भी नहीं है। इन 142 अमीरों के पास 720 अरब डॉलर की संपत्ति है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि महामारी के दौरान (मार्च 2020 से 30 नवंबर, 2021 तक) भारतीय अरबपतियों की संपत्ति 23.14 लाख करोड़ रुपये (313 अरब डॉलर) से बढ़कर 53.16 लाख करोड़ रुपये (719 अरब डॉलर) हो गई है. 4.6 करोड़ से अधिक भारतीयों के 2020 में और ज्यादा गरीबी में गिरने का अनुमान है. संयुक्त राष्ट्र के अनुसार ये पूरी दुनिया में नए गरीबों का लगभग आधा हिस्सा है.

भारत मे अरबपतियों की संख्या दुनिया के तीसरे नंबर पर

रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन और संयुक्त राज्य अमेरिका के बाद भारत में दुनिया में तीसरे सबसे अधिक अरबपतियों की संख्या है. फ्रांस, स्वीडन और स्विटजरलैंड की तुलना में अधिक अरबपतियों के साथ 2021 में भारत में अरबपतियों की संख्या में 39 प्रतिशत की वृद्धि हुई है.

रिपोर्ट के अनुसार, गौतम अडानी, विश्व स्तर पर 24वें स्थान पर और भारत में दूसरे स्थान पर हैं, 2020 में 8.9 बिलियन अमरीकी डॉलर से 2021 में 50.5 बिलियन अमरीकी डॉलर तक एक साल में उनकी कुल संपत्ति आठ गुना बढ़ गई. वहीं, मुकेश अंबानी की कुल संपत्ति 2021 में 85.5 अरब डॉलर हो गई, जो 2020 में 36.8 अरब डॉलर थी.

ऑक्सफैम इंडिया के सीईओ अमिताभ बेहर ने कहा कि “असमानता की कड़वी सच्चाई इस ओर इशारा करती है, हर दिन कम से कम 21,000 लोगों या हर चार सेकंड में एक व्यक्ति की मौत हो रही है, महामारी ने लैंगिक समानता को 99 साल से वापस 135 साल कर दिया है. महिलाओं को सामूहिक रूप से 2020 में कमाई में 59.11 लाख करोड़ रुपये (800 बिलियन अमरीकी डालर) का नुकसान हुआ. 2019 की तुलना में अब 1.3 करोड़ कम महिलाएं काम करती हैं.”

वैसे तो यह सवाल बेहद बचकाना लग सकता है, लेकिन अमीरों और ग़रीबों के बीच बढ़ती खाई को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता है। यही बात 2022 की वैश्विक ऑक्सफैम दावोस रिपोर्ट में कही गई है। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि सरकारों को संपत्ति के पुनर्वितरण के लिए अपनी नीतियों पर फिर से विचार करना चाहिए। यानी साफ़ है कि ये जो हालात बने हैं वे कोरोना की वजह से नहीं, बल्कि सरकारी नीतियों की वजह से बने हैं।

 

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